एनसीईआरटी समाधान कक्षा 7 गणित प्रश्नावली 3.4

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 7 गणित प्रश्नावली 3.4 आँकड़ो का प्रबंधन के सवाल जवाब हिंदी और अंग्रेजी में प्रश्नों के हल सीबीएसई सत्र 2022-2023 के लिए यहाँ से निशुल्क डाउनलोड किए गए सकते हैं। कक्षा 7 गणित के अध्याय 3.4 के हल सीबीएसई के साथ-साथ राजकीय बोर्ड के छात्रों के लिए भी अध्याय में मददगार हैं।

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 7 गणित प्रश्नावली 3.4

संयोग और प्रायिकता

ये शब्द प्रायः हमारे जीवन में देखने में आते हैं। हम प्रायः कहते हैं, ‘आज वर्षा होने की संभावना (या संयोग) नहीं है’ तथा यह भी कहते हैं कि ‘यह बहुत कुछ संभव है कि भारत विश्व कप जीतेगा।’ आइए इन शब्दों को कुछ अधिक समझने का प्रयत्न करें। निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    • (i) सूर्य पश्चिम से निकलता है।
    • (ii) एक चींटी की ऊँचाई 3 m हो जाती है।
    • (iii) यदि आप एक बड़े आयतन वाला घन लेंगे, तो उसकी भुजा भी बड़ी होगी।
    • (iv) यदि आप बड़े क्षेत्रफल का एक वृत्त लेंगे, तो उस वृत्त की त्रिज्या भी बड़ी होगी।
    • (v) भारत अगली टेस्ट श्रृंखला जीतेगा।

यदि आप उपरोक्त कथनों को देखेंगे, तो आप कहेंगे कि पश्चिम से सूर्य का निकलना असंभव है, एक चींटी की ऊँचाई 3 m होना भी संभव नहीं है। इसके विपरीत, यदि वृत्त बड़े क्षेत्रफल का है, तो उसकी त्रिज्या बड़ी होना निश्चित है। यही बात आप घन के बड़े आयतन और उसकी भुजा के बारे में कह सकते हैं। दूसरी ओर, भारत अगली टेस्ट श्रृंखला जीत भी सकता है और हार भी सकता है। दोनों ही संभव है।
संयोग
जब आप प्रत्येक बार सिक्के को उछालते हैं, तो प्रत्येक उछाल का परिणाम चित या पट में से कोई भी एक हो सकता है। यह संयोग की बात है कि एक विशेष उछाल में आपको इनमें से कोई एक प्राप्त हो।

प्रायकिता

जब हम किसी सिक्के को उछालते हैं, तो हम जानते हैं कि इसके दो संभव परिणाम चित या पट हैं। साथ ही, एक पासे को फेंकने पर 6 संभव परिणाम हैं। अपने अनुभव से, हम यह भी जानते हैं कि एक सिक्के के लिए, चित या पट का प्राप्त करना एक समप्रायिक घटना है। हम कहते हैं कि एक चित आने की प्रायिकता ½ है तथा एक पट आने की प्रायिकता भी ½ है। पासे फेंकने पर 1, 2, 3, 4, 5 या 6 के आने की संभावनाएँ बराबर हैं। अर्थात् पासे के लिए 6 समप्रायिक संभव परिणाम हैं। हम कहते हैं कि 1, 2, 3, 4, 5 और 6 में से प्रत्येक के आने की प्रायिकता 1/6 है।

स्मरणीय तथ्य
    • आँकड़ों के संग्रह, रिकार्डिंग और प्रस्तुतीकरण से हमें अपने अनुभवों को संगठित करने तथा आँकड़ों से निष्कर्ष निकालने में सहायता मिलती है।
    • आँकड़ों को इकट्ठे करने से पहले, हमें यह जान लेना चाहिए कि हम इनका उपयोग किस कार्य में करेंगे।
    • एकत्रित किए गए आँकड़ों को एक उपयुक्त सारणी के रूप में संगठित किए जाने की आवश्यकता होती है, ताकि ये सरलता से समझने के योग्य हों और इनकी व्याख्या की जा सके।

7वीं गणित अध्याय 3.4 के लिए मुख्य बातें

    • औसत एक ऐसी संख्या है, जो दिए हुए प्रेक्षणों के समूह (या आँकड़ों) का प्रतिनिधित्व करता है या उनकी केंद्रीय प्रवृत्ति को दर्शाता है।
    • अंकगणितीय माध्य आँकड़ों का एक प्रतिनिधि मान है।
    • बहुलक केंद्रीय प्रवृत्ति या प्रतिनिधि मान का एक अन्य रूप है। प्रेक्षणों के एक समूह का बहुलक वह प्रेक्षण है जो सबसे अधिक बार आता है।
    • माध्यक भी एक प्रकार का प्रतिनिधि मान है। यह उस मान को दर्शाता है, जो प्रेक्षण के मध्य (बीच) में होता है (उन्हें आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित करने के बाद) तथा आधे प्रेक्षण इसके ऊपर होते हैं और आधे प्रेक्षण इसके नीचे होते हैं।
कक्षा 7 गणित अध्याय 3.4 के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
    1. इकट्ठे किए आँकड़ों को बारंबारता बंटन सारणी की सहायता से चित्रीय रूप से दंड आलेखों के रूप में दर्शाया जा सकता है। दंड आलेख संख्याओं या आँकड़ों का समान चौड़ाई वाले दंडों द्वारा एक चित्रीय निरूपण है।
    2. हमने यह भी सीखा है कि एक दोहरा दंड आलेख किस प्रकार खींचा जाता है। यह एक ही दृष्टि में, प्रेक्षणों के दो समूहों की तुलना करने में सहायक रहता है।
    3. हमारे दैनिक जीवन में, ऐसी स्थितियाँ हैं जो निश्चित रूप से होती हैं, कुछ ऐसी हैं जिनका होना संभव नहीं है तथा कुछ ऐसी हैं जो हो भी सकती हैं और नहीं भी हो सकती। ऐसी स्थिति को सदैव घटित होने का संयोग होता है जो घटित हो भी सकती है या नहीं भी हो सकती है।
एनसीईआरटी समाधान कक्षा 7 गणित अध्याय 3 एक्सर्साइज़ 3.4