कक्षा 7 गणित अध्याय 10 एनसीईआरटी समाधान – प्रायोगिक ज्यामिति

कक्षा 7 गणित अध्याय 10 के लिए एनसीईआरटी समाधान पाठ 10 प्रायोगिक ज्यामिति की प्रश्नावली व्यायाम और एक्सरसाइज 10.1, 10.2, 10.3, 10.4 और 10.5 के हल शैक्षणिक सत्र 2022-2023 के लिए यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं। वर्ग 7 गणित पाठ 10 के सभी प्रश्नों को सरल भाषा में सूत्रों के माध्यम से विस्तार पूर्वक समझाया गया है। 7वीं कक्षा गणित के समाधान कक्षा 7 गणित ऐप से भी प्राप्त किए जा सकते हैं। जो प्ले स्टोर पर निशुल्क उपलब्ध है। छात्रों को सलाह यही दी जाती है कि पहले प्रत्येक प्रश्न को स्वयं करें और केवल दिक्कत होने पर ही एनसीईआरटी सलूशन का प्रयोग करें।

कक्षा 7 गणित अध्याय 10 के लिए एनसीईआरटी समाधान 2022-2023

कक्षा 7 गणित अध्याय 10 पर बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्न उत्तर

Q1

शब्द “MATHS” में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म अक्षर घूर्णी समरूपता को दर्शाता है:

[A]. M और T
[B]. H और S
[C]. A और S
[D]. T और S
Q2

इन भुजाओं को लेकर एक त्रिभुज का निर्माण किया जा सकता है:

[A]. 1.8 सेमी, 2.6 सेमी, 4.4 सेमी
[B]. 3.2 सेमी, 2.3 सेमी, 5.5 सेमी
[C]. 2 सेमी, 3 सेमी, 4 सेमी
[D]. 2.4 सेमी, 2.4 सेमी, 6.4 सेमी
Q3

त्रिभुज के दो कोणों को लेकर त्रिभुज बनाया जा सकता है:

[A]. 70°, 115°
[B]. 90°, 90°
[C]. 110°, 40°
[D]. 135°, 45°
Q4

निम्नलिखित में से कौन-सी 3-डी आकृति है?

[A]. वर्ग
[B]. त्रिभुज
[C]. वृत्त
[D]. गोला

त्रिभुजों की रचना करने के लिए क्या आवश्यक होता है?

त्रिभुजों की रचना
एक त्रिभुज प्राप्त किया जा सकता है, यदि उसके निम्नलिखित माप समूहों में से कोई एक दिया हुआ है:

    • (i) तीन भुजाएँ
    • (ii) दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण
    • (iii) दो कोण और उनके बीच की भुजा
    • (iv) समकोण त्रिभुज के लिए, कर्ण और एक भुजाएं
त्रिभुजों से संबंधित महत्वपूर्ण गुण कौन-कौन से हैं?

त्रिभुजों से संबंधित महत्वपूर्ण गुण:

    • (i) एक त्रिभुज का बाह्यकोण उसके दोनों अभिमुख अंत:कोणों के योगफल के बराबर होता है।
    • (ii) त्रिभुज के तीनों अन्त: कोणों का योग 180⁰ होता है।
    • (iii) त्रिभुज की किन्ही भी दो भुजाओं की लम्बाईयों का योग तीसरी भुजा की लंबाइ से अधिक होता है।
    • (iv) एक समकोण त्रिभुज में कर्ण पर बना वर्ग शेष दो भुजाओं के वर्गों के योगफल के बराबर होता है।
त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए नियम कौन-कौन से हैं?

त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए नियम

    • 1. एक त्रिभुज की रचना जब उसकी तीनों भुजाओं की लंबाइयाँ दी हों (SSS कसौटी)।
    • 2. एक त्रिभुज की रचना जब दो भुजाओं की लंबाइयाँ और उनके बीच के कोण की माप दी हो (SAS कसौटी)।
    • 3. एक त्रिभुज की रचना जब उसके दो कोणों के माप और इन कोणों के बीच की भुजा की लंबाई दी हो (ASA कसौटी)।
    • 4. एक समकोण त्रिभुज की रचना, जब उसके एक पाद (भुजा) और कर्ण की लंबाईयाँ दी हुई हों। (RHS कसौटी)।
ज्यामिति सम्बंधी मुख्य अवधारणाएं कौन कौन सी हैं?

ज्यामिति सम्बंधी मुख्य अवधारणाएं और परिणाम

    1. मान लीजिए कि एक रेखा ‘l’ और एक बिंदु P दिया गया है जो उस पर स्थित नहीं है। तिर्यक रेखा और समानांतर रेखाओं के गुणों का उपयोग करके एक की, एक रेखा जो ‘l’ के समानांतर खींची जा सकती है। और बिंदु P से होकर गुजरती है। एक आकृति में रेखा सममिति होती है, यदि कोई ऐसी रेखा है जिसके बारे में आकृति हो सकती है
    2. मोड़ो ताकि आकृति के दो भाग एक दूसरे के साथ मिलें।
    3. सम बहुभुजों की भुजाएँ बराबर और कोण समान होते हैं। उन्होंने है उनमें एक से अधिक समरूपता रेखाएं होती हैं।
    4. प्रत्येक सम बहुभुज में उतनी ही सममित रेखाएँ होती हैं जितनी इसकी भुजाएँ होती हैं।
    5. दर्पण के परावर्तन से समरूपता आती है, जिसके अंतर्गत बाएँ-दाएँ अभिविन्यास का ध्यान रखना होगा।
    6. घूर्णन किसी वस्तु को एक निश्चित बिंदु पर घुमाता है। यह निश्चित बिंदु रोटेशन का केंद्र कहा जाता है।
    7. जिस कोण से वस्तु घूमती है वह घूर्णन कोण है। रोटेशन दक्षिणावर्त या वामावर्त हो सकता है।
प्रयोगिक ज्यामिति के नियम

प्रयोगगिक ज्यामिति

    1. अर्ध-मोड़ का अर्थ है 180° से घूमना। एक चौथाई-मोड़ का अर्थ है 90° से घूमना।
    2. यदि घूर्णन के बाद कोई आकृति या वस्तु मूल वस्तु से मेल खाती है, तो हम कहते हैं कि इसमें एक घूर्णन सममिति है।
    3. किसी आकृति का घूर्णन सममिति एक है जब वह एक पूर्ण मोड़ (360° का) घूमती है, इसकी मूल स्थिति के साथ इसे घूर्णी समरूपता का क्रम कहा जाता है।
    4. प्रत्येक आकृति में क्रम 1 की घूर्णन सममिति होती है (अर्थात एक घूर्णी) कोण की समरूपता 360°)। ऐसे मामले में यह माना जाता है कि आकृति में कोई घूर्णी समरूपता नहीं है।
    5. कुछ आकृतियों में सममिति की केवल एक पंक्ति होती है, जैसे अक्षर E; कुछ केवल घूर्णी समरूपता है, जैसे अक्षर S; और कुछ में दोनों हैं समरूपता की ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज रेखाएँ, जैसे H अक्षर।
    6. समतल आकृतियाँ दो आयामों (2-D) की होती हैं और ठोस आकृतियाँ तीन आयामों (3-डी) होती हैं।
    7. ठोस आकृति के कोनों को इसके शीर्ष कहते हैं, रेखाखंड/ वक्र जो इसके बाह्य आकार का निर्माण करते हैं, इसके किनारे और सपाट सतह हैं।

कक्षा 7 गणित अध्याय 10 के महत्वपूर्ण प्रश्नों के हल

एक समद्विबाहु त्रिभुज की रचना कीजिए, जिसकी प्रत्येक भुजा की लंबाई 3 सेमी हो और उनके बीच का कोण 45° है।

(i) सर्वप्रथम 3 cm की एक रेखा AB खींचते हैं।
(ii) बिंदु A पर प्रकार की सहायता से 45° का कोण बनाते हुए एक रेखा खींचते हैं।
(iii) 3 cm की दूरी लेते हुए रेखा पर बिंदु A से चाप लगाते हैं।
(iv) यह बिंदु C है।
(v) बिंदु B और C को मिलाने पर हमें त्रिभुज ABC प्राप्त होगा।

एक त्रिभुज खींचिए जिसकी भुजाएँ 4 सेमी, 5 सेमी और 7 सेमी लंबी हों।

(i) सर्वप्रथम 7 cm की एक रेखा AB खींचते हैं।
(ii) बिंदु A पर प्रकार की सहायता से 5 cm का एक चाप लगाते हैं।
(iii) बिंदु B पर प्रकार की सहायता से 4 cm का एक चाप लगाते हैं।
(iv) दोनों चाप एक दूसरे को बिंदु C पर काटते हैं।
(v) बिंदु A और B से बिंदु C को मिलाने पर हमें त्रिभुज ABC प्राप्त होगा।

6 सेमी भुजा वाले एक समबाहु त्रिभुज ABC की रचना कीजिए।

हम जानते हैं कि समबाहु त्रिभुज की तीनों भुजाएं बराबर होती हैं तथा प्रत्येक कोण 60° का होता है।
(i) सर्वप्रथम 6 cm की एक रेखा AB खींचते हैं।
(ii) बिंदु A पर प्रकार की सहायता से 60° का कोण बनाते हुए एक रेखा खींचते हैं।
(iii) 6 cm की दूरी लेते हुए रेखा पर बिंदु A से चाप लगाते हैं।
(iv) यह बिंदु C है।
(v) बिंदु B और C को मिलाने पर हमें समबाहु त्रिभुज ABC प्राप्त होगा।