एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित अध्याय 1

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित अध्याय 1 समुच्चय के हल हिंदी में अभ्यास के सवाल जवाब सीबीएसई सत्र 2022-2023 के लिए यहाँ से प्राप्त करें। कक्षा 11 गणित के छात्र पाठ 1 के प्रश्नों के हल के लिए यहाँ दी गई विडियो तथा पीडीएफ समाधान की मदद ले सकते हैं।

कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 1.1 एनसीईआरटी समाधान
कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 1.2 एनसीईआरटी समाधान
कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 1.3 एनसीईआरटी समाधान
कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 1.4 एनसीईआरटी समाधान
कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 1.5 एनसीईआरटी समाधान
कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 1.6 एनसीईआरटी समाधान
कक्षा 11 गणित विविध प्रश्नावली 1 एनसीईआरटी समाधान
कक्षा 11 गणित के लिए एनसीईआरटी समाधान

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित अध्याय 1

कक्षा 11 गणित अध्याय 1 के समाधान पीडीएफ और विडियो में दिए गए हैं।
समुच्चय की आवश्यकता
गणित के अध्ययन में समुच्चय की परिकल्पना आधारभूत है। आजकल इस परिकल्पना का प्रयोग गणित की प्रायः सभी शाखाओं में होता है। समुच्चय का प्रयोग संबंध एवं फलन को परिभाषित करने के लिए किया जाता है। ज्यामितीय, अनुक्रम, प्रायिकता आदि के अध्ययन में समुच्चय के ज्ञान की आवश्यकता पड़ती है।

समुच्चय सिद्धांत का विकास

समुच्चय सिद्धांत का विकास जर्मन गणितज्ञ जॉर्ज कैंटर (1845-1918) द्वारा किया गया था। त्रिकोणमितीय श्रेणी के प्रश्नों को सरल करते समय उनका समुच्चय से पहली बार परिचय हुआ था।

कक्षा 11 गणित पाठ 1 का परिचय

इस अध्याय में हम समुच्चय से संबंधित कुछ मूलभूत परिभाषाओं और संक्रियाओं पर विचार करेंगे। अध्याय में कुल 6 प्रश्नावली हैं तथा एक सम्पूर्ण पाठ पर आधारित एक विविध प्रश्नावली है जिसमें मिश्रित प्रश्न हैं।

प्रश्नावली 1.1 पर आधारित अनुच्छेद

प्रश्नावली 1.1 में दिए गए प्रश्नों का सम्बंध समुच्चय के मूल सिद्धांत पर आधारित हैं। समुच्चय का अर्थ संग्रह से है जैसे: ताश की गड्डी, प्राकृत संख्याओं का संग्रह, बिंदुओं का संग्रह, अभाज्य संख्याओं का संग्रह आदि।

प्रश्नावली 1.2 पर आधारित अनुच्छेद

इस प्रश्नावली से सम्बंधित अनुच्छेदों में विभिन्न प्रकार के समुच्चयों के बारे उदाहरण सहित वर्णन किया गया है। जैसे: रिक्त समुच्चय, परिमित समुच्चय, अपरिमित समुच्चय, समान समुच्चय इत्यादि।

प्रश्नावली 1.3 पर आधारित अनुच्छेद

इस अनुच्छेद में उपसमुच्चय तथा उसके प्रकारों के बारे में बताया गया है। किसी समुच्चय का उपसमुच्चय कैसे परिभाषित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए वास्तविक संख्याओं के समुच्चय के उपसमुच्चय इसके अतिरिक्त घात समुच्चय, सार्वत्रिक समुच्चय आदि का वर्णन है।

प्रश्नावली 1.4 पर आधारित अनुच्छेद

इस प्रश्नावली पर आधारित अनुच्छेदों में वेन आरेख द्वारा समुच्चय एवं उपसमुच्चय का निरूपण कैसे किया जाता है। समुच्चयों का सम्मिलन, समुच्चयों का सर्वनिष्ठ, तथा समुच्चयों पर संक्रियाएं आदि हैं।

प्रश्नावली 1.5 एवं 1.6 पर आधारित अनुच्छेद

इन प्रश्नावलियों से सम्बंधित अनुच्छेदों में समुच्चय का पूरक, पूरकों के गुणधर्म, दो समुच्चयों के सम्मिलन और सर्वनिष्ठ पर आधारित व्यावहारिक उदाहरण एवं प्रश्न हैं।