एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित अध्याय 4

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित अध्याय 4 गणितीय आगमन का सिद्धांत के हल सवाल जवाब सीबीएसई सत्र 2022-2023 के लिए यहाँ से प्राप्त करें। कक्षा 11 गणित के विद्यार्थी पाठ 4 के प्रश्नों के हल यहाँ विडियो तथा पीडीएफ के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।

कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 4.1 एनसीईआरटी समाधान
कक्षा 11 गणित विविध प्रश्नावली 4 एनसीईआरटी समाधान
कक्षा 11 गणित के लिए एनसीईआरटी समाधान

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित अध्याय 4

गणितीय आगमन का सिद्धांत

गणितीय आगमन का सिद्धांत एक ऐसा साधन है जिसका प्रयोग विविध प्रकार के गणितीय कथनों को सिद्द करने के लिए किया जा सकता है। धन पूर्णांको से सम्बंधित इस प्रकार के प्रत्येक कथन को P(n)मान लेते है, जिसकी सत्यता n=1 के लिए जांची जाती है।

गणितीय आगमन का सिद्धांत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अन्य संकल्पनाओं और विधियों के विपरीत गणितीय आगमन द्वारा उपपत्ति किसी व्यक्ति विशेष द्वारा किसी निश्चित काल में किया गया आविष्कार नहीं है। यह कहा जाता है कि गणितीय आगमन सिद्धांत पाइथागोरस को ज्ञात था। गणितीय आगमन सिद्धांत के प्रारंभ करने का श्रेय फ्रांसीसी गणितज्ञ ब्लेज़ पास्कल को दिया जाता है। आगमन शब्द का प्रयोग अंग्रेज गणितज्ञ जॉन वालिस ने किया था।

बाद में इस सिद्धांत का प्रयोग द्विपद प्रमेय की उपपत्ति प्राप्त करने में किया गया। डी मोर्गेन ने गणित के क्षेत्र में विभिन्न विषयों पर बहुत योगदान किया है। वह पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने इसे परिभाषित किया है और गणितीय आगमन नाम दिया है तथा गणितीय श्रेणियों के अभिसरण ज्ञात करने के लिए डी मोर्गेन का नियम विकसित किया।

पियानों के अभिगृहीत

पियानो ने स्पष्टतया व्यक्त अभिधारणाओं के प्रयोग द्वारा प्राकृत संख्याओं के गुणों की व्युत्पत्ति करने का उत्तरदायित्व लिया, जिन्हें अब पियानों के अभिगृहीत कहते हैं। पियानों के अभिगृहीत में से एक का पुनर्कथन गणितीय आगमन का सिद्धांत है।

कक्षा 11 गणित पाठ 4 का परिचय

इस अध्याय में गणितीय आगमन का सिद्धांत से सम्बंधित अनेक अनुच्छेद दिए गए हैं जैसे: आगमन के चरण, आगमन परिकल्पना, आगमन के चरण, आगमन की प्रेरणा आदि।

उदाहरणों के माध्यम से आगमन के सिद्धांत को समझाया गया है। सम्पूर्ण अध्याय में केवल एक प्रश्नावली है। प्रश्नावली में कुल 24 प्रश्न हैं इन प्रश्नों को हल करने के लिए अध्याय में दिए गए अनुच्छेदों को ध्यानपूर्वक पढ़ना होगा तथा दिए गए उदाहरणों को हल करने के तौर-तरीकों पर विचार करना चाहिए।