एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 गणित प्रश्नावली 4.6

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 गणित प्रश्नावली 4.6 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ के हिंदी और अंग्रेजी मीडियम में सीबीएसई सत्र 2022-2023 के लिए यहाँ दिए गए हैं। कक्षा 6 गणित अध्याय 4.6 के हल सीबीएसई के साथ-साथ राजकीय बोर्ड के छात्रों के लिए भी बहुत उपयोगी है।

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 गणित प्रश्नावली 4.6

वृत्त तथा उसके भाग

किसी एक निश्चित बिंदु से समान दूरी पर स्थित बिंदुओं का बिन्दुपथ वृत्त कहलाता है। वृत्त एक सरल बंद वक्र है जो एक बहुभुज नहीं है।
वृत्त का केंद्र
यह निश्चित बिंदु, वृत्त का केंद्र कहलाता है।
वृत्त की त्रिज्या
केंद्र और वृत्त की परिधि के किसी भी बिन्दु के बीच की दूरी वृत्त की त्रिज्या कहलाती है।
वृत्त के क्षेत्र
वृत्त एक साधारण बंद वक्र होता है जो समतल को दो क्षेत्रों में विभाजित करता है: एक आंतरिक और एक बाहरी।

वृतों के उदाहरण
आप अपने पर्यावरण में अनेक वस्तुएँ पाएँगे जो गोल होती हैं, जैसे-पहिया, चूड़ी, सिक्का इत्यादि। हम गोल आकृतियों का अनेक प्रकार से प्रयोग करते हैं। एक भारी इस्पात की ट्यूब को खींचने की अपेक्षा लुढ़काना अधिक सरल होता है।

वृत्त का व्यास

किसी वृत्त में ऐसी रेखांश होती है जो वृत्त के केन्द्र से निकले और जिसके अंतबिन्दु वृत्त पर स्थित हों। इसकी लम्बाई वृत्त की अधिकतम चौड़ाई भी होती है और यह त्रिज्या से दुगनी लम्बी होती है। इसे वृत्त की सबसे लम्बी सम्भव जीवा भी कहा जा सकता है।
वृत्त की जीवा
वृत्त पर स्थित किन्हीं दो बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड वृत्त की एक जीवा कहलाती है।

वृत्त का चाप

वृत्त की परिधि के किसी एक छोटे भाग को चाप कहते हैं। दुसरे शब्दों में चाप वृत्त पर कोई दो बिन्दु लेने पर वह दो भागों में बंट जाता है जिसमें से प्रत्येक भाग को वृत्त का चाप कहते हैं।

त्रिज्यखंड
वृत्तीय क्षेत्र का वह भाग जो दो त्रिज्याओं और संगत चाप से घिरकर बनता है एक त्रिज्यखंड कहलाता है।
वृत्तखंड
जीवा और संगत चाप से घिरा वृत्तीय क्षेत्र का भाग एक वृत्तखंड कहलाता है।

वृत्त की परिधि
मोटे तौर पर वृत्त और दीर्घवृत्त के बाहरी घेरे कोए और घेरे की लम्बाई को परिधि कहते हैं।

अर्धवृत्त
वृत्त का एक व्यास उसे दो बराबर भागों में विभाजित करता है। प्रत्येक भाग एक अर्धवृत्त कहलाता है।

कक्षा 6 गणित अभ्यास 4.6 के स्मरणीय तथ्य
    1. एक निश्चित बिंदु से समान दूरी पर चक्कर लगाने से बना बिंदुओं का पथ वृत कहलाता है। निश्चित बिंदु वृत्त का केंद्र कहलाता है, निश्चित दूरी (समान दूरी) त्रिज्या कहलाती है तथा वृत्त के चारों ओर चली गयी दूरी उसकी परिधि कहलाती है।
    2. वृत्त पर किन्हीं दो बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड वृत्त की एक जीवा कहलाती है।
    3. केंद्र से होकर जाने वाली जीवा वृत का व्यास कहलाती है।
    4. वृत्तीय क्षेत्र का वह भाग जो दो त्रिज्याओं और संगत चाप से घिरकर बनता है एक त्रिज्यखंड कहलाता है।
    5. वृत्त की एक जीवा और संगत चाप से घिरा वृत्तीय क्षेत्र का भाग एक वृत्तखंड कहलाता है।
    6. वृत्त के एक व्यास के दोनों अंत बिंदु उसे दो बराबर भागों में विभाजित करते हैं। प्रत्येक भाग एक अर्धवृत्त कहलाता है।
कक्षा 6 गणित प्रश्नावली 4.6 के प्रश्नों के हल