कक्षा 4 हिंदी व्याकरण अध्याय 21 अनुच्छेद लेखन

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 4 हिंदी व्याकरण पाठ 21 अनुच्छेद लेखन तथा उसके विभिन्न पहलुओं के बारे में छात्र यहाँ से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सीबीएसई तथा राजकीय दोनों प्रकार के बोर्ड के विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकते हैं। दिए गए अनुच्छेद संशोधित रूप में सत्र 2024-25 के पाठ्यक्रम के अनुसार बनाए गए हैं ताकि विद्यार्थी नवीनतम सिलेबस के अनुसार पढ़ाई कर सकें।

कक्षा 4 के लिए हिंदी व्याकरण अध्याय 21 अनुच्छेद लेखन

एनसीईआरटी समाधान ऐप

iconicon

अनुच्छेद-लेखन

किसी एक भाव या विचार पर लिखा गया लेख अनुच्छेद कहलाता है। यह बच्चों की सृजनात्मक क्षमता को बढ़ाने का बहुत ही अच्छा माधयम है। निबंध तथा अनुच्छेद में अंतर होता है। निबंध में किसी विषय के सभी बिंदुओं की विस्तार से चर्चा की जाती है, पर अनुच्छेद में उन बिंदुओं का सारांश एक ही अनुच्छेद में प्रकट किया जाता है। इस प्रकार अनुच्छेद को निबंध की लघुतम इकाई कहा जा सकता है।

अनुच्छेद-लेखन के संबंध में ध्यान रखने योग्य बातें:

(क) अनुच्छेद की भाषा सरल होनी चाहिए।
(ख) विषय पर एक क्रम से विचार लिखे अर्थात विचारों का आपस में तालमेल होना बहुत जरूरी है।
(ग) सही शब्दों और सही वाक्यों का प्रयोग करें।
(घ) वाक्य छोटे-छोटे और स्पष्ट लिखें।
(च) अंत में विषय से संबंधित सुझाव देते हुए अपने विचार लिखें।

मेरा प्रिय त्योहार

मेरा प्रिय त्योहार दिवाली है। यह हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है। इस दिन भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोधया लौटे थे। उनके आने की खुशी में ही यह त्योहार मनाया जाता है। इस दिन सब लोग घर की साफ-सफाई करके उसे सजाते हैं। फिर नहा-धाोकर नए कपड़े पहनते है, अच्छे-अच्छे पकवान बनाते हैं। एक-दूसरे के घर जाकर उन्हें उपहार देते हैं। शाम के समय अपने घरों में लक्ष्मी जी और गणेश भगवान की पूजा करते हैं, प्रसाद एवं मिठाई बाँटते हैं। अपने घरों को दीयों और मोमबत्तियों से सजाते हैं। बच्चे पटाखे जलाते हैं। खील खिलौने और मिठाईयाँ खाते हैं। मैं भी दीवाली वाले दिन सुबह जल्दी उठकर नहाता हूँ और नए कपड़े पहनता हूँ। नए कपड़े पहनकर घर को सजाने में सबकी मदद करता हूँ। शाम को पूजा करके अपने मित्रें के साथ पटाखे जलाता हूँ। मुझे यह त्योहार इसलिए अच्छा लगता है, क्योंकि इस दिन खूब सारी मिठाइयाँ खाने को मिलती है। ढेर सारे उपहार मिलते हैं और सबसे अच्छी बात यह है कि माँ की डाँट सुनने को नहीं मिलती।

मेरा घर

मेरा घर बहुत सुंदर है। मैं इसमें अपने माता-पिता और भाई के साथ रहती हूँ। मेरे पिता जी पत्रकार हैं। वे हिन्दुस्तान टाइम्स में नौकरी करते हैं। मेरी माता जी डॉक्टर हैं। वे अस्पताल में जाती हैं। माता जी ने घर को सुंदर ढंग से सजाया हुआ है। वे सारा दिन किसी न किसी काम में लगी रहती हैं। मैं भी घर के काम करने लगी हूँ। आयुष अभी छोटा है। वह अब स्कूल जाने लगा है। उसे शरारतों के अतिरिक्त कुछ नहीं सूझता। मैं उसे गृहकार्य कराती हूँ। पिताजी हमारे साथ बच्चे बन जाते हैं। वे हमारे साथ खूब खेलते हैं। वे अच्छे लेखक हैं उनके लेख अखबारों में छपते हैं। मुझे अपना घर सबसे अच्छा लगता है।

कबड्‌डी

कबड्‌डी हमारे देश का प्राचीन खेल है। आज इसका प्रचलन अन्य देशों में भी हो गया है। कबड्‌डी का खेल किसी भी खुले मैदान में खेला जा सकता है। इसके लिए किसी प्रकार के उपकरणों या सामान की आवश्यकता नहीं होती। इस खेल के नियम भी अत्यंत सरल है। इस खेल में मन, शरीर और मस्तिष्क तीनों का सक्रिय योगदान रहता है। इस खेल में व्यायाम के साथ-साथ मनोरंजन भी खूब होता है। कबड्‌डी खेलने से श्वास लेने की शक्ति बढ़ती है तथा शरीर की मांसपेशियाँ पुष्ट होती हैं। कबड्‌डी चुस्ती, फुर्ती तथा शक्ति का खेल है।

नीचे लिखे विषयों पर अनुच्छेद लिखिए:

(क) मेरा विद्‌यालय
(ख) वृक्षों से लाभ

मेरा विद्यालय

मेरे विद्यालय का नाम डी०ए०वी० स्कूल है। यह जनकपुरी B ब्लाक में स्थित है हमारे विद्यालय का भवन बहुत बड़ा है। जिसमें लगभग 50 कमरे हैं। विद्यालय के सामने एक बड़ा खेल का मैदान है। हमारे विद्यालय में नर्सरी से लेकर 12 वीं तक की पढ़ाई होती है। सभी कक्षाओं के लिए बैठने की उत्तम व्यवस्था है तथा सभी अध्यापकगण विद्वान एवं अनुशासन प्रिय हैं। सभी विद्यार्थी पढ़ाई में अत्यंत मेधावी हैं और परीक्षाओं में अच्छे नंबरों से पास होते हैं। हमारे स्कूल के विद्यार्थी खेलकूद में भी हमेशा अव्वल रहते हैं। विद्यालय में एक बड़ी सी लाइब्रेरी भी है। जिससे छात्र पत्र-पत्रिकाएं एवं अन्य पुस्तकों का अध्ययन कर सकते हैं। इस प्रकार कह सकते हैं कि हमारा विद्यालय एक आदर्श विद्यालय है।

वृक्षों से लाभ

सभी जानते हैं कि वृक्ष इस धरती का गहना हैं। अगर धरती पर वृक्ष न हों तो धरती पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती ये वृक्ष ही हैं जो प्राणी मात्र के आवश्यक ऑक्सीजन चक्र को संतुलित रखते हैं। वृक्षों के अनेक लाभ हैं जैसे स्वच्छ हवा, पानी, मौसम को अनुकूल बनाए रखना, फल एवं फूल, लकड़ी, जानवरों के लिए चारा, बाढ़ से बचाव आदि अनेक चीजें हैं जो हमें वृक्षों के माध्यम से प्राप्त होते हैं। इसलिए सभी को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए इसीमें सबका हित है।

कक्षा 4 हिंदी व्याकरण पाठ 21 अनुच्छेद लेखन
एनसीईआरटी समाधान कक्षा 4 हिंदी व्याकरण अनुच्छेद लेखन
कक्षा 4 हिंदी व्याकरण पाठ 21 अनुच्छेद लेखन
कक्षा 4 हिंदी व्याकरण में अनुच्छेद लेखन
हिंदी व्याकरण में अनुच्छेद लेखन