कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 14 एनसीईआरटी समाधान – जल

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जल के मुख्य स्रोत तथा इसके गुण

प्रकृति में जल प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। आप अपने आस-पास जल के स्रोतों का अवलोकन कीजिए। घरों में जल प्राप्त करने के
भिन्न-भिन्न तरीके हो सकते हैं। जबकि इन सभी का स्रोत समुद्र, नदी, झील, झरने, तालाब, हैंडपम्प, कुआँ, बावड़ी या टाँका होता है। समुद्र व महासागर का जल नमक के कारण खारा होता है और यह जल पीने योग्य नहीं है। अन्य स्रोतों जैसे-बावड़ी, झील, नदी, झरनों, ट्‌यूबवेल (हैण्डपम्प) से प्राप्त जल पीने योग्य है, परन्तु इसकी मात्रा पृथ्वी पर बहुत कम है। अत: हमें जल का उपयोग मितव्ययता से करना चाहिए। जल का सूत्र H₂O है। यह हाइड्रोजन के दो परमाणु तथा ऑक्सीजन के एक परमाणु से मिलकर बनता है। शुद्ध जल रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन एवं पारदर्शक द्रव होता है। जल का क्वथनांक 100 डिग्री सेल्सियस तथा जल का हिमांक 0 डिग्री सेल्सियस होता है। जल जब ठण्डा होने पर बर्फ (ठोस अवस्था) बनता है तो बर्फ का घनत्व कम हो जाता है।

कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 14 का अध्ययन तथा प्रश्न उत्तर

कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 14 के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

बदल कैसे बनते हैं?

पानी की सभी खुली सतहों से वाष्पीकरण होता है। जिससे, जल वाष्प, गर्म होने के कारण, लगातार हवा में ऊपर उठते रहते हैं। जैसे-जैसे ये जलवाष्प पृथ्वी की सतह से ऊँचाई की ओर बढते हैं, ठंडे होने लगते हैं। पर्याप्त ऊँचाई पर, हवा इतनी ठंडी हो जाती है कि उसमें मौजूद जलवाष्प पानी की छोटी-छोटी बूंदों में बदल जाते हैं। यही छोटी-छोटी बूंदें हैं, जो हवा में तैरती रहती हैं, बादलों के रूप में हमें दिखाई देती हैं।

मान लीजिए कि आप अपनी स्कूल यूनिफार्म को वर्षा वाले दिन शीघ्र सुखाना चाहते हैं। क्या इसे किसी अँगीठी या हीटर के पास फ़ैलाने पर इस कार्य में सहायता मिलेगी? यदि हाँ, तो कैसे?

तापमान में वृद्धि के साथ वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है। इसलिए, अंगीठी या हीटर के पास, वाष्पीकरण की दर अधिक होगी और यूनिफार्म जल्दी सूख जाएगी।

एक जल की ठंडी बोतल रेफ्रिजरेटर से निकालिए और इसे मेज पर रखिए। कुछ समय पश्चात् आप इसके चारों ओर जल की छोटी-छोटी बूँदें देखेंगे। कारण बताओ?

यह हवा में मौजूद जलवाष्प के संघनन के कारण होता है।
हवा में पानी जलवाष्प के रूप उपस्थित होता है। जब यह ठंडे पानी की बोतल के संपर्क में आता है, तो यह संघनित हो जाता है और पानी की बूंदों में परिवर्तित हो जाता है।

चश्मों के लेंस साफ़ करने के लिए लोग उस पर फूँक मारते हैं तो लेंस भीग जाते हैं। लेंस क्यों भीग जाते हैं? समझाइए।

जब हम फूँक मारते हैं, तो नम हवा (ऊर्जा और कार्बन डाइऑक्साइड के साथ) बाहर निकलती है। ये नम हवा लेंस पर संघनित होकर उसे भिगो देती है।

सूखा कब पड़ता है?

यदि एक वर्ष या उससे अधिक समय तक किसी क्षेत्र में बारिश नहीं होती है। मिट्टी वाष्पीकरण और वाष्पोत्सर्जन द्वारा पानी खोती रहती है। धीरे-धीरे इस क्षेत्र की मिट्टी सूख जाती है। क्षेत्र के तालाबों और कुओं में पानी का स्तर नीचे चला जाता है और उनमें से कुछ सूख भी जाते हैं। भूजल भी दुर्लभ हो सकता है। यह स्थिति सूखे का कारण बन सकती है।

जल के मुख्य उपयोग कौन कौन से हैं?

जल के उपयोग:

    • जल का उपयोग हमारे दैनिक कार्यों जैसे-खाना बनाना, नहाना, सफाई करना तथा पीने के लिए किया जाता है।
    • जल का उपयोग एक सार्वत्रिक विलायक के रूप में किया जाता है।
    • जल हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है।
    • जल हमारे शरीर में पाचन कार्य करने में मदद करता है।
    • जल का उपयोग कल-कारखानों एवं उद्योगों में किया जाता है।
    • जल का उपयोग पेड़-पौधों, सब्जियों एवं फसल उगाने में किया जाता है।
जल चक्र तथा संग्रहण

जल स्रोत से जल वाष्पीकरण द्वारा वाष्प के रूप में ऊपर उठता है। जल वाष्प के संघनन से बादल बनते हैं तथा वर्षण द्वारा जल वर्षा के रूप में पुन: जल स्रोतों में आता है। इस चक्र को जल चक्र कहते हैं। पृथ्वी पर उपलब्ध जल का कुछ भाग पौधों, जन्तुओं तथा मनुष्य द्वारा प्रयुक्त होता है। जिसका सीधा उपयोग करना संभव नहीं है। वर्षा की कमी से भौम (भूमि) जल का स्तर अत्यधिक नीचे चला जाता है। जनसंख्या वृद्धि, वर्षा का असंतुलन, उद्योगों में अत्यधिक जल का उपयोग, जल का अपव्यय आदि के कारण पीने योग्य जल की मात्रा में निरन्तर कमी होती जा रही है। जल की कमी के कई कारण हो सकते हैं। अत: वर्षा के जल को एकत्रित कर भंडारण करना आवश्यक है। जिससे हमारी जल की आवश्यकता की पूर्ति हो सके।

जल का समझदारी से उपयोग

जल के उपयोग में ध्यान देने योग्य बातें:

    1. नल से व्यर्थ पानी न बहाएँ।
    2. पानी के लीक होने को तुरंत ठीक कराएँ।
    3. कम शक्ति वाली वाशिंग मशीन का उपयोग करें।
    4. नाली को साफ रखें।
    5. धीमा फ्लश शौचालय या खाद शौचालय का उपयोग करें।
    6. ब्रश एवं शेविंग करते समय नल को बंद रखें।
    7. शॉवर से नहीं, बाल्टी से नहाएँ
जल संग्रहण की सामन्य विधियाँ

जल संग्रहण की विधि:
मकान की छतों पर एकत्रित वर्षा जल को पाईप की सहायता से जमीन में बने गड्‌ढ़े में ले जाया जाता है। यह जल धीरे-धीरे मिट्‌टी में रिसाव से भौम जल का स्तर बढ़ाता है। इस उपाय द्वारा वर्षा का जल एकत्र करने को वर्षा जल संग्रहण कहते हैं। सड़क के किनारे बनी नालियों द्वारा एकत्रित वर्षा का जल भूमि में सीधा जाना चाहिए।

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