कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 7 एनसीईआरटी समाधान – पौधों को जानिए

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कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 7 एनसीईआरटी समाधान

पौधों के प्रकार – शाक, झाड़ियाँ एवं वृक्ष

शाक, झाड़ियाँ एवं वृक्ष – पौधों के विभिन्न प्रकार निम्नलिखित हैं:

    1. शाक: ये कोमल तने वाले पौधे हैं, जिनकी ऊँचाई, एक मीटर से कम होती है। उदाहरणघास, तुलसी, गेहूँ, सरसों आदि।
    2. झाड़ियाँ: ये पौधे वे हैं जिनकी ऊँचाई 1-3 मीटर के मध्य होती है परंतु इनका तना काष्ठयुक्त होता है। उदाहरण: नींबू, बोगेनविलिया, गुलाब, मेंहदी आदि।
    3. वृक्ष: ऊँचे वृक्षों के कठोर, काष्ठयुक्त, मोटे तने होते हैं। इनकी शाखाएँ शिखर पर होती हैं, जिन पर पत्तियाँ भी होती हैं। उदाहरण-आम, पीपल, नीम, नारियल आदि।

कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 7 का अध्ययन तथा प्रश्न उत्तर

कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 7 के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

पौधे में ताने का क्या कार्य है?

पौधे में तने के कार्य:

    1. यह शाखाओं, पत्तियों, फूलों और फलों को धारण करता है।
    2. तना पानी और खनिजों को जड़ों से ऊपरी हिस्सों में पहुंचाता है।
    3. यह पत्तियों में तैयार भोजन को अन्य भागों तक पहुँचाता है।
क्या आप अपने घर के आस-पास ऐसे पौधे को जानते हैं जिसका तना लंबा परंतु दुर्बल हो? इसका नाम लिखिए। आप इसे किस वर्ग में रखेंगे?

मनी प्लांट का तना लंबा होता है परंतु दुर्बल भी होता है। ये विसर्पी लता वर्ग में आते हैं।

निम्न में से किन पत्तियों में जालिका रूप शिरा-विन्यास पाया जाता है? गेंहूँ, तुलसी, मक्का, घास, धनिया, गुड़हल

तुलसी, धनिया और गुड़हल।

यदि किसी पौधे की जड़ रेशेदार हो तो उसकी पत्ती का शिरा-विन्यास किस प्रकार का होगा?

समांतर शिरा-विन्यास

यदि किसी पौधे की पत्ती में जालिका रूपी शिरा-विन्यास हो तो उसकी जड़ें किस प्रकार की होंगी?

मूसला जड़

क्या आप किसी पौधे की पत्ती की छाप को देखकर यह पहचान कर सकते हैं कि उसकी जड़ मूसला जड़ होगी अथवा झकड़ा जड़? कैसे?

हाँ, यदि पौधे की पत्ती में जालिका रूपी शिरा-विन्यास हो तो उसकी जड़ें मूसला होंगी और यदि पौधे की पत्ती में समांतर शिरा-विन्यास हो तो उसकी जड़ें झकड़ा जड़ें अथवा रेशेदार जड़ें होंगी।

जड़ें कितने प्रकार की होती हैं?

जड़ें पौधे का वह भाग हैं जो सामान्यतया भूमि के भीतर ही रहता है। जड़ अपने सभी भागों के साथ मिलकर जड़-तंत्र का
निर्माण करती है। जड़-तंत्र निम्न प्रकार के हो सकते हैं:

    • मूसला जड़: इसमें एक मुख्य जड़ होती है जिसमें से अन्य छोटी जड़ें प्रस्फुटित होती हैं और सभी दिशाओं में फैल जाती हैं। मुख्य जड़ सीधी नीचे की ओर बढ़ती है। मूसला जड़ गाजर, मूली, आम, नीम आदि में पाई जाती है।
    • रेशेदार अथवा झकड़ा जड: इसमें कोई मुख्य जड़ नहीं होती है। असंख्य धागे जैसी जड़ें तने के आधार से एक गुच्छे के रूप में प्रस्फुटित होती हैं। उदाहरण-मक्का, घास, गेहूँ, बाजरा आदि।

आयु के आधार पर पौधों का वर्गिकरण

आयु के आधार पर पौधों का वर्गिकरण निम्नलिखित है:

    • एकवर्षीय पौधे: ये पौधे सामान्यतया शाक होते हैं। गेहूँ, चावल, सरसों, चना, गुलमेंहदी आदि को एकवर्षीय कहते हैं क्योंकि इनका जीवन-चक्र बीज – अंकुरण से आरंभ होकर फल आने के प्रजनन काल तक एक ही ऋतु में पूर्ण हो जाता है।
    • द्विवर्षीय पौधे: ये पौधे शाक होते हैं, कम ही झाड़ियाँ होते हैं जो अपना जीवन चक्र दो ऋतुओं में पूर्ण कर लेते हैं। उदाहरण- मूली, गाजर, शलजम, आलू आदि।
    • बहुवर्षीय पौधे: पौधे जैसे पीपल, नीम, जामुन, अमरूद, पाम आदि के वृक्ष बहुवर्षीय पौधे हैं।
तने की कौन कौन सी मुख्य विशेषताएँ होती हैं?

तने की विशेषताएँ:

    1. तना पौधे को सहारा प्रदान करता है।
    2. यह प्राय: लंबा, दुबला-पतला होता है जिस पर गाँठ एवं पोरी होते हैं।
    3. तने पर शाखाएँ, पत्तियाँ, कलियाँ, पुष्प एवं फल लगे रहते हैं।
    4. तना कमजोर, लचीला, मजबूत, कठोर, हरा या भूरे रंग का हो सकता है।
    5. वृक्षों के तने काफी ऊँचाई तक पहुँच जाते हैं और अधिक मोटे हो जाते हैं। अब इसे वृक्ष का ‘धड़’ कहते हैं।
    6. पुराने वृक्षों के धड़ एक मोटे, कठोर एवं मृत ऊतक से ढके रहते हैं जिसे ‘छाल’ कहते हैं। यह तने के आंतरिक जीवित ऊतकों की रक्षा करता है क्योंकि वह जल के लिए अभेदनीय होता है और उसे सूक्ष्म-जीवाणुओं के आक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है।
    7. कुछ तने कमजोर होते हैं और वे भूमि पर ही रेंगते हैं। वे बड़ी तीव्रता से भूमि पर फैलते हैं। ऐसे तनों को आरोही लताएँ एवं विसर्पी लताएँ कहते हैं जैसे कि गुलदाउदी एवं घासों में होता है। कुछ, सहारे की सहायता से सूर्य के प्रकाश की ओर ऊपर की ओर बढ़ते हैं।
    8. कुछ तने आवश्यकता के अनुरूप रूपान्तरित हो जाते हैं।
जड़ों के मुख्य कार्य कौन कौन से हैं?

जड़ों के मुख्य कार्य:

    1. जड़ का सबसे अधिक महत्वपूर्ण कार्य पौधे को भूमि में मजबूती से जकड़ना है। ये विशाल वृक्षों को भी तेज हवाओं एवं तूफानों में खड़ा रखने करने में सहायक होती हैं।
    2. जड़ों द्‌वारा ही मृदा से जल एवं खनिज लवणों का अवशोषण हो, उन्हें पौधे के प्रत्येक भाग तक पहुँचाना संभव हो पाता है। जल का प्रयोग प्रकाश-संश्लेषण प्रक्रिया में हो जाता है एवं खनिज लवण पौधे के विकास में सहायक होते हैं।
    3. जड़ें मजबूती से मृदा को बाँधे रखती हैं, अत: मृदा अपरदन को रोकने में सहायक होती हैं और इस प्रकार मृदा को वायु एवं जल द्‌वारा उड़ने या बहा ले जाने को रोकने में सहायता करती हैं।
पौधों में तने के प्रमुख कार्य कौन कौन से हैं:

तने के प्रमुख कार्य:

    • 1. तना पौधे का वह भाग है जो जड़ तंत्र को अन्य सभी भागों से जोड़ता है।
    • 2. यह जल एवं खनिज लवणों को जड़ से पौधे के अन्य सभी भागों तक पहुँचाता है।
    • 3. पत्तियों द्‌वारा तैयार किए गए भोज्य पदार्थों को तने द्‌वारा ही पौधे के सभी भागों तक पहुँचाया जाता है।
    • 4. तना, शाखाओं, पत्तियों, पुष्पों एवं फलों को धारण करता है।
रूपांतरित तनों के क्या कार्य होते हैं?

रूपांतरित तनों के कार्य: कुछ पौधों के तने, कुछ विशिष्ट कार्यों को करने या प्राकृतिक वास में जीवित रहने के लिए रूपान्तरित हो जाते हैं। वे इस प्रकार हैं:

    • 1. संग्राहक तनेआलू, प्याज, अदरक के तने भूमि के नीचे भोजन संगृहीत करते हैं।
    • 2. भोजन निर्माणकर्ता तनेकुछ पौधों के तने, जैसे नागफनी में, पत्तियों के भोजन निर्माण का कार्य स्वयं करते हैं क्योंकि इन पौधों में पत्तियाँ लुप्त हो जाती हैं या काँटों में परिवर्तित हो जाती हैं। वे पर्णहरित की उपस्थिति के कारण हरे हो जाते हैं।
    • 3. रसदार तनेये तने शुष्क परिस्थितियों में जल को संगृहीत एवं संरक्षित करते हैं। जैसे कि नागफनी में होता है।

वर्ग 6 विज्ञान अध्याय 7 एनसीईआरटी के प्रश्न उत्तर

किसी पुष्प के विभिन्न भागों के नाम लिखिए।

किसी पुष्प के विभिन्न भाग मुख्यतः बाह्यदल, पंखुड़ियाँ, स्त्रीकेसर, पुंकेसर आदि हैं।

निम्न में से किन पौधों के फूल आपने देखे हैं: घास, मक्का, गेंहूँ, मिर्च, टमाटर, तुलसी, पीपल, शीशम, बरगद, आम, जामुन, अमरूद, अनार, पपीता, केला, नीबू, गन्ना, आलू, मूँगफली।

हमने निम्नलिखित पौधों के फूल देखे हैं: मक्का, टमाटर, तुलसी, पीपल, बरगद, आम, जामुन, अमरूद, पपीता और आलू।

पौधों के उस भाग का नाम लिखिए जो अपना भोजन बनाता है। इस प्रक्रम को क्या कहते हैं?

पौधों की पत्तियाँ भोजन बनाने का कार्य करती हैं। पत्तियों द्वारा भोजन बनाने की इस प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं।

पुष्प के किस भाग में अंडाशय मिलता है?

फूल में स्त्रीकेसर के सबसे निचले सूजे हुए भाग में अंडाशय स्थित होता है।

ऐसे दो पुष्पों के नाम लिखिए जिनमें से प्रत्येक में संयुक्त और अलग-अलग पंखुड़ियाँ हों।

संयुक्त पंखुड़ियों वाले पुष्प: धतुरा और टमाटर
अलग-अलग पंखुड़ियों वाले पुष्प: कमल और गुलाब

खरपतवार क्या होते हैं?

ये ‘खरपतवार’ हैं, जो अनचाहे पौधे होते हैं, जो मिट्‌टी से अधिक मात्रा में पोषक तत्वों को ले लेते हैं और उपयोगी पौधों को भली-भाँति उगने नहीं देते हैं।

आरोही लताएँ क्या होती हैं?

जो किसी सहारे की सहायता से ही उग और ऊपर चढ़ पाता है। ऐसे पौधों को आरोही लताएँ कहते हैं क्योंकि ये भूमि पर ही फैलती और रेंगती हैं।

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