एनसीईआरटी समाधान कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 1 चिड़िया का गीत

कक्षा 4 हिंदी वीणा (सत्र 2026–27) का पहला अध्याय चिड़िया का गीत एक सरल, रोचक और प्रेरणादायक कविता है। इस कविता में एक छोटी चिड़िया के अनुभवों के माध्यम से यह समझाया गया है कि जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हमारी सोच और दुनिया को देखने का दृष्टिकोण भी विस्तृत होता जाता है। शुरुआत में सीमित संसार ही हमें पूरा लगता है, लेकिन अनुभव और ज्ञान के साथ हमें पता चलता है कि दुनिया बहुत बड़ी और विविधताओं से भरी है। यह पाठ बच्चों में जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति और सीखने की रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

एनसीईआरटी कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 1 के प्रश्न उत्तर

बातचीत के लिए

1. पशु-पक्षियों के लिए घर आवश्यक है या नहीं? कारण भी बताइए।

उत्तर:
सभी पशु-पक्षियों के लिए अपने द्वारा बनाए घर की आवश्यकता होती है। जिससे वह अपने आप को और अपने बच्चों को वर्षा और आँधी-तूफान से बचा सके। संसार में सभी जीवों को अपने अनुसार घर की आवश्यकता होती है।

2. आपके परिवार के सदस्य घर से बाहर क्यों जाते हैं?

उत्तर:
सभी परिवारों के सदस्य अपनी और अपने पारिवारिक जरूरत को ध्यान में रखते हुए आजीविका कमाने के लिए बाहर जाते है। बच्चे स्कूल जाते है, खेलने जाते है और बड़े बाज़ार जाते है ताकि परिवार का भरन-पोषण कर सकें।

3. जब परिवार के सदस्य बाहर जाते हैं या बाहर से आते हैं तो आपको कैसा लगता है और क्यों?

उत्तर:
जब परिवार का कोई भी सदस्य किसी भी काम के लिए बाहर जाता है तो हमें दुख के साथ ख़ुशी भी होती है। लेकिन जब वह बाहर से वापिस आता है तो सबसे ज्यादा ख़ुशी होती है। माता पिता को बच्चे की लौटने की, बच्चों को अपने पिता के लौटने की और पत्नी को अपने पति के लौटने की ख़ुशी होती है।

4. जब कोई अतिथि आपके घर आता है या आप किसी संबंधी के यहाँ जाते हैं तो आपको कैसा लगता है?

उत्तर:
जब कोई अतिथि हमारे घर आता है तो हमें बड़ी ख़ुशी होती है। हम उसका अतिथि सत्कार करते है। उसका हाल-चाल पूछते है, उसके खान-पान का ध्यान रखते है और उसे किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ न हो इसका ध्यान रखते है। यदि जब हम अपने किसी संबंधी से मिलने जाते है तो भी हमें उतनी ही ख़ुशी होती है।

5. क्या आपको लगता है कि पक्षियों की तरह हम भी धीरे-धीरे बड़े होते हैं और फिर उनकी तरह ही संसार देखते हैं? अपने अनुभव साझा कीजिए।

उत्तर:
नहीं ऐसा नहीं है, पक्षी हमसे अधिक तेजी से बड़े होते है। जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, दुनिया को देखने का हमारा नज़रिया भी बदलता है—बचपन में जो चीज़ें बड़ी लगती थीं, वे बड़े होकर छोटी लगने लगती हैं, और जिन बातों को हम कभी नज़रअंदाज़ करते थे, वे बहुत महत्वपूर्ण हो जाती हैं। मनुष्य और पक्षी—दोनों में जीवन यात्रा एक जैसी है, बस माध्यम अलग हैं। एक उड़ता है पंखों से, दूसरा सपनों और सोच से।

कविता की बात

1. नीचे दिए गए प्रश्नों में चार विकल्प दिए गए हैं। प्रश्नों के उत्तर में एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं –

(क). घोंसले से संबधित उपयुक्त वाक्य को चिन्हित कीजिए —
• घोंसला पक्षियों का घर होता है।
• घोंसला सूखे तिनकों से बनाया जाता है।
• पक्षियों का घोंसला केवल पेड़ों पर होता है।
• कुछ पक्षियों का घोंसला हमारे घरों में भी होता है।
उत्तर:
• घोंसला पक्षियों का घर होता है।
• घोंसला सूखे तिनकों से बनाया जाता है।
• कुछ पक्षियों का घोंसला हमारे घरों में भी होता है।

(ख).
कविता में ‘अडे जैसा था आकार’ का प्रयोग निम्नलिखित में से किसके लिए किया गया है —
• संसार
• आकाश
• घर
• घोंसल
उत्तर:
• संसार
• घर

(ग).
‘तब मैं यही समझती थी बस इतना-सा ही है ससार’ इन पंक्तियों में ‘इतना-सा’ का अर्थ है —
• बहुत छोटा
• बहुत बड़ा
• बहुत लंबा
• रग-बिरंगा
उत्तर:
• बहुत छोटा

2. नीचे दि गई कविता की पक्तियों का मिलान उनके नीचे दी गई उपयुक्त पंक्तियों से कीजिए –

फिर मेरा घर बना घोंसला सूखे तिनकों से तैयार
आखिर जब मैं आसमान में उड़ी दूर तक पंख पसार
फिर मैं निकल गई शाखों पर हरी-भरी थीं जो सुकुमार
सबसे पहले मेरे घर का अंडे जैसा था आकार
मिलान पंक्ति- तब मैं यही समझती थी बस इतना-सा ही है संसार।
तभी समझ में मेरी आया बहुत बड़ा है यह संसार।
उत्तर:
फिर मेरा घर बना घोंसला सूखे तिनकों से तैयार – तब मैं यही समझती थी बस इतना-सा ही है संसार।
आखिर जब मैं आसमान में उड़ी दूर तक पंख पसार – तभी समझ में मेरी आया बहुत बड़ा है यह संसार।
फिर मैं निकल गई शाखों पर हरी-भरी थीं जो सुकुमार – तब मैं यही समझती थी बस इतना-सा ही है संसार।
सबसे पहले मेरे घर का अंडे जैसा था आकार- तब मैं यही समझती थी बस इतना-सा ही है संसार।

सोचिए और लिखिए

1. चिड़िया को यह संसार कब-कब छोटा लगा?

उत्तर:
चिड़िया जब सबसे पहले अंडे में थी, दूसरी बार जब वह सूखे तिनको से बने घोंसले में थी और तीसरी बार जब वह पेड़ की हरी पत्तियों पर थी। तब-तब उसे लगा उसके लिए यह संसार छोटा है।

2. खुले आकाश में उड़ते समय चिड़िया ने क्या-क्या देखा होगा जिससे लगा कि संसार बहुत बड़ा है?

उत्तर:
खुले आकाश में उड़ते समय चिड़िया ने पहाड़, झरने, उच्चे-उच्चे पेड़, आकाश और अन्य जीव-जन्तु पक्षी आदि देखे होंगे।

3. प्राय सुबह-शाम पक्षियों कि चहचाहहट(कलरव) सुनाई देती है। ऐसा क्यों होता है?

उत्तर:
सुबह हवा ठंडी और शांत होती है, जिससे पक्षियों की आवाज़ ज़्यादा दूर तक सुनाई देती है। सुबह-सुबह नर पक्षी ज़ोर से गाते हैं ताकि वे अपने इलाके (क्षेत्र) को दूसरों को दिखा सकें और चेतावनी दे सकें कि यह क्षेत्र उनका है।

कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 1 – अक्सर पूंछे जाने वाले प्रश्न

चिड़िया का गीत अध्याय क्या सिखाता है?

यह अध्याय बच्चों को यह सिखाता है कि अनुभव और समय के साथ हमारी समझ विकसित होती है। जैसे चिड़िया अपने छोटे से संसार से बाहर निकलकर दुनिया को बड़ा समझती है, वैसे ही हम भी सीखते और आगे बढ़ते हैं।

चिड़िया का गीत किस कक्षा का पाठ है?

यह पाठ कक्षा 4 हिंदी वीणा पुस्तक (सत्र 2026–27) का पहला अध्याय है।

इस पाठ में चिड़िया का अनुभव क्या दर्शाता है?

चिड़िया का अनुभव यह दर्शाता है कि शुरुआत में हमें दुनिया छोटी लगती है, लेकिन जैसे-जैसे हम नए अनुभव प्राप्त करते हैं, हमें संसार की विशालता का एहसास होता है।

चिड़िया का गीत बच्चों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

यह पाठ बच्चों में सोचने, समझने और कल्पना करने की क्षमता को बढ़ाता है। साथ ही यह उन्हें नई चीज़ों को जानने और सीखने के लिए प्रेरित करता है।

कक्षा 4 वीणा अध्याय 1 का मुख्य संदेश क्या है?

इस अध्याय का मुख्य संदेश है कि सीखने और अनुभव से हमारी दुनिया की समझ बढ़ती है और हमें हमेशा नई चीज़ों को जानने के लिए उत्सुक रहना चाहिए।

क्या चिड़िया का गीत केवल एक कविता है या इसमें गतिविधियाँ भी हैं?

यह केवल कविता ही नहीं है, बल्कि इसमें कई गतिविधियाँ, प्रश्न, भाषा अभ्यास और रचनात्मक कार्य भी शामिल हैं, जो बच्चों के समग्र विकास में सहायक होते हैं।

कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 1 को पढ़ने का सही तरीका क्या होना चाहिए?

इस अध्याय को पहले ध्यान से पढ़ना चाहिए, फिर कविता का अर्थ समझना चाहिए और अंत में दिए गए प्रश्नों व गतिविधियों को हल करके अपनी समझ को मजबूत करना चाहिए।