एनसीईआरटी समाधान कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 8 ओणम के रंग
एनसीईआरटी समाधान कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 8 ओणम के रंग – केरल के प्रसिद्ध पर्व ओणम पर आधारित एक जानकारीपूर्ण पाठ है, जिसमें राजा महाबली की पौराणिक कथा, पूक्कलम (फूलों की रंगोली), नौका-दौड़, कथकली नृत्य और ओणम के पारंपरिक भोज का सुंदर वर्णन है। इस पाठ में बातचीत के लिए, पाठ के भीतर, शब्दों का चमत्कार, त्योहार और सामूहिकता जैसे अनेक रोचक अभ्यास दिए गए हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता से भी परिचित कराते हैं। नीचे दिए गए समाधान हर प्रश्न को सरलता से हल करने में सहायक होंगे।
एनसीईआरटी कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 8 समाधान
पेज 94 – बातचीत के लिए
1. ओणम का त्योहार कब मनाया जाता है?
उत्तर:
श्रावण महीने के श्रावण नक्षत्र के दिन ओणम का त्योहार आता है। प्रत्येक वर्ग के लोग अपनी चिंताओं और दुख-दर्द को भूलकर बहुत धूम-धाम से इस पर्व को मनाते हैं।
2. ओणम का त्योहार किस पौराणिक कथा पर आधारित है?
उत्तर:
ओणम का त्योहार मुख्य रूप से राजा महाबली से जुड़ी एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा पर आधारित है। वे एक न्यायप्रिय और दानी असुर राजा थे। भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर उन्हें पाताल भेजा। लेकिन उन्हें हर साल अपनी प्रजा से मिलने की अनुमति मिली। ओणम उनके स्वागत में मनाया जाता है।
3. आप कौन-कौन से त्योहार मनाते हैं?
उत्तर:
मैं दीपावली, होली, रक्षाबंधन, दशहरा, ईद, क्रिसमस, मकर संक्रांति, ओणम, बैसाखी और गणेश चतुर्थी जैसे प्रमुख त्योहार मनाता हूँ। इन त्योहारों के माध्यम से परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खुशियाँ बाँटते हैं, परंपराओं का पालन करते हैं और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देते हैं।
4. आपको कौन-सा त्योहार सबसे अधिक अच्छा लगता है और क्यों?
उत्तर:
मुझे दीपावली त्योहार सबसे अधिक अच्छा लगता है क्योंकि यह रोशनी, खुशियों और नए आरंभ का प्रतीक है। घरों की सफाई, दीपों की सजावट, मिठाइयाँ, और पटाखों की चमक इस दिन को खास बनाते हैं। साथ ही, यह बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश भी देता है।
5. त्योहार वाले दिन आप क्या-क्या करते हैं?
उत्तर:
त्योहार वाले दिन मैं बहुत उत्साहित होता हूँ। सुबह जल्दी उठकर स्नान करता हूँ और नए कपड़े पहनता हूँ। घर की सफाई में मदद करता हूँ, पूजा-पाठ करता हूँ और परिवार के साथ मिलकर स्वादिष्ट पकवान खाता हूँ। रिश्तेदारों से मिलना, उपहार बाँटना और खेल-कूद भी करता हूँ।
पेज 95 – पाठ के भीतर
1. प्रश्नों के सटीक उत्तर के सामने सूरज का चित्र बनाइए –

उत्तर:

2. स्तंभ ‘क’ का स्तंभ ‘ख’ से मिलान कीजिए –

उत्तर:

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए –
(क). ओणम के भोज में कौन-कौन से भोज्य पदार्थ बनाए जाते हैं? किसी एक भोज्य पदार्थ के बारे में विस्तार से लिखिए।
उत्तर:
ओणम के भोज में अनेक पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं, जैसे अवियल, सांबर, थोरन, ओलन, पायसम, इनजी कारी और रसम।
इसमें अवियल एक लोकप्रिय व्यंजन है, जिसमें विभिन्न सब्ज़ियाँ, नारियल, दही और करी पत्ते मिलाकर पकाया जाता है। यह पौष्टिक, स्वादिष्ट और ओणम साद्या का अभिन्न हिस्सा होता है।
(ख). आपके राज्य में कौन-कौन से त्योहार विशेष रूप से मनाए जाते हैं? उन त्योहारों की कौन-सी बाते ओणम से मिलती-जुलती हैं?
उत्तर:
मेरे राज्य में दिवाली, होली, रक्षाबंधन, मकर संक्रांति और दशहरा विशेष रूप से मनाए जाते हैं। इन त्योहारों में परिवार एकत्रित होते हैं, विशेष भोजन बनाए जाते हैं और घर सजाए जाते हैं। ओणम की तरह इन त्योहारों में भी सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपराएं और आनंद का माहौल होता है। जैसे ओणम साद्या की तरह दिवाली में भी विशेष मिठाइयाँ और पकवान बनाए जाते हैं।
(ग). ओणम में गाए जाने वाले लोकगीत में महाबली के शासन की किन विशेषताओं का उल्लेख है?
उत्तर:
ओणम में गाए जाने वाले लोकगीतों में महाबली के शासन की कई विशेषताओं का वर्णन किया गया है। इनमें बताया जाता है कि उनके समय में सभी लोग समान थे, कोई धोखा, झूठ या अन्याय नहीं था। लोग सुखी और संतुष्ट थे। चारों ओर शांति, प्रेम और समृद्धि थी। महाबली का शासन स्वर्ण युग जैसा माना जाता है।
(घ). पाठ में आए किस उल्लेख के आधार पर कहा जा सकता है कि महाबली अपनी प्रजा से बहुत ही प्रेम करते थे?
उत्तर:
राजा महाबली ने भगवान विष्णु से से पाताल जाने से पहले एक याचना की थी कि वर्ष में केवल एक बार उन्हें अपनी प्रजा से मिलने के लिए धरती पर आने कि अनुमति दी जाए। अपना सब कुछ दान देने के बाद भी उनका प्रेम अपनी प्रजा से था, इसी आधार पर कहा जा सकता है कि महाबली अपनी प्रजा से बहुत ही प्रेम करते थे।
(ड). पाठ में आई किन बातों से पता चलता है कि प्रकृति भी ओणम के स्वागत की तैयारी कर रही है?
उत्तर:
प्रकृति भी ओणम के स्वागत की तैयारी करती है, इसका पता कई बातों से चलता है। खेतों में धान की फसल पककर तैयार हो जाती है, चारों ओर हरियाली छा जाती है। फूल खिलते हैं, जिनसे लोग पूकलम (फूलों की रंगोली) बनाते हैं। मौसम सुहावना हो जाता है और वातावरण में उत्सव की खुशबू फैल जाती है।
पेज 97 – मधुर स्मृतियाँ
1. अपने घर के बड़ों से बातचीत करके पता लगाइए कि वे अपने जीवन के बीते हुए किन-किन अवसरों को याद करके प्रसन्न होते हैं। उन बातों को अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर:
मेरे घर के बड़े सदस्य अपने जीवन के कई सुंदर अवसरों को याद करके प्रसन्न होते हैं। मेरी दादी अपने बचपन के दिनों को याद करती हैं, जब वे अपने दोस्तों के साथ खेलती थीं और त्योहारों पर मिल-जुलकर खुशियाँ मनाती थीं। मेरे दादाजी अपने विद्यालय के दिनों और अपने दोस्तों के साथ बिताए समय को याद करके खुश होते हैं। वे अपने काम के शुरुआती दिनों की मेहनत और सफलता को भी याद करते हैं। मेरे माता-पिता अपने विवाह, हमारे जन्म और परिवार के साथ बिताए गए सुखद पलों को याद करके प्रसन्न होते हैं। वे कहते हैं कि ये यादें उनके जीवन की सबसे कीमती धरोहर हैं।
2. आपके घर के सदस्य आपकी किन बातों से प्रसन्न होते हैं? वे आपकी प्रसन्नता के लिए क्या क्या प्रयास करते हैं? आप उनके प्रति आभार कैसे व्यक्त करते हैं?
उत्तर:
मेरे घर के सदस्य मेरी अच्छी आदतों से प्रसन्न होते हैं, जैसे समय पर पढ़ाई करना, बड़ों का सम्मान करना और घर के कामों में मदद करना। जब मैं अच्छा व्यवहार करता हूँ और अपनी जिम्मेदारियाँ निभाता हूँ, तो वे बहुत खुश होते हैं। मेरी प्रसन्नता के लिए वे मुझे प्यार देते हैं, मेरी पसंद का खाना बनाते हैं और मुझे पढ़ाई में मदद करते हैं। वे मुझे घुमाने भी ले जाते हैं और मेरी छोटी-छोटी इच्छाएँ पूरी करने का प्रयास करते हैं। मैं उनके प्रति आभार व्यक्त करने के लिए उनका सम्मान करता हूँ, उनकी बात मानता हूँ और हमेशा उनकी मदद करने की कोशिश करता हूँ। मैं उन्हें धन्यवाद भी कहता हूँ और उनसे प्यार से बात करता हूँ।
पेज 100 – देश हमारा एक, रंग इसके अनेक
1. पाठ में आई उस पंक्ति को चिंहित करके लिखिए जिससे यह पता चलता है कि ओणम खेतों की उपज से जुड़ा त्योहार है।
उत्तर:
वह पंक्ति जिससे यह पता चलता है कि ओणम खेतों की उपज से जुड़ा त्योहार है –
“किसान उपज काट चुके हैं और खलिहानों में धान भरे हैं।”
2. कक्षा में पाँच-पाँच विद्यार्थियों का समूह बनाकर आपस में चर्चा कीजिए और पता लगाइए कि हमारे देश में खेतों की उपज से जुड़े और कौन-कौन से त्योहार हैं। ऐसे त्योहारों की सूची भी तैयार कीजिए।
उत्तर:
हमारे देश में खेतों की उपज से जुड़े कई त्योहार मनाए जाते हैं। ये त्योहार किसानों की मेहनत और फसल की खुशी को दर्शाते हैं। ऐसे कुछ प्रमुख त्योहार इस प्रकार हैं-
- पोंगल (तमिलनाडु)
- बैसाखी (पंजाब)
- बिहू (असम)
- लोहड़ी (पंजाब)
- मकर संक्रांति (भारत के कई भागों में)
- नुआखाई (ओडिशा)
- ओणम (केरल)
ये सभी त्योहार फसल कटने की खुशी में मनाए जाते हैं और इनमें लोग भगवान को धन्यवाद देते हैं, नाच-गाना करते हैं और मिल-जुलकर खुशियाँ मनाते हैं।
3. उपज से जुड़े निम्नलिखित त्योहार भारत के किन-किन राज्यों में मनाए जाते हैं? उनके नीचे दिए गए रंगों के द्वारा उन्हें मानचित्र में दर्शाइए –

उत्तर:
उपज से जुड़े त्योहार और उनके राज्य इस प्रकार हैं –

पेज 101 – शब्दों का चमत्कार
1. पाठ में आए कुछ वाक्यों के अंश नीचे लिखे हैं, इन्हें ध्यान से पढ़िए –
• हल्की -हल्की बयार के झोंके • ऊँचे-ऊँचे दीपदान
• नन्हे-नन्हे सफेद द्रोण-पुष्प
इन वाक्यांशों में ‘हल्की ’, ‘ऊँचे’ तथा ‘नन्हे’ शब्दों का दो बार प्रयोग किया गया है। इन शब्दों का एक बार प्रयोग करके पढ़ते हैं —
• हल्की बयार के झोंके • ऊँचे दीपदान
• नन्हे सफेद द्रोण-पुष्प
अपने सहपाठियों से चर्चा कीजिए कि वि शेषता बताने वाले शब्दों का एक साथ दो बार प्रयोग करने से वाक्य में किस प्रकार का विशेष प्रभाव उत्पन्न होता है। आप भी ऐसे कुछ वाक्य लिखिए।
उत्तर:
विशेषता बताने वाले शब्दों को दो बार प्रयोग करने से वाक्य में ज़ोर (प्रभाव) बढ़ जाता है और बात अधिक सुंदर, स्पष्ट और आकर्षक लगती है। इससे किसी वस्तु या दृश्य की विशेषता अच्छी तरह उभरकर सामने आती है और पढ़ने में भी आनंद आता है।
उदाहरण वाक्य:
- ठंडी-ठंडी हवा चल रही है।
- मीठे-मीठे आम बहुत स्वादिष्ट लगते हैं।
- छोटे-छोटे बच्चे खेल रहे हैं।
- लंबी-लंबी सड़कें दूर तक जाती हैं।
- रंग-बिरंगे फूल बगीचे में खिले हैं।
इस प्रकार, शब्दों को दोहराने से वाक्य अधिक प्रभावशाली और रोचक बन जाता है।
2. नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए –
(क) पूर्व दिशा में सह्य पर्वत के पीछे से जब सूरज निकलता है तो पश्चिमी तट पर समुद्र की लहरें चमकने लगती हैं।
(ख) रंग-बिरंगी तितलियाँ फूलों पर मँडराती दिखाई देती हैं।
(ग) वर्षा के बादल छँटते ही ठंडी-ठंडी तेज हवाएँ थम जाती हैं।
उपर्युक्त वाक्यों में ‘चमकना’, ‘मँडराना’ और ‘थमना’ शब्दों का प्रयोग करते हुए अपनी लेखन-पुस्तिका में वाक्य बनाइए।
उत्तर:
(क) ‘चमकना’ से वाक्य: रात में आकाश में तारे सुंदर रूप से चमकते हैं।
(ख) ‘मँडराना’ से वाक्य: बगीचे में मधुमक्खियाँ फूलों के ऊपर मँडराती रहती हैं।
(ग) ‘थमना’ से वाक्य: शाम होते ही तेज बारिश धीरे-धीरे थम गई।
3. इस पाठ में आए विशेषता बताने वाले शब्दों (विशेषण) को छाँटकर लिखिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए –
जैसे – सफेद द्रोण-पुष्प
• बच्चे मूर्ति यों को सफेद द्रोण-पुष्पों से सजा रहे थे।
• ………………………………
• ………………………………
• ………………………………
उत्तर:
विशेषण शब्द और उनके वाक्य:
• रंग-बिरंगे फूल
बगीचे में रंग-बिरंगे फूल बहुत सुंदर लग रहे हैं।
• ठंडी-ठंडी हवाएँ
गर्मी के मौसम में ठंडी-ठंडी हवाएँ मन को प्रसन्न करती हैं।
• निर्मल जल
नदी का निर्मल जल बहुत स्वच्छ दिखाई देता है।
4. केरल की मुख्य भाषा मलयालम है। इस शब्द को उलटकर पढ़ें तो भी यह मलयालम ही पढ़ा जाएगा। ऐसे और भी शब्द हैं जो आगे-पीछे से पढ़ने पर एक समान रहते हैं, जैसे – सरस और जहाज। आप भी पाँच-पाँच की टोलियों में ऐसे और शब्द खोजिए।
उत्तर:
ऐसे शब्द जिन्हें आगे-पीछे से पढ़ने पर एक समान पढ़ा जाता है, उन्हें पालिंड्रोम (उलटा-सीधा समान शब्द) कहते हैं।
उदाहरण:
- नयन
- नवीन
- कालिका
- कालका
- नमन
ये सभी शब्द आगे और पीछे से एक जैसे ही पढ़े जाते हैं।
पेज 103 – त्योहार और सामूहिकता
1. इस पाठ को पुनः पढ़िए और उन पंक्तियों को चिह्नत कीजिए जिनसे यह भाव निकलता है कि त्योहार मिल-जुलकर मनाए जाते हैं।
उत्तर:
पाठ से वे पंक्तियाँ जिनसे यह भाव निकलता है कि त्योहार मिल-जुलकर मनाए जाते हैं –
- “प्रत्येक वर्ग के लोग अपनी चिंताओं और दुख-दर्द को भूलकर बहुत धूम-धाम से इस पर्व को मनाते हैं।”
- “प्रीतिभोज के बाद लोग अपनी-अपनी रुचि के अनुसार खेल-कूद, कविता-प्रसंग, संगीत या नृत्य में हिस्सा लेते हैं।”
इन पंक्तियों से स्पष्ट होता है कि ओणम का त्योहार सभी लोग मिलकर खुशी और उत्साह के साथ मनाते हैं।
2. आपके विद्यालय में वन महोत्सव का आयोजन किया जाना है। इस आयोजन का संपूर्ण उत्तरदायित्व आपकी कक्षा को दिया गया है।
(क) सभी सहपाठी मिलकर योजना बनाइए कि ‘वन महोत्सव’ के आयोजन हेतु क्या-क्या किया जाएगा।
उत्तर:
हमारी कक्षा के सभी विद्यार्थी मिलकर ‘वन महोत्सव’ को सफल बनाने के लिए:
- विद्यालय परिसर में पेड़-पौधे लगाए जाएँगे।
- अलग-अलग समूह बनाकर हर समूह को पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी दी जाएगी।
- पर्यावरण संरक्षण पर भाषण और निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
- पौधों और प्रकृति से संबंधित चित्रकला प्रतियोगिता कराई जाएगी।
- विद्यालय को हरा-भरा और स्वच्छ रखने का संकल्प लिया जाएगा।
- पेड़ों के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए पोस्टर बनाए जाएँगे।
(ख) वन महोत्सव में अभिभावकों को आमंत्रित करने के लिए आमंत्रण पत्र तैयार कीजिए।
उत्तर:
आमंत्रण पत्र
आदरणीय अभिभावकगण,
सादर नमस्कार।
आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि हमारे विद्यालय तिवारी अकादमी में ‘वन महोत्सव’ का आयोजन दिनांक 23/12/2026 को किया जा रहा है। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम जैसे पौधारोपण, भाषण, चित्रकला प्रतियोगिता आदि आयोजित किए जाएँगे।
आपसे विनम्र अनुरोध है कि आप इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर हमारा उत्साहवर्धन करें।
धन्यवाद।
आपका आज्ञाकारी विद्यार्थी
योगेश भंडारी
कक्षा – 4
विद्यालय – तिवारी अकादमी
इस प्रकार हम सभी मिलकर ‘वन महोत्सव’ को सफल बना सकते हैं।
3. दिए गए स्थान पर पूक्कलम (रंगोली) बनाइए –

उत्तर:

4. आप अपने विद्यालय में आयोजित उत्सवों में किस प्रकार योगदान देते हैं?
उत्तर:
मैं अपने विद्यालय में आयोजित उत्सवों में बढ़-चढ़कर भाग लेता हूँ। मैं कार्यक्रम की तैयारी में अपने शिक्षकों और साथियों की मदद करता हूँ। मैं सजावट करने, मंच तैयार करने और पोस्टर बनाने में सहयोग देता हूँ। इसके अलावा, मैं नृत्य, गीत या भाषण जैसी गतिविधियों में भाग लेकर कार्यक्रम को रोचक बनाता हूँ। मैं अनुशासन बनाए रखने और सभी के साथ मिल-जुलकर काम करने की भी कोशिश करता हूँ, जिससे कार्यक्रम सफल हो सके।
पेज 104 – यह भी जानिए
1. नीचे दिए गए बिंदुओं के आधार पर केरल के बारे में अध्यापकों और पुस्तकालय की सहायता से कुछ और जानकारी जुटाइए।

उत्तर:
- सीमांत प्रदेश: कर्नाटक और तमिलनाडु
- त्योहार: ओणम
- राजधानी: तिरुवनंतपुरम
- मुख्य फसल: धान, नारियल
- परिधान/वस्त्र: कसावु साड़ी, मुंडू
- भाषा: मलयालम
- शास्त्रीय नृत्य: कथकली, मोहिनीअट्टम
2. ‘वामन’ शब्द का प्रयोग सामान्यतः छोटे कद के व्यक्तियों के लिए किया जाता है। महाबली ने संभवतः विष्णु के वामन रूप को देखते हुए ही उन्हें तीन पग भूमि दान देने का निर्णय किया होगा। हम भी किसी के शारीरिक रंग-रूप को देखकर उसकी क्षमता के बारे में विशेष धारणा बना लेते हैं जो हमेशा सही नहीं होती। कुछ ऐसे व्यक्तियों के बारे में पता कीजिए और उनकी एक सूची बनाइए जिन्होंने अपनी शारीरिक अक्षमताओं को पीछे छोड़ते हुए एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त की।
उत्तर:
कुछ ऐसे व्यक्तियों के उदाहरण जिन्होंने अपनी शारीरिक अक्षमताओं के बावजूद बड़ी उपलब्धियाँ प्राप्त कीं-
- हेलेन केलर – दृष्टिहीन और मूक-बधिर होने के बावजूद महान लेखिका बनीं।
- स्टीफन हॉकिंग – शारीरिक रूप से अक्षम होने के बावजूद महान वैज्ञानिक बने।
- सुधा चंद्रन – कृत्रिम पैर के सहारे प्रसिद्ध नृत्यांगना बनीं।
ये उदाहरण हमें सिखाते हैं कि मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 8 को एक दिन में कैसे पूरा करें?
कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 8 थोड़ा लंबा पाठ है, इसलिए इसे दो भागों में बाँटकर पढ़ना बेहतर रहता है — पहले भाग में केरल के प्राकृतिक सौंदर्य और ओणम की तैयारियों को पढ़ें, दूसरे भाग में महाबली की कथा को समझें। इसके बाद ‘पाठ के भीतर’, ‘शब्दों का चमत्कार’ और ‘देश हमारा एक, रंग इसके अनेक’ के अभ्यास हल करें। नियमित रूप से पढ़ने पर कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 8 लगभग 45-60 मिनट में पूरा हो जाता है।
क्या कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 8 कठिन है?
कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 8 अन्य अध्यायों की तुलना में थोड़ा विस्तृत ज़रूर है, क्योंकि इसमें केरल की संस्कृति, नृत्य और पौराणिक कथा तीनों शामिल हैं। पर भाषा सरल और वर्णनात्मक है, इसलिए ध्यान से पढ़ने पर बच्चे इसे आसानी से समझ लेते हैं। ‘तलपंतुकली’, ‘किलिंतट्टुकली’ जैसे कुछ क्षेत्रीय शब्दों का अर्थ स्तंभ मिलान अभ्यास में स्पष्ट कर दिया गया है।
क्या कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 8 के सभी प्रश्नों के उत्तर यहाँ उपलब्ध हैं?
जी हाँ। इस पृष्ठ पर कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 8 के ‘बातचीत के लिए’, ‘पाठ के भीतर’, ‘मधुर स्मृतियाँ’, ‘त्योहार और सामूहिकता’ और ‘यह भी जानिए’ – सभी भागों के प्रश्नों के उत्तर सरल हिंदी में दिए गए हैं, साथ ही स्तंभ मिलान और मानचित्र आधारित गतिविधियों के लिए भी मार्गदर्शन शामिल है।
परीक्षा की दृष्टि से कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 8 से किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?
परीक्षा में कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 8 से प्रायः बहुविकल्पीय प्रश्न, महाबली की कथा पर आधारित लघु उत्तरीय प्रश्न, स्तंभ मिलान और विशेषण (जैसे हल्की-हल्की, ऊँचे-ऊँचे) पहचानने वाले व्याकरण प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अलावा भारत के अन्य फसल-त्योहारों (लोहड़ी, पोंगल, बिहू आदि) से तुलना करने वाले प्रश्न भी पूछे जा सकते हैं।
