एनसीईआरटी समाधान कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 10 कैमरा
एनसीईआरटी समाधान कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 10 कैमरा – प्रकाश मनु द्वारा रचित एक रोचक कविता है, जिसमें चाचा द्वारा लाए गए नए कैमरे को देखकर एक बच्चा आश्चर्यचकित हो जाता है और सोचता है कि इसके अंदर कोई चित्रकार छिपा है। चाचा हँसते हुए समझाते हैं कि यह तो प्रकाश-छाया का खेल है, जो हू-ब-हू असली चित्र बना देता है। इस अध्याय में बातचीत के लिए, पाठ के भीतर, भाषा की बात, शब्द खेल, कविता से आगे और कैमरे से संवाद जैसी विविध व रचनात्मक गतिविधियाँ दी गई हैं।
एनसीईआरटी कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 10 समाधान
पेज 118 – बातचीत के लिए
1. आपके घर में सबसे पुरानी फोटो किसकी है? उसके बारे में बताए।
उत्तर:
मेरे घर में सबसे पुरानी फोटो मेरे परदादा की है। वह फोटो काले-सफेद रंग की है और उन्होंने पारंपरिक धोती और कुर्ता पहना हुआ है। उनके चेहरे पर गंभीरता और अनुभव की झलक दिखती है। वह फोटो लकड़ी के फ्रेम में लगी है और हमारे बैठक कमरे की दीवार पर टँगी हुई है। वह हमारे परिवार की एक अनमोल यादगार है।
2. आप किन-किन अवसरों पर फोटो खिंचवाना पसंद करते हैं?
उत्तर:
मैं त्योहारों, जन्मदिन, स्कूल के कार्यक्रमों, पिकनिक, पारिवारिक समारोह और दोस्तों के साथ घूमने के समय फोटो खिंचवाना पसंद करता हूँ। इन पलों की तस्वीरें मुझे खुशियों की याद दिलाती हैं और भविष्य में उन्हें देखकर उन खास लम्हों को फिर से जीने का अहसास होता है।
3. आप कहाँ-कहाँ घुमने गए हैं और वहाँ आपने क्या-क्या देखा है? क्या आपने वहाँ अपनी कोई फोटो ली है? कक्षा में अपने सहपाठियों को बताइए।
उत्तर:
मैं शिमला और जयपुर घुमने गया हूँ। शिमला में बर्फबारी देखी और खिलौना ट्रेन में सफर किया। जयपुर में हवा महल और आमेर किला देखा। वहाँ की मिठाइयाँ भी खाईं। मैंने बहुत सारी फोटो लीं। मेरी यह यात्रा बहुत मज़ेदार और यादगार रही।
4. आजकल विधालयों, बैकों और घरों में कैमरों का उपयोग होने लगा है। आपके अनुसार ऐसा क्यों हो रहा है?
उत्तर:
आजकल विद्यालयों, बैंकों और घरों में कैमरों का उपयोग सुरक्षा के लिए किया जाता है। कैमरे से हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है जिससे चोरी, हिंसा या गलत व्यवहार को रोका जा सके। इससे लोग सतर्क रहते हैं और अनुशासन बना रहता है। कैमरा आज किसी भी घटना का बहुत ही उपयोगी सबूद बन गया है।
पेज 118 – पाठ के भीतर
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर पर सही का चिंह (✓) लगाइए –

उत्तर:

2. किसने, किससे कहा?

उत्तर:

पेज 119 – सोचिए और लिखिए
1. जब चाचा नया कैमरा लेकर आए तो उन्होंने छोटू से क्या कहा?
उत्तर:
जब चाचा नया कैमरा लेकर आए तो उन्होंने छोटू को बुलाया और कहा “बैठ यहाँ, खींचूँगा फोटू!”।
2. चाचा ने कैमरे की कार्यप्रणाली को कैसे समझाया?
उत्तर:
चाचा ने कैमरे की कार्य-प्रणाली को प्रकाश-छाया का खेल बताया था। कैमरे से मनुष्य का रूप काग़ज पर छप जाता है। कैसा भी जीव, मनुष्य, पेड़-पक्षी और मकान आदि हूबहू कागज पर उसका रूप उतर आता है।
3. कविता में कैमरे की कौन-कौन सी विशेषताएँ बताई गई हैं?
उत्तर:
कविता में कैमरे की कार्य करने की प्रशंसा की है। कैमरे के सामने आते ही एक किल्क में हूबहू चित्र कागज पर छप जाता है। चाहे वह कोई भी हो, उसकी छाप साफ़ देखी जा सकती है। इसे कोई नकली चित्र नहीं कह सकता। कैमरे को हम कहीं भी ला-लेजा सकते है और अपनी मन-पसंद फोटो निकाल सकते हैं।
4. “यह क्या है चक्कर, छिपा हुआ क्या इसमें पेंटर? यह पंक्ति किसके द्वारा कही गई है और क्यों?
उत्तर:
“यह क्या है चक्कर, छिपा हुआ क्या इसमें पेंटर? यह पंक्ति छोटू द्वारा कही गई है क्योंकि वह कैमरे के कार्य-प्रणाली के बारे में नहीं जनता था। उसे विश्वास नही हो रहा था उसे लगा यह क्या चक्कर है और यह कैसे हो सकता है।
5. कविता के आधार पर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(क) नया कैमरा चाचा लाए, दरवाजे से ………. चिल्लाए। (भी/ही)
उत्तर:
नया कैमरा चाचा लाए, दरवाजे से ही चिल्लाए।
(ख). ……… मीठा गाती है। (कौआ/कोयल)
उत्तर:
कोयल मीठा गाती है।
(ग). कहाँ गया, जल्दी आ छोटू, बैठ ………. खींचूँगा फोटू! (यहाँ/वहाँ)
उत्तर:
कहाँ गया, जल्दी आ छोटू, बैठ यहाँ खींचूँगा फोटू!
(घ). कैमरे ने ………. चित्र खींचा। (हु-ब-हु/हू-ब-हू)
उत्तर:
कैमरे ने हू-ब-हू चित्र खींचा।
पेज 119 – भाषा की बात
1. नीचे दिए गए वाक्यों में रेखंकित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द लिखिए –
(क) जल्दी आकर फोटो खिंचवाइए, ……….. मत कीजिए।
उत्तर:
जल्दी आकर फोटो खिंचवाइए, देरी मत कीजिए।
(ख) बड़े भैया ने ………… भाई को पुस्तक दी।
उत्तर:
बड़े भैया ने छोटे भाई को पुस्तक दी।
(ग) हमें किसी की बुराई न करके ………….. करनी चाहिए।
उत्तर:
हमें किसी की बुराई न करके अच्छाई करनी चाहिए।
(घ) शत्रु को भी ………….. बना लेना महानता का गुण है।
उत्तर:
शत्रु को भी मित्र बना लेना महानता का गुण है।
2. कविता में आए नाम वाले शब्दों (संज्ञा) तथा विशेषता बताने वाले शब्दों (विशेषण) की पहचान करके उन्हें नीचे दिए गए स्थानों में लिखिए –

उत्तर:

3. नीचे पहिए में कुछ वर्ण और मात्राएँ दी गई हैं। इनका प्रयोग करते हुए नए-नए शब्द बनाइए, जैसे चाचा, खेल आदि। वर्णों और मात्राओं का प्रयोग एक से अधिक बार किया जा सकता है।

उत्तर:

पेज 121 – शब्द खेल
1. नीचे दी गई वर्ग पहेली में पारिवारिक संबधों का बोध कराने वाले शब्द छिपे हैं। उन्हें खोजिए और लिखिए-

उत्तर:

2. समान तुक वाले शब्दों पर सही का चिंह (✔) लगाइए –

उत्तर:

पेज 122 – कविता से आगे
1. हमें सेल्फी लेते समय क्या-क्या सावधानी रखनी चाहिए?
उत्तर:
सेल्फी लेते समय सुरक्षित स्थान चुनें, खासकर ऊँचाई या सड़क पर न लें। ध्यान रखें कि पीछे कोई खतरनाक चीज़ न हो। चलते वाहन, पानी के किनारे या रेल की पटरियों पर सेल्फी न लें। फोन को अच्छे से पकड़ें ताकि गिर न जाए। दूसरों की निजता का सम्मान करें और ध्यान भटकाकर दुर्घटना न हो, इसका ख्याल रखना चाहिए।
2. प्राचीन समय में जब कैमरा नहीं था, तब चित्र कैसे बनाए जाते थे?
उत्तर:
प्राचीन समय में जब कैमरा नहीं था, तब चित्र हाथ से बनाए जाते थे। कलाकार रंग, कोयला, मिट्टी, पेड़ की छाल या पत्थरों का उपयोग कर चित्र बनाते थे। वे दीवारों, गुफाओं, कपड़ों और भोजपत्रों पर चित्रकारी करते थे। जैसे–भीमबेटका की गुफाओं में बने चित्र उस समय की कला और जीवनशैली का उदाहरण हैं।
3. आँख भी एक कैमरे की तरह काम करती है। क्या आप इस बात से सहमत हैं? इस विषय पर चर्चा कीजिए।
उत्तर:
हाँ, मैं इस बात से सहमत हूँ कि आँख भी एक कैमरे की तरह काम करती है। जैसे कैमरा लेंस के ज़रिए प्रकाश को ग्रहण करता है, वैसे ही आँख की पुतली प्रकाश को अंदर आने देती है। कैमरे में लेंस होता है, वैसे ही आँख में प्राकृतिक लेंस होता है जो रोशनी को फोकस करता है। कैमरे में तस्वीर फिल्म या सेंसर पर बनती है, और आँख में यह काम रेटिना करती है। रेटिना पर बनी छवि को ऑप्टिक नर्व के ज़रिए दिमाग तक पहुँचाया जाता है, जहाँ हम उसे “देख” पाते हैं। इस तरह आँख और कैमरा दोनों छवि को ग्रहण, फोकस और रिकॉर्ड करने का काम करते हैं।
4. दिए गए चित्रों का उनके सही नाम से मिलान कीजिए –

उत्तर:

पेज 122 – पुस्तकालय या अन्य स्रोत से
1. अपने विधालय के पुस्तकालय में जाकर या किसी अन्य स्रोत से कैमरे से संबधित अन्य जानकारी एकत्रित कीजिए।
उत्तर:
कैमरा एक ऐसा यंत्र है जिससे हम किसी भी वस्तु, व्यक्ति या दृश्य की तस्वीर खींच सकते हैं। पहले के समय में कैमरे बहुत बड़े और भारी होते थे, लेकिन आजकल छोटे और हल्के कैमरे उपलब्ध हैं। आज मोबाइल फोन में भी कैमरा होता है, जिससे फोटो और वीडियो आसानी से बनाए जा सकते हैं।
कैमरा प्रकाश (रोशनी) और छाया के माध्यम से काम करता है। जब हम कैमरे का बटन दबाते हैं, तो सामने का दृश्य कैमरे में कैद हो जाता है और फोटो बन जाती है। कुछ कैमरे केवल फोटो खींचते हैं, जबकि कुछ वीडियो भी बनाते हैं।
आजकल कई प्रकार के कैमरे होते हैं जैसे—मोबाइल कैमरा, वीडियो कैमरा, ड्रोन कैमरा आदि। कैमरों का उपयोग स्कूल, बैंक, घर और सुरक्षा के लिए भी किया जाता है। कैमरा हमारी यादों को सहेजने का एक अच्छा साधन है, जिससे हम पुराने समय को फिर से याद कर सकते हैं।
2. शिक्षक की सहायता से अपने देश से संबधित ऐतिहासिक महत्व के चित्रों को खोजकर उनके बारे में जानकारी एकत्रित कीजिए।
उत्तर:
मैंने अपने देश भारत के कुछ ऐतिहासिक महत्व के चित्रों के बारे में जानकारी एकत्रित की। ये चित्र हमें हमारे देश के इतिहास और महान घटनाओं के बारे में बताते हैं।

पेज 122 – कविता मंचन
शिक्षक की सहायता से इस कविता को कक्षा में नाटक के रूप में प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
कविता “कैमरा” का नाट्य-रूपांतरण
पात्र: छोटू, चाचा, कथावाचक, दादी, अम्मा और बड़ा भैया।
सामग्री: खिलौना कैमरा, कुर्सी, कुछ फूल और फोटो/चित्र।
कथावाचक: एक दिन छोटू के चाचा नया कैमरा लेकर घर आए। छोटू ने पहले ऐसा कैमरा ध्यान से नहीं देखा था। चाचा ने उसे फोटो खिंचवाने के लिए बुलाया।
चाचा: छोटू! जल्दी आओ। देखो, मैं नया कैमरा लाया हूँ। यहाँ बैठो, तुम्हारी फोटो खींचता हूँ।
छोटू: चाचा जी, यह कैमरा फोटो कैसे बनाता है? क्या इसके अंदर कोई चित्रकार बैठा है?
चाचा: नहीं छोटू! इसके अंदर कोई चित्रकार नहीं है। कैमरा प्रकाश और छाया की सहायता से चित्र बनाता है।
छोटू: अच्छा! तो क्या यह मेरा चित्र बिल्कुल मेरे जैसा बनाएगा?
चाचा: हाँ। तुम जैसे दिखाई देते हो, कैमरा तुम्हारा वैसा ही चित्र खींचेगा।
छोटू: वाह! पहले मेरी फोटो खींचिए।
चाचा: ठीक है। मुस्कराओ… एक, दो, तीन… क्लिक!
छोटू: अब दादी, अम्मा और बड़े भैया की भी फोटो लेते हैं।
दादी: मेरी भी अच्छी-सी फोटो खींचना।
अम्मा: और इन सुंदर फूलों की भी फोटो लेना।
बड़ा भैया: उस चिड़िया को देखो! उसकी भी फोटो खींच सकते हैं।
छोटू: सच में, कैमरा तो फूलों, पक्षियों और हमारे परिवार—सबके चित्र खींच सकता है!
कथावाचक: कैमरा जो कुछ उसके सामने होता है, उसका वैसा ही चित्र बना देता है। इसलिए कविता में कैमरे को एक उपयोगी मित्र जैसा बताया गया है।
सभी बच्चे एक साथ: “कैमरा हमारी यादों को तस्वीरों में सँभालकर रखता है। हमें इसका उपयोग समझदारी और सावधानी से करना चाहिए।”
समाप्त।
पेज 123 – कैमरे से संवाद
1. आपकी बातचीत यदि कैमरे से हो तो आप क्या-क्या बात करेंगे? अपनी कल्पना से नीचे दी गई चित्रकथा को पूरा कीजिए –

उत्तर:

पेज 124 – कलाकारी
1. नीचे दिए गए चित्रों के अनुसार स्टिक की सहायता से आप एक फोटो फ्रेम बनाइए और उसमें एक मनभावन फोटो लगाइए।

इस तैयार फोटो फ्रेम की प्रदर्शनी अपनी कक्षा में लगाइए।
उत्तर:

2. पहला चित्र देखकर दूसरा चित्र पूरा कीजिए। उसमें रंग भी भरिए।

उत्तर:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कैमरा कविता के कवि कौन हैं?
कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 10 ‘कैमरा’ कविता के रचयिता प्रकाश मनु हैं। उन्होंने इस कविता में एक बच्चे की जिज्ञासा और कैमरे के काम करने के तरीके को बहुत ही सरल, हास्यप्रद और बालमन के अनुकूल ढंग से प्रस्तुत किया है।
कैमरा कविता में बच्चे को यह भ्रम क्यों हुआ कि उसके अंदर कोई पेंटर छिपा है?
बच्चे ने देखा कि कैमरा क्लिक करते ही बिल्कुल वैसा ही चित्र बना देता है जैसी सामने की वस्तु या व्यक्ति दिखती है – मोटा-पतला, जैसा भी हो। यह नकल इतनी सटीक और तुरंत होती है कि बच्चे को लगा कि शायद अंदर कोई चित्रकार (पेंटर) बैठकर इतनी तेज़ी से हाथ से चित्र बना रहा है।
कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 10 में कविता के अतिरिक्त कौन-सी गतिविधियाँ दी गई हैं?
कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 10 में प्रश्नोत्तर के अलावा ‘शब्द खेल’ (पारिवारिक शब्दों की वर्ग पहेली और तुकांत शब्द), ‘कविता से आगे’ (सेल्फी और पुराने समय के चित्रों पर चर्चा), ‘कैमरे से संवाद’ (काल्पनिक चित्रकथा लिखना) और ‘कलाकारी’ (स्टिक से फोटो फ्रेम बनाना, अधूरा चित्र पूरा करना) जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ भी शामिल हैं।
कैमरा कविता से बच्चों को क्या सीख या जानकारी मिलती है?
यह कविता बच्चों को सरल शब्दों में प्रकाश और छाया के सिद्धांत से परिचित कराती है, जिसके आधार पर कैमरा किसी भी दृश्य की हूबहू तस्वीर खींच लेता है। साथ ही यह किसी नई चीज़ को देखकर सवाल पूछने और उसकी कार्यप्रणाली जानने की जिज्ञासा को भी प्रोत्साहित करती है, जो बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने में सहायक है।
