एनसीईआरटी समाधान कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 5 आसमान गिरा
एनसीईआरटी समाधान कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 5 आसमान गिरा एक रोचक कहानी है, जिसमें फल गिरने की आवाज सुनकर एक खरगोश डर जाता है और सोचता है कि आसमान गिर रहा है। यह सुनकर लोमड़ी, भालू, हाथी सभी बिना जाँचे-परखे भागने लगते हैं, पर शेर सूझबूझ से सच्चाई का पता लगाता है। इस अध्याय में बातचीत के लिए, पाठ के भीतर, भाषा की बात, ढूँढ़िए और गिनिए जैसी गतिविधियाँ दी गई हैं। यहाँ दिए गए समाधान विद्यार्थियों को प्रश्नों के उत्तर समझने में सहायक होंगे।
एनसीईआरटी कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 5 समाधान
पेज 53 – बातचीत के लिए
1. खरगोश को ऐसा क्यों लगा कि आसमान गिर रहा है? यदि आप खरगोश के स्थान पर होते तो क्या करते?
उत्तर:
खरगोश पेड़ के नीचे सो रहा था। अचानक “धम्म” की जोर की आवाज हुई, जिससे वह घबरा गया। उसने बिना देखे ही सोच लिया कि आसमान गिर रहा है। डर के कारण वह भागने लगा और दूसरों को भी डराने लगा। यदि मैं खरगोश के स्थान पर होता, तो पहले शांति से आसपास देखकर पता करता कि आवाज किस चीज़ की थी। बिना सोचे-समझे डरकर भागने के बजाय मैं सच जानने की कोशिश करता और दूसरों को भी सही जानकारी देता।
2. क्या आपने कभी आसमान से किसी वस्तु को गिरते हुए देखा है? अपने-अपने अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर:
हाँ, मैंने कई बार आसमान से चीजें गिरते हुए देखी हैं। जैसे पेड़ों से फल गिरना, बारिश के समय पानी की बूंदें और ओले गिरना और कभी-कभी तेज हवा में पत्ते टूटकर नीचे गिर जाते हैं। एक बार मैंने आम के पेड़ से पका हुआ आम गिरते देखा था, जिससे “धप्प” की आवाज आई थी। ऐसे अनुभव से पता चलता है कि हर आवाज का कारण होता है, इसलिए घबराना नहीं चाहिए।
3. यदि आप शेर के स्थान पर होते तो खरगोश को किस प्रकार समझाते? कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर:
यदि मैं शेर के स्थान पर होता, तो मैं खरगोश को प्यार से समझाता कि बिना देखे किसी बात पर विश्वास नहीं करना चाहिए। मैं उसे उस जगह ले जाकर दिखाता कि वहाँ केवल एक फल गिरा था, आसमान नहीं। मैं उसे यह भी बताता कि डर फैलाना गलत है और हमें हमेशा सच जानने की कोशिश करनी चाहिए। साथ ही, मैं उसे आगे से सावधानी से काम लेने की सलाह देता।
4. इस कहानी से मिलती-जुलती कोई दूसरी घटना या कहानी कक्षा में सुनाइए।
उत्तर:
इस कहानी से मिलती-जुलती एक कहानी “शेर आया, शेर आया” है। इसमें एक लड़का मज़ाक में बार-बार चिल्लाता है कि शेर आ गया है। गाँव वाले उसकी मदद के लिए दौड़ते हैं, लेकिन हर बार वह झूठ बोलता है। एक दिन सच में शेर आ जाता है, पर कोई उसकी बात पर विश्वास नहीं करता। इससे हमें सीख मिलती है कि झूठ बोलने या बिना कारण डर फैलाने से लोग हम पर विश्वास करना छोड़ देते हैं।
पेज 54 – पाठ के भीतर
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उचित उत्तर पर सही का चिंह लगाइए-

उत्तर:

पेज 54 – सोचिए और लिखिए
1. इस कहानी में किन-किन पात्रों का उल्लेख हुआ है? उनके नाम क्रम से लिखिए।
उत्तर:
इस कहानी में चार पात्रों का अहम् उल्लेख हुआ है। उसमें सबसे पहले खरगोश आया, फिर लोमड़ी, फिर भालू और अंत में शेर आया।
2. “आसमान गिर रहा है, भागो! भागो! जल्दी भागो!” ख़रगोश की यह बात सुनकर आपके अनुसार पशुओं को क्या करना चाहिए था?
उत्तर:
खरगोश कि बात सुनकर पशुओं को थोड़ा सोच-विचार करना चाहिए था, जैसे कि शेर ने किया था। खरगोश की बात की पूरी जानकारी लेकर और समझकर ही कोई कदम उठाना चाहिए था। उसकी फैलाई अफ़वाह पर नहीं चलाना चाहिए था।
3. कहानी में आपको कौन-सा पात्र सबसे अच्छा लगा और क्यों?
उत्तर:
कहानी में शेर का पात्र सबसे अच्छा था, क्योंकि उसने अपनी समझ का इस्तेमाल किया। उसने सभी पशुओं को रोक कर बारी-बारी से पूछा कि वे क्यों भाग रहे है। यदि वह ऐसा नहीं करता तो खरगोश द्वारा फैलाई गई अफवाह पुरे जंगल में अफरा-तफरी का माहौल बना देती।
4. यदि शेर भी भगदड़ में शामिल हो जाता और प्रश्न न पूछता तो क्या होता?
उत्तर:
यदि शेर भी भगदड़ में शामिल हो जाता और प्रश्न न पूछता तो पुरे जंगल के सभी जानवर इसमें शामिल होते रहते और यह अफ़वाह आग की तरह पुरे जगल में फैल जाती और कोई अप्रिय घटना अवश्य ही घट जाती। जंगल के छोटे जीव इस भगदड़ में मारे जा सकते थे।
पेज 55 – भाषा की बात
1. निम्नलिखित पंक्तियों को नीचे दिए गए उचित विराम चिह्नों की सहायता से पूरा कीजिए –
, ? ! ।
(क) अरे इतना बड़ा हाथी
(ख) मैंने खरगोश लोमड़ी भालू हाथी और शेर जंगल में देखे हैं
(ग) ये पुस्तकें किसकी हैं
(घ) वाह कितने सुंदर फूल हैं
उत्तर:
(क) अरे, इतना बड़ा हाथी!
(ख) मैंने खरगोश, लोमड़ी, भालू, हाथी और शेर जंगल में देखे हैं।
(ग) ये पुस्तकें किसकी हैं?
(घ) वाह, कितने सुंदर फूल हैं!
2. कहानी में एक कथन आया है –
“भागते-भागते उसे एक लोमड़ी मिली।” इस वाक्य में ‘भागते-भागते’ शब्द-युग्म का प्रयोग हुआ है।
अब निम्नलिखित शब्द-युग्मों की सहायता से एक-एक वाक्य लिखिए —
(क) इधर-उधर – ………………………………
(ख) कभी-कभी – ………………………………
(ग) टेढ़ी-मेढ़ी – ……………………………….
(घ) लंबे-चौड़े – ……………………………….
उत्तर:
(क) इधर-उधर – मैं इधर-उधर घूमकर अपने दोस्त को ढूँढ रहा था।
(ख) कभी-कभी – कभी-कभी हमें खेल के साथ पढ़ाई भी करनी चाहिए।
(ग) टेढ़ी-मेढ़ी – जंगल में टेढ़ी-मेढ़ी पगडंडी थी।
(घ) लंबे-चौड़े – मैदान में लंबे-चौड़े पेड़ लगे हुए थे।
3. निम्नलिखित वाक्यों को ध्यान से पढ़िए और दिए गए उदाहरण के अनुसार प्रश्न बनाइए –

उत्तर:

4. नीचे दिए गए शब्दों में मात्रा लगाकर और हटाकर नए-नए शब्द बनाइए। उदाहरण के अनुसार इन शब्दों से वाक्य बनाकर अपनी लेखन -पुस्तिका में लिखिए।

उत्तर:
मात्रा लगाकर/हटाकर नए शब्द और वाक्य —
(क) यह – यहाँ → यहाँ बहुत ठंड है।
कही – कह → वह सच कह रहा है।
(ख) भर – भरा → मेरा बैग किताबों से भरा है।
पढ़ी – पढ़ → मैं रोज़ किताब पढ़ता हूँ।
(ग) रह – रहा → वह स्कूल जा रहा है।
केला – कला → वह बांसुरी बजाने की कला जनता है।
(घ) फल – फूल → पेड़ से एक बड़ा फूल गिरा।
सेब – सब → हम सब मिलकर काम करते हैं।
5. आसमान पर आधारित कुछ मुहावरे नीचे दिए गए हैं। इन मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
(क) आसमान छूना (ख) आसमान गिरना
(ग) आसमान सिर पर उठाना (घ) जमीन-आसमान एक करना
उत्तर:
(क) आसमान छूना
अर्थ – बहुत ऊँचाई तक पहुँचना।
वाक्य – आजकल फलों के दाम आसमान छू रहे हैं।
(ख) आसमान गिरना
अर्थ – अचानक बड़ी मुसीबत आना।
वाक्य – परीक्षा में कम अंक आने पर उसे लगा जैसे आसमान गिर पड़ा हो।
(ग) आसमान सिर पर उठाना
अर्थ – बहुत शोर-शराबा करना।
वाक्य – बच्चों ने खेलते-खेलते आसमान सिर पर उठा लिया।
(घ) जमीन-आसमान एक करना
अर्थ – बहुत मेहनत करना।
वाक्य – उसने अपने लक्ष्य को पाने के लिए जमीन-आसमान एक कर दिया।
6. चित्र देखकर वाक्य लिखिए –

उत्तर:

पेज 57 – अनुमान और कल्पना
1. कल्पना कीजिए कि यदि खरगोश के स्थान पर शेर और शेर के स्थान पर खरगोश होता तो क्या होता। अपनी कहानी बनाइए और कक्षा में सहपाठियों को सुनाइए।
उत्तर:
यदि खरगोश की जगह शेर होता, तो वह “धम्म” की आवाज सुनकर तुरंत डरता नहीं। वह पहले ध्यान से देखता कि आवाज कहाँ से आई है। उसे पता चलता कि पेड़ से एक फल गिरा है, न कि आसमान। दूसरी ओर, यदि शेर की जगह खरगोश होता, तो वह भी बिना सोचे-समझे डरकर भाग जाता और दूसरों को भी डराता। इस प्रकार सभी जानवर बिना कारण डर जाते। इस कहानी से सीख मिलती है कि समझदारी से काम लेना चाहिए और बिना जांच किए किसी बात पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
2. कहानी में खरगोश कुछ गिरने की ध्वनि सुनकर घबरा गया। यदि ऐसी ही ध्वनि हाथी ने सुनी होती तो क्या वह भी इतना घबराता? सोचिए और अपनी बात सहपाठियों को सुनाइए।
उत्तर:
नहीं, हाथी इतना घबराता नहीं। हाथी एक बड़ा और समझदार जानवर होता है। वह पहले उस जगह को ध्यान से देखता और समझने की कोशिश करता कि आवाज किस चीज़ की है। वह बिना कारण भागता नहीं और दूसरों को भी शांत रहने के लिए कहता। इसलिए हाथी डरने के बजाय समझदारी से काम लेता और सच्चाई जानने की कोशिश करता।
3. यदि खरगोश के स्थान पर कौआ चौंक जाता और उड़ने लगता तो उसे रास्ते में कौन-कौन मिलता और उससे क्या-क्या पूछता? कल्पना कीजिए और एक कहानी सुनाइए।
उत्तर:
यदि खरगोश की जगह कौआ होता, तो वह “धम्म” की आवाज सुनकर उड़ जाता। उड़ते-उड़ते उसे तोता, कबूतर और मैना मिलते। वे उससे पूछते, “तुम इतनी जल्दी में कहाँ जा रहे हो?” कौआ कहता, “आसमान गिर रहा है, जल्दी भागो!” यह सुनकर सभी पक्षी डर जाते और उसके साथ उड़ने लगते। तभी रास्ते में एक बुद्धिमान उल्लू मिलता। वह उन्हें रोककर पूछता और सच्चाई जानने के लिए उस जगह पर जाता। वहाँ पहुँचकर पता चलता कि केवल एक फल गिरा था। तब सभी पक्षी हँसते हैं और कौए को समझाते हैं कि बिना देखे डरना नहीं चाहिए।
पेज 58 – ढूँढिए और गिनिए
नीचे दिखाए गए चित्र में पात्रों की संख्या गिन कर रिक्त स्थान पर लिखिए — कौन कितनी बार आया?

उत्तर:

पेज 58 – कलाकारी
1. दिए गए चित्र में रंग भरिए –

उत्तर:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आसमान गिरा अध्याय को एक दिन में कैसे पूरा करें?
यह एक छोटी और सरल कहानी है, इसे एक दिन में आसानी से पूरा किया जा सकता है। पहले कहानी को ध्यान से पढ़कर समझें, फिर बातचीत के लिए, पाठ के भीतर, सोचिए और लिखिए, भाषा की बात जैसी गतिविधियों को क्रमशः हल करें। रोज़ाना 30-40 मिनट देने पर यह अध्याय सरलता से पूरा हो जाता है।
क्या आसमान गिरा अध्याय कठिन है?
नहीं, आसमान गिरा अध्याय कठिन नहीं है। यह कक्षा 4 के स्तर के अनुसार सरल भाषा में लिखी गई एक रोचक कहानी है, जिसमें जानवरों के माध्यम से एक सरल किंतु महत्वपूर्ण सीख दी गई है। बच्चे इसे आसानी से समझ और याद कर सकते हैं।
आसमान गिरा कहानी में कौन-कौन से पात्र हैं?
इस कहानी में मुख्य रूप से खरगोश, लोमड़ी, भालू, हाथी और शेर पात्रों के रूप में शामिल हैं। खरगोश सबसे पहले डरता है, और अंत में शेर अपनी सूझबूझ से सच्चाई का पता लगाता है।
आसमान गिरा कहानी से क्या सीख मिलती है?
इस कहानी से यह सीख मिलती है कि बिना जाँचे-परखे किसी बात पर विश्वास करके घबराना नहीं चाहिए। किसी भी समस्या का सामना धैर्य और सूझबूझ से करना चाहिए, जैसे शेर ने किया, न कि बिना सोचे-समझे भागकर।
