एनसीईआरटी समाधान कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 3 नीम
एनसीईआरटी समाधान कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 3 नीम, कवि हरीश निगम द्वारा रचित एक भावपूर्ण कविता है, जिसमें नीम के वृक्ष के गुणों, चिड़ियों के प्रति उसके स्नेह और औषधीय महत्व का सुंदर वर्णन किया गया है। इस अध्याय में बातचीत के लिए, पाठ के भीतर, भाषा की बात, अभिनय, मैं नीम हूँ और बूझो तो जानें जैसी रोचक गतिविधियाँ दी गई हैं। यहाँ दिए गए समाधान विद्यार्थियों को प्रश्नों के उत्तर समझने और परीक्षा की तैयारी में सहायक होंगे।
एनसीईआरटी कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 3 समाधान
पेज 28 – बात-चीत के लिए
1. नीम के बारे में आप क्या-क्या जानते हैं?
उत्तर:
नीम का पेड़ केवल एक पेड़ नहीं है। यह हमारी दूषित वायु को भी शुद्ध बनता है। मीठी-मीठी निबोरियों के साथ हमें ठंडी-ठंडी छाया भी हमें देता है। नीम के पेड़ से बहुत सी आयुवैदिक ओषधियों भी तैयार की जाती है। नीम का पेड़ मनुष्य के साथ-साथ पशु-पक्षियों को भी बहुत कुछ देता है।
2. आपने अपने परिवेश में बहुत से पेड़-पौधे देखे होंगे। कुछ के नाम बताइए।
उत्तर:
संसार में आज भी लाखों पेड़-पौधे जीवित है। उन्हीं में से मनुष्य ने अपनी-अपनी पसंद और आवश्यता के अनुसार अपने परिवेश में आज भी संभाल के रखा है। बहुत से पेड़-पोधे जैसे गुलाब, चमेली कि बेल, कनेर, सूरजमुखी, मोगरा और गेंदे हर घर में देखे जा सकते है। हमारे घर में अशोक, नीम, पपीते, अनार और जामुन आदि पेड़ आज भी है।
3. आप विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों की पहचान किस आधार पर कर पाते हैं?
उत्तर:
पेड़-पौधे की पहचान उसमें आने वाली पत्तियाँ, फल, फुल, खुशबू और उनके गुणों आदि से की जा सकती है।
4. पेड़-पौधों से जुड़ा अपना कोई अनुभव सुनाइए, जैसे आपने कोई पौधा लगाया हो या किसी वृक्ष की छाया के नीचे आप खेलते हों।
उत्तर:
पेड़-पौधे हमारे जीवन में बहुत करीबी भूमिका निभाते है। हमारे घर में भी एक नीम का पेड़ था, जिसके साथ हम सुबह और शाम को अक्सर खेला करते थे। बहुत बार तो हम अपने दातों के लिए नीम कि दातून का इस्तेमाल करते थे। गर्मियों के दिनों में उसकी ठंडी-ठंडी छाया का आनंद लेते थे।
5. आपको सबसे अच्छा पेड़ कौन-सा लगता है? आपको यही पेड़ सबसे अच्छा क्यों लगता है?
उत्तर:
मुझे सबसे अच्छा पेड़ आम का लगता है। यह छाया के साथ-साथ मीठे-मीठे फल भी देता है। गर्मियों के दिनों में मुझे आम खाना बहुत पसंद है यह मेरा मनपसंद फल भी है। कच्चे आम से मेरे घर में अचार भी बनाया जाता है।
पेज 28 – पाठ के भीतर
1. नीम कविता में किन पक्षियों के नाम आए हैं? उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
नीम कविता में चिड़िया, तोता और कौआ पक्षियों के नाम आया है।
2. नीम से किन-किन रोंगों में लाभ हो सकता है? किन्हीं तीन के नाम पता करके लिखिए।

उत्तर:
नीम का उपयोग अनेकों रोगों के लिए किया जाता है। चोट की दवाई, खाज-खुजली, चरम रोग और फोड़े-फुन्सी आदि रोगों में नीम का लाभ मिल सकता है।

3. नीम का वृक्ष सबका मन कैसे बहलाता है?
उत्तर:
नीम पर रहने वाले पक्षियों को घर के लिए स्थान देता है किसी भी पक्षी से कोई भेदभाव नहीं करता, कड़वे तन का होने के बौजूद नीम का मन कितना मीठा है, और सबसे बड़ी बात नीम किसी से कुछ मांगे बिना हम सभी को कितना कुछ देता है।
4. कविता की निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़िए –
“चिड़िया, कौआ, तोता सबसे
अपना नेह जताता नीम”
इन पंक्तियों में रेखांकित शब्द ‘नेह’ का भाव है – प्यार व स्नेह। अब निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए —
(क) नीम का वृक्ष पक्षियों से अपना नेह किस प्रकार जताता है?
उत्तर:
नीम का वृक्ष पक्षियों से अपना नेह उन्हें रहने के लिए सुरक्षित स्थान देकर जताता है। उसकी घनी शाखाएँ और पत्तियाँ पक्षियों को घोंसला बनाने में मदद करती हैं। पक्षी उसमें बैठकर आराम करते हैं, खेलते हैं और अपना समय बिताते हैं। नीम उन्हें छाया, ठंडी हवा और सुरक्षा देता है। इस प्रकार वह बिना कुछ लिए पक्षियों का ध्यान रखकर अपना प्यार और स्नेह दिखाता है।
(ख) आपके परिवार के सदस्य और अध्यापक आपसे अपना नेह किस प्रकार जताते हैं?
उत्तर:
आपके परिवार के सदस्य और अध्यापक आपसे अपना नेह किस प्रकार जताते हैं?
मेरे परिवार के सदस्य मुझसे प्यार और स्नेह मेरी देखभाल करके जताते हैं। वे मुझे अच्छा भोजन देते हैं, पढ़ाई में मदद करते हैं और मेरी खुशी का ध्यान रखते हैं। जब मैं बीमार होता हूँ तो वे मेरी सेवा करते हैं। मेरे अध्यापक भी मुझे अच्छी शिक्षा देते हैं, मुझे समझाते हैं और सही मार्ग दिखाते हैं। वे मेरी गलतियों को सुधारते हैं और मुझे प्रोत्साहित करते हैं। इस तरह वे अपना नेह जताते हैं।
5. नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए —
“चले प्रदूषित वायु कभी तो
उसको शुद्ध बनाता नीम”
(क) ‘प्रदूषित वायु’ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
प्रदूषित वायु वह हवा होती है जिसमें धूल, धुआँ, गंदगी और हानिकारक गैसें मिल जाती हैं। यह वायु कारखानों, वाहनों और कचरा जलाने से खराब हो जाती है। ऐसी हवा हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है और इससे सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए इसे प्रदूषित वायु कहा जाता है।
(ख) वृक्ष प्रदूषित वायु को कैसे शुद्ध बनाते हैं?
उत्तर:
वृक्ष प्रदूषित वायु को शुद्ध बनाने में बहुत मदद करते हैं। वे हवा में मौजूद हानिकारक गैसों को अपने अंदर ले लेते हैं और बदले में ऑक्सीजन छोड़ते हैं। उनकी पत्तियाँ धूल और गंदगी को भी रोक लेती हैं। इस प्रकार पेड़-पौधे वातावरण को साफ और शुद्ध बनाते हैं, जिससे हमें स्वच्छ हवा मिलती है।
6. नीचे लिखे भाव कविता की किन पंक्तियों में आए हैं?
(क) “नीम का वृक्ष डॉक्टर नहीं है, फिर भी बहुत सारे रोगों को भगाता है।”
कविता की पंक्ति – ……………………………………
…………………………………………………
(ख) “नीम का वृक्ष दिनभर प्रसन्न रहता है।”
कविता की पंक्ति – ……………………………………
उत्तर:
(क) “नीम का वृक्ष डॉक्टर नहीं है, फिर भी बहुत सारे रोगों को भगाता है।”
कविता की पंक्ति –
नहीं डॉक्टर फिर भी देखो,
कितने रोग भगाता नीम।
(ख) “नीम का वृक्ष दिनभर प्रसन्न रहता है।”
कविता की पंक्ति –
दिनभर हँसता-गाता नीम।
पेज 30 – भाषा की बात
1. नीचे लिखे वाक्यों पर ध्यान दीजिए –

(क) अब इस कविता में आए उन शब्दों को लिखिए जिनसे पता चलता है कि नीम पुल्लिंग है।

उत्तर:
कविता में आए वे शब्द जिनसे पता चलता है कि नीम पुल्लिंग है –

(ख) नीचे रखी टोकरी में बहुत से फल और साग-भाजी दिखाए गए हैं। इन्हें स्त्रीलिंग और पुल्लिंग की श्रेणी में रखिए।

उत्तर:

2. ‘प्रदूषित’ शब्द में ‘प्र’ लगा है। ऐसे ही कुछ और शब्द ढूँढ़कर नीचे लिखिए।

उत्तर:
प्रदूषित, प्रकाश, प्रगति, प्रयास, प्रकृति, प्रदर्शन

पेज 32 – वृक्ष एक, गुण अनेक
1. वृक्षों की बहुत-सी विशेषताएँ होती हैं, उन विशेषताओं को लिखिए।

उत्तर:

2. नीचे कुछ वृक्षों/पौधों की पत्तियों के चित्र हैं। उनके नाम उलट-पुलट गए हैं। उन्हें पहचानकर मिलान कीजिए। अपनी भाषा में भी उनके नाम पता करके लिखिए।

उत्तर:

3. नीचे दी गई पत्तियों को पहचानिए और इनके नाम तथा विशेषताएँ अपने अध्यापकों तथा अभिभावकों की सहायता से लिखिए —

उत्तर:

4. आपके परिवेश में जो भी पत्ते दिखते हैं, उनका संग्रहण कीजिए। पत्तों को किसी मोटे कागज़ पर चिपकाइए। उनकी विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए उनके बारे में दो-दो वाक्य लिखिए।
उत्तर:
मैंने अपने घर और स्कूल के आस-पास घूमकर कुछ पत्ते इकट्ठा किए और उन्हें एक मोटे कागज़ पर गोंद से चिपका दिया। फिर मैंने हर पत्ती को ध्यान से देखकर उसके बारे में दो-दो वाक्य लिखे हैं:
- आम की पत्ती
मैंने यह पत्ती अपने घर के आँगन में लगे आम के पेड़ से तोड़ी। यह पत्ती लंबी, नुकीली और गहरे हरे रंग की होती है, इसे हम त्योहारों पर बंदनवार बनाने में लगाते हैं। - नीम की पत्ती
यह पत्ती मैंने अपनी नानी के घर के पास वाले नीम के पेड़ से ली। इसकी पत्तियाँ किनारों से कटी-कटी होती हैं और स्वाद में कड़वी होती हैं, फिर भी ये हमें कई बीमारियों से बचाती हैं। - तुलसी की पत्ती
यह पत्ती मैंने अपने घर के आँगन में रखे तुलसी के पौधे से तोड़ी। इसकी पत्तियाँ छोटी और बहुत सुगंधित होती हैं, इसलिए मेरी माँ रोज़ सुबह इसकी पूजा करती हैं। - केले की पत्ती
यह पत्ती मुझे स्कूल जाते समय रास्ते में केले के पेड़ के नीचे गिरी हुई मिली। यह पत्ती इतनी बड़ी और चौड़ी होती है कि हम इस पर खाना भी परोस सकते हैं। - पीपल की पत्ती
यह पत्ती मैंने मंदिर के पास वाले पीपल के पेड़ से चुनी। इसका आकार दिल जैसा और आगे से नुकीला होता है, और जब हवा चलती है तो इसकी पत्तियाँ सरसराने लगती हैं।
इस गतिविधि को करके मुझे बहुत मज़ा आया। मैंने जाना कि हर पेड़ की पत्ती का आकार, रंग और उपयोग अलग-अलग होता है। अब जब भी मैं बाहर खेलने जाऊँगा, तो पेड़-पौधों को और ध्यान से देखूँगा।
पेज 35 – मैं नीम हूँ
1. नीचे नीम के बारे में कुछ आधे-अधूरे वाक्य लिखे हैं। सहपाठियों से चर्चा करके इन वाक्यों को पूरा कीजिए –

उत्तर:

2. आपने नीम के बहुत से गुणों के बारे में जाना। इसकी टहनियों, पत्तियों, निबौरियों में औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसलिए इसे औषधीय गुण भी कहते हैं। अपने सहपाठियों से चर्चा करके कुछ और औषधीय पेड़-पौधों एवं लताओं के नाम नीचे लिखिए —

उत्तर:

3. आप नीम की डालियों पर रस्सी डालकर झूला झूलने का आनंद लेना चाहते हैं। आप वहाँ झूला डालने गए। कल्पना कीजिए कि नीम की डालियाँ आपसे बातें करने लगीं। उस संवाद को लिखिए —
नीम – अरे! बहुत दिन बाद आई/आए हो!
आप – ……………………………..
नीम – ……………………………..
आप – ……………………………..
नीम – ……………………………..
आप – ……………………………..
उत्तर:
नीम – अरे! बहुत दिन बाद आए हो!
आप – हाँ नीम जी, मैं आज आपके पेड़ पर झूला झूलने आया हूँ।
नीम – बहुत अच्छा! लेकिन ध्यान से झूला डालना, मेरी डालियाँ कमजोर न हों।
आप – जी, मैं सावधानी से झूला डालूँगा और आपको कोई नुकसान नहीं पहुँचाऊँगा।
नीम – ठीक है, फिर खूब आनंद से झूला झूलो और मेरे साथ ठंडी हवा का मजा लो।
आप – धन्यवाद नीम जी! मैं आपके साथ झूला झूलकर बहुत खुश हूँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नीम अध्याय को एक दिन में कैसे पूरा करें?
नीम एक छोटी और सरल कविता है, इसलिए इसे एक दिन में आसानी से पूरा किया जा सकता है। पहले कविता को ध्यान से पढ़कर उसका भावार्थ समझें, फिर बातचीत के लिए, पाठ के भीतर, भाषा की बात जैसी गतिविधियों को क्रमशः हल करें। रोज़ाना 30-40 मिनट देने पर यह अध्याय सरलता से पूरा हो जाता है।
क्या नीम अध्याय कठिन है?
नहीं, नीम अध्याय कठिन नहीं है। यह कक्षा 4 के स्तर के अनुसार सरल और रोज़मर्रा के शब्दों में लिखी गई एक छोटी कविता है। थोड़े अभ्यास और शिक्षक या अभिभावक की सहायता से बच्चे इसे आसानी से समझ और याद कर सकते हैं।
नीम कविता के कवि कौन हैं?
‘नीम’ कविता के रचयिता हरीश निगम हैं। इस कविता में उन्होंने नीम के वृक्ष के औषधीय गुणों, उसकी छाया और पक्षियों के प्रति उसके स्नेह का सजीव चित्रण किया है।
नीम कविता का मुख्य संदेश क्या है?
इस कविता का मुख्य संदेश यह है कि नीम का वृक्ष बिना कुछ लिए सभी को कुछ-न-कुछ देता है – चाहे वह शुद्ध हवा हो, रोगों से मुक्ति हो या पक्षियों को आश्रय। यह कविता निःस्वार्थ भाव से दूसरों की भलाई करने की सीख देती है।
