एनसीईआरटी समाधान कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 जयपुर से पत्र

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 जयपुर से पत्र में अमर नामक विद्यार्थी अपने पिताजी को जयपुर यात्रा का हाल पत्र के रूप में सुनाता है। हवामहल, जंतर-मंतर, रामनिवास बाग, आमेर का दुर्ग और शीशमहल की सैर के साथ-साथ दाल-बाटी चूरमा का स्वाद भी इस पत्र में घुला हुआ है। पाठ के साथ डाक पेटी, पिनकोड और पत्र-लेखन की विधि भी सिखाई गई है। नीचे दिए गए समाधान हर अभ्यास को सरल भाषा में हल करने में मदद करेंगे।

एनसीईआरटी कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 समाधान

पेज 64 – बातचीत के लिए

1. आपको घूमना कैसा लगता है?

उत्तर:
मुझे घूमना बहुत अच्छा लगता है। जब हम नई-नई जगहों पर जाते हैं, तो हमें बहुत कुछ नया देखने और सीखने को मिलता है। घूमने से मन खुश रहता है और हमें प्रकृति की सुंदरता का आनंद मिलता है। मुझे अपने परिवार के साथ घूमना सबसे ज्यादा पसंद है।

2. अगर आपके आस-पास कोई ऐसा स्‍थान है जहाँ बाहर से लोग घूमने आते हैं तो उसके विषय में बताइए।

उत्तर:
मेरे आस-पास एक सुंदर पार्क और मंदिर है, जहाँ बहुत से लोग घूमने आते हैं। वहाँ हरियाली, फूल और साफ-सुथरा वातावरण होता है। लोग वहाँ सुबह-शाम टहलने आते हैं और बच्चे खेलते हैं। त्योहारों के समय वहाँ और भी अधिक भीड़ होती है।

3. अगर आपको किसी स्‍थान पर जाने का अवसर मिले तो आप कहाँ जाना चाहेंगे और क्यों?

उत्तर:
अगर मुझे कहीं जाने का अवसर मिले तो मैं जयपुर जाना चाहूँगा। वहाँ के महल, किले और खासकर हवामहल और जंतर-मंतर बहुत प्रसिद्ध हैं। मैं वहाँ की संस्कृति और भोजन जैसे दाल-बाटी चूरमा का स्वाद भी लेना चाहता हूँ।

4. यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य कहीं पर घूमने गया हो तो उसके विषय में बताइए।

उत्तर:
एक बार मैं अपने परिवार के साथ पहाड़ों पर घूमने गया था। वहाँ का मौसम बहुत ठंडा और सुहावना था। हमने वहाँ पहाड़, झरने और जंगल देखे। हमने बहुत सारी फोटो भी खींची और बहुत मज़ा किया। यह यात्रा मेरे लिए बहुत यादगार रही।

पेज 64 – समझ की बात

1. नीचे कुछ बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं। प्रश्नों के उत्तर में एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं। सही विकल्प चुने-

कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 पेज 64 - समझ की बात

उत्तर:

कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 पेज 64 - समझ की बात - के उत्तर

पेज 65 – अपनी बात

अमर के पत्र का एक अशं नीचे दिया गया है। इसे ध्यान से पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्‍नों के उत्तर अपनी समझ के अनसार लिखिए –

“परसों रात को हम सकुशल जयपुर पहुँच गए।
हमारी यात्रा बहुत अच्छी रही। अध्यापकों ने
हमारा बहुत ध्यान रखा। यहाँ मौसम अच्छा है।”

यात्रा में ऐसा क्या-क्या हुआ होगा कि अमर ने अपने पत्र में लिखा —
(क) परसों रात को हम सकुशल जयपुर पहुँच गए।
उत्तर:
यात्रा के दौरान बस या ट्रेन ठीक से चली होगी और रास्ते में कोई दुर्घटना या परेशानी नहीं हुई होगी। सभी बच्चे सुरक्षित और समय पर जयपुर पहुँच गए अब किसी बात की चिंता न करें, इसलिए अमर ने ऐसा लिखा।

(ख) हमारी यात्रा बहुत अच्छी रही।
उत्तर:
यात्रा के समय बच्चों ने खेल-कूद किया होगा, गाने गाए होंगे और रास्ते के सुंदर दृश्य देखे होंगे। उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई होगी, इसलिए यात्रा आनंददायक रही होगी।

(ग) अध्यापकों ने हमारा बहुत ध्यान रखा।
उत्तर:
अध्यापकों ने बच्चों को समय-समय पर खाना खिलाया होगा, उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा होगा और उन्हें कहीं भटकने नहीं दिया होगा। वे बच्चों के साथ हर समय रहे होंगे।

(घ) यहाँ मौसम अच्छा है।
उत्तर:
जयपुर पहुँचने पर वहाँ का मौसम ठंडा, साफ और सुहावना रहा होगा। न ज्यादा गर्मी थी और न ही ज्यादा ठंड, इसलिए अमर को मौसम अच्छा लगा।

पेज 66 – सोचिए और लिखिए

1. अमर ने जयपुर में क्या-क्या देखा?

उत्तर:
अमर ने जयपुर में सबसे पहले हवामहल देखा था। फिर इसके बाद हवामहल के पास ही एक वेधशाला जंतर-मंतर है वह देखा। अंत में रामनिवास बाग के कला-संग्रहालय देखा। यह एक दर्शनीय संग्रहालय है, जहाँ राजा-महाराजाओं के कपड़े, अस्त्र-शस्त्र और चित्र रखे हुए हैं।

2. उसने कला-संग्रहालय को दर्शनीय क्यों बताया?

उत्तर:
रामनिवास बाग के कला-संग्रहालय देखने योग्य था क्योंकि यह एक दर्शनीय संग्रहालय है, जहाँ आज भी राजा-महाराजाओं के कपड़े, अस्त्र-शस्त्र और चित्र सजा के रखे हुए हैं।

3. उसने आमेर के दुर्ग को बहुत बड़ा और पुराना क्यों कहा है?

उत्तर:
उसने आमेर के दुर्ग को बहुत बड़ा और पुराना इसलिए कहा है क्योंकि यह एक विशाल और भव्य किला है, जिसे कई शताब्दियों पहले बनाया गया था। इसकी ऊँची दीवारें, मजबूत निर्माण, और ऐतिहासिक महत्व इसे खास बनाते हैं। यह राजाओं की गौरवशाली विरासत को दर्शाता है।।

पेज 66 – अनुमान और कल्पना

1. निम्नलिखित के बारे में अनुमान लगाइए कि ये क्या और कैसे होंगे?

(क) जंतर-मंतर (ख) रामनिवास बाग
(ग) शीशमहल (घ) हवामहल
उत्तर:
(क) जंतर-मंतर: जंतर-मंतर एक ऐसी जगह होगी जहाँ बड़े-बड़े यंत्र लगे होते होंगे। इन यंत्रों की मदद से सूर्य, चाँद और तारों की स्थिति देखी जाती होगी। यह जगह खुली और वैज्ञानिक उपकरणों से भरी हुई होगी।
(ख) रामनिवास बाग: रामनिवास बाग एक सुंदर बगीचा होगा। वहाँ बहुत सारे पेड़-पौधे, फूल और हरी घास होगी। लोग वहाँ घूमने, बैठने और आराम करने आते होंगे। वहाँ बच्चों के खेलने की भी जगह होगी।
(ग) शीशमहल: शीशमहल एक बहुत सुंदर महल होगा जिसमें चारों तरफ शीशे लगे होंगे। जब रोशनी पड़ती होगी तो वह चमकता होगा और बहुत आकर्षक दिखाई देता होगा। अंदर का दृश्य बहुत शानदार होगा।
(घ) हवामहल: हवामहल एक ऊँची और खास तरह की इमारत होगी जिसमें बहुत सारी खिड़कियाँ होंगी। इन खिड़कियों से ठंडी हवा आती होगी, इसलिए इसे हवामहल कहा जाता होगा। यह बहुत सुंदर और अनोखा दिखता होगा।

2. अनुमान लगाकर बताइए कि उदयपुर को झीलों का नगर क्यों कहा जाता है?

उत्तर:
उदयपुर को झीलों का नगर इसलिए कहा जाता है क्योंकि वहाँ कई सुंदर और बड़ी झीलें हैं, जैसे पिछोला झील, फतेहसागर झील और उदयसागर झील। ये झीलें नगर की सुंदरता बढ़ाती हैं और वहाँ के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए इसे “झीलों का नगर” कहा जाता है।

पेज 67 – आपकी रूचि का व्‍यंजन

अब आप अपने रूचिकर व्यंजनों में से किसी एक के विषय में बताइए जो आपके घर में विशेष अवसरों पर बनाया जाता है। संक्षेप में बताइए कि यह कैसे तैयार किया जाता है और इसमें क्या -क्या सामग्री डाली जाती है।
उत्तर:
मेरा पसंदीदा व्यंजन खीर है, जो हमारे घर में विशेष अवसरों पर बनाया जाता है। यह बहुत स्वादिष्ट और मीठा होता है।
खीर बनाने के लिए सबसे पहले दूध को उबाला जाता है। फिर उसमें धुले हुए चावल डाले जाते हैं और धीमी आँच पर पकाया जाता है। जब चावल अच्छे से पक जाते हैं, तब उसमें चीनी डाली जाती है। इसके बाद इसमें इलायची, बादाम और काजू जैसे सूखे मेवे मिलाए जाते हैं। कुछ समय तक पकाने के बाद खीर गाढ़ी और स्वादिष्ट बन जाती है। इसे ठंडा या गरम दोनों तरह से खाया जा सकता है। मुझे यह व्यंजन बहुत पसंद है।

पेज 70 – अभिवादन

1. अमर ने अपने पिता को पत्र में ‘सादर प्रणामʼ लिखा है। सोचिए वह क्या लिखता यदि वह –

(क) अपने मित्र को पत्र लिखता ………………………..
(ख) अपनी बहन को पत्र लिखता ……………………….
(ग) अपनी माँ को पत्र लिखता …………………………
(घ) अपने अध्यापक को पत्र खता ……………………….
उत्तर:
(क) अपने मित्र को पत्र लिखता – प्रिय मित्र, नमस्ते!
(ख) अपनी बहन को पत्र लिखता – प्रिय बहन, स्नेह!
(ग) अपनी माँ को पत्र लिखता – पूज्य माताजी, सादर प्रणाम!
(घ) अपने अध्यापक को पत्र लिखता – आदरणीय अध्यापक जी, सादर प्रणाम!

2. आप अपने मित्र को पत्र लिखिए। पत्र में आस-पास के भ्रमण-स्‍थलों और प्रसिद्ध व्‍यं जनों के बारे में बताइए।

उत्तर:
दिनांक: 18 अप्रैल, 2026
प्रिय मित्र रोहन,
नमस्ते!
मैं यहाँ दिल्ली में बहुत अच्छा हूँ। आशा है तुम भी ठीक होगे।
मैं तुम्हें अपने शहर के कुछ सुंदर घूमने की जगहों के बारे में बताना चाहता हूँ। पिछले रविवार को मैं अपने माता-पिता के साथ लाल किला देखने गया। वह बहुत बड़ा और सुंदर है। वहाँ से पूरा पुराना दिल्ली दिखता है। हम इंडिया गेट भी गए। वहाँ हरी-हरी घास पर बैठकर बहुत मज़ा आया।
दिल्ली के खाने की बात करूँ तो यहाँ की छोले-भटूरे बहुत मशहूर हैं। चाँदनी चौक की जलेबी और परांठे भी बहुत स्वादिष्ट होते हैं। मैंने तो एक बार में चार जलेबियाँ खा लीं!
तुम कभी दिल्ली आओ तो मैं तुम्हें सब जगह घुमाऊँगा और खिलाऊँगा।
जल्दी पत्र लिखना।
तुम्हारा मित्र,
अमन

पेज 70 – भाषा की बात

1. नीचे दिए गए उदाहरण को ध्यान से पढ़िए। अब आप भी उसी प्रकार नए शब्द बनाकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए –

कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 पेज 70 - भाषा की बात - प्रश्न 1

उत्तर:

कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 पेज 70 - भाषा की बात - प्रश्न 1 का उत्तर

2. नीचे दिए गए वाक्‍य को ध्यान से पढ़िए –

हमने घूम-घूमकर जंतर-मंतर देखा।

अब इन्हें आगे बढ़ाइए —
हमने झूम-झूमकर ………………………..
हमने कूद-कूदकर ………………………..
हमने उछल-उछलकर ……………………..
हमने …………………………………
उत्तर:
हमने झूम-झूमकर गाने गाए।
हमने कूद-कूदकर खेल खेला।
हमने उछल-उछलकर खूब मस्ती की।
हमने हँस-हँसकर यात्रा का आनंद लिया।

3. तालिका को ध्यान से पढ़कर उपयुक्‍त वाक्य लिखिए –

कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 पेज 70 - भाषा की बात - प्रश्न 3

उत्तर:

कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 पेज 70 - भाषा की बात - प्रश्न 3 का उत्तर

4. पत्र में आए शब्दों को वर्ग पहेली से खोजकर लिखिए –

कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 पेज 70 - भाषा की बात - प्रश्न 4

उत्तर:

कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 पेज 70 - भाषा की बात - प्रश्न 4 का उत्तर

5. पत्र में संग्रहालय शब्द आया है। ऐसे और भी शब्द पता कीजिए, जैसे– विद्यालय। उन्हें समझिए और अपनी लेखन-पुस्तिका में उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।

…..विद्यालय….. …………………. …………………. ………………….
…………………. …………………. …………………. ………………….
उत्तर:
शब्द :
विद्यालय, व्यायामालय, देवालय,
जलाशय, हिमालय, न्यायालय,
चिकित्सालय, पुस्तकालय,

वाक्यों में प्रयोग:

  1. मैं हर रोज़ विद्यालय जाता हूँ।
  2. मेरे पिताजी रोज़ व्यायामालय जाते हैं।
  3. माँ देवालय में पूजा करती हैं।
  4. जलाशय में बहुत मछलियाँ थीं।
  5. हिमालय भारत का गौरव है।
  6. न्यायालय में सबको न्याय मिलता है।
  7. दादाजी चिकित्सालय में डॉक्टर के पास गए।
  8. मैं पुस्तकालय से किताब लाया।

पेज 73 – पता लगाइए

1. जंतर-मंतर क्या है? भारत में यह जयपुर के अतिरिक्त और कहाँ-कहाँ स्थित है?

उत्तर:
जंतर-मंतर एक प्राचीन खगोलीय वेधशाला है, जिसे आकाशीय पिंडों की गति, समय और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को मापने के लिए बनाया गया था। इसे महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने 18वीं शताब्दी में बनवाया था। जयपुर के अतिरिक्त जंतर-मंतर भारत में दिल्ली, वाराणसी, उज्जैन और मथुरा में भी स्थित हैं।

2. आपके राज्य में कौन-कौन से दर्शनीय स्थल हैं? उनका संक्षिप्त परिचय दीजिए।

उत्तर:
हमारे राज्य दिल्ली में कई प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल हैं। कुछ प्रमुख स्थलों का संक्षिप्त परिचय:

  • लाल किला – मुगल सम्राट शाहजहाँ द्वारा बनवाया गया यह किला लाल पत्थरों से बना है और भारत के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
  • कुतुब मीनार – यह विश्व की सबसे ऊँची ईंट से बनी मीनार है, जो कुतुबुद्दीन ऐबक ने बनवानी शुरू की थी।
  • इंडिया गेट – यह एक युद्ध स्मारक है, जो प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की स्मृति में बनाया गया था।
  • हुमायूँ का मकबरा – यह मुगल वास्तुकला का सुंदर उदाहरण है और ताजमहल से पहले की प्रेरणा माना जाता है।
  • अक्षरधाम मंदिर – आधुनिक समय में बना यह भव्य मंदिर अपनी वास्तुकला, सांस्कृतिक प्रदर्शनी और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है।
  • राजघाट – यह महात्मा गांधी की समाधि स्थल है, जहाँ उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।
  • जंतर-मंतर – एक प्राचीन खगोलीय वेधशाला, जहाँ आकाशीय घटनाओं का अध्ययन किया जाता था।

ये स्थल दिल्ली के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व को दर्शाते हैं।

पेज 73 – कुछ कीजिए

1. अपने शिक्षक या किसी बड़े सदस्य के साथ डाकघर जाइए। वहाँ क्या -क्या काम किए जाते हैं, इसकी जानकारी एकत्रित कीजिए।

उत्तर:
मैं अपने बड़े सदस्य दादा जी के साथ डाकघर गया। वहाँ कई तरह के काम किए जाते हैं:

  • डाकघर में लोग चिट्ठियाँ और पार्सल भेजते हैं और प्राप्त करते हैं। वहाँ टिकट (डाक टिकट) खरीदे जाते हैं और लिफाफों पर लगाए जाते हैं।
  • डाकघर में मनी ऑर्डर और स्पीड पोस्ट जैसी सेवाएँ भी होती हैं, जिनसे पैसे और जरूरी सामान जल्दी भेजा जा सकता है।
  • वहाँ बैंक से जुड़े काम भी होते हैं, जैसे पैसे जमा करना और निकालना।
  • डाकिया चिट्ठियाँ इकट्ठा करके अलग-अलग जगहों पर पहुँचाने का काम करता है। इस प्रकार डाकघर लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करता है।

2. सभी विद्यार्थी चार-चार के समूह में भारत के प्रमुख पर्यटन स्‍थलों के चित्रों का संग्रह कर कक्षा में प्रदर्शित कीजिए।

उत्तर:
हमारे समूह का नाम: “भारत दर्शन”
समूह के सदस्य:
1. अमन
2. रोहन
3. रोहन
4. नेहा

हमने जो पर्यटन स्थल चुने:
1. ताजमहल — आगरा (उत्तर प्रदेश)
यह सफेद संगमरमर से बना है।
इसे शाहजहाँ ने बनवाया था।
यह प्यार की निशानी है।

2. लाल किला — दिल्ली
यह लाल पत्थर से बना है।
यहाँ 15 अगस्त को झंडा फहराया जाता है।

3. गोवा के समुद्र तट
यहाँ सुंदर समुद्र है।
लोग यहाँ छुट्टियाँ मनाने आते हैं।

पेज 75 – शब्दों का फुहारा

फुहारे में दी गई शब्द पहेली को निर्देशों की सहायता से हल कीजिए –

कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 पेज 75 - शब्दों का फुहारा

उत्तर:
1. हवामहल
2. अजंता
3. चारमिनार
4. हावड़ाब्रिज
5. लालकिला
6. ताजमहल

कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 पेज 75 - शब्दों का फुहारा - के उत्तर

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर से पत्र अध्याय को एक दिन में कैसे पूरा करें?

कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 को तीन हिस्सों में बाँटकर पढ़ना सबसे आसान तरीका है। सुबह पत्र को दो बार पढ़कर उसमें आए स्थानों — हवामहल, जंतर-मंतर, आमेर का दुर्ग – की सूची बना लीजिए। इसके बाद ‘समझ की बात’ और ‘सोचिए और लिखिए’ के प्रश्न हल कीजिए, क्योंकि उनके उत्तर सीधे पत्र में ही मौजूद हैं। अंत में ‘भाषा की बात’ के उपसर्ग, काल और वर्ग पहेली वाले अभ्यास करें। कुल मिलाकर लगभग एक घंटे में यह अध्याय पूरा हो जाता है।

क्या जयपुर से पत्र अध्याय कठिन है?

बिल्कुल नहीं। कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 एक साधारण पत्र के रूप में लिखा गया है, इसलिए भाषा बातचीत जैसी और सरल है। बच्चों को थोड़ी कठिनाई केवल ‘वेधशाला’, ‘दर्शनीय’ और ‘अस्त्र-शस्त्र’ जैसे नए शब्दों में हो सकती है, जिनका अर्थ पाठ में ही समझा दिया गया है। पत्र-लेखन का प्रारूप याद हो जाए तो यह अध्याय सबसे आसान अध्यायों में गिना जाता है।

जयपुर से पत्र अध्याय में कौन-कौन से दर्शनीय स्थलों का वर्णन है?

पत्र में अमर हवामहल, जंतर-मंतर (वेधशाला), रामनिवास बाग का कला-संग्रहालय, आमेर का दुर्ग, शीशमहल और शिला देवी मंदिर का उल्लेख करता है। साथ ही वह राजस्थान के लोकनृत्य और दाल-बाटी चूरमा व्यंजन का जिक्र भी करता है, और आगे झीलों के नगर उदयपुर जाने की बात कहता है।

कक्षा 4 हिंदी वीणा अध्याय 6 से विद्यार्थियों को क्या सीखने को मिलता है?

यह अध्याय दो तरह से उपयोगी है – एक ओर यह भारत की ऐतिहासिक धरोहर और राजस्थान की संस्कृति से परिचय कराता है, दूसरी ओर यह पत्र लिखने की पूरी विधि सिखाता है: दिनांक, संबोधन, अभिवादन, अपनी बात, अंतिम पंक्ति और समापन। इसके अलावा डाक पेटी, डाकघर और पिनकोड की जानकारी भी बच्चों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाती है।