एनसीईआरटी समाधान कक्षा 12 भूगोल अध्याय 11 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 12 भूगोल अध्याय 11 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार भाग 2 भारत लोग और अर्थव्यस्था के अभ्यास के सवाल जवाब सीबीएसई तथा राजकीय बोर्ड के छात्र 2024-25 के लिए यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। कक्षा 12 भूगोल पाठ 11 में दिए गए सभी प्रश्नों के सरल तथा संक्षिप्त उत्तर यहाँ दिए गाए हैं।

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 12 भूगोल अध्याय 11

भारत के विदेशी व्यापार की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

भारत के विदेशी व्यापार की प्रमुख विशेषताएँ:

    • देश का अधिकांश विदेशी व्यापार लगभग 35 देशों के बीच होता है, जो विभिन्न अन्तर्राष्ट्रीय समझौतों के आधार पर किया जाता है।
    • भारत के व्यापारिक संबंध विश्व के अधिकांश देशों तथा प्रमुख व्यापारिक गुटों के साथ हैं।
    • भारत का विदेश व्यापार सकल राष्ट्रीय आय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
    • वैश्वीकरण तथा विविधीकरण भारत के विदेशी व्यापार की नवीनतम प्रवृत्ति को चिह्नित करते हैं। भारत का विदेश व्यापार अब सीमित या कुछ माल या कुछ देशों तक सीमित नहीं रह गया है। वर्तमान में, भारत लगभग 190 देशों को 7500 वस्तुओं का निर्यात करता है तथा आयात – 140 देशों के 6000 सामान है। इसने भारत के विदेशी व्यापार के बदलते पैटर्न का अनावरण किया।
    • भारत का लगभग 90% अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार समुद्री मार्गों से होता है। भारत में पड़ोसी देशों के साथ-सीमा विवाद और धारातल का उबड़-खाबड़ होने के कारण व्यापार कम होता है। हिमालय पर्वत के कारण भारत के उत्तर सीमा में रेल मार्ग और सड़क मार्ग का विकास नहीं हुआ है। भारत के अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में समुद्री मार्गों तथा बंदरगाहों का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है।
    • भारत वस्त्र, हीरे आभूण, अयस्क तथा खनिज, इलेक्टॉनिक वस्तुएँ भारत के मुख्य निर्यात है। पेट्रोलियम हमारे देश का सबसे बड़ा आयात है।

कक्षा 12 भूगोल अध्याय 11 के लिए बहुविकल्पीय प्रश्न

Q1

दो देशों के मध्य व्यापार कहलाता है:

[A]. अन्तर्देशीय व्यापार
[B]. बाह्य व्यापार
[C]. अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार
[D]. स्थानीय व्यापार
Q2

निम्नीलिखित में से कौन-सा एक स्थलबद्ध पोताश्रय है?

[A]. विशाखापट्नम
[B]. मुंबई
[C]. एन्नोर
[D]. हल्दिया
Q3

भारत का अधिकांश विदेशी व्यापार वहन होता है:

[A]. स्थल और समुद्र द्वारा
[B]. स्थल और वायु द्वारा
[C]. समुद्र और वायु द्वारा
[D]. समुद्र द्वारा

पत्तन और पोताश्रय में अंतर बताइए।

पत्तन समुद्रतट पर जलपोतों के ठहरने का वह स्थान है जहाँ पर पानी के छोटे-बड़े जहाज़ों में सामान लादने और उतारने की सभी सुविधाएँ होती है। साथ ही सामान को सुरक्षित रखने के लिए गोदामों की भी सुविधा होती है। पत्तन व्यापार के द्वार होते हैं जो अपनी पृष्ठभूमि से सड़कों तथा रेलमार्गों से अच्छी तरह जुड़े होते हैं। जबकि पोताश्रय कटे-फ़टे समुद्र तट तथा खाड़ियों पर प्राकृतिक पोताश्रय स्थल होते हैं। जहाँ समुद्री लहरों एवं तफ़ूानों से सुरक्षा प्राप्त करते हैं अथवा कुछ समय आराम करने की दृष्टि से लंगर डाल लेते हैं और अपने गतंव्य की ओर आगे बढ़ जाते हैं।

पृष्ठप्रदेश के अर्थ को स्पष्ट कीजिए।

पृष्ठप्रदेश किसी पत्तन का वह प्रभाव क्षेत्र होता है जो रेल एवं सड़क मार्गों द्वारा पत्तन से अच्छी तरह जुड़ा होता है। इस क्षेत्र के उत्पाद निर्यात के लिए पत्तन तक भेजे जाते हैं और आयातित सामान विक्रय/उपभोग के लिए यहाँ वितरित कर दिया जाता है।

उन महत्वपूर्ण मदों के नाम बताइए जिन्हें भारत विभिन्न देशों से आयात करता है?

भारत विभिन्न देशों से निम्नलिखित चीजें आयात करता है:
पेट्रोलियम उत्पाद, गैर-धात्विक खनिज, सोना, चाँदी, रसायन, मशीनरी तथा उपकरण, अलौह धातुएँ,उर्वरक आदि।

भारत के पूर्वी तट पर स्थित पत्तनों के नाम बताइए।

भारत के पूर्वी तट पर स्थित पत्तनों के नाम:

    • पारादीप (ओडिशा)
    • हल्दिया (पश्चिम बंगाल)
    • कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
    • विशाखापट्टनम (आंध्रप्रदेश)
    • चेन्नई (तमिलनाडु)
    • तुतीकोरन (तमिलनाडु)।
भारत में निर्यात और आयात व्यापार के संयोजन का वर्णन कीजिए।

भारत के विदेशी व्यापार में अनेक वस्तुओं का निर्यात तथा आयात किया जाता है। भारत से निर्यात की वस्तुएँ हैं- कृषि तथा समवर्गी उत्पाद, अयस्क तथा खनिज, विनिर्मित वस्तुएँ, मणि, रत्न, आभूषण, हस्तशिल्प, इलेक्ट्रॉनिक सामान, वस्त्र, कालीन, चमड़े से बने उत्पाद आदि प्रमुख आयातित वस्तुएँ- पेट्रोलियम अपरिष्कृत तथा उत्पाद, गैरधात्विक खनिज, सोना,चाँदी रसायन, मशीनरी तथा उपकरण, कोयला, चिकित्सीय उत्पाद, अलौह धातुएँ, उर्वरक आदि।

भारत के आयात तथा निर्यात व्यापार संयोजन को इस दृष्टि से भी आकलन किया जा सकता है कि वर्ष 2004-2005 में भारत का आयात मूल्य 4810.5 अरब रूपये का था जबकि निर्यात मूल्य कुल 3560.5 अरब रूपये मूल्य का था। इस तरह भुगतान संतुलन भारत के पक्ष में नहीं है।

कक्षा 12 भूगोल अध्याय 11 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
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