कक्षा 10 हिंदी एनसीईआरटी समाधान स्पर्श गद्य अध्याय 6 निदा फ़जली – अब कहाँ दूसरों के दुख से दुखी होने वाले

कक्षा 10 हिंदी एनसीईआरटी समाधान स्पर्श भाग 2 गद्य खंड अध्याय 6 निदा फ़जली – अब कहाँ दूसरों के दुख से दुखी होने वाले के प्रश्न उत्तर, अभ्यास के प्रश्न तथा भावार्थ आदि सीबीएसई सत्र 2022-2023 के लिए विद्यार्थी यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं। कक्षा 10 हिंदी पाठ 6 के सभी प्रश्न उत्तर नए सत्र के लिए संशोधित किए गए हैं। पीडीएफ से पढ़ने वाले विद्यार्थी दसवीं कक्षा समाधान ऐप डाउनलोड कर सकते हैं, जो प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर निशुल्क उपलब्ध है।

कक्षा 10 हिंदी स्पर्श अध्याय 6 निदा फ़जली – अब कहाँ दूसरों के दुख से दुखी होने वाले

कक्षा 10 हिंदी स्पर्श अध्याय 6 के अतिरिक्त प्रश्न उत्तर

बड़े-बड़े बिल्डर समुद्र को पीछे क्यों धकेल रहे थे?

लेखक के अनुसार बड़े-बड़े बिल्डर समंदर को पीछे धकेल कर उसकी जमीन को हथिया रहे थे। ताकि ऊँची-ऊँची इमारते बना सके। बेचारा समंदर लगातार सिमटता जा रहा था।

लेखक का घर किस शहर में था?

लेखक का घर मुंबई के वर्सोवा शहर में था।

जीवन कैसे घरों में सिमटने लगा है?

पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था। अब टुकड़ों में बँटकर एक-दूसरे से दूर हो चुका है। पहले बड़े-बड़े दलानों-आँगनों में सब मिल-जुलकर रहते थे। अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में सिमटने लगा है।

कबूतर परेशानी में इधर-उधर क्यों फड़फड़ा रहे थे?

लेखक की माँ ने जब कबूतर के अंडे को बचाने की कोशिश की तो अंडा उनके हाथ से नीचे गिरकर टूट गया। इसलिए कबूतर इधर-उधर फड़फड़ा रहे थे।

अरब में लशकर को नूह के नाम से क्यों याद करते है?

बाइबिल में नूह नाम के एक पैगंबर का जिक्र मिलता हैं। उनका असली नाम लशकर था, लेकिन अरब ने उनको नूह के लकब से याद किया है, इसलिए की वे सारी उम्र रोते रहे।

लेखक की माँ किस समय पेड़ो के पत्ते तोड़ने के लिए मना करती थी और क्यों?
लेखक की माँ सूरज ढले समय आँगन के पेड़ो से पत्ते तोड़ने के लिए मना करती थी क्योंकि वे कहती थी कि पेड़ रोएँगे और बददुआ देंगे।

प्रकृति में आए असंतुलन का क्या परिणाम हुआ?
प्रकृति में आए असंतुलन से अब गरमी में ज्यादा गरमी, बेवक्त की बरसातें, जलजले, सैलाब, तूफ़ान और नित नए रोग, मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम है।

लेखक की माँ ने पूरा दिन रोजा क्यों रखा था?

लेखक की माँ जब कबूतर के अंडे को बिल्ली से बचाने के लिए उठाया तो अंडा हाथ से छूटकर टूट गया। कबूतर दुखी होकर इधर-उधर फड़फड़ाने लगे। उनके दुख को देख लेखक की माँ की आंखों में भी आँसू आ गए। इस गुनाह को खुदा से मुआफ़ कराने के लिए उसने पूरे दिन रोजा रखा था।

लेखक ने ग्वालियर से बंबई तक किन बदलावों को महसूस किया?
लेखक के अनुसार ग्वालियर से बंबई की दूरी ने संसार में काफ़ी कुछ बदल दिया है। वर्सोवा जहाँ आज लेखक का घर है, वहाँ पहले दूर तक जंगल था, पेड़ थे, परिंदे थे और दूसरे जानवर थे। अब यहाँ समंदर के किनारे लंबी-चौड़ी बस्ती बन गई हैं। इस बस्ती ने न जाने कितने परिंदों-चरिंदों से उनका घर छीन लिया है। इनमें से कुछ शहर छोड़कर चले गए हैं। जो नहीं जा सके है उन्होने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है

डेरा डालने से आप क्या समझते हैं?

डेरा शब्द का अर्थ होता है घर। यहाँ लेखक ने पाठ में डेरा डालने से मतलब पक्षियों द्वारा अपना घर बसाने के लिए किया था। पहले हमारे समाज में एक स्थान से दूसरे स्थान पर रहने वाले बंजारे हुआ करते थे और वे जब रात को जहाँ रुकते थे, अपना डेरा डाल लेते थे।

शेख अयाज़ के पिता अपने बाजू पर काला च्योंटा रेंगता देख भोजन छोड़ कर क्यों उठ खड़े हुए थे?
शेख अयाज़ के पिता अपने बाजू पर काला च्योंटा रेंगता देखा तो भोजन छोड़ कर उठ खड़े हुए और अपनी पत्नी से बोले मेंने गलती से कुएँ पर नहाते वक्त एक घर वाले को बेघर कर दिया हैं। मैं उस बेघर को कुएँ पर उसके घर छोड़ने जा रहा हूँ।

घोड़ों की टापों को सुन कर चींटियाँ आपस में क्या बात कर रही थी, सुलेमान ने उन्हें क्या आश्वासन दिया?

घोड़ों की टापों को सुन कर चींटियाँ डर से एक-दूसरे से अपने-अपने बिलों में चलने के कह रही थी। यह सुनकर सुलेमान ने उन्हें आश्वासन दिया कि डरो मत, खुदा ने सुलेमान को सबकी रक्षा के लिए बनाया है।

कक्षा 10 हिंदी स्पर्श गद्य अध्याय 6 के प्रश्न उत्तर
कक्षा 10 हिंदी स्पर्श गद्य अध्याय 6
कक्षा 10 हिंदी स्पर्श गद्य अध्याय 6 के उत्तर हल