कक्षा 2 हिंदी व्याकरण अध्याय 1 मात्राएँ

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 2 हिंदी व्याकरण अध्याय 1 मात्राएँ सीबीएसई तथा राजकीय बोर्ड के लिए लाभदायक है और शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए संशोधित किया गया है। विद्यार्थी दूसरी कक्षा हिंदी ग्रामर के पाठ 1 में विभिन्न स्वरों पर आधारित मात्राएँ सीखेंगे। पाठ को पढ़ने के बाद, अभ्यास के लिए कुछ प्रश्न दिए गए हैं जो पाठ को दोहराने में विद्यार्थियों की मदद करेंगे। सभी प्रश्नों को चित्रों की मदद से सरल बनाया गया है।

कक्षा 2 के लिए हिंदी व्याकरण अध्याय 1 मात्राएँ

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मात्राएँ

मोर, सपेरा, ठठेरा, औरत, राजा, गुड़िया
ऊपर लिखें शब्दों में से व्यंजनों को आप पहचानते हैं। इन व्यंजनों के साथ कुछ चिह्न लगे हैं।
जैसे मोर में म के साथ ओ की और र के साथ अ की ध्वनी आ रही है। ये उच्चारण मात्रा कहलाते हैं। इसी प्रकार अन्य शब्दों में भी अलग-अलग मात्राओं का प्रयोग हो रहा है।
आइए, हम मात्राओं की बात समझ लें। व्यंजन और स्वर एक साथ आएँ, तो इन स्वर को मात्रा से दिखाते हैं।

अन्य उदाहरण

का, की, कू, के, को
इन स्वरों को हमने ‘क’ के साथ किस चिह्न से लिखा है:
आ, ई, ऊ, ए, ओ

इन चिह्नों को हम मात्राएँ कहते हैं। हम व्यंजनों के साथ स्वर नहीं लिखते स्वरों की मात्राएँ लिखते हैं। व्यंजन के साथ स्वर मिलाते समय जो चिह्न जोड़ा जाता है वही मात्रा कहलाता है।

इन चिह्नों को हम मात्राएँ कहते हैं। हम व्यंजनों के साथ स्वर नहीं लिखते स्वरों की मात्राएँ लिखते हैं। व्यंजन के साथ स्वर मिलाते समय जो चिह्न जोड़ा जाता है वही मात्रा कहलाता है। आगे हम सभी स्वरों की मात्राएँ दे रहे हैं। उनका अध्ययन कीजिए।

स्वर स्वर के साथ व्यंजनउदहारण
कलम, कलश
काकाला, काना
किकिसान, किताब
कीकीमत, कील
कुकुल, कुली
कूकूदना, कूड़ा
कृकृषक, कृपा
केकेला, केतली
कैकैसा, कैलाश
कोकोट, कोयल
कौकौरव, कौवा

मात्राओं के साथ व्यंजन लिखते समय कुछ अपवाद हैं। जैसे: र + उ = रु
र + ऊ = रू
ह + ऋ = ह्र

स्मरणीय तथ्य

व्यंजन के साथ स्वर की मात्राएँ लगती है।
रु, ह्र अपवाद वाले वर्ण हैं।

निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर छांटकर लिखिए:

1. अ को छोड़कर सभी स्वरों की मात्राएँ होती है
(A) हाँ
(B) नही
2. आ, ई, ओ की मात्राएँ व्यंजन से पहले गलती है?
(A) हाँ
(B) नही
3. उ, ऊ, ऋ की मात्राएँ व्यंजन के नीचे लगती है
(A) हाँ
(B) नही

उत्तर:
1. A
2. A
3. A

स्वरों की मात्राएँ तथा उनसे बने शब्द लिखें

स्वरशब्द
कमल
लाल
लिखना
पीला
पुल
फूल
नमूने के अनुसार अक्षरों पर ‘अ’ और अॅ की मात्रा लगाकर शब्द बनाइए (नमूना- पख-पंख, आख-आँख)

1. रक – रंक, शख – शंख, नद – नंद, मद – मंद
2. चाद – चाँद, पाच – पाँच, आच – आँच, काच – काँच

निम्नलिखित वर्ण में मिले दोनों व्यंजनों को रिक्त स्थानों में भरें

1. क्ष = ___ + ___
2. त्र = ___ + ____
3. ज्ञ = __ + ____
4. श्र = __ + ____

उत्तर:
1. क़ + छ
2. त + र
3. ग + य
4. स + र

हिन्दी व्याकरण अध्याय 1 कक्षा 2 के विद्यार्थियों के लिए कितना महत्वपूर्ण है?

यद्यपि वर्णमाला का प्रारम्भिक अभ्यास छात्र कक्षा 1 में कर चुके हैं लेकिन मात्राओं का उचित प्रयोग करके शब्दों का निर्माण करना इस अध्याय में अच्छी तरह से बताया गया है।

NCERT कक्षा 2 व्याकरण का अध्याय 1 को कैसे आसानी से सीख सकते हैं?

शब्द के सही उच्चारण से मात्रा का पता चलता है। शब्दों को लिखने और पढ़ने का अभ्यास करना चाहिए। इससे मात्राओं को आसानी से सीख सकते हैं।

कक्षा 2 हिन्दी व्याकरण का अध्याय 1 कितना उपयोगी है?

भाषा को सही ढंग से अध्ययन करने के लिए शब्द निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण है। शब्द निर्माण में मात्राओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। अतः यह पाठ व्याकरण की दृष्टि से उपयोगी है।

हिन्दी व्याकरण कक्षा 2 के अध्याय 1 से छात्रों को क्या सीखने को मिलेगा?

वाक्य निर्माण में शब्द महत्वपूर्ण है और शब्दों के निर्माण में मात्राएँ। अतः इस अध्याय का अच्छी तरह से अध्ययन करने के पश्चात छात्र शुद्ध शब्दों को लिख और पढ़ सकते हैं।

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