एनसीईआरटी समाधान कक्षा 8 हिंदी दूर्वा अध्याय 16 बूढी अम्मा की बात

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 8 हिंदी दूर्वा अध्याय 16 बूढी अम्मा की बात के प्रश्नों के उत्तर सीबीएसई तथा राजकीय बोर्ड के छात्रों के लिए सत्र 2024-25 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं। कक्षा 8 दूर्वा के पाठ 16 बूढी अम्मा की बात लोककथा में छात्र एक शिक्षाप्रद कहानी को पढेंगे। यहाँ गोमा किसान सूखे के डर से खेत न जोतने का मन बनाता है, लेकिन बूढ़ी अम्मा के तर्कपूर्ण बातों से उसका मन बदल जाता है। वह खेत जुताई करता है और उसके बाद बरसात भी हो जाती है। उसको मेहनत का फल मिल जाता है।

इस लोककथा में खेती से संबंधित अनेक शब्द आए हैं। उनकी सूची बनाओ। फिर उन्हें वर्णमाला के क्रम से लिखो।
इस लोककथा में खेती से संबंधित खेती से सम्बंधित कुछ शब्द निम्न हैं
कटाई, कठोर, किसान, खेती, गाय, चारा, जमीन, जोतकर, पशु, फसलें, बकरियाँ, बादल, बैल, मेंड़, मौसम, वर्षा, हल, हरियाली।

लोककथा में गोमा बिना खेत जोते अपने बैलों को हाँककर घर की ओर क्यों चल पड़ा?

गोमा बिना खेत जोते अपने बैलों को हाँककर घर की ओर इसलिए चल पड़ा क्योंकि तीन साल से वर्षा बहुत कम हुई थी। न फसलें हुईं थीं न चारा। इस वर्ष भी आषाढ़ सूखा ही रह गया। वर्षा की कोई आशा नही बँधी थी। उसने सोचा कि खेत जोतकर क्या करूँगा? और वह वह बैलों को हाँकते हुए वापिस घर की ओर चल पड़ा।

क्या होता अगर गोमा खेतों को तैयार न करता?
अगर गोमा खेतों को तैयार न करता तो तीन साल बाद हुई बारिश बेकार जाती और उसके खेत बिना फसल के रह जाते।

क्या होता अगर गोमा को बूढ़ी अम्मा नहीं मिलती?
अगर गोमा को बूढ़ी अम्मा नहीं मिलती तो कौन उसकी हिम्मत बढ़ाता और वह खेत को नहीं जोतता।

क्या होता अगर बूढ़ी अम्मा की बात पर गोमा ध्यान न देता?
बूढ़ी अम्मा की बात पर गोमा अगर ध्यान नहीं देता तो वह खेत नहीं जोतता और बारिश बेकार चली जाती।

क्या होता अगर इस साल भी वर्षा न होती?
इस साल भी वर्षा नहीं होती तो गोमा पूरी तरह टूट जाता और उसके जानवर भी बिना चारे के मर जाते।

किसका काम
तुम गीत-गाने, किस्सा-कहानी को सुनने के अलावा फिल्में भी देखते होंगे। अब तुम पता करो कि-
(क) लोकगीतों और लोककथाओं को कौन-कौन लोग बनाते और गाते हैं?
(ख) क्या लोककथाओं पर भी नाटक या सिनेमा बना है? कुछ के नाम बताओ।
ऊपर के काम में तुम बड़ों से भी मदद ले सकते हो।
उत्तर:
(क) लोकगीत और लोककथाएँ कुछ घटनाओं पर आधारित होती हैं। समाज के लोग इन्हें परंपरागत रूप से जीवंत बनाए रखते हैं। लोकगायक अपनी आवाज देकर इन लोकगीतों को आकर्षक बनाए रखते हैं।
(ख) हां लोककाथाओ पर भी नाटक और सिनेमा बन चुका है। इसमें नागिन, पहेली और ब्रिणा जैसी तमाम फिल्मों के नाम शामिल हैं।

गोमा को पेड़ के नीचे बैठा देखकर बूढ़ी अम्मा ने उससे क्या कहा?

गोमा को पेड़ के नीचे बैठा देखकर बूढ़ी अम्मा ने उससे कहा कि यह समय तो खेत में हल जोतने का है। लेकिन तुम यहाँ आराम कर रहे हो। क्या तुम बीमार हो या तुम्हारे बैल बीमार हैं। कहीं तुम्हारा हल टूट तो नहीं गया है? बूढ़ी अम्मा बोली देखो बेटा! वर्षा तुम्हारे हाथ में नहीं है। यह तो प्रकृति पर निर्भर है। जब बादल बनेंगे तो वर्षा अवश्य होगी। तुम्हारा काम है खेत जोत-जोतकर तैयार करना। तुम अपना काम समय पर करो। प्रकृति अपना काम अवश्य समय पर करेगी। वर्षा अवश्य होगी।

इस वर्ष भी आषाढ़ सूखा ही रहा। ̧लोककथा से जाहिर होता है कि गोमा के गाँव में तीन साल से वर्षा नहीं हुई थी। वर्षा न होने के कारण उनके गाँव के बैलों, खेतों और पेड़ों में क्या बदलाव आए होंगे?
वर्षा न होने के कारण सारी धरती सूख कर चटक गई उसमें दारारें पड़ गईं और पशु भी कमजोर हो गए।

सवेरे-सवेरे अपने पशुओं की ये आवाजें सुनने के लिए उसके कान तरस गए थे। गोमा ने बहुत समय बाद अपने पशुओं की वे आवाजें सुनी थीं। क्यों?
सवेरे-सवेरे जब बारिष का मौसम बना तो गाय रंभा रही थी। बकरियाँ मिमिया रही थीं। सवेरे-सवेरे अपने पशुओं की ये आवाजें सुनने के लिए उसके कान तरस गए थे।

अपनी भाषा
नीचे लिखे वाक्यों को अपने ढंग से सार्थक रूप में तुम जिस तरह भी लिख सकते हो वैसे लिखो।
(क) उसने बादलों को जी भर निहारा।
(ख) वर्षा की कोई आशा नहीं बँध रही थी।
(ग) गोमा ने फिर हिम्मत बटोरी।
(घ) उसने घर की राह पकड़ ली।
(ङ) वर्षा बरसाना तुम्हारे हाथ में नहीं है।
उत्तर:
(क) गोमा ने बादलों को जी भरकर देखा।
(ख) वर्षा होने के कोई आसार नज़र नहीं आ रहे थे।
(ग) गोमा ने फिर से साहस बटोरा।
(घ) निराश होकर वह घर की ओर चल पड़ा।
(ङ) बरसात का होना मनुष्य के हाथ में नहीं है।

गोमा ने अपने खेतों को क्यों जोता?

बूढ़ी अम्मा ने गोमा से कहा कि तुम निराश मत होओ। खेतों में हल चलाओ। उन्हें हाँक-जोत कर बोने के लिए तैयार करो। इस मौसम में कभी न कभी तो वर्षा अवश्य होगी। बूढ़ी अम्मा ने मुस्कराकर गोमा की हिम्मत बढ़ाई। वह उठी और लकड़ी टेकती हुई अपनी राह चल दी। वैसे तो गोमा मन से निराश था मगर बूढ़ी अम्मा की बातों से उसकी थोड़ी आशा बढ़ी। अगले दिन उसने पूरे उत्साह से अपना खेत जोतना शुरू कर दिया।

सोचने की बात
बूढ़ी अम्मा ने कहा, वर्षा अवश्य होगी।
तुम्हारे विचार से बूढ़ी अम्मा ने गोमा से यह बात क्यों कही?
बूढ़ी अम्मा ने यह बात गोमा का उत्साह बढ़ाने के लिए कही।

क्या उन्हें मालूम था कि इस साल वर्षा होगी? या उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर केवल अंदाजा लगाया था?
बूढ़ी अम्मा ने अपने अनुभव के आधार पर अंदाजा लगया था और उनका अंदाजा सही निकला।

बूढ़ी अम्मा ने वर्षा न होने का क्या कारण बताया था?

बूढ़ी अम्मा ने वर्षा न होने का कारण बताते हुए कहा कि जब पेड़ ही नहीं होंगे तो पत्तियाँ कहाँ से आएँगी ? अगर पेड़ अधिक होते तो वर्षा भी अवश्य हो जाती। सारे जंगल से पेड़ों की कटाई जारी है। पेड़ नहीं होंगे तो हरियाली कहाँ से होगी? हरियाली नहीं तो वर्षा भी नहीं होगी।

कैसा था गोमा
सही शब्दों पर गोला लगाओ-
कामचोर, आलसी, मेहनती, भोला-भाला, मूर्ख, समझदार, गरीब, अमीर, कमजोर, लगन का पक्का
अब अपने उत्तर का कारण नीचे लिखो
मेरे विचार से गोमा ——– व्यक्ति था क्योंकि——–
उत्तर:
मेरे विचार से गोमा भोला-भाला व्यक्ति था क्योंकि रास्ते में दूसरे लोगों की बातें सुनकर उसने भी खेत न जोतने का निर्णय कर लिया फिर जब बूढ़ी अम्मा ने समझाया तो वह मान गया और दूसरे दिन खेत जोतने चला गया। खेत जोतने का उसे अच्छा परिणाम भी मिला बरसात हुई तो उसे अत्यंत खुशी हुई।

क्या तुम बूढ़ी अम्मा की बात से सहमत होते? अपने उत्तर का कारण भी बताओ।

हम बूढ़ी अम्मा की बात से पूरी तरह सहमत है हमें भी प्रकृति की रक्षा और पर्यावरण को बचाने के लिए पेड़ों की कटाई को बंद करना होगा और अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे।

डाँवाडोल
“कई बार उसका मन डाँवाडोल भी हुआ।“ गोमा खेतों में काम करने जा रहा था। कई बार उसने घर लौट जाने की बात भी सोची। तुम्हारा मन भी जरूर कभी डाँवाडोल होता होगा? ऐसा कब-कब होता है? अपने ढंग से सोचकर इस सूची को पूरा करो।
(क) जब खूब नींद आ रही हो और दोस्त खेलने को बुलाने लगे।
(ख) ——————————————–
(ग) ——————————————–
(घ) ——————————————–
उत्तर:
परिस्थितिवश मन कई बार डाँवाडोल होता है:
(क) जब खूब नींद आ रही हो और दोस्त खेलने को बुलाने लगे।
(ख) पेट ख़राब हो और सामने मिट्ठाई रखी हुई हो।
(ग) परीक्षा के दिनों में घर में या रिश्तेदारी में कोई उत्सव हो।
(घ) आप बाजार में हो ज़ोर की भूख लगी हो और आपकी जेब में पैसे न हों।
नोट:
छात्र अपने अनुभव के आधार पर उत्तर में परिवर्तन कर सकते हैं।

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 8 हिंदी दूर्वा अध्याय 16 बूढी अम्मा की बात
कक्षा 8 हिंदी दूर्वा अध्याय 16 बूढी अम्मा की बात
कक्षा 8 हिंदी दूर्वा अध्याय 16 के प्रश्न उत्तर
कक्षा 8 हिंदी दूर्वा अध्याय 16 के सवाल जवाब
कक्षा 8 हिंदी दूर्वा अध्याय 16