एनसीईआरटी समाधान कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 रैखिक बहुपदों का परिचय

एनसीईआरटी कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 समाधान – रैखिक बहुपदों का परिचय – प्रश्नावली 2.1 से 2.6 तक तथा अंतिम प्रश्नावली के प्रश्नों के हल सत्र 2026-27 के लिए यहाँ से निशुल्क प्राप्त करें। एनसीईआरटी ने सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9 गणित की नई पाठ्यपुस्तक गणित मंजरी (भाग 1) जारी की है, जिसमें अध्याय 2 रैखिक बहुपदों का परिचय, नए पाठ्यक्रम के महत्वपूर्ण आधारभूत अध्यायों में से एक है।
यह अध्याय छह भागों में विभाजित है – 2.1 भूमिका, 2.2 रैखिक बहुपद, 2.3 रैखिक प्रतिरूपों का अन्वेषण, 2.4 रैखिक वृद्धि और रैखिक ह्रास, 2.5 रैखिक संबंध, और 2.6 रैखिक संबंधों का दृश्यांकन। इस अध्याय में विद्यार्थी पद, चर, गुणांक, अचर, बहुपद की घात, रैखिक प्रतिरूप, रैखिक वृद्धि, रैखिक ह्रास, ढलान और y-अंतःखंड जैसी महत्वपूर्ण संकल्पनाओं को सीखते हैं, तथा ग्राफ पेपर पर रैखिक समीकरणों y = ax + b का आलेखन करना भी सीखते हैं। यह अध्याय आगामी कक्षाओं में पढ़े जाने वाले रैखिक समीकरण और फलन जैसे विषयों की मज़बूत नींव तैयार करता है।

एनसीईआरटी कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 समाधान

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.1 समाधान

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.1

1. नीचे दिए गए बहुपदों की घातें ज्ञात कीजिए –

(i) 2x² − 5x + 3
(ii) y³ + 2y − 1
(iii) −9
(iv) 4z − 3
उत्तर:
(i) 2x² − 5x + 3
सबसे बड़ी घात वाला पद x² है,
इसलिए घात = 2

(ii) y³ + 2y − 1
सबसे बड़ी घात वाला पद y³ है,
इसलिए घात = 3

(iii) −9
इसे −9x⁰ के रूप में लिखा जा सकता है,
इसलिए घात = 0

(iv) 4z − 3
सबसे बड़ी घात वाला पद 4z (अर्थात z¹) है,
इसलिए घात = 1

2. घात 1, 2 और 3 के बहुपद लिखिए।

उत्तर:
घात 1 का बहुपद: x + 5
घात 2 का बहुपद: x² + 3x − 2
घात 3 का बहुपद: x³ − 2x² + x + 1

3. बहुपद x⁴ − 3x³ + 6x² − 2x + 7 में x² और x³ के गुणांक क्या हैं?

उत्तर:
x² का गुणांक = 6
x³ का गुणांक = −3

4. बहुपद 4z³ + 5z² − 11 में z का गुणांक क्या है?

उत्तर:
इस बहुपद में z¹ (अर्थात अकेले z) वाला कोई पद नहीं है।
अतः z का गुणांक = 0

5. बहुपद 9x³ + 5x² − 8x − 10 में अचर पद क्या है?

उत्तर:
अचर पद वह पद होता है जिसमें चर नहीं होता।
अतः अचर पद = −10

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.2 समाधान

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.2

1. रैखिक बहुपद 5x − 3 का मान ज्ञात कीजिए, यदि –

(i) x = 0
(ii) x = −1
(iii) x = 2
उत्तर:
(i) x = 0 पर:
p(0) = 5(0) − 3 = −3

(ii) x = −1 पर:
p(−1) = 5(−1) − 3 = −5 − 3 = −8

(iii) x = 2 पर:
p(2) = 5(2) − 3 = 10 − 3 = 7

2. द्विघाती बहुपद 7s² − 4s + 6 का मान ज्ञात कीजिए, यदि –

(i) s = 0
(ii) s = −3
(iii) s = 4
उत्तर:
(i) s = 0 पर:
p(0) = 7(0)² − 4(0) + 6 = 6

(ii) s = −3 पर:
p(−3) = 7(−3)² − 4(−3) + 6
= 7(9) + 12 + 6
= 63 + 12 + 6 = 81

(iii) s = 4 पर:
p(4) = 7(4)² − 4(4) + 6
= 7(16) − 16 + 6
= 112 − 16 + 6 = 102

3. सलिल की माँ की वर्तमान आयु सलिल की वर्तमान आयु से तीन गुना है। 5 वर्ष के पश्चात दोनों की आयु का योगफल 70 वर्ष होगा। दोनों की वर्तमान आयु ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
माना सलिल की वर्तमान आयु = x वर्ष
तो माँ की वर्तमान आयु = 3x वर्ष
5 वर्ष बाद:
सलिल की आयु = (x + 5)
माँ की आयु = (3x + 5)
प्रश्नानुसार: (x + 5) + (3x + 5) = 70
⇒ 4x + 10 = 70
⇒ 4x = 60
⇒ x = 15
अतः:
सलिल की वर्तमान आयु = 15 वर्ष
माँ की वर्तमान आयु = 3 × 15 = 45 वर्ष

4. दो धनात्मक पूर्णांकों का अंतर 63 है। दोनों पूर्णांकों का अनुपात 2:5 है। दोनों पूर्णांक ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
अनुपात 2:5 होने के कारण, माना पूर्णांक = 2x और 5x
प्रश्नानुसार, अंतर = 63:
⇒ 5x − 2x = 63
⇒ 3x = 63
⇒ x = 21
अतः दोनों पूर्णांक:
पहला पूर्णांक = 2 × 21 = 42
दूसरा पूर्णांक = 5 × 21 = 105

5. रूबी के पास दो रुपये के सिक्कों की संख्या, पाँच रुपये के सिक्कों की संख्या से तीन गुना है। यदि उसके पास कुल ₹88 हैं तो दोनों प्रकार के सिक्कों की संख्या ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
माना पाँच रुपये के सिक्कों की संख्या = x
तो दो रुपये के सिक्कों की संख्या = 3x
कुल राशि: 5(x) + 2(3x) = 88
⇒ 5x + 6x = 88
⇒ 11x = 88
⇒ x = 8
अतः:
पाँच रुपये के सिक्कों की संख्या = 8
दो रुपये के सिक्कों की संख्या = 3 × 8 = 24

6. एक किसान 300 फुट लंबी बाड़ को भिन्न-भिन्न आकार के दो टुकड़ों में काटता है। लंबा टुकड़ा छोटे टुकड़े से चार गुना लंबा है। दोनों टुकड़ों की लंबाई क्या होगी?

उत्तर:
माना छोटा टुकड़ा = x फुट
तो लंबा टुकड़ा = 4x फुट
कुल लंबाई: x + 4x = 300
⇒ 5x = 300
⇒ x = 60
अतः:
छोटा टुकड़ा = 60 फुट
लंबा टुकड़ा = 4 × 60 = 240 फुट

7. यदि एक आयत की लंबाई उसकी चौड़ाई के दुगुने से तीन अधिक हो और उसका परिमाप 24 सेंटीमीटर हो तो आयत की विमाएँ (लंबाई और चौड़ाई) क्या होंगी?

उत्तर:
माना आयत की चौड़ाई = x सेमी
तो लंबाई = (2x + 3) सेमी (चौड़ाई के दुगुने से तीन अधिक)
परिमाप का सूत्र: 2(लंबाई + चौड़ाई) = 24
⇒ 2[(2x + 3) + x] = 24
⇒ 2(3x + 3) = 24
⇒ 3x + 3 = 12
⇒ 3x = 9
⇒ x = 3
अतः:
चौड़ाई = 3 सेमी
लंबाई = 2(3) + 3 = 9 सेमी
जाँच: परिमाप = 2(9 + 3) = 2 × 12 = 24 सेमी

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.3 समाधान

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.3

नीचे दिए गए प्रश्नों को हल कीजिए –

1. एक विद्यार्थी के बचत बैंक खाते में ₹500 हैं। उसे ₹150 प्रतिमाह जेब खर्च के रूप में मिलते हैं। दूसरे महीने से लेकर प्रत्येक महीने के अंत में उसके खाते में कितनी धनराशि होगी? n वें महीने में उसके खाते में जमा धनराशि को दर्शाने के लिए रैखिक व्यंजक ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
बैंक में शुरुआती धनराशि = ₹500
प्रतिमाह जेब खर्च = ₹150
प्रत्येक महीने के अंत में:
दूसरे महीने के अंत में = 500 + 2(150) = ₹800
तीसरे महीने के अंत में = 500 + 3(150) = ₹950
चौथे महीने के अंत में = 500 + 4(150) = ₹1100
इसी प्रकार आगे भी…
माना n वें महीने में खाते की धनराशि = Aₙ
तब, Aₙ = 500 + 150n
अतः अभीष्ट रैखिक व्यंजक है: Aₙ = 150n + 500

2. एक रैली 120 सदस्यों के साथ प्रारंभ होती है। प्रत्येक घंटे के पश्चात 9 सदस्य समूह से बाहर हो जाते हैं। 1, 2, 3, … घंटे के पश्चात कितने सदस्य रैली में बने रहेंगे? nवें घंटे के अंत में शेष सदस्यों की संख्या ज्ञात करने के लिए रैखिक व्यंजक ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
प्रारंभिक सदस्य = 120
प्रत्येक घंटे 9 सदस्य बाहर जाते हैं
रैखिक व्यंजक:
n घंटे पश्चात शेष सदस्यों की संख्या S(n) = 120 − 9n
जैसे:
1 घंटे बाद: 120 − 9(1) = 111
2 घंटे बाद: 120 − 9(2) = 102
3 घंटे बाद: 120 − 9(3) = 93

3. मान लीजिए कि एक आयत की लंबाई 13 सेंटीमीटर है। आयत का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि उसकी चौड़ाई – (i) 12 सेंटीमीटर (ii) 10 सेंटीमीटर (iii) 8 सेंटीमीटर हो। आयत के क्षेत्रफल को दर्शाने वाले रैखिक प्रतिरूप को भी ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
लंबाई = 13 सेंटीमीटर
क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई
(i) चौड़ाई = 12 सेंटीमीटर
क्षेत्रफल = 13 × 12 = 156 वर्ग सेंटीमीटर

(ii) चौड़ाई = 10 सेंटीमीटर
क्षेत्रफल = 13 × 10 = 130 वर्ग सेंटीमीटर

(iii) चौड़ाई = 8 सेंटीमीटर
क्षेत्रफल = 13 × 8 = 104 वर्ग सेंटीमीटर
माना चौड़ाई = x सेंटीमीटर
क्षेत्रफल = 13x
अतः रैखिक प्रतिरूप है: A = 13x

4. मान लीजिए कि एक आयताकार बक्से की लंबाई 7 सेंटीमीटर है और उसकी चौड़ाई 11 सेंटीमीटर है। बक्से का आयतन ज्ञात कीजिए, यदि उसकी ऊँचाई – (i) 5 सेंटीमीटर (ii) 9 सेंटीमीटर (iii) 13 सेंटीमीटर हो। आयताकार बक्से के आयतन को दर्शाने वाले रैखिक प्रतिरूप को ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
लंबाई = 7 सेंटीमीटर, चौड़ाई = 11 सेंटीमीटर
आयतन = लंबाई × चौड़ाई × ऊँचाई
= 7 × 11 × h = 77h
(i) ऊँचाई = 5 सेंटीमीटर
आयतन = 77 × 5 = 385 घन सेंटीमीटर

(ii) ऊँचाई = 9 सेंटीमीटर
आयतन = 77 × 9 = 693 घन सेंटीमीटर

(iii) ऊँचाई = 13 सेंटीमीटर
आयतन = 77 × 13 = 1001 घन सेंटीमीटर
माना ऊँचाई = h सेंटीमीटर
आयतन = 77h
अतः रैखिक प्रतिरूप है: V = 77h

5. सरिता 500 पृष्ठों वाली एक पुस्तक पढ़ रही है। वह प्रतिदिन 20 पृष्ठ पढ़ती है। 15 दिनों के पश्चात कितने पृष्ठ पढ़ने शेष रह जाएँगे। इसे एक रैखिक प्रतिरूप के माध्यम से दर्शाइए।

उत्तर:
कुल पृष्ठ = 500
प्रतिदिन पढ़े जाने वाले पृष्ठ = 20
15 दिनों में पढ़े गए पृष्ठ = 20 × 15 = 300
शेष पृष्ठ = 500 − 300 = 200
माना n दिनों के पश्चात शेष पृष्ठ = Pₙ
तो, Pₙ = 500 − 20n
अतः रैखिक प्रतिरूप है: Pₙ = 500 − 20n

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.4 समाधान

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.4

1. मान लीजिए कि एक पौधे की ऊँचाई 1.75 फुट है और इसमें प्रतिमाह 0.5 फुट की वृद्धि होती है।

(i) 7 महीनों के पश्चात पौधे की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
दिया गया है:
(i) प्रारंभिक ऊँचाई = 1.75 फुट
प्रतिमाह वृद्धि = 0.5 फुट
प्रत्येक महीने ऊँचाई में वृद्धि = 0.5 फुट
अतः 7 महीनों के पश्चात ऊँचाई:
h = 1.75 + (0.5 × 7)
= 1.75 + 3.5
= 5.25 फुट


(ii) t के 0 से 10 महीनों तक के परिवर्ती मानों के लिए एक तालिका बनाइए और दर्शाइए कि कैसे ऊँचाई h के मान में प्रतिमाह वृद्धि होती है।
उत्तर:
(ii) t के 0 से 10 महीनों तक की तालिका:

t (महीने)h (फुट)
01.75
12.25
22.75
33.25
43.75
54.25
64.75
75.25
85.75
96.25
106.75

(iii) एक व्यंजक ज्ञात कीजिए जो h और t में संबंध व्यक्त करता है और यह भी समझाइए कि यह व्यंजक रैखिक वृद्धि को क्यों व्यक्त करता है।
उत्तर:
(iii) माना t महीनों के पश्चात ऊँचाई = h
h = 1.75 + 0.5t
यह व्यंजक रैखिक वृद्धि को व्यक्त करता है क्योंकि प्रत्येक महीने ऊँचाई में एक स्थिर मात्रा (0.5 फुट) की वृद्धि होती है।

2. एक मोबाइल फोन ₹10,000 में क्रय किया गया। इसके मूल्य में प्रतिवर्ष ₹800 का ह्रास होता है।

(i) 3 वर्षों के पश्चात फोन का मूल्य ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
दिया गया है:
प्रारंभिक मूल्य = ₹10,000
प्रतिवर्ष ह्रास = ₹800
(i) एक वर्ष के पश्चात मूल्य में कमी = ₹800
अतः 3 वर्षों के पश्चात मूल्य:
v = 10000 − (800 × 3)
= 10000 − 2400
= ₹7600


(ii) t के 0 से 8 वर्षों तक के परिवर्ती मानों के लिए एक तालिका बनाइए और दर्शाइए कि किस प्रकार फोन का मूल्य समय के साथ कम होता है।
उत्तर:
(ii) t के 0 से 8 वर्षों तक की तालिका:

t (वर्ष)v (₹)
010000
19200
28400
37600
46800
56000
65200
74400
83600

(iii) एक व्यंजक ज्ञात कीजिए, जो v और t में संबंध व्यक्त करता है और यह भी समझाइए कि यह रैखिक ह्रास को क्यों व्यक्त करता है।
उत्तर:
(iii) माना t वर्षों के पश्चात मूल्य = v
v = 10000 − 800t
यह व्यंजक रैखिक ह्रास को व्यक्त करता है क्योंकि प्रत्येक वर्ष मूल्य में एक स्थिर मात्रा (₹800) की कमी होती है।

3. एक गाँव की प्रारंभिक जनसंख्या 750 है। प्रतिवर्ष 50 व्यक्ति समीपस्थ शहर से गाँव में विस्थापित होते हैं।

(i) 6 वर्षों के पश्चात गाँव की जनसंख्या ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
(i) 6 वर्षों के पश्चात जनसंख्या:
P = 750 + (50 × 6)
= 750 + 300
= 1050


(ii) t के 0 से 10 वर्षों तक के परिवर्ती मानों के लिए एक तालिका बनाइए और दर्शाइए कि कैसे जनसंख्या P के मान में प्रतिवर्ष वृद्धि होती है।
उत्तर:
(ii) t के 0 से 10 वर्षों तक की तालिका:

t (वर्ष)P (जनसंख्या)
0750
1800
2850
3900
4950
51000
61050
71100
81150
91200
101250

(iii) एक व्यंजक ज्ञात कीजिए जो P और t में संबंध व्यक्त करता है और यह भी समझाइए कि यह व्यंजक रैखिक वृद्धि को क्यों व्यक्त करता है।
उत्तर:
(iii) माना t वर्षों के पश्चात जनसंख्या = P
P = 750 + 50t
यह व्यंजक रैखिक वृद्धि को व्यक्त करता है क्योंकि प्रत्येक वर्ष जनसंख्या में एक स्थिर संख्या (50 व्यक्ति) की वृद्धि होती है।

4. एक दूरभाष कंपनी किसी विशेष रिचार्ज योजना के लिए ₹600 शुल्क लेती है। रिचार्ज के पश्चात अग्रिम जमा राशि में से प्रतिदिन ₹15 कम होते हैं।

(i) एक समीकरण लिखिए, जो x दिनों तक योजना का उपयोग करने के पश्चात शेष धनराशि b(x) को दर्शाता है।
उत्तर:
व्यंजक:
माना x दिनों के पश्चात शेष धनराशि = b(x)
b(x) = 600 − 15x
यह व्यंजक रैखिक ह्रास को व्यक्त करता है क्योंकि प्रतिदिन धनराशि में एक स्थिर मात्रा (₹15) की कमी होती है।


(ii) कितने दिनों के पश्चात यह शेष धनराशि (बैलेंस) समाप्त हो जाएगी?
उत्तर:
शेष धनराशि समाप्त होने पर:
b(x) = 0
600 − 15x = 0
15x = 600
x = 40
अतः शेष धनराशि 40 दिनों के पश्चात समाप्त हो जाएगी।


(iii) x के 1 से 10 दिनों के परिवर्ती मानों के लिए एक तालिका बनाइए और दर्शाइए कि कैसे शेष राशि b(x) समय के साथ कम होती जाती है।
उत्तर:
x के 1 से 10 दिनों तक की तालिका:

x (दिन)b(x) (₹)
1585
2570
3555
4540
5525
6510
7495
8480
9465
10450

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.5 समाधान

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.5

1. एक अधिगम मंच (लर्निंग प्लेटफार्म) एक निश्चित मासिक शुल्क लेता है और साथ ही प्रति डिजिटल अधिगम मॉड्यूल के लिए अतिरिक्त शुल्क लेता है। एक विद्यार्थी ध्यान देती है कि जब उसने 10 मॉड्यूल्स प्राप्त किए तो उसका बिल ₹400 था और जब उसने 14 मॉड्यूल प्राप्त किए तो उसका बिल ₹500 था। यदि मासिक बिल y, प्राप्त किए गए मॉड्यूल की संख्या x पर निर्भर करता है तो संबंध y = ax + b के अनुसार a और b के मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
दिया गया है:
जब x = 10, तब y = 400
जब x = 14, तब y = 500
y = ax + b का उपयोग करते हुए:
x = 10 के लिए: 400 = 10a + b …(1)
x = 14 के लिए: 500 = 14a + b …(2)
समीकरण (2) में से (1) को घटाने पर:
500 − 400 = 14a − 10a
⇒ 100 = 4a
⇒ a = 25
a = 25 का मान समीकरण (1) में रखने पर:
400 = 10(25) + b
⇒ 400 = 250 + b
⇒ b = 150
अतः, a = 25 और b = 150

2. एक व्यायामशाला (जिम) एक निश्चित मासिक शुल्क और प्रति घंटा बैडमिंटन कोर्ट का उपयोग करने के लिए अतिरिक्त शुल्क लेती है। जिम जाने वाली एक विद्यार्थी ध्यान देती है कि जब उसने 10 घंटे के लिए बैडमिंटन कोर्ट का उपयोग किया तो उसका बिल ₹800 था और जब उसने बैडमिंटन कोर्ट का उपयोग 15 घंटे के लिए किया तो उसका बिल ₹1100 था। यदि मासिक बिल y, बैडमिंटन कोर्ट उपयोग करने के घंटों x पर निर्भर करता है तो संबंध y = ax + b के अनुसार a और b के मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
दिया गया है:
जब x = 10, तब y = 800
जब x = 15, तब y = 1100
y = ax + b का उपयोग करते हुए:
x = 10 के लिए: 800 = 10a + b …(1)
x = 15 के लिए: 1100 = 15a + b …(2)
समीकरण (2) में से (1) को घटाने पर:
1100 − 800 = 15a − 10a
⇒ 300 = 5a
⇒ a = 60
a = 60 का मान समीकरण (1) में रखने पर:
800 = 10(60) + b
⇒ 800 = 600 + b
⇒ b = 200
अतः, a = 60 और b = 200

3. डिग्री सेल्सियस (°C) और डिग्री फॉरेनहाइट (°F) में मापे गए तापमान के मध्य संबंध पर °C = a°F + b के अनुसार विचार कीजिए। दिया गया है कि बर्फ 0 डिग्री सेल्सियस और 32 डिग्री फॉरेनहाइट पर पिघलती है और पानी 100 डिग्री सेल्सियस और 212 डिग्री फॉरेनहाइट पर उबलता है तो a व b के मान ज्ञात कीजिए।

(संकेत — जब °C = 0 तो °F = 32 और जब °C = 100 तो °F = 212 है। इस जानकारी का उपयोग करके a व b के मान तथा °C व °F के मध्य रैखिक संबंध ज्ञात कीजिए।)
उत्तर:
दिया गया संबंध: °C = a°F + b
बिंदु (°F, °C) = (32, 0) का उपयोग करते हुए:
0 = 32a + b …(1)
बिंदु (°F, °C) = (212, 100) का उपयोग करते हुए:
100 = 212a + b …(2)
समीकरण (2) में से (1) को घटाने पर:
100 − 0 = 212a − 32a
⇒ 100 = 180a
⇒ a = 100/180
⇒ a = 5/9
a = 5/9 का मान समीकरण (1) में रखने पर:
0 = 32(5/9) + b
⇒ 0 = 160/9 + b
⇒ b = −160/9
अतः, a = 5/9 और b = −160/9
इसलिए, रैखिक संबंध है: °C = (5/9)°F − 160/9
इसे इस प्रकार भी लिखा जा सकता है: °C = (5/9)(°F − 32)

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.6 समाधान

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.6

1. नीचे दिए गए रेखा समूहों के आलेख बनाइए। प्रत्येक स्थिति में ‘a’ और ‘b’ की भूमिका को व्यक्त कीजिए –

(i) y = 4x, y = 2x, y = x
उत्तर:
सभी रेखाएँ y = ax के रूप की हैं (जहाँ b = 0)।
अवलोकन:
सभी रेखाएँ मूल बिंदु (0,0) से होकर गुजरती हैं।
‘a’ (ढाल का मान रेखा की तीव्रता को निर्धारित करता है।
‘a’ का मान जितना बड़ा होगा, रेखा उतनी ही अधिक तीव्र (खड़ी) होगी।

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.6 प्रश्न 1 भाग 1

(ii) y = −6x, y = −3x, y = −x
उत्तर:
सभी रेखाएँ y = ax के रूप की हैं (जहाँ b = 0)।
अवलोकन:
सभी रेखाएँ मूल बिंदु से होकर गुजरती हैं।
ऋणात्मक ‘a’ का अर्थ है कि रेखाएँ नीचे की ओर झुकी होती हैं।
‘a’ का परिमाण जितना बड़ा होगा, रेखा की नीचे की ओर की तीव्रता उतनी ही अधिक होगी।

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.6 प्रश्न 1 भाग 2

(iii) y = 5x, y = −5x
उत्तर:
अवलोकन:
दोनों रेखाएँ मूल बिंदु से होकर गुजरती हैं।
y = 5x ऊपर की ओर झुकी  है, जबकि y = −5x नीचे की ओर झुकी है।
‘a’ का परिमाण समान होने के कारण दोनों रेखाओं की तीव्रता समान है, परंतु दिशा विपरीत है।

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.6 प्रश्न 1 भाग 3

(iv) y = 3x − 1, y = 3x, y = 3x + 1
उत्तर:
सभी रेखाओं का ढाल समान है (a = 3)।
अवलोकन:
रेखाएँ आपस में समांतर हैं क्योंकि उनका ढाल समान है।
‘b’ के भिन्न-भिन्न मान रेखा को ऊपर या नीचे खिसका देते हैं।
b = −1 → रेखा मूल बिंदु से नीचे है।
b = 0 → रेखा मूल बिंदु से होकर गुजरती है।
b = +1 → रेखा मूल बिंदु से ऊपर है।

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.6 प्रश्न 1 भाग 4

(v) y = −2x − 3, y = −2x, y = 2x + 3
उत्तर:
अवलोकन:
• y = −2x − 3 और y = −2x का ढाल समान है (−2) → ये दोनों रेखाएँ समांतर हैं।
• y = 2x + 3 का ढाल धनात्मक है → इसकी दिशा भिन्न है।
• ‘b’ रेखा की ऊर्ध्वाधर स्थिति को बदलता है।
निष्कर्ष:
1. ‘a’ (x का गुणांक) रेखा के ढाल और दिशा को नियंत्रित करता है।
2. ‘b’ (अचर पद) रेखा के ऊर्ध्वाधर विस्थापन (y-अंतःखंड) को नियंत्रित करता है।

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 प्रश्नावली 2.6 प्रश्न 1 भाग 5

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 अंतिम प्रश्नावली के समाधान

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 अंतिम प्रश्नावली

1. एक बहुपद लिखिए जिसमें चर x हो, घात 3 हो और x² पद का गुणांक −7 हो।

उत्तर:
घात 3 के बहुपद का सामान्य रूप होता है: ax³ + bx² + cx + d
दिया गया है कि x² का गुणांक −7 है, अतः b = −7
एक ऐसा बहुपद है: x³ − 7x² + 2x + 1
(x² का गुणांक −7 रखते हुए घात 3 का कोई भी बहुपद सही उत्तर होगा)

2. चरों के दिए गए मानों से नीचे दिए गए बहुपदों के मान ज्ञात कीजिए –

(i) 5x² − 3x + 7 यदि x = 1 हो।
(ii) 4t³ − t² + 6 यदि t = a हो।
उत्तर:
(i) 5x² − 3x + 7 यदि x = 1
x = 1 रखने पर:
= 5(1)² − 3(1) + 7
= 5 − 3 + 7
= 9

(ii) 4t³ − t² + 6 यदि t = a
t = a रखने पर:
= 4a³ − a² + 6

3. यदि हम किसी संख्या को 5/2 से गुणा करते हैं और उसके गुणनफल में 2/3 का योग करते हैं तो हमें −7/12 प्राप्त होता है। वह संख्या ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
माना संख्या = x
प्रश्नानुसार:
(5/2)x + 2/3 = −7/12
दोनों पक्षों में से 2/3 घटाने पर:
(5/2)x = −7/12 − 2/3
⇒ (5/2)x = −7/12 − 8/12
⇒ (5/2)x = −15/12
⇒ (5/2)x = −5/4
अब दोनों पक्षों को 2/5 से गुणा करने पर:
x = (−5/4) × (2/5)
⇒ x = −1/2
अतः वह संख्या −1/2 है।

4. कोई धनात्मक संख्या किसी अन्य संख्या की 5 गुना है। यदि दोनों संख्याओं में 21 जोड़ दिया जाए तो प्राप्त दोनों संख्याओं में से एक संख्या दूसरी संख्या की दोगुनी है। दोनों मूल संख्याएँ ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
माना छोटी संख्या = x
तो बड़ी संख्या = 5x
दोनों संख्याओं में 21 जोड़ने पर: नई संख्याएँ x + 21 और 5x + 21 हैं
प्रश्नानुसार: 5x + 21 = 2(x + 21)
⇒ 5x + 21 = 2x + 42
⇒ 5x − 2x = 42 − 21
⇒ 3x = 21
⇒ x = 7
अतः, छोटी संख्या = 7 और बड़ी संख्या = 5 × 7 = 35
अतः दोनों संख्याएँ 7 और 35 हैं।

5. यदि आपके पास ₹800 हैं और आप प्रतिमाह ₹250 की बचत करते हैं तो वह धनराशि ज्ञात कीजिए, जो आपके पास होगी — (i) 6 महीनों के पश्चात (ii) 2 वर्षों के पश्चात। इसे रैखिक प्रतिरूप के रूप में व्यक्त कीजिए।

उत्तर:
प्रारंभिक धनराशि = ₹800
प्रतिमाह बचत = ₹250
रैखिक प्रतिरूप: n महीनों के पश्चात धनराशि = 800 + 250n
(i) 6 महीनों के पश्चात धनराशि:
= 800 + 250(6)
= 800 + 1500
= ₹2300

(ii) 2 वर्षों के पश्चात धनराशि: 2 वर्ष = 24 महीने
24 महीनों के पश्चात धनराशि:
= 800 + 250(24)
= 800 + 6000
= ₹6800
अतः:
6 महीनों के पश्चात धनराशि = ₹2300
2 वर्षों के पश्चात धनराशि = ₹6800
रैखिक प्रतिरूप: A = 800 + 250n, जहाँ n महीनों की संख्या है।

6. एक दो-अंकीय संख्या के अंकों के मध्य का अंतर 3 है। यदि संख्या के दोनों अंकों को परस्पर परिवर्तित कर दिया जाए और प्राप्त संख्या को मूल संख्या में जोड़ दिया जाए तो हमें योगफल 143 प्राप्त होता है। दोनों संख्याएँ ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
माना दहाई का अंक = x और इकाई का अंक = y
तो मूल संख्या = 10x + y
अंक परिवर्तित करने पर प्राप्त संख्या = 10y + x
प्रश्नानुसार: (10x + y) + (10y + x) = 143
⇒ 11x + 11y = 143
⇒ 11(x + y) = 143
⇒ x + y = 13 …(1)
अंकों के मध्य अंतर 3 है।
अतः, x − y = 3 …(2)
अब समीकरण (1) और (2) को जोड़ने पर:
2x = 16
⇒ x = 8
x = 8 का मान समीकरण (1) में रखने पर:
8 + y = 13
⇒ y = 5
अतः, मूल संख्या = 85 और परिवर्तित संख्या = 58
अतः दोनों संख्याएँ 85 और 58 हैं।

7. नीचे दिए गए समीकरणों के आलेख बनाइए और उनके ढलानों व y-अंतःखंडों की पहचान कीजिए। साथ ही उन बिंदुओं के निर्देशांक ज्ञात कीजिए, जहाँ ये रेखाएँ y-अक्ष को प्रतिच्छेद करती हैं।

(i) y = −3x + 4
(ii) 2y = 4x + 7
(iii) 5y = 6x − 10
(iv) 3y = 6x − 11
क्या इनमें से कोई भी रेखा परस्पर समानांतर है?
उत्तर:
(i) y = −3x + 4
y = ax + b से तुलना करने पर:
ढाल a = −3
y-अंतःखंड b = 4
अतः, वह बिंदु, जहाँ रेखा y-अक्ष को काटती है, (0, 4) है।

(ii) 2y = 4x + 7
दोनों पक्षों को 2 से भाग देने पर: y = 2x + 7/2
ढाल a = 2
y-अंतःखंड b = 7/2
अतः, वह बिंदु, जहाँ रेखा y-अक्ष को काटती है, (0, 7/2) है।

(iii) 5y = 6x − 10
दोनों पक्षों को 5 से भाग देने पर: y = (6/5)x − 2
ढाल a = 6/5
y-अंतःखंड b = −2
अतः, वह बिंदु, जहाँ रेखा y-अक्ष को काटती है, (0, −2) है।

(iv) 3y = 6x − 11
दोनों पक्षों को 3 से भाग देने पर: y = 2x − 11/3
ढाल a = 2
y-अंतःखंड b = −11/3
अतः, वह बिंदु, जहाँ रेखा y-अक्ष को काटती है, (0, −11/3) है।
समानांतर रेखाएँ:
दो रेखाएँ समानांतर होती हैं यदि उनका ढाल समान हो।
समीकरण (ii) का ढाल = 2
समीकरण (iv) का ढाल = 2
अतः, रेखाएँ (ii) और (iv) समानांतर हैं।

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 के प्रश्न 7 के उत्तर का चित्र

8. यदि किसी द्रव के तापमान को केल्विन इकाई में x K के रूप में और फॉरेनहाइट इकाई में y °F के रूप में मापा जाता है तो तापमान मापन की दोनों प्रणालियों के मध्य संबंध, रैखिक समीकरण y = (9/5)(x − 273) + 32 द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

(i) यदि द्रव का तापमान 313 K हो तो फॉरेनहाइट इकाई में द्रव का तापमान ज्ञात कीजिए।
(ii) यदि द्रव का तापमान 158 °F हो तो केल्विन इकाई में द्रव का तापमान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
(i) जब x = 313 K है, हमें y ज्ञात करना है:
समीकरण y = (9/5)(x − 273) + 32 का उपयोग करते हुए:
y = (9/5)(313 − 273) + 32
⇒ y = (9/5)(40) + 32
⇒ y = 72 + 32
⇒ y = 104
अतः, तापमान 104 °F है।

(ii) जब y = 158 °F है, हमें x ज्ञात करना है:
समीकरण y = (9/5)(x − 273) + 32 का उपयोग करते हुए:
158 = (9/5)(x − 273) + 32
दोनों पक्षों में से 32 घटाने पर:
158 − 32 = (9/5)(x − 273)
⇒ 126 = (9/5)(x − 273)
दोनों पक्षों को 5/9 से गुणा करने पर:
126 × (5/9) = x − 273
⇒ 70 = x − 273
⇒ x = 343
अतः, तापमान 343 K है।

9. किसी वस्तु पर नियत बल लगाने पर वस्तु द्वारा किया जाने वाला कार्य, नियत बल व बल की दिशा में वस्तु द्वारा तय की गई दूरी के गुणनफल के समान होता है। इसे दो चरों (कार्य w और दूरी d) में एक रैखिक समीकरण के रूप में व्यक्त कीजिए। नियत बल को 3 इकाई लेते हुए आलेख बनाइए। यदि वस्तु द्वारा तय की गई दूरी 2 इकाई हो तो वस्तु द्वारा किया गया कार्य ज्ञात कीजिए। किए गए कार्य के मान और संगत दूरी को आलेख में दर्शाते हुए इस मान की जाँच भी कीजिए।

उत्तर:
हम जानते हैं कि:
कार्य = बल × दूरी
प्रश्नानुसार, किया गया कार्य = w
तय की गई दूरी = d
नियत बल = 3 इकाई
अतः, w = 3d
यह दो चरों में अभीष्ट रैखिक समीकरण है।
यदि d = 2 इकाई है, तो बल w = 3 × 2 = 6 इकाई।
w को y-अक्ष पर और d को x-अक्ष पर लेते हुए, हम आलेख खींच सकते हैं।

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 के प्रश्न 9 के उत्तर का चित्र

बिंदु (2, 6) एक सरल रेखा पर स्थित है, अतः यह आलेख द्वारा सत्यापित होता है।
अतः, जब तय की गई दूरी 2 इकाई है, तब किया गया कार्य:
w = 3 × 2
अतः, w = 6 इकाई
आलेख से सत्यापन:
d = 2 के संगत बिंदु (2, 6) है, अतः किया गया कार्य 6 इकाई है।

10. एक रैखिक बहुपद p(x) का आलेख बिंदुओं (1, 5) और (3, 11) से होकर जाता है।

(i) बहुपद p(x) ज्ञात कीजिए।
(ii) उन बिंदुओं के निर्देशांक ज्ञात कीजिए जिन पर p(x) का आलेख दोनों अक्षों को प्रतिच्छेद करता है।
(iii) p(x) का आलेख बनाइए और अपने उत्तरों की जाँच कीजिए।
उत्तर:
(i) माना p(x) = ax + b
चूँकि आलेख (1, 5) से होकर जाता है,
a(1) + b = 5
⇒ a + b = 5 …(1)
चूँकि आलेख (3, 11) से होकर जाता है,
a(3) + b = 11
⇒ 3a + b = 11 …(2)
समीकरण (2) में से (1) को घटाने पर:
3a + b − (a + b) = 11 − 5
⇒ 2a = 6
⇒ a = 3
a = 3 का मान समीकरण (1) में रखने पर:
3 + b = 5
⇒ b = 2
अतः, p(x) = 3x + 2

(ii) वे निर्देशांक जहाँ आलेख अक्षों को काटता है:
y-अक्ष का अंतःखंड ज्ञात करने के लिए: x = 0 रखने पर
y = p(0) = 3(0) + 2 = 2
अतः, आलेख y-अक्ष को (0, 2) पर काटता है।
x-अक्ष का अंतःखंड ज्ञात करने के लिए: y = 0 रखने पर
3x + 2 = 0
⇒ 3x = −2
⇒ x = −2/3
अतः, आलेख x-अक्ष को (−2/3, 0) पर काटता है।

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 के प्रश्न 10 के उत्तर का चित्र

(iii) आलेख से यह सत्यापित होता है कि रेखा दिए गए बिंदुओं से होकर गुजरती है और
y-अक्ष को (0, 2) पर काटती है
x-अक्ष को (−2/3, 0) पर काटती है।

11. मान लीजिए, दो रैखिक बहुपद p(x) = ax + b और q(x) = cx + d इस प्रकार हैं कि –

(i) p(0) = 5 है।
(ii) बहुपद p(x) − q(x), x-अक्ष को बिंदु (3, 0) पर प्रतिच्छेद करता है।
(iii) योगफल p(x) + q(x), x के सभी वास्तविक मानों के लिए 6x + 4 के समान है।
बहुपद p(x) और q(x) ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
माना p(x) = ax + b और q(x) = cx + d
शर्त (i) का उपयोग करते हुए, हमारे पास p(0) = 5 है
⇒ a(0) + b = 5
⇒ b = 5
अतः, p(x) = ax + 5

अब, शर्त (iii) का उपयोग करते हुए, हमारे पास है
p(x) + q(x) = 6x + 4
⇒ (ax + 5) + (cx + d) = 6x + 4
⇒ (a + c)x + (5 + d) = 6x + 4
गुणांकों की तुलना करने पर, हमें प्राप्त होता है:
a + c = 6 …(1)
5 + d = 4
⇒ d = −1
अतः, q(x) = cx − 1

शर्त (ii) का उपयोग करते हुए, p(x) − q(x), x-अक्ष को (3, 0) पर काटता है
⇒ p(3) − q(3) = 0
यहाँ:
p(3) = 3a + 5
q(3) = 3c − 1
अतः, (3a + 5) − (3c − 1) = 0
⇒ 3a + 5 − 3c + 1 = 0
⇒ 3a − 3c + 6 = 0
⇒ a − c = −2 …(2)

समीकरणों को हल करने पर:
समीकरण (1) से: a + c = 6
समीकरण (2) से: a − c = −2
दोनों को जोड़ने पर: 2a = 4 ⇒ a = 2
तब: 2 + c = 6 ⇒ c = 4
अतः, p(x) = 2x + 5 और q(x) = 4x − 1 है।

12. माचिस की तीलियों से निर्मित षट्भुजों के बढ़ते हुए प्रतिरूप के प्रथम तीन चरणों को देखिए। प्रत्येक स्तर पर एक नया षट्भुज जोड़ा जाता है जो इससे पूर्व के चरण में बनी आकृति के अंतिम षट्भुज की एक भुजा से जुड़ा होता है।

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 के प्रश्न 12 का चित्र

(i) इस प्रतिरूप के अग्रिम दो चरण बनाइए। इन चरणों में कितनी माचिस की तीलियों की आवश्यकता होगी?
(ii) नीचे दी गई तालिका को पूर्ण कीजिए –

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 के प्रश्न 12 के भाग 2 का चित्र

(iii) n वें चरण के लिए आवश्यक माचिस की तीलियों की संख्या का पता लगाने के लिए सूत्र ज्ञात कीजिए।
(iv) प्रतिरूप के 15वें चरण के लिए माचिस की कितनी तीलियों की आवश्यकता होगी?
(v) क्या माचिस की 200 तीलियों से इस प्रतिरूप में कोई चरण निर्मित हो सकता है? अपने उत्तर को प्रमाणित कीजिए।
उत्तर:
एक अकेले षट्भुज के लिए 6 माचिस की तीलियों की आवश्यकता होती है।
चूँकि प्रत्येक नया षट्भुज पिछले षट्भुज के साथ एक भुजा साझा करता है, इसलिए प्रत्येक नए चरण में केवल 5 नई माचिस की तीलियाँ जोड़ी जाती हैं।
अतः प्रतिरूप इस प्रकार है:
चरण 1 = 6
चरण 2 = 6 + 5 = 11
चरण 3 = 11 + 5 = 16
(i) अगले दो चरण:
चरण 4: माचिस की तीलियों की संख्या = 16 + 5 = 21
चरण 5: माचिस की तीलियों की संख्या = 21 + 5 = 26
अतः:
• चरण 4 के लिए 21 माचिस की तीलियों की आवश्यकता है।
• चरण 5 के लिए 26 माचिस की तीलियों की आवश्यकता है।

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 के प्रश्न 12 के उत्तर का चित्र

(ii) तालिका पूर्ण करना:

कक्षा 9 गणित मंजरी अध्याय 2 के प्रश्न 12 के भाग 2 के उत्तर का चित्र

(iii) n वें चरण के लिए सूत्र:
माचिस की तीलियों की संख्या एक समांतर प्रतिरूप बनाती है: 6, 11, 16, 21, 26, …
पहला पद = 6
सार्व अंतर = 5
अतः, n वें चरण में माचिस की तीलियों की संख्या
= 6 + (n − 1) × 5
= 6 + 5n − 5
= 5n + 1
अतः, सूत्र है: Mₙ = 5n + 1

(iv) 15वें चरण के लिए आवश्यक माचिस की तीलियाँ:
M₁₅ = 5(15) + 1
= 75 + 1
= 76
अतः, 15वें चरण के लिए 76 माचिस की तीलियों की आवश्यकता होगी।

(v) क्या माचिस की 200 तीलियों से इस प्रतिरूप में कोई चरण निर्मित हो सकता है?
किसी चरण n के लिए,
5n + 1 = 200
⇒ 5n = 199
⇒ n = 199/5
⇒ n = 39.8
चूँकि n एक पूर्ण संख्या नहीं है, अतः 200 माचिस की तीलियों से इस प्रतिरूप में कोई भी चरण निर्मित नहीं हो सकता है।

13. मान लीजिए p(x) = ax + b और q(x) = cx + d दो रैखिक बहुपद इस प्रकार हैं कि –

(i) बहुपद p(x) का आलेख, बिंदुओं (2, 3) और (6, 11) से होकर जाता है।
(ii) बहुपद q(x) का आलेख, बिंदु (4, −1) से होकर जाता है।
(iii) बहुपद q(x) का आलेख, बहुपद p(x) के आलेख के समानांतर है।
बहुपदों p(x) और q(x) को ज्ञात कीजिए। इसके अतिरिक्त, उस बिंदु के निर्देशांक ज्ञात कीजिए, जिस पर ये रेखाएँ x-अक्ष से मिलती हैं।
उत्तर:
दिया गया है:
p(x) = ax + b
q(x) = cx + d
सबसे पहले, p(x) ज्ञात करते हैं।
चूँकि p(x), (2, 3) और (6, 11) से होकर जाता है, इसका ढाल (slope) है:
m = (11 − 3) / (6 − 2)
= 8/4 = 2
अतः, p(x) = 2x + b
बिंदु (2, 3) का उपयोग करते हुए:
3 = 2(2) + b
⇒ 3 = 4 + b
⇒ b = −1
अतः, p(x) = 2x − 1
अब q(x) ज्ञात करते हैं।
चूँकि q(x), p(x) के समानांतर है, इसका ढाल समान होगा।
अतः, q(x) का ढाल = 2
अतः, q(x) = 2x + d
चूँकि q(x), (4, −1) से होकर जाता है, अतः −1 = 2(4) + d
⇒ −1 = 8 + d
⇒ d = −9
अतः, q(x) = 2x − 9
अब हमें यह ज्ञात करना है कि ये रेखाएँ x-अक्ष से कहाँ मिलती हैं।
कोई रेखा x-अक्ष से वहाँ मिलती है जहाँ y = 0 होता है।
p(x) = 2x − 1 के लिए: 0 = 2x − 1
⇒ 2x = 1
⇒ x = 1/2
अतः, p(x), x-अक्ष से (1/2, 0) पर मिलता है।
q(x) = 2x − 9 के लिए: 0 = 2x − 9
⇒ 2x = 9
⇒ x = 9/2
अतः, q(x), x-अक्ष से (9/2, 0) पर मिलता है।
अतः, p(x) = 2x − 1 और q(x) = 2x − 9
x-अक्ष के अंतःखंड हैं:
p(x) के लिए: (1/2, 0)
q(x) के लिए: (9/2, 0)

14. f(x) = ax + a, जहाँ a > 0 है, के रूप के सभी रैखिक फलनों में कौन-सा गुण सामान्य है?

उत्तर:
दिया गया है: f(x) = ax + a, जहाँ a > 0
इसे इस प्रकार लिखा जा सकता है: f(x) = a(x + 1)
इस प्रकार के सभी रैखिक फलनों (linear functions) के सामान्य गुण इस प्रकार हैं:
1. ढाल:
ढाल a है, और चूँकि a > 0 है, अतः सभी रेखाओं का ढाल धनात्मक है।
अतः, ये सभी रेखाएँ बाएँ से दाएँ ऊपर की ओर उठती हैं।
2. y-अंतःखंड:
x = 0 रखने पर,
f(0) = a
अतः, y-अंतःखंड (0, a) है।
चूँकि a > 0 है, अतः सभी रेखाएँ मूल बिंदु से ऊपर y-अक्ष को काटती हैं।
3. x-अंतःखंड:
रेखा x-अक्ष को कहाँ काटती है, यह ज्ञात करने के लिए f(x) = 0 रखने पर:
ax + a = 0
a(x + 1) = 0
चूँकि a > 0 है, अतः a शून्य नहीं है।
अतः, x + 1 = 0
या x = −1
इस प्रकार, प्रत्येक रेखा x-अक्ष को एक ही बिंदु (−1, 0) पर काटती है।
अतः, f(x) = ax + a (जहाँ a > 0) के रूप के सभी रैखिक फलनों में निम्नलिखित गुण सामान्य हैं:
सभी का ढाल धनात्मक है
सभी रेखाएँ मूल बिंदु से ऊपर y-अक्ष को काटती हैं।
सभी एक निश्चित बिंदु (−1, 0) से होकर गुजरती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या नई किताब गणित मंजरी का अध्याय 2, पुरानी एनसीईआरटी से बिल्कुल अलग है?

जी हाँ, “गणित मंजरी” सत्र 2026-27 से लागू हुई पूरी तरह नई एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक है, जो एनसीएफ के अनुसार तैयार की गई है। पुरानी किताब में सीधे बीजगणित के नियम और सूत्र दिए जाते थे, जबकि इस नई किताब में हर अवधारणा को पहले वास्तविक जीवन के उदाहरण (जैसे दुकान से पेन-पेंसिल खरीदना, ऑटो का किराया, मोबाइल रिचार्ज) से समझाया गया है, उसके बाद ही औपचारिक परिभाषा दी गई है। “सोचिए और विचार कीजिए” जैसे नए बॉक्स भी जोड़े गए हैं जो बच्चों को स्वयं सोचने और खोजने के लिए प्रेरित करते हैं। इसलिए विषयवस्तु का क्रम, प्रस्तुतीकरण शैली और अभ्यास प्रश्न – तीनों ही पहले से भिन्न हैं।

परीक्षा में “रैखिक बहुपद” और “एकचरीय बहुपद” में अंतर पूछा जा सकता है – बच्चे को यह कैसे समझाएँ ताकि वह भ्रमित न हो?

सबसे आसान तरीका यह है कि बच्चे को पहले “चर की संख्या” और फिर “घात” के आधार पर अंतर समझाएँ। एकचरीय बहुपद वह होता है जिसमें केवल एक ही चर (x, y या z) प्रयोग हुआ हो, चाहे उसकी घात कोई भी हो – जैसे x² + 5x + 1 या 5y³ + y² – 8 भी एकचरीय बहुपद हैं। परंतु रैखिक बहुपद केवल वे बहुपद होते हैं जिनकी घात ठीक 1 हो, जैसे 3z + 7 या 2x + 3। इसका मतलब है कि हर रैखिक बहुपद एकचरीय होता है, लेकिन हर एकचरीय बहुपद रैखिक नहीं होता। बच्चों को घात-अनुसार वर्गीकरण (त्रिघाती, द्विघाती, रैखिक, अचर) की तालिका बनाकर याद कराना सबसे प्रभावी रहता है।

रैखिक समीकरण y = ax + b के आलेख में ढलान ‘a’ और y-अंतःखंड ‘b’ का वास्तविक जीवन में क्या मतलब होता है?

यह प्रश्न विद्यार्थियों को अक्सर उलझाता है क्योंकि वे इसे केवल गणितीय संख्या के रूप में देखते हैं। असल में ‘a’ यानी ढलान यह बताता है कि एक चर में एक इकाई की वृद्धि होने पर दूसरे चर में कितनी वृद्धि या कमी होती है – जैसे मोबाइल डेटा बिल के उदाहरण में y = 20x + 150 में ढलान 20 का अर्थ है कि प्रति जीबी डेटा पर ₹20 अतिरिक्त शुल्क लगता है। वहीं ‘b’ यानी y-अंतःखंड वह निश्चित (स्थिर) राशि है जो चर के शून्य होने पर भी मौजूद रहती है – इस उदाहरण में ₹150 मासिक निश्चित शुल्क है, चाहे डेटा का उपयोग हो या न हो। यह व्याख्या बच्चों को संकल्पना को व्यावहारिक रूप से समझने में मदद करती है।

इस अध्याय को कक्षा में पढ़ाते समय किन गतिविधियों का उपयोग करना सबसे प्रभावी रहेगा?

चूँकि “गणित मंजरी” पाठ्यपुस्तक में हर उदाहरण के बाद “सोचिए और विचार कीजिए” बॉक्स दिया गया है, शिक्षक इन्हें कक्षा-चर्चा या जोड़ी-कार्य के रूप में उपयोग कर सकते हैं। जैसे वर्गाकार टाइलों के बढ़ते प्रतिरूप (चित्र 2.4) को वास्तविक माचिस की तीलियों या रंगीन कागज़ के टुकड़ों से कक्षा में बनवाना, या ग्राफ पेपर पर y = 2x, y = x, y = ½x जैसी रेखाएँ स्वयं खींचने देना, विद्यार्थियों को रैखिक वृद्धि, ढलान और समांतर रेखाओं जैसी संकल्पनाओं को स्वयं खोजकर सीखने में मदद करता है, जो कि इस नई पाठ्यपुस्तक का मूल उद्देश्य भी है।

क्या इस अध्याय के प्रश्न बोर्ड परीक्षा (वार्षिक परीक्षा) में सीधे पूछे जा सकते हैं या यह केवल आंतरिक मूल्यांकन के लिए है?

कक्षा 9 में स्कूल-स्तर पर वार्षिक परीक्षा होती है (सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कक्षा 10 से शुरू होती है), इसलिए इस अध्याय के प्रश्न विद्यालय की वार्षिक/अर्धवार्षिक परीक्षाओं में सीधे पूछे जा सकते हैं — विशेष रूप से बहुपद की घात पहचानना, गुणांक व अचर पद ज्ञात करना, रैखिक प्रतिरूप का सूत्र लिखना और ग्राफ बनाना। इसके अतिरिक्त, यह अध्याय आगे कक्षा 9 के ही “रैखिक समीकरण” अध्याय और कक्षा 10-11 में पढ़ाए जाने वाले फलन व निर्देशांक ज्यामिति की नींव बनाता है, इसलिए इसे केवल परीक्षा की दृष्टि से नहीं बल्कि दीर्घकालिक अवधारणात्मक समझ के लिए भी गंभीरता से पढ़ाया जाना चाहिए।

घर पर बच्चे को इस अध्याय का अभ्यास कराने के लिए किन आसान तरीकों का उपयोग किया जा सकता है?

घर पर अभ्यास कराने का सबसे प्रभावी तरीका है रोज़मर्रा की स्थितियों को गणितीय भाषा में बदलना — जैसे “अगर तुम्हें ₹500 जेब खर्च मिलते हैं और हर महीने ₹150 अतिरिक्त मिलते हैं, तो n वें महीने में कुल राशि कितनी होगी?” जैसे प्रश्न बनाकर पूछना। इसके अलावा ग्राफ पेपर पर साथ बैठकर y = ax + b के अलग-अलग मान लेकर रेखाएँ खींचना और यह देखना कि ढलान व y-अंतःखंड बदलने पर रेखा कैसे बदलती है, बच्चे की दृश्य समझ को मज़बूत करता है। नियमित रूप से पाठ्यपुस्तक के “सोचिए और विचार कीजिए” वाले प्रश्नों को मौखिक रूप से हल करवाना भी बहुत सहायक सिद्ध होता है।