कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 4 एनसीईआरटी समाधान – कार्बन एवं उसके यौगिक

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 4 के लिए एनसीईआरटी समाधान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक के अभ्यास के प्रश्न उत्तर तथा पेज के बीच में दिए गए सवाल जवाब शैक्षणिक सत्र 2021-2022 के लिए यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं। 10वीं विज्ञान अध्याय 4 के सभी प्रश्न उत्तर आसान भाषा में यहाँ समझाए गए हैं जिसे कोई भी विद्यार्थी आसानी से समझ सकता है। कार्बन से बनने वाले यौगिकों के सूत्रों को स्वच्छ चित्रों के माध्यम से समझाया गया है। कक्षा 10 विज्ञान समाधान ऐप से भी सत्र 2021-2022 के लिए 10वीं विज्ञान के सभी प्रश्न उत्तर प्राप्त किए जा सकते हैं।

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 4 के लिए एनसीईआरटी समाधान

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 4 के बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) उत्तर

Q1

वायुमंडल में कार्बन निम्नलिखित में से किस रूप में रहता है?

[A]. कोयला
[B]. केवल कार्बन मोनोक्साइड
[C]. केवल कार्बन डाइऑक्साइड
[D]. अल्प मात्रा में कार्बन मोनोक्साइड तथा कार्बन डाइऑक्साइड
Q2

पैलेडियम अथवा निकैल उत्प्रेरक की उपस्थिति में तेल, हाइड्रोजन से अभिकृत कराने पर वसा देते हैं। यह उदाहरण है, एक

[A]. ऑक्सीकरण अभिक्रिया का
[B]. विस्थापन अभिक्रिया का
[C]. संकलन अभिक्रिया का
[D]. प्रतिस्थापन अभिक्रिया का
Q3

बकमिनस्टर फुलरीन एक अपररूप है

[A]. टिन का
[B]. कार्बन का
[C]. फास्फोरस का
[D]. सल्फर का
Q4

साबुन के अणु में होता है

[A]. जलविरागी शीर्ष तथा जलरागी पूँछ
[B]. जलविरागी शीर्ष तथा जलविरागी पूँछ
[C]. जलरागी शीर्ष तथा जलरागी पूँछ
[D]. जलरागी शीर्ष तथा जलविरागी पूँछ

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 4 के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

कार्बन के दो गुणधर्म कौन से हैं जिनके कारण हमारे चारों ओर कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या दिखाई देती है?

कार्बन के दो प्रमुख गुणधर्म हैं:
श्रृंखलन: कार्बन में कार्बन के ही अन्य परमाणुओं के साथ आबंध बनाने की अद्यभूत क्षमता के इस गुण को श्रृंखलन कहते हैं। इन में कार्बन की लंबी श्रृंखला तथा कार्बन की विभिन्न शाखाओं वाली श्रृंखला पाई जाती है।
संयोजकता: कार्बन की संयोजकता चार होती है। अतः इसमें कार्बन के चार अन्य परमाणुओं अथवा कुछ संयोजक तत्वों के परमाणुओं के साथ आबंधन बनाने की क्षमता को संयोजकता कहते है।

ऑक्सीजन तथा एथाइन के मिश्रण का दहन वेल्डिंग के लिए किया जाता है। क्या आप बता सकते हैं कि एथाइन तथा वायु के मिश्रण का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है?

ऑक्सीजन तथा एथाइन के मिश्रण से ऑक्सीऐसीटिलीन गैस उत्पन्न होती है जो अत्यधिक ताप कर वैल्डिंग करने में सक्षम है, परन्तु वायु के मिश्रण से कोई गैस उतपन्न नहीं होती इसलिए इनका मिश्रण उपयोग नहीं किया जाता है।

प्रयोग द्वारा आप ऐल्कोहॉल एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल में कैसे अंतर कर सकते हैं?

जब हम एल्कोहल तथा कार्बोक्सिलिक अम्ल दोनों में सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट डालते है, तब एल्कोहल सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया नहीं करता है जबकि कार्बोक्सिलिक अम्ल सोडियम हाइड्रोजन से अभिक्रिया करके CO2 गैस निकलता है, जो चुने के पानी को दूधिया कर देती है।

ऑक्सीकारक क्या है?

वे पदार्थ जो दूसरे पदार्थो को ऑक्सीजन देने का कार्य करते है तथा किसी दूसरे परमाणु से इलैक्ट्रोन ग्रहण करते हैं, उसे ऑक्सीकारक कहते है । जैसे – अल्कलाइन पोटाशियम परमेंगनेट और अम्लीय पोटाशियम डाइक्रोमेट।

क्या आप डिटरजेंट का उपयोग कर बता सकते हैं कि कोई जल कठोर है अथवा नहीं?

नहीं, क्योंकि डिटरजेंट मृदुल एवं कठोर जल दोनों के साथ समान मात्रा में क्षाग उत्पन करता है।

लोग विभिन्न प्रकार से कपड़े धोते हैं। सामान्यतः साबुन लगाने के बाद लोग कपड़े पत्थर पर पटकते हैं, डंडे से पीटते हैं, ब्रुश से रगड़ते हैं या वाशिंग मशीन में कपड़े रगड़े जाते हैं। कपड़ा साफ करने के लिए उसे रगड़ने की क्यों आवश्य्कता होती है?

जब कपड़े पर साबुन लगाया जाता है, तो साबुन तैलीय मैल के साथ मिलकर मिसेल बनता है, जो मिसेल कोलाइड की रूप बने रहते है। कपड़े को रगड़ने, पीटने और पत्थर पर मरने से साबुन कपड़े में समान रूप से फैल जाता है जिससे मिसेल बनने में आसानी होती है । ताकि कपड़े में लगे दाग मीसेल मैल के रूप में आसानी से अलग हो जाती है और कपड़ा साफ हो जाता है।

जब साबुन को जल में डाला जाता है तो मिसेल का निर्माण क्यों होता है? क्या एथनॉल जैसे दूसरे विलायकों में भी मिसेल का निर्माण होगा?

जब हम साबुन या किसी भी अपमार्जक को पानी में मिलाते है तो इनके अणु परस्पर एकत्रित होकर गुच्छों का रूप धारण कर लेते हैं, जिसे मिसेल कहते है । इसमें एक लम्बी हाइड्रोकार्बन पूंछ एवं एक ऋणात्मक सिर होता है। इस मिसेल में पूछे अंदर की ओर चिपकी रहती है एवं सिर बाहर की ओर इंगित करता है। हाइड्रोकार्बन जल विरोधी तथा सिर जलरागी स्वभाव का होता है ।
नहीं, एथेनॉल जैसे दूसरे विलायकों में मिसेल का निर्माण नहीं होता है। क्योंकि ये धुर्वीय विलायक नहीं है।

कार्बन एवं उसके यौगिकों का उपयोग अधिकतर अनुप्रयोगों में ईंधन के रूप में क्यों किया जाता है?

कार्बन एवं उसके यौगिकों का उपयोग अधिकतर अनुप्रयोगों में ईंधन के रूप में इसलिए किया जाता है कि अधिकांश कार्बन यौगिकों को जलाने पर हमें प्रचुर मात्रा में ताप एवं प्रकाश की प्राप्ति होती है । जब हम कार्बन को ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलते है तो ताप एवं प्रकाश के साथ कार्बनडाइऑक्साइड उत्पन करता है। अतः कार्बन यौगिकों को ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है।

कठोर जल को साबुन से उपचारित करने पर झाग के निर्माण को समझाइए।

जब हम कठोर जल में साबुन मिलाते है तो साबुन मैग्नीशियम एवं कैल्शियम लवणों से अभिक्रिया करता है जिससे मुश्किल से ही झाग उत्पन होता है एवं कुछ अधुलनशील पदार्थ का निर्माण होता है।

यदि आप लिटमस पत्र (लाल एवं नीला) से साबुन की जाँच करें तो आपका प्रेक्षण क्या होगा?

साबुन में लम्बी हाइड्रोकार्बन श्रृंखला युक्त क्षार होता है जो लाल लिटमस को नीला कर देता है।

मक्खन एवं खाना बनाने वाले तेल के बीच रासायनिक अंतर समझने के लिए एक परीक्षण बताइए।

मक्खन एक संतृप्त हाइड्रोकार्बन है जबकि खाद्य तेल एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन है इन दोनों में अंतर इस प्रकार है:
1. जब हम थोड़े से मक्खन को गर्म करके उसमे कुछ बूँदे ब्रोमीन जल की कुछ डालते है तो ब्रोमीन जल का रंग नहीं उड़ता। इससे पता चलता है कि मक्खन, संतृप्त कार्बनिक यौगिक है।
2. जब हम खाद्य तेल में ब्रोमीन जल डालकर हिलाते है तो कुछ समय बाद ब्रोमीन जल का रंग उड़ जाता है। इससे पता चलता है कि खाद्य तेल असंतृप्त कार्बनिक यौगिक हैं।

साबुन की सफाई प्रक्रिया की क्रियाविधि समझाइए।

जब हम साबुन या किसी भी अपमार्जक को पानी में मिलाते है तो इनके अणु परस्पर एकत्रित होकर गुच्छों का रूप धारण कर लेते हैं । इसमें एक लम्बी हाइड्रोकार्बन पूंछ एवं एक ऋणात्मक सिर होता है। सफाई क्रिया में हाइड्रोकार्बन पूँछें तैलीय गंदगी से चिपक जाती हैं। जब हम जल को हिलाते हैं तो तैलीय गंदगी ऊपर उठने का प्रयास करती हैं और यह छोटे – छोटे टुकड़ों में वियोजित हो जाती हैं तथा इस प्रकार दुसरे अपमार्जक अणुओं की पूंछों को तेल से चिपकने का अवसर प्रदान करता है।
अब इस विलयन में अनेक छोटी- छोटी तेलीय गोलिकाएँ चारों तरफ़ अपमार्जक अणुओं से धिर जाती है एवं परस्पर संयुक्त होकर पुंज बनाने से वंचित रह जाती है। अतः इस प्रकार हम साबुन की सफाई प्रक्रिया द्वारा वस्तु से तैलीय गंदगी को दूर करते हैं।

नाइट्रोजन में त्रिआबंध का बनना

नाइट्रोजन की परमाणु संख्या 7 है। इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास एवं संयोजन क्षमता के अनुसार अष्टक प्राप्त करने के लिए नाइट्रोजन के एक अणु में नाइट्रोजन का प्रत्येक परमाणु तीन इलेक्ट्रॉन देता है, जिससे इलेक्ट्रॉन के तीन सहभागी युग्म प्राप्त होते हैं। इसे दो परमाणुओं के बीच त्रिआबंध का बनना कहा जाता है।

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 4 के अतिरिक्त प्रश्न उत्तर

साबुन की तुलना में डिटरजेंट उत्तम प्रक्षालक क्यों है? समझाइएं।

डिटरजेंट, कठोर तथा मृदुजल दोनों में प्रक्षालक का कार्य करता है। डिटरजेंट का आवेशित सिरा, कठोर जल में उपस्थित मैग्नीशियम तथा कैल्सियम आयनों के साथ अविलेय अवक्षेप नहीं बनाता है।

मेथेनॉल की थोड़ी मात्रा का अंतर्ग्रहण प्राणघातक होता है, टिप्पणी कीजिए।

यकृत में मेथेनॉल, मेथेनल में ऑक्सीकृत हो जाता है। मेथेनल कोशिका के अवयवों से शीघ्रता से क्रिया करता है। यह जीवद्रव्य का स्कंदन कर देता है। यह दृव्‌ तंत्रिका को प्रभावित करता है जिससे अंधता होती है।

एक परमाणु की उसी तत्व के समान परमाणुओं के साथ बन्ध बनाने की क्षमता कोशृंखलन कहते हैं। यह कार्बन तथा सिलिकन दोनों के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। तत्वों कीशृंखलन प्रवृत्ति की क्षमता की तुलना कीजिए तथा अंतर का कारण दीजिए।

कार्बन, सिलिकन अथवा अन्य तत्वों की अपेक्षाशृंखलन का अधिक गुण, छोटा आकार होने के कारण दर्शाता है, जिससे C-C बंध, अधिक प्रबल हो जाते हैं जबकि बड़ा आकार होने के कारण Si-सी बन्ध तुलनात्मक रूप से दुर्बल होते हैं।

दो ब्.परमाणुओं के मध्य उपस्थित बहुबंध वाले असंतृप्त हाइड्रोकार्बन संकलन अभिक्रियाएँ दर्शाते हैं। एथेन को एथीन से विभेद करने हेतु परीक्षण दीजिए।

संकेत:-दोनों को ज्वाला के संपर्क में लाने पर विभेदित किया जा सकता है। संतृप्त हाइड्रोकार्बन सामान्यत: स्वच्छ ज्वाला देते हैं जबकि असंतृप्त हाइड्रोकार्बन काले धुएँ के साथ पीली ज्वाला देते हैं।

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 4 को सरलता से कैसे याद किया जा सकता हैं?

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 4 को आसानी से समझने के लिए इसे तीन से चार भागों में विभाजित करना होगा।

    • सर्वप्रथम यह जरूरी है कि आप अध्याय 4 को शुरू करने के पहले कार्बन के विषय में पूरी जानकारी प्राप्त कर लें। ऐसा करने के पश्चात आपको यह अध्याय समझने में ना सिर्फ आसानी होगी बल्कि कार्बन से प्राप्त यौगिकों का अध्ययन आपके लिए सरल हो जाएगा।
    • इसके पश्चात आपको हाइड्रोजन संबंधित और हाइड्रोकार्बन से मिलकर बनने वाले बंध के बारे में जानकारी प्राप्त करना पड़ेगा।
    • अंत में सभी तथ्यों विषयों का क्रमबद्ध अध्ययन, और समय समय पर किया गया रिवीजन इस अध्याय को आपके लिए सरल बना देगा।
कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 4 में विद्यार्थियों को किन प्रश्नों में कठिनाई का सामना करना पड़ता है?

कक्षा 10 में विज्ञान अध्याय 4 के अंतर्गत कठिन प्रश्नों में कार्बन का संयोजी आबंध, संतृप्त एवं असंतृप्त कार्बनिक योगिक संख्याएं, शाखाएं एवं कार्बनिक यौगिकों के कुछ प्रकार्यात्मक समूह, कार्बनिक यौगिकों की नाम पद्धति, कार्बनिक यौगिकों के रासायनिक गुणधर्म, ऑक्सीकरण, प्रतिस्थापन अभिक्रिया है साथ ही एथेनॉल के गुणधर्म जैसे कुछ विषय विद्यार्थियों को कठिन लग सकते हैं। इसके लिए उन्हें चाहिए कि वह बार-बार रिवीजन करें और सभी तत्वों का तुलनात्मक अध्ययन करें जिससे कि उन्हें किसी भी प्रकार का कोई भी कंफ्यूजन इस अध्याय में न हो।

कक्षा 10 में विज्ञान के अध्याय 4 में महत्वपूर्ण प्रश्न कौन से हैं?

10वीं विज्ञान के अध्याय 4 में निन्नलिखित प्रश्न परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है:

    1. CH₃Cl में आबंध निर्माण का उपयोग कर सह संयोजक बंद की प्रकृति समझाइए ।
    2. इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाइए।
    3. भौतिक एवम रासायनिक गुण धर्मों की आधार पर एथेनॉल एवम एथेनॉइक अम्ल में आप अंतर कैसे करेंगे ?
    4. कार्बन एवं उसके यौगिको का उपयोग अधिकतर अनुप्रयोगों में ईंधन के रूप में क्यों किया जाता है ?
    5. हाइड्रोजनीकरण क्या है?
    6. संतृप्त एवं असंतृप्त कार्बन के बीच रासायनिक अंतर समझने के लिए कोई परीक्षण बताइए।आदि
दसवीं कक्षा में विज्ञान के अध्याय 4 में 100% प्रतिशत अंक कैसे प्राप्त करें?

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 4 में शत-प्रतिशत लाने के लिए आपको थोड़ी मेहनत करने की जरूरत पड़ेगी। आपको उन टॉपिको को बार बार पढ़ना पड़ेगा जिसमें आपकी पकड़ कमजोर है। अपनी इस कमजोरी को दूर करने के लिए आप इस चैप्टर का वीडियो भी देख सकते हैं जो हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके अलावा कुछ प्रश्नों के उत्तर आपको पता होना चाहिए जैसे की कार्बन की चतुर संयोजकता एवं श्रंखलन प्रकृति क्या होती है, सहसंयोजक आबंध क्या होता है तथा कैसे बनता है, कार्बन अपने या दूसरे तत्व जैसे हाइड्रोजन ऑक्सीजन सल्फर नाइट्रोजन क्लोरीन आदि के साथ कौन से आबंध बनाता है, कार्बन किस प्रकार की यौगिक बनाता है, कार्बन की श्रंखला बनाने की क्षमता के कारण यौगिकों की कौन सी श्रेणी उत्पन्न होती है आदि। प्रश्नों को तैयार करके इस अध्याय में सभी विषयों का क्रमगत अध्ययन करके समय-समय पर रिवीजन और साथ ही पर्याप्त मात्रा में अध्ययन आपको निश्चित ही इस अध्याय में शत-प्रतिशत अंक दिलाने में कारगर सिद्ध होगा।

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