एनसीईआरटी समाधान कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 9 द्रव्य का परमाण्विक आधार
एनसीईआरटी कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 9 द्रव्य का परमाण्विक आधार समाधान – अभ्यास के प्रश्न उत्तर तथा अतिरिक्त प्रश्नों के हल यहाँ से मुफ्त में प्राप्त किए जा सकते हैं। एनसीईआरटी की नई कक्षा 9 विज्ञान पाठ्यपुस्तक “अन्वेषण” (सत्र 2026-27) का अध्याय 9 “द्रव्य का परमाण्विक आधार” रसायन विज्ञान की उन आधारभूत अवधारणाओं पर केंद्रित है जो परमाणु से यौगिक बनने तक की संपूर्ण प्रक्रिया को समझाती हैं। इस अध्याय में विद्यार्थी द्रव्यमान संरक्षण का नियम (आन्तवॉ लवाइजिए), स्थिर अनुपात का नियम (जोसेफ प्राउस्ट) तथा जॉन डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के अभिगृहीतों का प्रायोगिक क्रियाकलापों के माध्यम से गहन अध्ययन करते हैं। इसके साथ ही सहसंयोजी आबंध (इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी) और आयनिक आबंध (इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण) की अवधारणा, रासायनिक सूत्र लिखने की विधि, आणविक द्रव्यमान तथा सूत्र इकाई द्रव्यमान की गणना को सरल उदाहरणों – जल, कार्बन डाइऑक्साइड, सोडियम क्लोराइड – के माध्यम से समझाया गया है। यह अध्याय कक्षा 9 की बोर्ड परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और आगामी कक्षाओं में रासायनिक बंधन, मोल अवधारणा तथा रासायनिक समीकरणों को संतुलित करने की ठोस नींव तैयार करता है।
कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण पाठ 9 के त्वरित लिंक:
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कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण पाठ 9 अभ्यास प्रश्न उत्तर
एनसीईआरटी कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 9 समाधान
1. किसी एक तत्व (क) के तीसरे कोश में एक इलेक्ट्रॉन है। एक अन्य तत्व (ख) है जिसके दूसरे कोश में छह इलेक्ट्रॉन हैं।
(i) स्थायित्व प्राप्त करने के लिए ‘क’ कितने इलेक्ट्रॉनों का त्याग करेगा अथवा ग्रहण करेगा?
(ii) वह किस प्रकार का आयन बनाएगा?
(iii) स्थायित्व प्राप्त करने के लिए ‘ख’ कितने इलेक्ट्रॉनों का त्याग करेगा अथवा ग्रहण करेगा?
(iv) वह किस प्रकार का आयन बनाएगा?
(v) ‘क’ और ‘ख’ के संयोजित होने पर किस प्रकार का आबंध बनेगा?
(vi) उनके संयोजन से निर्मित यौगिक का सूत्र क्या होगा?
उत्तर देखेंतत्व ‘क’ का विन्यास: 2, 8, 1 (तीसरे कोश में 1 इलेक्ट्रॉन)। तत्व ‘ख’ का विन्यास: 2, 6 (दूसरे कोश में 6 इलेक्ट्रॉन)।
(i) ‘क’ स्थायित्व के लिए 1 इलेक्ट्रॉन त्यागेगा
(ii) यह धनायन (क⁺) बनाएगा
(iii) ‘ख’ स्थायित्व के लिए 2 इलेक्ट्रॉन ग्रहण करेगा
(iv) यह ऋणायन (ख²⁻) बनाएगा
(v) ‘क’ और ‘ख’ के संयोजन से आयनिक आबंध बनेगा
(vi) यौगिक का सूत्र: क₂ख
2. किसी तत्व ‘च’ के बाह्यतम कोश में छह इलेक्ट्रॉन हैं और वह एक द्विपरमाणुक अणु बनाता है।
(i) ऐसा क्यों हुआ होगा?
उत्तर देखेंतत्व ‘च’ के बाह्यतम कोश में 6 इलेक्ट्रॉन (जैसे ऑक्सीजन)। अष्टक पूर्ण करने के लिए 2 और इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता है, इसलिए दो ‘च’ परमाणु दो-दो इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं
(ii) वह किस प्रकार का आबंध बनाएगा?
उत्तर देखेंसहसंयोजी आबंध (द्वि-आबंध) बनेगा
(iii) उसके द्वारा निर्मित अणु की संरचना आरेखित कीजिए।
उत्तर देखें(iii) संरचना: च = च (जैसे O = O)

(iv) एक अन्य तत्व ‘छ’ के दूसरे कोश में दो इलेक्ट्रॉन हैं। उस अणु की संरचना आरेखित कीजिए जो तत्व ‘च’ और ‘छ’ के संयोजन से बनेगा।
उत्तर देखें(iv) ‘छ’ के दूसरे कोश में 2 इलेक्ट्रॉन हैं (कुल विन्यास 2,2)। यह अपने 2 इलेक्ट्रॉन दो अलग-अलग ‘च’ परमाणुओं के साथ साझा करके प्रत्येक के साथ द्वि-आबंध बना सकता है, जिससे यौगिक छच₂ (जैसे CO₂ की संरचना) बनता है।
3. आप एक नवीन आयनिक यौगिक की अभिकल्पना करना चाहते हैं जिसमें कुल धन आवेश 6+ है और कुल ऋण आवेश 6− है। निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन आयनों की सही संख्या दर्शाता है?
(i) 2 Al³⁺ और 3 Cl⁻
(ii) 3 Mg²⁺ और 1 PO₄³⁻
(iii) 2 Fe³⁺ और 3 O²⁻
(iv) 3 Ca²⁺ और 2 SO₄²⁻
उत्तर देखेंकुल धन आवेश 6+ और कुल ऋण आवेश 6−:
(i) 2 Al³⁺ = 6+ , 3 Cl⁻ = 3− → नहीं मिलता
(ii) 3 Mg²⁺ = 6+ , 1 PO₄³⁻ = 3− → नहीं मिलता
(iii) 2 Fe³⁺ = 6+ , 3 O²⁻ = 6− → सही
(iv) 3 Ca²⁺ = 6+ , 2 SO₄²⁻ = 4− → नहीं मिलता
4. सही कथन (नों) का चयन कीजिए और गलत कथन (नों) को सही कीजिए।
(i) तत्व अणुओं से बनते हैं और यौगिक परमाणुओं से बनते हैं।
(ii) किसी यौगिक का अणु सदैव एक ही प्रकार के दो अथवा अधिक परमाणुओं से मिलकर बनता है।
(iii) नाइट्रोजन गैस के एक अणु में तीन नाइट्रोजन परमाणु होते हैं।
(iv) जल दो हाइड्रोजन परमाणुओं से मिलकर बना है जो एक ऑक्सीजन परमाणु से सहसंयोजी रूप से आबंधित होते हैं।
उत्तर देखें(i) गलत → सुधार: तत्व एक ही प्रकार के परमाणुओं से बने अणुओं से बनते हैं और यौगिक विभिन्न तत्वों के परमाणुओं के संयोजन से बनते हैं।
(ii) गलत → सुधार: किसी यौगिक का अणु सदैव दो अथवा अधिक भिन्न-भिन्न प्रकार के परमाणुओं से मिलकर बनता है।
(iii) गलत → सुधार: नाइट्रोजन गैस (N₂) के एक अणु में दो नाइट्रोजन परमाणु होते हैं।
(iv) सही
5. निम्नलिखित यौगिकों के रासायनिक सूत्र लिखिए।
(i) ऐलुमिनियम नाइट्रेट
(ii) कैल्सियम ऑक्साइड
(iii) फेरिक ऑक्साइड
उत्तर देखें(i) ऐलुमिनियम नाइट्रेट → Al(NO₃)₃
(ii) कैल्सियम ऑक्साइड → CaO
(iii) फेरिक ऑक्साइड → Fe₂O₃
6. आयनों के निम्नलिखित युग्मों से निर्मित यौगिकों के सूत्र लिखिए।
(i) Ca²⁺ और Br⁻
(ii) Al³⁺ और CO₃²⁻
(iii) K⁺ और SO₄²⁻
(iv) NH₄⁺ और Cl⁻
उत्तर देखें(i) Ca²⁺ और Br⁻ → CaBr₂
(ii) Al³⁺ और CO₃²⁻ → Al₂(CO₃)₃
(iii) K⁺ और SO₄²⁻ → K₂SO₄
(iv) NH₄⁺ और Cl⁻ → NH₄Cl
7. चित्र 9.18 में निम्नलिखित में से कौन Cl⁻ आयन को सही प्रकार से निरूपित कर रहा है (क्लोरीन की परमाणु संख्या 17 है)?

उत्तर देखेंCl (परमाणु क्रमांक 17) का विन्यास 2,8,7 है। Cl⁻ आयन बनने पर एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है → कुल 18 इलेक्ट्रॉन, विन्यास 2, 8, 8। जो चित्र तीसरे कोश में 8 इलेक्ट्रॉन (पूर्ण अष्टक) दिखाता है, वही सही निरूपण है।
8. निम्नलिखित पदार्थों का सूत्र इकाई द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
(i) अमोनियम नाइट्रेट (NH₄NO₃) जिसका उपयोग नाइट्रोजन उर्वरक के रूप में किया जाता है जो पौधों की वृद्धि हेतु आवश्यक है।
(ii) फॉस्फोरिक अम्ल (H₃PO₄) जिसका उपयोग फॉस्फेट उर्वरक और अपमार्जकों के निर्माण में किया जाता है।
(iii) सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट (NaHCO₃) जिसका उपयोग अम्लता को कम करता है और पाचन में सहायता करता है।
उत्तर देखें(i) NH₄NO₃ = 14 + 4(1) + 14 + 3(16) = 14 + 4 + 14 + 48 = 80 u
(ii) H₃PO₄ = 3(1) + 31 + 4(16) = 3 + 31 + 64 = 98 u
(iii) NaHCO₃ = 23 + 1 + 12 + 3(16) = 23 + 1 + 12 + 48 = 84 u
9. उन यौगिकों के सूत्र लिखिए जो निम्नलिखित की परस्पर अभिक्रिया द्वारा बनते हैं –
(i) मैग्नीशियम और नाइट्रोजन
(ii) लीथियम और नाइट्रोजन
(iii) सोडियम और सल्फर
(iv) ऐलुमिनियम और ऑक्सीजन
उत्तर देखें(i) मैग्नीशियम + नाइट्रोजन → Mg₃N₂
(ii) लीथियम + नाइट्रोजन → Li₃N
(iii) सोडियम + सल्फर → Na₂S
(iv) ऐलुमिनियम + ऑक्सीजन → Al₂O₃
10. बाईं ओर दिए गए धनायनों और शीर्ष पर दिए गए ऋणायनों से निर्मित यौगिकों के सूत्र लिखकर तालिका 9.3 को पूर्ण कीजिए। LiNO₃ एक उदाहरण के रूप में दिया गया है।

उत्तर:

11. 5.3 g सोडियम कार्बोनेट और 6.0 g ऐसीटिक अम्ल परस्पर अभिक्रिया द्वारा 2.2 g कार्बन डाइऑक्साइड, 0.9 g जल और 8.2 g सोडियम ऐसीटेट बनाते हैं। जाँच कीजिए कि क्या इसमें द्रव्यमान संरक्षण के नियम का अनुपालन हो रहा है।
उत्तर देखेंअभिकारकों का द्रव्यमान = 5.3 + 6.0 = 11.3 g
उत्पादों का द्रव्यमान = 2.2 + 0.9 + 8.2 = 11.3 g
चूँकि दोनों समान हैं, द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन हो रहा है।
12. यदि किसी स्पीशीज में 11 प्रोटॉन, 12 न्यूट्रॉन और 10 इलेक्ट्रॉन हैं, तो
(i) उसका परमाणु क्रमांक और द्रव्यमान संख्या क्या होंगे?
(ii) क्या यह उदासीन है, धनायन है अथवा ऋणायन है? व्याख्या कीजिए।
(iii) इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।
(iv) स्पीशीज का नाम लिखिए।
उत्तर देखें11 प्रोटॉन, 12 न्यूट्रॉन, 10 इलेक्ट्रॉन:
(i) परमाणु क्रमांक = 11, द्रव्यमान संख्या = 11+12 = 23
(ii) प्रोटॉन (11) > इलेक्ट्रॉन (10), अतः यह धनायन (1+ आवेशित) है
(iii) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 2, 8
(iv) यह सोडियम आयन (Na⁺) है
13. दो तत्वों, ‘क’ और ‘ख’ के विन्यास निम्नलिखित हैं –
(क) 2, 8, 5 (ख) 2, 8, 7
(i) कौन-सा तत्व अधिक अभिक्रियाशील है?
(ii) जब ‘क’ और ‘ख’ संयोजन करेंगे तब वे आयनिक आबंध बनाएँगे अथवा सहसंयोजी आबंध? इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण अथवा साझेदारी के उपयोग द्वारा समझाइए।
(iii) उनसे निर्मित यौगिक के सूत्र का पूर्वानुमान कीजिए।
उत्तर देखें‘क’ = 2,8,5 (जैसे फॉस्फोरस), ‘ख’ = 2,8,7 (जैसे क्लोरीन)
(i) ‘ख’ अधिक अभिक्रियाशील है (अष्टक पूर्ण करने के लिए केवल 1 इलेक्ट्रॉन चाहिए)
(ii) सहसंयोजी आबंध बनेगा – ‘क’ अपने 3 इलेक्ट्रॉन तीन ‘ख’ परमाणुओं के साथ साझा करेगा (इलेक्ट्रॉन साझेदारी द्वारा)
(iii) सूत्र: कख₃ (जैसे PCl₃)
14. नीचे दिए गए अभिकथन एवं कारण को पढ़िए और उनके संबंध में आगे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए।
अभिकथन – गलित अवस्था में कॉपर सल्फेट विद्युत का चालन करता है परंतु ठोस अवस्था में नहीं।
कारण – जालक की गलित अवस्था में कॉपर और सल्फेट आयनों की स्थिति नियत होती है जबकि ठोस अवस्था में वे स्वतंत्र रूप से गति कर सकते हैं।
सही विकल्प का चयन कीजिए –
(i) अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या है।
(ii) अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं परंतु कारण, अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है।
(iii) अभिकथन सत्य है, परंतु कारण असत्य है।
(iv) अभिकथन असत्य है, परंतु कारण सत्य है।
उत्तर देखें(iii) अभिकथन सत्य है, परंतु कारण असत्य है।
15. ²⁷Al, ⁸⁰Br⁻ और ²⁰¹Hg²⁺ कणों में क्रमशः 13, 35 और 80 प्रोटॉन हैं। इनमें कितने इलेक्ट्रॉन और न्यूट्रॉन हैं?
उत्तर:

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 9 से परीक्षा के लिए अतिरिक्त प्रश्न उत्तर
कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण पाठ 9 पर आधारित अतिलघुउत्तरीय प्रश्न उत्तर
अति लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर
1. द्रव्यमान संरक्षण का नियम किसने प्रतिपादित किया?
उत्तर देखेंवर्ष 1789 में आन्तवॉ लवाइजिए ने द्रव्यमान संरक्षण का नियम प्रतिपादित किया, जिन्हें आधुनिक रसायन का जनक कहा जाता है।
2. द्रव्यमान संरक्षण के नियम का कथन लिखिए।
उत्तर देखेंकिसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्य का न तो सृजन किया जा सकता है और न ही उसे नष्ट किया जा सकता है।
3. स्थिर अनुपात का नियम किसने दिया?
उत्तर देखेंजोसेफ प्राउस्ट ने स्थिर अनुपात का नियम दिया, जिसे प्राउस्ट का नियम भी कहते हैं।
4. स्थिर अनुपात के नियम का कथन क्या है?
उत्तर देखेंदो या दो से अधिक तत्वों से बने किसी भी यौगिक में तत्व द्रव्यमान के एक निश्चित अनुपात में संयोजित होते हैं।
5. डाल्टन ने अपना परमाणु सिद्धांत कब प्रस्तुत किया?
उत्तर देखेंजॉन डाल्टन ने वर्ष 1808 में अपना परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया, जो द्रव्य के अध्ययन में एक निर्णायक मोड़ सिद्ध हुआ।
6. अणु किसे कहते हैं?
उत्तर देखेंअणु एक विद्युतरूप से उदासीन कण है जिसमें एक से अधिक परमाणु होते हैं और जो स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रह सकता है।
7. सहसंयोजी आबंध किसे कहते हैं?
उत्तर देखेंपरमाणुओं के मध्य इलेक्ट्रॉनों के सहभाजित युग्म की परस्पर क्रिया को सहसंयोजी आबंध कहते हैं।
8. आयनिक आबंध किसे कहते हैं?
उत्तर देखेंविपरीत आवेश वाले आयनों के मध्य स्थिर विद्युत आकर्षण बल जो उन्हें बाँधे रखता है, आयनिक आबंध कहलाता है।
9. धनायन और ऋणायन में क्या अंतर है?
उत्तर देखेंइलेक्ट्रॉन त्यागने पर बनने वाला धनावेशी स्पीशीज धनायन कहलाता है, जबकि इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर बनने वाला ऋणावेशी स्पीशीज ऋणायन कहलाता है।
10. जल का आणविक सूत्र क्या है और यह किस प्रकार का आबंध दर्शाता है?
उत्तर देखेंजल का आणविक सूत्र H₂O है, जिसमें दो हाइड्रोजन परमाणु एक ऑक्सीजन परमाणु से सहसंयोजी रूप से आबंधित होते हैं।
11. सोडियम क्लोराइड (NaCl) का सूत्र इकाई द्रव्यमान क्या दर्शाता है?
उत्तर देखेंसूत्र इकाई द्रव्यमान किसी आयनिक यौगिक की सूत्र इकाई में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग होता है।
12. बहुपरमाण्विक आयन किसे कहते हैं?
उत्तर देखेंदो या दो से अधिक तत्वों के परमाणुओं के संयोजन से बने आयन को बहुपरमाण्विक आयन कहते हैं, जैसे NO₃⁻, SO₄²⁻।
13. द्विआबंध किसे कहते हैं और इसका एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर देखेंजब दो परमाणु साझा इलेक्ट्रॉनों के दो युग्मों द्वारा जुड़े रहते हैं तो उसे द्विआबंध कहते हैं, जैसे ऑक्सीजन अणु (O=O)।
14. आयनिक यौगिक ठोस अवस्था में विद्युत का चालन क्यों नहीं करते?
उत्तर देखेंआयनिक यौगिकों में आयन प्रबल बलों द्वारा नियत स्थितियों में बँधे रहते हैं, इसलिए वे गति नहीं कर पाते और विद्युत का चालन नहीं होता।
15. राजा रमन्ना का भारत के वैज्ञानिक क्षेत्र में क्या योगदान है?
उत्तर देखेंराजा रमन्ना ने भारत के नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रम के विकास और इसके शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देकर महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण पाठ 9 पर आधारित लघुउत्तरीय प्रश्न उत्तर
लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर
1. क्रियाकलाप 9.1 (सिरका-बेकिंग सोडा प्रयोग) से द्रव्यमान संरक्षण के नियम की जाँच किस प्रकार की गई?
उत्तर देखेंजब सिरके युक्त बंद शंक्वाकार फ्लास्क में बेकिंग सोडा युक्त गुब्बारा जोड़कर बेकिंग सोडा को सिरके में गिराया गया, तो अभिक्रिया से कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनी, परंतु गैस गुब्बारे में ही कैद रहने के कारण आरंभिक और अंतिम पाठ्यांक समान रहे, जिससे द्रव्यमान संरक्षण के नियम की पुष्टि हुई।
2. प्रायोगिक व्यवस्था 1 में द्रव्यमान में भिन्नता क्यों देखी गई जबकि व्यवस्था 2 में नहीं?
उत्तर देखेंप्रायोगिक व्यवस्था 1 में गुब्बारे से बेकिंग सोडा को सीधे खुले फ्लास्क में डाला गया, जिससे उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड गैस मुक्त होकर वातावरण में चली गई और पाठ्यांक में अंतर आया। व्यवस्था 2 में गुब्बारे को फ्लास्क के मुँह पर बाँधकर बंद निकाय में अभिक्रिया कराई गई, जिससे गैस बाहर नहीं निकल सकी और द्रव्यमान समान रहा।
3. हाइड्रोजन अणु (H₂) के निर्माण की प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी द्वारा समझाइए।
उत्तर देखेंहाइड्रोजन (परमाणु क्रमांक 1) के K-कोश में केवल एक इलेक्ट्रॉन होता है, जबकि K-कोश में दो इलेक्ट्रॉन तक हो सकते हैं। स्थायी होने के लिए दो हाइड्रोजन परमाणु परस्पर एक-एक इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं, जिससे इलेक्ट्रॉनों का सहभाजित युग्म दोनों नाभिकों को आकर्षित करके एकल सहसंयोजी आबंध (H-H) द्वारा स्थायी अणु बनाता है।
4. सोडियम क्लोराइड (NaCl) में आयनिक आबंध कैसे बनता है, समझाइए।
उत्तर देखेंसोडियम (परमाणु क्रमांक 11) अपना एक संयोजकता इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन Na⁺ बनाता है, जबकि क्लोरीन (जिसमें सात संयोजकता इलेक्ट्रॉन हैं) एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन Cl⁻ बनाता है। ये दोनों विपरीत आवेशित आयन स्थिर विद्युत आकर्षण बल द्वारा जुड़कर आयनिक आबंध बनाते हैं और NaCl का निर्माण करते हैं।
5. आयनिक और सहसंयोजी यौगिकों की विलेयता में क्या अंतर देखा गया?
उत्तर देखेंक्रियाकलाप 9.4 से पता चलता है कि सोडियम क्लोराइड और कॉपर सल्फेट जैसे आयनिक यौगिक जल में घुलनशील होते हैं परंतु किरोसिन व पेट्रोल जैसे विलायकों में अघुलनशील होते हैं। इसके विपरीत कर्पूर व नैफ्थलीन जैसे सहसंयोजी यौगिक जल में अघुलनशील परंतु किरोसिन व पेट्रोल में घुलनशील होते हैं।
6. सहसंयोजी यौगिकों के नामकरण में उपसर्ग प्रणाली का उपयोग किस प्रकार होता है?
उत्तर देखेंसहसंयोजी यौगिकों के नामकरण में मोनो-(1), डाइ-(2), ट्राइ-(3), टेट्रा-(4) जैसे उपसर्गों का उपयोग यौगिक में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या इंगित करने के लिए किया जाता है। जैसे CO को कार्बन मोनोक्साइड और CO₂ को कार्बन डाइऑक्साइड कहा जाता है, जहाँ दूसरे तत्व के नाम के अंत में ‘आइड’ (-ide) जोड़ा जाता है।
7. सिनेबार के उदाहरण से स्थिर अनुपात के नियम को समझाइए।
उत्तर देखें‘सिनेबार’ (हिंगुला) को गर्म करने पर हमेशा दो तत्व – मर्करी और सल्फर – लगभग 86.22% और 13.78% के निश्चित द्रव्यमान अनुपात में प्राप्त होते हैं, चाहे यह किसी भी स्रोत या सभ्यता से प्राप्त हो। यह उदाहरण दर्शाता है कि किसी यौगिक में तत्वों का अनुपात सदैव स्थिर रहता है, जो स्थिर अनुपात के नियम की पुष्टि करता है।
8. डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के कोई तीन अभिगृहीत लिखिए।
उत्तर देखें(i) संपूर्ण द्रव्य अत्यंत सूक्ष्म कणों (परमाणुओं) से मिलकर बना होता है, (ii) परमाणु अविभाज्य कण होते हैं जिन्हें किसी रासायनिक अभिक्रिया में न सृजित किया जा सकता है न नष्ट, (iii) परमाणु सरल पूर्णांकों के अनुपात में संयोजित होकर यौगिक बनाते हैं।
9. ऑक्सीजन अणु (O₂) के निर्माण में द्वि-आबंध कैसे बनता है?
उत्तर देखेंऑक्सीजन परमाणु (परमाणु क्रमांक 8) के संयोजकता कोश में छह इलेक्ट्रॉन होते हैं और अष्टक पूर्ण करने के लिए दो अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। इसलिए दो ऑक्सीजन परमाणु दो-दो इलेक्ट्रॉन साझा करके द्वि-आबंध (O=O) बनाते हैं और एक स्थायी ऑक्सीजन अणु का निर्माण करते हैं।
10. किसी यौगिक के सूत्र में तिर्यक विधि का प्रयोग कैसे किया जाता है?
उत्तर देखेंतिर्यक विधि में पहले धनायन और ऋणायन (या तत्वों की संयोजकता) लिखे जाते हैं, फिर एक आयन की संयोजकता संख्या को दूसरे आयन के प्रतीक के नीचे पादांक के रूप में तिर्यक रूप से लिखा जाता है। यदि पादांक उभयनिष्ठ निकलें तो उन्हें सरलतम अनुपात में सरल कर दिया जाता है, जैसे Mg₂O₂ को MgO लिखा जाता है।
कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण पाठ 9 पर आधारित दीर्घउत्तरीय प्रश्न उत्तर
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न उत्तर
1. द्रव्यमान संरक्षण के नियम की जाँच हेतु सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड की अभिक्रिया (क्रियाकलाप 9.3) का वर्णन कीजिए।
उत्तर देखेंइस क्रियाकलाप में दो स्वच्छ शंक्वाकार फ्लास्क ‘क’ और ‘ख’ लेकर तुला के पाठ्यांक को शून्य किया जाता है। फ्लास्क ‘क’ में 1% सोडियम सल्फेट का 10 mL विलयन और फ्लास्क ‘ख’ में 1% बेरियम क्लोराइड का 10 mL विलयन लिया जाता है। दोनों फ्लास्कों को तुला पर रखकर कुल द्रव्यमान अभिलेखित किया जाता है। इसके पश्चात दोनों विलयनों को मिश्रित करने पर सोडियम क्लोराइड के साथ बेरियम सल्फेट का श्वेत अवक्षेप प्राप्त होता है (सोडियम सल्फेट + बेरियम क्लोराइड → बेरियम सल्फेट + सोडियम क्लोराइड)। जब दोनों फ्लास्कों को पुनः तोला जाता है, तो पाठ्यांक अपरिवर्तित रहता है, जिससे यह स्थापित हो जाता है कि किसी रासायनिक परिवर्तन के समय भार व द्रव्यमान संरक्षित रहता है।
2. जल के अणु (H₂O) के निर्माण की प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के आधार पर चरणबद्ध रूप से समझाइए।
उत्तर देखेंहाइड्रोजन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 1 (K-कोश में एक इलेक्ट्रॉन) और ऑक्सीजन का विन्यास 2, 6 है (संयोजकता कोश में छह इलेक्ट्रॉन)। स्थायी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त करने के लिए हाइड्रोजन को केवल एक और ऑक्सीजन को दो इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए दो हाइड्रोजन परमाणु अपने एक-एक इलेक्ट्रॉन को ऑक्सीजन परमाणु के साथ साझा करते हैं। इस प्रकार दो सहसंयोजी आबंध बनते हैं और जल का अणु H₂O के रूप में बनता है, जो दो हाइड्रोजन परमाणुओं और एक ऑक्सीजन परमाणु की उपस्थिति को इंगित करता है और अपने सभी संघटक परमाणुओं से भिन्न रासायनिक गुणधर्म प्रदर्शित करता है।
3. आयनिक और सहसंयोजी यौगिकों के गुणधर्मों में अंतर स्पष्ट कीजिए (विलेयता, विद्युत चालकता, गलनांक-क्वथनांक के आधार पर)।
उत्तर देखेंआयनिक यौगिक (जैसे सोडियम क्लोराइड, कॉपर सल्फेट) सामान्यतः जल में घुलनशील होते हैं किंतु किरोसिन व पेट्रोल जैसे विलायकों में अघुलनशील होते हैं, जबकि अधिकांश सहसंयोजी यौगिक (जैसे कर्पूर, नैफ्थलीन) इसके विपरीत व्यवहार दर्शाते हैं। आयनिक यौगिक ठोस अवस्था में विद्युत का चालन नहीं करते क्योंकि उनके आयन प्रबल बलों द्वारा नियत स्थितियों में बँधे रहते हैं, परंतु जल में घोलने पर आयन मुक्त होकर गति करते हैं और विद्युत का चालन करते हैं। इसके विपरीत सहसंयोजी यौगिक जल में घुलकर भी आयन नहीं बनाते, इसलिए विद्युत का चालन नहीं करते। प्रबल अंतर-आयनिक आकर्षण बलों के कारण आयनिक यौगिकों के गलनांक व क्वथनांक प्रायः उच्च होते हैं, जबकि सहसंयोजी यौगिकों के निम्न होते हैं।
4. डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के अभिगृहीतों को विस्तार से लिखिए और बताइए कि इन्होंने द्रव्यमान संरक्षण व स्थिर अनुपात के नियमों को कैसे स्पष्ट किया।
उत्तर देखेंजॉन डाल्टन ने वर्ष 1808 में अपने परमाणु सिद्धांत में कुछ अभिगृहीत प्रस्तावित किए – संपूर्ण द्रव्य परमाणु नामक अत्यंत सूक्ष्म कणों से बना होता है, परमाणु अविभाज्य हैं और किसी रासायनिक अभिक्रिया में न सृजित होते हैं न नष्ट, किसी तत्व के सभी परमाणुओं के द्रव्यमान व रासायनिक गुणधर्म समान होते हैं जबकि विभिन्न तत्वों के भिन्न-भिन्न होते हैं, तथा परमाणु सरल पूर्णांकों के अनुपात में संयोजित होकर यौगिक बनाते हैं। इन अभिगृहीतों ने तार्किक रूप से स्पष्ट किया कि रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु केवल पुनर्व्यवस्थित होते हैं (जिससे द्रव्यमान संरक्षित रहता है), और चूँकि परमाणु निश्चित सरल अनुपात में ही संयोजित होते हैं, इसलिए किसी यौगिक में तत्वों का द्रव्यमान अनुपात सदैव स्थिर रहता है (स्थिर अनुपात का नियम)। इस प्रकार डाल्टन के सिद्धांत ने पूर्व स्थापित दोनों नियमों का वैज्ञानिक आधार प्रदान किया।
5. आयनिक यौगिकों का रासायनिक सूत्र लिखने की विधि को कैल्सियम क्लोराइड और ऐलुमिनियम हाइड्रॉक्साइड के उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर देखेंकिसी आयनिक यौगिक का सूत्र लिखने के लिए सर्वप्रथम धनायन का प्रतीक, फिर ऋणायन का प्रतीक लिखा जाता है, तत्पश्चात दोनों के आवेशों (केवल संख्या) का तिर्यक करके सूत्र प्राप्त किया जाता है। कैल्सियम क्लोराइड में कैल्सियम आयन (Ca²⁺) और क्लोराइड आयन (Cl⁻) के आवेशों का तिर्यक करने पर CaCl₂ सूत्र प्राप्त होता है, अर्थात प्रत्येक कैल्सियम आयन के लिए दो क्लोराइड आयन आवश्यक हैं ताकि संरचना विद्युत उदासीन रहे। ऐलुमिनियम हाइड्रॉक्साइड में ऐलुमिनियम आयन (Al³⁺) और हाइड्रॉक्साइड बहुपरमाण्विक आयन (⁻OH) के आवेशों का तिर्यक करने पर Al(OH)₃ प्राप्त होता है – यहाँ चूँकि एक ही प्रकार का बहुपरमाण्विक आयन तीन बार आता है, इसलिए इसे कोष्ठक में लिखा जाता है (न कि AlOH₃), जो यह दर्शाता है कि तीन हाइड्रॉक्साइड आयन एक ऐलुमिनियम आयन से बंधे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या “द्रव्य का परमाण्विक आधार” अध्याय पुराने एनसीईआरटी के “परमाणु एवं अणु” अध्याय जैसा ही है?
उत्तर: हाँ, यह अध्याय पुराने एनसीईआरटी विज्ञान (कक्षा 9) के “परमाणु एवं अणु” अध्याय का ही पुनर्गठित और विस्तारित रूप है, जो अब सत्र 2026-27 से नई पाठ्यपुस्तक “अन्वेषण” में अध्याय 9 के रूप में आता है। मूल अवधारणाएं (द्रव्यमान संरक्षण, स्थिर अनुपात, रासायनिक सूत्र) वही हैं, परंतु नई पुस्तक में “एकता में शक्ति”, “विज्ञान एवं समाज” जैसे नए प्रेरक खंड तथा अधिक क्रियाकलाप जोड़े गए हैं।
कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 9 से वार्षिक परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?
यह अध्याय रसायन विज्ञान खंड का सर्वाधिक अंकभार वाला अध्याय है और इससे प्रतिवर्ष 10-12 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें आयनिक व सहसंयोजी यौगिकों के रासायनिक सूत्र लिखना, आणविक द्रव्यमान व सूत्र इकाई द्रव्यमान की गणना, द्रव्यमान संरक्षण नियम पर आधारित संख्यात्मक प्रश्न, तथा इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण/साझेदारी द्वारा आबंधन की संरचना बनाना जैसे प्रश्न प्रमुखता से पूछे जाते हैं।
विद्यार्थियों को कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 9 में सबसे ज्यादा कठिनाई किन भागों में होती है?
विद्यार्थियों को सामान्यतः तिर्यक विधि से रासायनिक सूत्र लिखने, बहुपरमाण्विक आयनों (जैसे NO₃⁻, SO₄²⁻) के साथ कोष्ठक का सही उपयोग करने, तथा आयनिक व सहसंयोजी यौगिकों के गुणधर्मों (विलेयता, विद्युत चालकता) में अंतर याद रखने में सबसे ज्यादा कठिनाई होती है। तालिका 9.1 में दिए गए सामान्य आयनों के नाम, सूत्र व संयोजकता को रटने के बजाय समझकर याद करना अधिक प्रभावी रहता है।
कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 9 के द्रव्यमान संरक्षण के नियम को घर पर सरल प्रयोग से कैसे समझाया जा सकता है?
घर पर सिरके और बेकिंग सोडा की अभिक्रिया (क्रियाकलाप 9.2 जैसी) का उपयोग करके इसे आसानी से प्रदर्शित किया जा सकता है। एक बंद गुब्बारे में बेकिंग सोडा भरकर उसे सिरके वाली बोतल के मुँह पर बाँधें, फिर बेकिंग सोडा को सिरके में गिराएँ — कुल भार बंद निकाय में समान रहेगा, भले ही बुदबुदाहट (कार्बन डाइऑक्साइड गैस) उत्पन्न हो। यह दर्शाता है कि द्रव्यमान न तो सृजित होता है और न ही नष्ट होता है, बल्कि केवल रूप बदलता है।
क्या कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 9 पढ़ने के बाद विद्यार्थियों को कक्षा 10-11 में कौन-से टॉपिक आसान लगेंगे?
यह अध्याय कक्षा 10 के “रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण” (जहाँ समीकरण संतुलित करने की आवश्यकता होती है) तथा कक्षा 11 के “मोल अवधारणा” और “रासायनिक बंधन” जैसे अध्यायों की सीधी नींव है। आयनिक व सहसंयोजी आबंधन की ठोस समझ आगे कार्बनिक व अकार्बनिक रसायन विज्ञान दोनों में सहायक सिद्ध होती है।
