एनसीईआरटी समाधान कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 2 कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 2 कोशिका – जीवन की निर्माण इकाई – अभ्यास प्रश्न उत्तर तथा अतिरिक्त प्रश्नों के हल सत्र 2026-27 के लिए संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सत्र 2026-27 से लागू एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तक “अन्वेषण” (कक्षा 9, विज्ञान) का दूसरा अध्याय “कोशिका – जीवन की निर्माण इकाई” सभी सजीवों की मूलभूत संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई कोशिका के विस्तृत अध्ययन पर आधारित है। इस अध्याय में विद्यार्थी सूक्ष्मदर्शी के विकास, रॉबर्ट हुक की खोज, कोशिका झिल्ली, कोशिका भित्ति, परासरण-विसरण, प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं में अंतर, केंद्रक, माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जी उपकरण, लाइसोसोम, लवक (प्लास्टिड), रसधानी, कोशिका विभाजन (समसूत्री एवं अर्धसूत्री) तथा कोशिका सिद्धांत जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सीखते हैं। यह अध्याय जीव विज्ञान की नींव है और आगे आने वाली कक्षाओं में जैविक अवधारणाओं को समझने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण पाठ 2 अभ्यास प्रश्न उतर

एनसीईआरटी कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 2 समाधान

1. कोष्ठक में दिए गए संकेतों के आधार पर निम्नलिखित युग्मों के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए –

(i) कोशिका झिल्ली और कोशिका भित्ति (पारगम्यता)
उत्तर:
उत्तर देखेंकोशिका झिल्ली एक वरणात्मक पारगम्य झिल्ली है। यह कुछ चुनिंदा पदार्थों (जैसे जल, गैसें, कुछ आयन और अणु) को ही अपने आर-पार जाने देती है और बाकी पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है। यह कोशिका के अंदर और बाहर पदार्थों के आवागमन को नियमित करती है।
कोशिका भित्ति, इसके विपरीत, पूर्ण पारगम्य होती है। यह जल और विलेय पदार्थों सहित लगभग सभी अणुओं को स्वतंत्र रूप से अपने आर-पार जाने देती है और पदार्थों के आवागमन पर कोई नियंत्रण नहीं रखती। इसका मुख्य कार्य पारगम्यता नियंत्रित करना नहीं, बल्कि कोशिका को यांत्रिक सहारा और सुरक्षा प्रदान करना है।


(ii) रूक्ष अंतर्द्रव्यी जालिका और चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (संरचना)
उत्तर देखेंरूक्ष अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) की सतह पर राइबोसोम जुड़े हुए होते हैं, जिसके कारण इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी के अंतर्गत इसकी सतह खुरदरी (रूक्ष) दिखाई देती है। यह मुख्यतः चपटी थैलीनुमा संरचनाओं (सिस्टर्नी) के रूप में व्यवस्थित होती है।
चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (SER) की सतह पर राइबोसोम अनुपस्थित होते हैं, जिसके कारण इसकी सतह चिकनी दिखाई देती है। यह मुख्यतः नलिकाकार (नलीनुमा) संरचनाओं के जाल के रूप में व्यवस्थित होती है।


(iii) हरितलवक और वर्णीलवक (वर्णक)
उत्तर देखेंहरितलवक में हरा वर्णक क्लोरोफिल पाया जाता है, जिसके कारण यह हरे रंग का दिखाई देता है। यह वर्णक प्रकाश-संश्लेषण की प्रक्रिया के लिए सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करता है।
वर्णीलवक में क्लोरोफिल के अतिरिक्त अन्य वर्णक जैसे कैरोटिनॉइड (पीला, नारंगी और लाल वर्णक) पाए जाते हैं, जिनके कारण यह फूलों और फलों को उनका पीला, नारंगी या लाल रंग प्रदान करता है (जैसे टमाटर और गाजर)।

2. दो समान जंतु कोशिकाओं को दो अलग-अलग विलयनों में रखा जाता है –

कोशिका X को शुद्ध जल में रखा जाता है।
कोशिका Y को नमक के सांद्र विलयन में रखा जाता है।
कुछ समय पश्चात कोशिकाओं का अवलोकन किया जाता है। कोशिका X फूल जाती है और कोशिका Y संकुचित हो जाती है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उपर्युक्त अवलोकनों का सही स्पष्टीकरण है?
(i) नमक के अणु कोशिका Y में प्रवेश कर गए जिस कारण वह संकुचित हो गई।
(ii) कोशिका X में जल प्रवेश कर गया और कोशिका Y से बाहर गए जल की मात्रा उसमें प्रवेश कर गए नमक के विलयन की मात्रा से अधिक थी।
(iii) कोशिका झिल्ली के माध्यम से जल कोशिका X में प्रवेश कर गया और कोशिका Y से बाहर चला गया।
(iv) विलेय के संचलन के कारण दोनों कोशिकाओं में परासरण हुआ।
उत्तर देखें(iii) कोशिका झिल्ली के माध्यम से जल कोशिका X में प्रवेश कर गया और कोशिका Y से बाहर चला गया।
स्पष्टीकरण:
यह परिघटना परासरण के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें जल एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली (कोशिका झिल्ली) के माध्यम से कम सांद्रता वाले विलयन से अधिक सांद्रता वाले विलयन की ओर गति करता है।
कोशिका X (शुद्ध जल में): शुद्ध जल एक अल्पपरासरणी विलयन है, अर्थात कोशिका के अंदर की तुलना में इसमें विलेय की सांद्रता कम है। इसलिए जल कोशिका के बाहर से अंदर की ओर प्रवेश करता है, जिससे कोशिका फूल जाती है।
कोशिका Y (सांद्र नमक विलयन में): सांद्र नमक विलयन एक अतिपरासरणी विलयन है, अर्थात इसमें विलेय की सांद्रता कोशिका के अंदर की तुलना में अधिक है। इसलिए जल कोशिका के अंदर से बाहर की ओर निकलता है, जिससे कोशिका संकुचित (सिकुड़) हो जाती है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस प्रक्रिया में केवल जल की गति होती है, नमक के अणु या विलेय कोशिका झिल्ली के आर-पार नहीं जाते (क्योंकि कोशिका झिल्ली वरणात्मक पारगम्य है)।

3. चित्र 2.20 में एक कोशिका का चित्र देखिए। (क) से (छ) तक चिह्नित भागों की पहचान कीजिए और नीचे दिए गए कार्यों से उनका सही मिलान कीजिए –

(i) कोशिका की सभी गतिविधियों का नियंत्रण करना।
(ii) कोशिकीय श्वसन का स्थल।
(iii) भंडारण कोशिकांग जो कोशिका को दृढ़ता भी प्रदान करता है।
(iv) कोशिका के अवयवों को परिवेश से अलग करता है।
(v) कोशिका को संरचनात्मक दृढ़ता प्रदान करता है।
(vi) अंतर्द्रव्यी जालिका से प्राप्त सामग्री को पैक और संग्रहीत करता है।
(vii) भोजन निर्माण में सहायता करता है।

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 2 अभ्यास प्रश्न 3 का चित्र

उत्तर:

कार्यचिन्हकोशिकांग
(i) कोशिका की सभी गतिविधियों का नियंत्रण करना(ख)केंद्रक
(ii) कोशिकीय श्वसन का स्थल(क)माइटोकॉन्ड्रिया
(iii) भंडारण कोशिकांग जो कोशिका को दृढ़ता भी प्रदान करता है(छ)रसधानी
(iv) कोशिका के अवयवों को परिवेश से अलग करता है(च)कोशिका झिल्ली
(v) कोशिका को संरचनात्मक दृढ़ता प्रदान करता है(ङ)कोशिका भित्ति
(vi) अंतर्द्रव्यी जालिका से प्राप्त सामग्री को पैक और संग्रहीत करता है(ग)गॉल्जी उपकरण
(vii) भोजन निर्माण में सहायता करता है(घ)हरितलवक

4. निम्नलिखित में से कोशिकांगों के कौन-से युग्म दिए गए वर्गों से सही सुमेलित हैं?

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 2 अभ्यास प्रश्न 4 का चित्र

उत्तर:

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 2 अभ्यास प्रश्न 4 के उत्तर का चित्र

5. दो विद्यार्थी, रेणु और रोहित लवकों पर चर्चा कर रहे थे। रेणु ने इस बात पर बल दिया कि पौधों के सभी भागों में यहाँ तक कि जड़ों में भी लवक होते हैं। यद्यपि रोहित इस कथन से सहमत नहीं था और उसने बताया कि पादप की जड़ों में लवक अनुपस्थित होते हैं क्योंकि जड़ें भूमिगत होती हैं और उन्हें प्रकाश-संश्लेषण करने की आवश्यकता नहीं होती। कौन सही है? अपने उत्तर का औचित्य सिद्ध कीजिए।

उत्तर देखेंसही विद्यार्थी — रेणु
औचित्य:
रोहित का कथन सही नहीं है। पौधों की जड़ों में भी लवक पाए जाते हैं। जड़ों में हरितलवक नहीं होते क्योंकि वे प्रकाश के संपर्क में नहीं रहतीं और प्रकाश-संश्लेषण नहीं करतीं। लेकिन उनमें श्वेतलवक पाए जाते हैं, जो भोजन (स्टार्च, तेल एवं प्रोटीन) का संचय करते हैं।
निष्कर्ष:
रेणु का कथन सही है क्योंकि पौधों के सभी भागों, यहाँ तक कि जड़ों में भी लवक पाए जाते हैं, परंतु उनका प्रकार अलग होता है।

6. माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक एक पादप कोशिका के दो महत्त्वपूर्ण कोशिकांग हैं। विवेचना कीजिए कि ये दोनों कोशिकांग संरचनात्मक और कार्यात्मक रूप से एक-दूसरे से किस प्रकार समान और भिन्न हैं?

उत्तर:
माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक दोनों पादप कोशिका के महत्त्वपूर्ण कोशिकांग हैं।
समानताएँ:

  • दोनों द्वि-झिल्ली से घिरे कोशिकांग हैं।
  • दोनों में अपना आनुवंशिक पदार्थ तथा राइबोसोम होते हैं।
  • दोनों स्वयं कुछ प्रोटीनों का निर्माण कर सकते हैं।
  • दोनों कोशिका की ऊर्जा संबंधी क्रियाओं में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भिन्नताएँ:

  • माइटोकॉन्ड्रिया सभी सजीव कोशिकाओं में पाए जाते हैं, जबकि हरितलवक केवल हरे पादपों तथा कुछ शैवालों की कोशिकाओं में पाए जाते हैं।
  • माइटोकॉन्ड्रिया कोशिकीय श्वसन द्वारा ऊर्जा उत्पन्न करते हैं, जबकि हरितलवक प्रकाश-संश्लेषण द्वारा भोजन का निर्माण करते हैं।
  • हरितलवक में हरित वर्णक पाया जाता है, जबकि माइटोकॉन्ड्रिया में यह वर्णक नहीं होता।
  • माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ऊर्जा गृह कहा जाता है, जबकि हरितलवक को भोजन निर्माण का केंद्र माना जाता है।

7. निम्नलिखित में से कोशिकांगों के कौन-से जोड़े में डीएनए होता है?

(i) हरितलवक, राइबोसोम
(ii) माइटोकॉन्ड्रिया, केंद्रक
(iii) गॉल्जी उपकरण, राइबोसोम
(iv) केंद्रक, लाइसोसोम
उत्तर देखेंसही विकल्प – (ii) माइटोकॉन्ड्रिया, केंद्रक
कारण:
माइटोकॉण्ड्रिया तथा केंद्रक दोनों में अपना-अपना आनुवंशिक पदार्थ उपस्थित होता है।

8. एक शोधकर्ता ने एक प्रयोग किया जिसमें उसने समान आकार की दो गाजरों का उपयोग किया। उसने एक गाजर को साधारण जल में और दूसरी को नमक के सांद्र विलयन में रखा (चित्र 2.21)। 24 घंटे के पश्चात उसने अपने अवलोकन अभिलेखित किए।

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 2 अभ्यास प्रश्न 4 का चित्र

(i) वह इस प्रयोग के माध्यम से कौन-सी परिकल्पना का परीक्षण करना चाहती है?
उत्तर देखेंइस प्रयोग के माध्यम से शोधकर्ता यह परीक्षण करना चाहती है कि विभिन्न सांद्रता वाले विलयनों में परासरण के कारण पादप कोशिकाओं पर क्या प्रभाव पड़ता है तथा कोशिकाओं में जल का आवागमन किस प्रकार होता है।

(ii) इस प्रयोग में सुधार के लिए आप क्या सुझाव देंगे?
उत्तर देखेंइस प्रयोग में सुधार के लिए सुझाव:
• दोनों गाजरों का प्रारंभिक भार और लंबाई मापकर अभिलेखित किए जाएँ।
• दोनों पात्रों में समान मात्रा का विलयन लिया जाए।
• नमक के विलयन की सांद्रता निश्चित रखी जाए।
• दोनों गाजरों को समान तापमान तथा समान समय तक रखा जाए।
• प्रयोग को एक से अधिक बार दोहराकर औसत परिणाम लिया जाए।

(iii) साधारण जल में रखी हुई गाजर अनम्य (कठोर) और कड़क (कुरकुरी) रहती है लेकिन नमक के सांद्र विलयन में रखी हुई गाजर रबर जैसी लचीली एवं नरम क्यों हो जाती है?
उत्तर देखेंसाधारण जल में गाजर की कोशिकाओं में परासरण द्वारा जल प्रवेश करता है। इससे कोशिकाएँ स्फीत हो जाती हैं और गाजर कठोर तथा कुरकुरी बनी रहती है।
नमक के सांद्र विलयन में गाजर की कोशिकाओं से परासरण द्वारा जल बाहर निकल जाता है। इससे कोशिकाएँ शिथिल हो जाती हैं और गाजर नरम तथा लचीली हो जाती है।

9. जीवाणु और जंतु कोशिकाओं में निम्नलिखित संरचनाओं की उपस्थिति या अनुपस्थिति इंगित कीजिए –

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 2 अभ्यास प्रश्न 9 का चित्र

उत्तर:

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 2 अभ्यास प्रश्न 9 के उत्तर का चित्र

10. निम्नलिखित प्रयोग कीजिए –

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 2 अभ्यास प्रश्न 10 का चित्र

छिले हुए आलू के चार आधे-आधे भाग लीजिए और प्रत्येक में आलू को खोखला करके कप का आकार बनाइए। इनमें से एक कप उबले हुए आलू से बना होना चाहिए। प्रत्येक आलू के कप को जल से भरकर बीकर में रखिए (चित्र 2.22)। अब प्रयोग को निम्न प्रकार से व्यवस्थित कीजिए –
(क) कप ‘क’ खाली रखिए।
(ख) कप ‘ख’ में एक चम्मच चीनी डालिए।
(ग) कप ‘ग’ में एक चम्मच नमक डालिए।
(घ) कप ‘घ’ (उबले हुए आलू) में एक चम्मच चीनी डालिए।
चारों आलू के कप का कम-से-कम दो घंटे तक अवलोकन कीजिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

(i) कप ‘ख’ और कप ‘ग’ के खोखले भाग में जल क्यों जमा होता है?
उत्तर देखेंकप ‘ख’ और कप ‘ग’ के खोखले भाग में जल इसलिए एकत्र होता है क्योंकि कप के भीतर चीनी या नमक की अधिक सांद्रता होती है। आलू की जीवित कोशिकाओं की अर्धपारगम्य झिल्ली के कारण परासरण द्वारा बाहर का जल भीतर प्रवेश करता है और खोखले भाग में एकत्र हो जाता है।

(ii) इस प्रयोग के लिए कप ‘क’ क्यों आवश्यक है?
उत्तर देखेंकप ‘क’ नियंत्रण के रूप में आवश्यक है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यदि कप के भीतर कोई विलेय नहीं है, तो परासरण नहीं होगा और जल एकत्र नहीं होगा। इससे अन्य कपों के परिणामों की तुलना की जा सकती है।

(iii) स्पष्ट कीजिए कि कप ‘क’ और ‘घ’ के खोखले भागों में पानी क्यों नहीं एकत्र होता है।
उत्तर देखेंकप ‘क’ में जल इसलिए एकत्र नहीं होता क्योंकि उसके भीतर कोई विलेय नहीं है, अतः सांद्रता का अंतर नहीं बनता और परासरण नहीं होता।
कप ‘घ’ में भी जल एकत्र नहीं होता क्योंकि यह उबले हुए आलू से बना है। उबालने से कोशिका झिल्ली नष्ट हो जाती है, जिससे उसकी अर्धपारगम्यता समाप्त हो जाती है और परासरण नहीं हो पाता।

11. उस युग्म की पहचान कीजिए जो कोशिकांग और उसके कार्य के साथ सुमेलित नहीं है।

(i) राइबोसोम – प्रोटीन संश्लेषण
(ii) चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका – लिपिड और सेल्युलोस का संश्लेषण
(iii) लाइसोसोम – बाह्य पदार्थों का पाचन
उत्तर देखें(ii) चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका – लिपिड और सेल्यूलोस का संश्लेषण
कारण:
चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका लिपिड का संश्लेषण करती है, परन्तु सेल्यूलोस का संश्लेषण नहीं करती। इसलिए यह युग्म सुमेलित नहीं है।

12. यदि किसी सुकेंद्री कोशिका से सभी माइटोकॉन्ड्रिया निकाल दिए जाएँ तो आप किस परिणाम की आशा करते हैं?

उत्तर देखेंयदि किसी सुकेन्द्रकी कोशिका से सभी माइटोकॉण्ड्रिया निकाल दिए जाएँ, तो कोशिका में कोशिकीय श्वसन द्वारा ऊर्जा का निर्माण नहीं हो सकेगा। परिणामस्वरूप कोशिका की सभी ऊर्जा-आवश्यक क्रियाएँ प्रभावित होंगी और अंततः कोशिका जीवित नहीं रह पाएगी।

13. मानव शरीर में अर्बुद के निर्माण को कौन-सी परिघटना रोकती या संदमित करती है? क्या पौधों में भी अर्बुद का विकास हो सकता है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर देखेंमानव शरीर में अर्बुद के निर्माण को कोशिका चक्र का नियंत्रण तंत्र तथा कोशिका विभाजन को नियंत्रित करने वाले जीन नियंत्रित करते हैं। जब यह नियंत्रण तंत्र असफल हो जाता है, तब कोशिकाएँ अनियंत्रित रूप से विभाजित होकर अर्बुद का निर्माण करती हैं।
हाँ, पौधों में भी अर्बुद का विकास हो सकता है। पौधों में अनियंत्रित कोशिका विभाजन के कारण असामान्य वृद्धि या गाँठ जैसी संरचनाएँ बन सकती हैं।

14. कोशिका की कोशिका झिल्ली प्रोटीन और लिपिड से निर्मित होती है। बताइए कि कोशिका झिल्ली के संश्लेषण में कौन-से कोशिकांग सहायता करते हैं? इन यौगिकों के संश्लेषण के स्थान से कोशिका झिल्ली तक के पथ को लिखिए और इसे एक नामांकित चित्र के द्वारा दर्शाइए।

उत्तर देखेंकोशिका झिल्ली के निर्माण में निम्न कोशिकांग सहायता करते हैं –
• राइबोसोम — प्रोटीन का संश्लेषण करते हैं।
• चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका — लिपिड का संश्लेषण करती है।
• गॉल्जी उपकरण – प्रोटीन और लिपिड का रूपांतरण, वर्गीकरण, पैकेजिंग तथा कोशिका झिल्ली तक उनका परिवहन करता है।
संश्लेषण से कोशिका झिल्ली तक का पथ –
राइबोसोम → खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका → गॉल्जी उपकरण → स्रावी पुटिका → कोशिका झिल्ली
चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका → गॉल्जी उपकरण → स्रावी पुटिका → कोशिका झिल्ली

नामांकित चित्र

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 2 अभ्यास प्रश्न 14 के उत्तर का चित्र

15. यदि युग्मक समसूत्री विभाजन द्वारा बनाए जाएँ तो क्या होगा?

उत्तर देखेंयदि युग्मक समसूत्री विभाजन द्वारा बनेंगे, तो उनमें गुणसूत्रों की संख्या आधी होने के स्थान पर मूल कोशिका के समान ही बनी रहेगी। फलस्वरूप निषेचन के बाद बनने वाली संतति में गुणसूत्रों की संख्या प्रत्येक पीढ़ी में दोगुनी होती जाएगी। इससे सामान्य वृद्धि, विकास तथा प्रजनन की प्रक्रिया प्रभावित होगी और गुणसूत्रों की निश्चित संख्या बनी नहीं रह सकेगी।

16. दीपा नामक एक कृषक अपने खेत में आँवले और नींबू की पैदावार से बहुत प्रसन्न थी। यद्यपि वह स्थानीय बाजार में अपनी उपज के मात्र एक-चौथाई भाग को ही बेच सकी। तथापि यह अनुमान लगाते कि फसल संग्रह के बाद अधिक मात्रा में उत्पाद नष्ट हो सकता है, उसने आँवलों और नींबू की निधानी आयु अवधि को बढ़ाने के लिए एक पारंपरिक किंतु वैज्ञानिक रूप से सही विधि अपनाई।

उसने विकारीय उत्पाद को लाभदायक उत्पादों, जैसे — अचार और शरबत में परिवर्तित किया। उसने अतिरिक्त उपज का उपयोग करके फलों के छोटे-छोटे टुकड़ों और उनके रस में उपयुक्त मात्रा में नमक, चीनी या गुड़ मिलाकर अचार, मुरब्बा और शरबत तैयार किए। इन्हें बिक्री के लिए छोटी काँच की बोतलों में संग्रहीत किया गया इससे कटाई के पश्चात उपज को व्यर्थ होने से बचाने में सहायता मिली। खेती से कृषि-प्रसंस्करण का यह परिवर्तन खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। इससे एक संधारणीय मॉडल विकसित हुआ जिसने अपशिष्ट की मात्रा को कम किया और उसकी आय बढ़ा दी। उपर्युक्त गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
(i) कृषक ने खेत उत्पाद के संरक्षण में कौन-सी वैज्ञानिक अवधारणा का उपयोग किया है?
(ii) नमक और चीनी के उच्च सांद्रता में मिलाने से किस प्रकार एक ऐसा पर्यावरण बनता है जो भोजन को दूषित करने वाले जीवाणुओं और कवकों की वृद्धि को रोकता है?
(iii) इस प्रकार के खाद्य परिरक्षण के लिए एक स्वास्थ्यवर्धक पाकविधि सुझाइए।
(iv) उपर्युक्त स्थिति में कौन-से वैज्ञानिक मूल्यों पर ध्यान दिया गया है?
उत्तर देखें(i) कृषक ने खेत उत्पाद के संरक्षण के लिए परासरण की वैज्ञानिक अवधारणा का उपयोग किया। उसने फलों में उपयुक्त मात्रा में नमक, चीनी अथवा गुड़ मिलाकर सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोका, जिससे उनकी निधानी आयु बढ़ गई और उत्पाद लंबे समय तक सुरक्षित रहे।

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 2 से परीक्षा के लिए प्रश्न उत्तर

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण पाठ 2 पर आधारित अतिलघुउत्तरीय प्रश्न उतर

अति लघु उत्तरीय प्रश्न उतर

1. मानव नेत्र की विभेदन सीमा कितनी होती है?
उत्तर देखेंमानव नेत्र की विभेदन सीमा 0.1 mm होती है, अर्थात इससे कम दूरी की वस्तुएँ अलग नहीं दिखतीं।

2. कोशिका शब्द सबसे पहले किसने दिया?
उत्तर देखेंरॉबर्ट हुक ने वर्ष 1665 में कॉर्क की जाँच करते समय ‘सेल’ (कोशिका) नाम दिया।

3. प्लाज्मा झिल्ली किसे कहते हैं?
उत्तर देखेंकोशिका झिल्ली को ही प्लाज्मा झिल्ली कहते हैं, जो कोशिका को चारों ओर से घेरे रखती है।

4. परासरण क्या है?
उत्तर देखेंवरणात्मक पारगम्य झिल्ली के माध्यम से जल के अणुओं की गति को परासरण कहते हैं।

5. विसरण क्या है?
उत्तर देखेंकणों की उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर शुद्ध गति को विसरण कहते हैं।

6. कोशिका भित्ति किन कोशिकाओं में पाई जाती है?
उत्तर देखेंकोशिका भित्ति पादप, कवक और जीवाणुओं की कोशिकाओं में पाई जाती है।

7. पादप कोशिका भित्ति मुख्यतः किससे बनी होती है?
उत्तर देखेंपादप कोशिका भित्ति प्राथमिक रूप से सेल्युलोस नामक कार्बोहाइड्रेट से बनी होती है।

8. प्रोकैरियोटिक कोशिका किसे कहते हैं?
उत्तर देखेंजिन कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक व झिल्ली-आबद्ध कोशिकांग नहीं होते, उन्हें प्रोकैरियोटिक कोशिका कहते हैं।

9. केंद्रकाभ क्या है?
उत्तर देखेंपूर्वकेंद्रकी कोशिकाओं में आनुवंशिक पदार्थ वाले झिल्ली-रहित क्षेत्र को केंद्रकाभ कहते हैं।

10. राइबोसोम का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर देखेंराइबोसोम में प्रोटीन संश्लेषण होता है, इसलिए इसे ‘प्रोटीन की फैक्टरी’ कहा जाता है।

11. माइटोकॉन्ड्रिया को ‘ऊर्जा केंद्र’ क्यों कहते हैं?
उत्तर देखेंमाइटोकॉन्ड्रिया कोशिकीय श्वसन द्वारा ATP के रूप में ऊर्जा उत्पन्न करता है, इसलिए इसे ऊर्जा केंद्र कहते हैं।

12. गॉल्जी उपकरण की खोज किसने की?
उत्तर देखेंगॉल्जी उपकरण की खोज इतालवी वैज्ञानिक कैमिलो गॉल्जी ने वर्ष 1898 में की थी।

13. हरितलवक में कौन-सा वर्णक पाया जाता है?
उत्तर देखेंहरितलवक में पर्णहरित (क्लोरोफिल) नामक हरा वर्णक पाया जाता है जो सूर्य प्रकाश अवशोषित करता है।

14. अवर्णी लवक क्या भंडारण करते हैं?
उत्तर देखेंअवर्णी लवक स्टार्च, तेल या प्रोटीन जैसी खाद्य सामग्री का भंडारण करते हैं।

15. समसूत्री विभाजन से कितनी संतति कोशिकाएँ बनती हैं?
उत्तर देखेंसमसूत्री विभाजन से एक जनक कोशिका से आनुवंशिक रूप से समान दो संतति कोशिकाएँ बनती हैं।

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण पाठ 2 पर आधारित लघुउत्तरीय प्रश्न उतर

लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर

1. तरल-मोजेक मॉडल को संक्षेप में समझाइए।
उत्तर देखेंयह मॉडल कोशिका झिल्ली की संरचना बताता है। झिल्ली में लिपिड की एक द्विपरत होती है जिसमें प्रोटीन अंतःस्थापित होते हैं। अणु पार्श्व गति कर सकते हैं इसलिए इसे ‘तरल’ और प्रोटीन के मोजेक जैसे व्यवस्थित होने के कारण ‘मोजेक’ मॉडल कहते हैं।

2. समपरासारी, अल्पपरासारी और अतिपरासारी विलयन में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर देखेंजब बाह्य माध्यम की सांद्रता कोशिका के बराबर हो तो समपरासारी, कम हो तो अल्पपरासारी और अधिक हो तो अतिपरासारी विलयन कहलाता है। इनका कोशिका के आकार पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है — फूलना, सामान्य रहना या सिकुड़ना।

3. पूर्वकेंद्रकी और सुकेंद्रकी कोशिकाओं में कोई तीन अंतर लिखिए।
उत्तर देखेंपूर्वकेंद्रकी कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक व झिल्ली-आबद्ध कोशिकांग नहीं होते तथा व्यास 1-10 µm होता है। सुकेंद्रकी कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक, अनेक कोशिकांग होते हैं और व्यास 10-100 µm होता है। ये एककोशिकीय या बहुकोशिकीय दोनों हो सकती हैं।

4. रुक्ष अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) और चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (SER) में अंतर बताइए।
उत्तर देखेंRER की सतह पर राइबोसोम जुड़े होते हैं जिससे यह खुरदरी दिखती है और मुख्यतः प्रोटीन संश्लेषण करती है। SER की सतह पर राइबोसोम नहीं होते, यह चिकनी दिखती है और वसा तथा हार्मोन के संश्लेषण व भंडारण का कार्य करती है।

5. लाइसोसोम को ‘निर्मलन प्रणाली’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर देखेंलाइसोसोम एंजाइम से भरे झिल्ली-आबद्ध थैले होते हैं जो अवांछित प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट और क्षतिग्रस्त कोशिकांगों को विघटित कर देते हैं। इससे कोशिका स्वच्छ रहती है, इसलिए इन्हें निर्मलन प्रणाली कहा जाता है।

6. रसधानी पादप कोशिका के लिए किस प्रकार महत्वपूर्ण है?
उत्तर देखेंबड़ी केंद्रीय रसधानी जल, खनिज, शर्करा और अपशिष्ट पदार्थ संग्रहीत करती है। यह जल संग्रहीत करके कोशिका के भीतर दबाव बनाए रखती है, जिससे पादप कोशिका दृढ़ और सीधी बनी रहती है।

7. अर्धसूत्री विभाजन की मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर देखेंअर्धसूत्री विभाजन में जनक कोशिका दो बार विभाजित होकर चार संतति कोशिकाएँ (युग्मक) बनाती है, जिनमें गुणसूत्रों की संख्या आधी होती है। यह केवल जनन अंगों में होता है और लैंगिक जनन में आनुवंशिक विविधता उत्पन्न करता है।

8. कोशिका सिद्धांत के तीन मुख्य बिंदु लिखिए।
उत्तर देखेंसभी सजीव एक या अधिक कोशिकाओं से बने होते हैं, कोशिका संरचना व कार्य की मूलभूत इकाई है तथा सभी कोशिकाएँ पूर्वविद्यमान कोशिकाओं से ही उत्पन्न होती हैं। यह सिद्धांत श्लाइडेन, श्वान और विरचो के कार्यों से बना।

9. कैंसर कोशिकाएँ सामान्य कोशिकाओं से किस प्रकार भिन्न होती हैं?
उत्तर देखेंसामान्य कोशिकाएँ नियंत्रित विधि से वृद्धि करती हैं और संपर्क अवरोध का पालन करती हैं, जबकि कैंसर कोशिकाएँ यह नियंत्रण खो देती हैं और अनियंत्रित रूप से विभाजित होकर अर्बुद (ट्यूमर) बनाती हैं।

10. क्रमादेशित कोशिका मृत्यु (PCD) क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर देखेंPCD कोशिका के वरणात्मक रूप से नष्ट होने की आनुवंशिक रूप से नियंत्रित प्रक्रिया है। यह सामान्य विकास के लिए आवश्यक है, जैसे भ्रूण विकास में अंगुलियों के बीच की कोशिकाओं को लुप्त कर अंगुलियाँ बनाना।

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण पाठ 2 पर आधारित दीर्घउत्तरीय प्रश्न उतर

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न उत्तर

1. कोशिका झिल्ली की संरचना और उसकी वरणात्मक पारगम्यता को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर देखेंकोशिका झिल्ली लगभग 7-10 nm मोटी होती है और लिपिड द्विपरत तथा प्रोटीन से मिलकर बनती है (तरल-मोजेक मॉडल)। यह वरणात्मक रूप से पारगम्य होती है, अर्थात कुछ पदार्थों (जैसे जल, ऑक्सीजन) को पार जाने देती है जबकि नमक व चीनी जैसे बड़े अणुओं को रोक लेती है। आलू के प्रयोग में साधारण जल में रखे टुकड़े का आकार बढ़ जाता है जबकि नमक के सांद्र विलयन में रखे टुकड़े का आकार घट जाता है, जो झिल्ली की चयनात्मक प्रकृति को स्पष्ट करता है।

2. पादप कोशिका और जंतु कोशिका में कोई पाँच अंतर लिखिए।
उत्तर देखेंपादप कोशिका में कोशिका भित्ति होती है जबकि जंतु कोशिका में नहीं। पादप कोशिका में लवक (हरितलवक, अवर्णी लवक) पाए जाते हैं जो जंतु कोशिका में अनुपस्थित होते हैं। पादप कोशिका में एक बड़ी केंद्रीय रसधानी होती है जबकि जंतु कोशिका में रसधानी छोटी व अस्थायी होती है। पादप कोशिकाओं का आकार सामान्यतः निश्चित (चतुष्कोणीय) होता है जबकि जंतु कोशिकाओं का आकार अनियमित होता है। लाइसोसोम मुख्यतः जंतु कोशिकाओं में अधिक सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

3. कोशिका के विभिन्न कोशिकांगों (माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जी उपकरण, अंतर्द्रव्यी जालिका, लाइसोसोम) के कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर देखेंमाइटोकॉन्ड्रिया कोशिकीय श्वसन द्वारा ATP के रूप में ऊर्जा उत्पन्न करता है, इसलिए इसे ‘ऊर्जा केंद्र’ कहते हैं। अंतर्द्रव्यी जालिका प्रोटीन, वसा और हार्मोन के संश्लेषण व परिवहन में सहायक होती है (RER प्रोटीन संश्लेषण, SER वसा संश्लेषण)। गॉल्जी उपकरण प्रोटीन व लिपिड को रूपांतरित, वर्गीकृत और पैक करके ‘डाकघर’ की भाँति परिवहन व स्रवण का कार्य करता है। लाइसोसोम एंजाइम द्वारा अवांछित पदार्थों व क्षतिग्रस्त कोशिकांगों को विघटित कर कोशिका को स्वच्छ रखते हैं। ये सभी कोशिकांग मिलकर कोशिका को एक सूक्ष्म कार्यशाला की तरह संचालित करते हैं।

4. समसूत्री विभाजन और अर्धसूत्री विभाजन में अंतर स्पष्ट करते हुए दोनों का महत्व बताइए।
उत्तर देखेंसमसूत्री विभाजन में एक जनक कोशिका से आनुवंशिक रूप से समान दो संतति कोशिकाएँ बनती हैं जिनमें गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका के समान रहती है। यह वृद्धि, मरम्मत, रखरखाव व अलैंगिक जनन के लिए महत्वपूर्ण है। इसके विपरीत अर्धसूत्री विभाजन एक द्वि-चरणीय प्रक्रिया है जिसमें जनक कोशिका दो बार विभाजित होकर चार संतति कोशिकाएँ (युग्मक) बनाती है, जिनमें गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है। यह केवल वृषण व अंडाशय की कोशिकाओं में होता है और लैंगिक जनन में आनुवंशिक विविधता लाकर संतानों में भिन्नता उत्पन्न करता है।

5. लवक क्या हैं? इनके प्रकारों तथा कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर देखेंलवक पादप कोशिकाओं में पाए जाने वाले विशेष कोशिकांग हैं जो भोजन संश्लेषण और भंडारण में सहायक होते हैं। इनके तीन मुख्य प्रकार हैं – हरितलवक जिसमें पर्णहरित (क्लोरोफिल) वर्णक होता है और यह प्रकाश-संश्लेषण द्वारा भोजन बनाता है; वर्णीलवक जो फूलों व फलों में चटकीले रंग (पीला, नारंगी, लाल) प्रदान करते हैं और परागण व बीज प्रकीर्णन में सहायक होते हैं; तथा अवर्णी लवक जो रंगहीन होते हैं और स्टार्च, तेल या प्रोटीन जैसे खाद्य पदार्थों का भंडारण करते हैं, जैसे आलू में स्टार्च संग्रहीत करने वाले लवक।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सत्र 2026-27 में कक्षा 9 विज्ञान की किताब बदल गई है और अध्याय 2 “कोशिका” अब किस नाम की पुस्तक में है?

हाँ, नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के तहत एनसीईआरटी ने कक्षा 9 विज्ञान की नई पुस्तक “अन्वेषण” जारी की है, जिसने पुरानी “विज्ञान” पुस्तक की जगह ली है। सत्र 2026-27 से यही पुस्तक पूरे भारत में सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाई जाएगी। “कोशिका – जीवन की निर्माण इकाई” इस नई पुस्तक का अध्याय 2 है, जो पुरानी पुस्तक में भी अध्याय 5 के रूप में मौजूद था लेकिन अब इसे नए क्रम, नई गतिविधियों और सरल भाषा के साथ पुनर्गठित किया गया है।

परीक्षा में इस अध्याय से कितने अंकों के प्रश्न पूछे जाने की संभावना है?

जीव विज्ञान खंड में “कोशिका” एक आधारभूत और महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है, क्योंकि इसकी अवधारणाएँ आगे कक्षा 10, 11 और 12 में भी काम आती हैं। सामान्यतः वार्षिक परीक्षा में इस अध्याय से 5-8 अंकों के प्रश्न (एमसीक्यू, अति लघु, लघु और दीर्घ उत्तरीय सहित) पूछे जाते हैं। सटीक वेटेज विद्यालय या बोर्ड द्वारा जारी नवीनतम ब्लूप्रिंट से ही पुष्ट होगा, इसलिए विद्यार्थियों को स्कूल का पाठ्यक्रम विभाजन अवश्य देखना चाहिए।

क्या यह अध्याय विद्यार्थियों के लिए कठिन है और इसे कैसे आसानी से याद रखा जा सकता है?

यह अध्याय संकल्पनात्मक है, इसमें बहुत सारे नए तकनीकी शब्द (जैसे परासरण, विसरण, कोशिकांग के नाम) होने के कारण शुरुआत में कठिन लग सकता है। हालांकि, यदि विद्यार्थी हर कोशिकांग को उसके कार्य के साथ चित्र बनाकर याद करें, कोशिका की तुलना एक “फैक्टरी” से करके समझें और एनसीईआरटी में दिए गए चित्र (चित्र 2.10, 2.13, 2.17 आदि) बार-बार देखें, तो यह अध्याय आसानी से समझ में आ जाता है। क्रियाकलाप स्वयं करना भी समझ को मजबूत करता है।

अभिभावक अपने बच्चे को यह अध्याय घर पर पढ़ाने में कैसे मदद कर सकते हैं?

अभिभावक बच्चों के साथ पुस्तक में दिए सरल क्रियाकलाप जैसे आलू या गाजर को नमक व चीनी के घोल में रखकर परासरण दिखाना (क्रियाकलाप 2.2) या प्याज की झिल्ली को सूक्ष्मदर्शी में देखना, घर पर करवा सकते हैं। इससे बच्चों को अमूर्त अवधारणाएँ (जैसे परासरण, कोशिका भित्ति की दृढ़ता) प्रत्यक्ष अनुभव से समझ आती हैं, जो केवल किताबी पढ़ाई से कठिन होती हैं।

क्या इस अध्याय के लिए एनसीईआरटी समाधान और पीडीएफ ऑनलाइन उपलब्ध हैं?

जी हाँ, एनसीईआरटी की आधिकारिक वेबसाइट पर “अन्वेषण” पुस्तक की पीडीएफ निःशुल्क डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। साथ ही, अध्याय के अंत में दिए गए अभ्यास प्रश्नों के हल विभिन्न शैक्षणिक वेबसाइटों जैसे तिवारी अकादमी पर प्राप्त कर सकते हैं। विद्यार्थियों को सुझाव है कि पहले स्वयं प्रश्न हल करने का प्रयास करें, उसके बाद ही समाधान से मिलान करें ताकि समझ बेहतर बने।