एनसीईआरटी समाधान कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 3 क्रियाशील ऊतक

एनसीईआरटी कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 3 क्रियाशील ऊतक समाधान – अभ्यास के प्रश्न उत्तर तथा अतिरिक्त प्रश्नों के हल यहाँ से निशुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं। सत्र 2026-27 से लागू एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तक “अन्वेषण” (कक्षा 9, विज्ञान) का तीसरा अध्याय “क्रियाशील ऊतक” पादपों और जंतुओं में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के ऊतकों की संरचना और कार्य पर आधारित है। यह अध्याय अध्याय 2 कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई की अगली कड़ी है, जिसमें विद्यार्थी सीखते हैं कि समान कोशिकाएँ मिलकर ऊतक कैसे बनाती हैं। इस अध्याय में पादप ऊतकों के दो मुख्य प्रकार – विभज्योतक (शीर्षस्थ, पार्श्व, अंतर्वेशी) और स्थायी ऊतक (सरल – मृदूतक, श्लेषोतक, दृढ़ोतक; तथा जटिल – जाइलम व फ्लोएम) का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। साथ ही जंतु ऊतकों के चार प्रकार – उपकला, संयोजी, पेशी और तंत्रिका ऊतक तथा पेशी-कंकाल तंत्र, संधियों के प्रकार और कंकाल तंत्र को भी सरल भाषा में समझाया गया है। यह अध्याय जीव विज्ञान की महत्वपूर्ण नींव है जो आगे मानव शरीर क्रिया विज्ञान की समझ के लिए आवश्यक है।

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण पाठ 3 अभ्यास प्रश्न उतर

एनसीईआरटी कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 3 समाधान

1.  विभज्योतकी ऊतक बार-बार विभाजित होते हैं। इनकी कोशिकाओं की कौन-सी विशेषताएँ इनके लिए ऐसा करना संभव बनाती हैं?

(i) इनमें सुरक्षा के लिए मोटी भित्तियाँ होती हैं।
(ii) इनमें पोषक तत्वों को संग्रहित करने वाली बड़ी रसधानियाँ होती हैं।
(iii) इनमें पतली भित्तियाँ, सघन कोशिकाद्रव्य और बड़ा और स्पष्ट केंद्रक होता है।
(iv) वे कार्यात्मक रूप से विभेदित कोशिकाएँ हैं।
उत्तर देखें(iii) इनमें पतली भित्तियाँ, सघन कोशिकाद्रव्य और बड़ा और स्पष्ट केंद्रक होता है।
विभज्योतकी कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं, इसलिए इनकी संरचना ऐसी होती है जो शीघ्र और बार-बार विभाजन में सहायक हो – पतली भित्ति और सघन कोशिकाद्रव्य विभाजन को आसान बनाते हैं।

2. यदि कोई पादप पत्तियों से जड़ों तक भोजन परिवहन करने में असमर्थ है तो ऐसा किस ऊतक की असामान्य प्रणाली के कारण होता है?

(i) जाइलम
(ii) फ्लोएम
(iii) बाह्यत्वचा
(iv) दृढ़ोतक
उत्तर देखें(ii) फ्लोएम
फ्लोएम पत्तियों में बने भोजन को पादप के अन्य भागों (जड़ों सहित) तक पहुँचाता है। इसकी असामान्य प्रणाली से भोजन का परिवहन बाधित होगा।

3. जंतुओं के आंतरिक अंगों को आस्तरित करने वाले उपकला ऊतक प्रायः केवल एक या कुछ कोशिकाओं की मोटाई के क्यों होते हैं?

(i) भोजन को प्रभावी रूप से संग्रहीत करने के लिए
(ii) अधिकतम दृढ़ता प्रदान करने के लिए
(iii) उनसे होकर पदार्थों के त्वरित आदान-प्रदान के लिए
(iv) घर्षण कम करने के लिए
उत्तर देखें(iii) उनसे होकर पदार्थों के त्वरित आदान-प्रदान के लिए
एक या कुछ कोशिकाओं की पतली परत विसरण की दूरी को कम करती है, जिससे पदार्थों (गैसों, पोषक तत्वों) का आदान-प्रदान तेज़ी से हो पाता है।

4. आप चित्र में दिखाए गए अनुसार दो प्रकार से कूद सकते हैं (चित्र 3.21) –

टाँग सीधी रखकर कूदना – घुटनों और टखनों को सीधा रखिए।
सामान्य रूप से कूदना – घुटनों और टखनों को स्वाभाविक रूप से मोड़िए।
दोनों बार कूदने में आपके टखने, घुटने और कूल्हे की स्थिति किस प्रकार भिन्न थीं?

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 3 के प्रश्न 4 का चित्र

उत्तर देखेंदोनों प्रकार से कूदने में अंतर – टाँग सीधी रखकर कूदने पर घुटने और टखने अकड़े रहते हैं (कोर संधि पर कोई गति नहीं होती) जिससे उतरते समय झटका अधिक लगता है। सामान्य रूप से कूदने पर घुटने और टखने मुड़ते हैं, जिससे संधियाँ आघात को अवशोषित कर लेती हैं और उतरना अधिक सहज होता है। कूल्हे की स्थिति में भी हल्का मोड़ आता है ताकि शरीर का संतुलन बना रहे।

5. जब आप अपने घुटने और टखने मोड़ते हैं तो किस प्रकार की संधि का उपयोग होता है?

(i) कंदुक खल्लिका
(ii) कोर
(iii) धुराग्र
उत्तर देखें(ii) कोर संधि
घुटने और टखने कोर संधि के उदाहरण हैं जो केवल एक दिशा में गति (मुड़ना-सीधा होना) की अनुमति देते हैं।

6. निम्नलिखित में से प्रत्येक स्थिति (I, II, III और IV) के लिए नीचे दिए गए सही विकल्प का चयन कीजिए –

(i) अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
(ii) अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं किंतु कारण, अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
(iii) अभिकथन सत्य है, किंतु कारण असत्य है।
(iv) अभिकथन असत्य है, किंतु कारण सत्य है।
I अभिकथन – उपकला फेफड़ों में गैस विनिमय के लिए अधिक उपयुक्त है।
कारण: इसमें लंबी कोशिकाओं की अनेक परतें होती हैं जो विसरण की गति को धीमा कर देती हैं।
II अभिकथन – हृद पेशी बिना थके निरंतर संकुचन कर सकती है।
कारण: हृद पेशी कोशिकाओं में अधिक संख्या में माइटोकॉन्ड्रिया और प्रचुर मात्रा में रक्त की आपूर्ति होती है।
III अभिकथन – कंडराएँ एक अस्थि को दूसरी अस्थि से जोड़ती हैं और संधि की गति को संभव बनाती हैं।
कारण: कंडराएँ सुदृढ़ संयोजी ऊतक से बनी होती हैं जो पेशी से अस्थि तक बल का संचरण करती हैं।
IV अभिकथन – कोर संधि में गति मुख्यतः एक तल में होती है।
कारण: अस्थियों के सिरे सभी दिशाओं में सर्पी गति करने हेतु आकारित होते हैं।
उत्तर देखेंI – (iv) अभिकथन असत्य है, किंतु कारण सत्य है। (उपकला वास्तव में पतली, एकल परत के कारण गैस विनिमय हेतु उपयुक्त होती है, अनेक मोटी परतें विसरण को धीमा करेंगी – इसलिए कारण सही है पर अभिकथन में दिया गया औचित्य गलत/असंगत है)
II – (i) अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण सही व्याख्या करता है।
III – (iv) अभिकथन असत्य है, कारण सत्य है। (कंडराएँ पेशी को अस्थि से जोड़ती हैं, न कि अस्थि को अस्थि से – यह कार्य स्नायु का है; परंतु कारण में दी गई बात सत्य है)
IV – (iv) अभिकथन असत्य है, कारण सत्य है। (कोर संधि में गति सचमुच एक तल में होती है, यह सही है, पर कारण गलत है क्योंकि अस्थियों के सिरे केवल एक दिशा में गति हेतु आकारित होते हैं, सभी दिशाओं में नहीं – अतः यह विकल्प संगत नहीं बैठता; ध्यान दें छात्र वास्तविक कक्षा चर्चा में शिक्षक से पुष्टि करें)

7. तालिका 3.7 में दिए गए आँकड़ों का उपयोग करके X-अक्ष पर वृक्ष की आयु (वर्षों में) और Y-अक्ष पर समय के साथ वृक्ष का व्यास (cm में) तथा निर्मित वार्षिक वलयों की संख्या के मध्य एक ग्राफ बनाइए।

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 3 के प्रश्न 7 का चित्र

(i) समय के साथ तने के व्यास के संदर्भ में ग्राफ का विश्लेषण कीजिए और अपने निष्कर्ष साझा कीजिए।
(ii) सागवान के वृक्ष के व्यास और निर्मित वार्षिक वलयों के बीच क्या संबंध है?
(iii) तने की परिधि में वृद्धि के लिए कौन-सा विशेषीकृत ऊतक उत्तरदायी है और यह कहाँ स्थित होता है?
उत्तर देखें(i) आयु बढ़ने के साथ तने का व्यास भी लगातार बढ़ता जाता है – दोनों में सीधा संबंध दिखता है।
(ii) व्यास और वार्षिक वलयों की संख्या में सीधा (धनात्मक) संबंध है – जितने अधिक वलय बनेंगे, व्यास उतना ही अधिक होगा।
(iii) पार्श्व विभज्योतक उत्तरदायी है, जो तने की परिधि में (जाइलम व फ्लोएम के बीच) स्थित होता है।

8. एक वन में देखा गया कि एक हाथी ने अपनी भोजन की आवश्यकता पूरी करने के लिए एक वृक्ष की छाल को बुरी तरह उखाड़ दिया क्योंकि छाल पोषक तत्वों का एक समृद्ध स्रोत होती है (चित्र 3.22)। अपने अधिगम के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

(i) छाल उखड़ने से वृक्ष का/के कौन-सा/से कार्य बाधित होता/होते है/हैं?
(ii) छाल उखड़ने के बाद भी वृक्ष के तने को और क्षति होने पर पादप का कौन-सा ऊतक प्रभावित होगा?
(iii) यदि छाल के नीचे के ऊतक गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो जाएँ तो वृक्ष का कौन-सा कार्य बाधित होगा?
(iv) उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर देने के लिए आप क्या पूर्वानुमान लगाते हैं? यदि आपके पूर्वानुमानों में परिवर्तन हो तो उत्तर में क्या अंतर आएगा?

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 3 के प्रश्न 8 का चित्र

उत्तर देखें(i) छाल हटने से जाइलम और फ्लोएम दोनों प्रभावित होंगे, जिससे जल, खनिज और भोजन का परिवहन बाधित होगा।
(ii) पार्श्व विभज्योतक और संवहन ऊतक प्रभावित होंगे, जिससे तने की वृद्धि भी रुक सकती है।
(iii) वृक्ष का पोषण और परिवहन कार्य बुरी तरह बाधित होगा, वृक्ष सूख भी सकता है।
(iv) क्षति जितनी गहरी होगी उतना अधिक कार्य बाधित होगा; यदि क्षति हल्की हो तो वृक्ष स्वयं ठीक हो सकता है, इसलिए पूर्वानुमान बदलने पर उत्तर भी बदल जाएगा।

9. आम्रपाली ने देखा कि आम के एक नवोद्भिद पौधे का तना मानसून की हवाओं में लचीला होकर मुड़ जाता है किंतु टूटता नहीं। इस लचीलेपन के लिए कौन-सा ऊतक उत्तरदायी है? यदि विद्यमान ऊतक को दृढ़ोतक से प्रतिस्थापित कर दिया जाए तो क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका पूर्वानुमान लगाइए और व्याख्या कीजिए।

उत्तर देखेंलचीलेपन के लिए श्लेषोतक उत्तरदायी है, क्योंकि इसकी कोशिकाएँ जीवित तथा असमान रूप से मोटी भित्ति वाली होती हैं जो लचीलापन देती हैं। यदि इसे दृढ़ोतक  से बदल दिया जाए तो तना कठोर हो जाएगा और हवा में मुड़ने के बजाय टूट सकता है, क्योंकि दृढ़ोतक की कोशिकाएँ मृत और लिग्निनयुक्त होकर कठोर तो होती हैं परंतु लचीली नहीं होतीं।

10. सोहन ने गन्ने के पुनरुद्भवन के लिए एक प्रयोग अभिकल्पित किया जिसमें उसने गन्ना उगाने के लिए कलम (cutting) का उपयोग किया। उसने दो प्रकार की कलम, प्रकार ‘क’ और प्रकार ‘ख’ (चित्र 3.23) का उपयोग किया। कुछ सप्ताह बाद, प्रकार ‘ख’ की कलम में अंकुर दिखाई दिए और वे गन्ने के पादप में विकसित हो गए जबकि प्रकार ‘क’ की कलम में अंकुरण नहीं हुआ।

(i) प्रकार ‘ख’ की कलम ने गन्ने के रूप में क्यों वृद्धि की किंतु प्रकार ‘क’ ने क्यों नहीं की?
(ii) प्रकार ‘ख’ में प्रकार ‘क’ की तुलना में क्या अंतर था?
(iii) इस परिवर्तन के प्रभाव का निर्धारण करने के लिए कौन-सा प्रेक्षण अथवा मापन किया गया?
(iv) उचित तुलना सुनिश्चित करने के लिए दोनों प्रकार की कलम में कौन-से मानदंड समान रखने चाहिए?

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 3 के प्रश्न 10 का चित्र

उत्तर देखें(i) प्रकार ‘ख’ में शायद पर्वसंधि उपस्थित थी जहाँ विभज्योतक और कलिकाएँ होती हैं, इसलिए अंकुरण हुआ; प्रकार ‘क’ में पर्वसंधि या कलिका अनुपस्थित रही होगी, अतः अंकुरण नहीं हुआ।
(ii) प्रकार ‘ख’ में सक्रिय कलिका/पर्वसंधि उपस्थित थी, प्रकार ‘क’ में यह अनुपस्थित थी।
(iii) अंकुर या जड़ों का दिखना/न दिखना (अवलोकन) तथा अंकुरण में लगा समय (मापन)।
(iv) कलम की लंबाई, मोटाई, आयु, पानी-मिट्टी की मात्रा, तापमान, प्रकाश आदि परिस्थितियाँ समान रखनी चाहिए ताकि तुलना निष्पक्ष हो।

11. कक्षा में चर्चा के समय रोहन कहता है – “ऊतक समान कोशिकाओं का एक समूह है जो समान कार्य करता है” किंतु राजीव इसका प्रतिवाद करते हुए कहता है – “यह सरल ऊतकों की स्थिति में सत्य है किंतु जटिल ऊतकों की स्थिति में थोड़ा भिन्न है” कक्षा में हुई चर्चा के संदर्भ में अपना स्पष्टीकरण दीजिए।

उत्तर देखेंराजीव सही है – सरल ऊतक (जैसे मृदूतक) में सभी कोशिकाएँ संरचना में समान होती हैं और एक ही कार्य करती हैं। परंतु जटिल ऊतकों (जैसे जाइलम, फ्लोएम) में विभिन्न प्रकार की कोशिकाएँ (जैसे वाहिकाएँ, वाहिनिकाएँ, मृदूतक, तंतु) मिलकर एक साझा कार्य (जल/भोजन परिवहन) करती हैं, इसलिए यहाँ रोहन की परिभाषा (समान कोशिकाओं का समूह) पूरी तरह लागू नहीं होती।

12. नारियल के कठोर और रेशेदार तंतुओं का उपयोग चटाई बनाने के लिए किया जाता है। कौन-से ऊतक में यह दृढ़ता प्रदान करने के लिए उपयुक्त संरचनात्मक विशेषताएँ होती हैं? स्पष्ट कीजिए कि सजीव मृदूतक से इस उद्देश्य की पूर्ति क्यों नहीं हो सकती है।

उत्तर देखेंदृढ़ोतक  ऊतक में यह विशेषताएँ होती हैं – मोटी, लिग्निनयुक्त भित्ति, मृत कोशिकाएँ, जो अत्यधिक कठोरता और दृढ़ता देती हैं। सजीव मृदूतक की भित्ति पतली और कोशिकाएँ जीवित होती हैं, जिनमें दृढ़ता का अभाव होता है, इसलिए वे चटाई जैसी वस्तु बनाने के लिए आवश्यक मजबूती प्रदान नहीं कर सकतीं।

13. विभा अपनी सहेली नेहा से कहती है – “विभज्योतकी कोशिकाएँ केवल जड़ और प्ररोह के अग्रभाग (शीर्ष) पर स्थित होती हैं” आप इस कथन के विषय में क्या सोचते हैं? यदि कथन असत्य है तो नेहा विभा से कौन-सा प्रश्न पूछ सकती है जिससे वह इसे भली-भाँति समझ सके?

उत्तर देखेंविभा का कथन पूर्णतः सत्य नहीं है – शीर्षस्थ विभज्योतक जड़ और प्ररोह के अग्रभाग पर होता है, परंतु पार्श्व विभज्योतक (तने की परिधि में) और अंतर्वेशी विभज्योतक (पर्वसंधियों पर) भी विभज्योतकी ऊतक के प्रकार हैं। नेहा पूछ सकती है – “क्या पौधे केवल लंबाई में बढ़ते हैं या मोटाई/परिधि में भी वृद्धि होती है और घास कटने के बाद पुनः कैसे उगती है?” – इससे विभा को पार्श्व और अंतर्वेशी विभज्योतक का पता चलेगा।

14. एक पादप कोशिका और एक जंतु कोशिका का आमाप समान है।

(i) किस कोशिका में रसधानी अपेक्षाकृत बड़ी होगी? कारण बताइए।
(ii) उपरोक्त प्रश्न का उत्तर देने के लिए आप क्या पूर्वानुमान लगाते हैं?
उत्तर देखें(i) पादप कोशिका में रसधानी अपेक्षाकृत बड़ी होगी। कारण – पादप कोशिका में एक बड़ी केंद्रीय रसधानी होती है जो जल, पोषक तत्व संग्रहीत करती है तथा स्फीति दाब बनाए रखने में सहायता करती है, जबकि जंतु कोशिका में रसधानियाँ छोटी और कम होती हैं।
(ii) पूर्वानुमान – यदि दोनों कोशिकाओं में जल अवशोषण/संग्रहण की तुलना करें तो पादप कोशिका अधिक जल संग्रहीत कर पाएगी, जिससे उसका आकार स्थिर रहेगा।

15. एक पाठ्यपुस्तक में यह कहा गया है, “प्रत्येक पादप ऊतक केवल एक विशिष्ट कार्य करता है।” इस कथन की सत्यता की विवेचनात्मक जाँच करने के लिए आप कौन-से प्रश्न पूछेंगे? इन प्रश्नों के उत्तर खोजने के लिए आप किन ऊतकों के उदाहरण लेंगे?

उत्तर देखेंक्या कोई ऊतक एक से अधिक कार्य करता है? (जैसे मृदूतक – भंडारण भी करता है और प्रकाश-संश्लेषण भी)
क्या जटिल ऊतकों (जाइलम, फ्लोएम) में विभिन्न कोशिकाएँ अलग-अलग उप-कार्य करती हैं?
उदाहरण के लिए मृदूतक (भोजन भंडारण + प्रकाश-संश्लेषण + जलीय पौधों में उत्प्लावन) और जाइलम (जल परिवहन + यांत्रिक दृढ़ता प्रदान करना) – दोनों उदाहरण दिखाते हैं कि एक ऊतक कई कार्य कर सकता है।

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण अध्याय 3 से परीक्षा के लिए प्रश्न उत्तर

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण पाठ 3 पर आधारित अतिलघुउत्तरीय प्रश्न उत्तर

अतिलघुउत्तरीय प्रश्न उत्तर

1. ऊतक किसे कहते हैं?
उत्तर देखेंसमान संरचना वाली कोशिकाओं का वह समूह जो एक विशिष्ट प्रकार्य के लिए मिलकर कार्य करता है, ऊतक कहलाता है।

2. विभज्योतक ऊतक किसे कहते हैं?
उत्तर देखेंसक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाओं के समूह से बने ऊतक को विभज्योतक ऊतक कहते हैं।

3. शीर्षस्थ विभज्योतक कहाँ स्थित होता है?
उत्तर देखेंशीर्षस्थ विभज्योतक जड़ और प्ररोह के अग्रभाग पर स्थित होता है और पौधे की लंबाई में वृद्धि करता है।

4. पार्श्व विभज्योतक का क्या कार्य है?
उत्तर देखेंपार्श्व विभज्योतक तने की परिधि (मोटाई) में वृद्धि करता है, जैसे वृक्षों में वार्षिक वृद्धि वलय बनना।

5. अंतर्वेशी विभज्योतक किसे कहते हैं?
उत्तर देखेंपर्वसंधि के आधार पर स्थित विभज्योतक जो घास काटने के बाद पुनरुद्भवन में सहायता करता है।

6. विभेदन क्या है?
उत्तर देखेंविभज्योतकी कोशिकाओं का संरचना व कार्य में परिवर्तित होकर स्थायी ऊतक में बदलने की प्रक्रिया विभेदन कहलाती है।

7. बाह्यत्वचा का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर देखेंबाह्यत्वचा पादप काया की सबसे बाहरी परत बनाकर पौधे के सभी भागों की सुरक्षा करती है।

8. उपत्वचा क्या है?
उत्तर देखेंबाह्यत्वचा कोशिकाओं पर क्यूटिन नामक मोमी परत को उपत्वचा कहते हैं, जो जल हानि रोकती है।

9. मृदूतक की कोई एक विशेषता लिखिए।
उत्तर देखेंमृदूतक पतली भित्तियों वाली सजीव कोशिकाओं से बना होता है जो मुख्यतः भोजन का भंडारण करता है।

10. दृढ़ोतक किन भागों में पाया जाता है?
उत्तर देखेंदृढ़ोतक तनों, पर्ण शिराओं और नारियल के रेशे जैसे बीजों के कठोर आवरणों में पाया जाता है।

11. सहचर कोशिकाएँ क्या कार्य करती हैं?
उत्तर देखेंसहचर कोशिकाएँ चालनी नलिकाओं में शर्करा के भारण और अभारण का अनुवीक्षण करती हैं।

12. उपकला ऊतक का एक मुख्य कार्य लिखिए।
उत्तर देखेंउपकला ऊतक शरीर के बाहरी आवरण (त्वचा) तथा आंतरिक अंगों का सुरक्षात्मक आस्तर बनाता है।

13. न्यूरॉन के तीन मुख्य भाग कौन-से हैं?
उत्तर देखेंन्यूरॉन के तीन मुख्य भाग हैं – कोशिका-काय, द्रुमिका और तंत्रिकाक्ष (एक्सॉन)।

14. कंदुक-खल्लिका संधि का उदाहरण दीजिए।
उत्तर देखेंकंधे की संधि कंदुक-खल्लिका संधि का उदाहरण है, जो भुजा की मुक्त गति संभव बनाती है।

15. पसली पिंजर का क्या कार्य है?
उत्तर देखेंपसली पिंजर एक सुरक्षात्मक पिंजरे की तरह कार्य करता है जो हृदय और फेफड़ों की रक्षा करता है।

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण पाठ 3 पर आधारित लघुउत्तरीय प्रश्न उत्तर

लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर

1. पादप और जंतु ऊतक भिन्न क्यों होते हैं?
उत्तर देखेंअधिकांश पादप एक ही स्थान पर स्थिर रहते हैं इसलिए इन्हें अवलंब के लिए कोशिका भित्ति की आवश्यकता होती है। जंतु गतिशील होते हैं इसलिए इनकी कोशिकाओं में लचीलापन होता है। पोषण विधि (प्रकाश-संश्लेषण बनाम भोजन ग्रहण) में भी अंतर के कारण दोनों के ऊतक भिन्न होते हैं।

2. श्लेषोतक की संरचना और कार्य लिखिए।
उत्तर देखेंश्लेषोतक सजीव कोशिकाओं से बना होता है जिनके कोने पेक्टिन के निक्षेपण के कारण असमान रूप से स्थूलित होते हैं। यह ऊतक सहारा और लचीलापन प्रदान करता है जिससे पादप के तने और प्रतान जैसे भाग बिना टूटे झुक सकते हैं।

3. जाइलम की संरचना में कौन-कौन से घटक होते हैं?
उत्तर देखेंजाइलम में वाहिनिकाएँ, वाहिकाएँ, जाइलम मृदूतक और जाइलम तंतु होते हैं। वाहिनिकाएँ और वाहिकाएँ नलिकाकार व मोटी भित्ति वाली होती हैं। जाइलम मृदूतक ही जाइलम का एकमात्र जीवित घटक है, शेष प्राथमिक रूप से दृढ़ोतकीय होते हैं।

4. चालनी नलिकाएँ क्या हैं और इनका कार्य क्या है?
उत्तर देखेंचालनी नलिकाएँ लंबी, नलिकाकार कोशिकाएँ हैं जो छिद्रित भित्तियों द्वारा एक सिरे से दूसरे सिरे तक परस्पर जुड़ी होती हैं। ये पत्तियों से पादप के अन्य भागों तक भोजन का परिवहन करती हैं और फ्लोएम का मुख्य घटक हैं।

5. संयोजी ऊतक की परिभाषा देते हुए दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर देखेंवह ऊतक जो अन्य ऊतकों को जोड़ता और सहारा देता है, संयोजी ऊतक कहलाता है। रक्त और अस्थियाँ इसके प्रमुख उदाहरण हैं। दोनों की आधात्री भिन्न होती है – रक्त में जलीय व जेली जैसी, अस्थि में कठोर व ठोस।

6. ऐच्छिक और अनैच्छिक गतियों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर देखेंऐच्छिक गतियाँ हमारे सचेत नियंत्रण में होती हैं, जैसे दौड़ना या लिखना, जो कंकाल पेशियों द्वारा संपन्न होती हैं। अनैच्छिक गतियाँ सचेत नियंत्रण के बिना स्वचालित रूप से होती हैं, जैसे हृदय स्पंदन, जो चिकनी व हृदय पेशियों द्वारा होती हैं।

7. कंकाल तंत्र के प्रमुख घटक कौन-से हैं?
उत्तर देखेंकंकाल तंत्र अस्थियों का एक ढाँचा है जिसमें खोपड़ी, कशेरुक दंड (मेरुदंड) और पसली पिंजर सम्मिलित हैं। मेरुदंड कशेरुका नामक छोटी हड्डियों की श्रृंखला से बना होता है जो शरीर को सहारा देता है और हमें सीधे खड़े रहने में सहायता करता है।

8. कोर संधि और धुराग्र संधि में अंतर बताइए।
उत्तर देखेंकोर संधि (जैसे कोहनी, घुटना) दरवाजे के कब्जे की तरह केवल एक दिशा में मुड़ती और सीधी होती है। धुराग्र संधि (जैसे गर्दन-खोपड़ी जोड़) सिर की ऊपर-नीचे और दाएँ-बाएँ गति को संभव बनाती है, जो कोर संधि से अधिक स्वतंत्र गति देती है।

9. तंत्रिका ऊतक शरीर में समन्वय कैसे स्थापित करता है?
उत्तर देखेंतंत्रिका ऊतक न्यूरॉन कोशिकाओं से बना होता है जो संदेशों को ग्रहण, संसाधित और प्रेषित करते हैं। मस्तिष्क नियंत्रण केंद्र के रूप में कार्य करता है और यह ऐच्छिक व अनैच्छिक दोनों मांसपेशियों को अनुदेश देकर शरीर की क्रियाओं का समन्वय करता है।

10. कंडरा और स्नायु में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर देखेंकंडरा मांसपेशी को अस्थि से जोड़ती है और इस प्रकार गति को संभव करती है। स्नायु अस्थि को अस्थि से जोड़ता है, संधि को स्थिरता प्रदान करता है, गति सीमित करता है और विस्थापन को रोकता है। दोनों संयोजी ऊतक के प्रकार हैं।

कक्षा 9 विज्ञान अन्वेषण पाठ 3 पर आधारित दीर्घउत्तरीय प्रश्न उत्तर

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न उत्तर

1. पादप में तीन प्रकार के विभज्योतकी ऊतकों (शीर्षस्थ, पार्श्व, अंतर्वेशी) का वर्णन उनके स्थान और कार्य सहित कीजिए।
उत्तर देखेंशीर्षस्थ विभज्योतक जड़ और प्ररोह के अग्रभाग पर स्थित होता है और पौधों की लंबाई में वृद्धि के लिए उत्तरदायी है। पार्श्व विभज्योतक तने की परिधि के अनुदिश स्थित होकर तने के व्यास (मोटाई) में वृद्धि करता है, जिससे वृक्षों में वार्षिक वृद्धि वलय बनते हैं। अंतर्वेशी विभज्योतक पर्व के आधार या पर्वसंधि के ठीक ऊपर स्थित होता है और घास जैसे पौधों को काटने या चरने के पश्चात उनके पुनरुद्भवन में सहायता करता है। ये तीनों मिलकर पौधों में लंबाई, परिधि और शाखाओं में वृद्धि के लिए उत्तरदायी हैं।

2. सरल स्थायी ऊतक (मृदूतक, श्लेषोतक, दृढ़ोतक) की संरचना व कार्यों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर देखेंमृदूतक पतली भित्तियों वाली सजीव कोशिकाओं से बना होता है जो विरल रूप से व्यवस्थित होती हैं और मुख्यतः भोजन के भंडारण व प्रकाश-संश्लेषण में सहायक होता है। श्लेषोतक सजीव कोशिकाओं से बना होता है जिनके कोने पेक्टिन के निक्षेपण से असमान रूप से मोटे होते हैं और यह तने को सहारा व लचीलापन देता है। दृढ़ोतक की कोशिकाएँ लिग्निन के निक्षेपण के कारण मोटी भित्ति वाली होती हैं, अधिकांश मृत होती हैं और यह तनों, बीजों के कठोर आवरणों में कठोरता प्रदान करता है।

3. जाइलम और फ्लोएम में कोई पाँच अंतर लिखिए।
उत्तर देखेंजाइलम जल और खनिजों का जड़ों से पौधे के अन्य भागों तक परिवहन करता है, जबकि फ्लोएम पत्तियों से तैयार भोजन का परिवहन करता है। जाइलम में वाहिनिकाएँ व वाहिकाएँ प्रायः मृत होती हैं जबकि फ्लोएम अधिकांशतः सजीव कोशिकाओं से बना होता है। जाइलम में जल का प्रवाह एकदिशीय (जड़ से ऊपर) होता है जबकि फ्लोएम में भोजन का प्रवाह द्विदिशीय हो सकता है। जाइलम पादप को दृढ़ता भी प्रदान करता है जबकि फ्लोएम में सहचर कोशिकाएँ चालनी नलिकाओं के कार्यों का नियमन करती हैं।

4. उपकला ऊतक के विभिन्न प्रकारों (विनिमय, सुरक्षा, स्रवण, संवेदी, अवशोषण) का उनकी संरचना व स्थान सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर देखेंविनिमय प्रकार्य वाली उपकला पतली, चपटी कोशिकाओं की एकल परत से बनी होती है और रक्त वाहिकाओं व फेफड़ों में द्रवों-गैसों के द्रुत विसरण में सहायक है। सुरक्षात्मक उपकला (त्वचा, मुँह) कोशिकाओं की अनेक परतों से बनी होती है। स्रवण करने वाली उपकला (लार ग्रंथियाँ, स्वेद ग्रंथियाँ) घनाकार या स्तंभाकार कोशिकाओं से बनी विशेषीकृत होती है। संवेदी उपकला (नासाछिद्र, स्वाद-कलिकाएँ) रोम जैसी पक्ष्माभ युक्त होती है, जबकि अवशोषी उपकला (छोटी आँत) लंबी स्तंभाकार कोशिकाओं की एकल परत से बनी होती है।

5. पेशी-कंकाल तंत्र क्या है? इसमें शामिल विभिन्न पेशियों (कंकाल, चिकनी, हृदय) के प्रकार व कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर देखेंपेशी-कंकाल तंत्र अस्थियों, पेशियों, संधियों, उपास्थियों, कंडराओं और स्नायुओं से मिलकर बना होता है जो शरीर को सीधे खड़े होने, गति करने और कोमल अंगों की रक्षा करने में सहायता करता है। कंकाल पेशियाँ लंबी, बेलनाकार, बहुकेंद्रकी और रेखित होती हैं जो ऐच्छिक गति (जैसे दौड़ना) के लिए उत्तरदायी हैं। चिकनी पेशियाँ तर्कुरूप, एकल केंद्रक वाली होती हैं जो आमाशय और आँत जैसी अनैच्छिक धीमी गतियों में सहायक हैं। हृदय पेशियाँ बेलनाकार व शाखित होती हैं जो अथक रूप से लयबद्ध संकुचन कर जीवनपर्यंत हृदय स्पंदन बनाए रखती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सत्र 2026-27 में “क्रियाशील ऊतक” अध्याय पुरानी पुस्तक के “ऊतक” अध्याय से अलग है?

एनसीईआरटी की नई पुस्तक “अन्वेषण” में यह अध्याय पहले की तुलना में अधिक व्यापक बना दिया गया है। पुरानी पुस्तक में केवल पादप और जंतु ऊतकों की संरचना पढ़ाई जाती थी, जबकि नई पुस्तक में इसके साथ पेशी-कंकाल तंत्र, संधियों के प्रकार (कंदुक-खल्लिका, कोर, धुराग्र, अचल संधि), कंकाल तंत्र और “विज्ञान एवं समाज” जैसे नए खंड (योग, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, किरीट पिटिका रोग) भी जोड़े गए हैं, जिससे अध्याय अधिक व्यावहारिक व अनुप्रयोग-आधारित बन गया है।

क्या इस अध्याय में योग और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से जुड़ा भाग परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है?

हाँ, नई पुस्तक “अन्वेषण” में “विज्ञान एवं समाज” खंड के अंतर्गत योग, सूर्य नमस्कार की मुद्राएँ और 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उल्लेख पेशी-कंकाल तंत्र के व्यावहारिक अनुप्रयोग के रूप में किया गया है। यह भाग विद्यार्थियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए जोड़ा गया है और मूल्य-आधारित प्रश्नों के रूप में परीक्षा में पूछा जा सकता है।

अभिभावक और शिक्षक बच्चों को यह अध्याय व्यावहारिक रूप से कैसे समझा सकते हैं?

शिक्षक व अभिभावक बच्चों के साथ पुस्तक में दिए सरल क्रियाकलाप जैसे प्याज की जड़ों में वृद्धि का अवलोकन (क्रियाकलाप 3.1), शरीर के विभिन्न भागों की संधियों की गति पहचानना (क्रियाकलाप 3.5) या कंडरा की गति महसूस करना (पैर की अँगुलियाँ हिलाकर) करवा सकते हैं। इससे बच्चों को विभज्योतक, संयोजी ऊतक और संधियों जैसी अमूर्त अवधारणाएँ प्रत्यक्ष अनुभव से समझ आती हैं।