एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 रेखाएँ और कोण
एनसीईआरटी कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 रेखाएँ और कोण – समाधान, प्रश्न उत्तर, हल, आइए पता लगाएँ – विस्तार से हल सत्र 2026-27 के लिए यहाँ दिए गए हैं। कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 रेखाएँ और कोण एनसीईआरटी द्वारा एनईपी 2020 के अंतर्गत सत्र 2026-27 के लिए तैयार की गई पाठ्यपुस्तक का दूसरा अध्याय है। इस अध्याय में ज्यामिति की आधारभूत अवधारणाओं — बिंदु, रेखाखंड, रेखा, किरण और कोण — को रोचक गतिविधियों और वास्तविक जीवन के उदाहरणों द्वारा समझाया गया है। विद्यार्थी घड़ी, दरवाजे और झूले में कोणों की पहचान करते हुए न्यून, समकोण, अधिक, सरल और प्रतिवर्ती कोणों को सीखते हैं। चाँदे का उपयोग करके कोण मापना और बनाना भी इस अध्याय में सिखाया गया है। इस पेज पर “आइए पता लगाएँ” के सभी प्रश्नों के सम्पूर्ण हल, परिभाषाएँ, सूत्र और परीक्षा उपयोगी सामग्री हिंदी में मिलेगी।
कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 आइए, पता लगाएँ के त्वरित लिंक
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एनसीईआरटी कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 समाधान
कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 पेज 15 पर दिए गए “आइए, पता लगाएँ” के हल तथा उत्तर
पेज 15 के प्रश्न उत्तर
आइए, पता लगाएँ
1. क्या आप रिहान और शीतल को उनके उत्तर ज्ञात करने में मदद कर सकते हैं?

उत्तर:
हम एक बिंदु से होकर अनन्त (असीमित) संख्या में रेखाएँ खींच सकते हैं, इसलिए रिहान इस बिंदु से होकर अनन्त रेखाएँ बना सकता है।

दो बिंदुओं से होकर केवल एक ही रेखा खींची जा सकती है, इसलिए शीतल इन दो बिंदुओं से होकर केवल एक ही रेखा बना सकती है।

2. आकृति 2.4 में दिए गए रेखाखंडों के नाम लिखिए। पाँच अंकित बिंदुओं में से कौन-से केवल एक रेखाखंड पर स्थित हैं? कौन-से बिंदु किन्हीं दो रेखाखंडों पर स्थित हैं?

उत्तर:
दिए गए चित्र में रेखाखंड LM, MP, PQ और QR हैं।
केवल एक रेखाखंड पर स्थित बिंदु:
- L: यह रेखाखंड LM का एक अंतिम बिंदु है।
- R: यह रेखाखंड QR का एक अंतिम बिंदु है।
दो रेखाखंडों पर स्थित बिंदु:
- M: यह वह बिंदु है जहाँ रेखाखंड LM और MP मिलते हैं।
- P: यह वह बिंदु है जहाँ रेखाखंड MP और PQ मिलते हैं।
- Q: यह वह बिंदु है जहाँ रेखाखंड PQ और QR मिलते हैं।
परिणाम:
एक रेखाखंड पर स्थित बिंदु: L, R
दो रेखाखंडों पर स्थित बिंदु: M, P, Q
3. आकृति 2.5 में दी गई करणों के नाम लिखिए। क्या प्रत्येक किरन का प्रारंभिक बिंदु है?

उत्तर:
दिए गए चित्र में दो किरणें हैं:
- किरण TA: यह किरण बिंदु T से शुरू होती है और बिंदु A से होकर गुजरती है तथा A के आगे अनंत तक बढ़ती है।
- किरण TB: यह किरण भी बिंदु T से शुरू होती है और बिंदु B से होकर गुजरती है तथा B के आगे अनंत तक बढ़ती है।
अतः, T दोनों किरणों का प्रारंभिक बिंदु है।
4. एक कच्ची (rough) आकृति बनाइए और नीचे दिए गए प्रत्येक बिंदु का उपयुक्त नामांकन कीजिए-

उत्तर:
a. OP और OQ बिंदु O पर मिलते हैं।

b. XY और PQ बिंदु M पर प्रतिच्छेद करते हैं।

c. रेखा l पर बिंदु E और F स्थित हैं, पर बिंदु D स्थित नहीं है।

d. बिंदु P, AB पर स्थित है।

5. आकृति 2.6 में निम्नलिखित के नाम बताइए-
a. पाँच बिंदु
b. एक रेखा
c. चार किरणें
d. पाँच रेखाखंड

उत्तर:
a. पाँच बिंदु: D, E, O, C और B।
b. एक रेखा: BD।
c. चार किरणें: OD, OB, OC और ED।
d. पाँच रेखाखंड: DE, EO, OC, BO और DO।
6. आकृति 2.7 में OA एक किरण है। यह O से शुरू होती है और बिंदु A से गुजरती है। यह बिंदु B से भी गुजरती है।

उत्तर:
a. हाँ, इस किरण का नाम OB भी रखा जा सकता है क्योंकि किरण OA बिंदु B से भी गुजरती है। किरणों का नाम उनके प्रारंभिक बिंदु से शुरू होकर किरण पर स्थित किसी अन्य बिंदु के माध्यम से रखा जाता है। चूँकि किरण O से शुरू होती है और B तथा A दोनों से गुजरती है, इसलिए इसे OB भी कहा जा सकता है।
b. नहीं, हम किरण OA को किरण AO नहीं लिख सकते क्योंकि किरणों की एक दिशा होती है। किरण बिंदु O से शुरू होकर A की ओर जाती है, इसलिए किरण OA, O से A की दिशा को दर्शाता है। यदि हम इसे किरण AO लिखें, तो इसका अर्थ होगा कि किरण A से शुरू होकर O की ओर जा रही है, जो यहाँ सही नहीं है क्योंकि O प्रारंभिक बिंदु है।
कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 पेज 19 पर दिए गए “आइए, पता लगाएँ” के हल तथा उत्तर
पेज 19 के प्रश्न उत्तर
आइए, पता लगाएँ
1. क्या आप दी गई आकृतियों में कोण ढूँढ सकते हैं? किसी भी एक कोण की भुजाएँ बनाइए और शीर्ष का नाम दीजिए।

उत्तर:
∠BDC का शीर्ष D है।

∠AOB का शीर्ष O है।

∠APB का शीर्ष P है।

∠ASB का शीर्ष S है।

2. भुजा ST और SR को चिह्नित करते हुए कोण बनाइए।
उत्तर:
∠RST की भुजाएँ ST और SR हैं।

3. व्याख्या कीजिए कि ∠APC को ∠P क्यों लिखा जा सकता?

उत्तर:
बिंदु P पर एक से अधिक कोण हैं, जैसे ∠APB, ∠APC और ∠BPC। इसलिए हम ∠APC को केवल ∠P नहीं लिख सकते।
4. नीचे दी गई आकृति में अंकित कोणों के नाम लिखिए।

उत्तर:
दी गई आकृति में अंकित कोण ∠RTQ और ∠RTP हैं।
5. अपने कागज पर तीन बिंदु इस प्रकार अंकित कीजिए कि वे एक रेखा पर स्थित न हों। उन्हें A, B और C से चिह्नित कीजिए। सभी संभव रेखाएँ खींचिए, जो इन बिंदु-युग्मों से गुजरती हों। इस प्रकार आपको कितनी रेखाएँ प्राप्त होती हैं? उनके नाम भी बताइए। A, B और C का प्रयोग करते हुए आप कितने कोण बना सकते हैं? उन सभी के नाम लिखिए और आकृति 2.9 के अनुसार उनमें से प्रत्येक को एक चाप के साथ चिह्नित कीजिए।

उत्तर:
हमें बिंदुओं के युग्मों को जोड़कर तीन रेखाएँ AB, BC और CA प्राप्त होती हैं। इन बिंदुओं का उपयोग करके तीन कोण ∠ABC, ∠ACB और ∠BAC बनते हैं।

6. अपने कागज पर चार बिंदु इस प्रकार अंकित कीजिए कि उनमें से कोई भी तीन बिंदु एक रेखा पर न हों। उन्हें A, B, C और D से चिह्नित कीजिए। सभी संभव रेखाएँ खींचिए, जो इन बिंदु-युग्मों से गुजरती हों। इस प्रकार आपको कितनी रेखाएँ प्राप्त होती हैं? उनके नाम भी बताइए। आप A, B, C और D से कितने कोणों का नामकरण कर सकते हैं? उन्हें लिखिए और उनमें से प्रत्येक को आकृति 2.9 के अनुसार चाप द्वारा अंकित कीजिए।

उत्तर:
हमें बिंदुओं के युग्मों को जोड़कर चार रेखाएँ AB, BC, CD और DA प्राप्त होती हैं। इन बिंदुओं का उपयोग करके 12 कोण ∠ABC, ∠ADC, ∠DCB, ∠BAD, ∠BAC, ∠DAC, ∠ABD, ∠DBC, ∠ACB, ∠ACD, ∠BDC और ∠BDA बनते हैं।

कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 पेज 23 पर दिए गए “आइए, पता लगाएँ” के हल तथा उत्तर
पेज 23 के पश्न उत्तर
हम अध्यारोपण द्वारा और कहाँ तुलना करते हैं?
उत्तर:
अध्यारोपण का उपयोग वास्तविक जीवन की वस्तुओं जैसे कैंची, परकार या अन्य उपकरणों में किया जाता है, जिनमें कोण बनते हैं। हम इन वस्तुओं से बने कोणों (जैसे कैंची के ब्लेड के बीच का कोण) को एक-दूसरे पर रखकर यह तुलना कर सकते हैं कि कौन-सा कोण बड़ा है या छोटा।
आइए, पता लगाएँ
1. एक आयताकार कागज को मोड़िए। अब घुमाव के निशान पर एक रेखा खींचिए। घुमाव और कागज की भुजाओं के बीच बने कोणों को नाम दीजिए और उन कोणों की तुलना कीजिए। आयताकार कागज को घुमाकर विभिन्न कोण बनाइए एवं उनकी तुलना कीजिए। यह भी बताइए कि इनमें से कौन-सा कोण सबसे बड़ा है और कौन-सा कोण सबसे छोटा है?

उत्तर:
मोड़ पर खींची गई रेखा के साथ बने कोण ∠AEF, ∠BEF, ∠DFE और ∠CFE हैं, जिन्हें क्रमशः 1, 2, 3 और 4 से दर्शाया गया है।
इनमें से ∠AEF और ∠CFE बड़े कोण हैं, जबकि ∠BEF और ∠DFE छोटे कोण हैं।

2. प्रत्येक स्थिति में बताइए कि कौन-सा कोण बड़ा है और क्यों?
a. ∠AOB या ∠XOY
b. ∠AOB या ∠XOB
c. ∠XOB या ∠XOC
अपने मित्रों से चर्चा कीजिए कि आपने यह निर्णय कैसे लिया कि कौन-सा कोण बड़ा है।

उत्तर:
a. ∠AOB > ∠XOY, क्योंकि ∠XOY, ∠AOB के भीतर स्थित है। अर्थात ∠XOY, ∠AOB का एक भाग है।
b. ∠AOB > ∠XOB, क्योंकि ∠XOB, ∠AOB के भीतर स्थित है। अर्थात ∠XOB, ∠AOB का एक भाग है।
c. ∠XOB = ∠XOC, क्योंकि दोनों कोण समान किरणों से बने हैं।
3. कौन-सा कोण बड़ा है – ∠XOY या ∠AOB? कारण बताइए।

उत्तर:
∠XOB > ∠AOB, क्योंकि ∠AOB, ∠XOB के भीतर स्थित है। अर्थात ∠AOB, ∠XOB का एक भाग है।
कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 पेज 29 पर दिए गए “आइए, पता लगाएँ” के हल तथा उत्तर
पेज 29 के प्रश्न उत्तर
यदि सरल कोण, एक पूर्ण घुमाव के आधे से बनता है, तो एक समकोण, पूर्ण घुमाव का कितना होगा?
उत्तर:
यदि एक सरल कोण पूर्ण घुमाव के आधे से बनता है, तो एक समकोण पूर्ण घुमाव के एक-चौथाई (1/4) से बनता है।
निष्कर्ष के चरण:
- एक पूर्ण घुमाव 360 डिग्री का होता है।
- एक सरल कोण पूर्ण घुमाव का आधा होता है, इसलिए इसका माप 180 डिग्री होता है।
- एक समकोण, सरल कोण का आधा होता है, इसलिए इसका माप 90 डिग्री होता है, जो 360 डिग्री के पूर्ण घुमाव का एक-चौथाई है।
आइए, पता लगाएँ
1. आपकी कक्षा की खिड़कियों में कितने समकोण हैं? क्या अपनी कक्षा में आप और समकोण देख सकते हैं?
उत्तर:
मेरी कक्षा में खिड़कियों में सामान्यतः कई समकोण होते हैं, क्योंकि जहाँ फ्रेम मिलते हैं वहाँ कोने आमतौर पर 90 डिग्री के होते हैं। प्रत्येक आयताकार या वर्गाकार खिड़की में चार समकोण होते हैं।
खिड़कियों के अलावा, कक्षा में अन्य वस्तुएँ जिनमें समकोण होते हैं, उनमें दरवाजों के कोने, ब्लैकबोर्ड या व्हाइटबोर्ड के किनारे, डेस्क या मेज तथा फर्श या दीवारों की टाइलें शामिल हैं, क्योंकि ये सभी वर्गाकार या आयताकार होती हैं।

2. बिंदु A को ग्रिड के दूसरे बिंदुओं से एक सरल रेखा में इस प्रकार जोड़ें कि एक सरल कोण प्राप्त हो। इसे करने के विभिन्न तरीके हो सकते हैं, जैसे A से क्षैतिज (सीधी) दिशा में किसी बिंदु B को जोड़ना या A से तिरछी दिशा में किसी अन्य बिंदु को जोड़ना, जिससे सीधी रेखा बने और सरल कोण प्राप्त हो।

उत्तर:
एक सरल कोण बनाने के विभिन्न तरीके:

3. अब बिंदु A को ग्रिड के दूसरे बिंदुओं से एक सरल रेखा में इस प्रकार जोड़ें कि एक समकोण प्राप्त हो। इसे करने के विभिन्न तरीके क्या हो सकते हैं?

उत्तर:
एक समकोण बनाने के विभिन्न तरीके:

4. कागज को घुमाकर तिरछा निशान बनाइए। अब एक अन्य निशान बनाइए जो पिछले तिरछे निशान पर लम्ब हो।
a. अब आपके पास कितने समकोण हैं? तर्क संगत उत्तर दीजिए कि ये कोण पूर्णतया समकोण क्यों हैं?
b. वर्णन कीजिए कि आपने इसे कैसे मोड़ा ताकि जो व्यक्ति इस प्रक्रिया को करना नहीं जानता वह आपकी प्रक्रिया का अनुसरण करके समकोण बना सके।
उत्तर:
a. जब हम कागज को इस प्रकार मोड़ते हैं कि मूल तिरछे मोड़ पर एक लम्बवत क्रीज़ बन जाए, तो हम चार समकोण बना लेते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब दो रेखाएँ (या क्रीज़) एक-दूसरे के लम्बवत होती हैं, तो वे 90 डिग्री के कोण पर प्रतिच्छेद करती हैं और समकोण बनाती हैं। इन दो क्रीज़ के प्रतिच्छेदन से चार भाग बनते हैं और प्रत्येक भाग 90 डिग्री का कोण दर्शाता है।
b. पहला तिरछा मोड़ बनाइए:
- एक आयताकार या वर्गाकार कागज का टुकड़ा लीजिए।
- इसे तिरछा मोड़िए (एक कोने से सामने वाले कोने तक) ताकि एक तिरछी क्रीज़ बन जाए।
- कागज को खोलिए ताकि कागज पर तिरछी रेखा दिखाई दे।
लम्बवत क्रीज़ बनाइए:
- अब कागज को फिर से मोड़िए, लेकिन इस बार कागज के एक किनारे को इस प्रकार मोड़िए कि वह तिरछी क्रीज़ को बीच में जाकर मिले।
- ध्यान रखें कि किनारा क्रीज़ के साथ बिल्कुल सीध में हो, ताकि नया मोड़ तिरछी क्रीज़ के लम्बवत हो।
- कागज को खोलिए और आप दो क्रीज़ देखेंगे—एक तिरछी और एक लम्बवत—जो जहाँ एक-दूसरे को काटती हैं वहाँ समकोण बनाती हैं।
इन चरणों का पालन करके हम उस बिंदु पर चार सटीक समकोण बना सकते हैं जहाँ दोनों क्रीज़ मिलती हैं।
कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 पेज 31 पर दिए गए “आइए, पता लगाएँ” के हल तथा उत्तर
पेज 31 के प्रश्न उत्तर
आइए, पता लगाएँ
1. पिछली आकृतियों में न्यून कोण, समकोण, अधिक कोण और सरल कोण को पहचानिए।

उत्तर:
आकृतियों में न्यून कोण, समकोण, अधिक कोण और सरल कोण:

2. कुछ न्यून कोण और अधिक कोण भिन्न दशाओं में बनाइए।
उत्तर:
विभिन्न दिशाओं में न्यून कोण और अधिक कोण:

3. क्या आप जानते हैं कि न्यून और अधिक शब्दों का क्या अर्थ है? न्यून का अर्थ नुकीला और अधिक का अर्थ कुंड होता है। आपको क्या लगता है कि इन शब्दों का चयन क्यों किया गया होगा?
उत्तर:
हाँ, ज्यामिति में “न्यून कोण” और “अधिक कोण” शब्दों के अर्थ उनके सामान्य उपयोग से जुड़े हुए हैं:
न्यून कोण: सामान्य अंग्रेज़ी में “acute” का अर्थ “तेज” या “नुकीला” होता है। इसी कारण न्यून कोण को ऐसा कहा जाता है। न्यून कोण 90 डिग्री से छोटा होता है और देखने में नुकीला या पतला लगता है, जैसे चाकू की नोक या कोई तेज किनारा।
अधिक कोण: “obtuse” का अर्थ “मंद” या “भद्दा (कम तेज)” होता है। अधिक कोण 90 डिग्री से बड़ा होता है और देखने में चौड़ा या फैला हुआ लगता है, इसलिए यह कम नुकीला या भद्दा प्रतीत होता है, जैसे कोई कुंद (मंद) वस्तु।
इन शब्दों का उपयोग इसलिए किया गया है क्योंकि इन कोणों का आकार रोज़मर्रा की चीज़ों से मिलता-जुलता है, जिससे इन्हें समझना आसान हो जाता है। न्यून कोण नुकीला होता है क्योंकि यह पतला और छोटा होता है, जबकि अधिक कोण चौड़ा होता है इसलिए यह कम नुकीला या मंद दिखाई देता है।
4. ज्ञात कीजिए कि नीचे दी गई आकृतियों में कितने न्यून कोण हैं-

अगली आकृति क्या होगी और उसमें कितने न्यून कोण होंगे? क्या आप संख्याओं में कोई पैटर्न देखते हैं?
उत्तर:
आकृति 1 में न्यून कोणों की संख्या 3 है, आकृति 2 में 12 है और आकृति 3 में 21 है।
अगली आकृति में न्यून कोणों की संख्या 30 होगी।
प्रत्येक आकृति में न्यून कोणों की संख्या में एक पैटर्न है। अगली आकृति में न्यून कोणों की संख्या पिछली आकृति से 9 अधिक होती है।

कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 पेज 35 पर दिए गए “आइए, पता लगाएँ” के हल तथा उत्तर
पेज 35 के प्रश्न उत्तर
आइए, पता लगाएँ
1. निम्नलिखित कोणों के माप लिखिए:

a. ∠KAL
b. ∠WAL
c. ∠TAK
उत्तर:
a. ∠KAL = 30°
b. ∠WAL = 50°
c. ∠TAK = 40°
कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 पेज 40 पर दिए गए “आइए, पता लगाएँ” के हल तथा उत्तर
पेज 40 के प्रश्न उत्तर
आइए, पता लगाएँ
1. चाँदे का प्रयोग करते हुए निम्न कोणों के डिग्री माप ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
निम्नलिखित कोणों के माप (डिग्री में) इस प्रकार हैं:
चित्र 1 में कोण = 48°
चित्र 2 में कोण = 24°
चित्र 3 में कोण = 109°

2. चाँदे का प्रयोग करते हुए अपनी कक्षा में दिख रहे विभिन्न कोणों के डिग्री माप ज्ञान कीजिए।
उत्तर:
मेरे कक्षा में विभिन्न कोणों के माप:
खिड़की के फ्रेम का कोना: 90°
डेस्क का किनारा: 90°
दीवार पर पोस्टर का झुकाव: 45°
आधी खुली पुस्तक: 180°
थोड़ा खुला दरवाज़ा: 30°
कुर्सी का बैकरेस्ट: 120°
3. नीचे दिए गए कोणों के अंश माप ज्ञात कीजिए जाँच कीजिए की क्या यहाँ कागज के चाँद का प्रयोग कर सकते हैं।

उत्तर:
कागज़ के चाँदे का उपयोग करके कोणों के माप (डिग्री में) नीचे दिए गए हैं:
चित्र 1 में कोण = 42°
चित्र 2 में कोण = 115°

4. नीचे दिए गए कोण का अंश माप चाँदे का प्रयोग करके किस प्रकार निकाला जा सकता है?

उत्तर:
कोण का अंश माप = 102°

5. निम्न कोणों को मापिए और प्रत्येक का डिग्री माप लिखिए।

उत्तर:
निम्नलिखित कोणों के अंश माप नीचे दिए गए हैं:
a. कोण का अंश माप = 77°
b. कोण का अंश माप = 120°
c. कोण का अंश माप = 58°
d. कोण का अंश माप = 130°
e. कोण का अंश माप = 128°
f. कोण का अंश माप = 60°

6. ∠BXE , ∠CXE, ∠AXB और ∠BXC के अंश माप ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
∠BXE, ∠CXE, ∠AXB और ∠BXC के अंश माप निम्नानुसार हैं:
∠BXE = 115°
∠CXE = 85°
∠AXB = 65°
∠BXC = 30°
7. ∠PQR , ∠PQS और ∠PQT के अंश माप ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
∠PQR, ∠PQS और ∠PQT के अंश माप निम्नानुसार हैं:
∠PQR = 45°
∠PQS = 100°
∠PQT = 152°

8. दिए गए निर्देशों के अनुसार पेपर क्राफ्ट बनाइए। अब कागज को पूरा खोलिए। मोड़े जाने पर प्राप्त निशानों पर रेखाएँ खींचिए और इस प्रकार बने कोणों को मापिए।

उत्तर:
चरण 1: जब हम वर्गाकार कागज को विकर्णतः मोड़ते हैं, तो हम नीचे के कोनों पर दो समकोण (90°) और शीर्ष पर एक 45° का कोण बनाते हैं।
चरण 2: मोड़ने के बाद, त्रिभुज का आधार सीधा होता है, जिससे नीचे के कोनों पर 90° के कोण बनते हैं, जबकि शीर्ष शीर्ष 45° ही रहता है।
चरण 3: जब हम आधार को ऊपर की ओर मोड़ते हैं, तो उस कोने पर एक छोटा समकोण (90°) बनता है जहाँ आधार त्रिभुज से मिलता है।
चरण 4: कान बनाने के लिए किनारों को अंदर मोड़ने पर शीर्ष के पास न्यून कोण बनते हैं, जो संभवतः 30° से 45° के बीच होते हैं।
चरण 5: जैसे-जैसे हम किनारों को और अधिक अंदर की ओर मोड़ते हैं, त्रिकोणीय कानों के कोण और अधिक तीक्ष्ण (sharp) हो सकते हैं, जिससे कानों के सिरों पर 30° के करीब न्यून कोण बन जाते हैं।
चरण 6: ऊपर की ओर मोड़ से बनी के चेहरे की नोक पर एक और न्यून कोण बनता है, जो संभवतः 45° के आसपास होता है।
चरण 7: अंतिम मोड़ नीचे के हिस्से को तीक्ष्ण बनाता है, जिससे आधार पर 90° और कानों के पास 45° से 60° का कोण बना रहता है।
चरण 8: पूर्ण बनी चेहरे में, हमारे पास कई कोण होंगे:
कान न्यून कोण (लगभग 30° से 45°) बनाते हैं।
ठुड्डी के पास का चेहरा एक अधिक कोण बनाता है, जो 120° के करीब होता है।
मोड़ की सटीकता के आधार पर चेहरे के किनारे लगभग 90° से 120° के होते हैं।
9. आकृति 2.21 (a) में बने त्रिभुज के तीनों कोणों को मापिए और संबंधित कोण के नीचे उसका माप लिखिए। तीनों मापों को जोड़िए। क्या प्राप्त होता है? इस प्रक्रिया का आकृति 2.21 (b) और (c) के लिए भी प्रयोग कीजिए। अन्य त्रिभुजों पर भी इस प्रक्रिया का प्रयोग कीजिए। फिर सामान्य तौर पर क्या होता है इसका अनुमान लगाइए। हम आगे की कक्षाओं में जानेंगे कि ऐसा क्यों हुआ।

उत्तर:
(a) में त्रिभुज के तीनों कोणों का योग: 45° + 65° + 70° = 180°
(b) में त्रिभुज के तीनों कोणों का योग: 56° + 62° + 62° = 180°
(c) में त्रिभुज के तीनों कोणों का योग: 30° + 55° + 95° = 180°
सामान्य अनुमान
किसी भी त्रिभुज के तीनों आंतरिक कोणों का योग हमेशा 180 डिग्री के बराबर होता है। यह यूक्लिडियन ज्यामिति में त्रिभुजों का एक मौलिक गुण है।
हम विभिन्न प्रकार के त्रिभुजों (जैसे समद्विबाहु, विषमबाहु, समबाहु आदि) के साथ इसका परीक्षण कर सकते हैं और परिणाम हमेशा समान रहेगा: आंतरिक कोणों का योग 180° होता है।
यह गुण ज्यामिति में अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य के अध्ययन में अधिक जटिल आकृतियों और संबंधों को समझने का आधार बनता है।

कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 पेज 45 पर दिए गए “आइए, पता लगाएँ” के हल तथा उत्तर
पेज 45 के प्रश्न उत्तर
आइए, पता लगाएँ
कोण कहाँ हैं?
1. घड़ी में कोण –

a. घड़ी की सूइयाँ अलग-अलग समय पर भिन्न कोण बनाती हैं। 1 बजे सूइयों के बीच 30° का कोण होता है। क्यों?
b. 2 बजे कोण कितना होगा? और 4 बजे? 6 बजे?
c. घड़ी की सूइयों द्वारा बने अन्य कोणों को ढूँढ़िए।
उत्तर:
1. a. घड़ी पर 12 संख्याएँ होती हैं जो 12 घंटों को दर्शाती हैं। 12 घंटों में तय किया गया कुल कोण 360° होता है। इसलिए, दो क्रमागत संख्याओं के बीच का कोण = 360°/12 = 30°। यही कारण है कि 1 बजे सूइयों के बीच का कोण 30° होता है।
b. 2 बजे का कोण = 60°
4 बजे का कोण = 120°
6 बजे का कोण = 180°
c. घड़ी की सूइयों द्वारा बनाए गए अन्य कोण:
3 बजे का कोण = 90°
9 बजे का कोण = 270°
5 बजे का कोण = 150° (नोट: चित्र के अनुसार 5 बजे का कोण 150° है)
11 बजे का कोण = 330°

2. एक दरवाजे का कोण- क्या ऐसा संभव है कि कोण का प्रयोग कर यह बताया जा सके कि दरवाजा कितना खुला है? कोण का शीर्ष और कोण की भुजाएँ क्या होंगी?

उत्तर:
हाँ, जब दरवाजा खुला हो तो उसके कोण को मापना संभव है। कोण का शीर्ष B है और इसकी भुजाएँ AB और BC हैं।

3. विद्या झूले पर अपना समय आनंद से बिता रही है। उसने ध्यान दिया कि जब उसने झूलना शुरू किया तो जितना बड़ा कोण है, उतनी ही अधिक गति वह झूले पर अर्जित कर रही है। लेकिन यहाँ कोण है कहाँ? क्या आप यहाँ पर किसी कोण को देख सकते हैं?

उत्तर:
कोण झूले की रस्सी और उर्ध्वाधर रेखा के बीच बनता है। इसे चित्र में दिखाया गया है।

4. यहाँ, एक खिलौने के दोनों ओर तिरछे तख्ते (slanting slab) लगे हैं, जितना अधिक कोण या तख्ते का झुकाव होगा उतनी ही तेजी से गेंद लुढ़कती है। क्या कोणों का प्रयोग तख्तों के झुकाव के वर्णन में किया जा सकता है? प्रत्येक कोण की भुजाएँ क्या होंगी? कौन-सी भुजा दिखाई देगी और कौन-सी नहीं?

उत्तर:
हाँ, इस खिलौने में तख्तों के झुकाव का वर्णन करने के लिए कोणों का प्रयोग किया जा सकता है। प्रत्येक तख्ता एक झुका हुआ तल बनाता है और झुकाव का कोण (तख्ते और क्षैतिज सतह के बीच का कोण) यह निर्धारित करता है कि गेंद कितनी तेजी से नीचे लुढ़कती है।
तख्ते के ढलान का कोण जितना बड़ा होगा, झुकाव उतना ही अधिक तीव्र होगा, जिससे गेंद तेजी से लुढ़केगी। कोण जितना छोटा होगा, ढलान उतनी ही धीमी होगी और गेंद उतनी ही धीरे लुढ़केगी।
कोण की एक भुजा क्षैतिज सतह (खिलौने का आधार या कोई भी क्षैतिज तल जिससे तख्ता जुड़ा है) है। दूसरी भुजा स्वयं तिरछा तख्ता है। दिखाई देने वाली भुजा वह तिरछा तख्ता है जिसे हम चित्र में देख सकते हैं। अदृश्य भुजा क्षैतिज आधार है, जो चित्र में सीधे तौर पर दिखाई नहीं देती है, लेकिन इसे जमीन के समानांतर सतह के रूप में कल्पना की जा सकती है।
5. नीचे दिए गए चित्रों का अवलोकन कीजिए जिनमें एक कीट एवं उसकी घुमायी गई स्थितियाँ दी गई हैं। क्या घूर्णन (घुमाव) की मात्रा बताने के लिए कोणों का उपयोग किया जा सकता है? यदि हाँ, तो कैसे? कोण का शीर्षबिंदु एवं उसकी भुजाएँ कौन-सी होंगी?

संकेत— कीट को छूकर जाती हुई क्षैतिज रेखा को देखिए।
उत्तर:
हाँ, एक केंद्रीय बिंदु के चारों ओर घुमाव को मापकर, एक कीट और उसके घूर्णित संस्करण के बीच के घूर्णन का वर्णन करने के लिए कोणों का उपयोग किया जा सकता है। कोण का शीर्ष कीट का केंद्र है, जबकि भुजाएँ केंद्र से शरीर पर एक संदर्भ बिंदु तक जाने वाली रेखाएँ हैं, जो घूर्णन से पहले और बाद की स्थिति दर्शाती हैं। उदाहरण के लिए, यदि घोंघे के सिर की नोक या लेडीबग के एंटीना को संदर्भ बिंदुओं के रूप में उपयोग किया जाता है, तो कीट के घूमने से पहले और बाद में केंद्र से इन रेखाओं के बीच का कोण घूर्णन की मात्रा (डिग्री) को दर्शाता है। यह कोण घूर्णन को परिमाणित करता है, जैसे कि उल्टी स्थिति के लिए 180 डिग्री।
कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 पेज 49 पर दिए गए “आइए, पता लगाएँ” के हल तथा उत्तर
पेज 49 के प्रश्न उत्तर
आइए, पता लगाएँ
1. आकृति 2.23 में दर्शाए सभी संभव कोणों की सूची बनाइए। क्या आप उन को ढूँढ पाए। अब सभी कोणों के माप का अनुमान लगाइए। इसके पश्चात चाँदे की सहायता से कोणों का माप देखिए। अपनी सभी संख्याओं (डिग्री माप) को एक सारणी में अंकित कीजिए। देखिए आपके अनुमानित उत्तर सही माप के कितने समीप हैं।

उत्तर:
कोणों की सूची: ∠PAC, ∠APD, ∠DPS, ∠LPR, ∠PLS, ∠ARP, ∠PRS, ∠RSL और ∠ALC.
अब, आइए अंश (डिग्री) में मापों का अनुमान लगाएं:
∠PAC: 120°
∠APD: 90°
∠DPS: 120°
∠LPR: 60°
∠PLS: 90°
∠ARP: 30°
∠PRS: 150°
∠RSL: 90°
∠ALC: 120°
मेरे अनुमानों और वास्तविक मापों को रिकॉर्ड करने के लिए तालिका:

2. चाँदे की सहायता से निम्न डिग्री माप के कोण बनाइए-
a. 110° b. 40° c. 75° d. 112° e. 134°
उत्तर:
चाँदे की सहायता से बने कोण:

3. एक कोण बनाइए जिसका डिग्री माप नीचे दिए गए कोण के समान हो।

इस कोण को बनाने में प्रयुक्त सभी चरणों को भी लिखिए।
उत्तर:
दिए गए कोण के समान कोण बनाना:
रचना के चरण
- एक किरण HJ खींचिए जो कोण की एक भुजा के रूप में कार्य करेगी।
- किरण HJ पर एक बिंदु H अंकित कीजिए। यह बिंदु कोण का शीर्ष होगा।
- चांदे के केंद्र बिंदु को H पर रखें और चांदे की आधार रेखा को किरण HJ के साथ संरेखित करें।
- चांदे का उपयोग करते हुए, कोण के लिए आवश्यक डिग्री माप पर एक बिंदु अंकित करें (जैसा कि दी गई आकृति में है)।
- चांदे को हटा दें और शीर्ष H से अंकित बिंदु से होकर एक दूसरी किरण HI खींचिए। यह किरण कोण की दूसरी भुजा बनाएगी।
- नई किरण के अंतिम बिंदु को I के रूप में अंकित करें, जिससे कोण ∠IHJ की रचना पूरी हो जाएगी।
कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 पेज 51 पर दिए गए “आइए, पता लगाएँ” के हल तथा उत्तर
पेज 51 के प्रश्न उत्तर
आइए, पता लगाएँ
1. नीचे दिए गए प्रत्येक ग्रिड में, बिंदु A को ग्रिड के दूसरे बिंदुओं से एक सरल रेखा से इस प्रकार मिलान कीजिए कि हमें –

कोणों को छाप द्वारा अंकित कीजिए जिससे इच्छित कोणों की पहचान हो सके। एक आपके लिए क्या गया है।
उत्तर:

2. चाँदे की सहायता से प्रत्येक कोण का माप निकालिए। प्रत्येक कोण को न्यून कोण, अधिक कोण, समकोण या प्रतिवर्ती कोण में वर्गीकृत कीजिए।
a. ∠PTR b. ∠PTQ c. ∠PTW d. ∠WTP

उत्तर:
a. ∠PTR = 30° : न्यून कोण
b. ∠PTQ = 60° : न्यून कोण
c. ∠PTW = 112° : अधिक कोण
d. ∠WTP = 248° : प्रतिवर्ती कोण

कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 पेज 53 पर दिए गए “आइए, पता लगाएँ” के हल तथा उत्तर
पेज 53 के प्रश्न उत्तर
आइए, पता लगाएँ
1. निम्न अंश माप वाले कोणों को बनाएँ – a. 140° b. 82° c. 195° d. 70° e. 35°
उत्तर:
डिग्री माप में कोण:

2. प्रत्येक कोण के माप का अनुमान लगाइए और फिर चाँदे से मापिए-

इन कोणों को न्यून कोण, अधिक कोण, समकोण और प्रतिवर्ती कोणों में वर्गीकृत कीजिए।
उत्तर:
कोणों का मापन:
a. 45° : न्यून कोण
b. 165° : प्रतिवर्ती कोण
c. 120° : अधिक कोण
d. 32° : न्यून कोण
e. 90° : समकोण
f. 169° : प्रतिवर्ती कोण

3. एक आकृति बनाइए जिसमें तीन न्यून कोण, एक समकोण और दो अधिक कोण हों।
उत्तर:
तीन न्यून कोण, एक समकोण और दो अधिक कोण वाली आकृति:

4. अक्षर M को इस प्रकार बनाइए कि दोनों ओर के कोण 40° के हों और मध्य में कोण 60° का हो।
उत्तर:
अक्षर ‘M’ इस प्रकार बनाइए कि दोनों ओर के कोण 40°-40° हों और बीच का कोण 60° हो।

5. अक्षर Y को इस प्रकार बनाइए कि 150°, 60° और 150° के तीन कोण बनें।
उत्तर:
अक्षर ‘Y’ इस प्रकार बनाइए कि बनने वाले तीन कोण 150°, 60° और 150° हों।

6. अशोक चक्र में 24 तीलियाँ होती हैं। दो संलग्न तीलियों के बीच कितने अंश माप का कोण होगा? दो तीलियों के बीच सबसे बड़ा न्यून कोण क्या होगा?

उत्तर:
अशोक चक्र में 24 तीलियाँ होती हैं, जो समान दूरी पर स्थित होती हैं। दो संलग्न तीलियों के बीच कोण का अंश माप ज्ञात करने के लिए, हम वृत्त के कुल अंश (360°) को तीलियों की संख्या से विभाजित कर सकते हैं।
दो तीलियों के बीच का कोण = 360°/24 = 15°
सबसे बड़ा न्यून कोण उन दो तीलियों के बीच का कोण है जो सबसे पास-पास होती हैं। चूँकि किसी भी दो संलग्न तीलियों के बीच का कोण 15° है, इसलिए यही उनके बीच बनने वाला सबसे बड़ा न्यून कोण है।
7. पहेली— मैं एक न्यून कोण हूँ। यदि आप मेरे माप को दोगुना करते हो तो आपको न्यून कोण ही प्राप्त होता है। यदि आप मेरे माप को तीन गुना करते हो तो पुनः न्यून कोण प्राप्त होगा। यदि आप मेरे माप को चार गुना करते हो तो भी पुनः न्यून कोण ही प्राप्त होगा पर यदि आप मेरे माप को पाँच से गुना करते हो तो एक अधिक कोण प्राप्त होगा। मेरे कोणों के संभावित माप क्या होंगे?
उत्तर:
चरण-दर-चरण गणनाएँ:
मान लीजिए कोण θ है।
कोण को दोगुना करने पर भी न्यून कोण बने—
2 × θ < 90° ⇒ θ < 45°
कोण को तीन गुना करने पर भी न्यून कोण बने—
3 × θ < 90° ⇒ θ < 30°
कोण को चार गुना करने पर भी न्यून कोण बने—
4 × θ < 90° ⇒ θ < 22.5° कोण को 5 से गुणा करने पर अधिक कोण प्राप्त हो— 5 × θ > 90° ⇒ θ > 18°
अतः कोण θ के संभावित मान 18° और 22.5° के बीच होंगे।
इसलिए, कोण इस सीमा में कोई भी मान हो सकता है, जैसे 19°, 20°, 21° या 22°।
अध्याय का सारांश – मुख्य अवधारणाएँ
- बिंदु: एक सटीक स्थान — कोई लंबाई, चौड़ाई या ऊँचाई नहीं।
- रेखाखंड: दो बिंदुओं को जोड़ने वाला सबसे छोटा मार्ग।
- रेखा: दोनों दिशाओं में अनंत तक विस्तारित।
- किरण: एक बिंदु से एक दिशा में अनंत तक।
- कोण: दो किरणों का उभयनिष्ठ प्रारंभिक बिंदु से बनना।
कोणों के प्रकार:
| कोण का प्रकार | माप |
|---|---|
| न्यून कोण | 0° से अधिक और 90° से कम |
| समकोण | बिल्कुल 90° |
| अधिक कोण | 90° से अधिक और 180° से कम |
| सरल कोण | बिल्कुल 180° |
| प्रतिवर्ती कोण | 180° से अधिक और 360° से कम |
| पूर्ण कोण | बिल्कुल 360° |
महत्वपूर्ण परिभाषाएँ
- कोणमापक / चाँदा
एक अर्धवृत्ताकार उपकरण जिसे 180 समान भागों में बाँटा गया है। इससे कोण मापे और बनाए जाते हैं। - कोण समद्विभाजक
वह किरण जो किसी कोण को दो बराबर भागों में विभाजित करती है। - लंब रेखाएँ
जब दो रेखाएँ समकोण (90°) पर मिलती हैं तो वे लंब रेखाएँ कहलाती हैं। - अध्यारोपण
एक कोण को दूसरे पर रखकर तुलना करने की विधि। - प्रतिवर्ती कोण
180° से बड़ा और 360° से छोटा कोण।
महत्वपूर्ण सूत्र और तथ्य
- पूर्ण घुमाव का माप: 1 पूर्ण घुमाव = 360°
- सरल कोण: सरल कोण = 360° ÷ 2 = 180°
- समकोण: समकोण = 180° ÷ 2 = 90°
- घड़ी में कोण: दो संलग्न अंकों के बीच कोण = 360° ÷ 12 = 30°
n घंटों के बाद घंटे की सूई का कोण = n × 30° - अशोक चक्र (24 तीलियाँ): दो संलग्न तीलियों के बीच कोण = 360° ÷ 24 = 15°
- त्रिभुज के कोणों का योग: ∠A + ∠B + ∠C = 180°
- प्रतिवर्ती कोण का माप: प्रतिवर्ती कोण = 360° − (उसका संगत न्यून/अधिक कोण)
- कोण समद्विभाजक: प्रत्येक मोड़ = पिछले कोण का ½
180° → 90° → 45° → 22.5° → 11.25° - n भागों में विभाजित वृत्त का प्रत्येक भाग:
प्रत्येक भाग का कोण = 360° ÷ n
परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न
एक अंक के प्रश्न:
- किरण और रेखाखंड में क्या अंतर है?
- समकोण कितने डिग्री का होता है?
- 3 बजे घड़ी की सूइयों के बीच कितने डिग्री का कोण होता है?
दो अंक के प्रश्न:
- न्यून कोण, अधिक कोण और प्रतिवर्ती कोण की परिभाषा उदाहरण सहित दीजिए।
- चाँदे से 135° का कोण बनाने की विधि लिखिए।
- ∠AOB और ∠AO को OB नहीं लिख सकते — क्यों?
तीन अंक के प्रश्न:
- अध्यारोपण द्वारा दो कोणों की तुलना कैसे करते हैं? समझाइए।
- सरल कोण को कागज मोड़कर समकोण में कैसे बदला जाता है? प्रक्रिया लिखिए।
- 360° को 24 बराबर भागों में बाँटने पर प्रत्येक कोण कितना होगा? अशोक चक्र का उदाहरण दीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 में “घूर्णन भुजाएँ बनाना” (खंड 2.7) को कैसे कराएँ?
दो पेपर स्ट्रॉ और एक क्लिप लेकर घूर्णन भुजा बनाएँ। विभिन्न कोणों वाली घूर्णन भुजाएँ बनाकर उन्हें छोटे से बड़े क्रम में रखें। गत्ते पर एक भुजा की झिरी बनाकर विद्यार्थियों से सही कोण की पहचान करवाएँ। यह गतिविधि कोण के आकार को घुमाव से जोड़ने में बहुत प्रभावी है।
विद्यार्थी अक्सर चाँदे पर गलत स्केल पढ़ते हैं। इसे कैसे सुधारें?
पहले स्वयं का चाँदा बनवाएँ (खंड 2.9 की विधि से)। इससे विद्यार्थी समझेंगे कि दो स्केल क्यों हैं – एक दाईं से बाईं और दूसरी बाईं से दाईं। नियम सिखाएँ: जो भुजा 0° पर हो, उसी स्केल का उपयोग करें। “गलतियाँ देखिए, गलतियाँ सुधारिए” खंड (पृष्ठ 44) को कक्षा में अवश्य करवाएँ।
कोण खेल #1 और #2 को कैसे प्रभावी ढंग से करवाएँ?
कक्षा को दो टीमों में बाँटें। खेल #1 में अनुमान की क्षमता विकसित होती है और खेल #2 में कोण बनाने का कौशल। यह खेल कम से कम 2-3 दिन अलग-अलग खेलवाएँ। युग्म बनाकर भी खेला जा सकता है। स्कोर की जगह प्रगति पर ध्यान दें — विद्यार्थी का अनुमान धीरे-धीरे सटीक होने लगेगा।
यदि छात्रों को चाँदे का उपयोग करना नहीं आ रहा तो घर पर कैसे सिखाएँ?
सबसे पहले घर पर एक चाँदा बनाएँ — एक वृत्त काटें, आधा करें, फिर चार भागों में मोड़ें। इससे 0°, 90°, 180° के निशान मिलेंगे। फिर मानक चाँदे पर यह तीन बिंदु दिखाएँ। बच्चे को हमेशा याद दिलाएँ: केंद्र को शीर्ष पर रखो, एक भुजा को 0° पर रखो और दूसरी भुजा जहाँ जाती है वहाँ का अंक पढ़ो।
कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 के लिए ज्यामिति बॉक्स में क्या-क्या चाहिए?
इस अध्याय के लिए — चाँदा, रूलर, पेंसिल और रबर पर्याप्त हैं। परकार अगले अध्यायों में काम आएगा। बच्चे को गुणवत्ता वाला चाँदा दिलाएँ क्योंकि सस्ते चाँदे के निशान अस्पष्ट होते हैं जिससे माप में गलतियाँ होती हैं।
क्या कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 कठिन है? बच्चे को कितना समय देना होगा?
यह अध्याय अवधारणात्मक रूप से सरल है लेकिन व्यावहारिक कौशल (चाँदे से मापना-बनाना) के लिए अभ्यास जरूरी है। रोज 15-20 मिनट का अभ्यास पर्याप्त है। घर पर रोज एक नई वस्तु में कोण ढूँढने का खेल खेलें — घड़ी, दरवाजा, किताब आदि। इससे रुचि बढ़ेगी और अवधारणा मजबूत होगी।
रेखाखंड, रेखा और किरण में क्या अंतर है? हमेशा भूल जाता हूँ।
इसे याद रखने का आसान तरीका — रेखाखंड एक सड़क का टुकड़ा है (शुरू और अंत दोनों हैं), किरण टॉर्च की रोशनी है (शुरू है, अंत नहीं), और रेखा दोनों तरफ चलती ट्रेन की पटरी है (न शुरू न अंत)। जब लिखें: AB (रेखाखंड), AB➜ (किरण — तीर एक तरफ), ↔AB (रेखा — तीर दोनों तरफ)।
प्रतिवर्ती कोण को चाँदे से कैसे मापें जबकि चाँदा सिर्फ 180° तक जाता है?
प्रतिवर्ती कोण = 360° − छोटा कोण। पहले उस कोण का छोटा वाला भाग (जो 180° से कम है) चाँदे से मापें। मान लो वह 70° निकला — तो प्रतिवर्ती कोण = 360° − 70° = 290°। यही सबसे आसान तरीका है।
360° को 24 बराबर भागों में बाँटने पर प्रत्येक भाग 15° होता है – यह कैसे याद रखूँ?
अशोक चक्र की ट्रिक — 24 तीलियाँ, 360° कुल। 360 ÷ 24 = 15°।
इसे याद रखने के लिए:
घड़ी में 12 अंक = 30° प्रत्येक।
अशोक चक्र में दोगुनी (24) तीलियाँ = आधा (15°) कोण।
यह पैटर्न परीक्षा में बहुत काम आता है।
