एनसीईआरटी समाधान कक्षा 9 लोकतांत्रिक राजनीति अध्याय 4

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान लोकतांत्रिक राजनीति अध्याय 4 संस्थाओं का कामकाज नागरिक शास्त्र के प्रश्न उत्तर ऑनलाइन तथा ऑफलाइन प्रारूपों में सीबीएसई सत्र 2022-2023 के लिए यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं। तिवारी अकादमी पर सभी अध्ययन सामग्री निशुल्क प्राप्त की जा सकती है तथा इसके लिए किसी पंजीकरण की आवश्यकता भी नहीं होती है। कक्षा 9 नागरिक शास्त्र अध्याय 4 के एनसीईआरटी समाधान के साथ साथ पाठ पर आधारित अतिरिक्त प्रश्न उत्तर भी दिए गए हैं जो परिक्षाओं की तैयारी में मददगार हैं।

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 9 लोकतांत्रिक राजनीति अध्याय 4 के प्रश्न उत्तर

प्रश्न:
उस मंत्रालय की पहचान करें जिसने निम्नलिखित समाचार जारी किया होगा:
क. देश से जूट का निर्यात बढ़ाने के लिए एक नई नीति बनाई जा रही है। 1. रक्षा मंत्रालय
ख. ग्रामीण इलाकों में टेलीफोन सेवाएं सुलभ करायी जाएंगी। 2. कृषि, खाद्यान्न और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
ग. सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बिकने वाले चावल और गेहूँ की कीमतें काम की जाएंगी। 3. स्वास्थ्य मंत्रालय
घ. पल्स पोलियो अभियान शुरू किया जाएगा। 4. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
ड़. ऊंची पहाड़ियों पर तैनात सैनिकों के भत्ते बढ़ाए जाएंगे। 5. संचार और सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्रालय
उत्तर:
(क) – 4, (ख) – 5, (ग) – 2, (घ) – 3,

प्रश्न:
देश की विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में से उस राजनैतिक संस्था का नाम बताइए जो निम्नलिखित मामलों में अधिकारों का इस्तेमाल करती है।
क. सड़क, सिंचाई जैसे बुनियादी ढांचों के विकास और नागरिकों की विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों पर कितना पैसा खर्च किया जाएगा।
ख. स्टॉक एक्सचेंज को नियमित करने संबंधी कानून बनाने की कमेटी के सुझाव पर विचार-विमर्श करती है।
ग. दो राज्य सरकारों के बीच कानूनी विवाद पर निर्णय लेती है।
घ. भूकंप पीड़ितों की राहत के प्रयासों के बारे में सूचना मांगती है।
उत्तर:
(क) मंत्रिमंडल
(ख) संसद
(ग) सुप्रीम कोर्ट
(घ) स्थायी कार्यकारी

प्रश्न:
तीन दोस्त एक ऐसी फिल्म देखने गए जिसमें हीरो एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनता है और राज्य में बहुत से बदलाव लाता है। इमरान ने कहा कि देश को इसी चीज़ की जरूरत है। रिज़वान ने कहा कि इस तरह का, बिना संस्थाओं वाला एक व्यक्ति का राज खतरनाक है। शंकर ने कहा कि यह तो एक कल्पना है। कोई भी मंत्री एक दिन में कुछ भी नहीं कर सकता। ऐसी फिल्मों के बारे में आपकी क्या राय है?
उत्तर:
जबकि यह एक फिल्म में काफी आकर्षक लग सकता है; वास्तविक जीवन आश्चर्यजनक ढंग से अलग है। लोकतंत्र में शासन सबको साथ लेकर चलने वाला है। इसके अलावा, भारत जैसे बड़े और विविधतापूर्ण देश में, किसी व्यक्ति के सनक पर निर्णय लेना संभव नहीं है। एक निर्णय के कार्यान्वयन के लिए सरकार के विभिन्न अंगों के बीच समन्वय की आवश्यकता होती है और एक मंत्री उस प्रणाली का एक हिस्सा है।

प्रश्न:
एक शिक्षिका छात्रों की संसद के आयोजन की तैयारी कर रही थी। उसने दो छात्राओं से अलग-अलग पार्टियों के नेताओं की भूमिका करने को कहा। उसने उन्हें विकल्प भी दिया। यदि वे चाहें तो राज्य सभा में बहुत प्राप्त दाल की नेता हो सकती थी और अगर चाहें तो लोकसभा के बहुमत प्राप्त दाल की। अगर आपको यह विकल्प दिया गया तो आप क्या चुनेंगे और क्यों?
उत्तर:
मैं लोकसभा में बहुमत के लिए चुनूंगा। लोकसभा का नेता जनता के लिए सीधे जवाब देह होता है और इसलिए यह उसके लिए काफी चुनौती पूर्ण हो सकता है।

Q1

अगर आपको भारत का राष्ट्रपति चुना जाए तो आप निम्नलिखित में से कौन-सा फैसला खुद कर सकते हैं?

[A]. अपनी पसंद के व्यक्ति को प्रधानमंत्री चुन सकते हैं।
[B]. लोकसभा में बहुमत वाले प्रधानमंत्री को उसके पद से हटा सकते हैं।
[C]. दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयक पर पुनर्विचार के लिए कह सकते हैं।
[D]. मंत्रिपरिषद् में अपनी पसंद के नेताओं का चयन कर सकते हैं।
Q2

निम्नलिखित में कौन राजनैतिक कार्यपालिका का हिस्सा होता है?

[A]. जिलाधीश
[B]. गृह मंत्रालय का सचिव
[C]. गृहमंत्री
[D]. पुलिस महानिदेशक
Q3

न्यायपालिका के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा बयान गलत है?

[A]. संसद द्वारा पारित प्रत्येक कानून को सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी की जरूरत होती है।
[B]. अगर कोई कानून संविधान की भावना के खिलाफ है तो न्यायपालिका उसे अमान्य घोषित कर सकती है।
[C]. न्यायपालिका कार्यपालिका से स्वतंत्र होती है।
[D]. अगर किसी नागरिक के अधिकारों का हनन होता है तो वह अदालत में जा सकता है।
Q4

निम्नलिखित राजनैतिक संस्थाओं में से कौन-सी संस्था देश के मौजूदा कानून में संशोधन कर सकती है?

[A]. सर्वोच्च न्यायालय
[B]. राष्ट्रपति
[C]. प्रधानमंत्री
[D]. संसद
Q5

भारत का प्रधानमंत्री सीधे जनता द्वारा क्यों नहीं चुना जाता? निम्नलिखित चार जवाबों में सबसे सही को चुनकर अपनी पसंद के पक्ष में कारण दीजिए:

[A]. संसदीय लोकतंत्र में लोकसभा में बहुमत वाली पार्टी का नेता ही प्रधानमंत्री बन सकता है।
[B]. लोकसभा, प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्हें हटा सकती है।
[C]. चूँकि प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति नियुक्त करता है लिहाजा उसे जनता द्वारा चुने जाने की जरूरत ही नहीं है।
[D]. प्रधानमंत्री के सीधे चुनाव में बहुत ज्यादा खर्च आएगा।
Q6

आरक्षण पर आदेश का उदाहरण पढ़कर तीन विद्यार्थियों की न्यायपालिका की भूमिका पर अलग-अलग प्रतिक्रिया थी। इनमें से कौन-सी प्रतिक्रिया, न्यायपालिका की भूमिका को सही तरह से समझती है?

[A]. श्रीनिवास का तर्क है कि चूँकि सर्वोच्च न्यायालय सरकार के साथ सहमत हो गई है लिहाजा वह स्वतंत्र नहीं है।
[B]. अंजैया का कहना है कि न्यायपालिका स्वतंत्र है क्योंकि वह सरकार के आदेश के खिलाफ फैसला सूना सकती थी। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को उसमें संशोधन का निर्देश दिया।
[C]. विजया का मानना है कि न्यायपालिका न तो स्वतंत्र है नही किसी के अनुसार चलनेवाली है समर्थकों और विरोधियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाती है। न्यायालय ने इस आदेश केआपकी राय में कौन-सा विचार सबसे सही है?

कक्षा 9 नागरिक शास्त्र अध्याय 4 के अतिरिक्त प्रश्न उत्तर

संस्था के रूप में सरकार किस तरह कार्य करती है?

सरकार भी एक संस्था है जिसका संवैधानिक प्रमुख देश का राष्ट्रपति होता है तथा कार्यपालक प्रमुख प्रधानमंत्री होता है। किसी भी कार्य का निष्पादन देश के राष्ट्रपति के नाम से होता है। प्रधानमंत्री और उनका मंत्रीमंडल निर्णय लेता है तथा कर्मचारी उसका क्रियान्वन करते हैं।

संस्था के रूप में संसद किस तरह से कार्य करती है?

हर एक लोकतांत्रिक देश में निर्वाचित प्रतिनिधियों की एक संस्था होती है। यह लोगों के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करती है:

    1. किसी भी देश में कानून बनाने का सबसे बड़ा अधिकार संसद को होता है।
    2. संसद सरकार के कार्यों पर नियंत्रण रखती है। सरकार उसी कार्य को निष्पादित कर सकती है जिस पर ससंद बहुमत से निर्णय लेती है।
    3. सरकार बजट को किस तरह से खर्च करे इसका अनुमोदन भी संसद से कराना अनिवार्य होता है।
    4. किसी देश की राष्ट्रीय नीति पर बहस और निर्णय के लिए संसद ही सर्वोच्च संस्था है। संसद सरकार से किसी भी मामले में सुचना मांग सकती है।

हमारे देश में संसद के कितने भाग हैं? और उनके सदस्यों की संख्या कितनी है?

हमारे देश की संसद के दो भाग हैं एक प्रतिनिधि सभा जिसे लोकसभा भी कहते हैं तथा दूसरी राज्यसभा जिसे उच्च सदन भी कहते हैं। लोकसभा के सदस्यों की संख्या 545 होती है जिनमें से 543 सीधे जनता से चुनकर आते हैं जबकि दो सदस्य राष्ट्रपति द्वारा चयनित होते हैं। वहीं दूसरी ओर राज्यसभा के सदस्यों की संख्या 250 है जिनमें से 238 सदस्य राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों से चुनकर आते हैं जबकि 12 सदस्य राष्ट्रपति नामित करता है।

कार्यपालिका कैसे कार्य करती है?

सरकार से आमतौर पर मतलब कार्यपालिका से होता है। सरकार की नीतियों को कार्यरूप देने के कारण इन्हें कार्यपालिका कहा जाता है। कार्यपालिका के दो हिस्से होते हैं; एक स्थाई तथा दूसरा अस्थाई। स्थाई कार्यपालिका में वे लोग आते हैं जिन्हें हम लोकसेवक या नौकरशाह कहते हैं जो की सरकार बदलने पर भी अपने पद पर बने रहते हैं। जबकि अस्थाई में राजनैतिक दलों के नेता आते हैं जो सरकार में शामिल होते हैं जिनका कार्यकाल पांच साल या चुनाव पर निर्भर करता है। मंत्री समूह जब कोई फैसला करता है तो उसके क्रियान्वन की जिम्मेदारी नौकरशाहों पर होती है।

राजनैतिक कार्यपालक को गैर राजनैतिक कार्यपालक से ज्यादा अधिकार होते हैं?

साधारणतया नौकरशाह ज्यादा शिक्षित होते हैं तथा उन्हें विषय की भी ज्यादा अच्छी समझ होती है। फिर भी निर्णय लेने का अधिकार सम्बंधित विभाग के मंत्री का होता है। किसी भी लोकतंत्र में जनमत की इच्छा सर्वोपरी होती है और मंत्री जनता द्वारा चुना जाता है। मंत्री की जिम्मेदारी जनता के प्रति होती है इसलिए जनता के लिए फैसले भी मंत्री ही लेता है। मंत्री विशेषज्ञों की राय लेता है इस राय के आधार पर जो भी सबसे उपयुक्त हो उसे क्रियान्वित किया जाता है।

मंत्री परिषद् का गठन किस प्रकार किया जाता है?

हमारे देश में प्रधानमंत्री सबसे महत्वपूर्ण पद है फिर भी प्रधानमंत्री का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं किया जाता है। सदन में बहुमत के नेता को राष्ट्रपति देश का प्रधानमंत्री नियुक्त करता है। प्रधानमत्री को अधिकार होता है कि वह अपने मंत्री परिषद् में किसको शामिल करता है और किस मंत्री को कौन सा विभाग दिया जाता है।

देश में न्यायपालिका की क्या भूमिका है?

देश भर के सभी न्यायलयों के समूह को न्यायपालिका कहते हैं। न्यायपालिका को संविधान का रक्षक भी कहा जाता है। देश की न्यायपालिका का स्वतंत्र है इसका मतलब है कि विधायिका और कार्यपालिका का न्यायपालिका पर नियंत्रण नहीं है। सर्वोच्च न्यायलय और राज्यों के उच्च न्यायलयों को संविधान की व्याख्या करने का अधिकार है।

भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है? और उसके क्या अधिकार हैं?

हमारे देश में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं किया जाता है। यह एक अप्रत्यक्ष चुनाव होता है जिसमे ससंद सदस्य तथा राज्यों की विधानमंडल के सदस्य भाग लेते हैं। राष्ट्रपति संवैधानिक रूप से देश का प्रमुख होता है तथा सरकार राष्ट्रपति के नाम से चलती है। ससंद द्वारा पारित कोई भी कानून तभी पूर्ण माना जाता है जब उस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हो जाते हैं। राष्ट्रपति देश की सभी राजनैतिक संस्थाओं की निगरानी भी करता है ताकि वे राज्य के उद्देश्यों को हासिल करने में मिलजुलकर कार्य कर सकें। भारत का राष्ट्रपति तीनो सेनाओं का पदेन अध्यक्ष भी होता है। और न्याय के मामले में सर्वोच्च न्यालय द्वारा मृत्युदंड प्राप्त व्यक्ति की सजा को भी माफ़ करने का अधिकार केवल राष्ट्रपति के पास होता है।

कक्षा 9 लोकतांत्रिक राजनीति अध्याय 4 एनसीईआरटी समाधान
कक्षा 9 लोकतांत्रिक राजनीति अध्याय 4 एनसीईआरटी के प्रश्न उत्तर