कक्षा 7 नागरिक शास्त्र अध्याय 3 एनसीईआरटी समाधान – राज्य शासन कैसे काम करता है

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 7 नागरिक शास्त्र अध्याय 3 राज्य शासन कैसे काम करता है के प्रश्न उत्तर तथा अभ्यास के अतिरिक्त प्रश्नों के उत्तर छात्र सीबीएसई सत्र 2024-25 के लिए यहाँ से प्राप्त करें। कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान में नागरिक शास्त्र पाठ 3 के लिए एनसीईआरटी समाधान न केवल सीबीएसई बल्कि उन बोर्ड के लिए भी उपयोगी हैं जो एनसीईआरटी की पुस्तकें पाठ्यक्रम में प्रयोग कर रहें हैं।

कक्षा 7 नागरिक शास्त्र अध्याय 3 के लिए एनसीईआरटी समाधान

कक्षा 7 एनसीईआरटी समाधान

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राज्य सरकार

हमारा देश एक संघीय गणराज्य है जिसका मतलब है कि देश कई राज्यों का समूह है। यहाँ शासन के दो स्तर हैं एक केंद्र का दूसरा राज्य का। किसी भी राज्य में एक विधानसभा होती है तथा कुछ बड़े राज्यों में विधानसभा के अतिरिक्त एक विधान परिषद् भी होती है। जैसे कि केंद्र में लोकसभा और राज्यसभा विधानसभा के सदस्य को ‘विधायक’ (एम.एल.ए.) कहा जाता है। एम.एल.ए., ‘मेम्बर ऑफ लेजिस्लेटिव असेंबली’ का संक्षिप्त रूप है। एम.एल.ए का चुनाव जनता द्वारा किया जाता है। फिर वे लेजिस्लेटिव असेंबली के मेंबर यानी विधानसभा के सदस्य बन जाते हैं और सरकार बनाते हैं। इस प्रकार से हम कह सकते हैं कि विधायक जनता का प्रतिनिधित्त्व करते हैं। बहुमत वाले दल का नेता मुख्यमंत्री बनता है और विधायकों में से अपनी मंत्री परिषद् का गठन करता है।

विधानसभा की किस प्रकार कार्य करती है?

विधानसभा की बहसों में विधायक अपनी राय व्यक्त कर सकते हैं, संबंधित विषय पर प्रश्न पूछ सकते हैं या सुझाव दे सकते हैं कि सरकार को इस संबंध में क्या करना चाहिए। सदस्य इस विषय पर जो भी प्रतिक्रिया व्यक्त करना चाहें, कर सकते हैं। इसके बाद मंत्री प्रश्नों के उत्तर देते हैं और सदन को आश्वस्त करते हैं कि इस सम्बन्ध में क्या ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

राज्य सरकार कैसे कार्य करती है?

मुख्यमंत्री अपनी मंत्रीपरिषद के साथ विभिन्न विभागों से सम्बंधित कार्यों के निर्णय एवं समीक्षा करता है। मंत्रीपरिषद् द्वारा लिए गए निर्णयों को विधानसभा में पास करवाना होता है। विधानसभा से पास होने के बाद ही उन निर्णयों को क्रियान्वित किया जा सकता है । जैसे-लोक निर्माण विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आदि।

विधायक

लोकतंत्र में विधायकों (एम.एल.ए.) के रूप में जनता अपने प्रतिनिधि चुनती है इनका चुनाव पांच साल के लिए होता है। और इस तरह शासन मुख्यत: जनता का ही होता है। फिर सत्ता पक्ष के सदस्य सरकार बनाते हैं और कुछ सदस्यों को मंत्री बनाया जाता है। ये मंत्री सरकार के विभिन्न विभागों के प्रभारी होते हैं, जैसे-उपर दिए गए उदाहरण में स्वास्थ्य विभाग। इन विभागों द्वारा जो भी कार्य किया जाता है, उसे विधायिका द्वारा अनुमोदित या स्वीकृत कराया जाता है।

मुख्यमंत्री और विधायक

मुख्यमंत्री तथा अन्य मंत्रियों का यह दायित्त्व है कि वे शासन के विभिन्न विभागों या मंत्रालयों को चलाएँ। उनके अलग-अलग कार्यालय होते हैं। विधानसभा ऐसा स्थान होता है जहाँ सभी विधायक, चाहे वे सत्ताधारी दल के हों अथवा विरोधी दल के, विभिन्न विषयों पर चर्चा करने के लिए एकत्रित होते हैं। इस तरह कुछ विधायकों की दोहरी जिम्मेदारी हो जाती है- एक विधायक के रूप में और दूसरी मंत्री के रूप में।

राज्यपाल का क्या दायित्व हैं?

राज्य का प्रमुख ‘राज्यपाल’ कहलाता है। उसकी नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए की जाती है कि राज्य सरकार संविधान के नियमों-अधिनियमों के अनुसार अपना कामकाज चलाए।

विधानसभा में विपक्षी दल की क्या भूमिका होती है?

विपक्ष सरकार का ध्यान विभिन्न समस्याओं और योजनाओं की तरफ दिलाता है। सरकार अगर किसी मुद्दे पर मनमानी करने की कोशिश करती है तो विपक्ष सरकार को रोकने का कार्य करता है।

कक्षा 7 नागरिक शास्त्र अध्याय 3 एनसीईआरटी समाधान
कक्षा 7 नागरिक शास्त्र अध्याय 3