एनसीईआरटी समाधान कक्षा 1 आनंदमय गणित अध्याय 3 स्वादिष्ट आम

कक्षा 1 आनंदमय गणित अध्याय 3 स्वादिष्ट आम एनसीईआरटी समाधान – प्रश्न उत्तर तथा अतिरिक्त प्रश्नों के हल सत्र 2026-27 के लिए यहाँ से निशुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं। गणित का यहाँ पाठ विद्यार्थियों को 1 से 9 तक की संख्याओं की दुनिया से परिचित कराता है। यह पाठ एक सुंदर कहानी से शुरू होता है जिसमें एक-एक करके पशु-पक्षी आम खाने आते हैं और संख्या बढ़ती जाती है — पहले 1, फिर 2, फिर 3… और अंत में 9 तक। इस सरल लेकिन प्रभावशाली तरीके से विद्यार्थी गिनना सीखते हैं, संख्याएँ लिखना सीखते हैं और यह भी समझते हैं कि किसी भी संख्या में एक और जोड़ने से नई संख्या बनती है। यह पाठ केवल गिनती तक सीमित नहीं है। इसमें विद्यार्थी यह भी सीखते हैं कि कौन-सी संख्या अधिक है, कौन-सी कम है और दो समूहों की संख्या कब बराबर होती है। उँगलियों के जादू वाले खेल से लेकर एकता दिवस (31 अक्टूबर) पर कला प्रतियोगिता तक — इस पाठ में सीखने को खेल की तरह पेश किया गया है। यही कारण है कि “स्वादिष्ट आम” कक्षा 1 के विद्यार्थियों के लिए गणित की सबसे रोचक शुरुआत मानी जाती है।

एनसीईआरटी कक्षा 1 आनंदमय गणित अध्याय 3 समाधान (2026-27 के लिए)

कक्षा 1 आनंदमय गणित अध्याय 3 के सभी प्रश्नों के हल तथा उत्तर

कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 में विद्यार्थी क्या सीखेंगे?

  • 1 से 9 तक की संख्याओं को पहचानना और उनके नाम जानना
  • एक-एक जोड़कर गिनती आगे बढ़ाना
  • संख्याओं को सही तरीके से लिखने का अभ्यास करना
  • दो समूहों में से अधिक और कम की पहचान करना
  • संख्याओं को छोटे से बड़े क्रम में लगाना
  • उँगलियों की सहायता से संख्याओं को अलग-अलग तरीकों से दिखाना
  • चित्र देखकर वस्तुओं को गिनना और संख्या लिखना
  • सप्तर्षि जैसे प्राकृतिक उदाहरणों से सात की संख्या को समझना

आनंदमय गणित पाठ 3 के सीखने के प्रमुख उद्देश्य

सीखने का क्षेत्रविद्यार्थियों को क्या मिलता है
गिनती की समझ1 से 9 तक संख्याओं की पहचान और क्रम
संख्या लेखनएक से नौ तक सही ढंग से संख्याएँ लिखना
तुलनाअधिक, कम और बराबर की पहचान
तार्किक सोचसंख्याओं को क्रम में लगाना और छिपी संख्याएँ ढूँढना
व्यावहारिक गणितउँगलियों, बिंदुओं और वस्तुओं से गिनती का अभ्यास
रचनात्मकतासंख्या कार्ड बनाना और कला गतिविधियाँ करना

आनंदमय गणित का पाठ 3 विद्यार्थियों के लिए क्यों ज़रूरी है?

गणित की हर अगली अवधारणा — जोड़, घटाव, तुलना, माप — की नींव यहीं से शुरू होती है। जब कोई विद्यार्थी यह समझ लेता है कि 3 पशु-पक्षी थे और एक और आया तो अब 4 हो गए, तो वह दरअसल जोड़ की सबसे बुनियादी समझ विकसित कर रहा होता है। इस पाठ में संख्याओं को रटवाया नहीं जाता बल्कि उन्हें महसूस कराया जाता है। “स्वादिष्ट आम” कहानी का उपयोग बेहद चतुराई से किया गया है — हर बार एक नया पक्षी आता है और विद्यार्थी खुद देखकर गिनता है। यह विद्यार्थियों की स्वाभाविक जिज्ञासा को जगाती है। इसके अलावा, एकता दिवस के संदर्भ में “मेरा कला दिवस” गतिविधि विद्यार्थियों को राष्ट्रीय भावना से जोड़ते हुए अधिक-कम-बराबर की समझ देती है — यह इस पाठ की एक विशेष और यादगार बात है। यदि इस पाठ के बाद विद्यार्थी संख्याओं और उनके क्रम को समझ लेते हैं, तो आगे के पाठों जैसे अध्याय 4 और 5 में आने वाले जोड़-घटाव को समझना उनके लिए बहुत आसान हो जाता है।
पाठ के मुख्य विषय:

मुख्य विषयक्या सिखाया गया
1 से 9 तक गिनतीएक-एक जोड़कर संख्या बढ़ाना
संख्या लेखन1 से 9 तक लिखने का सही तरीका
अधिक और कमदो समूहों की तुलना करके सही विकल्प चुनना
संख्याओं का क्रमछोटी से बड़ी संख्या में लगाना
उँगलियों का जादूएक ही संख्या को कई तरीकों से दिखाना
छिपी संख्याएँक्रम में लुप्त संख्याएँ पहचानना

कक्षा 1 के विद्यार्थियों को गणित पाठ 3 को आसानी से समझाने का तरीका

इस पाठ को घर पर समझाने का सबसे अच्छा तरीका है कि रोज़मर्रा की चीज़ों को गिनने में शामिल किया जाए। खाने की थाली में रोटियाँ गिनवाएँ, आम की टोकरी से एक-एक आम निकलवाएँ और साथ में बोलें — “एक आम, अब दो आम, अब तीन…” यह तरीका इस पाठ की कहानी से एकदम मेल खाता है। उँगलियों के खेल को घर पर भी आज़माएँ। विद्यार्थी से कहें कि 5 उँगलियाँ किसी एक तरीके से दिखाएँ, फिर पूछें — क्या किसी और तरीके से भी 5 दिखा सकते हो? जैसे 3 और 2 या 4 और 1। यह खेल संख्याओं की लचीली समझ बनाता है जो आगे चलकर जोड़ सीखने में बहुत काम आती है। संख्या कार्ड बनवाना भी एक बेहतरीन गतिविधि है – रंगीन कागज़ पर संख्या लिखें और उतनी ही चीज़ें चिपकाएँ या बनाएँ। इससे विद्यार्थी की संख्या और मात्रा की समझ दोनों एक साथ पक्की होती हैं।

दैनिक जीवन में इस पाठ का उपयोग

  • यह पाठ विद्यार्थियों को उनके आसपास की दुनिया से जोड़ता है। हर तरफ़ संख्याएँ मौजूद हैं – बस उन्हें देखना और गिनना है:
  • सुबह नाश्ते में रखी पराठे या बिस्किट गिनना
  • आसमान में उड़ते पक्षियों को गिनना – ठीक “स्वादिष्ट आम” कहानी की तरह
  • रात को सप्तर्षि के सात तारे ढूँढना और गिनना
  • घर में आई सब्ज़ियाँ या फल गिनना और बताना कौन-से अधिक हैं
  • एकता दिवस (31 अक्टूबर) पर कला सामग्री बाँटते समय पूछना — किसके पास अधिक रंग हैं?
  • स्कूल में लाइन में लगे साथियों को गिनकर बताना

विद्यार्थी से आनंदमय गणित पाठ 3 में अक्सर होने वाली गलतियाँ

  • 8 और 9 जैसी बड़ी संख्याओं को उलटा लिखना
  • गिनती करते समय कोई वस्तु छूट जाना या दो बार गिन लेना
  • “अधिक” और “कम” को उलटा समझना — जो अधिक हो उसे कम बताना
  • क्रम में छिपी संख्या ढूँढने में भ्रम होना
  • उँगलियों से संख्या दिखाते समय एक ही तरीका सोचना, अलग-अलग तरीके न ढूँढ पाना

इसीलिए विद्यार्थियों को बार-बार अलग-अलग चीज़ें गिनने का अभ्यास कराना ज़रूरी है ताकि संख्याओं की पहचान पक्की हो जाए।

मज़ेदार गतिविधियाँ जो घर पर की जा सकती हैं

  1. आम वाली कहानी दोहराओ घर में 9 छोटी-छोटी चीज़ें — जैसे बटन, सिक्के या छोटे पत्थर — लें और एक-एक करके सामने रखें। हर बार पूछें — अब कितने हो गए? इससे “एक और जोड़ने से नई संख्या बनती है” की समझ बेहद मज़बूत होती है।
  2. उँगलियों का जादू दो लोग खेलें — एक संख्या बोले, दूसरा उसे उँगलियों से अलग तरीके से दिखाए। जैसे 6 = 5+1, या 6 = 3+3, या 6 = 4+2। जो जितने तरीके ढूँढे वह जीते।
  3. संख्या कार्ड बनाओ रंगीन कागज़ पर 1 से 9 तक के कार्ड बनाएँ। हर कार्ड पर संख्या लिखें और उतने ही फूल, तारे या दिल बनाएँ या चिपकाएँ। फिर कार्ड को बिखेरकर क्रम में लगाने का खेल खेलें।
  4. नटखट बंदर का खेल कार्ड को इधर-उधर बिखेर दें और विद्यार्थी से कहें – इन्हें छोटी से बड़ी संख्या में लगाओ। यह गतिविधि सीधे इस पाठ की “नटखट बंदर” वाली अभ्यास से जुड़ी है।
  5. रात को सप्तर्षि देखो इस पाठ में बताया गया है कि सात तारों का समूह जो रात को दिखता है उसे सप्तर्षि कहते हैं। किसी साफ रात में विद्यार्थी के साथ बाहर जाएँ और सप्तर्षि के सातों तारे गिनें — यह अनुभव गणित को जीवन से जोड़ने का सबसे यादगार तरीका है।

जल्दी याद करें

संख्याहिंदी मेंउदाहरण
1 एकएक आम
2दोदो पक्षी
3तीनतीन फूल
4चारचार उँगलियाँ
5पाँचपाँच फल
6छहछह गेंदें
7सातसप्तर्षि के सात तारे
8आठआठ तारों में रंग भरो
9नौनौ पशु-पक्षियों ने आम खाया

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीईआरटी कक्षा 1 आनंदमय गणित के पाठ 3 “स्वादिष्ट आम” में क्या सिखाया गया है?

इस पाठ में विद्यार्थियों को 1 से 9 तक की संख्याओं की पहचान, लेखन और क्रम सिखाया जाता है। “स्वादिष्ट आम” कहानी के ज़रिए एक-एक जोड़कर गिनती बढ़ाने की समझ दी जाती है। इसके साथ ही अधिक, कम और बराबर की तुलना, उँगलियों से संख्याएँ दिखाने के अलग-अलग तरीके और क्रम में छिपी संख्याएँ ढूँढना भी शामिल है।

कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 में “एक और जोड़ने से नई संख्या बनती है” – इस अवधारणा को कैसे समझाएँ?

जब कहानी में हर बार एक नया पशु-पक्षी आता है और कुल संख्या बढ़ती है, तो विद्यार्थी यह स्वाभाविक रूप से देख और समझ लेता है। घर पर इसे और पक्का करने के लिए कोई भी 9 छोटी वस्तुएँ – बटन, सिक्के या पत्थर — लें और एक-एक रखते जाएँ। हर बार पूछें “अब कितने हो गए?” यह तरीका जोड़ की बुनियादी समझ बनाता है जो आगे के पाठों में भी काम आती है।

उँगलियों के खेल का गणित सीखने में क्या फ़ायदा है?

उँगलियों का खेल विद्यार्थियों को यह समझाता है कि एक ही संख्या को कई तरीकों से दिखाया जा सकता है — जैसे 5 को 4+1 या 3+2 के रूप में भी। यह लचीली सोच आगे चलकर जोड़ सीखने की नींव बनती है। साथ ही यह खेल की तरह होने की वजह से विद्यार्थी इसमें पूरी रुचि लेते हैं और बिना बोझ महसूस किए सीखते हैं।

अभिभावक घर पर 1 से 9 तक की गिनती कैसे पक्की करें?

रोज़मर्रा की चीज़ों को गिनने में शामिल करना सबसे आसान तरीका है। सुबह नाश्ते में रखी चीज़ें गिनवाएँ, सब्ज़ियाँ या फल गिनवाएँ, सीढ़ियाँ चढ़ते हुए गिनती करें। इसके अलावा रंगीन कागज़ पर संख्या कार्ड बनवाएँ जिसमें संख्या लिखकर उतने ही चित्र बनाए जाएँ। यह पाठ में दी गई परियोजना गतिविधि है जो घर पर आसानी से की जा सकती है।

विद्यार्थी “अधिक और कम” की पहचान में गलती क्यों करते हैं और इसे कैसे सुधारें?

अक्सर विद्यार्थी जो समूह बड़ा दिखता है उसे अधिक मान लेते हैं, भले ही वस्तुएँ कम हों। इसीलिए चित्र देखकर अनुमान लगाने की बजाय एक-एक करके गिनने की आदत ज़रूरी है। घर पर दो प्लेटों में अलग-अलग संख्या में बिस्किट या फल रखें और पूछें — किसमें अधिक हैं? पहले गिनो, फिर बताओ। यह छोटी सी आदत गलतियाँ काफी कम कर देती है।

क्या कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 को समझे बिना आगे के पाठ मुश्किल हो सकते हैं?

हाँ, क्योंकि 1 से 9 तक की संख्याओं की पक्की समझ के बिना आगे के पाठों में आने वाले जोड़-घटाव और बड़ी संख्याएँ सीखना कठिन हो जाता है। यदि विद्यार्थी संख्याओं को पहचानने और लिखने में सहज हो जाए तो आगे की पढ़ाई में आत्मविश्वास बना रहता है। इसलिए इस पाठ पर पर्याप्त समय देना और घर पर नियमित अभ्यास कराना बेहद ज़रूरी है।

कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 1
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 2
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 3
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 4
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 5
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 6
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 7
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 8
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 9
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 10
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 11
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 12
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 13
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 14
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 15
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 16
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 17
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 18
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 19
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 20
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 21
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 22
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 23
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 24
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 25
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 26
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 27
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 28
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 29
कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 3 पेज 30