एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 5 अभाज्य समय

कक्षा 6 गणित अध्याय 5 ‘अभाज्य समय’ के एनसीईआरटी समाधान सत्र 2026-27 के लिए संशोधित रूप में यहाँ से निशुल्क प्राप्त करें। कक्षा 6 गणित अध्याय 5 के प्रश्न-उत्तर हिंदी माध्यम में सरल भाषा में दिए गए हैं। इडली-वड़ा खेल से आरंभ होने वाला यह अध्याय सार्व गुणज, सार्व गुणनखंड तथा अभाज्य और भाज्य संख्याओं की अवधारणा समझाता है।

एनसीईआरटी कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 5 समाधान

कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 5 में सह-अभाज्य संख्याएँ, किसी संख्या का अभाज्य गुणनखंडन और विभाज्यता की जाँच के तरीके सिखाए गए हैं। खजानों को सुरक्षित रखने वाले रोचक प्रसंग सहित अभ्यास प्रश्नों के हल सत्र 2026-27 की पुस्तक के अनुसार चरणबद्ध रूप में दिए गए हैं।
कक्षा 6 गणित प्रकाश के पेज 108 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 108 – आइए, पता लगाएँ

1. किस संख्या पर दसवीं बार ‘इडली-वड़ा’ कहा जाएगा?

उत्तर:
‘इडली-वड़ा’ उन संख्याओं पर कहा जाएगा जो 3 और 5 दोनों की गुणज हैं। ये संख्याएँ 15, 30, 45, 60, … हैं। हर अगली संख्या में 15 जुड़ता है।
दसवीं संख्या = 15 × 10 = 150।
इसलिए 150 पर दसवीं बार ‘इडली-वड़ा’ कहा जाएगा।

2. यदि खेल 1 से 90 तक की संख्याओं के लिए खेला जा रहा हो तो ज्ञात कीजिए-

a. बच्चा कितनी बार ‘इडली’ कहेगा (इसमें ‘इडली-वड़ा’ कही जाने वाली बारी भी सम्मिलित होगी)?
b. बच्चा कितनी बार ‘वड़ा’ कहेगा (इसमें ‘इडली-वड़ा’ कही जाने वाली बारी भी सम्मिलित होगी)?
c. बच्चा कितनी बार ‘इडली-वड़ा’ कहेगा?
उत्तर:
a. 1 से 90 तक 3 के गुणज 3, 6, 9, …, 90 हैं।
इनकी संख्या = 90 ÷ 3 = 30।
इसलिए ‘इडली’ 30 बार कहा जाएगा। इसमें ‘इडली-वड़ा’ की बारियाँ भी शामिल हैं।

b. 1 से 90 तक 5 के गुणज 5, 10, 15, …, 90 हैं।
इनकी संख्या = 90 ÷ 5 = 18।
इसलिए ‘वड़ा’ 18 बार कहा जाएगा। इसमें ‘इडली-वड़ा’ की बारियाँ भी शामिल हैं।

c. 3 और 5 के सार्व गुणज 15, 30, 45, 60, 75 और 90 हैं।
इनकी संख्या = 90 ÷ 15 = 6।
इसलिए ‘इडली-वड़ा’ 6 बार कहा जाएगा।

3. क्या होगा यदि खेल 900 तक खेला जाएगा? इसके आधार पर आपके उत्तर में क्या परिवर्तन होंगे?

उत्तर:
900, 90 का 10 गुना है। इसलिए तीनों गिनतियाँ भी 10 गुनी हो जाएँगी।

‘इडली’ की बारियाँ = 900 ÷ 3 = 300।
‘वड़ा’ की बारियाँ = 900 ÷ 5 = 180।
‘इडली-वड़ा’ की बारियाँ = 900 ÷ 15 = 60।

पहली दो गिनतियों में ‘इडली-वड़ा’ की बारियाँ भी शामिल हैं।

4. क्या यह आकृति ‘इडली-वड़ा’ खेल से किसी रूप में संबंधित हैं?

कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 5 पेज 108 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 4 का चित्र

संकेत—कल्पना कीजिए कि आप यह खेल 30 तक खेलते हैं। अगर आप 60 तक खेल खेलते हैं, तो ऐसी ही आकृति बनाइए।
उत्तर:
हाँ। बायाँ वृत्त 3 के गुणजों और दायाँ वृत्त 5 के गुणजों को दिखाता है। दोनों वृत्तों के साझा भाग में 3 और 5 के सार्व गुणज आते हैं। साझा भाग का सही नाम ‘3 और 5 के सार्व गुणज’ है। इन्हीं संख्याओं पर ‘इडली-वड़ा’ कहा जाता है।

60 तक खेलने पर साझा भाग में 15, 30, 45 और 60 आएँगे। केवल बाएँ भाग की संख्याओं पर ‘इडली’ और केवल दाएँ भाग की संख्याओं पर ‘वड़ा’ कहा जाएगा। 6 भी 3 का गुणज है, इसलिए वह बाएँ भाग में आएगा।

60 तक 3 और 5 के गुणजों की पूरी आकृति इस प्रकार है:

कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 5 पेज 108 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 4 के उत्तर का चित्र

कक्षा 6 गणित प्रकाश के पेज 110 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 110 – आइए, पता लगाएँ

1. 310 और 410 के बीच आने वाले 40 के सभी गुणज ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
40 × 8 = 320, 40 × 9 = 360 और 40 × 10 = 400।
ये तीनों संख्याएँ 310 और 410 के बीच हैं। इनके पहले 40 × 7 = 280 और बाद में 40 × 11 = 440 आते हैं, जो इस सीमा के बाहर हैं।
इसलिए गुणज 320, 360 और 400 हैं।

2. मैं कौन हूँ?

a. मैं 40 से कम एक संख्या हूँ, मेरा एक गुणनखंड 7 है। मेरे अंकों का जोड़ 8 है।
b. मैं 100 से छोटी एक संख्या हूँ। मेरे दो गुणनखंड 3 और 5 हैं। मेरा एक अंक, दूसरे से 1 अधिक है।
उत्तर:
a. 40 से कम 7 के गुणज 7, 14, 21, 28 और 35 हैं।
35 के अंकों का जोड़ 3 + 5 = 8 है।
इसलिए संख्या 35 है।

b. 100 से कम 3 और 5 के सार्व गुणज 15, 30, 45, 60, 75 और 90 हैं।
45 में 5, 4 से 1 अधिक है। साथ ही, 45 ÷ 3 = 15 और 45 ÷ 5 = 9।
इसलिए संख्या 45 है।




3. एक संख्या जिसके सभी गुणनखंडों का योग उस संख्या से दुगना हो, संपूर्ण संख्या (Perfect Number) कहलाती है। संख्या 28 एक संपूर्ण संख्या है। इसके गुणनखंड 1, 2, 4, 7, 14 और 28 है, इनका योग 56 है जो कि 28 का दुगना है। 1 से 10 तक के बीच एक संपूर्ण संख्या ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
6 के सभी गुणनखंड 1, 2, 3 और 6 हैं।
इनका योग = 1 + 2 + 3 + 6 = 12।
6 का दुगना = 2 × 6 = 12।
दोनों बराबर हैं। इसलिए 6 एक संपूर्ण संख्या है।

4. उभयनिष्ठ गुणनखंड ज्ञात कीजिए-

a. 20 और 28
b. 35 और 50
c. 4, 8 और 12
d. 5, 15 और 25
उत्तर:
उभयनिष्ठ गुणनखंड वे हैं जो दी गई सभी संख्याओं को पूरा-पूरा विभाजित करते हैं।

a. 20 के गुणनखंड: 1, 2, 4, 5, 10, 20।
28 के गुणनखंड: 1, 2, 4, 7, 14, 28।
इसलिए उभयनिष्ठ गुणनखंड 1, 2 और 4 हैं।

b. 35 के गुणनखंड: 1, 5, 7, 35।
50 के गुणनखंड: 1, 2, 5, 10, 25, 50।
इसलिए उभयनिष्ठ गुणनखंड 1 और 5 हैं।

c. 4 के गुणनखंड: 1, 2, 4।
8 के गुणनखंड: 1, 2, 4, 8।
12 के गुणनखंड: 1, 2, 3, 4, 6, 12।
इसलिए तीनों के उभयनिष्ठ गुणनखंड 1, 2 और 4 हैं।

d. 5 के गुणनखंड: 1, 5।
15 के गुणनखंड: 1, 3, 5, 15।
25 के गुणनखंड: 1, 5, 25।
इसलिए तीनों के उभयनिष्ठ गुणनखंड 1 और 5 हैं।

5. तीन ऐसी संख्याएँ ज्ञात कीजिए, जो 25 की गुणज हैं लेकिन 50 की नहीं।

उत्तर:
25 × 1 = 25, 25 × 3 = 75 और 25 × 5 = 125।
ये तीनों 25 के गुणज हैं। 50 से भाग देने पर प्रत्येक में 25 शेष रहता है, इसलिए ये 50 के गुणज नहीं हैं।
अतः तीन संख्याएँ 25, 75 और 125 हैं।

6. अंशु और उसके मित्र दो संख्याएँ लेकर ‘इडली-वड़ा’ खेल, खेल रहे हैं। दोनों संख्याएँ 10 से छोटी हैं। पहली बार यदि कोई ‘इडली-वड़ा’ कहता है तो वह संख्या 50 के पश्चात् आती है। वे दोनों संख्याएँ क्या होंगी, जिन्हें ‘इडली’ और ‘वड़ा’ कहा गया है।

उत्तर:
पहली बार ‘इडली-वड़ा’ दोनों संख्याओं के सबसे छोटे सार्व गुणज पर कहा जाएगा। वह संख्या 50 से बड़ी होनी चाहिए।

ऐसे तीन युग्म हो सकते हैं—
7 और 8: इनका सबसे छोटा सार्व गुणज 56 है।
7 और 9: इनका सबसे छोटा सार्व गुणज 63 है।
8 और 9: इनका सबसे छोटा सार्व गुणज 72 है।

हर युग्म की दोनों संख्याएँ 10 से छोटी हैं और 56, 63, 72 सभी 50 से बड़ी हैं। इसलिए ये तीनों युग्म सही हैं।

7. खजाने की खोज खेल में ग्रम्पी ने खजाने को 28 और 70 पर रखा है। दोनों संख्याओं पर पहुँचने के लिए छलाँग का आकार क्या होना चाहिए।

उत्तर:
छलाँग का आकार 28 और 70 दोनों का गुणनखंड होना चाहिए। तभी 0 से बराबर छलाँगें लगाकर दोनों स्थानों पर पहुँच सकेंगे।

28 के गुणनखंड: 1, 2, 4, 7, 14, 28।
70 के गुणनखंड: 1, 2, 5, 7, 10, 14, 35, 70।
उभयनिष्ठ गुणनखंड 1, 2, 7 और 14 हैं।

इसलिए छलाँग का आकार 1, 2, 7 या 14 हो सकता है। सबसे बड़ी संभव छलाँग 14 की है; 14 × 2 = 28 और 14 × 5 = 70।

8. नीचे दिए गए चित्र से गुणा ने उभयनिष्ठ गुणज को छोड़कर सभी संख्याओं को मिटा दिया है। पता लगाइए कि वे संख्याएँ कौन-सी हो सकती हैं? और उन लुप्त संख्याओं को खाली स्थान में लिखिए।

कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 5 पेज 110 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 8 का चित्र

उत्तर:
इन संख्याओं का एक सही युग्म 8 और 12 है।
8 के गुणज: 8, 16, 24, 32, 40, 48, 56, 64, 72, …।
12 के गुणज: 12, 24, 36, 48, 60, 72, …।
दोनों में 24, 48 और 72 समान हैं।

इसलिए पहले खाली स्थान में 8 और दूसरे में 12 लिख सकते हैं।

कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 5 पेज 110 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 8 के उत्तर का चित्र

6 और 8 भी एक सही युग्म है, क्योंकि इनके पहले तीन सार्व गुणज भी 24, 48 और 72 हैं।




9. एक सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जो 7 को छोड़कर 1 से 10 तक की सभी संख्याओं का गुणज हो।

उत्तर:
संख्या में 8, 9 और 5 के सभी अभाज्य गुणनखंड होने चाहिए।
8 = 2 × 2 × 2, 9 = 3 × 3 और 5 = 5।

इन आवश्यक गुणनखंडों को लेकर सबसे छोटी संख्या
= 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 5
= 360।

इनसे 2, 3, 4, 6 और 10 के गुणनखंड भी पूरे हो जाते हैं। जाँच के लिए 360 को 1, 2, 3, 4, 5, 6, 8, 9 और 10 से भाग देने पर क्रमशः 360, 180, 120, 90, 72, 60, 45, 40 और 36 मिलते हैं; शेष 0 रहता है।
इसलिए सबसे छोटी संख्या 360 है।

10. एक सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जो 1 से 10 तक की सभी संख्याओं का गुणज हो।

उत्तर:
7 को छोड़कर बाकी संख्याओं के लिए सबसे छोटी संख्या 360 है। इसका अभाज्य गुणनखंडन 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 5 है। इसमें 7 नहीं है, इसलिए अब एक गुणनखंड 7 और लेना होगा।

सबसे छोटी संख्या = 360 × 7 = 2520।
जाँच: 2520 ÷ 7 = 360। बाकी सभी संख्याएँ 360 को विभाजित करती हैं, इसलिए वे 360 × 7 को भी विभाजित करेंगी।
इसलिए उत्तर 2520 है।

कक्षा 6 गणित प्रकाश के पेज 114 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 114 – आइए, पता लगाएँ

1. हम देखते हैं कि 2 एक अभाज्य संख्या है और यह सम संख्या भी है। क्या कोई अन्य सम अभाज्य संख्या है?

उत्तर:
नहीं। 2 के अतिरिक्त कोई सम अभाज्य संख्या नहीं है।
2 से बड़ी हर सम संख्या 2 से विभाजित होती है। इसलिए उसके 1 और स्वयं के अलावा 2 भी गुणनखंड होता है। ऐसी संख्या भाज्य होगी।
अतः 2 ही एकमात्र सम अभाज्य संख्या है।

2. 100 तक की अभाज्य संख्याओं की सूची देखिए। दो क्रमागत अभाज्य संख्याओं में न्यूनतम एवं अधिकतम अंतर क्या है?

उत्तर:
क्रमागत अभाज्य संख्याएँ सूची में एक के तुरंत बाद दूसरी आती हैं। इनके बीच कोई अन्य अभाज्य संख्या नहीं होती।

न्यूनतम अंतर = 3 − 2 = 1।
अधिकतम अंतर = 97 − 89 = 8।

इसलिए 100 तक की सूची में न्यूनतम अंतर 1 और अधिकतम अंतर 8 है।

3. क्या प्रत्येक पंक्ति में एक समान संख्या में अभाज्य संख्याएँ थीं? किन दहाइयों में न्यूनतम अभाज्य संख्याएँ हैं? यह भी बताइए कि पिछले पृष्ठ पर दी गई सारणी में किनमें अधिकतम अभाज्य संख्याएँ हैं?

कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 5 पेज 114 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 3 का चित्र

उत्तर:
नहीं, प्रत्येक पंक्ति में अभाज्य संख्याओं की गिनती समान नहीं है। हर पंक्ति में घेरा लगी संख्याएँ गिनने पर यह सारणी मिलती है।
सारणी में हर संख्या-समूह की अभाज्य संख्याएँ और उनकी गिनती दी गई है।

कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 5 पेज 114 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 3 के उत्तर का चित्र

91–100 की पंक्ति में केवल 97 अभाज्य है। इसलिए इस दहाई में न्यूनतम 1 अभाज्य संख्या है।
1–10 और 11–20 की पंक्तियों में अधिकतम 4-4 अभाज्य संख्याएँ हैं।




4. इनमें से कौन-सी संख्याएँ अभाज्य हैं—23, 51, 37, 26?

उत्तर:
23 और 37 के केवल दो गुणनखंड हैं—1 और वह संख्या स्वयं। इसलिए 23 और 37 अभाज्य हैं।

51 = 3 × 17 और 26 = 2 × 13। इनके 1 और स्वयं के अलावा भी गुणनखंड हैं। इसलिए 51 और 26 भाज्य हैं।

5. अभाज्य संख्याओं के तीन युग्म लिखिए, जो 20 से कम हों और उनका योग 5 का गुणज हो।

उत्तर:
तीन युग्म हैं:
(i) 2 और 3: 2 + 3 = 5 = 5 × 1।
(ii) 3 और 7: 3 + 7 = 10 = 5 × 2।
(iii) 7 और 13: 7 + 13 = 20 = 5 × 4।

इन सभी युग्मों की दोनों संख्याएँ अभाज्य और 20 से कम हैं। उनके योग 5 के गुणज हैं।

6. संख्या 13 और 31 अभाज्य संख्याएँ हैं। इन दोनों संख्याओं में अंक 1 और 3 समान हैं। 100 तक की संख्याओं में से ऐसे अन्य सभी अभाज्य संख्याओं के युग्म ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
ऐसे अन्य युग्म हैं—
17 और 71, 37 और 73, तथा 79 और 97।
प्रत्येक युग्म में अंकों का क्रम उलटने पर दूसरी संख्या मिलती है और दोनों संख्याएँ अभाज्य हैं।

7. 1 से 100 के बीच 7 क्रमागत भाज्य संख्याएँ लिखिए।

उत्तर:
सात क्रमागत भाज्य संख्याएँ हैं: 90, 91, 92, 93, 94, 95 और 96।

जाँच करने पर,
90 = 2 × 45
91 = 7 × 13
92 = 2 × 46
93 = 3 × 31
94 = 2 × 47
95 = 5 × 19
96 = 2 × 48

हर संख्या का 1 और स्वयं के अलावा भी गुणनखंड है। इसलिए ये सभी भाज्य हैं।

8. अभाज्य संख्याओं के युग्म जिनका अंतर 2 हो जुड़वाँ अभाज्य युग्म (Twin Primes) कहलाती हैं। उदाहरण के लिए, 3 और 5 जुड़वाँ अभाज्य युग्म हैं, इसी प्रकार 17 और 19 हैं। 1 से 100 के बीच अन्य जुड़वाँ अभाज्य युग्म ज्ञात कीजिए?

उत्तर:
अन्य जुड़वाँ अभाज्य युग्म हैं—
(5, 7), (11, 13), (29, 31), (41, 43), (59, 61) और (71, 73)।

प्रत्येक युग्म में दोनों संख्याएँ अभाज्य हैं और बड़ी संख्या में से छोटी संख्या घटाने पर 2 मिलता है। जैसे, 31 − 29 = 2।

9. प्रत्येक कथन को सही या गलत के रूप में पहचानिए एवं स्पष्ट कीजिए-

a. ऐसी कोई अभाज्य संख्या नहीं है जिसका इकाई का अंक 4 हो।
b. अभाज्य संख्याओं का गुणनफल भी अभाज्य हो सकता है।
c. अभाज्य संख्याओं के कोई गुणनखंड नहीं होते हैं।
d. सभी सम संख्याएँ भाज्य संख्याएँ होती हैं।
e. संख्याएँ 2 तथा 3 अभाज्य हैं। अन्य प्रत्येक अभाज्य संख्या के लिए अगली संख्या भाज्य है।
उत्तर:
a. सही। इकाई का अंक 4 होने पर संख्या सम और 2 से बड़ी होगी। वह 2 से विभाजित होगी, इसलिए अभाज्य नहीं हो सकती।

b. गलत। दो अभाज्य संख्याओं के गुणनफल में वे दोनों संख्याएँ भी गुणनखंड होती हैं। इसलिए गुणनफल भाज्य होता है। जैसे, 3 × 5 = 15, जिसके गुणनखंड 1, 3, 5 और 15 हैं।

c. गलत। हर अभाज्य संख्या के ठीक दो गुणनखंड होते हैं—1 और वह संख्या स्वयं। जैसे, 7 के गुणनखंड 1 और 7 हैं।

d. गलत। 2 एक सम संख्या है, लेकिन अभाज्य है। 2 से बड़ी सम संख्याएँ भाज्य होती हैं।

e. सही। 2 और 3 के अलावा प्रत्येक अभाज्य संख्या विषम है। उसकी अगली संख्या सम और 2 से बड़ी होगी, इसलिए भाज्य होगी। जैसे, 5 के बाद 6 और 7 के बाद 8 भाज्य हैं।

10. निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या को तीन अलग-अलग अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में व्यक्त कर सकते हैं? 45, 60, 91, 105, 330.

उत्तर:
इन संख्याओं का अभाज्य गुणनखंडन करने पर,
45 = 3 × 3 × 5
60 = 2 × 2 × 3 × 5
91 = 7 × 13
105 = 3 × 5 × 7
330 = 2 × 3 × 5 × 11

केवल 105 में ठीक तीन अभाज्य गुणनखंड हैं और वे सभी अलग-अलग हैं। इसलिए उत्तर 105 है।
45 में 3 दो बार आता है, 60 में 2 दो बार आता है, 91 में केवल दो और 330 में चार अभाज्य गुणनखंड हैं।




11. अंक 2, 4 और 5 का एक बार प्रयोग करके आप तीन अंकों की कितनी अभाज्य संख्याएँ बना सकते हैं?

उत्तर:
कोई अभाज्य संख्या नहीं बना सकते।
इन अंकों से बनी संख्या के इकाई स्थान पर 2, 4 या 5 ही होगा। 2 या 4 होने पर संख्या 2 से और 5 होने पर संख्या 5 से विभाजित होगी। हर संख्या तीन अंकों की है, इसलिए वह भाज्य होगी।
अतः अभाज्य संख्याओं की संख्या 0 है।

12. ध्यान दीजिए कि 3 एक अभाज्य संख्या है और 2 × 3 + 1 = 7 भी एक अभाज्य संख्या है। क्या और भी ऐसी अभाज्य संख्याएँ हैं, जिन्हें 2 से गुणन करके एक जोड़ने पर अन्य अभाज्य संख्या प्राप्त होती है? ऐसे कम से कम पाँच उदाहरण ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
हाँ, ऐसे पाँच अन्य उदाहरण हैं:
(i) 2 × 2 + 1 = 5
(ii) 2 × 5 + 1 = 11
(iii) 2 × 11 + 1 = 23
(iv) 2 × 23 + 1 = 47
(v) 2 × 29 + 1 = 59

इनमें आरंभ की संख्याएँ 2, 5, 11, 23 और 29 अभाज्य हैं। दो से गुणा करके एक जोड़ने पर मिली संख्याएँ 5, 11, 23, 47 और 59 भी अभाज्य हैं।

कक्षा 6 गणित प्रकाश के पेज 120 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 120 – आइए, पता लगाएँ

1. निम्नलिखित संख्याओं का अभाज्य-गुणनखंडन ज्ञात कीजिए-

64, 105, 243, 320, 141, 1728, 729, 1024, 1331, 1000
उत्तर:
प्रत्येक संख्या को गुणनखंडों के गुणनफल में लिखेंगे और भाज्य गुणनखंडों को तब तक तोड़ेंगे, जब तक सभी गुणनखंड अभाज्य न हो जाएँ।
(i) 64 = 8 × 8
= (2 × 2 × 2) × (2 × 2 × 2)
= 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2।

(ii) 105 = 3 × 35
= 3 × 5 × 7।

(iii) 243 = 3 × 81
= 3 × 3 × 3 × 3 × 3।

(iv) 320 = 32 × 10
= (2 × 2 × 2 × 2 × 2) × (2 × 5)
= 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 5।

(v) 141 = 3 × 47।
3 और 47 दोनों अभाज्य हैं, इसलिए यही अभाज्य गुणनखंडन है।

(vi) 1728 = 64 × 27
= (2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2) × (3 × 3 × 3)
= 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 3।

(vii) 729 = 27 × 27
= (3 × 3 × 3) × (3 × 3 × 3)
= 3 × 3 × 3 × 3 × 3 × 3।

(viii) 1024 = 32 × 32
= (2 × 2 × 2 × 2 × 2) × (2 × 2 × 2 × 2 × 2)
= 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2।

(ix) 1331 = 11 × 121
= 11 × 11 × 11।

(x) 1000 = 10 × 10 × 10
= (2 × 5) × (2 × 5) × (2 × 5)
= 2 × 2 × 2 × 5 × 5 × 5।

2. किसी संख्या के अभाज्य गुणनखंडन में एक बार 2, दो बार 3 और एक बार 11 हो, तो वह संख्या क्या होगी?

उत्तर:
संख्या पाने के लिए दिए गए सभी अभाज्य गुणनखंडों को गुणा करेंगे।
संख्या = 2 × 3 × 3 × 11
= 18 × 11
= 198।

3. 30 से छोटी ऐसी तीन अभाज्य संख्याएँ बताइए, जिनका गुणनफल 1955 हो?

उत्तर:
1955 का इकाई अंक 5 है, इसलिए इसे 5 से भाग देंगे।
1955 ÷ 5 = 391 और 391 = 17 × 23।
इसलिए 1955 = 5 × 17 × 23।

5, 17 और 23 तीनों अभाज्य हैं तथा 30 से छोटे हैं। अतः ये तीन संख्याएँ 5, 17 और 23 हैं।




4. बिना गुणा किए निम्न संख्याओं का अभाज्य गुणनखंडन ज्ञात कीजिए-

a. 56 × 25
b. 108 × 75
c. 1000 × 81
उत्तर:
पहले दोनों गुणनखंडों का अलग-अलग अभाज्य गुणनखंडन करेंगे। फिर उनके सभी अभाज्य गुणनखंड एक साथ लिखेंगे।

a. 56 = 2 × 2 × 2 × 7 और 25 = 5 × 5।
इसलिए 56 × 25 = (2 × 2 × 2 × 7) × (5 × 5)
= 2 × 2 × 2 × 5 × 5 × 7।

b. 108 = 2 × 2 × 3 × 3 × 3 और 75 = 3 × 5 × 5।
इसलिए 108 × 75 = (2 × 2 × 3 × 3 × 3) × (3 × 5 × 5)
= 2 × 2 × 3 × 3 × 3 × 3 × 5 × 5।

c. 1000 = 2 × 2 × 2 × 5 × 5 × 5 और 81 = 3 × 3 × 3 × 3।
इसलिए 1000 × 81 = (2 × 2 × 2 × 5 × 5 × 5) × (3 × 3 × 3 × 3)
= 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 3 × 3 × 5 × 5 × 5।

5. वह छोटी से छोटी संख्या क्या होगी जिसके अभाज्य गुणनखण्डन में

a. तीन अलग अभाज्य संख्याएँ हों।
b. चार अलग अभाज्य संख्याएँ हों।
उत्तर:
सबसे छोटी संख्या पाने के लिए सबसे छोटी अलग-अलग अभाज्य संख्याएँ लेंगे। प्रत्येक को एक बार गुणा करेंगे।

a. तीन सबसे छोटी अभाज्य संख्याएँ 2, 3 और 5 हैं।
छोटी से छोटी संख्या = 2 × 3 × 5 = 30।

b. चार सबसे छोटी अभाज्य संख्याएँ 2, 3, 5 और 7 हैं।
छोटी से छोटी संख्या = 2 × 3 × 5 × 7 = 210।

कक्षा 6 गणित प्रकाश के पेज 122 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 122 – आइए, पता लगाएँ

1. क्या निम्नलिखित संख्या युग्म सह-अभाज्य संख्याएँ हैं? पहले अनुमान लगाइए फिर अभाज्य गुणनखंडन ज्ञात करके अपने उत्तर की जाँच कीजिए।

a. 30 और 45
b. 57 और 85
c. 121 और 1331
d. 343 और 216
उत्तर:
दो संख्याएँ सह-अभाज्य होती हैं, जब उनका 1 के अलावा कोई सार्व गुणनखंड नहीं होता। अभाज्य गुणनखंडन में कोई अभाज्य संख्या दोनों में आए, तो वे सह-अभाज्य नहीं होंगी।

a. मेरा अनुमान है कि 30 और 45 सह-अभाज्य नहीं हैं।
30 = 2 × 3 × 5
45 = 3 × 3 × 5
दोनों में 3 और 5 सार्व अभाज्य गुणनखंड हैं। इसलिए अनुमान सही है; ये सह-अभाज्य नहीं हैं।

b. मेरा अनुमान है कि 57 और 85 सह-अभाज्य हैं।
57 = 3 × 19
85 = 5 × 17
इनका कोई सार्व अभाज्य गुणनखंड नहीं है। इसलिए इनका एकमात्र सार्व गुणनखंड 1 है और ये सह-अभाज्य हैं।

c. मेरा अनुमान है कि 121 और 1331 सह-अभाज्य नहीं हैं।
121 = 11 × 11
1331 = 11 × 11 × 11
दोनों में 11 सार्व अभाज्य गुणनखंड है। इसलिए ये सह-अभाज्य नहीं हैं।

d. मेरा अनुमान है कि 343 और 216 सह-अभाज्य हैं।
343 = 7 × 7 × 7
216 = 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 3
इनका कोई सार्व अभाज्य गुणनखंड नहीं है। इसलिए इनका एकमात्र सार्व गुणनखंड 1 है और ये सह-अभाज्य हैं।

2. क्या पहली संख्या दूसरी संख्या से विभाजित होती है अभाज्य गुणनखंडन का प्रयोग कीजिए।

a. 225 और 27
b. 96 और 24
c. 343 और 17
d. 999 और 99
उत्तर:
पहली संख्या दूसरी संख्या से तभी पूरी तरह विभाजित होगी, जब दूसरी संख्या के सभी अभाज्य गुणनखंड उतनी ही बार पहली संख्या में भी हों।

a. 225 = 3 × 3 × 5 × 5 और 27 = 3 × 3 × 3।
27 में 3 तीन बार है, लेकिन 225 में केवल दो बार है। इसलिए 225, 27 से पूरी तरह विभाजित नहीं होती।

b. 96 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 3 और 24 = 2 × 2 × 2 × 3।
24 के सभी अभाज्य गुणनखंड 96 में मिल जाते हैं। बाकी गुणनखंडों का गुणनफल 2 × 2 = 4 है।
इसलिए 96, 24 से पूरी तरह विभाजित होती है और 96 ÷ 24 = 4।

c. 343 = 7 × 7 × 7 और 17 स्वयं एक अभाज्य संख्या है।
343 के अभाज्य गुणनखंडों में 17 नहीं है। इसलिए 343, 17 से पूरी तरह विभाजित नहीं होती।

d. 999 = 3 × 3 × 3 × 37 और 99 = 3 × 3 × 11।
999 के अभाज्य गुणनखंडों में 11 नहीं है। इसलिए 999, 99 से पूरी तरह विभाजित नहीं होती।




3. पहली संख्या का अभाज्य गुणनखंडन 2×3×7 है और दूसरी संख्या का अभाज्य गुणनखंडन 3×7×11 है। क्या ये दोनों सह-अभाज्य संख्याएँ हैं? क्या इनमें से एक संख्या दूसरी संख्या को विभाजित करती है?

उत्तर:
पहली संख्या = 2 × 3 × 7 = 42।
दूसरी संख्या = 3 × 7 × 11 = 231।
दोनों में 3 और 7 सार्व अभाज्य गुणनखंड हैं। इसलिए ये सह-अभाज्य नहीं हैं।

42 के अभाज्य गुणनखंडों में 2 है, जो 231 में नहीं है। इसलिए 42, 231 को पूरी तरह विभाजित नहीं करती। इसी तरह 231 में 11 है, जो 42 में नहीं है। इसलिए 231 भी 42 को पूरी तरह विभाजित नहीं करती।

4. गुणा कहता है, ‘कोई भी दो अभाज्य संख्याएँ सह-अभाज्य होती हैं।’ क्या वह सही है?

उत्तर:
हाँ, यदि दोनों अभाज्य संख्याएँ अलग-अलग हों तो गुणा सही है। हर अभाज्य संख्या के केवल दो गुणनखंड होते हैं—1 और वह संख्या स्वयं। इसलिए दो अलग-अलग अभाज्य संख्याओं का सार्व गुणनखंड केवल 1 होता है।
जैसे, 5 के गुणनखंड 1, 5 और 7 के गुणनखंड 1, 7 हैं। इसलिए 5 और 7 सह-अभाज्य हैं।
यदि एक ही अभाज्य संख्या दो बार लें, जैसे 3 और 3, तो 3 भी सार्व गुणनखंड होगा। इसलिए यहाँ दोनों संख्याओं का अलग-अलग होना आवश्यक है।

कक्षा 6 गणित प्रकाश के पेज 125 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 125 – आइए, पता लगाएँ

1. 2024 एक अधिवर्ष है (अर्थात फरवरी में 29 दिन होते हैं)। अधिवर्ष हर उस वर्ष में होता है जो 4 के गुणज होते हैं, सिवाय उन वर्षों के जो 100 से तो विभाजित हैं लेकिन 400 से नहीं।

a. आपके जन्म के वर्ष से लेकर अब तक कौन-से वर्ष अधिवर्ष थे?
b. वर्ष 2024 से 2099 तक कितने अधिवर्ष होंगे?
उत्तर:
a. मेरा जन्म 2014 में हुआ था। 2014 से 2026 तक अधिवर्ष 2016, 2020 और 2024 हैं। ये सभी 4 से विभाजित होते हैं और इनमें से कोई भी 100 का गुणज नहीं है।

b. 2024 से 2099 तक अधिवर्ष 2024, 2028, 2032, …, 2096 होंगे। हर अगला अधिवर्ष 4 वर्ष बाद आएगा।
अधिवर्षों की संख्या = (2096 − 2024) ÷ 4 + 1
= 72 ÷ 4 + 1
= 18 + 1 = 19।
इस अवधि में 100 का कोई गुणज नहीं है। इसलिए कुल 19 अधिवर्ष होंगे।

2. सबसे बड़ी और सबसे छोटी 4 अंकों की संख्याओं का पता लगाइए, जो 4 से विभाज्य हों और पैलिंड्रोम भी हों?

उत्तर:
पैलिंड्रोम को आगे या पीछे से पढ़ने पर वही संख्या मिलती है। चार अंकों के पैलिंड्रोम में पहला और अंतिम अंक समान तथा बीच के दोनों अंक समान होते हैं। 4 से विभाज्यता के लिए अंतिम दो अंकों से बनी संख्या 4 से विभाजित होनी चाहिए।

सबसे छोटी ऐसी संख्या 2112 है।
पहला और अंतिम अंक सबसे छोटा संभव सम अंक 2 होगा। 2002 के अंतिम दो अंक 02 हैं, जो 4 से विभाजित नहीं होते। अगला पैलिंड्रोम 2112 है। इसके अंतिम दो अंक 12 हैं और 12 ÷ 4 = 3।
जाँच: 2112 ÷ 4 = 528।

सबसे बड़ी ऐसी संख्या 8888 है।
पहला और अंतिम अंक सबसे बड़ा संभव सम अंक 8 होगा। 8998 के अंतिम दो अंक 98 हैं, जो 4 से विभाजित नहीं होते। अगला छोटा पैलिंड्रोम 8888 है। इसके अंतिम दो अंक 88 हैं और 88 ÷ 4 = 22।
जाँच: 8888 ÷ 4 = 2222।

3. खोजिए और ज्ञात कीजिए कि क्या प्रत्येक कथन सदैव सत्य है, कभी-कभी सत्य है या कभी भी सत्य नहीं है। आप अपने तर्क के समर्थन में उदाहरण दे सकते हैं।

a. दो सम संख्याओं का योगफल, 4 का गुणज होता है।
b. दो विषम संख्याओं का योगफल, 4 का गुणज होता है।
उत्तर:
a. यह कथन कभी-कभी सत्य है।
2 + 6 = 8, जो 4 का गुणज है।
लेकिन 2 + 4 = 6, जो 4 का गुणज नहीं है।
इसलिए दो सम संख्याओं का योग हमेशा 4 का गुणज नहीं होता।

b. यह कथन भी कभी-कभी सत्य है।
3 + 5 = 8, जो 4 का गुणज है।
लेकिन 3 + 7 = 10, जो 4 का गुणज नहीं है।
इसलिए दो विषम संख्याओं का योग हमेशा 4 का गुणज नहीं होता।

4. निम्नलिखित संख्याओं में से प्रत्येक को (a) 10, (b) 5, (c) 2 से विभाजित करने पर प्राप्त शेषफल ज्ञात कीजिए।

78, 99, 173, 572, 980, 1111, 2345
उत्तर:
10 से भाग देने पर शेषफल इकाई का अंक होता है। 5 से भाग देने पर इकाई के अंक को 5 से भाग देकर शेषफल निकाल सकते हैं। 2 से भाग देने पर सम संख्या का शेषफल 0 और विषम संख्या का शेषफल 1 होता है।
जैसे, 78 = 5 × 15 + 3, इसलिए 78 को 5 से भाग देने पर शेषफल 3 है।

सारणी में 10, 5 और 2 से भाग देने पर मिलने वाले शेषफल लिखे हैं।

कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 5 पेज 125 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 4 के उत्तर का चित्र

5. शिक्षक ने पूछा कि क्या 14560, संख्याओं 2, 4, 5, 8 और 10 सभी से विभाज्य होगा। गुणा ने इनमें से केवल दो संख्याओं से 14560 की विभाज्यता की जाँच की और कहा कि 14560 उन सभी संख्याओं से भी विभाज्य है। वे दो संख्याएँ क्या हो सकती हैं?

उत्तर:
वे दो संख्याएँ 8 और 10 हो सकती हैं।
14560 के अंतिम तीन अंकों से 560 बनता है और 560 ÷ 8 = 70। इसलिए 14560, 8 से विभाज्य है।
इसका अंतिम अंक 0 है, इसलिए यह 10 से भी विभाज्य है।

8 से विभाज्य संख्या 2 और 4 से भी विभाज्य होती है, क्योंकि 8 = 2 × 4। इसी तरह 10 से विभाज्य संख्या 5 से भी विभाज्य होती है, क्योंकि 10 = 2 × 5। इसलिए इन दो जाँचों से सभी पाँच संख्याओं से विभाज्यता पता चल जाती है।

6. निम्नलिखित में से कौन-सी संख्याएँ 2, 4, 5, 8 और 10 सभी से विभाज्य हैं?

572, 2352, 5600, 6000, 77622160
उत्तर:
सभी पाँच संख्याओं से विभाज्यता के लिए 8 और 10 से विभाज्यता जाँचना पर्याप्त है।
572 और 2352 का अंतिम अंक 0 नहीं है, इसलिए ये 10 से विभाज्य नहीं हैं।

5600 का अंतिम अंक 0 है और अंतिम तीन अंकों की संख्या 600 है। 600 ÷ 8 = 75।
6000 का अंतिम अंक 0 है और अंतिम तीन अंक 000 हैं। 0 भी 8 से पूरा विभाजित होता है।
77622160 का अंतिम अंक 0 है और अंतिम तीन अंकों की संख्या 160 है। 160 ÷ 8 = 20।

इसलिए 5600, 6000 और 77622160, संख्याओं 2, 4, 5, 8 और 10 सभी से विभाज्य हैं।




7. दो संख्याएँ लिखिए जिनका गुणनफल 10000 हो। दोनों संख्याओं का इकाई का अंक शून्य नहीं होना चाहिए।

उत्तर:
10000 = 2 × 2 × 2 × 2 × 5 × 5 × 5 × 5
= (2 × 2 × 2 × 2) × (5 × 5 × 5 × 5)
= 16 × 625।
इसलिए वे दो संख्याएँ 16 और 625 हैं। इनके इकाई के अंक 6 और 5 हैं; कोई भी अंक शून्य नहीं है।

अध्याय 5 की तैयारी के लिए 1 से 100 तक की अभाज्य संख्याएँ स्वयं खोजकर लिखें, कुछ संख्याओं का अभाज्य गुणनखंडन करें और विभाज्यता की जाँच के नियमों का अभ्यास करें। किसी अन्य अध्याय पर जाने के लिए कक्षा 6 गणित एनसीईआरटी समाधान पृष्ठ की अध्याय-सूची का उपयोग करें।