एनसीईआरटी समाधान कक्षा 1 आनंदमय गणित अध्याय 6 सब्ज़ियों की खेती

कक्षा 1 आनंदमय गणित अध्याय 6 सब्ज़ियों की खेती एनसीईआरटी समाधान – प्रश्न उत्तर, अभ्यास के प्रश्नों के हल हिंदी मीडियम में सत्र 2026-27 के लिए यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं। विद्यार्थियों को बड़ी संख्याओं के जोड़ और घटाव की दुनिया में ले जाता है। पाठ 5 “कितने?” में 9 तक के जोड़-घटाव की नींव तैयार होने के बाद अब यहाँ 20 तक की संख्याओं के साथ जोड़-घटाव का अभ्यास कराया जाता है। रूमी और शमी के खेत से सब्ज़ियाँ लाने की सरल कहानी से यह पाठ शुरू होता है। दो टोकरियों की सब्ज़ियाँ मिलाना — यही जोड़ है। इस पाठ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि विद्यार्थियों को केवल एक तरीके से नहीं बल्कि अपनी सोच और समझ के अनुसार जोड़-घटाव करने का मौका दिया जाता है। “अपने तरीके से जोड़िए” जैसी गतिविधि यह संदेश देती है कि गणित में सोचने के कई रास्ते होते हैं।

एनसीईआरटी कक्षा 1 आनंदमय गणित अध्याय 6 समाधान (2026-27 के लिए)

कक्षा 1 आनंदमय गणित अध्याय 6 के सभी प्रश्नों के हल तथा उत्तर

पाठ 4 सब्ज़ियों की खेती में विद्यार्थी क्या सीखेंगे?

  • 20 तक की बड़ी संख्याओं का जोड़ करना — जैसे 7+5, 9+4, 8+8
  • मोतियों की लड़ी और संख्या पट्टी से जोड़ का अभ्यास
  • “आगे गिनकर” जोड़ने की रणनीति — जैसे 12 से आगे 4 गिनना
  • संख्या को तोड़कर जोड़ना — जैसे 12+6 = 10+2+6 = 10+8 = 18
  • 20 तक की संख्याओं का घटाव करना — जैसे 16−4, 15−9
  • संख्या पट्टी पर आगे-पीछे कूदकर जोड़-घटाव करना
  • जोड़ और घटाव के मिले-जुले शब्द प्रश्न हल करना
  • एक ही उत्तर तक पहुँचने के अलग-अलग तरीके समझना

कक्षा 1 गणित पाठ 6 के प्रमुख सीखने के उद्देश्य

सीखने का क्षेत्रविद्यार्थियों को क्या मिलता है
बड़ी संख्याओं का जोड़20 तक के जोड़ – दो अंकों की संख्याएँ
बड़ी संख्याओं का घटाव20 तक के घटाव – शेष निकालना
जोड़ की रणनीतियाँआगे गिनना, संख्या तोड़ना, लड़ी से गिनना
संख्या पट्टी का उपयोगआगे कूदो जोड़ के लिए, पीछे कूदो घटाव के लिए
तार्किक सोचएक ही सवाल को कई तरीकों से हल करना
शब्द प्रश्नजोड़ और घटाव दोनों वाले मिश्रित प्रश्न हल करना

जोड़ के दो स्मार्ट तरीके – सपना और गौरी से सीखें

इस पाठ में सपना और गौरी एक ही सवाल को दो अलग तरीकों से हल करती हैं — 12+6 = ?
सपना का तरीका — आगे गिनना:

  • 12 से शुरू करो
  • 6 कदम आगे गिनो — 13, 14, 15, 16, 17, 18
  • उत्तर है 18
  • यह तरीका संख्या पट्टी पर भी काम करता है

गौरी का तरीका — संख्या तोड़कर जोड़ना:

  • 12 को 10+2 में तोड़ो
  • अब 10+2+6 = 10+8 = 18
  • यह तरीका मानसिक गणित के लिए बहुत उपयोगी है
  • आगे की कक्षाओं में बड़ी संख्याओं के जोड़ में यही आधार काम आता है

दोनों तरीके सही हैं — यही इस पाठ का सबसे ज़रूरी संदेश है।

“आगे कूदो, पीछे कूदो” — जोड़ और घटाव एक साथ
इस पाठ में अंजलि और रेणु संख्या पट्टी पर कूदने का खेल खेलती हैं:

  • अंजलि 6 से आगे 2 कदम कूदती है → 6+2 = 8
  • रेणु 15 से पीछे 7 कदम कूदती है → 15−7 = 8
  • दोनों एक ही जगह पहुँचती हैं — 8!

यह दृश्य विद्यार्थियों को एक बड़ी बात समझाता है — जोड़ और घटाव एक-दूसरे के उलट हैं। जहाँ जोड़ आगे ले जाता है वहीं घटाव पीछे। यह समझ आगे चलकर गणित में बहुत काम आती है।

दैनिक जीवन में कक्षा 1 गणित पाठ 6 का उपयोग

यह पाठ विद्यार्थियों को उनके आसपास की दुनिया से जोड़ता है:

  • सब्ज़ी मंडी में दो थैलों की सब्ज़ियाँ मिलाकर गिनना
  • घर में आए फलों में से कुछ खाने के बाद शेष गिनना
  • स्कूल बस में चढ़ने और उतरने वाले विद्यार्थी गिनना
  • दो दोस्तों की टॉफियाँ मिलाकर कुल निकालना
  • पिकनिक के लिए सामान गिनना और बाँटना
  • कुम्हार के दीयों जैसे रोज़मर्रा के उदाहरणों से जोड़-घटाव समझना

विद्यार्थी इस पाठ में अक्सर कौन-सी गलतियाँ करते हैं?

  • “आगे गिनते” समय शुरुआती संख्या को भी गिन लेना — जैसे 12+4 में 12 को भी गिनना
  • संख्या तोड़ने में भ्रम — 12 को 10+2 की जगह 1+2 लिखना
  • मिश्रित शब्द प्रश्नों में पहले जोड़ और फिर घटाव का क्रम उलट जाना
  • संख्या पट्टी पर आगे-पीछे की दिशा में भ्रम होना
  • 15−0 जैसे सवालों में उत्तर 0 लिख देना

मज़ेदार गतिविधियाँ जो घर पर की जा सकती हैं

  1. सब्ज़ी वाला खेल दो थैलियों में अलग-अलग संख्या में छोटी वस्तुएँ रखें — जैसे रूमी और शमी की टोकरियाँ। दोनों मिलाएँ और पूछें — कुल कितनी? यह सीधे इस पाठ की कहानी से जुड़ा है।
  2. आगे गिनो खेल एक संख्या बोलें — जैसे 13। फिर कहें — अब 5 आगे गिनो। विद्यार्थी उँगलियों पर या मन में गिने — 14, 15, 16, 17, 18। यह “सपना वाला तरीका” है जो मानसिक जोड़ की आदत बनाता है।
  3. ज़मीन पर संख्या पट्टी घर के आँगन या कमरे में 1 से 20 तक की संख्या पट्टी बनाएँ। विद्यार्थी खुद उस पर कूदे — आगे जोड़ के लिए और पीछे घटाव के लिए। “आगे कूदो, पीछे कूदो” का यह खेल शरीर और दिमाग दोनों को सक्रिय करता है।
  4. संख्या तोड़ो खेल कोई भी दो अंकों की संख्या बोलें — जैसे 15। विद्यार्थी से पूछें — इसे 10 और कितने में तोड़ेंगे? 10+5=15। यह “गौरी वाला तरीका” है जो बड़ी संख्याओं के जोड़ को आसान बनाता है।
  5. मिश्रित शब्द प्रश्न बनाओ रोज़मर्रा की घटनाओं से छोटे सवाल बनाएँ — जैसे “दादी ने 9 दीये बनाए, 5 बेच दिए, फिर 7 और बनाए — अब कितने?” इस पाठ के कुम्हार वाले सवाल जैसे प्रश्न घर की चीज़ों से बनाना बेहद असरदार होता है।

जल्दी याद करें

तरीकाकैसे काम करता हैउदाहरण
आगे गिननाबड़ी संख्या से आगे गिनो12+4: 13,14,15,16 = 16
संख्या तोड़नादहाई और इकाई अलग करो12+6 = 10+2+6 = 18
आगे कूदोसंख्या पट्टी पर आगे = जोड़6 से 2 आगे = 8
पीछे कूदोसंख्या पट्टी पर पीछे = घटाव15 से 7 पीछे = 8
शून्य घटानासंख्या वैसी ही रहती है15−0 = 15

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीईआरटी कक्षा 1 आनंदमय गणित के पाठ 6 “सब्ज़ियों की खेती” में क्या सिखाया जाता है?

इस पाठ में विद्यार्थी 20 तक की बड़ी संख्याओं का जोड़ और घटाव सीखते हैं। रूमी और शमी की सब्ज़ियों की टोकरियों के उदाहरण से जोड़ की शुरुआत होती है। “आगे गिनकर जोड़ना” और “संख्या तोड़कर जोड़ना” जैसी दो अलग रणनीतियाँ सिखाई जाती हैं। इसके साथ ही संख्या पट्टी पर आगे-पीछे कूदकर जोड़-घटाव करना और मिश्रित शब्द प्रश्न हल करना भी इस पाठ का हिस्सा है। पाठ 5 में सीखे गए बुनियादी जोड़-घटाव को यहाँ बड़ी संख्याओं तक विस्तारित किया जाता है।

“आगे गिनकर जोड़ना” और “संख्या तोड़कर जोड़ना” में से कक्षा 1 आनंदमय गणित अध्याय 6 के अनुसार कौन-सा तरीका बेहतर है?

दोनों तरीके अपनी जगह सही हैं और विद्यार्थी को दोनों सीखने चाहिए। “आगे गिनकर जोड़ना” छोटे जोड़ों के लिए और शुरुआती अभ्यास के लिए बेहतर है क्योंकि इसमें उँगलियों या संख्या पट्टी का सहारा लिया जा सकता है। “संख्या तोड़कर जोड़ना” यानी 12 + 6 को 10 + 2 + 6 में बदलना — यह तरीका मानसिक गणित के लिए ज़्यादा उपयोगी है और आगे की कक्षाओं में बड़े जोड़ों की नींव बनाता है। इसलिए दोनों को मिलाकर सिखाना सबसे प्रभावशाली तरीका है।

मिश्रित शब्द प्रश्नों में जोड़ और घटाव दोनों हों तो विद्यार्थी कैसे हल करें?

जब किसी शब्द प्रश्न में पहले कुछ जोड़ा जाए और फिर कुछ घटाया जाए — जैसे कुम्हार के पास 9 दीये थे, 5 बेचे और 7 बनाए — तो इसे चरण-दर-चरण हल करना चाहिए। पहले 9 − 5 = 4 फिर 4 + 7 = 11। विद्यार्थी को सिखाएँ कि एक बार में पूरा सवाल हल करने की कोशिश न करें बल्कि हर एक क्रिया को अलग-अलग करें। वस्तुओं से दिखाकर अभ्यास कराने से यह समझ जल्दी पक्की होती है।

शिक्षक कक्षा 1 आनंदमय गणित पाठ 6 को कक्षा में रोचक तरीके से कैसे पढ़ाएँ?

शिक्षक कक्षा में ज़मीन पर या बोर्ड पर 1 से 20 तक की बड़ी संख्या पट्टी बनाएँ। दो विद्यार्थियों को अंजलि और रेणु की तरह खेलने दें — एक आगे कूदे और दूसरा पीछे। फिर पूरी कक्षा से पूछें — “क्या दोनों एक ही जगह पहुँचे?” इसके साथ सपना और गौरी वाले दो तरीके बोर्ड पर लिखकर दिखाएँ और विद्यार्थियों से पूछें कि उन्हें कौन-सा तरीका ज़्यादा आसान लगा और क्यों। इस चर्चा से विद्यार्थियों की तार्किक सोच और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं।

घर पर बड़ी संख्याओं के जोड़-घटाव का अभ्यास कक्षा 1 आनंदमय गणित अध्याय 6 की मदद से कैसे कराएँ?

घर पर अभ्यास के लिए सबसे आसान तरीका है रोज़मर्रा की चीज़ों का उपयोग। सब्ज़ी मंडी से लाई सब्ज़ियाँ गिनवाएँ — एक थैले में 9 और दूसरे में 7 तो कुल कितनी? फल खाने के बाद पूछें — 15 में से 6 खाए तो कितने बचे? इसके अलावा ज़मीन पर चॉक से संख्या पट्टी बनाएँ और विद्यार्थी से कहें कि एक संख्या पर खड़े हों और आगे-पीछे कूदकर जोड़-घटाव करें। यह शारीरिक गतिविधि गणित को यादगार बना देती है।

कक्षा 1 आनंदमय गणित अध्याय 6 आगे की गणित पढ़ाई में कैसे मदद करता है?

इस पाठ में सीखी गई “संख्या तोड़कर जोड़ने” की रणनीति आगे की कक्षाओं में दो अंकों की संख्याओं के जोड़-घटाव की बुनियाद है। जब विद्यार्थी यह समझ लेता है कि 12 को 10+2 में तोड़ा जा सकता है तो आगे की कक्षाओं में 34+25 जैसे सवाल भी उसे उतने कठिन नहीं लगते। इसके अलावा मिश्रित शब्द प्रश्नों को चरण-दर-चरण हल करने की आदत आगे के लंबे और जटिल प्रश्नों में भी बहुत काम आती है।

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