एनसीईआरटी समाधान कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 3 विद्युत – परिपथ एवं उनके घटक

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 3 विद्युत – परिपथ एवं उनके घटक यहाँ पर सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में एनसीईआरटी समाधान दिए गए है। विद्युत हमारे दैनिक जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसका उपयोग घर, विद्यालय, उद्योग और संचार के साधनों में व्यापक रूप से होता है। कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा के अध्याय 3, विद्युत, में हम सीखते हैं कि विद्युत ऊर्जा कैसे उत्पन्न होती है, यह कैसे परिपथ में प्रवाहित होती है और विभिन्न उपकरणों को कैसे संचालित करती है। इस अध्याय में विद्युत कोश, बैटरी, बल्ब, एल.ई.डी., कुंजी, चालक एवं कुचालक जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल प्रयोगों और उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया है, जिससे विद्यार्थियों की अवधारणाएँ स्पष्ट और मजबूत बनती हैं।

एनसीईआरटी कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 3 के प्रश्न उत्तर

1. असत्य कथन का चयन कीजिए।
(i) विद्युत परिपथ में स्विच धारा का स्रोत होता है।
(ii) परिपथ को पूरा करने अथवा भंग करने में स्विच सहायता करता है।
(iii) विद्युत के आवश्यकतानुसार उपयोग में स्विच सहायता करता है।
(iv) जब स्विच ‘ऑफ’ स्थिति में होता है तो इसके टर्मिनलों के मध्य वायु अंतराल रहता है।
उत्तर:
(i) विद्युत परिपथ में स्विच धारा का स्रोत होता है।
यह कथन असत्य है क्योंकि विद्युत परिपथ में धारा का स्रोत विद्युत सेल या बैटरी होती है। स्विच तो केवल परिपथ को बंद करने या खोलने का काम करता है। बाकी तीनों कथन सत्य हैं।

2. चित्र 3.16 में सिरों ‘क’ एवं ‘ख’ के मध्य कौन-सा पदार्थ जोड़ने पर लैंप दीप्तिमान नहीं होगा?

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 3 के प्रश्न 2 का चित्र

उत्तर:
रबर जोड़ने पर लैंप दीप्तिमान नहीं होगा। रबर एक विद्युतरोधी पदार्थ है। इसमें से होकर विद्युत-धारा प्रवाहित नहीं हो सकती। इसलिए जब ‘क’ और ‘ख’ के बीच रबर जोड़ा जाएगा तो परिपथ पूरा नहीं होगा और लैंप दीप्तिमान नहीं होगा। धातु जैसे लोहे की कील, ताँबे के सिक्के आदि विद्युत के चालक हैं इसलिए उन्हें जोड़ने पर लैंप जलेगा।

3. चित्र 3.17 में यदि एक लैंप का तंतु विखंडित हो जाए तो क्या दूसरा लैंप दीप्तिमान होगा? अपने उत्तर का औचित्य बताइए।

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 3 के प्रश्न 3 का चित्र

उत्तर:
नहीं, दूसरा लैंप भी दीप्तिमान नहीं होगा।
चित्र 3.17 में दोनों लैंप श्रेणी-क्रम में एक ही परिपथ में जुड़े हैं। जब किसी एक लैंप का तंतु टूट जाता है तो परिपथ में एक जगह खाली जगह बन जाती है जिससे परिपथ टूट जाता है यानी खुला हो जाता है। खुले परिपथ में विद्युत-धारा प्रवाहित नहीं हो सकती। इसलिए दूसरा लैंप भी दीप्तिमान नहीं होगा चाहे उसका तंतु बिल्कुल ठीक हो।

4. विद्युत परिपथ बनाते समय कोई विद्यार्थी संयोजी तारों से विद्युतरोधी आवरण हटाना भूल गया। यदि लैंप और सेल ठीक कार्य कर रहे हों तब भी क्या लैंप दीप्तिमान होगा?
उत्तर:
नहीं, लैंप दीप्तिमान नहीं होगा।
विद्युत तारों पर प्लास्टिक या रबर का जो आवरण चढ़ा होता है वह विद्युतरोधी होता है। तारों के अंदर धातु का हिस्सा विद्युत का चालक होता है। जब तारों के सिरों से यह आवरण नहीं हटाया जाएगा तो धातु वाला चालक हिस्सा सेल के टर्मिनल और लैंप के टर्मिनल से सीधे संपर्क में नहीं आएगा। इसलिए परिपथ पूरा नहीं होगा और लैंप दीप्तिमान नहीं होगा।

5. विद्युत परिपथ के घटकों के प्रतीकों का उपयोग करके एक साधारण टॉर्च का परिपथ आरेख बनाइए।
उत्तर:
एक साधारण टॉर्च में दो सेल (बैटरी), एक स्विच और एक लैंप होता है। इसका परिपथ आरेख इस प्रकार बनाया जाएगा —
बैटरी के धन टर्मिनल से तार जाएगा, फिर स्विच से होकर, फिर लैंप से होकर और अंत में बैटरी के ऋण टर्मिनल से जुड़ेगा। इस प्रकार एक बंद परिपथ बनेगा।
परिपथ आरेख में उपयोग किए गए प्रतीक — बैटरी का प्रतीक (दो या अधिक लंबी और छोटी समानांतर रेखाएँ), स्विच का प्रतीक (एक रेखा जो एक बिंदु से ऊपर की ओर जुड़ी हो), लैंप का प्रतीक (वृत्त के अंदर X का निशान) और तार का प्रतीक (सीधी रेखा)।

6. चित्र 3.18 में —
(i) यदि S₂ ‘ऑन’ स्थिति में और S₁ ‘ऑफ’ स्थिति में हो तो कौन-कौन से लैंप दीप्त होंगे?
(ii) यदि S₂ ‘ऑफ’ स्थिति में और S₁ ‘ऑन’ स्थिति में हो तो कौन-कौन से लैंप दीप्त होंगे?
(iii) यदि S₁ एवं S₂ दोनों ‘ऑन’ स्थिति में हो तो कौन-कौन से लैंप दीप्त होंगे?
(iv) यदि S₁ एवं S₂ दोनों ‘ऑफ’ स्थिति में हो तो कौन-कौन से लैंप दीप्त होंगे?

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 3 के प्रश्न 6 का चित्र

उत्तर:
(i) कोई भी लैंप दीप्त नहीं होगा।
S₁ मुख्य स्विच है जो पूरे परिपथ को नियंत्रित करता है। जब S₁ ‘ऑफ’ है तो पूरा परिपथ खुला है और धारा प्रवाहित नहीं हो सकती चाहे S₂ ‘ऑन’ हो।

(ii)  केवल L₁ दीप्त होगा।
S₁ ‘ऑन’ होने से परिपथ में धारा प्रवाहित होगी और L₁ जल जाएगा। लेकिन S₂ ‘ऑफ’ होने से L₂ वाला भाग खुला रहेगा इसलिए L₂ दीप्त नहीं होगा।

(iii) L₁ और L₂ दोनों लैंप दीप्त होंगे।
जब दोनों स्विच ‘ऑन’ हों तो पूरा परिपथ बंद हो जाता है और दोनों लैंपों से होकर धारा प्रवाहित होती है।

(iv) कोई भी लैंप दीप्त नहीं होगा।
दोनों स्विच ‘ऑफ’ होने से परिपथ पूरी तरह खुला है और कहीं से भी धारा नहीं बह सकती।

7. एक विद्यार्थी ने चित्र 3.19 में दर्शाए अनुसार विद्युत परिपथ संयोजित किया। परिपथ को बंद करने के बाद भी लैंप दीप्तिमान नहीं हुआ। इसके क्या संभावित कारण हो सकते हैं? इस दोषपूर्ण प्रचालन के लिए अधिक-से-अधिक कारणों की सूची बनाइए। लैंप के दीप्तिमान न होने के कारण का पता लगाने के लिए आप क्या करेंगे?

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 3 के प्रश्न 7 का चित्र

उत्तर:
लैंप के दीप्तिमान न होने के संभावित कारण ये हो सकते हैं —
पहला कारण यह हो सकता है कि सेल खत्म हो गई हो और उसमें विद्युत ऊर्जा न बची हो। दूसरा कारण यह हो सकता है कि लैंप का तंतु टूट गया हो जिससे लैंप फ्यूज हो गया हो। तीसरा कारण यह हो सकता है कि किसी तार का संयोजन ढीला हो और वह ठीक से जुड़ा न हो। चौथा कारण यह हो सकता है कि संयोजी तारों के सिरों से विद्युतरोधी आवरण ठीक से न हटाया गया हो। पाँचवाँ कारण यह हो सकता है कि स्विच ठीक से काम न कर रहा हो यानी ‘ऑन’ करने पर भी दोनों सिरे आपस में न जुड़ते हों।
कारण पता लगाने के लिए क्या करें — सबसे पहले एक-एक घटक को बदलकर देखेंगे। पहले सेल बदलेंगे, फिर लैंप बदलेंगे, फिर तारों को ध्यान से देखेंगे। इस तरह एक-एक करके जाँचने पर दोष का पता लग जाएगा।

8. चित्र 3.20 में दर्शाई गई किस व्यवस्था में स्विच ‘ऑन’ करने पर भी बल्ब दीप्तिमान नहीं होगा?

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 3 के प्रश्न 8 का चित्र

उत्तर:
व्यवस्था (घ) में स्विच ‘ऑन’ करने पर भी बल्ब दीप्तिमान नहीं होगा।
व्यवस्था (घ) में एल.ई.डी. को गलत दिशा में जोड़ा गया है। एल.ई.डी. में धारा केवल एक ही दिशा में प्रवाहित हो सकती है। जब एल.ई.डी. का धन टर्मिनल बैटरी के ऋण टर्मिनल से और ऋण टर्मिनल बैटरी के धन टर्मिनल से जुड़ा हो तो एल.ई.डी. में धारा नहीं बहती और वह दीप्तिमान नहीं होती।

9. यदि किसी बैटरी पर ‘+’ एवं ‘−’ चिह्न पढ़े नहीं जा रहे हैं तो इस बैटरी के टर्मिनलों को पहचानने की कोई एक विधि सुझाइए।
उत्तर:
एक सरल विधि यह है कि एक विद्युत सेल जिसके टर्मिनल पता हों, एक लैंप और तारों की सहायता से एक परीक्षण-यंत्र बनाएँ।
अब अज्ञात बैटरी के एक टर्मिनल को ज्ञात सेल के धन टर्मिनल से और दूसरे टर्मिनल को लैंप से तथा लैंप को ज्ञात सेल के ऋण टर्मिनल से जोड़ें। यदि लैंप दीप्तिमान हो जाए तो अज्ञात बैटरी का वह टर्मिनल जो ज्ञात सेल के धन से जुड़ा था वह धन (+) टर्मिनल है और दूसरा ऋण (−) टर्मिनल है।
इसके अलावा एल.ई.डी. की सहायता से भी पहचाना जा सकता है। एल.ई.डी. को बैटरी से जोड़ें। जिस जोड़ में एल.ई.डी. जले उसमें एल.ई.डी. का लंबा तार जिस टर्मिनल से जुड़ा है वह धन (+) टर्मिनल है।

10. आपको छः सेल दिए गए हैं जिन पर क, ख, ग, घ, ङ और च अंकित हैं। इनमें से कुछ कार्य कर रहे हैं और कुछ कार्य नहीं कर रहे हैं। एक क्रियाकलाप सुझाइए जिससे आप यह पहचान सकें कि कौन-कौन से सेल कार्य कर रहे हैं।
(i) आपको जो वस्तुएँ चाहिए उनकी एक सूची बनाइए।
(ii) वह कार्यविधि लिखिए जिसका अनुसरण आप करेंगे।
(iii) चरण (i) में सूचीबद्ध वस्तुओं का उपयोग करके पहचानिए कि कौन-कौन से सेल काम कर रहे हैं।
उत्तर:
(i) एक कार्यशील विद्युत लैंप, दो विद्युत तार, विद्युत टेप।

(ii) प्रत्येक सेल को बारी-बारी से लैंप के साथ इस प्रकार जोड़ेंगे कि एक तार सेल के धन टर्मिनल से और दूसरा तार सेल के ऋण टर्मिनल से लैंप के दोनों सिरों से जुड़े। जिस सेल को जोड़ने पर लैंप दीप्तिमान हो जाए वह सेल कार्य कर रहा है और जिसे जोड़ने पर लैंप न जले वह सेल खराब है।

(iii) जब सेल क को जोड़ेंगे और लैंप जले तो सेल क कार्यशील है। इसी प्रकार एक-एक करके सेल ख, ग, घ, ङ और च को जोड़कर देखेंगे। जिन सेलों से लैंप जलेगा वे सभी कार्यशील सेल हैं और जिनसे नहीं जलेगा वे खराब हैं।

11.  किसी एल.ई.डी. को दीप्तिमान करने के लिए आपको श्रेणी-क्रम में लगे दो सेलों की आवश्यकता होगी। तान्या ने चित्र 3.21 में दर्शाए अनुसार परिपथ बनाया। क्या लैंप दीप्तिमान होगा? यदि नहीं तो संयोजी तारों को सही विन्यास के लिए आरेखित कीजिए।

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 3 के प्रश्न 11 का चित्र

उत्तर:
नहीं, एल.ई.डी. दीप्तिमान नहीं होगी।
चित्र 3.21 में एल.ई.डी. का धन टर्मिनल (लंबा तार) बैटरी के ऋण टर्मिनल से जुड़ा है और ऋण टर्मिनल (छोटा तार) बैटरी के धन टर्मिनल से जुड़ा है। यह गलत संयोजन है। एल.ई.डी. में धारा केवल एक ही दिशा में बहती है इसलिए इस गलत संयोजन में धारा प्रवाहित नहीं होगी।
सही संयोजन यह होगा — बैटरी के धन टर्मिनल से तार को एल.ई.डी. के लंबे तार (धन टर्मिनल) से जोड़ें और एल.ई.डी. के छोटे तार (ऋण टर्मिनल) से तार को बैटरी के ऋण टर्मिनल से जोड़ें। इस सही संयोजन में एल.ई.डी. दीप्तिमान हो जाएगी।