एनसीईआरटी समाधान कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 11 प्रकाश – छाया एवं परावर्तन

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 11 प्रकाश – छाया एवं परावर्तन के एनसीईआरटी समाधान में प्रकाश के मूल सिद्धांतों को रोचक तरीके से समझाया गया है। इस अध्याय में प्रकाश के स्रोत, दीप्त एवं अदीप्त वस्तुएँ, प्रकाश का सरल रेखा में गमन, छाया का निर्माण, पारदर्शी–अपारदर्शी पदार्थों के गुण तथा दर्पण द्वारा प्रकाश के परावर्तन जैसी अवधारणाओं को प्रयोगों के माध्यम से स्पष्ट किया गया है। यह अध्याय छात्रों को दैनिक जीवन में प्रकाश के उपयोग और उसके वैज्ञानिक महत्व को समझने में सहायता करता है।

एनसीईआरटी कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 11 के प्रश्न उत्तर

1.  निम्नलिखित पिंडों में से कौन-से पिंड दीप्त पिंड हैं?
मंगल ग्रह, चंद्रमा, ध्रुव तारा, सूर्य, शुक्र ग्रह तथा दर्पण
उत्तर:
दीप्त पिंड वे होते हैं जो स्वयं अपना प्रकाश उत्सर्जित करते हैं।
दी गई सूची में से ध्रुव तारा और सूर्य दीप्त पिंड हैं क्योंकि ये स्वयं अपना प्रकाश उत्सर्जित करते हैं।
मंगल ग्रह, चंद्रमा, शुक्र ग्रह और दर्पण अदीप्त पिंड हैं क्योंकि ये स्वयं प्रकाश उत्सर्जित नहीं करते बल्कि सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करते हैं।

2. स्तंभ I में दिए गए पदों का मिलान स्तंभ II में दिए गए सही वाक्यांशों से कीजिए।

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 11 के प्रश्न 2 का चित्र

उत्तर:

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 11 के प्रश्न 2 के उत्तर का चित्र

3. साहिल, रेखा, पैट्रिक और कासिमा चित्र 11.16 में दर्शाए गए पाइप से मोमबत्ती की लौ को देखने का प्रयास कर रहे हैं। इनमें से कौन लौ देख पाएगा?

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 11 के प्रश्न 3 का चित्र

उत्तर:
रेखा लौ देख पाएगी क्योंकि उसका पाइप सीधा है। प्रकाश सरल रेखा में गमन करता है इसलिए केवल सीधे पाइप से ही मोमबत्ती की लौ दिखाई देगी। साहिल, पैट्रिक और कासिमा के पाइप मुड़े हुए हैं इसलिए वे लौ नहीं देख पाएँगे।

4. चित्र 11.17 में दर्शाए गए प्रतिबिंबों को देखिए और बालक की छाया को दर्शाने वाले सही चित्र का चयन कीजिए।

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 11 के प्रश्न 4 का चित्र

उत्तर:
सही चित्र (ख) है। जब सूर्य सीधे ऊपर होता है तो छाया सीधी और छोटी बनती है। जब सूर्य तिरछा होता है तो छाया लंबी और तिरछी बनती है। चित्र (ख) में छाया बालक के पीछे की तरफ बन रही है जो सूर्य के सामने की तरफ होने की स्थिति में सही है।

5. चित्र 11.18 में दर्शाया गया है कि एक स्थिर टॉर्च के सामने रखी गेंद की छाया दीवार पर बनी है। परिदृश्य (i) में गेंद टॉर्च के समीप है जबकि परिदृश्य (ii) में गेंद दीवार के समीप है। दिए गए विकल्पों (क) और (ख) में से दोनों परिदृश्यों का सबसे उपयुक्त प्रदर्शन करने वाले चित्र का चयन कीजिए।

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 11 के प्रश्न 5 का चित्र

उत्तर:
परिदृश्य (i) के लिए सही चित्र (क) है जिसमें गेंद टॉर्च के समीप है इसलिए छाया बड़ी बनती है।
परिदृश्य (ii) के लिए सही चित्र (ख) है जिसमें गेंद दीवार के समीप है इसलिए छाया छोटी बनती है।
जब वस्तु प्रकाश स्रोत के पास होती है तो छाया बड़ी बनती है और जब वस्तु पर्दे के पास होती है तो छाया छोटी बनती है।

6. चित्र 11.18 के आधार पर स्तंभ I में टॉर्च की स्थिति का स्तंभ II में गेंद की छाया के अभिलक्षणों के आधार पर मिलान कीजिए।

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 11 के प्रश्न 6 का चित्र

उत्तर:

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 11 के प्रश्न 6 के उत्तर का चित्र

7. माना कि आप चित्र 11.19 में दर्शाए गए वृक्ष को सूचीछिद्र कैमरे की सहायता से देखते हैं। वृक्ष के प्रतिबिंब की पर्दे पर प्राप्त आकृति की रूपरेखा बनाइए।

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 11 के प्रश्न 7 का चित्र

उत्तर:
सूचीछिद्र कैमरे में बनने वाला प्रतिबिंब उल्टा अर्थात व्युत्क्रमित होता है। इसलिए वृक्ष का प्रतिबिंब पर्दे पर उल्टा बनेगा अर्थात वृक्ष की जड़ ऊपर की तरफ और शीर्ष नीचे की तरफ दिखाई देगा। प्रतिबिंब वास्तविक वृक्ष जैसा ही रंगीन होगा।

8. कागज के किसी टुकड़े पर अपना नाम लिखिए और इसे समतल दर्पण के सामने इस प्रकार पकड़िए कि कागज दर्पण के समांतर रहे। इसके प्रतिबिंब का आरेख बनाइए। कागज पर लिखे नाम और दर्पण में बने इसके प्रतिबिंब के मध्य आप क्या अंतर देखते हैं? इस अंतर के कारण की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
कागज पर लिखे नाम और दर्पण में बने प्रतिबिंब में यह अंतर होगा कि दर्पण में नाम पाश्विक रूप से उलटा दिखाई देगा। अर्थात जो अक्षर बाईं ओर है वह दर्पण में दाईं ओर दिखेगा और जो दाईं ओर है वह बाईं ओर दिखेगा।
इसका कारण समतल दर्पण द्वारा होने वाला पाश्वर्त उत्क्रमण है। समतल दर्पण में बने प्रतिबिंब में वाम-दक्षिण उत्क्रमण होता है इसलिए नाम दर्पण में उल्टा अर्थात दर्पण-लेखन जैसा दिखाई देता है। यही कारण है कि एंबुलेंस पर AMBULANCE को उल्टा लिखा जाता है ताकि आगे के वाहन के चालक पर्श्चदर्शी दर्पण में इसे सीधा पढ़ सकें।

9. अपने मित्र की सहायता से एक समान स्थान पर अपनी छाया की लंबाई सुबह 9 बजे, दोपहर 12 बजे और दोपहर पश्चात 4 बजे मापिए।
(i) आपकी छाया किस समय सबसे छोटी होती है?
(ii) आपके विचार से ऐसा क्यों होता है?
उत्तर:
(i) छाया दोपहर 12 बजे सबसे छोटी होती है।
(ii) ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दोपहर 12 बजे सूर्य लगभग सीधे सिर के ऊपर होता है। जब प्रकाश स्रोत सीधे ऊपर होता है तो छाया सबसे छोटी और सीधे नीचे बनती है। सुबह और शाम के समय सूर्य क्षितिज के समीप तिरछा होता है जिससे छाया लंबी बनती है। सूर्य की ऊँचाई जितनी अधिक होती है, छाया उतनी ही छोटी बनती है।

10. निम्नलिखित कथनों के आधार पर सही विकल्प चुनिए —
कथन (क) — किसी समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब पाश्वर्तः व्युत्क्रमित होता है। कथन (ख) — अंग्रेजी वर्णमाला के वर्ण T और O के समतल दर्पण में बने प्रतिबिंब वैसे ही दिखते हैं जैसे ये वर्ण हैं।
(i) दोनों कथन सत्य हैं।
(ii) दोनों कथन असत्य हैं।
(iii) कथन (क) सत्य है किंतु कथन (ख) असत्य है।
(iv) कथन (क) असत्य है किंतु कथन (ख) सत्य है।
उत्तर:
सही उत्तर (i) दोनों कथन सत्य हैं।
कथन (क) सत्य है क्योंकि समतल दर्पण में वाम-दक्षिण उत्क्रमण होता है इसलिए प्रतिबिंब पाश्वर्तः व्युत्क्रमित होता है।
कथन (ख) भी सत्य है क्योंकि अंग्रेजी के T और O वर्ण ऊर्ध्वाधर अक्ष के सापेक्ष सममित हैं। इसलिए दर्पण में इनका प्रतिबिंब वैसा ही दिखता है जैसे ये वर्ण हैं।

11. मान लीजिए कि आपको चित्र 11.20 में दर्शाई गई आकृति की एक नलिका और दो ऐसे समतल दर्पण दिए गए हैं जिनका व्यास नलिका के व्यास से कम है। क्या इस नलिका का उपयोग परिदर्शी बनाने के लिए किया जा सकता है? यदि आपका उत्तर हाँ है तो नलिका पर वह स्थान अंकित कीजिए जहाँ आप समतल दर्पण लगाएँगे।

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा अध्याय 11 के प्रश्न 11 का चित्र

उत्तर:
हाँ, इस L-आकार की नलिका का उपयोग परिदर्शी बनाने के लिए किया जा सकता है।
दोनों समतल दर्पण नलिका के मोड़ वाले स्थान पर 45° के कोण पर लगाए जाएँगे। एक दर्पण ऊपरी सिरे पर और दूसरा दर्पण नीचे के मोड़ पर 45° के कोण पर लगाया जाएगा। इस प्रकार प्रकाश पहले दर्पण से परावर्तित होकर दूसरे दर्पण पर पड़ेगा और फिर हमारी आँखों तक पहुँचेगा जिससे हम उन वस्तुओं को देख पाएँगे जो सीधे दिखाई नहीं देतीं।

12. बहुत अधिक ऊँचाई पर उड़ते हुए पक्षियों की छाया हमें धरती पर दिखाई नहीं देती है। परंतु जब कोई पक्षी धरती के निकट उड़ता है तो उसकी छाया धरती पर दिखाई देती है। विचार कीजिए और बताइए कि ऐसा क्यों होता है?
उत्तर:
प्रकाश सरल रेखा में गमन करता है और जब कोई अपारदर्शी वस्तु प्रकाश के मार्ग में आती है तो छाया बनती है। छाया का आमाप वस्तु की प्रकाश स्रोत और पर्दे से दूरी पर निर्भर करता है।

  • जब पक्षी बहुत अधिक ऊँचाई पर उड़ता है तो वह पर्दे अर्थात धरती से बहुत दूर होता है। इतनी अधिक ऊँचाई पर अवरुद्ध होने वाले प्रकाश की मात्रा बहुत कम होती है और छाया इतनी छोटी और धुंधली हो जाती है कि धरती पर दिखाई नहीं देती।
  • जब पक्षी धरती के निकट उड़ता है तो पर्दे से उसकी दूरी कम होती है इसलिए छाया स्पष्ट और बड़ी बनती है जो धरती पर दिखाई देती है।