एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 संस्कृत अध्याय 11 पुष्पोत्सवः

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 संस्कृत अध्याय 11 पुष्पोत्सवः पाठ्यपुस्तक रुचिरा प्रथम भाग के अभ्यास में दिए गए सभी प्रश्न उत्तर, शब्द संयोजन, मिलान, रिक्त स्थानों को भरने से संबंधित प्रश्न छात्र यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। पाठ के सभी अनुच्छेद का हिंदी अनुवाद पंक्ति दर पंक्ति किया गया है। इस प्रकार केवल अनुवाद को पढ़कर ही विद्यार्थी प्रत्येक शब्द का अर्थ निकल सकते हैं और सहजता से अध्याय को समझकर अपनी परीक्षा के लिए इसे तैयार कर सकते हैं।

कक्षा 6 संस्कृत अध्याय 11 के लिए एनसीईआरटी समाधान

कक्षा 6 के लिए एनसीईआरटी समाधान

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कक्षा 6 संस्कृत अध्याय 11 पुष्पोत्सवः का हिंदी अनुवाद

संस्कृत में वाक्यहिंदी में अनुवाद
उत्सवप्रिय: भारतदेश:। भारत उत्सव प्रेमी देश है।
अत्र कुत्रचित्‌ शस्योत्सव: भवति, कुत्रचित्‌ पशूत्सव: भवति, कुत्रचित्‌ धार्मिकोत्सव: भवति कुत्रचित्‌ च यानोत्सव:।यहाँ कहीं पर फसलों का उत्सव होता है, कहीं पर पशुओं का उत्सव, कहीं पर धार्मिक उत्सव और कहीं पर गाड़ियों का उत्सव होता है।
एतेषु एव अस्ति अन्यतम: पुष्पोत्सव: इति।इनमें से एक है पुस्पोत्सव।
अयं ‘फूलवालों की सैर’ इति नाम्ना प्रसिद्ध: अस्ति।यह ‘फूलवालों की सैर’ के नाम से प्रसिद्ध है।
संस्कृत में वाक्यहिंदी में अनुवाद
देहल्या: मेहरौलीक्षेत्रे ऑक्टोबर्‌मासे अस्य आयोजनं भवति।देहली के मेहरौली क्षेत्र में अक्टूबर के महीने में इसका आयोजन होता है।
अस्मिन्‌ अवसरे तत्र बहुविधानि पुष्पाणि दृश्यन्ते।इस अवसर पर अनेक प्रकार के फूल दिखाई देते हैं।
परं प्रमुखम्‌ आकर्षणं तु अस्ति पुष्पनिर्मितानि व्यजनानि।किंतु मुख्य आकर्षण होता है फूलों से बने पंखे।
जना: एतानि पुष्पव्यजनानि योगमायामन्दिरे बख्तियारकाकी इत्यस्य समाधिस्थले च अर्पयन्ति।लोग इन फूलों के पंखों को योगमाया मंदिर में बख्तियार काकी की समाधि पर अर्पित करते हैं।
संस्कृत में वाक्यहिंदी में अनुवाद
केचन पाटलपुष्पै: निर्मितानि, केचन कर्णिकारपुष्पै:, अन्ये जपाकुसुमै:, अपरे मल्लिकापुष्पै:, इतरे च गेन्दापुष्पै: निर्मितानि व्यजनानि नयन्ति।कुछ गुलाब के फूलों से बने होते हैं, कुछ कनेर के फूलों से, कुछ गुड़हल के फूलों से, कुछ चमेली के फूलों से, और दूसरे गेंदा के फूलों से बने पंखे ले जाते हैं।
अयम्‌ उत्सव: दिवसत्रयं यावत्‌ प्रचलति।यह उत्सव तीन दिन तक चलता रहता है।
एतषु दिवसेषु पतंगानाम्‌ उड्‌डयनम्‌, विविधा: क्रीडा: मल्लयुद्धं चापि प्रचलति।इन दिनों पतंगों का उड़ाना, कई प्रकार के खेल व कुश्ती भी होती है।
विगतेभ्य: द्विशतवर्षेभ्य: पुष्पोत्सव: जनान्‌ आनन्दयति।गत दो सौ साल से पुष्पोत्सव लोगों को आनंदित कर रहा है।
संस्कृत में वाक्यहिंदी में अनुवाद
मध्ये इयं परम्परा स्थगिता आसीत्‌।बीच यह परंपरा स्थगित हो गई थी।
परं स्वतन्त्रताप्राप्ते: पश्चात्‌ इयं मनोहारिणी परम्परा पुन: समारब्धा।किंतु स्वतंत्रता प्राप्ति के कारण यह सुंदर प्रथा पुनः शुरू हो गई।
पुष्पोत्सव: अद्यापि सोल्लासं सोत्साहं च प्रचलति।पुष्णोत्सव आज भी बड़े उल्लासपूर्वक चलता है।
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एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 संस्कृत अध्याय 11 के प्रश्न उत्तर