एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 9.2

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 9.2 अनुक्रम तथा श्रेणी के अभ्यास के सवाल जवाब सीबीएसई और अन्य बोर्ड शैक्षणिक सत्र 2022-2023 के लिए यहाँ दिए गए हैं। कक्षा 11वीं के विद्यार्थी प्रश्नावली 9.2 के प्रश्नों के हल पीडीएफ और विडियो के माध्यम से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 9.2

श्रेणी किसे कहते हैं?

माना कि यदि a₁, a₂, a₃, ………., aₙ अनुक्रम है, तो व्यंजक a₁ + a₂ + a₃ +, ………., aₙ संबंधित अनुक्रम से बनी श्रेणी कहलाती हैं। श्रेणी परिमित अथवा अपरिमित होगी, यदि अनुक्रम क्रमशः परिमित अथवा अपरिमित है। श्रेणी को संधि रीति में प्रदर्शित करते हैं, जिसे सिग्मा संकेत कहते हैं। इसके लिए ग्रीक अक्षर संकेत Σ (सिग्मा) का उपयोग करते हैं, जिसका अर्थ होता हैं जोड़ना। इस प्रकार, श्रेणी
a₁ + a₂ + a₃ +, ………., aₙ का संक्षिप्त रूप, ⁿΣₖ aₖ, (k = 1 to n) है।

टिप्पणी:
श्रेणी का उपयोग, योग के लिए नहीं, बल्कि निरूपित योग के लिए किया जाता है।
उदाहरणतः 1 + 3 + 5 + 7 चार पदों वाली एक परिमित श्रेणी है। जब हम ‘श्रेणी का योग’ मुहावरे का उपयोग करते हैं, तब उसका तात्पर्य उस संख्या से है जो पदों के जोड़ने से परिणित होती है। अतः श्रेणी का योग 16 है।

समांतर श्रेणी

संख्याओं की एक ऐसी सूची है जिसमें प्रत्येक पद (पहले पद के अतिरिक्त) अपने पद में एक निश्चित संख्या जोड़ने पर प्राप्त होता है, को समांतर श्रेणी कहते हैं।
एक अनुक्रम a₁, a₂, a₃, ………., aₙ को समांतर अनुक्रम या समांतर श्रेणी कहते हैं, यदि
aₙ₊₁ = aₙ + d, n ∈ N
a₁ को प्रथम पद कहते हैं तथा अचर पद d को समांतर श्रेणी का सार्व अंतर कहते हैं।
इस प्रकार समान्तर श्रेणी a, a + d, a + 2d, ……., a + (n – 1) d है।

समांतर श्रेणी का व्यापक पद

समांतर श्रेणी का nवाँ पद (व्यापक पद) aₙ = a + (n – 1) d कहलाता है।
समांतर श्रेणी की सामान्य विशेषताएं
(i) यदि समांतर श्रेणी के प्रत्येक पद में एक अचर जोड़ा जाए, तो इस प्रकार प्राप्त अनुक्रम भी समांतर श्रेणी होता है।
(ii) यदि किसी समांतर श्रेणी के प्रत्येक पद में से एक अचर घटाया जाए तो, इस प्रकार प्राप्त अनुक्रम भी समांतर श्रेणी होता है।
(iii) यदि किसी समांतर श्रेणी के प्रत्येक पद में एक अचर से गुणा किया जाए तो, इस प्रकार प्राप्त अनुक्रम भी समांतर श्रेणी होता है।
(iv) यदि किसी समांतर श्रेणी के प्रत्येक पद को एक अशून्य अचर से भाग दिया जाए तो इस प्रकार प्राप्त अनुक्रम भी एक समांतर श्रेणी होगा।

समांतर श्रेणी के लिए संकेत

यहाँ इसके बाद, हम समांतर श्रेणी के लिए निम्नलिखित संकेतों का उपयोग करेंगे:
a = प्रथम पद, l = अंतिम पद, d = सार्व अंतर
n = पदों की संख्या, Sₙ = समांतर श्रेणी के n पदों का योगफल
समान्तर श्रेणी a, a + d, a + 2d, ……., a + (n – 1) d है। तो
l = a + (n – 1) d
Sₙ = n/2[2a + (n – 1) d]
हम इस प्रकार भी लिख सकते हैं:
Sₙ = n/2[2a + l) d]

कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 9.2 अनुक्रम तथा श्रेणी
एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 9.2
एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 9.2 हिंदी में
एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 9.2 सवाल जवाब
कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 9.2
एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 9.2 डाउनलोड
एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 9.2 हिंदी मीडियम