एनसीईआरटी समाधान कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 5 संख्याओं का खेल

संख्याओं का खेल (कक्षा 8): गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 5 के हल — विभाज्यता, अंकीय मूल और गूढ़कलन, हिंदी माध्यम में, सभी प्रश्नों के विस्तार से उत्तर सत्र 2026-27 के लिए यहाँ दिए गए हैं। कक्षा 8 गणित भाग 1 अध्याय 5 के एनसीईआरटी समाधान उन नियमों का कारण बताते हैं जिन्हें हम अक्सर केवल रट लेते हैं।

एनसीईआरटी कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 5 समाधान

कक्षा 8 गणित पाठ 5 का पहला खंड ‘क्या यह गुणज है?’ पूछता है कि चार क्रमागत संख्याओं के बीच + और − किसी भी तरह लगाएँ, उत्तर सम ही क्यों आता है, और कोई कथन ‘सदैव सत्य’, ‘कभी-कभी सत्य’ या ‘कभी सत्य नहीं’ कैसे परखें। दूसरा खंड 3, 9 और 11 से विभाज्यता की शीघ्र जाँच और आर्यभट द्वितीय के महासिद्धांत में वर्णित अंकीय मूल समझाता है। अंत में छुपे हुए अंकों की पहेलियाँ, यानी गूढ़कलन, और कंकड़ गिनने वाली मटके की कविता-पहेली है।
कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 के पेज 122 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 122 – आइए, पता लगाएँ

1. चार क्रमागत संख्याओं का योग 34 है। ये कौन-सी संख्याएँ हैं?

उत्तर:
मान लीजिए पहली संख्या x है। तब चार क्रमागत संख्याएँ x, x + 1, x + 2 और x + 3 होंगी।
x + (x + 1) + (x + 2) + (x + 3) = 34
4x + 6 = 34
4x = 28
x = 7
अतः चार संख्याएँ 7, 8, 9 और 10 हैं।
जाँच: 7 + 8 + 9 + 10 = 34।

2. मान लीजिए पाँच क्रमागत संख्याओं में p सबसे बड़ा है। अन्य चार संख्याओं को p के पदों में व्यक्त कीजिए।

उत्तर:
क्रमागत संख्याओं में 1 का अंतर होता है। p सबसे बड़ा है, इसलिए उससे पहले की चार संख्याएँ p − 1, p − 2, p − 3 और p − 4 हैं।
बढ़ते क्रम में ये संख्याएँ p − 4, p − 3, p − 2 और p − 1 होंगी।

3. नीचे दिए गए प्रत्येक कथन के लिए निर्धारित कीजिए कि ‘यह सदैव सत्य है’, ‘कभी-कभी सत्य है’, या ‘कभी सत्य नहीं है’। अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए। उपयुक्तता के आधार पर जो उदाहरण हैं तथा जो उदाहरण नहीं है उनका उल्लेख कीजिए। बीजगणित का उपयोग करके अपने तर्क की पुष्टि कीजिए।

(i) दो सम संख्याओं का योगफल 3 का एक गुणज है।
(ii) यदि कोई संख्या 18 से विभाज्य नहीं है तो यह 9 से भी विभाज्य नहीं होगी।
(iii) यदि दो संख्याएँ 6 से विभाज्य नहीं हैं तो उनका योगफल 6 से विभाज्य नहीं होगा।
(iv) 6 के एक गुणज और 9 के एक गुणज का योगफल 3 का एक गुणज होता है।
(v) 6 के एक गुणज और 3 के एक गुणज का योगफल 9 का एक गुणज होता है।
उत्तर:
(i) यह कथन कभी-कभी सत्य है।
2 + 4 = 6, जो 3 का गुणज है।
2 + 2 = 4, जो 3 का गुणज नहीं है।
दो सम संख्याएँ 2m और 2n मानने पर उनका योग 2(m + n) होगा। यह 3 का गुणज तभी होगा जब m + n, 3 का गुणज हो। इसलिए यह सदैव सत्य नहीं है।

(ii) यह कथन कभी-कभी सत्य है।
10 न तो 18 से विभाज्य है और न ही 9 से। यहाँ कथन सत्य है।
27, 18 से विभाज्य नहीं है, लेकिन 9 से विभाज्य है। यहाँ कथन असत्य है।
बीजगणित से, 18k + 1 को न तो 18 पूरा विभाजित करता है और न ही 9। लेकिन 18k + 9 = 9(2k + 1), 9 से विभाज्य है और 18 से विभाज्य नहीं है।

(iii) यह कथन कभी-कभी सत्य है।
1 और 2, दोनों 6 से विभाज्य नहीं हैं। इनका योग 3 भी 6 से विभाज्य नहीं है।
लेकिन 1 और 5, दोनों 6 से विभाज्य नहीं हैं, जबकि इनका योग 6 है।
दो संख्याएँ 6a + r और 6b + s मान लीजिए, जहाँ r और s में से प्रत्येक 1, 2, 3, 4 या 5 है।
उनका योग = 6(a + b) + (r + s)।
यदि r + s = 6 हो, तो योग 6 से विभाज्य होगा। अन्य स्थितियों में योग 6 से विभाज्य नहीं होगा।

(iv) यह कथन सदैव सत्य है।
6 का एक गुणज 6m और 9 का एक गुणज 9n होगा।
इनका योग = 6m + 9n
= 3(2m + 3n)।
इसमें 3 एक गुणनखंड है। अतः योग सदैव 3 का गुणज है।
उदाहरण: 12 + 27 = 39 = 3 × 13।

(v) यह कथन कभी-कभी सत्य है।
6 + 3 = 9, जो 9 का गुणज है।
6 + 6 = 12, जो 9 का गुणज नहीं है।
बीजगणित से, योग = 6m + 3n = 3(2m + n)।
यह 9 का गुणज तभी होगा जब 2m + n, 3 का गुणज हो।

4. ऐसी कुछ संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिन्हें 3 से विभाजित करने पर शेषफल 2 प्राप्त हो और 4 से विभाजित करने पर शेषफल 2 प्राप्त हो। ऐसी सभी संख्याओं को व्यक्त करने के लिए एक बीजगणितीय व्यंजक लिखिए।

उत्तर:
ऐसी संख्याएँ 2, 14, 26, 38, 50, … हैं।
इनमें से प्रत्येक संख्या में से 2 घटाने पर 3 और 4 का एक उभयनिष्ठ गुणज मिलता है।
3 और 4 का लघुत्तम समापवर्त्य 12 है।
अतः बीजगणितीय व्यंजक 12n + 2 है, जहाँ n = 0, 1, 2, 3, …।
जाँच: 12n + 2 = 3 × 4n + 2 = 4 × 3n + 2। दोनों स्थितियों में शेषफल 2 है।

5. “मुझमें हैं कुछ कंकड़, बहुत अधिक तो नहीं,

मैं बाँटता जब उन्हें 3 के समूहों में तो एक बच ही जाता यहीं
यदि मैं चाहूँ उन्हें युग्मों में बाँटना, मुझसे तो हो पाता नहीं,
क्योंकि एक जिद्दी अकेला कंकड़, रह ही जाता कहीं।
5 के समूहों में बाँटने पर, फिर भी एक बचा है यहीं कहीं,
किंतु 7 के समूहों में बाँटने पर, पूर्णता मिलती है सही।
100 से अधिक रखना, नहीं है मेरे लिए आसान,
कहलाओगे तुम चतुर, यदि कंकड़ों की संख्या गए जान।”

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 5 पेज 122 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 5 का चित्र

उत्तर:
कंकड़ों की संख्या में से 1 घटाने पर वह 2, 3 और 5 से पूरी तरह विभाजित होगी।
2, 3 और 5 का लघुत्तम समापवर्त्य = 30।
इसलिए कंकड़ों की संख्या 30n + 1 के रूप में होगी।
100 तक ऐसी संख्याएँ 1, 31, 61 और 91 हैं। इनमें केवल 91, 7 से पूरी तरह विभाजित होती है।
जाँच:
91 = 3 × 30 + 1
91 = 2 × 45 + 1
91 = 5 × 18 + 1
91 = 7 × 13
अतः कंकड़ों की संख्या 91 है।




6. तथागत ने ऐसी अनेक संख्याएँ लिखी हैं जिन्हें 6 से विभाजित करने पर शेषफल 2 प्राप्त होता है। वह पुष्टि करता है “यदि आप ऐसी किन्हीं तीन संख्याओं का योग करें तो योगफल सदैव 6 का एक गुणज होगा।” क्या तथागत की पुष्टि सही है?

उत्तर:
हाँ, तथागत की पुष्टि सही है।
ऐसी तीन संख्याएँ 6a + 2, 6b + 2 और 6c + 2 मान लीजिए।
इनका योग = (6a + 2) + (6b + 2) + (6c + 2)
= 6a + 6b + 6c + 6
= 6(a + b + c + 1)।
अतः योग सदैव 6 का गुणज होगा।
उदाहरण: 8 + 14 + 20 = 42 = 6 × 7।

7. 7 से विभाजित करने पर संख्या 661 में शेषफल 3 प्राप्त होता है और संख्या 4779 में शेषफल 5 प्राप्त होता है। गणना किए बिना क्या आप बता सकते हैं कि 7 से विभाजित करने पर नीचे दिए गए व्यंजकों में शेषफल कितना होगा? हल को बीजगणितीय एवं दृश्यांकन रूप में दर्शाइए।

(i) 4779 + 661
(ii) 4779 − 661
उत्तर:
मान लीजिए 4779 = 7m + 5 और 661 = 7n + 3।

(i) 4779 + 661 = (7m + 5) + (7n + 3)
= 7(m + n) + 8
= 7(m + n + 1) + 1।
अतः शेषफल 1 होगा।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 5 पेज 122 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 7 के उत्तर का चित्र

दृश्यांकन में 5 नीले और 3 नारंगी बिंदु दोनों शेषफलों को दिखाते हैं। इन्हें मिलाने पर 7 बिंदुओं का एक पूरा समूह बनता है और 1 बिंदु बचता है। पहले से बने 7 के पूरे समूहों से शेषफल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

(ii) 4779 − 661 = (7m + 5) − (7n + 3)
= 7(m − n) + 2।
अतः शेषफल 2 होगा।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 5 पेज 122 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 7(2) के उत्तर का चित्र

दृश्यांकन में 5 बिंदुओं में से 3 बिंदुओं को काटकर हटाया गया है। अब 2 बिंदु बचे हैं। 7 के पूरे समूहों का अंतर भी 7 का एक गुणज होता है।

8. वह संख्या ज्ञात कीजिए जिसे 3 से विभाजित करने पर शेषफल 2 प्राप्त होता है एवं 4 से विभाजित करने पर शेषफल 3 प्राप्त होता है एवं 5 से विभाजित करने पर शेषफल 4 प्राप्त होता है। ऐसी सबसे छोटी संख्या कौन-सी है? क्या आप यह बता सकते हैं कि यह संख्या सबसे छोटी क्यों है?

उत्तर:
हर बार शेषफल भाजक से 1 कम है। इसलिए संख्या में 1 जोड़ने पर प्राप्त संख्या 3, 4 और 5 से पूरी तरह विभाजित होगी।
3, 4 और 5 का लघुत्तम समापवर्त्य = 60।
अतः सबसे छोटी संख्या = 60 − 1 = 59।
जाँच:
59 = 3 × 19 + 2
59 = 4 × 14 + 3
59 = 5 × 11 + 4
यह सबसे छोटी संख्या है, क्योंकि 60, 3, 4 और 5 का सबसे छोटा धनात्मक उभयनिष्ठ गुणज है।
ऐसी अन्य संख्याएँ 119, 179, 239, … हैं।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 के पेज 126 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 126 – आइए, पता लगाएँ

1. विभाजित किए बिना ज्ञात कीजिए कि क्या दी गई संख्याएँ 9 से विभाज्य हैं।

(i) 123 (ii) 405 (iii) 8888 (iv) 93547 (v) 358095
उत्तर:
कोई संख्या 9 से विभाज्य होती है, यदि उसके अंकों का योग 9 से विभाज्य हो।
(i) 123 के अंकों का योग = 1 + 2 + 3 = 6
6, 9 से विभाज्य नहीं है। अतः 123, 9 से विभाज्य नहीं है।

(ii) 405 के अंकों का योग = 4 + 0 + 5 = 9
9, 9 से विभाज्य है। अतः 405, 9 से विभाज्य है।

(iii) 8888 के अंकों का योग = 8 + 8 + 8 + 8 = 32
32, 9 से विभाज्य नहीं है। अतः 8888, 9 से विभाज्य नहीं है।

(iv) 93547 के अंकों का योग = 9 + 3 + 5 + 4 + 7 = 28
28, 9 से विभाज्य नहीं है। अतः 93547, 9 से विभाज्य नहीं है।

(v) 358095 के अंकों का योग = 3 + 5 + 8 + 0 + 9 + 5 = 30
30, 9 से विभाज्य नहीं है। अतः 358095, 9 से विभाज्य नहीं है।
इसलिए दी गई संख्याओं में केवल 405, 9 से विभाज्य है।

2. 9 का सबसे छोटा गुणज ज्ञात कीजिए जिसमें कोई विषम अंक न हो।

उत्तर:
हमें ऐसी संख्या चाहिए जिसके सभी अंक 0, 2, 4, 6 या 8 हों और अंकों का योग 9 का गुणज हो।
किसी धनात्मक एक अंक की संख्या से यह संभव नहीं है। दो सम अंकों का योग सम होगा और अधिकतम 8 + 8 = 16 होगा। इसलिए उनका योग न तो 9 होगा और न ही 18 होगा। अतः ऐसी धनात्मक संख्या कम से कम तीन अंकों की होगी।

सबसे छोटी संख्या के लिए सैकड़े का अंक 2 लेंगे। अब अंकों का योग 18 बनाने के लिए बाकी दो अंकों का योग 16 होना चाहिए। यह केवल 8 + 8 से संभव है।
इसलिए संख्या = 288
जाँच: 2 + 8 + 8 = 18 तथा 288 = 9 × 32
अतः सबसे छोटा धनात्मक गुणज 288 है।
यदि 0 को भी गिनें, तो 0 भी 9 का गुणज है और उसमें कोई विषम अंक नहीं है। धनात्मक गुणजों में उत्तर 288 है।




3. 9 का वह गुणज ज्ञात कीजिए जो संख्या 6000 के सबसे समीप हो।

उत्तर:
9 × 666 = 5994
9 × 667 = 6003

6000 से इनकी दूरियाँ हैं:
6000 − 5994 = 6
6003 − 6000 = 3
3 < 6, इसलिए 6000 के सबसे समीप 9 का गुणज 6003 है।

4. 4300 व 4400 संख्याओं के बीच 9 के कितने गुणज हैं?

उत्तर:
9 × 477 = 4293 और 9 × 478 = 4302
इसलिए 4300 के बाद 9 का पहला गुणज 4302 है।

9 × 488 = 4392 और 9 × 489 = 4401
इसलिए 4400 से पहले 9 का अंतिम गुणज 4392 है।

ये गुणज 9 × 478 से 9 × 488 तक हैं।
गुणजों की संख्या = 488 − 478 + 1 = 11
अतः 4300 और 4400 के बीच 9 के 11 गुणज हैं।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 के पेज 131 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 131 – आइए, पता लगाएँ

1. 8 अंकों की एक संख्या का अंकीय मूल 5 है। उस संख्या से 10 अधिक संख्या का अंकीय मूल क्या होगा?

उत्तर:
किसी संख्या का अंकीय मूल 5 होने पर उसे 9 से विभाजित करने पर शेषफल 5 मिलता है।
माना वह संख्या 9k + 5 है।
उससे 10 अधिक संख्या = 9k + 5 + 10
= 9k + 15
= 9(k + 1) + 6
नई संख्या को 9 से विभाजित करने पर शेषफल 6 मिलेगा। अतः उसका अंकीय मूल 6 होगा।

2. कोई भी संख्या लिखिए। 11 को बार-बार जोड़कर संख्याओं का अनुक्रम बनाइए। संख्याओं के इस अनुक्रम का अंकीय मूल क्या होगा? अपने अवलोकन को साझा कीजिए।

उत्तर:
मैंने संख्या 13 ली। इसमें बार-बार 11 जोड़ने पर अनुक्रम मिलता है—
13, 24, 35, 46, 57, 68, 79, 90, 101, 112, …

इनके अंकीय मूल क्रमशः हैं:
4, 6, 8, 1, 3, 5, 7, 9, 2, 4, …

जैसे, 46 का अंकीय मूल: 4 + 6 = 10, फिर 1 + 0 = 1
79 का अंकीय मूल: 7 + 9 = 16, फिर 1 + 6 = 7

11 = 9 + 2 है। इसलिए हर बार 11 जोड़ने पर अंकीय मूल में 2 जोड़ते हैं। यदि परिणाम 9 से अधिक हो, तो उसमें से 9 घटा देते हैं।

मैंने देखा कि नौ पदों के बाद अंकीय मूलों का वही क्रम दोहराने लगता है। अलग धनात्मक संख्या से शुरू करने पर शुरुआत बदल सकती है, पर यह नियम वही रहता है।

3. संख्या 9a + 36b + 13 का अंकीय मूल क्या होगा?

उत्तर:
9a + 36b + 13
= 9a + 9 × 4b + 9 + 4
= 9(a + 4b + 1) + 4

9(a + 4b + 1), 9 का गुणज है। इसलिए इस संख्या को 9 से विभाजित करने पर शेषफल 4 मिलेगा।
अतः इसका अंकीय मूल 4 होगा।




4. जाँच द्वारा अनुमान लगाइए यदि निम्नलिखित के मध्य कोई प्रतिरूप बन रहा हो अथवा संबंध हो।

(i) एक संख्या और उसके अंकीय मूल की अनुरूपता या समता
(ii) किसी संख्या का अंकीय मूल तथा शेषफल जो संख्या को 3 अथवा 9 से विभाजित करने पर प्राप्त होता है।
उत्तर:
(i) कुछ संख्याएँ लेकर जाँच करते हैं—
12 सम है और उसका अंकीय मूल 1 + 2 = 3 विषम है।
18 सम है और उसका अंकीय मूल 1 + 8 = 9 विषम है।
24 सम है और उसका अंकीय मूल 2 + 4 = 6 सम है।
13 विषम है और उसका अंकीय मूल 1 + 3 = 4 सम है।
27 विषम है और उसका अंकीय मूल 2 + 7 = 9 विषम है।
इसलिए किसी संख्या और उसके अंकीय मूल की समता कभी समान होती है और कभी अलग होती है। केवल संख्या के सम या विषम होने से उसके अंकीय मूल की समता तय नहीं कर सकते।

(ii) किसी संख्या और उसके अंकों के योग का अंतर 9 का गुणज होता है। अंकों को बार-बार जोड़ने पर भी यही बात बनी रहती है। इसलिए संख्या और उसके अंकीय मूल को 9 या 3 से विभाजित करने पर समान शेषफल मिलते हैं।
9 से विभाजित करने पर:
यदि धनात्मक संख्या का अंकीय मूल 1 से 8 तक हो, तो शेषफल वही अंकीय मूल होता है।
यदि अंकीय मूल 9 हो, तो शेषफल 0 होता है।
उदाहरण: 25 का अंकीय मूल 7 है और 25 = 9 × 2 + 7।
36 का अंकीय मूल 9 है और 36 = 9 × 4, इसलिए शेषफल 0 है।

3 से विभाजित करने पर:
अंकीय मूल 3, 6 या 9 हो, तो शेषफल 0 होता है।
अंकीय मूल 1, 4 या 7 हो, तो शेषफल 1 होता है।
अंकीय मूल 2, 5 या 8 हो, तो शेषफल 2 होता है।
उदाहरण: 25 का अंकीय मूल 7 है। 25 = 3 × 8 + 1 और 7 = 3 × 2 + 1, इसलिए दोनों का शेषफल 1 है।

संख्या 0 का अंकीय मूल 0 है और उसे 3 या 9 से विभाजित करने पर शेषफल भी 0 होता है।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 के पेज 132 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 132 – आइए, पता लगाएँ

1. यदि 31z5, 9 का गुणज है जहाँ z एक अंक है तब z का मान क्या होगा? व्याख्या कीजिए कि यहाँ इस प्रश्न के दो उत्तर क्यों हैं?

उत्तर:
9 से विभाज्य संख्या के अंकों का योग भी 9 से विभाज्य होता है।
31z5 के अंकों का योग = 3 + 1 + z + 5 = 9 + z

z एक अंक है, इसलिए 0 से 9 तक हो सकता है। अतः 9 + z का मान 9 से 18 के बीच होगा। इस बीच 9 के गुणज 9 और 18 हैं।
9 + z = 9 होने पर z = 0
9 + z = 18 होने पर z = 9

अतः z के दो मान 0 और 9 हैं। इनसे संख्याएँ 3105 और 3195 मिलती हैं। दोनों के अंकों का योग 9 से विभाज्य है, इसलिए इस प्रश्न के दो उत्तर हैं।

2. स्नेहल पुष्टि करता है— “मैं एक संख्या लेता हूँ जिसे 12 से विभाजित करने पर शेषफल 8 प्राप्त होता है। मैं एक और संख्या लेता हूँ जो 12 के गुणज से 4 कम है। इनका योगफल सदैव 8 का गुणज होगा।” उसकी पुष्टि की जाँच कीजिए और अपने निष्कर्ष का सत्यापन कीजिए।

उत्तर:
स्नेहल की पुष्टि सही नहीं है।
मैं पहली संख्या 20 और दूसरी संख्या 8 लेता हूँ।
20 = 12 × 1 + 8
8 = 12 × 1 − 4
इनका योग = 20 + 8 = 28
28, 8 का गुणज नहीं है। इसलिए योगफल सदैव 8 का गुणज नहीं होता।

मान लीजिए दोनों संख्याएँ 12m + 8 और 12n − 4 हैं।
इनका योग = (12m + 8) + (12n − 4)
= 12(m + n) + 4
= 4[3(m + n) + 1]

जब m + n विषम होगा, तब 3(m + n) + 1 सम होगा और योग 8 का गुणज होगा। जब m + n सम होगा, तब योग 8 का गुणज नहीं होगा।
जैसे, 8 + 8 = 16, जो 8 का गुणज है। अतः यह कथन केवल कभी-कभी सत्य है।

3. 3 के दो गुणजों का योग कब 6 का गुणज होता है और कब नहीं? विभिन्न संभावित स्थितियों को व्याख्या कीजिए और प्रतिरूप का सामान्यीकरण कीजिए।

उत्तर:
3 के दो गुणजों का योग हमेशा 3 से विभाज्य होता है। यह योग 6 से तभी विभाज्य होगा जब वह सम भी हो।
(i) दोनों गुणज सम हों:
जैसे, 6 + 12 = 18, जो 6 का गुणज है।
सामान्य रूप में, 6a + 6b = 6(a + b)

(ii) दोनों गुणज विषम हों—
जैसे, 3 + 9 = 12, जो 6 का गुणज है।
सामान्य रूप में, (6a + 3) + (6b + 3) = 6(a + b + 1)

(iii) एक गुणज सम और दूसरा विषम हो—
जैसे, 6 + 9 = 15, जो 6 का गुणज नहीं है।
सामान्य रूप में, 6a + (6b + 3) = 6(a + b) + 3
इसमें 6 से भाग देने पर शेषफल 3 मिलता है।

अतः दोनों गुणजों की समता समान होने पर उनका योग 6 का गुणज होगा। एक सम और एक विषम होने पर उनका योग 6 का गुणज नहीं होगा।

4. श्रीलथा कहती हैं, “मेरे पास एक संख्या है जो 9 से विभाज्य है। यदि मैं इस संख्या के अंकों को उल्टे क्रम में लिखूँ तब भी वह 9 से विभाज्य है।”

(i) जाँच कीजिए कि क्या उसका अनुमान 9 के कोई किसी भी गुणज के लिए सत्य है।
(ii) क्या कोई अन्य अंक में परिवर्तन संभव है जिससे कि प्राप्त संख्या अभी भी 9 का गुणज है?
उत्तर:
(i) हाँ, श्रीलथा का अनुमान 9 के प्रत्येक गुणज के लिए सत्य है।
अंकों को उल्टे क्रम में लिखने पर अंकों का योग नहीं बदलता। इसलिए नई संख्या भी 9 से विभाज्य होगी।
जैसे, 729 के अंकों का योग = 7 + 2 + 9 = 18
इसे उलटने पर 927 मिलता है, जिसके अंकों का योग भी 18 है। अतः दोनों संख्याएँ 9 से विभाज्य हैं।

(ii) हाँ, अंकों को किसी भी क्रम में लगाने पर अंकों का योग समान रहता है। इसलिए नई संख्या भी 9 का गुणज होगी।
जैसे, 729 के अंकों से 792, 279, 297, 927 और 972 बनाए जा सकते हैं। ये सभी 9 के गुणज हैं।
इसके अलावा किसी संख्या के अंक 0 को 9 से या 9 को 0 से बदलने पर अंकों के योग में 9 का अंतर आता है। इसलिए ऐसा करने पर भी 9 से विभाज्यता बनी रहती है। जैसे, 108 और 198 दोनों 9 के गुणज हैं।




5. यदि 48a23b, 18 का एक गुणज है तो a और b के सभी संभव मानों के युग्मों की सूची बनाइए।

उत्तर:
18 = 2 × 9 है। इसलिए संख्या 2 और 9 दोनों से विभाज्य होनी चाहिए।
2 से विभाज्य होने के लिए इकाई अंक b का मान 0, 2, 4, 6 या 8 होगा।

अंकों का योग = 4 + 8 + a + 2 + 3 + b = 17 + a + b
a और b अंक हैं। इसलिए यह योग 17 से 35 के बीच होगा। इस बीच 9 के गुणज 18 और 27 हैं।
अतः a + b = 1 या a + b = 10 होगा।

b = 0 होने पर a = 1
b = 2 होने पर a = 8
b = 4 होने पर a = 6
b = 6 होने पर a = 4
b = 8 होने पर a = 2

अतः सभी संभव युग्म (a, b) हैं:
(1, 0), (8, 2), (6, 4), (4, 6), (2, 8)।
इनसे क्रमशः 481230, 488232, 486234, 484236 और 482238 मिलती हैं। इनके इकाई अंक सम हैं और अंकों के योग 18 या 27 हैं। इसलिए ये सभी 18 के गुणज हैं।

6. यदि 3p7q8, 44 से विभाज्य है p और q के सभी संभव मानों के युग्मों की सूची बनाइए।

उत्तर:
44 = 4 × 11 है। इसलिए संख्या 4 और 11 दोनों से विभाज्य होनी चाहिए।

4 से विभाज्य होने के लिए अंतिम दो अंकों से बनी संख्या q8, 4 से विभाज्य होनी चाहिए।
संभव संख्याएँ 08, 28, 48, 68 और 88 हैं।
अतः q = 0, 2, 4, 6 या 8 होगा।

11 से विभाज्यता के लिए एकांतर स्थानों के अंकों के योग का अंतर 0 या 11 का गुणज होना चाहिए।
यह अंतर = (3 + 7 + 8) − (p + q)
= 18 − (p + q)

p अधिकतम 9 और q अधिकतम 8 है। इसलिए यह अंतर 1 से 18 के बीच है। इस बीच 11 का केवल एक गुणज 11 है।
अतः 18 − (p + q) = 11
इससे p + q = 7

q = 0 होने पर p = 7
q = 2 होने पर p = 5
q = 4 होने पर p = 3
q = 6 होने पर p = 1
q = 8 होने पर p = −1 मिलता है, जो अंक नहीं है।

अतः सभी संभव युग्म (p, q) हैं:
(7, 0), (5, 2), (3, 4), (1, 6)।
इनसे संख्याएँ 37708, 35728, 33748 और 31768 मिलती हैं।

7. तीन क्रमागत संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिनमें पहली संख्या 2 का गुणज है दूसरी संख्या 3 का गुणज है और तीसरी संख्या 4 का गुणज है।

उत्तर:
मैं 2, 3 और 4 लेता हूँ।
2 = 2 × 1
3 = 3 × 1
4 = 4 × 1

ये तीनों क्रमागत संख्याएँ हैं और सभी शर्तें पूरी करती हैं। अतः एक उत्तर 2, 3 और 4 है।
इन तीनों में 12 जोड़ने पर 14, 15 और 16 मिलती हैं। ये भी सभी शर्तें पूरी करती हैं।
इसी प्रकार 12n + 2, 12n + 3 और 12n + 4 भी ऐसे ही तीन क्रमागत पूर्णांक हैं।

8. 45,000 और 47,000 के बीच 36 के पाँच गुणज लिखिए। अपनी विधि को अपनी कक्षा में साझा कीजिए।

उत्तर:
45,000 = 36 × 1250
इसलिए 45,000 में बार-बार 36 जोड़कर आगे के गुणज मिलेंगे।

45,000 + 36 = 45,036
45,036 + 36 = 45,072
45,072 + 36 = 45,108
45,108 + 36 = 45,144
45,144 + 36 = 45,180

अतः पाँच गुणज 45,036, 45,072, 45,108, 45,144 और 45,180 हैं। ये सभी 45,000 और 47,000 के बीच हैं।
मैंने अपनी कक्षा में बताया कि किसी गुणज में उसी संख्या को जोड़ने पर अगला गुणज मिल जाता है।

9. पाँच क्रमागत सम संख्याओं के अनुक्रम में मध्य की संख्या 5p है। अनुक्रम में अन्य चार संख्याओं को p के पदों में व्यक्त कीजिए।

उत्तर:
क्रमागत सम संख्याओं में 2 का अंतर होता है।
मध्य की संख्या 5p है। इसलिए उससे पहले की दो संख्याएँ 5p − 4 और 5p − 2 होंगी तथा बाद की दो संख्याएँ 5p + 2 और 5p + 4 होंगी।

पूरा अनुक्रम है:
5p − 4, 5p − 2, 5p, 5p + 2, 5p + 4।
अतः अन्य चार संख्याएँ 5p − 4, 5p − 2, 5p + 2 और 5p + 4 हैं।

10. एक 6 अंकों की संख्या लिखिए जो 15 से विभाज्य है तथा अंकों को उल्टे क्रम में लिखने पर प्राप्त संख्या 6 से विभाज्य है।

उत्तर:
मैं 234525 लेता हूँ। यह 6 अंकों की संख्या है।
इसके अंकों का योग = 2 + 3 + 4 + 5 + 2 + 5 = 21
21, 3 से विभाज्य है और संख्या का अंतिम अंक 5 है। इसलिए यह 3 और 5 दोनों से, अर्थात् 15 से विभाज्य है।

अंकों को उल्टे क्रम में लिखने पर 525432 मिलता है।
इसके अंकों का योग भी 21 है और अंतिम अंक 2 है। इसलिए यह 3 और 2 दोनों से, अर्थात् 6 से विभाज्य है।

जाँच:
234525 = 15 × 15635
525432 = 6 × 87572
अतः 234525 एक उपयुक्त संख्या है।




11. दीपक पुष्टि करता है कि “11 के कुछ गुणज ऐसे हैं जिन्हें दोगुना करने पर भी वह 11 के गुणज रहते हैं परंतु 11 के अन्य गुणज दोगुना करने पर भी 11 के गुणज नहीं रहते हैं।” यदि उसका अनुमान सही है तो जाँच कीजिए तथा अपने निष्कर्ष की व्याख्या कीजिए।

उत्तर:
दीपक का अनुमान सही नहीं है। 11 के प्रत्येक गुणज को दोगुना करने पर भी 11 का गुणज ही मिलता है।
मान लीजिए 11 का कोई गुणज 11n है।
इसका दोगुना = 2 × 11n = 11 × 2n
यह भी 11 का गुणज है।

जैसे, 22 का दोगुना 44 = 11 × 4 और 55 का दोगुना 110 = 11 × 10 है।
अतः 11 का ऐसा कोई गुणज नहीं है जिसे दोगुना करने पर वह 11 का गुणज न रहे।

12. निर्धारित कीजिए कि नीचे दिए गए कथन ‘सदैव सत्य’, ‘कभी-कभी सत्य’ अथवा ‘कभी सत्य नहीं’। अपने तर्क को स्पष्ट कीजिए।

(i) 6 के गुणज और 3 के गुणज का गुणनफल 9 का गुणज होता है।
(ii) तीन क्रमागत सम संख्याओं का योग 6 से विभाज्य होगा।
(iii) यदि abcdef, 6 का एक गुणज है तो badcef भी 6 का एक गुणज होगा।
(iv) 8 (7b − 3) − 4 (11b + 1), 12 का एक गुणज है।
उत्तर:
(i) सदैव सत्य।
मान लीजिए दोनों गुणज 6m और 3n हैं।
इनका गुणनफल = 6m × 3n = 18mn = 9 × 2mn
अतः गुणनफल हमेशा 9 का गुणज होगा।

(ii) सदैव सत्य।
तीन क्रमागत सम संख्याएँ 2n, 2n + 2 और 2n + 4 मान लेते हैं।
इनका योग = 2n + (2n + 2) + (2n + 4)
= 6n + 6 = 6(n + 1)
अतः योग हमेशा 6 से विभाज्य होगा।

(iii) सदैव सत्य।
abcdef, 6 का गुणज है। इसलिए यह 2 और 3 दोनों से विभाज्य है। इसका इकाई अंक f सम है और अंकों का योग 3 से विभाज्य है।
badcef में इकाई अंक f ही है और अंकों का योग भी नहीं बदला है। इसलिए यह भी 2 और 3 दोनों से विभाज्य है। अतः badcef भी 6 का गुणज होगा।

(iv) कभी सत्य नहीं, जब b पूर्णांक है।
सरल करने पर,
8(7b − 3) − 4(11b + 1)
= 56b − 24 − 44b − 4
= 12b − 28
= 12(b − 3) + 8
इसमें 12 से भाग देने पर हमेशा शेषफल 8 आता है। अतः यह 12 का गुणज नहीं हो सकता।

13. किन्हीं 3 संख्याओं का चयन कीजिए। इनका योग कब 3 से विभाज्य होगा? सभी संभावित स्थितियों का अन्वेषण कीजिए और व्यापकीकरण कीजिए।

उत्तर:
किसी पूर्णांक को 3 से भाग देने पर शेषफल 0, 1 या 2 हो सकता है। तीन संख्याओं का योग 3 से तभी विभाज्य होगा जब उनके शेषफलों का योग 3 से विभाज्य हो।
ऐसी चार स्थितियाँ हैं:
(i) तीनों शेषफल 0 हों।
शेषफलों का योग = 0 + 0 + 0 = 0
जैसे, 3 + 6 + 9 = 18, जो 3 से विभाज्य है।

(ii) तीनों शेषफल 1 हों।
शेषफलों का योग = 1 + 1 + 1 = 3
जैसे, 4 + 7 + 10 = 21, जो 3 से विभाज्य है।

(iii) तीनों शेषफल 2 हों।
शेषफलों का योग = 2 + 2 + 2 = 6
जैसे, 2 + 5 + 8 = 15, जो 3 से विभाज्य है।

(iv) शेषफल किसी भी क्रम में 0, 1 और 2 हों।
शेषफलों का योग = 0 + 1 + 2 = 3
जैसे, 3 + 4 + 5 = 12, जो 3 से विभाज्य है।

तीनों शेषफलों का योग 0 से 6 के बीच होगा। इसमें 3 के गुणज केवल 0, 3 और 6 हैं। ये केवल ऊपर बताई गई स्थितियों में मिलते हैं। अन्य सभी स्थितियों में योग 3 से विभाज्य नहीं होगा।

सामान्य रूप में संख्याएँ 3a + r, 3b + s और 3c + t मान लेते हैं, जहाँ r, s और t शेषफल हैं।
इनका योग = 3(a + b + c) + (r + s + t)
पहला पद 3 का गुणज है। इसलिए पूरा योग तभी 3 का गुणज होगा जब r + s + t भी 3 का गुणज हो।

14. क्या दो क्रमागत पूर्णांकों का गुणनफल सदैव 2 का गुणज होता है? क्यों? तीन क्रमागत पूर्णांकों के गुणनफल के विषय में आपका क्या विचार है? क्या यह सदैव 6 का गुणज है? क्यों अथवा क्यों नहीं? आप चार क्रमागत पूर्णांकों के गुणनफल के विषय में क्या कह सकते हैं? पाँच क्रमागत पूर्णांकों के गुणनफल के विषय में आपका क्या विचार है?

उत्तर:
दो क्रमागत पूर्णांकों में एक संख्या सम होती है। इसलिए उनका गुणनफल सदैव 2 का गुणज होता है।
उदाहरण: 5 × 6 = 30 = 2 × 15।

तीन क्रमागत पूर्णांकों में कम-से-कम एक संख्या 2 का गुणज और एक संख्या 3 का गुणज होती है। इसलिए उनका गुणनफल 2 × 3 = 6 का गुणज होता है।
उदाहरण: 4 × 5 × 6 = 120 = 6 × 20।

चार क्रमागत पूर्णांकों में दो सम संख्याएँ होती हैं। इनमें एक 4 का गुणज और दूसरी 2 का गुणज होती है। इसलिए इनके गुणनफल में 4 × 2 = 8 का गुणनखंड होता है। इन चार संख्याओं में कम-से-कम एक संख्या 3 का गुणज भी होती है। इसलिए उनका गुणनफल सदैव 8 × 3 = 24 का गुणज होता है।
उदाहरण: 3 × 4 × 5 × 6 = 360 = 24 × 15।

पाँच क्रमागत पूर्णांकों में किसी चार क्रमागत पूर्णांकों का गुणनफल 24 का गुणज होता है। साथ ही, इन पाँच संख्याओं में एक संख्या 5 का गुणज होती है। चूँकि 24 और 5 का कोई साझा गुणनखंड 1 के अतिरिक्त नहीं है, इसलिए पाँचों का गुणनफल सदैव 24 × 5 = 120 का गुणज होता है।
उदाहरण: 2 × 3 × 4 × 5 × 6 = 720 = 120 × 6।
यदि चुनी हुई संख्याओं में 0 हो, तो गुणनफल 0 होगा। वह भी 2, 6, 24 और 120 का गुणज है।

15. गूढ़ समीकरण को हल कीजिए।

(i) EF × E = GGG
(ii) WOW × 5 = MEOW
उत्तर:
प्रत्येक अक्षर का एक निश्चित अंक है और अलग-अलग अक्षरों के अंक अलग हैं। किसी संख्या का पहला अंक 0 नहीं हो सकता।
(i) EF × E = GGG
EF दो अंकों की संख्या है, जिसमें दहाई का अंक E और इकाई का अंक F है। GGG का मान 111 × G है।

यदि E = 1 या 2 हो, तो गुणनफल तीन अंकों का नहीं होगा।
यदि E = 3 हो, तो EF का मान 30 से 39 के बीच होगा। इसलिए गुणनफल 90 से 117 के बीच होगा। इस बीच तीनों समान अंकों वाली संख्या केवल 111 है।

111 ÷ 3 = 37
37 × 3 = 111
यहाँ E = 3, F = 7 और G = 1 हैं। तीनों अंक अलग-अलग हैं।

अन्य मानों की जाँच:
E = 4 पर गुणनफल 160 से 196 के बीच, E = 5 पर 250 से 295 के बीच, E = 6 पर 360 से 414 के बीच तथा E = 7 पर 490 से 553 के बीच होगा। इन सीमाओं में तीनों समान अंकों वाली कोई संख्या नहीं है।
E = 8 पर ऐसी संख्या केवल 666 हो सकती है, लेकिन 666, 8 से विभाज्य नहीं है।
E = 9 पर ऐसी संख्या केवल 888 हो सकती है, लेकिन 888, 9 से विभाज्य नहीं है।
अतः एकमात्र हल 37 × 3 = 111 है।

(ii) WOW × 5 = MEOW
इकाई के स्थान पर 5 × W का इकाई अंक W है। 5 के गुणज का इकाई अंक 0 या 5 होता है। W पहला अंक भी है, इसलिए W ≠ 0। अतः W = 5।

इकाई के स्थान पर:
5 × 5 = 25
इसलिए 5 लिखेंगे और 2 हासिल होगा।

दहाई के स्थान पर 5 × O + 2 का इकाई अंक O होना चाहिए। इसलिए 4 × O + 2, 10 का गुणज होगा। O के 0 से 9 तक के मानों में यह केवल O = 2 या O = 7 के लिए संभव है।

यदि O = 2 हो, तो:
525 × 5 = 2625
इसमें M = 2 और O = 2 होंगे। दो अलग अक्षरों का अंक समान नहीं हो सकता, इसलिए यह हल नहीं है।
यदि O = 7 हो, तो:
575 × 5 = 2875
इसमें W = 5, O = 7, M = 2 और E = 8 हैं। सभी अंक अलग-अलग हैं।
अतः एकमात्र हल 575 × 5 = 2875 है।

16. नीचे दिए गए कौन-से वेन आरेख 4, 8 और 32 के गुणजों के बीच संबंधों को दर्शाते हैं?

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 5 पेज 132 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 16 के उत्तर का चित्र

उत्तर:
आरेख (iv) सही है।

32 = 8 × 4, इसलिए 32 का प्रत्येक गुणज 8 का भी गुणज है।
8 = 4 × 2, इसलिए 8 का प्रत्येक गुणज 4 का भी गुणज है।

इसलिए 32 के गुणजों वाला वृत्त, 8 के गुणजों वाले वृत्त के भीतर होना चाहिए। ये दोनों वृत्त 4 के गुणजों वाले वृत्त के भीतर होने चाहिए। यही संबंध आरेख (iv) में दिखाया गया है।

उदाहरण के लिए, 32 तीनों का गुणज है। 8, 4 का गुणज है, लेकिन 32 का नहीं। इसी प्रकार 4, न तो 8 का गुणज है और न ही 32 का।




विभाज्यता के नियम रटें नहीं, स्थानीय मान से समझें

9 का नियम इसलिए काम करता है कि 10, 100, 1000 जैसा हर स्थानीय मान 9 के किसी गुणज से ठीक 1 अधिक है; इसीलिए 427 को 9 से भाग देने पर शेषफल अंकों के योग 13 का अंकीय मूल, यानी 4, आता है। 11 के लिए स्थानीय मान बारी-बारी से 1 अधिक और 1 कम होते हैं, इसलिए इकाई से शुरू करके अंकों पर एकांतर + और − लगाइए। किसी कथन को ‘सदैव सत्य’ सिद्ध करने के लिए बीजगणित चाहिए, पर असत्य दिखाने को एक प्रति उदाहरण काफ़ी है: 12, 4 और 6 दोनों से विभाज्य है, फिर भी 24 से नहीं। गूढ़कलन में पहले उत्तर के अंकों की संख्या देखिए। अगला अध्याय ‘जितना बाँटेंगे उतना बढ़ेगा’ है, और भाग 1 के सातों अध्याय क्रम से कक्षा 8 गणित के एनसीईआरटी समाधान पर रखे गए हैं।