एनसीईआरटी समाधान कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 6 जितना बाँटेंगे उतना बढ़ेगा

जितना बाँटेंगे उतना बढ़ेगा कक्षा 8: वितरण गुणधर्म और सर्वसमिकाओं के प्रश्न उत्तर — गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 6 (हिंदी माध्यम) के हल, अभ्यास के सभी प्रश्न उत्तर सरल भाषा में सत्र 2026-27 के लिए यहाँ से मुफ्त प्राप्त करें। कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 6 के एनसीईआरटी समाधान एक ही गुणधर्म के इर्द-गिर्द घूमते हैं: वितरण गुणधर्म, जिसमें गुणन जोड़ पर बँट जाता है।

एनसीईआरटी कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 6 समाधान

कक्षा 8 गणित का अध्याय 6 पूछता है कि 23 × 27 में एक संख्या 1 बढ़ाने पर गुणनफल कितना बढ़ता है, फिर बिंदुओं के आयतों से दिखाता है कि दो पदों वाले व्यंजकों का गुणन कैसे फैलता है। इसी से योग का वर्ग, अंतर का वर्ग और वर्गों का अंतर वाली सर्वसमिकाएँ निकलती हैं, जिनसे 65², 55² और 98 × 102 जैसी गणनाएँ आसान हो जाती हैं। ब्रह्मगुप्त का ‘खंड गुणनम’, श्रीधराचार्य की वर्ग निकालने की विधि, 11 और 101 से शीघ्र गुणन तथा त्रुटि सुधारने वाले बारह व्यंजक भी इसी अध्याय में हैं।
कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 के पेज 142 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 142 – आइए, पता लगाएँ

1. निम्नांकित गुणन जाल का अवलोकन कीजिए। जाल के अंतर्गत दी गई प्रत्येक संख्या दो संख्याओं के गुणन से बनी है। यदि 3 × 3 फ्रेम की मध्य संख्या व्यंजक pq द्वारा दर्शाई गई है जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है तो जाल में अन्य संख्याओं के लिए व्यंजक लिखिए।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 6 पेज 142 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 1 का चित्र

उत्तर:
मध्य पंक्ति की संख्या p और मध्य स्तंभ की संख्या q लेते हैं।
तब ऊपर और नीचे की पंक्तियों की संख्याएँ p − 1 और p + 1 होंगी। बाईं और दाईं ओर के स्तंभों की संख्याएँ q − 1 और q + 1 होंगी।
हर खाने में उसकी पंक्ति और स्तंभ की संख्याओं का गुणनफल लिखने पर जाल इस प्रकार होगा।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 6 पेज 142 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 1 के उत्तर का चित्र

उदाहरण के लिए, ऊपर बाएँ खाने का व्यंजक है:
(p − 1)(q − 1) = pq − p − q + 1।
इसी प्रकार अन्य खानों के व्यंजक प्राप्त होते हैं।

2. निम्नलिखित गुणनफलों का विस्तार कीजिए।

(i) (3 + u)(v − 3)
(ii) ⅔(15 + 6a)
(iii) (10a + b)(10c + d)
(iv) (3 − x)(x − 6)
(v) (−5a + b)(c + d)
(vi) (5 + z)(y + 9)
उत्तर:
(i) (3 + u)(v − 3)
= 3v − 9 + uv − 3u
= uv − 3u + 3v − 9।

(ii) ⅔(15 + 6a)
= ⅔ × 15 + ⅔ × 6a
= 10 + 4a।

(iii) (10a + b)(10c + d)
= 10a × 10c + 10a × d + b × 10c + b × d
= 100ac + 10ad + 10bc + bd।

(iv) (3 − x)(x − 6)
= 3x − 18 − x² + 6x
= −x² + 9x − 18।

(v) (−5a + b)(c + d)
= −5ac − 5ad + bc + bd।

(vi) (5 + z)(y + 9)
= 5y + 45 + yz + 9z
= yz + 5y + 9z + 45।

3. ऐसे तीन उदाहरण दीजिए जिनमें दो संख्याओं में से एक संख्या में 2 की वृद्धि की जाए और दूसरी संख्या में 4 की कमी की जाए तो भी उनके गुणनफल अपरिवर्तित रहें।

उत्तर:
मान लीजिए दोनों संख्याएँ a और b हैं।
परिवर्तन के बाद गुणनफल = (a + 2)(b − 4)
= ab − 4a + 2b − 8।
गुणनफल अपरिवर्तित रहने के लिए—
−4a + 2b − 8 = 0
2b = 4a + 8
b = 2a + 4।
इसलिए हम ऐसे जोड़े चुनेंगे जिनमें दूसरी संख्या, पहली संख्या के दोगुने से 4 अधिक हो।

पहला उदाहरण: 2 और 8
पहले गुणनफल = 2 × 8 = 16।
परिवर्तन के बाद = (2 + 2)(8 − 4) = 4 × 4 = 16।

दूसरा उदाहरण: 3 और 10
पहले गुणनफल = 3 × 10 = 30।
परिवर्तन के बाद = (3 + 2)(10 − 4) = 5 × 6 = 30।

तीसरा उदाहरण: 4 और 12
पहले गुणनफल = 4 × 12 = 48।
परिवर्तन के बाद = (4 + 2)(12 − 4) = 6 × 8 = 48।
तीनों उदाहरणों में गुणनफल अपरिवर्तित है।

4. विस्तार कीजिए (i) (a + ab − 3b²)(4 + b) और (ii) (4y + 7)(y + 11z − 3)

उत्तर:
(i) (a + ab − 3b²)(4 + b)
= 4a + 4ab − 12b² + ab + ab² − 3b³
समान पदों को जोड़ने पर—
= 4a + 5ab + ab² − 12b² − 3b³।

(ii) (4y + 7)(y + 11z − 3)
= 4y² + 44yz − 12y + 7y + 77z − 21
समान पदों को जोड़ने पर—
= 4y² + 44yz − 5y + 77z − 21।

5. विस्तार कीजिए (i) (a − b)(a + b) (ii) (a − b)(a² + ab + b²) और (iii) (a − b)(a³ + a²b + ab² + b³) क्या इनमें आपको कोई प्रतिरूप दिखाई देता है? आपको दिखाई देने वाले प्रतिरूप में अगली सर्वसमिका क्या होगी? क्या आप इसकी जाँच सर्वसमिका को विस्तारित करके कर सकते हैं?

उत्तर:
(i) (a − b)(a + b)
= a² + ab − ab − b²
= a² − b²।

(ii) (a − b)(a² + ab + b²)
= a³ + a²b + ab² − a²b − ab² − b³
= a³ − b³।

(iii) (a − b)(a³ + a²b + ab² + b³)
= a⁴ + a³b + a²b² + ab³ − a³b − a²b² − ab³ − b⁴
= a⁴ − b⁴।

हाँ, एक प्रतिरूप दिखाई देता है। विस्तार करने पर बीच के पद विपरीत चिह्नों के कारण कट जाते हैं। केवल a और b की समान घातों का अंतर बचता है। हर अगली सर्वसमिका में यह घात 1 बढ़ जाती है।

अगली सर्वसमिका होगी:
(a − b)(a⁴ + a³b + a²b² + ab³ + b⁴) = a⁵ − b⁵।
विस्तार करके जाँच:
(a − b)(a⁴ + a³b + a²b² + ab³ + b⁴)
= a⁵ + a⁴b + a³b² + a²b³ + ab⁴ − a⁴b − a³b² − a²b³ − ab⁴ − b⁵
= a⁵ − b⁵।
अतः अगली सर्वसमिका सही है।




कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 के पेज 149 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 149 – आइए, पता लगाएँ

1. कौन-सा व्यंजक बड़ा है— (a − b)² अथवा (b − a)²? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

उत्तर:
दोनों व्यंजक बराबर हैं।
सर्वसमिका का उपयोग करने पर,
(a − b)² = a² − 2ab + b²
(b − a)² = b² − 2ba + a²
= a² − 2ab + b²
दोनों का विस्तार समान है। इसलिए (a − b)² = (b − a)² है। इनमें से कोई भी बड़ा नहीं है।

2. 100 को दो वर्गों के अंतर के रूप में व्यक्त कीजिए।

उत्तर:
सर्वसमिका a² − b² = (a + b)(a − b) का उपयोग करते हैं।
100 = 50 × 2
= (26 + 24)(26 − 24)
= 26² − 24²

जाँच: 26² − 24² = 676 − 576 = 100
अतः 100 = 26² − 24²।

3. अब तक सीखी गई सर्वसमिकाओं का उपयोग करके 406², 72², 145², 1097² और 124² का मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
हम (a + b)² = a² + 2ab + b² तथा (a − b)² = a² − 2ab + b² का उपयोग करेंगे।
(i) 406² = (400 + 6)²
= 400² + 2 × 400 × 6 + 6²
= 160000 + 4800 + 36
= 164836

(ii) 72² = (70 + 2)²
= 70² + 2 × 70 × 2 + 2²
= 4900 + 280 + 4
= 5184

(iii) 145² = (150 − 5)²
= 150² − 2 × 150 × 5 + 5²
= 22500 − 1500 + 25
= 21025

(iv) 1097² = (1100 − 3)²
= 1100² − 2 × 1100 × 3 + 3²
= 1210000 − 6600 + 9
= 1203409

(v) 124² = (120 + 4)²
= 120² + 2 × 120 × 4 + 4²
= 14400 + 960 + 16
= 15376

4. क्या प्रतिरूप 1 और 2 केवल गणन की संख्याओं के लिए ही मान्य हैं? क्या ये ऋणात्मक पूर्णांकों के लिए भी लागू होते हैं? भिन्नों के विषय में इन प्रतिरूपों के लिए क्या कहा जा सकता है? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

उत्तर:
नहीं, दोनों प्रतिरूप केवल गणन की संख्याओं तक सीमित नहीं हैं। ये ऋणात्मक पूर्णांकों और भिन्नों के लिए भी सही हैं।

प्रतिरूप 1:
2(a² + b²) = (a + b)² + (a − b)²

दाएँ पक्ष का विस्तार करने पर,
(a + b)² + (a − b)²
= a² + 2ab + b² + a² − 2ab + b²
= 2a² + 2b²
= 2(a² + b²)
यह बाएँ पक्ष के बराबर है।

प्रतिरूप 2:
a² − b² = (a + b)(a − b)

दाएँ पक्ष का विस्तार करने पर,
(a + b)(a − b)
= a² − ab + ab − b²
= a² − b²
यह भी बाएँ पक्ष के बराबर है।

ऋणात्मक पूर्णांकों से जाँच:
a = −3 और b = −2 लेते हैं।
प्रतिरूप 1 में बायाँ पक्ष = 2[(−3)² + (−2)²] = 2(9 + 4) = 26
दायाँ पक्ष = (−3 − 2)² + [−3 − (−2)]² = (−5)² + (−1)² = 25 + 1 = 26
प्रतिरूप 2 में बायाँ पक्ष = (−3)² − (−2)² = 9 − 4 = 5
दायाँ पक्ष = (−3 − 2)[−3 − (−2)] = (−5)(−1) = 5

भिन्नों से जाँच:
a = 3/2 और b = 1/2 लेते हैं।
प्रतिरूप 1 में बायाँ पक्ष = 2[(3/2)² + (1/2)²] = 2(9/4 + 1/4) = 5
दायाँ पक्ष = (3/2 + 1/2)² + (3/2 − 1/2)² = 2² + 1² = 5
प्रतिरूप 2 में बायाँ पक्ष = 9/4 − 1/4 = 2
दायाँ पक्ष = (3/2 + 1/2)(3/2 − 1/2) = 2 × 1 = 2

वितरण गुणधर्म ऋणात्मक पूर्णांकों और भिन्नों के लिए भी लागू होता है। इसलिए उससे बने ये दोनों प्रतिरूप इनके लिए भी मान्य हैं।




कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 के पेज 154 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 154 – आइए, पता लगाएँ

1. सुझाई गई सर्वसमिका का उपयोग करके गुणनफलों की गणना कीजिए।

(i) 46² का मान, (a + b)² के लिए सर्वसमिका 1A का उपयोग करते हुए
(ii) 397 × 403 का मान, (a + b) (a − b) के लिए सर्वसमिका 1C का उपयोग करते हुए
(iii) 91² का मान, (a − b)² के लिए सर्वसमिका 1B का उपयोग करते हुए
(iv) 43 × 45 का मान, (a + b)(a − b) के लिए सर्वसमिका 1C का उपयोग करते हुए
उत्तर:
(i) सर्वसमिका 1A: (a + b)² = a² + 2ab + b²
46² = (40 + 6)²
= 40² + 2 × 40 × 6 + 6²
= 1600 + 480 + 36
= 2116

(ii) सर्वसमिका 1C: (a + b)(a − b) = a² − b²
397 × 403 = (400 − 3)(400 + 3)
= 400² − 3²
= 160000 − 9
= 159991

(iii) सर्वसमिका 1B: (a − b)² = a² − 2ab + b²
91² = (100 − 9)²
= 100² − 2 × 100 × 9 + 9²
= 10000 − 1800 + 81
= 8281

(iv) 43 × 45 = (44 − 1)(44 + 1)
सर्वसमिका 1C का उपयोग करने पर,
43 × 45 = 44² − 1²
= 1936 − 1
= 1935

2. निम्नलिखित प्रत्येक गुणनफल को ज्ञात करने के लिए उपयुक्त सर्वसमिका अथवा वितरण गुणधर्म का उपयोग कीजिए।

(i) (p − 1) (p + 11)
(ii) (3a − 9b) (3a + 9b)
(iii) −(2y + 5) (3y + 4)
(iv) (6x + 5y)²
(v) (2x − ½)²
(vi) (7p) × (3r) × (p + 2)
उत्तर:
(i) वितरण गुणधर्म का उपयोग करने पर,
(p − 1)(p + 11) = p × p + p × 11 − 1 × p − 1 × 11
= p² + 11p − p − 11
= p² + 10p − 11

(ii) सर्वसमिका (a − b)(a + b) = a² − b² का उपयोग करने पर,
(3a − 9b)(3a + 9b) = (3a)² − (9b)²
= 9a² − 81b²

(iii) −(2y + 5)(3y + 4)
= −[2y × 3y + 2y × 4 + 5 × 3y + 5 × 4]
= −[6y² + 8y + 15y + 20]
= −[6y² + 23y + 20]
= −6y² − 23y − 20

(iv) सर्वसमिका (a + b)² = a² + 2ab + b² का उपयोग करने पर,
(6x + 5y)² = (6x)² + 2 × 6x × 5y + (5y)²
= 36x² + 60xy + 25y²

(v) सर्वसमिका (a − b)² = a² − 2ab + b² का उपयोग करने पर,
(2x − ½)² = (2x)² − 2 × 2x × ½ + (½)²
= 4x² − 2x + ¼

(vi) (7p) × (3r) × (p + 2)
= 21pr(p + 2)
= 21pr × p + 21pr × 2
= 21p²r + 42pr

3. प्रत्येक कथन के लिए उपयुक्त बीजीय व्यंजक या व्यंजकों की पहचान कीजिए।

(i) एक वर्ग संख्या से दो अधिक व्यंजक
2 + s, (s + 2)², s² + 2, s² + 4, 2s², 2²s
(ii) दो क्रमागत संख्या के वर्गों का योग
m² + n², (m + n)², m² + 1, m² + (m + 1)²,
m² + (m − 1)², (m + (m + 1))², (2m)² + (2m + 1)²
उत्तर:
(i) उपयुक्त व्यंजक s² + 2 है।
s² एक वर्ग संख्या है। इसमें 2 जोड़ने पर वर्ग संख्या से दो अधिक संख्या मिलती है।

(ii) उपयुक्त व्यंजक हैं—
m² + (m + 1)², m² + (m − 1)² और (2m)² + (2m + 1)²।

m और m + 1 का अंतर 1 है, इसलिए ये क्रमागत संख्याएँ हैं।
m − 1 और m का अंतर भी 1 है, इसलिए ये भी क्रमागत संख्याएँ हैं।
2m और 2m + 1 का अंतर 1 है, इसलिए ये भी क्रमागत संख्याएँ हैं।
इन तीनों व्यंजकों में दो क्रमागत संख्याओं के वर्ग अलग-अलग करके जोड़े गए हैं।

m² + n² में m और n के क्रमागत होने की कोई शर्त नहीं दी गई है। वहीं (m + (m + 1))² में दोनों संख्याओं के योग का वर्ग लिया गया है, उनके वर्गों का योग नहीं।

4. किसी कालदर्शक में संख्याओं के 2 गुणा 2 वर्ग पर विचार कीजिए जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 6 पेज 154 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 4 का चित्र

प्रत्येक विकर्ण पर स्थित संख्याओं के गुणनफल ज्ञात कीजिए — 4 × 12 = 48, 5 × 11 = 55
ऐसा ही अन्य 2 गुणा 2 वर्गों के लिए कीजिए। विकर्णों के गुणनफल के विषय में आप क्या अवलोकित करते हैं? समझाइए कि ऐसा क्यों होता है।
संकेत— प्रत्येक 2 गुणा 2 वर्ग में संख्याओं को इस प्रकार नामांकित कीजिए।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 6 पेज 154 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 4(2) का चित्र

उत्तर:
4, 5, 11 और 12 वाले वर्ग में विकर्णों के गुणनफल 48 और 55 हैं।
इनका अंतर = 55 − 48 = 7

मैंने 2, 3, 9 और 10 वाला वर्ग लिया।
2 × 10 = 20 और 3 × 9 = 27
इनका अंतर = 27 − 20 = 7

फिर मैंने 12, 13, 19 और 20 वाला वर्ग लिया।
12 × 20 = 240 और 13 × 19 = 247
इनका अंतर = 247 − 240 = 7
हर बार विकर्णों के गुणनफलों का अंतर 7 मिलता है।

मान लीजिए ऊपर बाईं ओर की संख्या a है। तब ऊपर दाईं ओर a + 1, नीचे बाईं ओर a + 7 और नीचे दाईं ओर a + 8 होगा।
एक विकर्ण का गुणनफल = a(a + 8) = a² + 8a
दूसरे विकर्ण का गुणनफल = (a + 1)(a + 7)
= a² + 7a + a + 7
= a² + 8a + 7

दूसरा गुणनफल − पहला गुणनफल
= (a² + 8a + 7) − (a² + 8a)
= 7
अतः ऊपर दाईं ओर और नीचे बाईं ओर की संख्याओं का गुणनफल, दूसरे विकर्ण के गुणनफल से हमेशा 7 अधिक होता है।

5. सत्यापित कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं।

(i) (K + 1) (K + 2) − (K + 3) का मान सदैव 2 होता है।
(ii) (2q + 1) (2q − 3) का मान 4 का गुणज है।
(iii) सम संख्याओं के वर्ग 4 के गुणज होते हैं और विषम संख्याओं के वर्ग 8 के गुणजों से 1 अधिक होते हैं।
(iv) (6n + 2)² − (4n + 3)² का मान एक वर्ग संख्या से 5 कम होता है।
उत्तर:
(i) यह कथन असत्य है।
(K + 1)(K + 2) − (K + 3)
= K² + 3K + 2 − K − 3
= K² + 2K − 1
इसका मान K के साथ बदलता है।
K = 1 रखने पर मान 2 मिलता है, लेकिन K = 2 रखने पर मान 4 + 4 − 1 = 7 मिलता है। इसलिए इसका मान सदैव 2 नहीं है।

(ii) यह कथन असत्य है।
(2q + 1)(2q − 3)
= 4q² − 6q + 2q − 3
= 4q² − 4q − 3
= 4(q² − q − 1) + 1
पूर्णांक q के लिए इसे 4 से भाग देने पर शेषफल 1 मिलेगा। इसलिए यह 4 का गुणज नहीं है।

(iii) यह कथन सत्य है।
कोई सम संख्या 2n के रूप में लिखी जा सकती है।
उसका वर्ग = (2n)² = 4n²
इसलिए सम संख्या का वर्ग 4 का गुणज है।

कोई विषम संख्या 2n + 1 के रूप में लिखी जा सकती है।
उसका वर्ग = (2n + 1)²
= 4n² + 4n + 1
= 4n(n + 1) + 1
n और n + 1 क्रमागत पूर्णांक हैं, इसलिए इनमें से एक सम होगा। अतः उनका गुणनफल n(n + 1) सम है।
मान लीजिए n(n + 1) = 2m। तब,
(2n + 1)² = 4 × 2m + 1 = 8m + 1
इसलिए विषम संख्या का वर्ग 8 के किसी गुणज से 1 अधिक है।

(iv) यह कथन असत्य है।
(6n + 2)² − (4n + 3)²
= (36n² + 24n + 4) − (16n² + 24n + 9)
= 20n² − 5

n = 1 रखने पर इसका मान 20 − 5 = 15 मिलता है।
यदि 15 किसी वर्ग संख्या से 5 कम होता, तो वह वर्ग संख्या 15 + 5 = 20 होती। लेकिन 20 वर्ग संख्या नहीं है, क्योंकि 4² = 16 और 5² = 25 हैं।
अतः यह कथन सत्य नहीं है।
इस प्रकार केवल कथन (iii) सत्य है।




6. एक संख्या को 7 से भाग करने पर शेषफल 3 प्राप्त होता है और दूसरी संख्या को 7 से भाग करने पर शेषफल 5 प्राप्त होता है। इनके योग, अंतर और गुणनफल को 7 से भाग देने पर शेषफल क्या प्राप्त होगा?

उत्तर:
मान लीजिए पहली संख्या A = 7m + 3 और दूसरी संख्या B = 7n + 5 है।

योग:
A + B = (7m + 3) + (7n + 5)
= 7(m + n) + 8
= 7(m + n + 1) + 1
अतः योग को 7 से भाग देने पर शेषफल 1 होगा।

अंतर:
पहली संख्या में से दूसरी संख्या घटाने पर,
A − B = (7m + 3) − (7n + 5)
= 7(m − n) − 2
= 7(m − n − 1) + 5
अतः A − B को 7 से भाग देने पर शेषफल 5 होगा।

यदि दूसरी संख्या में से पहली संख्या घटाएँ, तो,
B − A = (7n + 5) − (7m + 3)
= 7(n − m) + 2
इस स्थिति में शेषफल 2 होगा। इसलिए अंतर का शेषफल घटाने के क्रम पर निर्भर करता है।

गुणनफल:
AB = (7m + 3)(7n + 5)
= 49mn + 35m + 21n + 15
= 7(7mn + 5m + 3n + 2) + 1
अतः गुणनफल को 7 से भाग देने पर शेषफल 1 होगा।

7. तीन क्रमागत संख्याओं का चयन कीजिए। मध्य वाली संख्या का वर्ग कीजिए और शेष दो संख्याओं के गुणनफल को घटाइए। यही प्रक्रिया अन्य संख्याओं के समूहों के साथ भी दोहराइए। आपको कौन-सा प्रतिरूप दिखाई देता है? इसे बीजगणितीय समीकरण के रूप में किस प्रकार लिखेंगे? समीकरण के दोनों पक्षों का विस्तार करके जाँच कीजिए कि यह एक सही सर्वसमिका है।

उत्तर:
मैंने तीन क्रमागत संख्याएँ 3, 4 और 5 लीं।
4² − 3 × 5 = 16 − 15 = 1

अब 7, 8 और 9 लेने पर:
8² − 7 × 9 = 64 − 63 = 1

12, 13 और 14 लेने पर:
13² − 12 × 14 = 169 − 168 = 1
हर बार परिणाम 1 मिलता है।

माना तीन क्रमागत संख्याएँ n, n + 1 और n + 2 हैं।
तब समीकरण होगा:
(n + 1)² − n(n + 2) = 1

बायाँ पक्ष = n² + 2n + 1 − (n² + 2n)
= n² + 2n + 1 − n² − 2n
= 1
दायाँ पक्ष = 1
दोनों पक्ष समान हैं। अतः यह एक सही सर्वसमिका है।

8. निम्नलिखित चरणों को दर्शाने वाला बीजीय व्यंजक क्या है?

किन्हीं दो संख्याओं को जोड़िए। इस योगफल को दोनों संख्याओं के योगफल के आधे से गुणा कीजिए। सिद्ध कीजिए कि यह परिणाम दोनों संख्याओं के योग के वर्ग का आधा होगा।
उत्तर:
माना दो संख्याएँ a और b हैं।
उनका योगफल = a + b
योगफल का आधा = (a + b)/2

आवश्यक व्यंजक = (a + b) × (a + b)/2
= (a² + 2ab + b²)/2
= (a + b)²/2
अतः परिणाम दोनों संख्याओं के योग के वर्ग का आधा है।

9. कौन-सा व्यंजक बड़ा है? गुणनफल की पूर्ण गणना किए बिना ज्ञात कीजिए।

(i) 14 × 26 या 16 × 24
(ii) 25 × 75 या 26 × 74
उत्तर:
सर्वसमिका (a − b)(a + b) = a² − b² का प्रयोग करते हैं।

(i) 14 × 26 = (20 − 6)(20 + 6) = 20² − 6²
16 × 24 = (20 − 4)(20 + 4) = 20² − 4²

चूँकि 4² < 6² है, इसलिए 20² में से 4² घटाने पर बड़ा परिणाम मिलेगा।
अतः 16 × 24 बड़ा है।

(ii) 25 × 75 = (50 − 25)(50 + 25) = 50² − 25²
26 × 74 = (50 − 24)(50 + 24) = 50² − 24²

चूँकि 24² < 25² है, इसलिए 50² में से 24² घटाने पर बड़ा परिणाम मिलेगा।
अतः 26 × 74 बड़ा है।

10. धौली में एक छोटा पार्क बनाया जा रहा है। इसकी योजना चित्र में दर्शाई गई है। दो वर्गाकार भूखंडों में जिनमें से प्रत्येक का क्षेत्रफल g² वर्ग फुट है, जहाँ हरियाली होगी। शेष संपूर्ण क्षेत्र (w फुट चौड़ा) एक पैदल मार्ग है जिस पर टाइल्स लगाने की आवश्यकता है। इस क्षेत्र के लिए एक व्यंजक लिखिए जिस पर टाइल्स लगाने की आवश्यकता है।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 6 पेज 154 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 10 का चित्र

उत्तर:
प्रत्येक वर्गाकार भूखंड का क्षेत्रफल g² वर्ग फुट है। इसलिए उसकी भुजा g फुट होगी। बीच वाले मार्ग सहित सभी पैदल मार्गों की चौड़ाई w फुट है।

पार्क की कुल लंबाई = w + g + w + g + w = 2g + 3w फुट
पार्क की कुल चौड़ाई = w + g + w = g + 2w फुट
पार्क का कुल क्षेत्रफल = (2g + 3w)(g + 2w) वर्ग फुट
दोनों हरे भूखंडों का क्षेत्रफल = 2g² वर्ग फुट

टाइल्स लगाने वाले भाग का क्षेत्रफल
= (2g + 3w)(g + 2w) − 2g²
= 2g² + 4gw + 3gw + 6w² − 2g²
= 7gw + 6w² वर्ग फुट
अतः आवश्यक व्यंजक 7gw + 6w² है।

11. नीचे दर्शाए गए प्रत्येक प्रतिरूप के लिए-

(i) अनुक्रम में अगली आकृति बनाइए।
(ii) चरण 10 में कितनी मूल इकाइयाँ होंगी?
(iii) चरण y में मूल इकाइयों की संख्या का वर्णन करने के लिए एक व्यंजक लिखिए।

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उत्तर:
पहला प्रतिरूप: पीली टाइलें
पहले चित्र में 3 + 3 + 3 = 9 टाइलें दिखाई देती हैं। दूसरे चित्र में 8 + 4 + 4 = 16 और तीसरे चित्र में 15 + 6 + 6 = 27 टाइलें हैं।

दूसरे और तीसरे चरण में बीच के आयत की पंक्तियों की संख्या चरण संख्या के बराबर है और स्तंभों की संख्या उससे 2 अधिक है। आयत से बाहर ऊपर और नीचे निकले प्रत्येक भाग में चरण संख्या की दोगुनी टाइलें हैं। इसी नियम के अनुसार आगे बढ़ते हैं।

इस नियम से पहले चरण में 1 × 3 + 2 + 2 = 7 टाइलें होनी चाहिए, लेकिन पहले चित्र में 9 हैं। इसलिए पहले चित्र की गिनती इस नियम से मेल नहीं खाती। नीचे का हल दूसरे और तीसरे चरण के नियम के अनुसार है।

(i) चरण 4 में बीच का आयत 4 पंक्तियों और 6 स्तंभों का होगा। उसके दाएँ सिरे से ऊपर 8 और बाएँ सिरे से नीचे 8 टाइलें होंगी।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 6 पेज 154 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 11 के उत्तर का चित्र

(ii) चरण 10 में बीच के आयत में 10 × 12 टाइलें और बाहर निकले दोनों भागों में 20-20 टाइलें होंगी।
कुल मूल इकाइयाँ = 10 × 12 + 20 + 20
= 120 + 40
= 160

(iii) चरण y में बीच के आयत में y(y + 2) टाइलें होंगी। ऊपर और नीचे के प्रत्येक भाग में 2y टाइलें होंगी।
कुल मूल इकाइयाँ = y(y + 2) + 2y + 2y
= y² + 2y + 4y
= y² + 6y

दूसरा प्रतिरूप: नीली टाइलें
पहले चरण में 3 पंक्तियों और 2 स्तंभों वाले आयत का नीचे दाईं ओर का एक खाना नहीं है। इसलिए 3 × 2 − 1 = 5 टाइलें हैं।
दूसरे चरण में 4 × 3 − 1 = 11 टाइलें हैं।
तीसरे चरण में 5 × 4 − 1 = 19 टाइलें हैं।
हर अगले चरण में एक पंक्ति और एक स्तंभ बढ़ते हैं तथा नीचे दाईं ओर का एक खाना नहीं होता।

(i) चरण 4 में 6 पंक्तियाँ और 5 स्तंभ होंगे तथा नीचे दाईं ओर का एक खाना नहीं होगा।

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कुल टाइलें = 6 × 5 − 1 = 29

(ii) चरण 10 में 12 पंक्तियाँ और 11 स्तंभ होंगे तथा एक खाना नहीं होगा।
कुल मूल इकाइयाँ = 12 × 11 − 1
= 132 − 1
= 131

(iii) चरण y में y + 2 पंक्तियाँ और y + 1 स्तंभ होंगे तथा एक खाना नहीं होगा।
कुल मूल इकाइयाँ = (y + 2)(y + 1) − 1
= y² + 3y + 2 − 1
= y² + 3y + 1




कौन-सी सर्वसमिका कब लगाएँ

गणना के प्रश्नों में सबसे पहले देखिए कि संख्या किसी गोल संख्या के कितने पास है। 91² के लिए 100 में से 9 घटाकर अंतर के वर्ग वाली सर्वसमिका लगाइए: 10000 − 1800 + 81 = 8281। दो संख्याएँ किसी गोल संख्या से बराबर दूरी पर हों, जैसे 397 और 403, तो वर्गों का अंतर लगाइए: 400² − 3² = 159991। ‘त्रुटि को पहचान कर सुधारिए’ में आम गलतियाँ हैं हर पद को गुणा न करना, असमान पदों को जोड़ देना और वर्ग में बीच का दोगुना गुणनफल छोड़ देना; पर बारह में से चार व्यंजक पूरी तरह सही हैं। कालदर्शक वाला प्रश्न भाग 2 के ‘बीजगणित का खेल’ में आगे बढ़ता है, अगला अध्याय ‘समानुपातिक तर्कण-1’ है, और कक्षा 8 गणित के एनसीईआरटी समाधान वाले पृष्ठ से किसी भी अध्याय पर पहुँचा जा सकता है।