एनसीईआरटी समाधान कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान भाग 1 अध्याय 1 भारत की भौगोलिक विविधता
एनसीईआरटी समाधान कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान अध्याय 1 भाग 1 – भारत की भौगोलिक विविधता – अभ्यास के प्रश्न उत्तर तथा अतिरिक्त प्रश्नों के हल हिंदी और अंग्रेजी मीडियम में यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं। एनसीईआरटी द्वारा सत्र 2026-27 के लिए जारी की गई नई कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान भाग-1 की पाठ्यपुस्तक का पहला अध्याय “भारत की भौगोलिक विविधता” पर आधारित है। इस अध्याय में विद्यार्थियों को भारत की भौगोलिक बनावट — हिमालय पर्वत श्रृंखला, गंगा के मैदान, थार मरुस्थल, अरावली पहाड़ियाँ, प्रायद्वीपीय पठार, पश्चिमी व पूर्वी तट, भारतीय द्वीपसमूह और पूर्वोत्तर की पहाड़ियों – के बारे में विस्तार से बताया गया है। यह अध्याय बच्चों को यह समझने में मदद करता है कि भारत की भौगोलिक विविधता ने यहाँ की संस्कृति, जलवायु, इतिहास और अर्थव्यवस्था को किस तरह आकार दिया है।
कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान पाठ 1 के त्वरित लिंक:
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एनसीईआरटी कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान भाग 1 अध्याय 1 समाधान
कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान पाठ 1 अभ्यास प्रश्न उत्तर
पेज 1 – महत्वपूर्ण प्रश्न
1. भारत की कुछ प्रमुख भौगोलिक विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर:
भारत को मुख्य रूप से पाँच भौगोलिक भागों में बाँटा गया है:
- महान पर्वतीय क्षेत्र (हिमालय)
- गंगा और सिंधु का मैदान
- मरुस्थलीय भूभाग (थार)
- दक्षिणी प्रायद्वीपीय पठार
- द्वीपसमूह
2. भारत की भौगोलिक विविधताएँ हमारे जीवन को किस प्रकार प्रभावित करती हैं?
उत्तर:
भारत की भौगोलिक विविधताएँ हमारे जीवन को अनेक प्रकार से प्रभावित करती हैं। अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों के कारण जलवायु, वनस्पति, खेती और जीवन-शैली भिन्न होती है। जैसे मैदानों में कृषि अधिक होती है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में लोग अलग तरीके से जीवन जीते हैं। नदियाँ जल और परिवहन का साधन देती हैं। इसी विविधता से हमारी संस्कृति, भोजन और परंपराएँ भी समृद्ध होती हैं।
पेज 2 – आइए पता लगाएँ
इस पुस्तक के अंत में दिए गए भारत के मानचित्र का अवलोकन कीजिए। आपको इसमें क्या-क्या दिखाई दे रहा है? क्या आपको पिछली कक्षा में पढ़ाई गई विभिन्न प्रकार की भू-आकृतियाँ- पर्वत, पठार और मैदान स्मरण हैं? आप मानचित्र पर कौन-कौन सी भू-आकृतियों को पहचान सकते हैं? मानचित्र पर अलग-अलग रंगों का क्या तात्पर्य है?
(संकेत: मानचित्र पर अंकित संकेत सूची प्रत्येक क्षेत्र की ऊँचाई को दर्शाती है।)
उत्तर:
भारत के मानचित्र को देखने पर मुझे विभिन्न भू-आकृतियाँ दिखाई देती हैं, जैसे उत्तर में ऊँचे पर्वत (हिमालय), बीच में विस्तृत मैदान (गंगा का मैदान) और दक्षिण में पठार क्षेत्र। इसके अलावा मरुस्थल, नदियाँ और तटीय क्षेत्र भी स्पष्ट दिखाई देते हैं। मुझे पिछली कक्षा में पढ़ी गई भू-आकृतियाँ याद हैं, जिनकी पहचान मानचित्र पर आसानी से की जा सकती है। मानचित्र में अलग-अलग रंगों का विशेष अर्थ होता है—हरे रंग से मैदान, भूरे रंग से पर्वत और पीले रंग से मरुस्थल दर्शाए जाते हैं। ये रंग विभिन्न क्षेत्रों की ऊँचाई और भौगोलिक विशेषताओं को समझाने में मदद करते हैं।
पेज 3 – आइए पता लगाएँ
क्या आपको अक्षांश और देशांतर रेखाओं पर अपना पाठ याद है? मानचित्र को देखिए। क्या आप बता सकते हैं कि भारत लगभग किन अक्षांशों और देशांतरों रेखाओं के मध्य स्थित है?
उत्तर:
हाँ, मुझे अक्षांश और देशांतर रेखाओं का पाठ याद है। मानचित्र के अनुसार भारत लगभग 8°4′ उत्तरी अक्षांश से 37°6′ उत्तरी अक्षांश तथा 68°7′ पूर्वी देशांतर से 97°25′ पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। कर्क रेखा (23°30′ उत्तर) भारत के लगभग मध्य से होकर गुजरती है, जिससे देश उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में आता है।
2. भारत के भौतिक मानचित्र पर उपर्युक्त विशेषताओं की पहचान कीजिए।
उत्तर:
भारत के भौतिक मानचित्र पर हिमालय पर्वत, गंगा-सिंधु के मैदान, थार मरुस्थल, प्रायद्वीपीय पठार, तटीय क्षेत्र और द्वीप समूह की पहचान की जा सकती है। साथ ही प्रमुख नदियाँ, पर्वत श्रेणियाँ और ऊँचाई के अनुसार रंगों का अंतर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
पेज 6 – आइए पता लगाएँ
क्या आप हिमालय के विभिन्न भागों में स्थित राज्यों के नाम ज्ञात कर सकते है? इस अध्याय के लिए भौतिक और राजनीतिक दोनों मानचित्रों की सहायता लीजिए।
उत्तर:
हिमालय के विभिन्न भागों में स्थित राज्य हैं – पश्चिमी हिमालय में जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश; मध्य हिमालय में उत्तराखंड; तथा पूर्वी हिमालय में सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल (दार्जिलिंग क्षेत्र)।
पेज 11 – इसे अनदेखा न करें
भारत में अधिकांश नदियों के नाम देवियों के नाम पर रखे गए हैं, जैसे- गंगा, यमुना, कावेरी, आदि। जबकि ब्रह्मपुत्र के नाम का अर्थ है ‘ब्रह्मा का पुत्र”। गर्मियों में सूखने की अपेक्षा इस नदी में जल की मात्रा बढ़ जाती है! क्या आप अनुमान लगा सकते हैं की ऐसा क्यों होता है?
उत्तर:
ब्रह्मपुत्र नदी हिमालय से निकलती है। गर्मियों में तापमान बढ़ने के कारण हिमालय की विशाल बर्फ (ग्लेशियर) पिघलती है और यह पिघला हुआ पानी सीधे नदी में मिल जाता है। इसलिए, गर्मी में बर्फ पिघलने के कारण नदी में जल की मात्रा कम होने की बजाय बढ़ जाती है।
पेज 11 – आइए पता लगाएँ
मैदानी क्षेत्रों में प्रकाश के संकेंद्रण पर ध्यान दीजिए। इस संकेंद्रण का क्या कारण हो सकता है?
उत्तर:
चित्र में दिखने वाला प्रकाश का यह जमाव (संकेंद्रण) यह दर्शाता है कि गंगा के मैदानी क्षेत्रों में आबादी (जनसंख्या) बहुत अधिक है इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- उपजाऊ भूमि: नदियाँ अपने साथ खनिज लाती हैं जिससे यहाँ की मिट्टी खेती के लिए बहुत अच्छी है, इसलिए यहाँ बहुत से लोग बसते हैं।
- जीवन के लिए अनुकूल: समतल जमीन होने के कारण यहाँ घर बनाना, सड़क बनाना और यातायात आसान है ।
- बिजली और शहर: अधिक जनसंख्या और बड़े शहरों के कारण रात में यहाँ बिजली की रोशनी अंतरिक्ष से साफ और चमकदार दिखाई देती है।
पेज 12 – आइए पता लगाएँ

रेत के टीले का आकार कैसा होता है? पर्वत चट्टानों से बने होते हैं और उनका आकार स्थिर होता है। आपको क्यों लगता है कि रेत के टीलों का आकार भी इनके (पर्वतों के) समान होता है, जबकि वे केवल रेत से बने होते हैं?
उत्तर:
रेत के टीलों का आकार पर्वतों के समान दिखने का कारण तेज हवा की क्रिया (पवन) है।
- हवा की भूमिका: जब तेज हवा चलती है, तो वह अपने साथ मरुस्थल की बारीक रेत को उड़ाकर ले जाती है।
- जमाव और आकार: यह हवा रेत के कणों को एक निश्चित स्थान पर जमा करती रहती है, खासकर जहाँ कोई बाधा (जैसे कोई झाड़ी या छोटी चट्टान) हो।
- टीले का निर्माण: लगातार रेत के जमा होने से यह जमाव धीरे-धीरे बढ़ता जाता है और अंत में एक ऊँची पहाड़ी (पर्वत) जैसा आकार ले लेता है, जिसे रेत का टीला कहते हैं।
इस प्रकार, हवा ही रेत के टीलों को अस्थायी रूप से पहाड़ियों के समान आकार प्रदान करती है।
पेज 14 – आइए पता लगाएँ
आइए, मानचित्र पर वापस चलते हैं। थार मरुस्थल से पूर्व की ओर धीरे-धीरे अपने रास्ते को देखिए। क्या आपको अरावली की पहाड़़ियाँ दिख रही है?

उत्तर:
हाँ, मानचित्र में थार मरुस्थल से पूर्व की ओर बढ़ने पर अरावली की पहाड़ियाँ स्पष्ट दिखाई देती हैं। ये उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व दिशा में फैली हुई हैं। अरावली पर्वतमाला मरुस्थल के पास स्थित होकर एक प्राकृतिक सीमा बनाती है और पूर्व की ओर मरुस्थल के विस्तार को रोकने में सहायता करती है।
पेज 15 – आइए पता लगाएँ
पाठ्यपुस्तक में दिए गए राजनीतिक मानचित्र को देखिए और उन राज्यों की पहचान कीजिए, जिनमें अरावली पर्वत श्रृंखला फैली हुई है। क्या आप इसमें दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और गुजरात को देख सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, राजनीतिक मानचित्र को देखने पर स्पष्ट होता है कि अरावली पर्वत श्रृंखला दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात राज्यों में फैली हुई है। यह पर्वतमाला उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में विस्तृत है और इन सभी राज्यों के भूगोल को प्रभावित करती है।
पेज 16 – आइए पता लगाएँ
पुस्तक के अंत में दिए गए भारत के भौतिक मानचित्र को देखिए और नदियों के प्रवाह की दिशा पर ध्यान दीजिए।
उत्तर:
भारत के भौतिक मानचित्र को देखने पर पता चलता है कि अधिकांश नदियाँ पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं, जैसे गंगा, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी, जो बंगाल की खाड़ी में मिलती हैं। जबकि कुछ नदियाँ, जैसे नर्मदा और ताप्ती, पूर्व से पश्चिम की ओर बहकर अरब सागर में गिरती हैं।
पेज 19 – आइए पता लगाएँ
अपने विद्यालय की मानचित्रावली (स्कूल एटलस) अथवा ‘भित्ति -मानचित्र’ को देखकर बंगाल की खाड़़ी की ओर बहने वाली पाँच नदियों के नाम लिखिए। भारत के तटीय राज्यों का पता लगाइए और भारत के पश्चिमी तथा पूर्वी तटीय मैदानों के मध्य क्या-क्या अंतर है, इन पर चर्चा कीजिए।
उत्तर:
बंगाल की खाड़ी की ओर बहने वाली पाँच नदियाँ हैं – गंगा, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी।
भारत के तटीय राज्य जैसे गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल (पश्चिमी तट) तथा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु (पूर्वी तट) हैं।
पश्चिमी तटीय मैदान संकरे और चट्टानी हैं, जबकि पूर्वी तटीय मैदान चौड़े, समतल और उपजाऊ डेल्टा वाले होते हैं।
क्या आप जानते हैं कि जब ये नदियाँ तटों के निकट अनेक धाराओं में विभाजित हो जाती है, तो इन्हें क्या कहा जाता है? कक्षा में अपने शिक्षक के साथ चर्चा करके पता लगाइए?
उत्तर:
जब नदियाँ तट के निकट पहुँचकर कई धाराओं में विभाजित हो जाती हैं, तो उन्हें डेल्टा कहा जाता है। इस स्थिति में नदी अपने साथ लाई मिट्टी और अवसाद जमा करती है, जिससे त्रिभुजाकार भू-आकृति बनती है। ये क्षेत्र बहुत उपजाऊ होते हैं और कृषि के लिए अत्यंत उपयुक्त माने जाते हैं।
पेज 24 – प्रश्न और क्रियाकलाप
1. आपकी राय में भारत की दो महत्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताएँ क्या हैं? आपके विचार में वे क्यों महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर:
भारत की दो महत्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताएँ हैं:
- हिमालय पर्वत श्रृंखला: यह उत्तर में एक प्राकृतिक दीवार की तरह ठंडी हवाओं से रक्षा करती है और गंगा जैसी नदियों का जल स्रोत है।
- गंगा और सिंधु के विशाल मैदान: यह अत्यंत उपजाऊ क्षेत्र है जहाँ कृषि अच्छी होती है और देश की बड़ी आबादी निवास करती है।
2. आपके विचार में यदि हिमालय नहीं होता तो भारत का स्वरूप कैसा होता? अपनी कल्पना को व्यक्त करने के लिए एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए अथवा चित्र द्वारा अभिव्यक्त कीजिए।
उत्तर:
यदि हिमालय नहीं होता, तो भारत का स्वरूप बहुत अलग और कठिन होता:
- अत्यधिक ठंड: उत्तर भारत में साइबेरिया (मध्य एशिया) से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण मौसम अत्यंत ठंडा होता।
- कम वर्षा: हिमालय मानसूनी हवाओं को रोककर बारिश करवाता है। इसके अभाव में भारत के बड़े हिस्से में वर्षा कम होती और सूखा पड़ जाता।
- नदियों का अभाव: गंगा, यमुना और ब्रह्मपुत्र जैसी बारहमासी (सालों भर बहने वाली) नदियाँ नहीं होतीं, जिससे कृषि और जीवन मुश्किल हो जाता।
3. अध्याय में दी गई जानकारी के आधार पर बताइए कि भारत को ‘लघु महाद्वीप’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
भारत को ‘लघु महाद्वीप’ (उपमहाद्वीप) इसलिए कहा जाता है क्योंकि:
- प्राकृतिक सीमाएँ: यह एशिया महाद्वीप का हिस्सा होते हुए भी हिमालय और तीन ओर से समुद्रों (हिंद महासागर, अरब सागर, बंगाल की खाड़ी) द्वारा शेष एशिया से एक बड़े और अलग भू-भाग के रूप में घिरा हुआ है।
- विविधता: इसमें एक महाद्वीप में पाई जाने वाली लगभग सभी प्रकार की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधताएँ मौजूद हैं, जैसे – ऊँचे पर्वत, विशाल मैदान, रेगिस्तान, पठार और द्वीप।
4. भारत की किसी प्रमुख नदी को मानचित्र में देखिए। इसका उद्गम कहाँ है और यह समुद्र में कहाँ मिलती है? इसकी यात्रा के दौरान लोग इस नदी का विभिन्न प्रकार से कैसे उपयोग करते हैं? अपनी कक्षा में इस पर चर्चा कीजिए।
उत्तर:
हम गंगा नदी का उदाहरण लेते हैं:
- उद्गम: इसका उद्गम हिमालय में स्थित गंगोत्री हिमनद (ग्लेशियर) से होता है।
- मुहाना (अंत): यह पूर्व की ओर बहकर बांग्लादेश में प्रवेश करती है और अंत में बंगाल की खाड़ी में मिलती है (जहाँ यह विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा सुंदरवन बनाती है)।
उपयोग:
- सिंचाई: लाखों किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए इसका पानी उपयोग करते हैं।
- पीने का पानी: यह करोड़ों लोगों के लिए पीने और घरेलू कार्यों के लिए पानी का स्रोत है।
- परिवहन: इसका उपयोग नावों और छोटे जहाजों द्वारा जलमार्ग के रूप में किया जाता है।
- धार्मिक महत्व: इसे भारत में सबसे पवित्र नदी माना जाता है।
5. भारत के दक्षिणी भाग को प्रायद्वीपीय पठार क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
भारत के दक्षिणी भाग को ‘प्रायद्वीपीय पठार’ कहने के दो कारण हैं:
- प्रायद्वीप: यह भूभाग तीन ओर से पानी (अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर) से घिरा हुआ है।
- पठार: यह भूमि अपने आस-पास की समतल जमीन से ऊँची है और इसका ऊपरी हिस्सा मेज की तरह सपाट लेकिन ऊबड़-खाबड़ है।
6. इस अध्याय में वर्णित यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त कौन-से धरोहर स्थल आपको अधिक रूचिकर लगे? इसके रोचक तथ्यों का संक्षिप्त में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मुझे सुंदरवन (जो डेल्टा क्षेत्र है) सबसे अधिक रुचिकर लगा।
रोचक तथ्य:
- यह गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा बनाया गया दुनिया का सबसे बड़ा डेल्टा है।
- यह जगह रॉयल बंगाल टाइगर का घर है।
- यहाँ मैंग्रोव वन पाए जाते हैं, जो खारे पानी में उगने की क्षमता रखते हैं।
7. इस पुस्तक के अंत में दिए गए भारत के भौतिक और राजनीतिक मानचित्रों को देखिए। आप अभी जिस क्षेत्र में हैं, उसकी पहचान कीजिए। आप भारत की किस भौतिक विशेषता का उपयोग इस स्थान का वर्णन करने के लिए करेंगे?
उत्तर:
क्षेत्र: मैं उत्तर प्रदेश में रहता हूँ।
भौतिक विशेषता: मेरा क्षेत्र ‘गंगा का मैदान’ के अंतर्गत आता है। इस क्षेत्र की प्रमुख विशेषता यह है कि यहाँ की जमीन पूरी तरह से समतल है और यहाँ मिट्टी अत्यंत उपजाऊ है, जिसके कारण यह क्षेत्र कृषि और घनी आबादी के लिए आदर्श है।
8. भारत में खाद्य संरक्षण के उपाय जगह-जगह पर भिन्न हैं, जो स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप होते हैं। ‘कक्षा परियोजना’ के अंतर्गत खाद्य संरक्षण के विभिन्न उपायों के बारे में जानकारी एकत्रित कीजिए। (संकेत – मौसमी (ऋतु विशेष में उपलब्ध) सब्जियों को सुखाकर उन्हें अन्य ऋतुओं में उपयोग हेतु सुरक्षित रखना)
उत्तर:
भारत में भोजन को संरक्षित (सुरक्षित) रखने के कुछ प्रमुख स्थानीय उपाय निम्नलिखित हैं:
धूप में सुखाना : सब्जियों (जैसे गोभी, आलू के चिप्स, मेथी) और दालों को तेज धूप में सुखाकर उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखना।
आचार/मुरब्बा: फलों (जैसे आम, नींबू, आंवला) को तेल, नमक या चीनी की चाशनी का उपयोग करके संरक्षित करना।
नमक का उपयोग: तटीय क्षेत्रों में मछली को नमक लगाकर सुखाया जाता है, जबकि अन्य क्षेत्रों में मांस को नमक और मसालों से सुरक्षित रखा जाता है।
9. इतने अलग-अलग भौतिक स्वरूपों (पर्वतीय, मरुस्थलीय, मैदानी, तटीय इत्यादि) के साथ भारत एक विशाल देश है। भारत की भौगोलिक स्थिति ने लोगों को एकजुट रहने में किस प्रकार सहायता की है। इसके बारे में आपका क्या विचार है?
उत्तर:
भारत की भौगोलिक स्थिति ने लोगों को निम्नलिखित तरीकों से एकजुट रहने में सहायता की है:
- पारस्परिक निर्भरता: विभिन्न भौगोलिक क्षेत्र अपनी जरूरतों के लिए एक-दूसरे पर निर्भर हैं। उदाहरण के लिए, पहाड़ी क्षेत्र लकड़ी/जड़ी-बूटी प्रदान करते हैं, जबकि मैदान अनाज देते हैं, और पठार खनिज देते हैं। इस निर्भरता से एकता मजबूत होती है।
- प्राकृतिक सीमा: हिमालय पर्वत और समुद्र भारत को एक स्पष्ट भौगोलिक इकाई प्रदान करते हैं, जिससे यहाँ रहने वाले लोग खुद को शेष दुनिया से अलग और एक ही राष्ट्र का हिस्सा मानते हैं।
- संस्कृति का मिलन: नदियों और प्राचीन व्यापार मार्गों ने लोगों को एक-दूसरे के करीब लाकर संस्कृति और विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया है।
कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान अध्याय 1 से परीक्षा के लिए अतिरिक्त प्रश्न उत्तर
कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान पाठ 1 पर आधारित अतिलघुउत्तरीय प्रश्न उत्तर
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
1. प्रायद्वीप किसे कहते हैं?
उत्तर देखेंवह भूभाग जो तीन ओर से जल से घिरा होता है, उसे प्रायद्वीप कहते हैं। जैसे- भारतीय प्रायद्वीप।
2. ‘आठ हजारी’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर देखेंहिमालय की वे पर्वत चोटियाँ जिनकी ऊँचाई 8000 मीटर से अधिक है, उन्हें सामूहिक रूप से ‘आठ हजारी’ कहा जाता है।
3. डेल्टा का निर्माण कैसे होता है?
उत्तर देखेंजब नदियाँ अपने मुहाने पर अवसादों (गाद/मिट्टी) को जमा करती हैं, तो त्रिभुजाकार भू-आकृति बनती है जिसे डेल्टा कहते हैं।
4. हिमाद्री या वृहद हिमालय की एक विशेषता बताइए।
उत्तर देखेंयह हिमालय की सबसे ऊँची श्रृंखला है जो वर्ष भर बर्फ से ढकी रहती है। माउंट एवरेस्ट यहीं स्थित है।
5. लद्दाख को ‘चंद्रभूमि’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर देखेंलद्दाख की ऊबड़-खाबड़ और चट्टानी जमीन चंद्रमा की सतह जैसी दिखाई देती है, इसलिए इसे ‘चंद्रभूमि’ कहा जाता है।
6. अरावली पर्वत श्रृंखला की सबसे ऊँची चोटी कौन सी है?
उत्तर देखेंअरावली पर्वत श्रृंखला की सबसे ऊँची चोटी ‘माउंट आबू’ (गुरु शिखर) है, जिसकी ऊँचाई 1722 मीटर है।
7. भारत के दो प्रमुख द्वीपसमूहों के नाम लिखिए।
उत्तर देखें1) अरब सागर में लक्षद्वीप द्वीपसमूह और
2) बंगाल की खाड़ी में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह।
8. पश्चिमी घाट की नदियों की एक विशेषता बताइए।
उत्तर देखेंपश्चिमी घाट से निकलने वाली नदियाँ तीव्र गति से बहती हैं और ज्वारनदमुख (एस्चुरी) का निर्माण करती हैं।
9. ‘प्रवाल भित्ति’ भारत में कहाँ पाई जाती हैं?
उत्तर देखेंभारत में प्रवाल भित्तियाँ मुख्य रूप से लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह और मन्नार की खाड़ी में पाई जाती हैं।
10. भाबर क्षेत्र क्या है?
उत्तर देखेंयह शिवालिक की तलहटी में स्थित कंकड़-पत्थरों वाला क्षेत्र है जहाँ नदियाँ भूमिगत हो जाती हैं।
11. थार मरुस्थल भारत के किन राज्यों में फैला है?
उत्तर देखेंथार मरुस्थल मुख्य रूप से राजस्थान में है, लेकिन इसका विस्तार गुजरात, पंजाब और हरियाणा तक भी है।
12. दक्कन के पठार की प्रमुख नदियाँ कौन सी हैं?
उत्तर देखेंगोदावरी, कृष्णा, कावेरी और महानदी दक्कन के पठार की प्रमुख नदियाँ हैं जो पूर्व की ओर बहती हैं।
13. चिल्का झील किस राज्य में स्थित है?
उत्तर देखेंचिल्का झील भारत के ओडिशा राज्य में स्थित है। यह एक खारे पानी की लैगून झील है।
14. जीवित जड़ों से बने पुल कहाँ पाए जाते हैं?
उत्तर देखेंये पुल मेघालय में पाए जाते हैं, जिन्हें रबर के पेड़ों की जड़ों को आपस में गूंथकर बनाया जाता है।
15. मावलिननॉन्ग गाँव किस लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर देखेंमेघालय स्थित मावलिननॉन्ग गाँव को अपनी स्वच्छता और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली के कारण ‘एशिया का सबसे स्वच्छ गाँव’ माना जाता है।
कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान पाठ 1 पर आधारित लघुउत्तरीय प्रश्न उत्तर
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. हिमालय को ‘एशिया का जल शिखर’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर देखेंहिमालय पर्वत श्रृंखला पर जमी बर्फ गर्मियों में पिघलती है, जो सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र जैसी विशाल नदियों का मुख्य स्रोत है। ये नदियाँ करोड़ों लोगों की प्यास बुझाती हैं और सिंचाई का साधन हैं, इसलिए इसे जल शिखर कहते हैं।
2. हिमालय का निर्माण प्लेट विवर्तनिकी के अनुसार कैसे हुआ?
उत्तर देखेंकरोड़ों वर्ष पहले भारतीय भूभाग गोंडवाना लैंड से अलग होकर उत्तर की ओर बढ़ा और यूरेशियाई प्लेट से टकराया। इस टक्कर से दोनों के बीच की भूमि पर दबाव पड़ा और वह ऊपर उठकर हिमालय पर्वत बन गई।
3. भारत के उत्तरी मैदानों का आर्थिक महत्व क्या है?
उत्तर देखेंउत्तरी मैदान सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी से बने हैं। यह क्षेत्र अत्यंत उपजाऊ है, जिससे यहाँ कृषि का व्यापक विकास हुआ है। इसे भारत का ‘अन्न का कटोरा’ भी कहा जाता है।
4. थार मरुस्थल में जीवन कठिन क्यों है?
उत्तर देखेंथार मरुस्थल में जल की अत्यधिक कमी है, दिन में तापमान बहुत अधिक और रातें बहुत ठंडी होती हैं। रेतीले तूफानों और कम वनस्पति के कारण यहाँ कृषि और परिवहन कठिन है, जिससे जनजीवन संघर्षपूर्ण हो जाता है।
5. पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट में दो मुख्य अंतर बताइए।
उत्तर देखेंपश्चिमी घाट एक निरंतर श्रृंखला है और अधिक ऊँचा है, जबकि पूर्वी घाट कटा-फटा है और इसकी ऊँचाई कम है। पश्चिमी घाट में वर्षा अधिक होती है, जबकि पूर्वी घाट तुलनात्मक रूप से शुष्क रहता है।
6. भारत में नदियों का सांस्कृतिक महत्व क्या है?
उत्तर देखेंभारत में नदियों को पवित्र माना जाता है और उन्हें ‘माता’ का दर्जा दिया जाता है (जैसे गंगा मैया)। कुंभ मेला और छठ पूजा जैसे अनेक धार्मिक उत्सव नदियों के किनारे ही मनाए जाते हैं।
7. अरावली पर्वत श्रृंखला का जलवायु पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर देखेंअरावली पर्वत श्रृंखला थार मरुस्थल को पूर्व की ओर बढ़ने से रोकती है। यह एक प्राकृतिक बाधा के रूप में कार्य करती है, लेकिन इसकी दिशा मानसूनी हवाओं के समानांतर होने के कारण यह राजस्थान में अधिक वर्षा नहीं करवा पाती।
8. पूर्वोत्तर भारत की भौगोलिक विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर देखेंपूर्वोत्तर भारत में ऊँची पहाड़ियाँ, गहरी घाटियाँ और घने जंगल हैं। यहाँ की गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियों में अत्यधिक वर्षा होती है। यह क्षेत्र अपनी समृद्ध जैव विविधता और जनजातीय संस्कृति के लिए जाना जाता है।
9. तटीय मैदानों का क्या महत्व है?
उत्तर देखेंभारत के तटीय मैदान उपजाऊ हैं और यहाँ चावल व मसालों की खेती होती है। यहाँ कई प्रमुख बंदरगाह स्थित हैं जो व्यापार में मदद करते हैं। साथ ही, यह क्षेत्र मत्स्य पालन और नमक उत्पादन का केंद्र है।
10. अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का सामरिक महत्व क्या है?
उत्तर देखेंबंगाल की खाड़ी में स्थित यह द्वीपसमूह भारत के लिए एक प्राकृतिक निगरानी चौकी की तरह है। यहाँ से भारत दक्षिण-पूर्व एशिया और हिंद महासागर के समुद्री मार्गों पर नजर रख सकता है, जो सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान पाठ 1 पर आधारित दीर्घउत्तरीय प्रश्न उत्तर
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. भारत को कितने प्रमुख भौगोलिक विभागों में बाँटा जा सकता है? संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर देखेंभारत को मुख्य रूप से पाँच भौगोलिक विभागों में बाँटा जाता है:
1) उत्तर का हिमालय पर्वतीय क्षेत्र: यह भारत की उत्तरी सीमा पर स्थित है।
2) उत्तर का विशाल मैदान: यह हिमालय के दक्षिण में नदियों द्वारा लाई गई मिट्टी से बना उपजाऊ क्षेत्र है।
3) भारतीय महामरुस्थल (थार): यह पश्चिम में स्थित शुष्क और रेतीला भाग है।
4) प्रायद्वीपीय पठार: यह दक्षिण का त्रिभुजाकार, खनिज संपदा से भरपूर क्षेत्र है।
5) तटीय मैदान और द्वीपसमूह: समुद्र के किनारे स्थित मैदान और अरब सागर व बंगाल की खाड़ी में स्थित द्वीप।
2. हिमालय पर्वत श्रृंखला का भारत के लिए क्या महत्व है? विस्तार से समझाएँ।
उत्तर देखेंहिमालय भारत के लिए वरदान है। यह उत्तर से आने वाली ठंडी ध्रुवीय हवाओं को रोकता है, जिससे भारत में अत्यधिक ठंड नहीं पड़ती। यह मानसूनी हवाओं को रोककर देश में वर्षा करवाता है। सुरक्षा की दृष्टि से यह एक अभेद्य दीवार है। साथ ही, यह गंगा, यमुना और ब्रह्मपुत्र जैसी सदानीरा नदियों का स्रोत है जो कृषि और पेयजल के लिए अनिवार्य हैं। इसके वनों से जड़ी-बूटियाँ और लकड़ी प्राप्त होती है।
3. भारत के प्रायद्वीपीय पठार की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर देखेंप्रायद्वीपीय पठार भारत का सबसे पुराना भूभाग है, जो गोंडवाना लैंड का हिस्सा था। यह तीन ओर से समुद्र से घिरा है। इसकी आकृति त्रिभुजाकार है और धरातल ऊबड़-खाबड़ है। यह क्षेत्र खनिजों (कोयला, लोहा, मैंगनीज) का भंडार है, जो भारत के औद्योगिक विकास की रीढ़ है। यहाँ नर्मदा और ताप्ती जैसी नदियाँ पश्चिम की ओर, जबकि गोदावरी और कृष्णा पूर्व की ओर बहती हैं। यहाँ कई प्रसिद्ध जलप्रपात भी स्थित हैं।
4. थार मरुस्थल के लोगों ने वहाँ की परिस्थितियों के साथ कैसे अनुकूलन किया है?
उत्तर देखेंथार मरुस्थल में पानी की कमी और भीषण गर्मी के कारण जीवन कठिन है। यहाँ के लोगों ने विशेष जीवनशैली अपनाई है। वे पानी को संचित करने के लिए ‘टांका’ या ‘कुंड’ बनाते हैं। वे सूती और हल्के कपड़े पहनते हैं जो गर्मी से बचाते हैं। भोजन में वे बाजरा, दाल और सूखी सब्जियों का प्रयोग करते हैं जो कम पानी में उगती हैं। ऊँट, जिसे ‘रेगिस्तान का जहाज’ कहते हैं, उनके परिवहन का मुख्य साधन है।
5. “भारत में भौगोलिक विविधता में भी एकता है।” इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर देखेंभारत में पहाड़, नदियाँ, रेगिस्तान, पठार और मैदान जैसी अत्यधिक भौगोलिक विविधताएँ हैं। जहाँ एक ओर लद्दाख जैसा ठंडा मरुस्थल है, वहीं दूसरी ओर थार जैसा गर्म रेगिस्तान। चेरापूंजी में भारी वर्षा होती है, तो राजस्थान सूखा रहता है। इन भिन्नताओं के बावजूद, मानसून पूरे देश को एक सूत्र में पिरोता है। नदियाँ विभिन्न राज्यों से बहकर उन्हें जोड़ती हैं। संसाधनों का आदान-प्रदान क्षेत्रों को एक-दूसरे पर निर्भर बनाता है, जिससे राष्ट्रीय एकता मजबूत होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान भाग 1 का अध्याय 1 किस विषय पर आधारित है?
कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान भाग 1 (सत्र 2026-27 की नई NCERT पुस्तक) का पहला अध्याय “भारत की भौगोलिक विविधता” पर आधारित है। इसमें भारत के पाँच प्रमुख भौगोलिक भागों – महान पर्वतीय क्षेत्र (हिमालय), गंगा-सिंधु का मैदान, मरुस्थलीय भूभाग, दक्षिणी प्रायद्वीपीय पठार और द्वीपसमूह – का विस्तार से वर्णन किया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि कैसे ये भौगोलिक विशेषताएँ भारत की जलवायु, संस्कृति, वन्यजीवन और लोगों के जीवन-यापन के तरीके को प्रभावित करती हैं। यह अध्याय विद्यार्थियों को मानचित्र-कौशल और अवलोकन क्षमता विकसित करने में भी मदद करता है।
क्या कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान अध्याय 1 पुराने पाठ्यक्रम से अलग है?
जी हाँ, यह अध्याय NCERT की नई पाठ्यपुस्तक श्रृंखला का हिस्सा है, जो सत्र 2026-27 के लिए विशेष रूप से संशोधित करके जारी की गई है। इसमें पहले की तुलना में विषय-वस्तु को अधिक रोचक और गतिविधि-आधारित बनाया गया है, जैसे “आइए पता लगाएँ”, “इसे अनदेखा न करें” और “पुनरावलोकन करें” जैसे बॉक्स शामिल किए गए हैं। भारत की महाद्वीपीय बहाव (गोंडवाना भूमि) से जुड़ी वैज्ञानिक कहानी, लद्दाख के शीत मरुस्थल, सुंदरवन डेल्टा और मेघालय की जीवित जड़ों के पुल जैसे नए और आकर्षक उदाहरण भी जोड़े गए हैं, ताकि बच्चे भूगोल को अधिक व्यावहारिक तरीके से समझ सकें।
विद्यार्थियों को कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान अध्याय 1 से क्या-क्या सीखने को मिलेगा?
इस अध्याय के माध्यम से विद्यार्थी भारत के प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों — हिमालय पर्वत श्रृंखला (हिमाद्री, हिमाचल और शिवालिक), गंगा के उपजाऊ मैदान, थार मरुस्थल और लद्दाख का शीत मरुस्थल, अरावली पहाड़ियाँ, प्रायद्वीपीय पठार (पश्चिमी व पूर्वी घाट), पश्चिमी व पूर्वी तट, लक्षद्वीप व अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह और पूर्वोत्तर की पहाड़ियों के बारे में सीखेंगे। इसके अलावा उन्हें नदियों, झीलों, राष्ट्रीय उद्यानों, यूनेस्को धरोहर स्थलों और स्थानीय जनजातीय समुदायों के बारे में भी जानकारी मिलेगी। यह अध्याय मानचित्र पढ़ने, दिशा-ज्ञान और भौगोलिक तथ्यों को आपस में जोड़ने का कौशल भी विकसित करता है।
अभिभावक अपने बच्चे को कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान अध्याय 1 को समझने में कैसे मदद कर सकते हैं?
अभिभावक बच्चों को भारत के भौतिक मानचित्र के साथ बैठाकर इस अध्याय को पढ़ाएँ, ताकि बच्चा हर भौगोलिक विशेषता को मानचित्र पर पहचान सके। अध्याय में दिए गए “आइए पता लगाएँ” वाले प्रश्नों पर साथ में चर्चा करना बहुत उपयोगी रहता है। इसके अलावा बच्चों को समाचार, यात्रा वृत्तांत या डॉक्यूमेंट्री के ज़रिए हिमालय, थार मरुस्थल, सुंदरवन जैसे स्थानों की तस्वीरें और वीडियो दिखाना भी सीखने को रोचक बना देता है। घर पर भारत के मानचित्र पर नदियाँ, पर्वत और पठार चिह्नित करने जैसी गतिविधियाँ बच्चे की स्मरण शक्ति और भौगोलिक समझ दोनों को मज़बूत करती हैं।
शिक्षक कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान अध्याय 1 को कक्षा में प्रभावी ढंग से कैसे पढ़ा सकते हैं?
शिक्षक इस अध्याय को पढ़ाते समय भौतिक मानचित्र और उपग्रह चित्रों का अधिकतम उपयोग करें, क्योंकि पाठ्यपुस्तक में भी हर भौगोलिक विशेषता के साथ चित्र और मानचित्र संदर्भ दिए गए हैं। कक्षा में समूह-गतिविधि के रूप में “आइए पता लगाएँ” बॉक्स के प्रश्नों पर चर्चा कराई जा सकती है। साथ ही भारत के महाद्वीपीय बहाव और हिमालय के निर्माण जैसी वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल कहानी के रूप में समझाना बच्चों की रुचि बढ़ाता है। अध्याय के अंत में दिए गए प्रश्न और क्रियाकलाप तथा “कक्षा परियोजना” का उपयोग मूल्यांकन और व्यावहारिक शिक्षण दोनों के लिए किया जा सकता है।
क्या कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान अध्याय 1 परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है?
जी हाँ, यह अध्याय सामाजिक विज्ञान (भूगोल भाग) की नींव है, इसलिए परीक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। इससे मानचित्र-आधारित प्रश्न, अति-लघु उत्तरीय प्रश्न, संक्षिप्त वर्णनात्मक प्रश्न (जैसे — भारत को प्रायद्वीपीय पठार क्यों कहा जाता है, हिमालय के तीन भाग कौन-से हैं आदि) और परियोजना-कार्य आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। पाठ्यपुस्तक के अंत में दिए गए 9 प्रश्न और क्रियाकलाप विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए अभ्यास कराने हेतु बहुत उपयोगी हैं, इसलिए इन्हें ध्यानपूर्वक हल करवाना चाहिए।
कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान अध्याय 1 में कौन-से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों का उल्लेख किया गया है?
इस अध्याय में कई यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों का उल्लेख मिलता है, जैसे — हिमाचल प्रदेश का ‘ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान संरक्षण क्षेत्र’, राजस्थान के थार मरुस्थल में स्थित ‘जैसलमेर किला’, केरल-कर्नाटक-महाराष्ट्र-गोवा तक फैला ‘पश्चिमी घाट’ और पश्चिम बंगाल का ‘सुंदरवन डेल्टा’। ये सभी स्थल अपनी जैव विविधता, वास्तुकला और पारिस्थितिक महत्व के लिए जाने जाते हैं। विद्यार्थियों को इन स्थलों के नाम, राज्य और उनकी विशेषताएँ याद रखने से परीक्षा में संक्षिप्त उत्तरीय प्रश्नों को हल करने में आसानी होती है।
