एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 8 सः एव महान् चित्रकारः

एनसीईआरटी कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 8 सः एव महान् चित्रकारः के समाधान, हिंदी अनुवाद तथा प्रश्न उत्तर शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थी यहाँ से निशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। कक्षा 6 संस्कृत पाठ्यपुस्तक दीपकम् का आठवाँ पाठ “सः एव महान् चित्रकारः” एक रोचक संवाद-पाठ है जो राष्ट्रपति भवन के अमृत-उद्यान की पृष्ठभूमि में रचा गया है।
पाठ में एक शिक्षक अपने छात्रों को प्रकृति का अवलोकन करवाते हुए संस्कृत में रंगों का परिचय देता है। श्रद्धा, मेधा, मनीषा, आदित्य और मञ्जुल नाम के छात्र मिलकर पत्तों का हरित वर्ण, कौवे-कोयल का कृष्ण वर्ण, गुड़हल का रक्त वर्ण, तोते के पंखों के नील-पीत-रक्त वर्ण, गुलाब के पीत-श्वेत-नीललोहित-केसर वर्ण और हंस-बगुले का श्वेत वर्ण खोजते हैं।
पाठ का केंद्रीय विचार यह है कि प्रकृति के सभी रंगों का रचयिता परमेश्वर ही है इसलिए वही महान् चित्रकारः है। पाठ में रंगों की शब्दावली अत्यंत समृद्ध है — रक्तः, नीलः, पीतः, हरितः, श्वेतः, कृष्णः, पाटलः, नीललोहितः, केसरः जैसे शब्द संस्कृत में रंगों को जानने का पूरा आधार देते हैं। योग्यताविस्तरः भाग में कवि कल्लडि-कृष्णन् कुट्टी द्वारा रचित संध्याकाशीय सौंदर्य पर एक सुंदर कविता है तथा अमरकोश के धीवर्ग से संस्कृत में रंगों का विस्तृत वर्गीकरण दिया गया है। सत्र 2026-27 के NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार इस पाठ के सभी अभ्यास-प्रश्नों के हल यहाँ हिंदी में उपलब्ध हैं।

एनसीईआरटी कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 8 के प्रश्न उत्तर

वयम् अभ्यासं कुर्म:

1. पाठस्य आधारेण प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखन्तु –

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 8 के प्रश्न 1 का चित्र

उत्तर:

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 8 के प्रश्न 1 के उत्तर का चित्र

2. पाठस्य आधारेण प्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखन्तु –

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 8 के प्रश्न 2 का चित्र

उत्तर:

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 8 के प्रश्न 2 के उत्तर का चित्र

3. उचितवर्णेन सह शब्दं योजयन्तु –

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 8 के प्रश्न 3 का चित्र

उत्तर:

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 8 के प्रश्न 3 के उत्तर का चित्र

4. राष्ट्रध्वजस्य समुचितैः वर्णैःअध: प्रदत्तेशु  वाक्येशु रिक्तस्थानानि पूरयन्तु –

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 8 के प्रश्न 4 का चित्र

उत्तर:

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 8 के प्रश्न 4 के उत्तर का चित्र

5. प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखन्तु –

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 8 के प्रश्न 5 का चित्र

उत्तर:

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 8 के प्रश्न 5 के उत्तर का चित्र

6. रेखाचित्रेषु निर्दिष्टान् वर्णान् पूरयन्तु –

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 8 के प्रश्न 6 का चित्र

उत्तर:

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 8 के प्रश्न 6 के उत्तर का चित्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न – कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् पाठ 8

क्या रंगों के संस्कृत नाम परीक्षा में सीधे पूछे जाते हैं और इन्हें कैसे याद करें?

हाँ, यह पाठ परीक्षा में सबसे अधिक स्कोरिंग भागों में से एक है क्योंकि रंगों के नाम निश्चित हैं और याद करना आसान है। अभ्यास 3, 5 और 6 तीनों में रंगों के नाम पूछे जाते हैं। इन्हें याद करने का सबसे सरल तरीका है — अपने आसपास की चीज़ों को देखकर उनका संस्कृत रंग-नाम बोलना जैसे आकाश — नीलः, घास — हरितः, दूध — श्वेतः।

राष्ट्रध्वज के रंग संस्कृत में अभ्यास 4 में पूछे गए हैं – यह परीक्षा में आता है?

हाँ, राष्ट्रध्वज से संबंधित प्रश्न परीक्षा में अक्सर आते हैं क्योंकि यह रोचक और राष्ट्रीय महत्व का विषय है। उत्तर यह है – उपरि केसरवर्णः, मध्ये श्वेतवर्णः, अधः हरितवर्णः और ध्वजस्य केन्द्रे नीलवर्णः (अशोक-चक्रस्य) अस्ति।

अमरकोश में वर्णों का वर्गीकरण क्या है और क्या यह परीक्षा में आता है?

अमरकोश संस्कृत का प्राचीन शब्दकोश है। इसके धीवर्ग में श्वेत के 13 पर्यायवाची – शुक्लः, शुभ्रः, श्वेतः, धवलः आदि — कृष्ण के 12 पर्याय – कृष्णः, नीलः, श्यामः, कालः आदि — पीत और हरित के अनेक पर्याय दिए गए हैं। यह भाग मुख्यतः अतिरिक्त ज्ञान के लिए है। परीक्षा में इससे सीधे प्रश्न कम आते हैं किंतु उच्च श्रेणी पाने के इच्छुक छात्रों के लिए यह उपयोगी है।

पाठ का शीर्षक “सः एव महान् चित्रकारः” – यहाँ “सः” किसके लिए प्रयुक्त है?

पाठ के अंत में जब शिक्षक पूछते हैं कि इन सभी रंगों का योजक चित्रकार कौन है तो सभी छात्र एक स्वर में उत्तर देते हैं – परमेश्वरः। इस प्रकार “सः” परमेश्वर के लिए प्रयुक्त है और पाठ का केंद्रीय भाव यह है कि प्रकृति की रंगीन सुंदरता का महान् चित्रकार ईश्वर ही है।

इस पाठ के शब्दार्थ बहुत अधिक हैं – परीक्षा की दृष्टि से कौन से सबसे महत्वपूर्ण हैं?

परीक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण शब्द वे हैं जो रंगों से और प्राणियों-पक्षियों-फूलों से जुड़े हैं। जैसे — शुकः (तोता), काकः (कौआ), पिकः (कोयल), जपापुष्पम् (गुड़हल), पाटलपुष्पम् (गुलाब), हंसः (हंस), बकः (बगुला), शशः (खरगोश) और जन्तुशालायाम् (चिड़ियाघर में)। इन्हें हिंदी अर्थ सहित याद रखना परीक्षा में बहुत उपयोगी होता है।

परियोजना कार्य में फूलों के रंग लिखने हैं – क्या यह आन्तरिक मूल्यांकन में आता है?

हाँ, परियोजना के दोनों कार्य आन्तरिक मूल्यांकन और पोर्टफोलियो के लिए हैं। पहले में पाठ में दिए गए नौ फूलों — पाटलम् (गुलाब), कमलम्, चम्पकः, सूर्यकान्तिः, अपराजिता, जपाकुसुमम्, मल्लिका, गन्धपुष्पम्, कर्णोरः — के नाम और उनके रंग संस्कृत में लिखने हैं। दूसरे में कक्षा की 10 वस्तुओं के नाम और रंग संस्कृत में लिखने हैं। यह सृजनात्मक कार्य है जो संस्कृत की शब्द-समृद्धि बढ़ाता है।