एनसीईआरटी समाधान कक्षा 10 गणित प्रश्नावली 1.3

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 10 गणित अध्याय 1 प्रश्नावली 1.3 वास्तविक संख्याएँ के पाठ के अंत में दिए गए प्रश्नों के हल सीबीएसई सत्र 2022-2023 के लिए यहाँ से मुफ्त प्राप्त करें। कक्षा दस गणित अभ्यास 1.3 के सभी प्रश्नों को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया है ताकि प्रत्येक छात्र को ये सरलता से समझ आ सके। प्रश्नों के हल और जवाब पीडीएफ और विडियो दोनों ही रूपों में उपलब्ध हैं।

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 10 गणित अध्याय 1 प्रश्नावली 1.3

कक्षा 10 के लिए मुफ्त ऐप

iconicon

अपरिमेय संख्याओं का पुनर्भ्रमण

अपरिमेय संख्या
संख्या “s” अपरिमेय संख्या कहलाती है, यदि उसे p/q के रूप में नहीं लिखा जा सकता हो, जहाँ p और q पूर्णांक हैं और q ≠ 0 है। अपरिमेय संख्याओं के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैंः
√2, √3, √15 , π, … आदि।

कक्षा 10 गणित पाठ 1 प्रमेय 1.3

मान लीजिए p एक अभाज्य संख्या है। यदि p, a² को विभाजित करती है, तो p, a को भी विभाजित करेगी, जहाँ a एक धनात्मक पूर्णांक है।

कक्षा 10 गणित अध्याय 1 प्रमेय 1.4

√2 एक अपरिमेय संख्या है।
उपपत्ति
हम इसके विपरीत यह मान लेते हैं कि √2 एक परिमेय संख्या है।
अतः, हम दो पूर्णांक r और s ऐसे ज्ञात कर सकते हैं कि √2 = r/s हो तथा s ≠ 0 हो।
मान लीजिए r और s में, 1 के अतिरिक्त, कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड है। तब, हम इस उभयनिष्ठ गुणनखंड से r और s को विभाजित करके √2 = a/b प्राप्त कर सकते हैं, जहाँ a और b सहअभाज्य हैं।
अतः b√2 = a हुआ।
दोनों पक्षों का वर्ग करने तथा पुनर्व्यवस्थित करने पर, हमें प्राप्त होता है:
2b² = a²
अतः 2, a² को विभाजित करता है।
इसलिए प्रमेय 1.3 के अनुसार 2, a को विभाजित करेगा।

अतः हम a = 2 c लिख सकते हैं जहां c कोई पूर्णांक है।
a का मान प्रतिस्थापित करने पर 2b² = 4c², अर्थात b² = 2c² प्राप्त होगा।
इसका अर्थ है कि 2, b² को विभाजित करता है इसलिए प्रमेय 1.3 के अनुसार 2, b को विभाजित करेगा।
अतः a, b में एक उभयनिष्ट गुनंखंड 2 है।

परंतु इससे इस तथ्य का विरोधाभास प्राप्त होता है कि a और b में, 1 के अतिरिक्त, कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है। यह विरोधाभास हमें इस कारण प्राप्त हुआ है, क्योंकि हमने एक त्रुटिपूर्ण कल्पना कर ली है कि √2 एक परिमेय संख्या है।
अतः, हम निष्कर्ष निकालते हैं कि √2 एक अपरिमेय संख्या है।

कक्षा 10 गणित प्रश्नावली 1.3 समाधान
कक्षा 10 गणित प्रश्नावली 1.3 समाधान एनसीईआरटी