एनसीईआरटी समाधान कक्षा 2 आनंदमय गणित अध्याय 4 कहानी परछाइयों से
कक्षा 2 आनंदमय गणित अध्याय 4 कहानी परछाइयों से (टोगालू) (द्वि-आयामी आकृतियाँ) एनसीईआरटी समाधान – अभ्यास के प्रश्न उत्तर तथा अतिरिक्त प्रश्नों के हल सत्र 2026-27 के लिए यहाँ दिए गए हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि एक साधारण परछाई के पीछे पूरी गणित की दुनिया छिपी हो सकती है? कक्षा 2 गणित का अध्याय 4 “कहानी परछाइयों से (टोगालू)” बच्चों को एक ऐसी रोमांचक यात्रा पर ले जाता है जहाँ परछाइयाँ, आकृतियाँ और पैटर्न मिलकर गणित को जीवंत और मज़ेदार बना देते हैं।
यह अध्याय कर्नाटक की प्रसिद्ध पारंपरिक कठपुतली कला “तोगल गोम्बेयत” की कहानी से शुरू होता है। नकुल और उसके दोस्त गाँव के मेले में चमड़े की कठपुतलियों से बनी परछाइयों को देखकर इतने अचंभित हो जाते हैं कि वे भी उँगलियों से दीवार पर पशु-पक्षियों की परछाइयाँ बनाने की कोशिश करने लगते हैं। यही जिज्ञासा इस पूरे अध्याय की नींव बनती है। इस अध्याय में बच्चे केवल आकृतियों के नाम नहीं सीखते — बल्कि यह समझते हैं कि परछाई कैसे बनती है, प्रकाश की स्थिति बदलने पर उसका आकार क्यों बदलता है, और रोज़मर्रा की साधारण वस्तुओं को काग़ज़ पर रखकर उनकी 2D आकृति कैसे पहचानी जा सकती है। “लुका-छिपी” खेल के माध्यम से वृत्त, आयत, त्रिकोण और वर्ग जैसी आकृतियाँ एक मज़ेदार कहानी में जीवंत हो जाती हैं। ओरिगेमी, रंग-छाप, पत्ती-प्रिंट और संख्या पैटर्न जैसी गतिविधियाँ इस अध्याय को किताबी गणित से बिल्कुल अलग और बच्चों के लिए सच में रोचक बनाती हैं।
एनसीईआरटी कक्षा 2 आनंदमय गणित अध्याय 4 समाधान (2026-27 के लिए)
कक्षा 2 आनंदमय गणित अध्याय 4 के सभी प्रश्नों के हल तथा उत्तर
कक्षा 2 आनंदमय गणित पाठ 4 एनसीईआरटी समाधान – हिंदी और अंग्रेजी में
कक्षा 2 आनंदमय गणित अध्याय 4 में विद्यार्थी क्या सीखेंगे?
यह अध्याय बच्चों को गणित के चार बड़े विचारों से परिचित कराता है — परछाइयों की समझ, 2D आकृतियों की पहचान, किनारों व कोनों का ज्ञान, और पैटर्न बनाने की कला। नीचे दिए गए बिंदु इस अध्याय की मुख्य सीखों को दर्शाते हैं:
- परछाई कैसे बनती है और प्रकाश की स्थिति से उसका आकार कैसे बदलता है
- वस्तुओं को काग़ज़ पर रखकर उनकी 2D आकृति (ट्रेस) पहचानना
- वृत्त, आयत, त्रिकोण और वर्ग को रोज़मर्रा की चीज़ों में ढूँढना
- सीधे किनारे और घुमावदार किनारे वाली वस्तुओं में अंतर समझना
- कोने की पहचान और गिनती करना
- ओरिगेमी के माध्यम से आकृतियों को मोड़ना और बनाना
- रंग, छाप और पत्तियों से पैटर्न बनाना
- संख्या पैटर्न को पहचानना और आगे बढ़ाना (जैसे 5, 10, 15…)
कक्षा 2 आनंदमय गणित अध्याय 4 कहानी परछाइयों से (टोगालू) की मुख्य जानकारी
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| कक्षा | 2 |
| विषय | गणित (आनंदमय गणित) |
| अध्याय | 4 |
| अध्याय का नाम | कहानी परछाइयों से (टोगालू) |
| मुख्य अवधारणाएँ | परछाइयाँ, 2D आकृतियाँ, किनारे-कोने, पैटर्न |
| सत्र | 2026–27 |
| प्रेरणा | कर्नाटक की ‘तोगल गोम्बेयत’ कठपुतली कला |
परछाइयाँ और प्रकाश – विज्ञान और गणित का मेल
‘तोगल गोम्बेयत’ की कठपुतलियाँ चमड़े से बनाई जाती हैं और उनसे प्राचीन भारतीय कथाएँ — जैसे रामायण और महाभारत — की कहानियाँ परछाइयों के माध्यम से दिखाई जाती हैं। नकुल और उसके दोस्तों ने भी उँगलियों से दीवार पर पशु-पक्षियों की परछाइयाँ बनाने की कोशिश की। यही जिज्ञासा इस अध्याय की शुरुआत बनती है।
परछाई तब बनती है जब कोई वस्तु प्रकाश के रास्ते में आती है। लेकिन परछाई का आकार हमेशा एक जैसा नहीं रहता — यह इस बात पर निर्भर करता है कि प्रकाश का स्रोत कहाँ है और वस्तु किस दिशा में है। इसे समझने के लिए अध्याय में बच्चों से कुछ महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए हैं:
- क्या आपने कभी अपनी, किसी पेड़, कुत्ते या गाय की परछाई देखी है?
- हमें परछाइयाँ कब दिखाई देती हैं? (जब प्रकाश हो)
- कोई परछाई कब गायब हो जाती है? (जब प्रकाश न हो या वस्तु पारदर्शी हो)
- टॉर्च की स्थिति बदलने पर परछाई का आकार बदलता है या नहीं?
परछाई का आकार कब कैसा होता है?
| समय / स्थिति | परछाई कैसी होती है? | कारण |
|---|---|---|
| सुबह जल्दी | बहुत लंबी | सूरज क्षितिज के पास होता है |
| दोपहर 12 बजे | सबसे छोटी | सूरज सिर के ऊपर होता है |
| शाम को | फिर से लंबी | सूरज दूसरी तरफ झुकता है |
| टॉर्च पास रखें | बड़ी और धुंधली | प्रकाश ज़्यादा फैलता है |
| टॉर्च दूर रखें | छोटी और स्पष्ट | प्रकाश कम फैलता है |
अनुरेखण — वस्तुओं में छिपी 2D आकृतियाँ
इस अध्याय की सबसे रोचक गतिविधियों में से एक है — वस्तुओं को काग़ज़ पर रखकर उनके चारों ओर घेरा बनाना। जब हम रबड़, पत्ती, माचिस की डिबिया, सिक्के, बोतल का ढक्कन, शार्पनर या गेंद को काग़ज़ पर रखकर उनका घेरा बनाते हैं, तो उनकी 2D आकृति हमारे सामने आ जाती है। यह गतिविधि बच्चों को यह समझाती है कि 3D वस्तुओं की सतह को जब काग़ज़ पर उतारा जाता है, तो वह एक 2D आकृति बन जाती है। उदाहरण के लिए — बोतल का ढक्कन गोल है, इसलिए उसकी वृत्त बनाती है। माचिस की डिबिया आयताकार है, इसलिए उसकी आयत बनाती है। यह समझ बच्चों की ज्यामितीय सोच की नींव रखती है।
वस्तु और उनकी 2D आकृति
| वस्तु का नाम | 2D आकृति | किनारों का प्रकार |
|---|---|---|
| बोतल का ढक्कन / सिक्का | वृत | घुमावदार किनारे |
| माचिस की डिबिया / किताब | आयत | सीधे किनारे |
| रबड़ / मोबाइल | आयत | सीधे किनारे |
| पत्ती | अंडाकार / अनियमित | घुमावदार किनारे |
| पासा | वर्ग | सीधे किनारे |
| आइसक्रीम कोन | त्रिकोण | सीधे किनारे |
लुका-छिपी — जब आकृतियाँ खेलती हैं!
इस अध्याय की सबसे मनोरंजक कहानी है — वृत्त, आयत, त्रिकोण और वर्ग का लुका-छिपी खेल। वृत्त और आयत एक कमरे में छिपने की जगह खोज रहे हैं। वृत्त सोचता है — ‘मैं गोल हूँ, इसलिए गोल आकार वाली चीज़ों के पीछे छिप सकता हूँ।’ वह घड़ी, गेंद जैसी जगह ढूँढता है। आयत सोचता है — ‘मैं जूते के डिब्बे की सतह जैसा दिखता हूँ’ — और वह उसके पीछे छिप जाता है। यह कहानी बच्चों को बताती है कि हर आकृति अपने जैसी दिखने वाली वस्तु के पास जा सकती है — क्योंकि उन वस्तुओं की सतह उसी 2D आकृति जैसी होती है। बाद में त्रिकोण और वर्ग भी खेल में शामिल होते हैं और अपनी-अपनी जगह ढूँढते हैं।
कहाँ छिप सकती हैं ये आकृतियाँ?
| आकृति | छिप सकती है | क्योंकि… |
|---|---|---|
| वृत्त | घड़ी, गेंद, सिक्का, पहिया | इन वस्तुओं की सतह गोल होती है |
| आयत | जूते का डिब्बा, फोटोफ्रेम, किताब, दरवाज़ा | इन वस्तुओं की सतह आयताकार होती है |
| रिकोण | आइसक्रीम कोन, पहाड़ का चित्र, पिज़्ज़ा का टुकड़ा | इनकी आकृति तिकोनी होती है |
| वर्ग | रूमाल, ब्रेड का टुकड़ा, टाइल, चेकर बोर्ड | इनके सभी किनारे बराबर होते हैं |
ओरिगेमी का मज़ा – काग़ज़ मोड़ो, आकृतियाँ सीखो
ओरिगेमी जापानी शब्द है जिसका अर्थ है काग़ज़ मोड़ने की कला। इस अध्याय में बच्चे एक वर्गाकार काग़ज़ को मोड़कर त्रिकोण बनाते हैं, और फिर उसी काग़ज़ को और मोड़कर एक प्यारे कुत्ते का चेहरा बनाते हैं। यह गतिविधि मज़ेदार होने के साथ-साथ बच्चों को आकृतियों के गुण — कोने, किनारे और बदलाव — व्यावहारिक रूप से समझाती है।
ओरिगेमी में क्या होता है — चरण दर चरण:
- एक वर्गाकार काग़ज़ लें — इसमें 4 कोने और 4 किनारे होते हैं।
- दो कोनों को मिलाकर आधा मोड़ें — अब त्रिकोण बनता है जिसमें 3 कोने और 3 किनारे होते हैं।
- त्रिकोण को फिर से आधा मोड़ें — एक और छोटा त्रिकोण बनता है।
- दोनों तरफ के कोनों को मोड़कर दो कान बनाएँ।
- तीसरे कोने को ऊपर मोड़कर नाक बनाएँ — और नाक व आँखें बनाइए।
- आपका काग़ज़ का कुत्ता तैयार है!
इस गतिविधि से बच्चे समझते हैं कि एक ही काग़ज़ को अलग-अलग तरीके से मोड़ने पर अलग-अलग आकृतियाँ बनती हैं — यही आकृतियों का लचीलापन है।
पैटर्न — दोहराव में छिपी है गणित
इस अध्याय का एक महत्वपूर्ण भाग है — पैटर्न । पैटर्न का अर्थ है किसी चीज़ का एक निश्चित क्रम में दोहराना। पैटर्न दो तरह के होते हैं — आकृति पैटर्न और संख्या पैटर्न। अध्याय में बच्चे दोनों तरह के पैटर्न देखते और बनाते हैं।
- आकृति पैटर्न:
बोतल के ढक्कन, रबड़, पेंसिल, सिक्के जैसी चीज़ों की छाप लेकर काग़ज़ पर पैटर्न बनाए जा सकते हैं। राधा के हाथ की मेंहदी, नित्या के पत्तियों से बने पैटर्न और दरी में रंग भरने की गतिविधि — ये सब बच्चों को रचनात्मक तरीके से पैटर्न समझने में मदद करती हैं। - संख्या पैटर्न:
किक्कू खरगोश और उसकी माँ की कहानी के ज़रिए बच्चे 30 टाइलों वाले रास्ते पर संख्या पैटर्न सीखते हैं। किक्कू 4-4 की छलाँग लगाता है: 1, 4, 7, 10… और उसकी माँ 5-5 की छलाँग लगाती हैं: 1, 6, 11, 16…
संख्या पैटर्न के उदाहरण
| पैटर्न | नियम | अगली संख्याएँ |
|---|---|---|
| 5, 10, 15, … | हर बार 5 जोड़ो | 20, 25, 30, 35 |
| 7, 14, 21, … | हर बार 7 जोड़ो | 28, 35, 42, 49 |
| 1, 7, 13, … | हर बार 6 जोड़ो | 19, 25, 31, 37 |
| 1, 4, 7, 10, … | हर बार 3 जोड़ो | 13, 16, 19, 22 |
| 1, 6, 11, 16, … | हर बार 5 जोड़ो | 21, 26, 31, 36 |
विद्यार्थी कक्षा 2 आनंदमय गणित अध्याय 4 में अक्सर कहाँ गलती करते हैं?
इस अध्याय में कुछ जगह बच्चे अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। इन गलतियों को समझना ज़रूरी है ताकि सीखना मज़बूत हो:
- वृत्त और गोले को एक ही समझना — वृत्त एक 2D आकृति है (जैसे सिक्के का चित्र) जबकि गोला 3D होता है (जैसे असली गेंद)।
- वर्ग और आयत में भ्रम — वर्ग में चारों किनारे बराबर होते हैं, आयत में लंबाई और चौड़ाई अलग होती है।
- घुमावदार किनारे वाली वस्तुओं में कोने ढूँढना — वृत्त में कोई कोना नहीं होता।
- संख्या पैटर्न में नियम गलत पकड़ना — पहले दो संख्याओं का अंतर निकालने के बाद तीसरी से जाँचें।
- ट्रेसिंग में वस्तु हिल जाना — घेरा बनाते समय वस्तु को एक हाथ से थामे रखें।
कक्षा 2 आनंदमय गणित अध्याय 4: जल्दी याद कैसे करें
| क्या सीखा? | मुख्य बात |
|---|---|
| परछाई | प्रकाश रोकने पर बनती है; दोपहर में सबसे छोटी, सुबह-शाम सबसे लंबी |
| अनुरेखण | 3D वस्तु की सतह को काग़ज़ पर उतारने पर 2D आकृति मिलती है |
| वृत्त | गोल; कोई कोना नहीं; 1 घुमावदार किनारा |
| आयत | 4 कोने, 4 किनारे; लंबाई और चौड़ाई अलग |
| वर्ग | 4 कोने, 4 किनारे; सभी किनारे बराबर |
| त्रिकोण | 3 कोने, 3 सीधे किनारे |
| पैटर्न | एक निश्चित नियम से दोहराया जाने वाला क्रम |
| ओरिगेमी | काग़ज़ मोड़कर नई आकृतियाँ बनाना |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
“तोगल गोम्बेयत” क्या है और इसका गणित से क्या संबंध है?
“तोगल गोम्बेयत” कर्नाटक की प्रसिद्ध पारंपरिक कठपुतली कला है जिसमें चमड़े की कठपुतलियों की परछाइयों से रामायण-महाभारत जैसी कहानियाँ दिखाई जाती हैं। इस कला में परछाइयाँ ही सब कुछ होती हैं — और यही बात इस अध्याय की शुरुआत बनती है। जब किसी कठपुतली की परछाई दीवार पर पड़ती है तो उसका एक flat 2D रूप दिखता है — यही सोच बच्चों को 3D से 2D तक की गणितीय यात्रा सिखाती है। इसके साथ-साथ यह अध्याय बच्चों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराता है।
परछाई दोपहर में सबसे छोटी क्यों होती है?
दोपहर 12 बजे सूरज आसमान में सबसे ऊँचाई पर — लगभग हमारे सिर के ठीक ऊपर — होता है। इस स्थिति में प्रकाश सीधे नीचे की ओर पड़ता है, इसलिए परछाई बहुत कम फैलती है और सबसे छोटी दिखती है। इसके विपरीत सुबह और शाम को सूरज क्षितिज के पास होता है, प्रकाश तिरछा पड़ता है और परछाई बहुत लंबी हो जाती है। यह अवलोकन बच्चों को घर से बाहर निकलकर खुद देखने के लिए प्रेरित करता है — और यही इस अध्याय की सबसे बड़ी खूबी है।
वर्ग और आयत में क्या अंतर है और बच्चे इसे कैसे समझें?
वर्ग और आयत दोनों में 4 कोने और 4 सीधे किनारे होते हैं — यही कारण है कि बच्चे इन्हें एक जैसा समझ लेते हैं। अंतर यह है कि वर्ग में चारों किनारे बराबर लंबाई के होते हैं जैसे रूमाल या टाइल, जबकि आयत में दो किनारे लंबे और दो छोटे होते हैं जैसे किताब या दरवाज़ा। घर में एक चौकोर टाइल और एक किताब हाथ में देकर तुलना कराना सबसे आसान तरीका है — बच्चा खुद देख लेगा कि टाइल के चारों किनारे बराबर हैं और किताब के नहीं।
संख्या पैटर्न में नियम कैसे पहचानें?
संख्या पैटर्न में नियम पहचानने का सबसे आसान तरीका यह है कि पहले दो संख्याओं का अंतर निकालो और फिर देखो कि यही अंतर आगे भी बना रहता है या नहीं। जैसे 5, 10, 15 में पहला अंतर 5 है और 10 से 15 तक भी 5 का अंतर है — मतलब नियम है “हर बार 5 जोड़ो”। बच्चों से पैटर्न को ज़ोर से बोलवाना और उन्हें खुद आगे की संख्या बोलने देना — यह सबसे प्रभावी तरीका है क्योंकि इससे नियम उनके दिमाग में अपने आप बैठ जाता है।
क्या कक्षा 2 आनंदमय गणित अध्याय 4 केवल गणित का है?
यह अध्याय केवल गणित नहीं है — यह एक अंतर-विषयक अध्याय है। “तोगल गोम्बेयत” कठपुतली कला के ज़रिए भारतीय संस्कृति की झलक मिलती है। परछाइयों और प्रकाश के अध्ययन से विज्ञान की समझ बनती है। ओरिगेमी, पत्ती-प्रिंट और मेंहदी डिज़ाइन से कला जुड़ती है। और पैटर्न व आकृतियों के ज़रिए गणितीय सोच मज़बूत होती है। इसीलिए यह अध्याय कक्षा 2 के बच्चों के लिए विशेष रूप से समृद्ध और जीवंत बनाया गया है।
अभिभावक घर पर कक्षा 2 आनंदमय गणित अध्याय 4 का अभ्यास कैसे कराएँ?
घर पर इस अध्याय का अभ्यास बहुत आसान है और इसके लिए किसी खास सामग्री की ज़रूरत नहीं। रात में टॉर्च से परछाई खेल खेलें, किचन की वस्तुओं से कराएँ, पत्तियों पर रंग लगाकर पैटर्न बनाएँ और वर्गाकार काग़ज़ से ओरिगेमी करें। फर्श पर चॉक से 1 से 30 तक संख्याएँ लिखकर बच्चे को अलग-अलग संख्याओं की छलाँग लगवाएँ। जब बच्चा इन गतिविधियों को खेल की तरह करता है तो ये अवधारणाएँ उसके दिमाग में बहुत गहराई से और लंबे समय के लिए बैठ जाती हैं।
















