एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 यः जानाति सः पण्डितः

एनसीईआरटी कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 यः जानाति सः पण्डितः के समाधान, प्रश्न-उत्तर और हिंदी अनुवाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं। कक्षा 6 संस्कृत पाठ्यपुस्तक दीपकम् का एकादश: पाठ ‘यः जानाति सः पण्डितः’ संस्कृत साहित्य की अत्यंत रोचक और बौद्धिक विधा — प्रहेलिका (पहेली) — से परिचय कराता है। ‘यः जानाति सः पण्डितः’ का अर्थ है: “जो जानता है, वही पण्डित है।”

यह पाठ पाँच चतुर संस्कृत पहेलियों के माध्यम से विद्यार्थियों की तार्किक सोच, कल्पनाशक्ति और बुद्धि को प्रोत्साहित करता है। पहेलियों के उत्तर हैं — तक्रम् (छाछ), नयनम् (आँख), अनानसः (अनानास), मृत्युम्/जयः, और कुम्भः/कर्णः। इसके साथ इस पाठ में भारत की समृद्ध गुरु-शिष्य परम्परा, प्रसिद्ध ग्रंथों के रचयिताओं तथा पति-पत्नी सम्बन्धों की जानकारी भी दी गई है।

व्याकरण की दृष्टि से यह पाठ षष्ठी विभक्ति (सम्बन्ध कारक), शब्द रूप — पुंलिंग, स्त्रीलिंग और नपुंसकलिंग — तथा सर्वनाम पदों की षष्ठी विभक्ति का विस्तृत परिचय देता है। पाठ में ‘अलसस्य कुतो विद्या’ और ‘हस्तस्य भूषणं दानम्’ जैसे प्रेरणादायक श्लोक भी सम्मिलित हैं। सत्र 2026-27 की एनसीईआरटी परीक्षा की दृष्टि से यह पाठ अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।

एनसीईआरटी कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 के प्रश्न उत्तर

वयम् अभ्यासं कुर्म:

1. पाठस्य आधारेण निम्नलिखितानां प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तरं लिखन्तु –

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 के प्रश्न 1 का चित्र

उत्तर:

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 के प्रश्न 1 के उत्तर का चित्र

2. पाठस्य आधारेण निम्नलिखितानां प्रश्नानां पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखन्तु –

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 के प्रश्न 2 का चित्र

उत्तर:

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 के प्रश्न 2 के उत्तर का चित्र

3. अधोलिखितानि शब्दरूपाणि पठन्तु अवगच्छन्तु स्मरन्तु च —

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 के प्रश्न 3 का चित्र

4. उदाहरणानुसार वाक्यानि लिखन्तु –

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 के प्रश्न 4 का चित्र

उत्तर:

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 के प्रश्न 4 के उत्तर का चित्र

5. तालिकायां प्रदत्तानां शब्दानां षष्ठीविभक्तेः रूपाणि रिक्तस्थानेषु लिखन्तु –

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 के प्रश्न 5 का चित्र

उत्तर:

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 के प्रश्न 5 के उत्तर का चित्र

6. रिक्तस्थानेषु कुटुम्बस्य परिचयं लिखन्तु –

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 के प्रश्न 6 का चित्र

उत्तर:

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 के प्रश्न 6 के उत्तर का चित्र

7. अधः श्रीरामस्य कुटुम्बस्य रेखाचित्रम् अस्ति। चित्रं दृष्ट्वा उदाहरणानुसारं वाक्यानि रचयन्तु –

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 के प्रश्न 7 का चित्र

उत्तर:
रामस्य पिता दशरथ:। (राम के पिता दशरथ हैं।)
दशरथस्य पुत्र: राम:। (दशरथ के पुत्र राम हैं।)
रामस्य माता कौशल्या। (राम की माता कौशल्या हैं।)
कौशल्याया: पुत्र: राम:। (कौशल्या के पुत्र राम हैं।)
सीताया: श्वशुर: दशरथ:। (सीता के ससुर दशरथ हैं।)
दशरथस्य स्नुषा सीता। (दशरथ की बहू सीता हैं।)
सीताया: श्वश्रू: कौशल्या। (सीता की सास कौशल्या हैं।)
कौशल्याया: स्नुषा सीता। (कौशल्या की बहू सीता हैं।)
रामस्य जामाता जनक:। (राम के ससुर जनक हैं।)
जनकस्य जामाता राम:। (जनक के दामाद राम हैं।)
रामस्य पत्नी सीता। (राम की पत्नी सीता हैं।)
सीताया: पति: राम:। (सीता के पति राम हैं।)
रामस्य अनुज: लक्ष्मण:। (राम के छोटे भाई लक्ष्मण हैं।)
लक्ष्मणस्य अग्रज: राम:। (लक्ष्मण के बड़े भाई राम हैं।)
रामस्य पुत्र: लव:। (राम के पुत्र लव हैं।)
लवस्य पिता राम:। (लव के पिता राम हैं।)

8. निम्‍नाङ्कित-पुस्‍तकसूची-मध्‍ये कस्य उपरि किम् अस्ति इति लिखन्तु –

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् अध्याय 11 के प्रश्न 8 का चित्र

उत्तर:
१. लीलावत्या: उपरि पञ्चतन्त्रम् अस्ति।
२. भगवद्गीताया: उपरि लीलावती अस्ति।
३. रामायणस्य उपरि भगवद्गीता अस्ति।
४. हितोपदेशस्य उपरि रामायणम् अस्ति।
५. योगशास्त्रस्य उपरि हितोपदेश: अस्ति।
६. रघुवंशस्य उपरि योगशास्त्रम् अस्ति।
७. मनुस्मृते: उपरि रघुवंशम् अस्ति।
८. अमरकोषस्य उपरि मनुस्मृति: अस्ति।
९. अष्टाध्याय्या: उपरि अमरकोष: अस्ति।
१०. महाभारतस्य उपरि अष्टाध्यायी अस्ति।
११. अर्थशास्त्रस्य उपरि महाभारतम् अस्ति।

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् पाठ 11 – अक्सर पूंछे जाने वाले प्रश्न

‘यः जानाति सः पण्डितः’ का अर्थ क्या है और यह किस पाठ में है?

‘यः जानाति सः पण्डितः’ का अर्थ है — “जो जानता है, वही पण्डित है।” यह एनसीईआरटी कक्षा 6 संस्कृत दीपकम् के एकादश: पाठ 11 का शीर्षक है। यह सूक्ति ज्ञान और विवेक के सर्वोच्च महत्त्व को दर्शाती है।

कक्षा 6 संस्कृत पाठ 11 की पाँचों प्रहेलिकाओं के उत्तर क्या हैं?

पाँचों प्रहेलिकाओं के उत्तर –

  1. तक्रम् = छाछ/मट्ठा
  2. नयनम् = आँख
  3. अनानसः = अनानास
  4. मृत्युम् / जयः = मृत्यु / विजय
  5. कुम्भः / कर्णः = घड़ा / कर्ण।

ये उत्तर एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक में ‘प्रहेलिकानाम् उत्तराणि’ शीर्षक से दिए गए हैं।

संस्कृत में ‘प्रहेलिका’ और सामान्य हिंदी पहेली में क्या अंतर है?

प्रहेलिका संस्कृत साहित्य की परिष्कृत विधा है जो श्लोक (छंद) के रूप में होती है और उसमें द्विअर्थी शब्दों, तार्किक संकेतों तथा श्रुतिसाम्य का प्रयोग होता है। सामान्य हिंदी पहेली गद्य में होती है। संस्कृत प्रहेलिका बुद्धि की तार्किक शक्ति और कवि की कल्पनाशक्ति दोनों परखती है।

दीपकम कक्षा 6 पाठ 11 की पहली प्रहेलिका ‘भोजनान्ते च किं पेयम्’ का उत्तर ‘तक्रम्’ क्यों है?

इस प्रहेलिका में तीन संकेत छुपे हैं — भोजन के अंत में पीने योग्य पेय (तक्रम् = छाछ), जयन्त इन्द्र के पुत्र हैं (शक्र = इन्द्र, सुतः = पुत्र), और विष्णुपद = तक्रम् (शक्र को दुर्लभ)। तीनों संकेत ‘तक्र’ शब्द पर मिलते हैं, इसलिए उत्तर ‘तक्रम्’ है।

षष्ठी विभक्ति कब लगती है और इसे अंग्रेजी में क्या कहते हैं?

षष्ठी विभक्ति संस्कृत में सम्बन्ध कारक है – अंग्रेजी में इसे प्रोस्सेस्सिवे केस कहते हैं। जब दो शब्दों में ‘का, की, के’ का सम्बन्ध हो, तब षष्ठी विभक्ति लगती है। जैसे – ‘रामस्य पुस्तकम्’ (राम की पुस्तक) में ‘राम’ में षष्ठी लगी है।

पुंलिंग, स्त्रीलिंग और नपुंसकलिंग में षष्ठी विभक्ति के रूप कैसे अलग होते हैं?

तीनों लिंगों में षष्ठी एकवचन के रूप अलग होते हैं — पुंलिंग में ‘स्य’ (छात्रस्य), आकारान्त स्त्रीलिंग में ‘याः’ (सीतायाः), ईकारान्त स्त्रीलिंग में ‘याः’ (नद्याः), और नपुंसकलिंग में ‘स्य’ (पुस्तकस्य)। बहुवचन में पुंलिंग व नपुंसकलिंग में ‘आनाम्’ और स्त्रीलिंग में ‘आनाम्/नाम्’ होता है।

कक्षा 6 संस्कृत में ‘अहम्’ और ‘त्वम्’ के षष्ठी रूप क्या होते हैं?

सर्वनामों के षष्ठी रूप –

  • अहम् (मैं): एकवचन = मम, द्विवचन = आवयोः, बहुवचन = अस्माकम्।
  • त्वम् (तुम): एकवचन = तव, द्विवचन = युवयोः, बहुवचन = युष्माकम्।

ये रूप परीक्षा में रिक्त स्थान और अनुवाद के रूप में पूछे जाते हैं।

कक्षा 6 संस्कृत दीपकम पाठ 11 में उल्लिखित छह गुरु-शिष्य जोड़ियाँ कौन सी हैं और परीक्षा में कैसे पूछी जाती हैं?

छह जोड़ियाँ —

  1. वसिष्ठ → श्रीराम
  2. परशुराम → कर्ण
  3. द्रोण → अर्जुन
  4. चाणक्य → चन्द्रगुप्त
  5. शङ्कराचार्य → पद्मपाद
  6. रामकृष्ण → विवेकानन्द।

परीक्षा में इन्हें मिलान करना, षष्ठी विभक्ति सहित लिखना (जैसे — रामकृष्णस्य शिष्यः विवेकानन्दः) और रिक्त स्थान पूरे करना पूछा जाता है।

अलसस्य कुतो विद्या श्लोक का अर्थ और उसकी प्रासंगिकता क्या है?

श्लोक का अर्थ – “आलसी को विद्या कहाँ, बिना विद्या के धन कहाँ, बिना धन के मित्र कहाँ और बिना मित्र के सुख कहाँ?” यह श्लोक एक कारण-श्रृंखला प्रस्तुत करता है जो यह सिखाती है कि जीवन की हर सफलता का मूल परिश्रम और विद्या है।

पञ्चतन्त्र और हितोपदेश में क्या अंतर है – कक्षा 6 संस्कृत पाठ 11 के संदर्भ में?

पाठ 11 के अनुसार — पञ्चतन्त्र के रचयिता विष्णुशर्मा हैं और हितोपदेश के नारायणपण्डित। दोनों नीति-कथाओं के प्रसिद्ध संग्रह हैं। पञ्चतन्त्र पाँच भागों में विभाजित है जबकि हितोपदेश उसी परम्परा में नारायणपण्डित की मौलिक रचना है। दोनों पशु-पक्षियों की कहानियों के माध्यम से जीवन-नीति सिखाते हैं।

कक्षा 6 संस्कृत परीक्षा 2026-27 में पाठ 11 से कितने अंक और किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?

परीक्षा में इस पाठ से मुख्यतः — प्रहेलिकाओं के उत्तर (1-1 अंक), षष्ठी विभक्ति रूप तालिका भरना (2-4 अंक), गुरु-शिष्य / ग्रंथ-रचयिता मिलान (1-1 अंक), ‘अलसस्य कुतो विद्या’ श्लोक का अर्थ (2 अंक) और षष्ठी विभक्ति का उपयोग करके वाक्य लिखना आता है।

कक्षा 6 संस्कृत पाठ 11 में ‘हस्तस्य भूषणं दानम्’ श्लोक का क्या अर्थ है?

श्लोक का अर्थ है — “हाथ का आभूषण दान है, कंठ का आभूषण सत्य है, कान का आभूषण शास्त्र (ज्ञान) है — फिर गहनों की क्या आवश्यकता?” यह श्लोक यह सन्देश देता है कि सच्चे आभूषण सोने-चाँदी के नहीं बल्कि सत्कर्म, सत्यवाणी और ज्ञान हैं।