एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 गणित प्रश्नावली 1.2

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 गणित प्रश्नावली 1.2 अपनी संख्याओं की जानकारी के सभी प्रश्नों के हल अभ्यास के सवाल जवाब सीबीएसई और राजकीय बोर्ड सत्र 2024-25 के लिए यहाँ दिए गए हैं। कक्षा 6 गणित की प्रश्नावली 1.2 पीडीएफ के साथ साथ विडियो में भी उपलब्ध है।

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 गणित प्रश्नावली 1.2

संख्याओं में अल्प विरामों का प्रयोग

संख्यांकन की भारतीय पद्धति में हम इकाई, दहाई, सौ (सैकड़ा), हजारों का प्रयोग करते हैं तथा आगे लाखों और करोड़ों का प्रयोग करते हैं। हजारों, लाखों और करोड़ों को प्रदर्शित करने के लिए अल्प विरामों का प्रयोग किया जाता है। पहला अल्प विराम सौ के स्थान (दाएँ से चलते हुए तीसरे अंक) के बाद आता है और हजारों को प्रदर्शित करता है। दूसरा अल्प विराम अगले दो अंकों (दाएँ से पाँचवें अंक) के बाद आता है। यह दस हजार के स्थान के बाद आता है और लाखों को प्रदर्शित करता है। तीसरा अल्प विराम अन्य दो अंकों (दाएँ से सातवें अंक) के बाद आता है। यह दस लाख के स्थान के बाद आता है और करोड़ों को प्रदर्शित करता है।
उदाहरण:
5, 08, 01, 592
3, 32, 40, 781
7, 27, 05, 062
संख्याओं के नाम लिखते समय, हम अल्प विरामों का प्रयोग नहीं करते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय संख्यांकन पद्धति

संख्यांकन की अंतर्राष्ट्रीय पद्धति में, इकाई, दहाई, सौ, हजारों और आगे मिलियनों का प्रयोग किया जाता है। हजारों और मिलियनों को प्रदर्शित करने के लिए अल्प विरामों का प्रयोग किया जाता है। अल्प विराम दाएँ से प्रत्येक तीसरे अंक के बाद आता है। पहला अल्प विराम हजारों को प्रदर्शित करता है और दूसरा अल्प विराम मिलियनों को प्रदर्शित करता है। उदाहरणार्थ, संख्या 50, 801, 592 को अंतर्राष्ट्रीय पद्धति में पचास मिलियन आठ सौ एक हजार पाँच सौ बानवे पढ़ा जाता है। भारतीय पद्धति में, यह पाँच करोड़ आठ लाख एक हजार पाँच सौ बानवे है।
सौ मिलियनों से बड़ी संख्याओं को व्यक्त करने के लिए, अंतर्राष्ट्रीय पद्धति में बिलियनों का प्रयोग किया जाता है।
1 बिलियन = 1000 मिलियन

व्यावहारिक प्रयोग में बड़ी संख्याएँ

लंबाई के एक मात्रक (या इकाई) के लिए सेंटीमीटर (सेमी) का प्रयोग किया जाता है। पेंसिल की लंबाई, अपनी पुस्तक या अभ्यास-पुस्तिका की चौड़ाई इत्यादि मापने के लिए हम सेंटीमीटर का प्रयोग करते हैं। हमारे रूलर पर सेंटीमीटर के चिह्न अंकित होते हैं। परंतु, एक पेंसिल की मोटाई मापने के लिए हम पाते हैं कि सेंटीमीटर एक बड़ा मात्रक है। अतः पेंसिल की मोटाई दर्शाने के लिए, हम एक छोटे मात्रक मिलीमीटर (मिमी) का प्रयोग करते हैं।
(a) 10 मिलीमीटर = 1 सेंटीमीटर
अपनी कक्षा के कमरे की लंबाई या स्कूल के भवन की लंबाई मापने के लिए, हम पाते हैं कि सेंटीमीटर एक बहुत छोटा मात्रक है। अतः इस कार्य के लिए हम मीटर का प्रयोग करते हैं।
(b) 1 मीटर = 100 सेंटीमीटर = 1000 मिलीमीटर
यदि हमें दो शहरों, जैसे – दिल्ली-मुंबई या दिल्ली-कोलकाता के बीच की दूरियाँ बतानी हों, तो मीटर भी एक बहुत छोटा मात्रक होता है। इसके लिए हम एक बड़े मात्रक किलोमीटर (किमी) का प्रयोग करते हैं।
(c) 1 किलोमीटर = 1000 मीटर
कितने मिलीमीटरों से 1 किलोमीटर बनता है?
चूँकि 1 मीटर = 1000 मिमी, इसलिए
1 किमी = 1000 मी = 1000 × 1000 मिमी = 10,00,000 मिमी

वस्तु के भार का पैमाना

हम बाज़ार में गेहूँ या चावल खरीदने जाते हैं। हम इन्हें किलोग्राम (किग्रा) में खरीदते हैं। परंतु अदरक या मिर्च जैसी वस्तुओं की हमें अधिक मात्र में आवश्यकता नहीं होती है। हम इन्हें ग्राम (ग्रा) में खरीदते हैं। हम जानते हैं कि
1 किलोग्राम = 1000 ग्राम
बीमार पड़ने पर जो दवाई की गोली ली जाती है, क्या उसके भार पर कभी आपने ध्यान दिया है? यह बहुत कम होता है। यह भार मिलीग्राम (मिग्रा) में होता है।
1 ग्राम = 1000 मिलीग्राम

द्रव पदार्थों का मापन

पानी वाली एक साधारण बाल्टी की धारिता प्रायः कितनी होती है? यह प्रायः 20 लीटर होती है। धारिता को लीटर में दर्शाया जाता है, परंतु कभी-कभी हमें एक छोटे मात्रक की भी आवश्यकता पड़ती है। यह मात्रक मिलीलीटर है। बालों के तेल, सफ़ाई करने वाले द्रव या एक सॉफ्ट ड्रिंक (पेय) की बोतलों पर जो मात्र लिखी होती है वह उनके अंदर भरे द्रव की मात्र को मिलीलीटर में दर्शाती है।
1 लीटर = 1000 मिलीलीटर

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