एनसीईआरटी समाधान कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 7 क्षेत्रफल
क्षेत्रफल कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 7 के प्रश्न उत्तर और सूत्र (हिंदी माध्यम) – अभ्यास के हल शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थी यहाँ से निशुल्क प्राप्त करें। गणित प्रकाश अध्याय 7 में त्रिभुज, बहुभुज, समांतर चतुर्भुज, समचतुर्भुज और समलंब चतुर्भुज के सूत्र हैं, जिनमें से कई शुल्बसूत्र की विच्छेदन विधि से निकलते हैं।
एनसीईआरटी कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 7 समाधान
कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 7 के एनसीईआरटी समाधान रंगोली वाले प्रश्न से शुरू होते हैं: 7 सेमी × 4 सेमी और 8 सेमी × 3 सेमी के आयतों में किसे रंगने में अधिक रंग लगेगा? दोनों का परिमाप 22 सेमी है, फिर भी क्षेत्रफल 28 और 24 वर्ग सेमी है, इसलिए परिमाप क्षेत्रफल का माप नहीं हो सकता। नदी से जल लेकर टैंक तक जाने का गोपाल का सबसे छोटा रास्ता दर्पण के प्रतिबिंब से मिलता है, और अंत में एकड़, बीघा व कट्ठा जैसी इकाइयाँ हैं।
कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 150 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 150 – आइए, पता लगाएँ
1. भुजाओं की अज्ञात लंबाई ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
(i) 21 in² वाले आयत की लंबाई 7 in है।
इसकी चौड़ाई = क्षेत्रफल ÷ लंबाई
= 21 ÷ 7 = 3 in
28 in² वाले आयत की पूरी ऊँचाई = 4 + 3 = 7 in
इसकी चौड़ाई = 28 ÷ 7 = 4 in
35 in² वाले आयत की पूरी चौड़ाई = 3 + 4 = 7 in
इसकी ऊँचाई = 35 ÷ 7 = 5 in
14 in² वाले आयत की ऊँचाई = 5 + 2 = 7 in
अज्ञात चौड़ाई = 14 ÷ 7 = 2 in
अतः ? का मान 2 in है।
(ii) 29 m² वाले आयत की ऊँचाई 4 m है।
ऊपर बाईं ओर की अज्ञात लंबाई = 29 ÷ 4 = 29/4 m = 7.25 m
11 m² वाले आयत की ऊँचाई भी 4 m है।
ऊपर दाईं ओर की अज्ञात लंबाई = 11 ÷ 4 = 11/4 m = 2.75 m
मोटी सीमा वाले पूरे आयत का क्षेत्रफल 50 m² है।
उसके नीचे वाले भाग का क्षेत्रफल = 50 − 29 = 21 m²
इस भाग की चौड़ाई = 29/4 m
नीचे दाईं ओर की अज्ञात लंबाई = 21 ÷ (29/4)
= 21 × 4/29
= 84/29 m
अतः तीनों अज्ञात लंबाइयाँ क्रमशः 7.25 m, 2.75 m और 84/29 m हैं।
2. चित्र में आयताकार पार्क EFGH के चारों ओर बनाए गए मार्ग (छायांकित भाग) को दर्शाया गया है।

(i) इस मार्ग के क्षेत्रफल को ज्ञात करने के लिए आपको कौन-से मापों की आवश्यकता है? मापी जाने वाली लंबाइयों को पहचानने के पश्चात आप इन मापों के लिए अपनी इच्छानुसार संभव मानों को निर्धारित कीजिए तथा मार्ग का क्षेत्रफल आपस में ज्ञात कीजिए। इस क्षेत्रफल को ज्ञात करने के लिए सूत्र दीजिए।
सूत्र का उदाहरण— आयत का क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई
[संकेत— EFGH, मार्ग और ABCD के क्षेत्रफल आपस में संबंधित हैं।]
(ii) यदि मार्ग की प्रत्येक भुजा की चौड़ाई दी गई हो तो क्या आप इसका क्षेत्रफल ज्ञात कर सकते हैं? यदि नहीं, तो आपको कौन-से अन्य मापों की आवश्यकता है? इन मापों को अपनी पसंद के मान दीजिए और मार्ग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। इन मापों का प्रयोग करते हुए इस क्षेत्रफल के लिए एक सूत्र दीजिए।
[संकेत— मार्ग को आयतों में विभाजित कीजिए]
(iii) जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है कि यदि बाहरी आयत ABCD को इस प्रकार स्थानांतरित किया जाए कि आंतरिक आयताकार पार्क EFGH उसके भीतर ही रहे, तो क्या मार्ग का क्षेत्रफल बदल जाएगा?

उत्तर:
(i) मुझे बाहरी आयत की लंबाई AB और चौड़ाई AD तथा पार्क की लंबाई EF और चौड़ाई EH चाहिए।
मैंने AB = 24 m, AD = 14 m, EF = 20 m और EH = 10 m लिए।
बाहरी आयत का क्षेत्रफल = 24 × 14 = 336 m²
पार्क का क्षेत्रफल = 20 × 10 = 200 m²
मार्ग का क्षेत्रफल = 336 − 200 = 136 m²
सूत्र:
मार्ग का क्षेत्रफल = बाहरी आयत का क्षेत्रफल − पार्क का क्षेत्रफल
= AB × AD − EF × EH
यदि बाहरी लंबाई और चौड़ाई L तथा B और पार्क की लंबाई और चौड़ाई l तथा b हों, तो मार्ग का क्षेत्रफल = LB − lb।
(ii) नहीं, केवल चारों ओर मार्ग की चौड़ाई से क्षेत्रफल ज्ञात नहीं होगा। पार्क की लंबाई और चौड़ाई भी चाहिए।
चित्र में पार्क की लंबाई l और चौड़ाई b है। बाएँ और दाएँ मार्ग की चौड़ाइयाँ x और y तथा ऊपर और नीचे की चौड़ाइयाँ u और v हैं।

ऊपर और नीचे के मार्गों को पूरी बाहरी लंबाई के आयत मानेंगे। बाएँ और दाएँ के शेष आयतों की ऊँचाई पार्क की चौड़ाई b होगी।
बाएँ और दाएँ भागों का कुल क्षेत्रफल = bx + by = b(x + y)
ऊपर और नीचे के भागों का कुल क्षेत्रफल = (l + x + y)u + (l + x + y)v
= (l + x + y)(u + v)
अतः मार्ग का क्षेत्रफल = b(x + y) + (l + x + y)(u + v)।
इसे (l + x + y)(b + u + v) − lb भी लिख सकते हैं।
मैंने पार्क की लंबाई 20 m, चौड़ाई 10 m और चारों ओर मार्ग की चौड़ाई 2 m ली।
मार्ग का क्षेत्रफल = 10(2 + 2) + (20 + 2 + 2)(2 + 2)
= 40 + 24 × 4
= 40 + 96
= 136 m²
यदि चारों ओर मार्ग की चौड़ाई w हो, तो क्षेत्रफल = 2w(l + b) + 4w²।
(iii) नहीं, मार्ग का क्षेत्रफल नहीं बदलेगा। बाहरी आयत और पार्क, दोनों के क्षेत्रफल वही रहेंगे। उनके क्षेत्रफलों का अंतर भी वही रहेगा। केवल अलग-अलग ओर मार्ग की चौड़ाई बदल सकती है।
3. चित्र में 14 m और 12 m भुजाओं वाला एक भूखंड, एक आवागमन मार्ग के साथ को दर्शा रहा है। बताइए कि इन आवागमन मार्ग के क्षेत्रफल को ज्ञात करने के लिए आपको अन्य कौन-सी मापों की आवश्यकता है? मापी जाने वाली लंबाइयों को पहचानने के पश्चात आप इनके लिए अपनी इच्छानुसार संभव मान निर्धारित कीजिए और मार्ग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। आप अपने द्वारा चयनित मापों के आधार पर क्षेत्रफल के लिए सूत्र दीजिए।

उत्तर:
मुझे एक-दूसरे को काटने वाले दोनों मार्गों की चौड़ाइयाँ चाहिए। चित्र में 12 m लंबाई वाले मार्ग की चौड़ाई x m और 14 m लंबाई वाले मार्ग की चौड़ाई y m ली है।

पहले मार्ग का क्षेत्रफल = 12x m²
दूसरे मार्ग का क्षेत्रफल = 14y m²
बीच के उभयनिष्ठ भाग का क्षेत्रफल = xy m²
दोनों मार्गों के क्षेत्रफल जोड़ने पर बीच वाला भाग दो बार गिना जाता है। इसलिए उसे एक बार घटाएँगे।
मार्गों का कुल क्षेत्रफल = (12x + 14y − xy) m²
मैंने दोनों मार्गों की चौड़ाई 1 m ली।
कुल क्षेत्रफल = 12 × 1 + 14 × 1 − 1 × 1
= 12 + 14 − 1
= 25 m²
यदि दोनों मार्गों की चौड़ाई w m हो, तो उनका कुल क्षेत्रफल = (26w − w²) m²।
4. चित्र में दर्शाई गई सर्पिलाकार नलिका का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। आरंभ से अंत तक नलिका की चौड़ाई एक समान है।

[संकेत— क्षेत्रफल ज्ञात करने की भिन्न-भिन्न विधियाँ हैं। इनमें से एक विधि नीचे दर्शाई गई है।]

सीधी नलिका की लंबाई क्या होनी चाहिए यदि इसका क्षेत्रफल बाईं ओर दी गई मुड़ी हुई नलिका के क्षेत्रफल के बराबर है।
उत्तर:
नलिका की चौड़ाई 1 इकाई है। इसे 9 आयताकार पट्टियों में बाँटकर देखते हैं।
इन पट्टियों की बाहरी लंबाइयाँ क्रम से 20, 20, 20, 15, 15, 10, 10, 5 और 5 इकाई हैं।
इनके क्षेत्रफलों का योग
= (20 + 20 + 20 + 15 + 15 + 10 + 10 + 5 + 5) × 1
= 120 वर्ग इकाई
इन पट्टियों के मिलान पर 8 मोड़ हैं। प्रत्येक मोड़ का 1 × 1 वाला छोटा वर्ग दो बार गिना गया है। इसलिए 8 वर्ग इकाई घटाएँगे।
नलिका का क्षेत्रफल = 120 − 8 = 112 वर्ग इकाई।
संकेत वाले छोटे चित्र में दोनों भुजाओं की बाहरी लंबाई 5 इकाई है।
मुड़ी हुई नलिका का क्षेत्रफल = 5 × 1 + 5 × 1 − 1 × 1
= 9 वर्ग इकाई
समान क्षेत्रफल वाली 1 इकाई चौड़ी सीधी नलिका की लंबाई = 9 ÷ 1 = 9 इकाई।
इसी तरह पूरी सर्पिलाकार नलिका को समान चौड़ाई की सीधी पट्टी में बदलने पर उसकी लंबाई 112 इकाई होगी।
5. दिए गए चित्र में यदि वर्ग की भुजा की लंबाई दोगुनी कर दी जाए तो क्षेत्र 1, 2 और 3 के क्षेत्रफलों में कितनी वृद्धि होगी? इसका कारण दीजिए।

उत्तर:
वर्ग की भुजा दोगुनी होने पर उसी प्रकार बने प्रत्येक त्रिभुज का आधार और ऊँचाई, दोनों दोगुने हो जाएँगे।
नया क्षेत्रफल = 1/2 × (2 × आधार) × (2 × ऊँचाई)
= 4 × (1/2 × आधार × ऊँचाई)
= 4 × पुराना क्षेत्रफल
अतः क्षेत्र 1, 2 और 3 में से प्रत्येक का क्षेत्रफल पहले का 4 गुना हो जाएगा। इसका अर्थ है कि प्रत्येक में उसके पुराने क्षेत्रफल के 3 गुने की वृद्धि होगी, अर्थात 300% वृद्धि होगी।
6. चित्र में दर्शाए अनुसार वर्ग के भीतर दो लंब रेखाएँ खींच कर वर्ग को 4 भागों में विभाजित कीजिए।
इन टुकड़ों को पुनर्व्यवस्थित करके एक बड़ा वर्ग बनाइए जिसके आंतरिक भाग में एक छिद्र हो!
गत्ता, मोटा चार्ट पेपर अथवा इसी प्रकार की किसी सामग्री से वर्ग बनाकर आप इस गतिविधि को करने का प्रयास कर सकते हैं।

उत्तर:
मैंने चार्ट पेपर पर एक वर्ग बनाया और उसका केंद्र O लिया। O से होकर दो परस्पर लंब रेखाएँ खींचीं, जो वर्ग की भुजाओं को तिरछे काटती हैं। फिर इन रेखाओं के सहारे काटकर चार टुकड़े बनाए।

बाएँ चित्र में टुकड़ों को 1, 2, 3 और 4 नाम दिए हैं। मैंने इन्हीं टुकड़ों को घुमाकर दाएँ चित्र के अनुसार रखा। काटने से O पर बने चारों समकोण नए बड़े वर्ग के चार बाहरी कोनों पर आ गए।
अब पास-पास के टुकड़ों के किनारे मिल गए और बीच में एक चौकोर छिद्र बन गया। कोई टुकड़ा दूसरे पर चढ़ा नहीं है।
टुकड़ों का कुल क्षेत्रफल नहीं बदला है। इसलिए नए बड़े वर्ग का क्षेत्रफल = पुराने वर्ग का क्षेत्रफल + छिद्र का क्षेत्रफल।
कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 157 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 157 – आइए, पता लगाएँ
1. नीचे दिए गए त्रिभुजों के क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
त्रिभुज का क्षेत्रफल = 1/2 × आधार × ऊँचाई
(i) ΔABC में आधार BC = 4 cm और ऊँचाई AE = 3 cm है।
क्षेत्रफल = 1/2 × 4 × 3 = 6 cm²।
(ii) ΔDEF में आधार EF = 5 cm और उसकी संगत ऊँचाई DN = 3.2 cm है।
क्षेत्रफल = 1/2 × 5 × 3.2 = 8 cm²।
(iii) ΔNAT में आधार AT = 3 cm और ऊँचाई AN = 4 cm है।
क्षेत्रफल = 1/2 × 3 × 4 = 6 cm²।
अतः तीनों त्रिभुजों के क्षेत्रफल क्रमशः 6 cm², 8 cm² और 6 cm² हैं।
2. शीर्षलंब BY की लंबाई ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
ΔABC में BC = 6 इकाई और AX = 4 इकाई है।
क्षेत्रफल = 1/2 × BC × AX
= 1/2 × 6 × 4
= 12 वर्ग इकाई।
इसी त्रिभुज में AC = 8 इकाई और उसकी संगत ऊँचाई BY है।
इसलिए, 1/2 × 8 × BY = 12
4 × BY = 12
BY = 12 ÷ 4 = 3 इकाई।
अतः शीर्षलंब BY की लंबाई 3 इकाई है।
3. ΔSUB का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जबकि ज्ञात है कि यह समद्विबाहु त्रिभुज है। SE, UB पर लंब है और ΔSEB का क्षेत्रफल 24 वर्ग इकाई है।

उत्तर:
ΔSUB में SU = SB है। समद्विबाहु त्रिभुज में शीर्ष से आधार पर खींचा गया लंब आधार को दो बराबर भागों में बाँटता है।
इसलिए UE = EB।
ΔSUE और ΔSEB के आधार बराबर हैं और दोनों की ऊँचाई SE है। इसलिए इनके क्षेत्रफल बराबर होंगे।
ΔSUE का क्षेत्रफल = ΔSEB का क्षेत्रफल = 24 वर्ग इकाई।
ΔSUB का क्षेत्रफल = 24 + 24 = 48 वर्ग इकाई।
शुल्बसूत्र प्राचीन भारतीय ज्यामितीय ग्रंथ है जो वेदियों के निर्माण से संबंधित है। इसमें हमें क्षेत्रफल से संबंधित अनेक रोचक समस्याएँ देखने को मिलती हैं। वेदियों को बनाते समय उनका आकार और क्षेत्रफल निर्धारित नियमों के अनुरूप ही होना चाहिए। इससे ऐसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं जिनमें किसी दी गई आकृति को समान क्षेत्रफल वाली दूसरी आकृति के रूप में परिवर्तित करना पड़ता है। शुल्बसूत्र ऐसी अनेक समस्याओं का समाधान प्रदान करता है।
युक्लिड द्वारा लिखित पुस्तक एलिमेंट्स में ऐसे प्रश्न प्रस्तुत किए गए हैं और उनका समाधान भी दिया गया है।
नीचे इस प्रकार की दो समस्याएँ दी गई हैं।
4. [शुल्बसूत्र] एक आयत को समान क्षेत्रफल के त्रिभुज में परिवर्तित करने की विधि बताइए।
उत्तर:
माना ABCD एक आयत है।
उसकी भुजा DC को C की ओर बढ़ाकर E ऐसा बिंदु लेते हैं कि CE = DC हो। अब A को E से मिलाते हैं।

DE = DC + CE = 2 × DC।
ΔADE और आयत की ऊँचाई AD ही है।
ΔADE का क्षेत्रफल = 1/2 × DE × AD
= 1/2 × 2 × DC × AD
= DC × AD
= आयत ABCD का क्षेत्रफल।
अतः ΔADE माँगा गया समान क्षेत्रफल वाला त्रिभुज है।
5. [शुल्बसूत्र] एक त्रिभुज को समान क्षेत्रफल के आयत में परिवर्तित करने की विधि बताइए।
उत्तर:
माना ABC एक त्रिभुज है। A से आधार BC पर लंब AD खींचते हैं और AD का मध्यबिंदु H लेते हैं।
H से BC के समांतर रेखा खींचते हैं। B और C से BC पर खींचे गए लंब इस रेखा को क्रमशः E और F पर मिलते हैं। इससे आयत BCFE बनता है।

आयत की लंबाई BC और ऊँचाई HD = AD/2 है।
आयत BCFE का क्षेत्रफल = BC × AD/2
= 1/2 × BC × AD
= ΔABC का क्षेत्रफल।
अतः BCFE माँगा गया समान क्षेत्रफल वाला आयत है।
6. ABCD, BCEF और BFGH एक समान वर्ग हैं।
(i) यदि लाल क्षेत्र का क्षेत्रफल 49 वर्ग इकाई है तो नीले क्षेत्र का क्षेत्रफल क्या होगा?
(ii) इस आकृति के एक अन्य रूप में यदि नीले और लाल रंग से घिरा कुल क्षेत्रफल 180 वर्ग इकाई है तो प्रत्येक वर्ग का क्षेत्रफल कितना होगा?

उत्तर:
माना प्रत्येक वर्ग की भुजा a है। DH और AB के मिलने वाले बिंदु को P कहते हैं।

DC = a और CH = 2a है।
लाल त्रिभुज DCH का क्षेत्रफल = 1/2 × a × 2a = a²।
अर्थात लाल क्षेत्र का क्षेत्रफल एक वर्ग के क्षेत्रफल के बराबर है।
वर्ग ABCD और लाल त्रिभुज DCH, दोनों का क्षेत्रफल a² है। दोनों में से साझा चतुर्भुज DPBC हटाने पर ΔADP और ΔPBH के क्षेत्रफल बराबर बचते हैं।
इन दोनों त्रिभुजों की ऊँचाइयाँ AD और BH बराबर हैं। इसलिए उनके आधार AP और PB भी बराबर हैं।
AP = PB = AB/2 = a/2।
नीले त्रिभुज ADP का क्षेत्रफल = 1/2 × AD × AP
= 1/2 × a × a/2
= a²/4।
इसलिए नीले क्षेत्र का क्षेत्रफल लाल क्षेत्र के क्षेत्रफल का 1/4 है।
(i) नीले क्षेत्र का क्षेत्रफल = 49/4 = 12.25 वर्ग इकाई।
(ii) लाल और नीले क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल = a² + a²/4 = 5a²/4।
इसलिए 5a²/4 = 180
5a² = 720
a² = 720 ÷ 5 = 144।
अतः प्रत्येक वर्ग का क्षेत्रफल 144 वर्ग इकाई है।
7. यदि M और N क्रमशः XY और XZ के मध्य बिंदु हैं तो ΔXYZ के क्षेत्रफल का कितना अंश ΔXMN का क्षेत्रफल है? (संकेत- NY को मिलाइए)

उत्तर:
Y को N से मिलाते हैं।

XN = NZ है। ΔXYN और ΔYZN का शीर्ष Y एक ही है और उनके आधार XN तथा NZ एक ही रेखा पर बराबर हैं। इसलिए दोनों के क्षेत्रफल बराबर हैं।
अतः ΔXYN का क्षेत्रफल = 1/2 × ΔXYZ का क्षेत्रफल।
इसी प्रकार XM = MY है। ΔXMN और ΔYMN के आधार XM तथा MY बराबर हैं और शीर्ष N समान है। इसलिए दोनों के क्षेत्रफल बराबर हैं।
अतः ΔXMN का क्षेत्रफल = 1/2 × ΔXYN का क्षेत्रफल
= 1/2 × 1/2 × ΔXYZ का क्षेत्रफल
= 1/4 × ΔXYZ का क्षेत्रफल।
इसलिए माँगा गया अंश 1/4 है।
8. गोपाल को अपने जल टैंक को भरने के लिए नदी से जल लेकर जाना है। इसके लिए वह अपने घर से चलना प्रारंभ करता है। बताइए कि सबसे छोटा मार्ग कौन-सा है जिसे वह अपने घर से नदी तक जाने के लिए और पुनः नदी से जल टैंक तक पहुँचने के लिए अपना सकता है? अपनी अभ्यास पुस्तिका में एक कच्चा मानचित्र बनाइए और सबसे छोटा मार्ग चिह्नित कीजिए।

उत्तर:
मानचित्र में घर को H और जल टैंक को T कहते हैं। पास वाले सीधे नदी-किनारे को रेखा l मानते हैं।
T से l पर लंब TX खींचकर उसे नदी की ओर बढ़ाते हैं और T′ ऐसा लेते हैं कि XT′ = XT हो। T′, किनारे के दूसरी ओर T का प्रतिबिंब है।
अब H को T′ से मिलाते हैं। यह रेखा किनारे को P पर काटती है। P को T से मिलाते हैं।

सबसे छोटा मार्ग H → P → T होगा।
कारण: किनारे के किसी भी बिंदु Q के लिए QT = QT′ होगा। इसलिए H से Q होकर T तक जाने की दूरी, H से Q होकर T′ तक जाने की दूरी के बराबर है।
दो बिंदुओं के बीच सीधी रेखा की दूरी सबसे कम होती है। H, P और T′ एक सीधी रेखा पर हैं। इसलिए H → P → T सबसे छोटा मार्ग है।
कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 160 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 160 – आइए, पता लगाएँ
1. चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। जहाँ AC = 22 cm, BM = 3 cm, DN = 3 cm हो। इसके साथ ही BM, AC पर लंब है और DN, AC पर लंब है।

उत्तर:
विकर्ण AC चतुर्भुज को ΔABC और ΔACD में बाँटता है।
ΔABC का क्षेत्रफल = 1/2 × AC × BM
= 1/2 × 22 × 3 = 33 cm²।
ΔACD का क्षेत्रफल = 1/2 × AC × DN
= 1/2 × 22 × 3 = 33 cm²।
चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल = 33 + 33 = 66 cm²।
2. यदि ABCD एक आयत है तो छायांकित क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
आयत ABCD का क्षेत्रफल = 18 × 10 = 180 cm²।
बिना छायांकन वाला भाग ΔAEF और ΔEBC से मिलकर बना है।
ΔAEF का क्षेत्रफल = 1/2 × AE × AF
= 1/2 × 10 × 6 = 30 cm²।
ΔEBC का क्षेत्रफल = 1/2 × EB × BC
= 1/2 × 8 × 10 = 40 cm²।
छायांकित क्षेत्र का क्षेत्रफल = 180 − 30 − 40 = 110 cm²।
3. एक सम षट्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए आपको किन मापों की आवश्यकता होगी?
उत्तर:
हमें सम षट्भुज की एक भुजा की लंबाई और उसके केंद्र से किसी भुजा पर खींचे गए लंब की लंबाई चाहिए।
केंद्र O को सभी शीर्षों से मिलाने पर छह समान त्रिभुज बनते हैं। OH, भुजा AB पर लंब है।

माना प्रत्येक भुजा की लंबाई a और लंब OH की लंबाई h है।
एक त्रिभुज का क्षेत्रफल = 1/2 × a × h।
सम षट्भुज का क्षेत्रफल = 6 × 1/2 × a × h = 3ah।
अतः इन दो मापों से उसका क्षेत्रफल ज्ञात किया जा सकता है।
4. नीले क्षेत्र का क्षेत्रफल आयत के कुल क्षेत्रफल का कितना अंश है?

उत्तर:
आयत के शीर्षों को A, B, C, D और अंदर के बिंदु को O कहते हैं। O से AB और DC पर क्रमशः लंब OM तथा ON खींचते हैं।

माना आयत की लंबाई l और चौड़ाई h है।
AB = DC = l और OM + ON = h।
नीले क्षेत्र का क्षेत्रफल = ΔAOB का क्षेत्रफल + ΔDOC का क्षेत्रफल
= 1/2 × AB × OM + 1/2 × DC × ON
= 1/2 × l × (OM + ON)
= 1/2 × l × h।
आयत का क्षेत्रफल = l × h।
अतः नीले क्षेत्र का क्षेत्रफल आयत के कुल क्षेत्रफल का 1/2 है।
5. ऐसे चतुर्भुज को प्राप्त करने की विधि बताइए जिसका क्षेत्रफल दिए गए चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा हो।
उत्तर:
माना दिया गया चतुर्भुज ABCD है। उसकी भुजाओं AB, BC, CD और DA के मध्यबिंदु क्रमशः P, Q, R और S लेते हैं। P, Q, R और S को क्रम से मिलाते हैं।
इससे चतुर्भुज PQRS मिलता है।

कारण समझने के लिए विकर्ण AC खींचते हैं।
ΔABC में BP = BA/2 और BQ = BC/2 है। इसलिए ΔBPQ का क्षेत्रफल ΔABC के क्षेत्रफल का 1/4 है।
इसी प्रकार ΔCDA में DR = DC/2 और DS = DA/2 है। इसलिए ΔDRS का क्षेत्रफल ΔCDA के क्षेत्रफल का 1/4 है।
अब विकर्ण BD खींचने पर, ΔAPS का क्षेत्रफल ΔABD के क्षेत्रफल का 1/4 तथा ΔCQR का क्षेत्रफल ΔCBD के क्षेत्रफल का 1/4 होगा।
चारों कोनों के त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का योग
= 1/4 × (क्षेत्रफल ΔABC + क्षेत्रफल ΔCDA) + 1/4 × (क्षेत्रफल ΔABD + क्षेत्रफल ΔCBD)
= 1/4 × क्षेत्रफल ABCD + 1/4 × क्षेत्रफल ABCD
= 1/2 × क्षेत्रफल ABCD।
शेष चतुर्भुज PQRS का क्षेत्रफल = क्षेत्रफल ABCD − 1/2 × क्षेत्रफल ABCD
= 1/2 × क्षेत्रफल ABCD।
अतः भुजाओं के मध्यबिंदुओं को मिलाकर माँगा गया चतुर्भुज प्राप्त होगा।
कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 162 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 162 – आइए, पता लगाएँ
1. नीचे दिए गए चित्र में समांतर चतुर्भुजों का अवलोकन कीजिए।
(i) इन सभी समांतर चतुर्भुजों के क्षेत्रफल के विषय में क्या कहा जा सकता है?
(ii) इनके परिमापों के विषय में हम क्या कह सकते हैं? किस आकृति का परिमाप सर्वाधिक प्रतीत होता है और किस आकृति का परिमाप सबसे कम प्रतीत होता है?

उत्तर:
(i) सभी समांतर चतुर्भुजों का आधार 5 इकाई और ऊँचाई 3 इकाई है।
प्रत्येक का क्षेत्रफल = आधार × ऊँचाई
= 5 × 3
= 15 वर्ग इकाई।
अतः सभी समांतर चतुर्भुजों के क्षेत्रफल समान हैं।
(ii) समान क्षेत्रफल होने पर भी इनके परिमाप समान होना आवश्यक नहीं है। सभी के आधार बराबर हैं, परंतु तिरछी भुजाओं की लंबाइयाँ अलग-अलग हैं।
परिमाप = 2 × (आधार + दूसरी भुजा)।
इसलिए जिसकी तिरछी भुजा अधिक लंबी है, उसका परिमाप अधिक होगा। चित्र में आकृति (g) का परिमाप सर्वाधिक और आकृति (a) का परिमाप सबसे कम प्रतीत होता है।
2. नीचे दिए गए समांतर चतुर्भुजों के क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = आधार × संगत ऊँचाई।
(i) आधार = 7 cm और ऊँचाई = 4 cm।
क्षेत्रफल = 7 × 4 = 28 cm²।
(ii) आधार = 5 cm और ऊँचाई = 3 cm।
क्षेत्रफल = 5 × 3 = 15 cm²।
(iii) यहाँ 5 cm वाली भुजा को आधार लेते हैं। इसके लंबवत दूरी 4.8 cm है।
क्षेत्रफल = 5 × 4.8 = 24 cm²।
(iv) यहाँ 2 cm वाली भुजा को आधार लेते हैं। इसके लंबवत दूरी 4.4 cm है।
क्षेत्रफल = 2 × 4.4 = 8.8 cm²।
3. QN ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
समांतर चतुर्भुज PQRS में SR = 12 cm और इसकी संगत ऊँचाई QM = 6 cm है।
क्षेत्रफल = SR × QM
= 12 × 6
= 72 cm²।
अब PS = 7.6 cm को आधार लेते हैं। इसकी संगत ऊँचाई QN है।
PS × QN = 72
7.6 × QN = 72
QN = 72 ÷ 7.6
= 720/76
= 180/19 cm
≈ 9.47 cm।
अतः QN = 180/19 cm, अर्थात लगभग 9.47 cm है।
4. समान भुजाओं की लंबाई 5 cm और 4 cm वाले एक आयत और एक समांतर चतुर्भुज पर विचार कीजिए। इनमें से किस आकृति का क्षेत्रफल अधिक है? [संकेत — दोनों आकृतियों की रचना एक ही आधार पर करने की कल्पना कीजिए।]

उत्तर:
आयत का क्षेत्रफल = 5 × 4 = 20 cm²।
दोनों आकृतियों का आधार 5 cm है। आयत की ऊँचाई 4 cm है। चित्र में समांतर चतुर्भुज की 4 cm वाली भुजा तिरछी है, इसलिए उसकी लंबवत ऊँचाई 4 cm से कम है।
अतः समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल 5 × 4 से कम होगा।
इसलिए चित्र में आयत का क्षेत्रफल अधिक है।
यदि समांतर चतुर्भुज के कोण भी समकोण हों, तो वह आयत होगा और दोनों के क्षेत्रफल समान होंगे।
5. एक दिए गए त्रिभुज के क्षेत्रफल से दोगुना क्षेत्रफल वाले आयत को प्राप्त करने की एक विधि बताइए। इसके साथ ही आप किन भिन्न विधियों के विषय में सोच सकते हैं?
उत्तर:
माना दिए गए त्रिभुज ABC का आधार BC = b और इसकी ऊँचाई AD = h है।
BC के सिरों से लंब खींचते हैं। A से BC के समांतर रेखा खींचकर इन लंबों को E और F पर मिलाते हैं। इससे आयत BCEF प्राप्त होता है।

त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल = 1/2 × b × h।
आयत BCEF का क्षेत्रफल = b × h
= 2 × (1/2 × b × h)।
अतः आयत का क्षेत्रफल त्रिभुज के क्षेत्रफल का दोगुना है।
दूसरी विधि में AB को आधार और C से AB पर खींचे गए लंब को ऊँचाई ले सकते हैं। इन मापों का आयत बनाने पर भी दोगुना क्षेत्रफल मिलेगा। इसी प्रकार AC को आधार लेकर तीसरा आयत बनाया जा सकता है।
6. [शुल्बसूत्र] दिए गए त्रिभुज के क्षेत्रफल के समान क्षेत्रफल वाला आयत प्राप्त करने की एक विधि बताइए।
उत्तर:
त्रिभुज ABC में ऐसी भुजा BC को आधार लेते हैं जिस पर शीर्ष A से खींचे गए लंब का पाद D, B और C के बीच हो। माना BC = b और AD = h है।
AB और AC के मध्यबिंदु M और N लेकर MN मिलाते हैं। MN, BC के समांतर है और AD को उसके मध्यबिंदु P पर काटता है। अब MN और AP के अनुदिश काटते हैं। इससे बीच का समलंब चतुर्भुज BCNM और ऊपर दो छोटे त्रिभुज AMP तथा ANP मिलते हैं।
त्रिभुज AMP को M के चारों ओर आधा चक्कर घुमाकर बाएँ खाली भाग में रखते हैं। त्रिभुज ANP को N के चारों ओर आधा चक्कर घुमाकर दाएँ खाली भाग में रखते हैं। इस प्रकार आयत BCYX बनता है।

आयत का आधार BC = b और ऊँचाई h/2 है।
आयत का क्षेत्रफल = b × h/2 = 1/2 × b × h।
यह त्रिभुज ABC के क्षेत्रफल के बराबर है। किसी टुकड़े को हटाया नहीं गया और टुकड़े एक-दूसरे पर चढ़े भी नहीं हैं।
7. [शुल्बसूत्र] एक समद्विबाहु त्रिभुज को सरल विधि से विच्छेदित करके एक आयत में परिवर्तित किया जा सकता है। क्या आप ज्ञात कर सकते हैं कि यह किस प्रकार किया जाए?

[संकेत — दर्शाइए कि त्रिभुज ΔADB और ΔADC को आयत के आधे भागों में बाँटा जा सकता है। ज्ञात कीजिए कि एक आयत प्राप्त करने के लिए इन्हें किस प्रकार संकलित किया जाना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो कट-आउट्स का उपयोग कीजिए।]
उत्तर:
समद्विबाहु त्रिभुज ABC में AB = AC है। A से BC पर लंब AD खींचते हैं। तब BD = DC होगा।
AD के अनुदिश काटने पर दो सर्वांगसम समकोण त्रिभुज ADB और ADC मिलते हैं।
एक टुकड़े को पलटकर दोनों टुकड़ों के कर्ण AB और AC आपस में मिलाते हैं। इससे आयत EFGH बनता है। चित्र में समान रंग उसी टुकड़े को दर्शाता है।

आयत की भुजाएँ AD और BD के बराबर होंगी।
आयत का क्षेत्रफल = AD × BD।
चूँकि BC = 2BD है,
त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल = 1/2 × BC × AD
= 1/2 × 2BD × AD
= BD × AD।
अतः बने हुए आयत और दिए गए त्रिभुज के क्षेत्रफल समान हैं।
8. [शुल्बसूत्र] एक आयत को विच्छेदित करके एक समद्विबाहु त्रिभुज में परिवर्तन करने की एक विधि बताइए।
उत्तर:
आयत ABCD में विकर्ण AC खींचकर उसके अनुदिश काटते हैं। इससे दो सर्वांगसम समकोण त्रिभुज ABC और ADC प्राप्त होते हैं।
एक टुकड़े को पलटकर दोनों टुकड़ों की बराबर लंबवत भुजाओं को मिलाते हैं। अब उनके दूसरे छोटे किनारे एक सीधी रेखा में होंगे और कर्ण बाहर की ओर होंगे। इस प्रकार समद्विबाहु त्रिभुज PQR बनता है।

PQ और PR दोनों मूल आयत के विकर्ण AC के बराबर हैं। इसलिए PQ = PR और त्रिभुज PQR समद्विबाहु है।
यदि आयत की भुजाएँ b और h हों, तो बने त्रिभुज का आधार 2b और ऊँचाई h होगी।
त्रिभुज का क्षेत्रफल = 1/2 × 2b × h = b × h।
यह मूल आयत के क्षेत्रफल के बराबर है।
9. यदि एक समबाहु त्रिभुज एवं वर्ग की भुजा की लंबाई समान हो तो किसका क्षेत्रफल अधिक होगा? दो एक समान (सर्वांगसम) समबाहु त्रिभुजों का संयुक्त क्षेत्रफल अधिक होता है या इस त्रिभुज के समान भुजा वाले वर्ग का क्षेत्रफल? तर्क दीजिए।
उत्तर:
माना वर्ग और समबाहु त्रिभुज की भुजा a है तथा त्रिभुज की ऊँचाई h है।
ऊँचाई खींचने पर बने समकोण त्रिभुज में कर्ण a है। कर्ण अन्य भुजाओं से बड़ा होता है, इसलिए h < a।
वर्ग का क्षेत्रफल = a²।
एक समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल = 1/2 × a × h।
चूँकि h < a है, इसलिए यह क्षेत्रफल a²/2 से भी कम है।
अतः वर्ग का क्षेत्रफल एक समबाहु त्रिभुज से अधिक है।
दो सर्वांगसम समबाहु त्रिभुजों का संयुक्त क्षेत्रफल
= 2 × (1/2 × a × h)
= a × h।
चूँकि h < a है, इसलिए a × h < a²।
अतः वर्ग का क्षेत्रफल दोनों समबाहु त्रिभुजों के संयुक्त क्षेत्रफल से भी अधिक है।
कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 169 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 169 – आइए, पता लगाएँ
1. उस समचतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसके विकर्ण 20 cm और 15 cm हैं।
उत्तर:
समचतुर्भुज का क्षेत्रफल = 1/2 × विकर्णों का गुणनफल
= 1/2 × 20 × 15
= 10 × 15
= 150 cm²
अतः समचतुर्भुज का क्षेत्रफल 150 cm² है।
2. विच्छेदन का उपयोग करते हुए किसी आयत को समान क्षेत्रफल वाले समचतुर्भुज में परिवर्तित करने की एक विधि बताइए।
उत्तर:
मैं आयत ABCD लेकर निम्न प्रकार से विच्छेदन करूँगा।

AB और DC के मध्यबिंदु क्रमशः E और F लेंगे। EF को मिलाने पर आयत दो एक समान छोटे आयतों में बँट जाएगा।
अब AF और BF को मिलाएँगे। EF, AF और BF के अनुदिश काटने पर चार सर्वांगसम समकोण त्रिभुज मिलेंगे।
इन त्रिभुजों की लंबवत भुजाओं को a और b मानते हैं। चारों त्रिभुजों को इस प्रकार रखेंगे कि उनके समकोण एक ही बिंदु O पर मिलें। O से दाएँ और बाएँ की भुजाओं की लंबाई a तथा ऊपर और नीचे की भुजाओं की लंबाई b होगी।
इससे समचतुर्भुज PQRS बनेगा। इसकी चारों बाहरी भुजाएँ इन सर्वांगसम त्रिभुजों के कर्ण हैं, इसलिए वे बराबर हैं।
हमने उन्हीं चार टुकड़ों को बिना आच्छादन और बिना खाली जगह छोड़े पुनर्व्यवस्थित किया है। अतः बने समचतुर्भुज और मूल आयत के क्षेत्रफल समान हैं।
3. नीचे दी गई आकृतियों के क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल = 1/2 × ऊँचाई × समांतर भुजाओं का योग।
यहाँ ऊँचाई दोनों समांतर भुजाओं के बीच की लंबवत दूरी है।
(i) समांतर भुजाएँ 10 ft और 7 ft हैं तथा उनके बीच की लंबवत दूरी 16 ft है।
क्षेत्रफल = 1/2 × 16 × (10 + 7)
= 8 × 17
= 136 ft²
(ii) समांतर भुजाएँ 24 m और 36 m हैं तथा ऊँचाई 14 m है।
क्षेत्रफल = 1/2 × 14 × (24 + 36)
= 7 × 60
= 420 m²
(iii) समांतर भुजाएँ 14 in और 6 in हैं तथा उनके बीच की लंबवत दूरी 10 in है।
क्षेत्रफल = 1/2 × 10 × (14 + 6)
= 5 × 20
= 100 in²
(iv) समांतर भुजाएँ 12 ft और 18 ft हैं तथा ऊँचाई 8 ft है।
क्षेत्रफल = 1/2 × 8 × (12 + 18)
= 4 × 30
= 120 ft²
4. [शूल्बसूत्र] विच्छेदन का उपयोग करते हुए किसी समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज को आयत में परिवर्तित करने की एक विधि बताइए।
उत्तर:
समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज ABCD लेंगे, जिसमें AB छोटी समांतर भुजा और DC बड़ी समांतर भुजा है।

AD और BC के मध्यबिंदु क्रमशः I और J लेंगे। इनसे समांतर भुजाओं पर लंब खींचेंगे। ये लंब नीचे की भुजा को G और F पर तथा ऊपर की भुजा की बढ़ाई गई रेखा को H और E पर काटेंगे।
IG और JF के अनुदिश काटकर छोटे त्रिभुज DGI और CFJ अलग करेंगे।
त्रिभुज DGI को I के चारों ओर 180° घुमाकर खाली स्थान AHI में रखेंगे। इसी प्रकार त्रिभुज CFJ को J के चारों ओर 180° घुमाकर खाली स्थान BEJ में रखेंगे।
I और J संबंधित भुजाओं के मध्यबिंदु हैं, इसलिए ये त्रिभुज उन खाली स्थानों में ठीक बैठेंगे। इस प्रकार आयत HEFG बन जाएगा। टुकड़ों का केवल स्थान बदला है, इसलिए आयत और समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल समान है।
5. यहाँ समलंब चतुर्भुज ABCD को समान क्षेत्रफल वाले आयत EFGH में परिवर्तित करने की एक विधि बताइए।

बताइए कि दिए गए समलंब चतुर्भुज ABCD के लिए हम आयत EFGH के शीर्ष किस प्रकार ज्ञात करेंगे?
[संकेत — यदि ΔAHI ≅ ΔDGI और ΔBEJ ≅ ΔCFJ हो तो समलंब चतुर्भुज और आयत के क्षेत्रफल समान होंगे।]
उत्तर:
AD और BC के मध्यबिंदु क्रमशः I और J ज्ञात करेंगे।
I से AB और DC पर लंब खींचेंगे। यह AB की बढ़ाई गई रेखा को H पर और DC को G पर काटेगा।
इसी प्रकार J से खींचा गया लंब AB की बढ़ाई गई रेखा को E पर और DC को F पर काटेगा। इस तरह आयत के चारों शीर्ष E, F, G और H मिल जाएँगे।
अब, AI = DI है क्योंकि I, AD का मध्यबिंदु है।
∠AHI = ∠DGI = 90°
∠AIH = ∠DIG, क्योंकि ये शीर्षाभिमुख कोण हैं।
अतः ΔAHI ≅ ΔDGI।
इसी प्रकार, BJ = CJ और संबंधित कोण बराबर होने से ΔBEJ ≅ ΔCFJ।
इसलिए त्रिभुज DGI को काटकर AHI में और त्रिभुज CFJ को काटकर BEJ में रख सकते हैं। इससे आयत EFGH पूरा हो जाएगा।
दोनों जगह जोड़े गए और हटाए गए त्रिभुजों के क्षेत्रफल बराबर हैं।
अतः आयत EFGH का क्षेत्रफल = समलंब चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल।
6. एक समलंब चतुर्भुज को समान क्षेत्रफल वाले आयत में परिवर्तित करने की समझ का उपयोग करते हुए एवं इसके विपरीत एक आयत को समान क्षेत्रफल वाले समलंब चतुर्भुज में परिवर्तित करने की समझ का उपयोग करते हुए 144 cm² क्षेत्रफल वाले एक समलंब चतुर्भुज की रचना कीजिए।
उत्तर:
मैं 12 cm लंबाई और 12 cm चौड़ाई वाला आयत HEFG बनाऊँगा। यह एक वर्ग भी है।
इसका क्षेत्रफल = 12 × 12 = 144 cm²।

HG और EF के मध्यबिंदु क्रमशः I और J लूँगा।
HE पर ऐसे बिंदु A और B लूँगा कि HA = 3 cm और BE = 3 cm हो।
IA और JB को मिलाकर त्रिभुज HAI तथा EBJ काट लूँगा।
त्रिभुज HAI को I के चारों ओर 180° घुमाऊँगा। तब H, G पर और A, D पर आ जाएगा।
इसी प्रकार त्रिभुज EBJ को J के चारों ओर 180° घुमाऊँगा। तब E, F पर और B, C पर आ जाएगा।
इससे समलंब चतुर्भुज ABCD बनेगा।
AB = 12 − 3 − 3 = 6 cm
DC = 3 + 12 + 3 = 18 cm
ऊँचाई = 12 cm
जाँच करने पर,
समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल = 1/2 × 12 × (6 + 18)
= 6 × 24
= 144 cm²
अतः रचित समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल 144 cm² है।
7. एक समषट्भुज को चित्र में दर्शाए अनुसार एक समलंब चतुर्भुज, एक समबाहु त्रिभुज एवं एक समचतुर्भुज में विभाजित किया गया है। इन आकृतियों के क्षेत्रफल का अनुपात ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
समषट्भुज के केंद्र O को उसके सभी शीर्षों से मिलाएँगे। इससे छह सर्वांगसम समबाहु त्रिभुज बनेंगे। इसलिए इन छह त्रिभुजों के क्षेत्रफल बराबर होंगे।

मान लीजिए कि एक छोटे समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल x है।
समलंब चतुर्भुज FABE में ऐसे तीन त्रिभुज हैं। इसलिए उसका क्षेत्रफल 3x है।
समबाहु त्रिभुज EOD का क्षेत्रफल x है।
समचतुर्भुज OBCD में ऐसे दो त्रिभुज हैं। इसलिए उसका क्षेत्रफल 2x है।
अतः समलंब चतुर्भुज : समबाहु त्रिभुज : समचतुर्भुज
= 3x : x : 2x
= 3 : 1 : 2।
8. ZYXW एक समलंब चतुर्भुज है जिसमें ZY ∥ WX है। A, XY का मध्यबिंदु है। दर्शाइए कि समलंब चतुर्भुज ZYXW का क्षेत्रफल ΔZWB के क्षेत्रफल के समान है।

उत्तर:
त्रिभुज YAZ और XAB पर विचार करते हैं।
AY = AX, क्योंकि A, XY का मध्यबिंदु है।
∠YAZ = ∠XAB, क्योंकि ये शीर्षाभिमुख कोण हैं।
∠AYZ = ∠AXB, क्योंकि ZY ∥ XB और XY एक तिर्यक रेखा है।
इसलिए कोण-भुजा-कोण सर्वांगसमता से ΔYAZ ≅ ΔXAB।
अतः ΔYAZ का क्षेत्रफल = ΔXAB का क्षेत्रफल।
समलंब चतुर्भुज ZYXW का क्षेत्रफल
= चतुर्भुज ZAXW का क्षेत्रफल + ΔYAZ का क्षेत्रफल।
ΔZWB का क्षेत्रफल
= चतुर्भुज ZAXW का क्षेत्रफल + ΔXAB का क्षेत्रफल।
इन दोनों योगों में चतुर्भुज ZAXW एक ही है और जोड़े गए दोनों त्रिभुजों के क्षेत्रफल बराबर हैं।
अतः समलंब चतुर्भुज ZYXW का क्षेत्रफल = ΔZWB का क्षेत्रफल।
क्षेत्रफल के प्रश्नों में ऊँचाई और इकाइयों की आम भूलें
क्षेत्रफल के हर सूत्र में ऊँचाई का अर्थ आधार पर डाला गया लंब है, तिरछी भुजा नहीं। इसीलिए 5 सेमी और 4 सेमी भुजाओं वाले समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल उन्हीं भुजाओं वाले आयत के 20 वर्ग सेमी से कम होता है। समांतर चतुर्भुज की कोई भी भुजा आधार बन सकती है, बस ऊँचाई उसी पर लंब हो; दूसरी भुजा का अज्ञात लंब इसी से निकलता है। इकाई बदलते समय याद रखें कि 1 इंच = 2.54 सेमी, इसलिए 1 वर्ग इंच = 6.4516 वर्ग सेमी और 1 वर्ग फुट = 144 वर्ग इंच। इस अध्याय के साथ गणित प्रकाश भाग 2 पूरा होता है; शुल्बसूत्र की और बातें ‘बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय’ में हैं और भाग 1 समेत पूरी पुस्तक का मुख्य पृष्ठ कक्षा 8 गणित के एनसीईआरटी समाधान है।
