एनसीईआरटी समाधान कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 6 बीजगणित का खेल

बीजगणित का खेल कक्षा 8: गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 6 की युक्तियों और पहेलियों के हल (हिंदी माध्यम) – अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर सत्र 2026-27 के लिए यहाँ से निशुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं। कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 6 के एनसीईआरटी समाधान हर जादुई लगने वाली युक्ति के पीछे छिपा बीजगणित खोलकर दिखाते हैं।

एनसीईआरटी कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 6 समाधान

कक्षा 8 गणित प्रकाश पाठ 6 में पहली युक्ति ‘एक संख्या सोचिए’ वाला खेल है, जिसमें कोई भी संख्या सोचें, अंत में 2 ही बचता है। फिर शुभम, मुक्ता की सोची हुई दिनाँक, गणतंत्र दिवस 26/01, केवल उत्तर 291 से बता देता है। इसके बाद संख्या पिरामिड, विरहांक-फिबोनाशी संख्याएँ, कालदर्शक का जादू और आकृतियों वाले बीजगणितीय ग्रिड आते हैं। अंत में 2, 3 व 5 से सबसे बड़ा गुणनफल, अंक उलटने वाली विभाज्यता युक्ति, घोड़े-मुर्गियाँ, डोसा गाड़ी और करीम व जिन्न की पहेली है।
कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 140 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 140 – आइए, पता लगाएँ

1. पूरे पिरामिड की रचना किए बिना नीचे प्रत्येक स्थिति के लिए दी गई सबसे नीचे की (निम्नतम) पंक्ति की संख्याओं के लिए शीर्ष पंक्ति की संख्या ज्ञात कीजिए।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 6 पेज 140 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 1 का चित्र

उत्तर:
तीन पंक्तियों वाले पिरामिड में नीचे की संख्याएँ a, b और c हों, तो शीर्ष की संख्या a + 2b + c होती है।

पहली स्थिति में,
शीर्ष की संख्या = 4 + 2 × 13 + 8
= 4 + 26 + 8
= 38

दूसरी स्थिति में,
शीर्ष की संख्या = 7 + 2 × 11 + 3
= 7 + 22 + 3
= 32

तीसरी स्थिति में,
शीर्ष की संख्या = 10 + 2 × 14 + 25
= 10 + 28 + 25
= 63
अतः बाएँ से दाएँ शीर्ष की संख्याएँ 38, 32 और 63 हैं।

2. चार पंक्तियों वाले पिरामिड के लिए निम्नतम पंक्ति में दिए गए मानों के पदों में शीर्ष ऊपरी पंक्ति के मान के लिए व्यंजक लिखिए।

उत्तर:
माना कि सबसे नीचे की पंक्ति में बाएँ से दाएँ a, b, c और d हैं। ऊपर के खानों को चित्र में A, B, C, D, E और T से दर्शाया है।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 6 पेज 140 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 2 के उत्तर का चित्र

प्रत्येक खाने का मान उसके ठीक नीचे के दो खानों के मानों का योग है।
A = a + b
B = b + c
C = c + d

अगली पंक्ति में,
D = A + B = (a + b) + (b + c) = a + 2b + c
E = B + C = (b + c) + (c + d) = b + 2c + d

शीर्ष पर,
T = D + E
= (a + 2b + c) + (b + 2c + d)
= a + 3b + 3c + d
अतः शीर्ष पंक्ति के मान का व्यंजक a + 3b + 3c + d है।

3. पूरे पिरामिड की रचना किए बिना नीचे प्रत्येक स्थिति के लिए दी गई निम्नतम पंक्ति की संख्याओं के लिए शीर्ष पंक्ति की संख्या ज्ञात कीजिए।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 6 पेज 140 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 3 का चित्र

उत्तर:
चार पंक्तियों वाले पिरामिड में नीचे की संख्याएँ a, b, c और d हों, तो शीर्ष की संख्या a + 3b + 3c + d होती है।

पहली स्थिति में,
शीर्ष की संख्या = 8 + 3 × 19 + 3 × 21 + 13
= 8 + 57 + 63 + 13
= 141

दूसरी स्थिति में,
शीर्ष की संख्या = 7 + 3 × 18 + 3 × 19 + 6
= 7 + 54 + 57 + 6
= 124

तीसरी स्थिति में,
शीर्ष की संख्या = 9 + 3 × 7 + 3 × 5 + 11
= 9 + 21 + 15 + 11
= 56
अतः बाएँ से दाएँ शीर्ष की संख्याएँ 141, 124 और 56 हैं।

विरहांक-फिबोनाशी संख्या अनुक्रम 1, 2, 3, 5, … का स्मरण कीजिए जहाँ प्रत्येक संख्या अपने पूर्व में लिखी गई दो संख्याओं का योगफल है।

4. यदि तीन पंक्तियों वाले एक संख्या पिरामिड की निम्नतम पंक्ति में प्रथम तीन विरहांक-फिबोनाशी संख्याएँ लिखी हों तो पिरामिड के शेष रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। इस ग्रिड में कौन-कौन-सी संख्याएँ आ रही हैं? बताइए कि शीर्ष पंक्ति में कौन-सी संख्या है? क्या ये सभी विरहांक-फिबोनाशी संख्याएँ हैं?

उत्तर:
पहली तीन विरहांक-फिबोनाशी संख्याएँ 1, 2 और 3 हैं। इन्हें सबसे नीचे की पंक्ति में लिखेंगे। बाकी खानों को A, B और T से दर्शाया है।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 6 पेज 140 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 4 के उत्तर का चित्र

A = 1 + 2 = 3
B = 2 + 3 = 5
T = A + B = 3 + 5 = 8

अतः बीच की पंक्ति में बाएँ से दाएँ 3 और 5 तथा शीर्ष पर 8 लिखेंगे।
इस ग्रिड में 1, 2, 3, 5 और 8 संख्याएँ आती हैं। संख्या 3 दो खानों में आती है।
ये सभी विरहांक-फिबोनाशी संख्याएँ हैं। शीर्ष की संख्या 8 इस अनुक्रम की 5वीं संख्या है।

5. निम्नलिखित स्थितियों के लिए पिरामिड में अंकित संख्याओं और शीर्ष पंक्ति में अंकित संख्या के विषय में आपका क्या विचार है?

(i) चार पंक्तियों वाले पिरामिड की सबसे निम्न पंक्ति में प्रथम चार विरहांक-फिबोनाशी संख्याएँ लिखी जाती है।
(ii) 29 पंक्तियों वाले पिरामिड की सबसे निम्न पंक्ति में प्रथम 29 विरहांक-फिबोनाशी संख्याएँ लिखी जाती है।
उत्तर:
(i) सबसे नीचे की पंक्ति में 1, 2, 3 और 5 लिखेंगे। ऊपर के खानों के स्थान चित्र में दिखाए हैं।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 6 पेज 140 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 5 के उत्तर का चित्र

A = 1 + 2 = 3
B = 2 + 3 = 5
C = 3 + 5 = 8
D = A + B = 3 + 5 = 8
E = B + C = 5 + 8 = 13
T = D + E = 8 + 13 = 21

इस पिरामिड में 1, 2, 3, 5, 8, 13 और 21 संख्याएँ आती हैं। सभी विरहांक-फिबोनाशी संख्याएँ हैं। शीर्ष की संख्या 21 अनुक्रम की 7वीं संख्या है।

(ii) हर पंक्ति में विरहांक-फिबोनाशी अनुक्रम की लगातार संख्याएँ आएँगी। दो पास-पास की संख्याओं को जोड़ने पर इसी अनुक्रम की अगली संख्या मिलती है। इसलिए पिरामिड की सभी संख्याएँ विरहांक-फिबोनाशी संख्याएँ होंगी।

नीचे की पंक्ति अनुक्रम की पहली संख्या से शुरू होती है। उससे ऊपर की पंक्ति तीसरी संख्या से, फिर अगली पंक्ति पाँचवीं संख्या से शुरू होती है। इस प्रकार प्रत्येक पंक्ति ऊपर जाने पर पहली संख्या का क्रमांक 2 बढ़ता है।
29 पंक्तियों में नीचे से शीर्ष तक 28 बार ऊपर जाएँगे।
शीर्ष की संख्या का क्रमांक = 1 + 28 × 2 = 57

अतः शीर्ष पर अनुक्रम की 57वीं संख्या आएगी। अनुक्रम को आगे बढ़ाने पर 55वीं संख्या 225851433717 और 56वीं संख्या 365435296162 मिलती है।
57वीं संख्या = 225851433717 + 365435296162
= 591286729879
अतः शीर्ष की संख्या 591286729879 होगी।

6. यदि एक n पंक्तियों वाले पिरामिड की निम्नतम पंक्ति में प्रथम n विरहांक-फिबोनाशी संख्याएँ लिखी हों तो हम पिरामिड में लिखी संख्याओं के विषय में क्या कह सकते हैं? इसके साथ यह भी बताइए कि शीर्ष पंक्ति में लिखी संख्या के विषय में हम क्या कह सकते हैं?

उत्तर:
विरहांक-फिबोनाशी अनुक्रम की दो पास-पास की संख्याओं का योग इसी अनुक्रम की अगली संख्या होता है। इसलिए पिरामिड की प्रत्येक पंक्ति में इसी अनुक्रम की लगातार संख्याएँ होंगी। अतः पिरामिड में लिखी सभी संख्याएँ विरहांक-फिबोनाशी संख्याएँ होंगी।

सबसे नीचे की पंक्ति की पहली संख्या अनुक्रम की पहली संख्या है। एक पंक्ति ऊपर जाने पर शुरुआत अनुक्रम में दो स्थान आगे से होती है। इसलिए नीचे से ऊपर पंक्तियों की पहली संख्याओं के क्रमांक 1, 3, 5, 7, … होंगे।
n पंक्तियों वाले पिरामिड में नीचे से शीर्ष तक n − 1 बार ऊपर जाना पड़ता है।
शीर्ष की संख्या का क्रमांक = 1 + 2(n − 1)
= 1 + 2n − 2
= 2n − 1
अतः शीर्ष पंक्ति में विरहांक-फिबोनाशी अनुक्रम की (2n − 1)वीं संख्या होगी।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 144 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 144 – आइए, पता लगाएँ

1. □□ × □ में अंक 1, 3 व 7 को इस प्रकार अंकित कीजिए जिससे सबसे बड़ा संभव गुणनफल प्राप्त हो।

उत्तर:
तीनों अंकों का एक-एक बार उपयोग करने पर छह गुणनफल मिलते हैं-

13 × 7 = 91
17 × 3 = 51
31 × 7 = 217
37 × 1 = 37
71 × 3 = 213
73 × 1 = 73

इनमें 217 सबसे बड़ा है।
अतः रिक्त स्थानों में 3, 1 और 7 भरेंगे।
सबसे बड़ा संभव गुणनफल = 31 × 7 = 217।

2. □□ × □ में अंक 3, 5 व 9 को इस प्रकार अंकित कीजिए जिससे सबसे बड़ा संभव गुणनफल प्राप्त हो।

उत्तर:
तीनों अंकों का एक-एक बार उपयोग करने पर—

35 × 9 = 315
39 × 5 = 195
53 × 9 = 477
59 × 3 = 177
93 × 5 = 465
95 × 3 = 285

इनमें 477 सबसे बड़ा है।
अतः रिक्त स्थानों में 5, 3 और 9 भरेंगे।
सबसे बड़ा संभव गुणनफल = 53 × 9 = 477।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 145 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 145 – आइए, पता लगाएँ

1. ऊपर दी गई युक्ति में 9 से विभाजित करने पर भागफल क्या प्राप्त होगा? क्या दोनों संख्याओं और भागफल के बीच कोई संबंध है?

उत्तर:
भागफल दोनों अंकों के अंतर के बराबर होगा।

माना कि संख्या के अंक a और b हैं तथा a > b है।
पहली संख्या = 10a + b
अंकों का क्रम बदलने पर बनी संख्या = 10b + a

दोनों संख्याओं का अंतर
= (10a + b) − (10b + a)
= 10a + b − 10b − a
= 9a − 9b
= 9(a − b)

9 से भाग देने पर भागफल = a − b।
इसी प्रकार, यदि b > a हो तो भागफल = b − a होगा।
उदाहरण के लिए, 74 − 47 = 27 और 27 ÷ 9 = 3।
यहाँ 7 − 4 = 3 भी है।

अतः बड़ी संख्या में से छोटी संख्या घटाकर 9 से भाग देने पर बड़े अंक और छोटे अंक का अंतर प्राप्त होता है। दोनों संख्याओं का अंतर भागफल का 9 गुना होता है।

2. ऊपर दी गई युक्ति में दो 2-अंकीय संख्याओं का अंतर ज्ञात करने के स्थान पर उनका योगफल ज्ञात कीजिए। बताइए ऐसा करने पर क्या होगा? उदाहरण के लिए-

• हम संख्या 31 लेते है। इस संख्या के अंकों को परस्पर बदलने पर हमें 13 प्राप्त होता है। 31 व 13 को जोड़ने पर हमें 44 प्राप्त होता है।
• हम संख्या 28 लेते है। इस संख्या के अंकों को परस्पर बदलने पर हमें 82 प्राप्त होता है। 28 व 82 जोड़ने पर हमें 110 प्राप्त होता है।
• हम संख्या 12 लेते है। इस संख्या के अंकों को परस्पर बदलने पर हमें 21 प्राप्त होता है। 12 व 21 जोड़ने पर हमें 33 प्राप्त होता है।

ध्यान दीजिए कि ये सभी संख्याएँ 11 से विभाज्य हैं। क्या यह सदैव सत्य होगा? क्या हम इस निष्कर्ष को बीजगणित के उपयोग द्वारा सही सिद्ध कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, यह सदैव सत्य होगा।

माना कि पहली संख्या = 10a + b।
अंकों को परस्पर बदलने पर दूसरी संख्या = 10b + a।

दोनों संख्याओं का योगफल
= (10a + b) + (10b + a)
= 10a + a + 10b + b
= 11a + 11b
= 11(a + b)
अतः योगफल सदैव 11 का गुणज होगा और 11 से पूरी तरह विभाजित होगा। 11 से भाग देने पर दोनों अंकों का योग प्राप्त होगा।

जाँच करने पर-
44 ÷ 11 = 4 = 3 + 1
110 ÷ 11 = 10 = 2 + 8
33 ÷ 11 = 3 = 1 + 2

3. किसी 3-अंकीय संख्या, जैसे- abc (100a + 10b + c) पर विचार कीजिए। इन अंकों का क्रम परिवर्तित करते हुए दो अन्य 3-अंकीय संख्याएँ बनाइए। इससे संख्याएँ bca और cab प्राप्त होती हैं। अब तीनों संख्याओं का योगफल ज्ञात कीजिए। इसके साथ ही बीजगणित का उपयोग करके सिद्ध कीजिए कि यह योगफल सदैव 37 से विभाज्य होगा। क्या यह योगफल सदैव 3 से भी विभाज्य होगा?

[संकेत— 37 के कुछ गुणजों को देखिए।]
उत्तर:
अंक a, b और c से बनी तीन संख्याएँ हैं:
abc = 100a + 10b + c
bca = 100b + 10c + a
cab = 100c + 10a + b

तीनों संख्याओं का योगफल
= (100a + 10b + c) + (100b + 10c + a) + (100c + 10a + b)
= 111a + 111b + 111c
= 111(a + b + c)
= 37 × 3 × (a + b + c)
अतः यह योगफल 37 और 3, दोनों से सदैव विभाज्य होगा।

उदाहरण के लिए:
123 + 231 + 312 = 666
666 ÷ 37 = 18
666 ÷ 3 = 222

4. किसी 3-अंकीय संख्या जैसे abc पर विचार कीजिए। अंकों को दोहराकर इससे एक 6-अंकीय संख्या बनाइए जो abcabc है। इस संख्या को 7 से विभाजित कीजिए, इसके पश्चात 11 से विभाजित कीजिए और अंततः 13 से विभाजित कीजिए। बताइए कि आपको क्या प्राप्त होता है? अन्य संख्याओं के साथ ऐसा करने का प्रयत्न कीजिए। पता लगाइए कि ऐसा क्यों होता है [संकेत- 7, 11 व 13 का गुणन कीजिए।]

उत्तर:
अंत में वही 3-अंकीय संख्या प्राप्त होती है जिससे हमने शुरुआत की थी।

पहला उदाहरण—
123 को दोहराने पर 123123 प्राप्त होता है।
123123 ÷ 7 = 17589
17589 ÷ 11 = 1599
1599 ÷ 13 = 123

दूसरा उदाहरण—
456 को दोहराने पर 456456 प्राप्त होता है।
456456 ÷ 7 = 65208
65208 ÷ 11 = 5928
5928 ÷ 13 = 456

कारण समझने के लिए, पहली 3-अंकीय संख्या को n मानते हैं।
अंकों को दोहराने पर बनी संख्या
= 1000n + n
= 1001n

अब, 7 × 11 × 13 = 1001।
इसलिए 7, फिर 11 और फिर 13 से भाग देना, 1001 से भाग देने के बराबर है।
1001n ÷ 1001 = n
अतः हर बार आरंभ की 3-अंकीय संख्या ही प्राप्त होगी।

5. 3 तीर्थ स्थल हैं जिनमें से प्रत्येक के सामने एक जादुई तालाब है। यदि कोई व्यक्ति इन जादुई तालाबों में अपने पुष्पों को डुबोता है तो पुष्पों की संख्या दुगुनी हो जाती है। एक व्यक्ति के पास कुछ पुष्प हैं। वह उन सभी पुष्पों को पहले तालाब में डुबोता है और प्राप्त पुष्पों में से कुछ पुष्पों को तीर्थस्थल 1 में चढ़ाता है। आगे चलकर वह शेष पुष्पों को दूसरे तालाब में डुबोता है और उनमें से कुछ पुष्पों को तीर्थस्थल 2 में चढ़ाता है। अंततः वह शेष पुष्पों को तीसरे तालाब में डुबोता है और प्राप्त सभी पुष्पों को तीर्थस्थल 3 में चढ़ाता है। यदि व्यक्ति ने प्रत्येक तीर्थस्थल में समान संख्या में पुष्प चढ़ाएँ हों तो बताइए कि आरंभ में उसके पास कितने पुष्प थे? उस व्यक्ति ने प्रत्येक तीर्थस्थल में कितने पुष्प चढ़ाए?

उत्तर:
मान लीजिए कि आरंभ में x पुष्प थे और प्रत्येक तीर्थस्थल में y पुष्प चढ़ाए गए।

पहले तालाब में डुबोने पर पुष्प = 2x
पहले तीर्थस्थल में चढ़ाने के बाद बचे पुष्प = 2x − y

दूसरे तालाब में डुबोने पर पुष्प
= 2(2x − y)
= 4x − 2y
दूसरे तीर्थस्थल में चढ़ाने के बाद बचे पुष्प = 4x − 3y

तीसरे तालाब में डुबोने पर पुष्प
= 2(4x − 3y)
= 8x − 6y

ये सभी पुष्प तीसरे तीर्थस्थल में चढ़ा दिए गए। इसलिए—
8x − 6y = y
8x = 7y

इससे x = 7k और y = 8k ले सकते हैं, जहाँ k = 1, 2, 3, …।

सबसे छोटी धनात्मक संख्याओं के लिए k = 1 रखने पर—
आरंभ में पुष्पों की संख्या = 7
प्रत्येक तीर्थस्थल में चढ़ाए गए पुष्पों की संख्या = 8

जाँच:
पहले तालाब में 7 × 2 = 14 पुष्प हुए। 8 चढ़ाने पर 6 बचे।
दूसरे तालाब में 6 × 2 = 12 पुष्प हुए। 8 चढ़ाने पर 4 बचे।
तीसरे तालाब में 4 × 2 = 8 पुष्प हुए। सभी 8 चढ़ाने पर कोई पुष्प नहीं बचा।

इस प्रश्न के अन्य उत्तर भी हैं। आरंभ में 14 पुष्प लेकर प्रत्येक तीर्थस्थल में 16 पुष्प या आरंभ में 21 पुष्प लेकर प्रत्येक में 24 पुष्प चढ़ाए जा सकते हैं। सामान्य रूप में आरंभ में 7k पुष्प होंगे और प्रत्येक तीर्थस्थल में 8k पुष्प चढ़ाए जाएँगे।

6. एक फार्म में कुछ घोड़े और मुर्गियाँ हैं। इन सभी जानवरों के सिरों की कुल संख्या 55 है और पैरों की कुल संख्या 150 है। फार्म में कुल कितने घोड़े और कुल कितनी मुर्गियाँ हैं?

क्या आप इसे अक्षर-संख्याओं के बिना हल कर सकते हैं?
[संकेत – यदि सभी 55 जानवर केवल मुर्गियाँ ही होती तो पैरों की संख्या कितनी होती? इस संख्या और 150 के मध्य के अंतर का उपयोग करके क्या आप घोड़ों की संख्या ज्ञात कर सकते हैं?]

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 6 पेज 145 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 6 का चित्र

उत्तर:
हाँ, इसे अक्षर-संख्याओं के बिना हल कर सकते हैं।

यदि सभी 55 जानवर मुर्गियाँ होतीं, तो पैरों की संख्या
= 55 × 2
= 110 होती।

वास्तविक पैरों की संख्या 150 है।
अतिरिक्त पैरों की संख्या = 150 − 110 = 40।

एक घोड़े के 4 पैर और एक मुर्गी के 2 पैर होते हैं। इसलिए प्रत्येक घोड़े के कारण 2 अतिरिक्त पैर गिने जाएँगे।

घोड़ों की संख्या = 40 ÷ 2 = 20
मुर्गियों की संख्या = 55 − 20 = 35
अतः फार्म में 20 घोड़े और 35 मुर्गियाँ हैं।

7. एक माता की आयु उसकी पुत्री की आयु की 5 गुना है। 6 वर्ष के पश्चात माता की आयु उसकी पुत्री की आयु की 3 गुना हो जाएगी। बताइए वर्तमान में पुत्री की आयु कितनी है?

उत्तर:
माना पुत्री की वर्तमान आयु x वर्ष है।
माता की वर्तमान आयु = 5x वर्ष।

6 वर्ष के पश्चात,
पुत्री की आयु = (x + 6) वर्ष
माता की आयु = (5x + 6) वर्ष

प्रश्नानुसार,
5x + 6 = 3(x + 6)
5x + 6 = 3x + 18
5x − 3x = 18 − 6
2x = 12
x = 6

अतः पुत्री की वर्तमान आयु 6 वर्ष है।
जाँच: माता की वर्तमान आयु = 5 × 6 = 30 वर्ष।
6 वर्ष बाद उनकी आयु 36 वर्ष और पुत्री की आयु 12 वर्ष होगी।
36 = 3 × 12, इसलिए उत्तर सही है।

8. दो सहेलियाँ गौरी और नैना ग्वालिन हैं। एक दिन वे सड़क पर अपनी गायों के साथ जाते हुए एक-दूसरे के पास से गुजरती हैं। गौरी नैना से कहती है, “तुम्हारे पास मेरी गायों की संख्या से दोगुना गायें हैं।” नैना कहती है, “सही कहा, किंतु यदि मैं अपनी 3 गायें तुम्हें दे दूँ तो हम दोनों के पास समान संख्या में गायें होंगी।” बताइए कि गौरी और नैना के पास कितनी गायें हैं?

उत्तर:
माना गौरी के पास x गायें हैं।
तब नैना के पास 2x गायें होंगी।

नैना के 3 गायें देने के बाद,
गौरी के पास गायें = x + 3
नैना के पास गायें = 2x − 3

दोनों के पास गायों की संख्या समान होगी। इसलिए,
x + 3 = 2x − 3
3 + 3 = 2x − x
x = 6

नैना की गायें = 2 × 6 = 12।
अतः गौरी के पास 6 गायें और नैना के पास 12 गायें हैं।
जाँच: 3 गायें देने पर गौरी के पास 6 + 3 = 9 और नैना के पास 12 − 3 = 9 गायें होंगी।

9. मैं एक छोटी गाड़ी पर डोसा बेचता हूँ और मेरे व्यय इस प्रकार हैं-

• गाड़ी का प्रतिदिन का किराया ₹5000 है।
• एक डोसा बनाने की लागत (सभी सामग्री व ईंधन मिलाकर) ₹10 है।
(i) यदि मैं प्रतिदिन 100 डोसे बेच सकता हूँ तो ₹2000 का लाभ प्राप्त करने के लिए डोसे का विक्रय मूल्य क्या होना चाहिए?
(ii) यदि मेरे ग्राहक एक डोसे के लिए केवल ₹50 चुकाना चाहते हों तो ₹2000 का लाभ प्राप्त करने के लिए मुझे प्रतिदिन कितने डोसे बेचने का लक्ष्य रखना चाहिए?
उत्तर:
(i) 100 डोसे बनाने की लागत = 100 × ₹10 = ₹1000
प्रतिदिन कुल खर्च = गाड़ी का किराया + डोसे बनाने की लागत
= ₹5000 + ₹1000
= ₹6000

₹2000 का लाभ पाने के लिए कुल बिक्री = ₹6000 + ₹2000 = ₹8000।
एक डोसे का विक्रय मूल्य = ₹8000 ÷ 100 = ₹80।
अतः प्रत्येक डोसे को ₹80 में बेचना चाहिए।

(ii) माना प्रतिदिन x डोसे बेचने हैं।
कुल बिक्री = ₹50x
कुल खर्च = ₹(5000 + 10x)

लाभ = बिक्री − खर्च
2000 = 50x − (5000 + 10x)
2000 = 40x − 5000
40x = 7000
x = 7000 ÷ 40 = 175

अतः प्रतिदिन 175 डोसे बेचने का लक्ष्य रखना चाहिए।
जाँच: बिक्री = 175 × ₹50 = ₹8750।
खर्च = ₹5000 + 175 × ₹10 = ₹6750।
लाभ = ₹8750 − ₹6750 = ₹2000।

10. भिन्नों के निम्नलिखित अनुक्रम का मान ज्ञात कीजिए।

1/3, (1 + 3)/(5 + 7), (1 + 3 + 5)/(7 + 9 + 11)
आपने क्या अवलोकन किया? क्या आप व्याख्या कर सकते हैं कि ऐसा क्यों होता है?
[संकेत— स्मरण कीजिए कि आप प्रारंभिक n विषम संख्याओं के योग के विषय में क्या जानते हैं।]
उत्तर:
पहली भिन्न = 1/3
दूसरी भिन्न = (1 + 3)/(5 + 7) = 4/12 = 1/3
तीसरी भिन्न = (1 + 3 + 5)/(7 + 9 + 11) = 9/27 = 1/3
अतः तीनों भिन्नों का मान 1/3 है।
प्रत्येक भिन्न के अंश में प्रारंभिक कुछ विषम संख्याओं का योग है। हर में उसके बाद की उतनी ही विषम संख्याओं का योग है।

प्रारंभिक n विषम संख्याओं का योग = n²।
प्रारंभिक 2n विषम संख्याओं का योग = (2n)² = 4n²।
इसलिए अगली n विषम संख्याओं का योग = 4n² − n² = 3n²।

इस प्रकार भिन्न का मान = n²/(3n²) = 1/3।
यहाँ n एक धनात्मक पूर्णांक है। इसलिए इस प्रकार बनी प्रत्येक भिन्न का मान 1/3 होगा।

11. करीम और जिन्न

करीम एक पेड़ के नीचे झपकी ले रहा था। उसने जादुई चिराग और जिन्न के विषय में एक सपना देखा। उसे एक आवाज सुनाई दी, “हे मालिक, मैं आपकी सेवा के लिए आया हूँ।” वह जागा और आश्चर्यचकित हुआ कि वह एक जिन्न था!

“क्या आप धन अर्जित करना चाहते हैं?” जिन्न ने पूछा। करीम ने घबराहट में सिर हिलाते हुए सहमति दी। जिन्न ने आगे कहा, “क्या आपको वहाँ बरगद का वृक्ष दिखाई दे रहा है? आपको वृक्ष के चारों ओर एक चक्कर लगाना है। आपके जेब में रखे रूपये दोगुने हो जाएँगे।”

करीम उसी समय वृक्ष की ओर जाने लगा तभी जिन्न ने उसे रोका, “एक क्षण रुकिए।” “चूँकि मैं आपको धनवान बना रहा हूँ तो आपको कुछ लाभ मेरे साथ बाँटना चाहिए। आपको प्रत्येक बार वृक्ष का एक चक्कर लगाने के पश्चात 8 सिक्के मुझे देने होंगे।”

यह सोचकर कि यह तो एक नगण्य राशि है, करीम ने तत्काल सहमति दे दी।

करीम ने पेड़ का एक चक्कर लगाया, जैसा कि जिन्न ने कहा था, उसके जेब में रखे सिक्के दोगुने हो गए! उसने 8 सिक्के जिन्न को दे दिए। इसके पश्चात उसने वृक्ष का एक और चक्कर लगाया। इसके साथ ही सिक्कों की संख्या पुनः दोगुनी हो गई। उसने और 8 सिक्के जिन्न को दे दिए। करीम ने तीसरी बार वृक्ष का चक्कर लगाया। सिक्कों की संख्या पुनः दोगुनी हो गई किंतु उसे आश्चर्य हुआ कि उसके पास केवल 8 सिक्के बचे थे, जो ठीक उतने सिक्के थे जो उसे जिन्न को देने थे!

जैसे ही करीम आश्चर्यचकित हुआ कि जिन्न ने किस प्रकार उसे चतुरता से फँसा दिया, वैसे ही जिन्न जोर से हँसा और अदृश्य हो गया।

(i) करीम के पास आरंभ में कितने सिक्के थे?
(ii) यदि करीम को अंत में अपने पास सिक्कों की संख्या में वृद्धि करनी हो तो करीम को प्रत्येक चक्कर के पश्चात कितने सिक्के जिन्न को देने के समझौते पर सहमत होना चाहिए?
(iii) जिन्न अपनी चमत्कारी शक्तियों द्वारा करीम के पास सिक्कों की संख्या जान चुका है। करीम के सभी सिक्के प्राप्त करने के लिए अब जिन्न को प्रत्येक चक्कर के पश्चात कितने सिक्के लेना निश्चित करना चाहिए?

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 6 पेज 145 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 11 का चित्र

उत्तर:
(i) माना आरंभ में करीम के पास x सिक्के थे।
पहले चक्कर और भुगतान के बाद सिक्के = 2x − 8।
दूसरे चक्कर और भुगतान के बाद सिक्के = 2(2x − 8) − 8 = 4x − 24।
तीसरे चक्कर और भुगतान के बाद सिक्के = 2(4x − 24) − 8 = 8x − 56।

तीसरे भुगतान के बाद कोई सिक्का नहीं बचा। इसलिए,
8x − 56 = 0
8x = 56
x = 7
अतः आरंभ में करीम के पास 7 सिक्के थे।

(ii) माना करीम हर चक्कर के बाद k सिक्के देने का समझौता करता है।
तीन चक्करों और भुगतान के बाद उसके पास सिक्के होंगे:
8 × 7 − 7k = 56 − 7k।

आरंभ के 7 सिक्कों से अधिक सिक्के पाने के लिए,
56 − 7k > 7
49 > 7k
k < 7 इसलिए करीम को हर चक्कर के बाद 7 से कम सिक्के देने पर सहमत होना चाहिए। पूरे सिक्कों में भुगतान करने पर वह अधिकतम 6 सिक्के दे सकता है। उदाहरण के लिए, 6 सिक्के देने पर, पहले चक्कर के बाद 7 × 2 − 6 = 8 सिक्के, दूसरे चक्कर के बाद 8 × 2 − 6 = 10 सिक्के, तीसरे चक्कर के बाद 10 × 2 − 6 = 14 सिक्के होंगे। 14 > 7, इसलिए उसके सिक्के बढ़ गए। यदि वह हर बार 7 सिक्के देता, तो उसके पास हर बार 7 ही सिक्के बचते।

(iii) कहानी की तरह तीन चक्करों में सभी सिक्के लेने हों तो जिन्न को प्रत्येक चक्कर के बाद 8 सिक्के लेने चाहिए।
इसे सामान्य रूप में समझते हैं। यदि आरंभ में x सिक्के हों और प्रत्येक चक्कर के बाद k सिक्के दिए जाएँ, तो तीन चक्करों के बाद शेष सिक्के होंगे:
8x − 7k।

सभी सिक्के लेने के लिए,
8x − 7k = 0
7k = 8x
k = 8x/7

यहाँ x = 7 है। इसलिए k = (8 × 7)/7 = 8।
पूरे सिक्कों में यह तीन-चक्कर वाला भुगतान तभी संभव है जब आरंभिक संख्या 7 का गुणज हो।

यदि चक्करों की संख्या पहले से निश्चित न हो, तो भुगतान की दूसरी राशि भी हो सकती है। जैसे, करीम के 7 सिक्के पहले ही चक्कर में 14 हो जाएँगे। जिन्न एक चक्कर के बाद सभी सिक्के लेना चाहे, तो 14 सिक्के लेने का समझौता कर सकता है। इसलिए 8 सिक्के वाला उत्तर तीन चक्करों की व्यवस्था के लिए है।

शब्द-पहेलियों को समीकरण में बदलने की तरकीब

कक्षा 8 गणित प्रकाश अध्याय 6 की हर पहेली एक ही तरह खुलती है: अज्ञात संख्या को अक्षर मानकर हर वाक्य को समीकरण में बदलिए। जहाँ अंत की स्थिति पता हो, जैसे करीम के पास बचे 8 सिक्के, वहाँ पीछे की ओर चलें: दोगुना होने का उलटा आधा करना है और देने का उलटा जोड़ना। घोड़े-मुर्गियों वाला प्रश्न बिना अक्षर के भी बनता है: सभी 55 जानवर मुर्गियाँ होते तो 110 पैर होते, बचे 40 पैर 20 घोड़ों के हैं। अंकों वाली युक्तियों में संख्या को ‘दहाई × 10 + इकाई’ लिखते ही विभाज्यता दिख जाती है। भिन्नों वाले प्रश्न से पहले अध्याय 2 में विषम संख्याओं का योग दोहराएँ, फिर अध्याय 7 ‘क्षेत्रफल’ पर जाएँ। कोई और अध्याय खोजना हो तो कक्षा 8 गणित के एनसीईआरटी समाधान पर लौटें।