एनसीईआरटी समाधान कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 5 बिंदुओं तथा रेखाओं द्वारा बनी कहानियाँ
एनसीईआरटी समाधान कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 5 बिंदुओं तथा रेखाओं द्वारा बनी कहानियाँ – अभ्यास के हल सहित सभी प्रश्नों के उत्तर सत्र 2026-27 के लिए यहाँ से मुफ्त प्राप्त करें। कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 5 के समाधान आँकड़ों के पीछे छिपी कहानी पढ़ना सिखाते हैं।
एनसीईआरटी कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 5 समाधान
कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 5 के पहले भाग ‘संतुलन कार्य’ में बिंदु आलेख पर माध्य एक संतुलन बिंदु की तरह दिखता है और प्रश्न पूछते हैं कि कोई मान जोड़ने, हटाने या बदलने पर माध्य व माध्यिका पर क्या असर होगा। पहलवानों के भार में मिटा हुआ मान खोजना, आवृत्ति सहित माध्य और स्प्रेडशीट के सूत्र भी इसी भाग में हैं। दूसरे भाग में रेखा आलेख, सूचनालेख और गतिविधि पट्टिकाएँ हैं: केरल-पंजाब का तापमान, अंतरिक्ष जाम, तटीय शहरों की वर्षा, गेहूँ बनाम चावल और आयु के साथ बदलती निद्रा।
कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 113 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 113 – आइए, पता लगाएँ
1. निम्नलिखित आँकड़ों के माध्य ज्ञात कीजिए और प्राप्त अवलोकन को साझा कीजिए।
(i) पहली 50 प्राकृत संख्याएँ
(ii) पहली 50 विषम संख्याएँ
(iii) 4 के पहले 50 गुणज
उत्तर:
(i) पहली 50 प्राकृत संख्याएँ 1, 2, 3, …, 50 हैं।
पहली और अंतिम संख्या को जोड़ने पर 1 + 50 = 51 मिलता है। इसी प्रकार 2 + 49 = 51, 3 + 48 = 51, …।
इस तरह 25 जोड़े बनते हैं और प्रत्येक जोड़े का योग 51 है।
संख्याओं का योग = 25 × 51 = 1275
माध्य = 1275 ÷ 50 = 25.5
(ii) पहली 50 विषम संख्याएँ 1, 3, 5, …, 99 हैं।
1 + 99 = 100, 3 + 97 = 100, …।
इस तरह 25 जोड़े बनते हैं और प्रत्येक जोड़े का योग 100 है।
संख्याओं का योग = 25 × 100 = 2500
माध्य = 2500 ÷ 50 = 50
(iii) 4 के पहले 50 गुणज 4, 8, 12, …, 200 हैं।
इनका योग = 4 × (1 + 2 + 3 + … + 50)
= 4 × 1275 = 5100
माध्य = 5100 ÷ 50 = 102
अवलोकन: तीनों संग्रहों में लगातार मानों का अंतर समान है। प्रत्येक संग्रह का माध्य उसकी पहली और अंतिम संख्या का औसत है। प्रत्येक संख्या को 4 से गुणा करने पर माध्य भी 4 गुना हो गया, क्योंकि 25.5 × 4 = 102।
2. नीचे दिए गए बिंदु आलेख में एक आँकड़ा संग्रह और उसका औसत दर्शाया गया है परंतु एक बिंदु लुप्त है। लुप्त मान को इस प्रकार चिह्नित कीजिए कि माध्य 9 हो जाए (नीचे दर्शाए अनुसार)।

उत्तर:
आलेख में 10 बिंदु हैं। इनके मान 4, 7, 8, 8, 9, 9, 9, 9, 9 और 11 हैं।
इनका योग = 4 + 7 + 8 + 8 + 9 + 9 + 9 + 9 + 9 + 11 = 83
लुप्त मान मिलाने पर कुल मानों की संख्या = 10 + 1 = 11
माध्य 9 होने के लिए कुल योग = 11 × 9 = 99
लुप्त मान = 99 − 83 = 16
अतः संख्या 16 के ऊपर एक बिंदु लगाएँगे। चित्र में लाल बिंदु इसी लुप्त मान को दर्शाता है।

3. शिक्षक सुधाकर ने श्रेयस को अपनी कक्षा के सभी 24 विद्यार्थियों की ऊँचाई मापने और औसत ऊँचाई की गणना करने के लिए कहा। श्रेयस ने शिक्षक को बताया कि औसत ऊँचाई 150.2 सेंटीमीटर है। शिक्षक का पता चला कि ऊँचाई मापते समय विद्यार्थियों ने विद्यालय के जूते पहने हुए थे और जूतों के कारण प्रत्येक विद्यार्थी की ऊँचाई में 1 सेंटीमीटर की वृद्धि हो गई।
(i) क्या शिक्षक को सही औसत ऊँचाई ज्ञात करने के लिए जूतों के बिना सभी विद्यार्थियों की ऊँचाइयों को पुनः मापन करवाना चाहिए? या कोई अन्य सरल विधि है?
(ii) कक्षा की सही औसत ऊँचाई क्या है?
(क) 174.2 cm
(ख) 126.2 cm
(ग) 150.2 cm
(घ) 149.2 cm
(ङ) 151.2 cm
(च) उपरोक्त में से कोई नहीं
(छ) अपर्याप्त सूचना
उत्तर:
(i) सभी विद्यार्थियों की ऊँचाई दोबारा मापने की आवश्यकता नहीं है। प्रत्येक विद्यार्थी की ऊँचाई 1 सेंटीमीटर अधिक लिखी गई है। प्रत्येक मान में से 1 घटाने पर माध्य भी 1 कम हो जाएगा।
(ii) सही औसत ऊँचाई = 150.2 − 1 = 149.2 सेंटीमीटर
अतः सही विकल्प (घ) 149.2 cm है।
4. नीचे दिए गए तीन बिंदु आलेख विभिन्न एलबमों के गानों की लंबाई (मिनटों में) दर्शाते हैं। इनमें से किस एलबम के गानों की औसत लंबाई 5.57 मिनट है? समझाइए कि आपने यह उत्तर किस प्रकार प्राप्त किया?

उत्तर:
एलबम A में 7 गाने हैं। इनकी लंबाइयाँ 5, 5, 5.25, 5.5, 5.75, 6 और 6.5 मिनट हैं।
कुल लंबाई = 5 + 5 + 5.25 + 5.5 + 5.75 + 6 + 6.5 = 39 मिनट
औसत लंबाई = 39 ÷ 7 ≈ 5.57 मिनट
एलबम B के सभी गानों की लंबाई 5 मिनट या उससे कम है और एलबम C के सभी गानों की लंबाई 4.5 मिनट या उससे कम है। इसलिए उनका औसत 5.57 मिनट नहीं हो सकता।
अतः एलबम A सही उत्तर है।
5. दिए गए आँकड़ों — 8, 10, 19, 23, 26, 34, 40, 41, 41, 48, 51, 55, 70, 84, 91, 92 की माध्यिका ज्ञात कीजिए।
(i) यदि हम माध्यिका को प्रभावित किए बिना आँकड़ों में (दी गई सूची में) एक मान सम्मिलित करते हैं तो वह मान क्या हो सकता है?
(ii) यदि हम माध्यिका को प्रभावित किए बिना आँकड़ों में दो मान सम्मिलित करते हैं तो वे दो मान क्या हो सकते हैं?
(iii) यदि हम माध्यिका को प्रभावित किए बिना आँकड़ों से एक मान हटा दें तो वह मान क्या हो सकता है?
उत्तर:
आँकड़े पहले से आरोही क्रम में हैं। कुल 16 मान हैं, इसलिए माध्यिका 8वें और 9वें मान का औसत होगी।
माध्यिका = (41 + 41) ÷ 2 = 41
(i) हम 41 सम्मिलित कर सकते हैं। अब 17 मान होंगे और 9वाँ मान 41 होगा। अतः माध्यिका 41 ही रहेगी। वास्तव में, यहाँ कोई भी एक मान जोड़ने पर बीच का मान 41 ही रहेगा, क्योंकि पहले से 8वाँ और 9वाँ मान दोनों 41 हैं।
(ii) हम 20 और 60 सम्मिलित कर सकते हैं। एक मान 41 से छोटा और दूसरा 41 से बड़ा है। अब कुल 18 मान होंगे। क्रमबद्ध करने पर 9वाँ और 10वाँ मान दोनों 41 होंगे।
नई माध्यिका = (41 + 41) ÷ 2 = 41
(iii) हम 8 हटा सकते हैं। अब 15 मान होंगे और 8वाँ मान 41 होगा। अतः माध्यिका 41 ही रहेगी। यहाँ सूची से कोई भी एक मान हटाने पर माध्यिका 41 ही रहती है।
6. निम्नलिखित कथनों की जाँच कीजिए और सत्यापित कीजिए कि कथन सदैव सत्य है, कभी-कभी सत्य है या कभी सत्य नहीं है।
(i) माध्यिका से छोटा, एक मान हटाने से माध्यिका कम हो जाएगी।
(ii) माध्य से छोटा, एक मान सम्मिलित करने से माध्य कम हो जाएगा।
(iii) किन्हीं भी 4 मानों को सम्मिलित करने से माध्यिका पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(iv) माध्यिका से छोटे 4 मानों को सम्मिलित करने से माध्यिका बढ़ जाएगी।
उत्तर:
(i) कभी सत्य नहीं है। माध्यिका से छोटा मान हटाने पर बीच का स्थान बड़े मानों की ओर जाता है। इसलिए माध्यिका बढ़ सकती है या समान रह सकती है, लेकिन घट नहीं सकती।
जैसे, 1, 2, 3 की माध्यिका 2 है। 1 हटाने पर माध्यिका (2 + 3) ÷ 2 = 2.5 हो जाती है।
1, 2, 2 में से 1 हटाने पर माध्यिका 2 ही रहती है।
(ii) सदैव सत्य है। माध्य से छोटा मान जोड़ने पर सभी मानों को बराबर बाँटने से मिलने वाला नया हिस्सा पहले से छोटा होगा। इसलिए नया माध्य कम होगा।
जैसे, 4 और 6 का माध्य 5 है। इनमें 2 जोड़ने पर माध्य (4 + 6 + 2) ÷ 3 = 4 हो जाता है।
(iii) कभी-कभी सत्य है। यह जोड़े गए मानों पर निर्भर करता है।
1, 2, 3 की माध्यिका 2 है। इसमें 0, 1, 3, 4 जोड़ने पर क्रमबद्ध आँकड़े 0, 1, 1, 2, 3, 3, 4 होंगे। माध्यिका 2 ही रहेगी।
लेकिन इसी संग्रह में 4, 5, 6, 7 जोड़ने पर आँकड़े 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 होंगे और माध्यिका 4 हो जाएगी।
(iv) कभी सत्य नहीं है। माध्यिका से छोटे 4 मान जोड़ने पर बीच का स्थान छोटे मानों की ओर जाता है। इसलिए माध्यिका घट सकती है या समान रह सकती है, लेकिन बढ़ नहीं सकती।
जैसे, 5, 6, 7 की माध्यिका 6 है। इसमें 1, 2, 3, 4 जोड़ने पर माध्यिका 4 हो जाती है।
7. संख्याओं 8, 13, 10, 4, 5, 20, y, 10 का माध्य 10.375 है। y का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
कुल संख्याएँ = 8
सभी संख्याओं का योग = माध्य × संख्याओं की संख्या
= 10.375 × 8 = 83
8 + 13 + 10 + 4 + 5 + 20 + y + 10 = 83
70 + y = 83
y = 83 − 70 = 13
अतः y = 13 है।
8. 15 मानों वाले आँकड़ों के एक संग्रह का माध्य 134 है। आँकड़ों का योग ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
आँकड़ों का योग = माध्य × मानों की संख्या
= 134 × 15
= 2010
अतः आँकड़ों का योग 2010 है।
9. दिए गए आँकड़ों— 12, 47, 8, 73, 18, 35, 39, 8, 29, 25, p पर विचार कीजिए। यदि इन आँकड़ों की माध्यिका 29 है तो निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या p हो सकती है?
(i) 10
(ii) 25
(iii) 40
(iv) 100
(v) 29
(vi) 47
(vii) 30
उत्तर:
p को छोड़कर बाकी मानों को आरोही क्रम में लिखने पर—
8, 8, 12, 18, 25, 29, 35, 39, 47, 73
p को सम्मिलित करने पर 11 मान होंगे। इनकी माध्यिका 6वाँ मान होगी।
29 से छोटे 5 मान पहले से हैं। 6वाँ मान 29 रखने के लिए p का मान 29 या उससे बड़ा होना चाहिए।
अतः p के संभव मान 40, 100, 29, 47 और 30 हैं।
सही विकल्प (iii), (iv), (v), (vi) और (vii) हैं।
10. एक सप्ताह में विद्यार्थियों द्वारा साइकिल चलाए जाने की संख्या नीचे दिए गए बिंदु आलेख में दर्शाई गई है। चार विद्यार्थियों ने उस सप्ताह में दो बार साइकिल चलाई।

(i) विद्यार्थियों द्वारा कितनी बार साइकिल चलाई गई, इसका औसत ज्ञात कीजिए।
(ii) विद्यार्थियों द्वारा कितनी बार साइकिल चलाई गई, इसकी माध्यिका ज्ञात कीजिए।
(iii) निम्नलिखित में से कौन-से कथन मान्य हैं? और क्यों?
(a) सभी ने अपनी साइकिल कम से कम एक बार चलाई।
(b) लगभग सभी ने अपनी साइकिल कुछ बार चलाई।
(c) ऐसे कुछ विद्यार्थी हैं जिन्होंने किन्हीं दिनों में एक से अधिक बार साइकिल चलाई।
(d) ठीक 5 विद्यार्थियों ने किन्हीं दिनों में एक से अधिक बार अपनी साइकिल चलाई।
(e) अगले सप्ताह में यदि उन सभी ने पिछले सप्ताह की तुलना में 1 अधिक बार साइकिल चलाई तो अगले सप्ताह के आँकड़ों का औसत और माध्यिका क्या होगी?
उत्तर:
(i) बिंदुओं को गिनकर नीचे की सारणी बनाई है। इसमें x साइकिल चलाने की संख्या, f विद्यार्थियों की संख्या और x × f उनके द्वारा साइकिल चलाने की कुल संख्या है।

कुल विद्यार्थी = 3 + 1 + 4 + 7 + 7 + 5 + 4 + 6 + 3 + 0 + 2 = 42
साइकिल चलाने की कुल संख्या = 0 + 1 + 8 + 21 + 28 + 25 + 24 + 42 + 24 + 0 + 20 = 193
औसत = 193 ÷ 42 ≈ 4.60 बार
(ii) कुल 42 मान हैं, इसलिए माध्यिका 21वें और 22वें मान का औसत होगी।
0 से 3 बार तक साइकिल चलाने वाले विद्यार्थी = 3 + 1 + 4 + 7 = 15
4 बार तक साइकिल चलाने वाले विद्यार्थी = 15 + 7 = 22
इसलिए 16वें से 22वें स्थान तक सभी मान 4 हैं।
माध्यिका = (4 + 4) ÷ 2 = 4 बार
(iii) (a) यह कथन मान्य नहीं है। 3 विद्यार्थियों ने एक भी बार साइकिल नहीं चलाई।
(b) यह कथन मान्य है। 42 में से 39 विद्यार्थियों ने साइकिल चलाई। यह कुल विद्यार्थियों का लगभग 93% है। इसलिए लगभग सभी ने साइकिल चलाई।
(c) यह कथन मान्य है। 3 विद्यार्थियों ने 8 बार और 2 विद्यार्थियों ने 10 बार साइकिल चलाई। एक सप्ताह में 7 दिन होते हैं। इसलिए इन विद्यार्थियों ने किसी-न-किसी दिन एक से अधिक बार साइकिल अवश्य चलाई होगी।
(d) यह कथन निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। कम-से-कम 5 विद्यार्थियों ने किसी दिन एक से अधिक बार साइकिल चलाई होगी। लेकिन 7 या उससे कम बार साइकिल चलाने वाले विद्यार्थियों ने भी किसी दिन एक से अधिक बार साइकिल चलाई हो सकती है। इसलिए ठीक 5 विद्यार्थियों का निष्कर्ष मान्य नहीं है।
(e) प्रत्येक मान में 1 जोड़ने पर औसत और माध्यिका दोनों में 1 की वृद्धि होगी।
नया औसत = (193 ÷ 42) + 1 = 235 ÷ 42 ≈ 5.60 बार
नई माध्यिका = 4 + 1 = 5 बार
11. एक विद्यालय में शूल-फेंक (डार्ट-थ्रोइंग) प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। प्रतिभागियों द्वारा मछली की आँख (केंद्र-वृत्त के भीतर) पर सटीक लक्ष्य साधने के लिए प्रयासों की संख्या नीचे तालिका में दी गई हैं। आँकड़ों का न्यूनतम, अधिकतम, माध्य और माध्यिका ज्ञात कर आँकड़ों का वर्णन कीजिए।


उत्तर:
न्यूनतम प्रयासों की संख्या = 1
अधिकतम प्रयासों की संख्या = 10
कुल विद्यार्थी = 1 + 0 + 0 + 1 + 4 + 9 + 12 + 15 + 10 + 10 = 62
कुल प्रयास = (1 × 1) + (2 × 0) + (3 × 0) + (4 × 1) + (5 × 4) + (6 × 9) + (7 × 12) + (8 × 15) + (9 × 10) + (10 × 10)
= 1 + 0 + 0 + 4 + 20 + 54 + 84 + 120 + 90 + 100
= 473
माध्य = 473 ÷ 62 ≈ 7.63 प्रयास
62 मानों की माध्यिका 31वें और 32वें मान का औसत होगी।
7 प्रयासों तक सफल होने वाले विद्यार्थी = 1 + 0 + 0 + 1 + 4 + 9 + 12 = 27
8 प्रयासों तक सफल होने वाले विद्यार्थी = 27 + 15 = 42
अतः 28वें से 42वें स्थान तक मान 8 है। इसलिए 31वाँ और 32वाँ मान दोनों 8 हैं।
माध्यिका = (8 + 8) ÷ 2 = 8 प्रयास
इस प्रतियोगिता में लक्ष्य साधने के लिए विद्यार्थियों को कम-से-कम 1 और अधिक-से-अधिक 10 प्रयास करने पड़े। प्रति विद्यार्थी औसतन लगभग 7.63 प्रयास लगे और माध्यिका 8 प्रयास रही। सबसे अधिक 15 विद्यार्थियों ने 8वें प्रयास में लक्ष्य साधा।
कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 122 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 122 – आइए, पता लगाएँ
1. सप्ताह के विभिन्न दिवसों में किसी दुकान पर आने वाले ग्राहकों की औसत संख्या और वास्तव में सामान क्रय करने वाले ग्राहकों की औसत संख्या नीचे दी गई तालिका में दर्शाई गई है। इन आँकड़ों को एक रेखा आलेख पर दर्शाइए।

उत्तर:
क्षैतिज अक्ष पर सप्ताह के दिन और ऊर्ध्वाधर अक्ष पर ग्राहकों की संख्या लेंगे। ऊर्ध्वाधर अक्ष पर प्रत्येक बड़ा अंतराल 5 ग्राहकों का है।
आलेख में d दिन की संख्या और n ग्राहकों की संख्या है। दिन 1 से 7 क्रमशः सोमवार, मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार हैं। V आगंतुक ग्राहकों तथा B सामान खरीदने वाले ग्राहकों को दर्शाता है।
दोनों प्रकार के ग्राहकों के मानों को अलग-अलग चिह्नित करके क्रम से रेखाखंडों से जोड़ेंगे।

2. कुछ शहरों में प्रत्येक माह में वर्षा के दिनों की औसत संख्या नीचे दी गई तालिका में दर्शाई गई है-

(i) ये आँकड़े किस विधि से संकलित किए गए होंगे?
(ii) नीचे दिए गए रेखा आरेख में मेंगलुरु, पोर्ट ब्लेयर और रामेश्वरम के आँकड़ों को अंकित कीजिए। आप मानों का सन्निकटन निकटतम पूर्णांक तक कर सकते हैं।

(iii) आलेख में नई दिल्ली के लिए दर्शाई गई रेखा के आधार पर तालिका में आँकड़ों की पूर्ति कीजिए।
(iv) इनमें से किस शहर में प्रति वर्ष सबसे अधिक वर्षा के दिन होते हैं? किस शहर में प्रति वर्ष सबसे कम वर्षा के दिन होते हैं?
(v) तालिका को देखकर बताइए कि नई दिल्ली और रामेश्वरम में वर्षा ऋतु किन महीनों में है?
उत्तर:
(i) इन शहरों में कई वर्षों तक प्रत्येक महीने वर्षा वाले दिनों की संख्या गिनी गई होगी। फिर एक ही महीने के अलग-अलग वर्षों के मानों का औसत निकाला गया होगा।
जैसे, जनवरी में वर्षा वाले दिनों की औसत संख्या = सभी वर्षों के जनवरी के वर्षा वाले दिनों का योग ÷ वर्षों की संख्या।
(ii) क्षैतिज अक्ष पर 12 महीने और ऊर्ध्वाधर अक्ष पर वर्षा वाले दिनों की संख्या ली है। प्रत्येक बड़ा ऊर्ध्वाधर अंतराल 5 दिनों का है। मानों को निकटतम पूर्णांक तक लेकर बिंदुओं को क्रम से जोड़ा है। नई दिल्ली की रेखा भी तुलना के लिए दिखाई है।
आलेख में m महीने की संख्या है। 1 जनवरी, 2 फरवरी, 3 मार्च, 4 अप्रैल, 5 मई, 6 जून, 7 जुलाई, 8 अगस्त, 9 सितंबर, 10 अक्टूबर, 11 नवंबर और 12 दिसंबर हैं। n वर्षा वाले दिनों की संख्या है।
M = मेंगलुरु, P = पोर्ट ब्लेयर, R = रामेश्वरम और D = नई दिल्ली।

(iii) नई दिल्ली के मान आलेख से लगभग पढ़े गए हैं और निकटतम पूरे दिन में लिखे हैं। विशेषकर लगभग 1.5 दिन वाले मानों को 2 दिन लिया है। पूरी तालिका इस प्रकार है। इसमें भी m महीने तथा M, D, P और R ऊपर बताए गए शहर हैं।

(iv) किसी शहर के 12 मासिक मानों का योग करने पर उसके वार्षिक वर्षा वाले दिनों की औसत संख्या मिलेगी।
मेंगलुरु में लगभग 112.1 दिन, पोर्ट ब्लेयर में 125.8 दिन और रामेश्वरम में 42.3 दिन वर्षा होती है। नई दिल्ली के आलेख से लिए गए पूर्णांक मानों का योग लगभग 38 दिन है।
अतः सबसे अधिक वर्षा वाले दिन पोर्ट ब्लेयर में और सबसे कम नई दिल्ली में होते हैं।
(v) नई दिल्ली में वर्षा वाले दिन मुख्यतः जून से सितंबर तक अधिक हैं। जुलाई और अगस्त में सबसे अधिक वर्षा वाले दिन हैं।
रामेश्वरम में अक्टूबर से दिसंबर तक वर्षा वाले दिन अधिक हैं। नवंबर में सबसे अधिक वर्षा वाले दिन हैं।
3. नीचे दिया गया रेखा आलेख भारत में एक निश्चित समयावधि में प्रति माह की जन्म संख्या को दर्शाता है-

(i) आपके अवलोकन क्या हैं?
(ii) जुलाई 2017 में लगभग कितने बच्चों का जन्म हुआ?
(iii) आलेख किस समयावधि को दर्शाता है?
(iv) वर्ष 2018, 2019 और 2020 के जनवरी माह में हुए जन्म की संख्या की तुलना कीजिए।
(v) वर्ष 2019 में जन्म संख्या का आकलन कीजिए।
उत्तर:
आलेख में 1M का अर्थ 10 लाख है।
(i) मासिक जन्म संख्या में बार-बार मिलता-जुलता उतार-चढ़ाव दिखाई देता है। अगस्त से अक्टूबर के आसपास जन्म संख्या अधिक और अप्रैल के आसपास अपेक्षाकृत कम है। मासिक जन्म संख्या लगभग 14 लाख से 20 लाख के बीच रहती है।
(ii) जुलाई 2017 में लगभग 18 लाख बच्चों का जन्म हुआ।
(iii) आलेख लगभग अप्रैल 2017 से मार्च 2020 तक की समयावधि दर्शाता है।
(iv) जनवरी 2018 में लगभग 17 लाख, जनवरी 2019 में लगभग 17–18 लाख और जनवरी 2020 में लगभग 18 लाख जन्म हुए।
इन तीनों में जनवरी 2020 का मान सबसे अधिक और जनवरी 2018 का मान सबसे कम है। इनके बीच अंतर बहुत अधिक नहीं है।
(v) वर्ष 2019 के मासिक मानों को देखकर एक महीने में औसतन लगभग 17.5 लाख जन्म लेकर आकलन कर सकते हैं।
वर्ष भर में जन्म संख्या ≈ 12 × 17.5 लाख
= 210 लाख
= 2.1 करोड़।
अतः वर्ष 2019 में लगभग 2.1 करोड़ जन्म हुए।
कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 127 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 127 – आइए, पता लगाएँ
1. माध्य ग्रिड (जाली)-
(i) दिए गए ग्रिड को 9 भिन्न-भिन्न संख्याओं से इस प्रकार पूरित कीजिए जिससे प्रत्येक पंक्ति, स्तंभ और विकर्ण का औसत 10 हो।
(ii) क्या हम कुछ संख्याओं को परिवर्तित कर ग्रिड को पूरित कर सकते हैं और तब भी पंक्ति, स्तंभ और विकर्ण का औसत 10 प्राप्त कर सकते हैं?

उत्तर:
(i) प्रत्येक पंक्ति, स्तंभ और विकर्ण में 3 संख्याएँ हैं। इसलिए उनका योग 3 × 10 = 30 होना चाहिए।
एक सही ग्रिड इस प्रकार है:

पंक्तियों के योग:
13 + 6 + 11 = 30
8 + 10 + 12 = 30
9 + 14 + 7 = 30
स्तंभों के योग:
13 + 8 + 9 = 30
6 + 10 + 14 = 30
11 + 12 + 7 = 30
विकर्णों के योग:
13 + 10 + 7 = 30
11 + 10 + 9 = 30
अतः प्रत्येक का औसत 30 ÷ 3 = 10 है। सभी 9 संख्याएँ अलग हैं।
(ii) हाँ, संख्याएँ बदलकर भी ऐसा किया जा सकता है। एक अन्य ग्रिड है:

इसमें पंक्तियों के योग 16 + 2 + 12, 6 + 10 + 14 और 8 + 18 + 4 हैं। तीनों योग 30 हैं।
स्तंभों और दोनों विकर्णों का योग भी 30 है। इसलिए प्रत्येक का औसत 10 है।
2. निम्नलिखित में से प्रत्येक प्रतिबंध को संतुष्ट करने वाले आँकड़ों के दो उदाहरण दीजिए।
(i) 3 संख्याएँ जिनका माध्य 8 है।
(ii) 4 संख्याएँ जिनकी माध्यिका 15.5 है।
(iii) 5 संख्याएँ जिनके लिए, माध्य 13.6 है।
(iv) 6 संख्याएँ जिनके लिए, माध्य = माध्यिका है।
(v) 6 संख्याएँ जिनका माध्य > माध्यिका है।
उत्तर:
(i) पहला उदाहरण: 6, 8, 10
माध्य = (6 + 8 + 10) ÷ 3 = 24 ÷ 3 = 8।
दूसरा उदाहरण: 4, 8, 12
माध्य = (4 + 8 + 12) ÷ 3 = 24 ÷ 3 = 8।
(ii) पहला उदाहरण: 10, 15, 16, 20
माध्यिका = (15 + 16) ÷ 2 = 15.5।
दूसरा उदाहरण: 12, 14, 17, 22
माध्यिका = (14 + 17) ÷ 2 = 15.5।
(iii) पहला उदाहरण: 10, 12, 14, 15, 17
माध्य = 68 ÷ 5 = 13.6।
दूसरा उदाहरण: 8, 11, 14, 16, 19
माध्य = 68 ÷ 5 = 13.6।
(iv) पहला उदाहरण: 1, 2, 3, 4, 5, 6
माध्य = 21 ÷ 6 = 3.5
माध्यिका = (3 + 4) ÷ 2 = 3.5।
दूसरा उदाहरण: 5, 7, 9, 11, 13, 15
माध्य = 60 ÷ 6 = 10
माध्यिका = (9 + 11) ÷ 2 = 10।
(v) पहला उदाहरण: 1, 2, 3, 4, 5, 15
माध्य = 30 ÷ 6 = 5
माध्यिका = (3 + 4) ÷ 2 = 3.5
अतः माध्य > माध्यिका।
दूसरा उदाहरण: 2, 4, 6, 8, 10, 30
माध्य = 60 ÷ 6 = 10
माध्यिका = (6 + 8) ÷ 2 = 7
अतः माध्य > माध्यिका।
3. 5, 21, 14, _____, _____, _____ रिक्त स्थानों की पूर्ति इस प्रकार कीजिए कि संग्रह की माध्यिका 13 हो। यदि आप केवल गणन संख्याएँ ही ले सकते हों तो ऐसे कितने संख्या समूह संभव हैं?
उत्तर:
रिक्त स्थानों में 8, 12 और 20 रख सकते हैं।
संख्याओं को बढ़ते क्रम में रखने पर:
5, 8, 12, 14, 20, 21।
कुल 6 संख्याएँ हैं। इसलिए माध्यिका तीसरी और चौथी संख्या का औसत होगी।
माध्यिका = (12 + 14) ÷ 2
= 26 ÷ 2
= 13।
ऐसे अनंत संख्या समूह संभव हैं। पहले दो रिक्त स्थानों में 8 और 12 रखकर तीसरे में 14 या उससे बड़ी कोई भी गणन संख्या रख सकते हैं। तब भी बीच की संख्याएँ 12 और 14 ही रहेंगी।
उदाहरण के लिए, रिक्त स्थानों में 8, 12, 14 या 8, 12, 15 या 8, 12, 16 रख सकते हैं। यह क्रम आगे चलता रहेगा।
4. 3, 11, ____, _____, 15, 6 में रिक्त स्थानों की पूर्ति इस प्रकार कीजिए कि संग्रह का माध्य 6.5 हो। यदि आप केवल गणन संख्याएँ ही ले सकते हों तो ऐसे कितने संख्या युग्म संभव हैं?
उत्तर:
6 संख्याओं का आवश्यक योग = 6 × 6.5 = 39।
चार ज्ञात संख्याओं का योग = 3 + 11 + 15 + 6 = 35।
अतः दोनों रिक्त स्थानों की संख्याओं का योग = 39 − 35 = 4।
गणन संख्याएँ 1 से शुरू होती हैं। इसलिए पहले और दूसरे रिक्त स्थान के क्रम में संभव पूर्तियाँ हैं:
(1, 3), (2, 2), (3, 1)।
इनमें से कोई भी रखने पर माध्य 39 ÷ 6 = 6.5 होगा।
अतः रिक्त स्थानों के क्रम को अलग गिनें तो 3 पूर्तियाँ संभव हैं। यदि संख्याओं का क्रम महत्त्वपूर्ण न हो, तो 2 अलग युग्म हैं— 1 और 3, तथा 2 और 2।
5. अग्रलिखित प्रत्येक कथन की सत्यता की जाँच कीजिए। अपने तर्क को सिद्ध कीजिए। सिद्ध करने के लिए आवश्यकता के अनुसार बीजगणित का प्रयोग कीजिए।
(i) दो सम संख्याओं का औसत सम होता है।
(ii) 5 के किन्हीं दो गुणजों का औसत 5 का गुणज होगा।
(iii) 5 के किन्हीं 5 गुणजों का औसत भी 5 का गुणज होगा।
उत्तर:
(i) कथन असत्य है।
2 और 4 दोनों सम संख्याएँ हैं।
इनका औसत = (2 + 4) ÷ 2 = 3, जो विषम है।
यदि सम संख्याएँ 2a और 2b हों, तो उनका औसत a + b होगा। यह सम या विषम दोनों हो सकता है।
(ii) कथन असत्य है।
5 और 10, दोनों 5 के गुणज हैं।
इनका औसत = (5 + 10) ÷ 2 = 7.5, जो 5 का गुणज नहीं है।
(iii) कथन असत्य है।
5, 10, 15, 20 और 30 सभी 5 के गुणज हैं।
इनका औसत = (5 + 10 + 15 + 20 + 30) ÷ 5
= 80 ÷ 5
= 16।
16, 5 का गुणज नहीं है। इसलिए पाँच गुणजों का औसत हमेशा 5 का गुणज नहीं होता।
6. सुधाकर की कक्षा में औसत ऊँचाई 150.2 सेंटीमीटर प्राप्त की गई। कुछ ही दिनों के पश्चात कक्षा में दो नए विद्यार्थियों का प्रवेश हुआ।
(i) निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? क्यों?
(a) कक्षा की औसत ऊँचाई में वृद्धि होगी क्योंकि 2 नए मान सम्मिलित हुए हैं।
(b) कक्षा की औसत ऊँचाई समान रहेगी।
(c) नए विद्यार्थियों की ऊँचाई मापकर नई औसत ऊँचाई ज्ञात करनी होगी।
(d) कक्षा में सभी विद्यार्थियों की ऊँचाई को पुनः मापकर नई औसत ऊँचाई की गणना करनी होगी।
(ii) कक्षा में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों की ऊँचाई 149 सेंटीमीटर और 152 सेंटीमीटर है। कक्षा की औसत ऊँचाई के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? और क्यों?
(a) औसत अपरिवर्तित रहेगा।
(b) औसत में वृद्धि होगी।
(c) औसत में कमी होगी।
(d) दी गई सूचना औसत के संबंध में निष्कर्ष निकालने के लिए पर्याप्त नहीं है।
(iii) कक्षा की नई माध्यिका ऊँचाई के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? और क्यों?
(a) माध्यिका अपरिवर्तित रहेगी।
(b) माध्यिका में वृद्धि होगी।
(c) माध्यिका में कमी होगी।
(d) दी गई सूचना माध्यिका के संबंध में निष्कर्ष निकालने के लिए पर्याप्त नहीं है।
उत्तर:
(i) सही विकल्प (c) है।
केवल दो विद्यार्थी बढ़ने से औसत के बढ़ने या समान रहने का निष्कर्ष नहीं निकाल सकते। नए विद्यार्थियों की ऊँचाई भी जाननी होगी।
पुराने विद्यार्थियों की संख्या और पुराना औसत ज्ञात होने से उनकी ऊँचाइयों का योग निकाल सकते हैं। उसमें नए विद्यार्थियों की ऊँचाइयाँ जोड़कर कुल विद्यार्थियों की संख्या से भाग देंगे। पुराने विद्यार्थियों की ऊँचाइयाँ लगभग वही मानने पर सभी को दोबारा मापना आवश्यक नहीं है।
(ii) सही विकल्प (b) है।
नए विद्यार्थियों की औसत ऊँचाई = (149 + 152) ÷ 2
= 301 ÷ 2
= 150.5 सेंटीमीटर।
150.5 > 150.2 है। इसलिए उन्हें शामिल करने पर कक्षा की औसत ऊँचाई बढ़ेगी।
इसे ऐसे भी समझ सकते हैं:
पुराने औसत के बराबर दो ऊँचाइयों का योग = 2 × 150.2 = 300.4 सेंटीमीटर।
नई ऊँचाइयों का योग = 301 सेंटीमीटर।
यह 0.6 सेंटीमीटर अधिक है। इसलिए नई औसत ऊँचाई 150.2 सेंटीमीटर से थोड़ी अधिक होगी।
(iii) सही विकल्प (d) है।
माध्यिका ऊँचाइयों को क्रम में रखने पर बीच के मान या मानों से मिलती है। हमें पुरानी ऊँचाइयों का क्रम या पुरानी माध्यिका नहीं दी गई है। केवल माध्य और दो नई ऊँचाइयों से माध्यिका में बदलाव निश्चित नहीं किया जा सकता।
7. क्या नीचे दिए गए बिंदु आलेख में दर्शाए गए आँकड़ों का औसत 17 है? इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए आपने जिस विधि का प्रयोग किया, उसे साझा कीजिए।

उत्तर:
नहीं, इन आँकड़ों का औसत 17 नहीं है।
हर चिह्न को एक आँकड़ा मानकर गिनने पर कुल आँकड़ों की संख्या:
2 + 2 + 3 + 5 + 4 + 4 + 3 + 1 + 0 + 1 = 25।
आँकड़ों का योग = 14 × 2 + 15 × 2 + 16 × 3 + 17 × 5 + 18 × 4 + 19 × 4 + 20 × 3 + 21 × 1 + 23 × 1
= 28 + 30 + 48 + 85 + 72 + 76 + 60 + 21 + 23
= 443।
औसत = 443 ÷ 25
= 17.72।
अतः औसत 17.72 है, जो 17 से अधिक है।
8. एक समूह के व्यक्तियों का भार प्रत्येक माह मापा गया। गत माह का औसत भार 65.3 किलोग्राम और माध्यिका भार 67 किलोग्राम था। इस माह के आँकड़े दर्शाते हैं कि एक व्यक्ति के भार में 2 किलोग्राम की कमी हुई है और दो व्यक्तियों के भार में 1-1 किलोग्राम की वृद्धि हुई है। इस माह के औसत भार और माध्यिका भार में हुए परिवर्तन के संबंध में हम क्या कह सकते हैं?
उत्तर:
कुल भार में परिवर्तन = −2 + 1 + 1 = 0 किलोग्राम।
समूह में व्यक्तियों की संख्या भी वही है। इसलिए औसत भार नहीं बदलेगा। इस माह भी औसत भार 65.3 किलोग्राम होगा।
माध्यिका के बारे में निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाल सकते, क्योंकि यह जानना आवश्यक है कि किन व्यक्तियों के भार बदले हैं।
उदाहरण के लिए, पिछले माह के पाँच भार 60, 61.5, 67, 68 और 70 किलोग्राम लें।
इनका माध्य = 326.5 ÷ 5 = 65.3 किलोग्राम और माध्यिका 67 किलोग्राम है।
यदि नए भार बढ़ते क्रम में 61, 62.5, 65, 68, 70 हों, तो माध्यिका घटकर 65 किलोग्राम हो जाएगी। इसमें 67 वाले भार में 2 की कमी और 60 तथा 61.5 वाले भार में 1-1 की वृद्धि हुई है।
यदि नए भार 59.5, 61, 68, 68, 70 हों, तो माध्यिका बढ़कर 68 किलोग्राम हो जाएगी। इसमें 61.5 वाले भार में 2 की कमी और 60 तथा 67 वाले भार में 1-1 की वृद्धि हुई है।
यदि नए भार 58, 62.5, 67, 68, 71 हों, तो माध्यिका 67 किलोग्राम ही रहेगी। इसमें 60 वाले भार में 2 की कमी और 61.5 तथा 70 वाले भार में 1-1 की वृद्धि हुई है।
अतः औसत निश्चित रूप से अपरिवर्तित रहेगा, लेकिन माध्यिका बढ़ सकती है, घट सकती है या समान रह सकती है।
9. नीचे दी गई तालिका में कुछ राज्यों में 10 वर्षों की अवधि में जनवरी माह में आयोडीन युक्त नमक का खुदरा मूल्य (₹ में) दर्शाया गया है। गणना करने और आलेख बनाने के लिए आप मूल्यों का निकटतम पूर्ण संख्या तक सन्निकटन कर सकते हैं।

(i) अपनी रुचि के अनुसार किन्हीं 3 राज्यों से आँकड़ों का चयन कीजिए और उन्हें उपयुक्त पैमाने का प्रयोग करते हुए रेखा आलेख के माध्यम से प्रस्तुत कीजिए।
(ii) आपको इन आँकड़ों में क्या रोचक लगा? अपने अवलोकन साझा कीजिए।
(iii) गुजरात और उत्तर प्रदेश में खुदरा मूल्य में अंतर की तुलना कीजिए।
(iv) 2016 से 2025 तक किस राज्य में मूल्य में सबसे अधिक वृद्धि हुई है?
(v) आप अन्य किन निष्कर्षों को ज्ञात करने के लिए उत्सुक हैं?
उत्तर:
(i) मैंने गुजरात, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल चुने हैं। मूल्यों को बिना सन्निकटन के लिया है।
क्षैतिज अक्ष पर वर्ष और ऊर्ध्वाधर अक्ष पर मूल्य रुपये में दिखाया है। क्षैतिज अक्ष पर बराबर अंतर 1 वर्ष और ऊर्ध्वाधर अक्ष पर बराबर अंतर ₹5 है।
आलेख में G = गुजरात, UP = उत्तर प्रदेश और WB = पश्चिम बंगाल है।

(ii) मेरे अवलोकन:
मिजोरम में इन सभी वर्षों में नमक का मूल्य अन्य दिए गए राज्यों से अधिक रहा।
पश्चिम बंगाल में मूल्य 2016 के ₹9.47 से बढ़कर 2025 में ₹23.99 हो गया।
गुजरात में मूल्य 2016 से 2020 तक घटा, जबकि 2025 में यह ₹19.20 तक पहुँच गया।
उत्तर प्रदेश में 2024 का मूल्य ₹26.90 था, जो 2025 में घटकर ₹24.81 हो गया। इसलिए हर राज्य में हर वर्ष मूल्य बढ़ना आवश्यक नहीं है।
(iii) नीचे G = गुजरात और UP = उत्तर प्रदेश है। अंतिम स्तंभ में उत्तर प्रदेश के मूल्य में से गुजरात का मूल्य घटाया गया है। सभी मूल्य रुपये में हैं।

2016 में गुजरात का मूल्य उत्तर प्रदेश से ₹0.35 अधिक था। शेष सभी वर्षों में उत्तर प्रदेश का मूल्य अधिक था।
दोनों राज्यों में सबसे अधिक अंतर 2024 में था:
₹26.90 − ₹14.80 = ₹12.10।
2025 में यह अंतर घटकर ₹24.81 − ₹19.20 = ₹5.61 रह गया।
(iv) 2016 से 2025 तक कुल वृद्धि:
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: ₹20.99 − ₹16 = ₹4.99
असम: ₹12.35 − ₹6 = ₹6.35
गुजरात: ₹19.20 − ₹16.50 = ₹2.70
मिजोरम: ₹29.80 − ₹20 = ₹9.80
उत्तर प्रदेश: ₹24.81 − ₹16.15 = ₹8.66
पश्चिम बंगाल: ₹23.99 − ₹9.47 = ₹14.52
अतः रुपये में सबसे अधिक वृद्धि पश्चिम बंगाल में हुई, जो ₹14.52 है।
(v) मैं यह जानना चाहता हूँ कि अलग-अलग राज्यों में नमक के मूल्य में इतना अंतर क्यों है। क्या ढुलाई की दूरी और नमक का उत्पादन इस अंतर को प्रभावित करते हैं? मैं अन्य महीनों और अन्य राज्यों के मूल्यों की तुलना भी करना चाहता हूँ।
10. नीचे दिए गए आलेख के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन वैध हैं? और क्यों?

(i) वर्ष 1983 में ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लोग प्रकाश के प्राथमिक स्रोत के रूप में केरोसिन का उपयोग करते थे जबकि शहरी क्षेत्रों में अधिकांश लोग बिजली का उपयोग करते थे।
(ii) ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समय के साथ प्राथमिक प्रकाश स्रोत के रूप में केरोसिन का उपयोग कम हुआ है।
(iii) वर्ष 2000 में शहरी क्षेत्र के 10% घरों में बिजली को प्राथमिक प्रकाश स्रोत के रूप में उपयोग किया गया।
(iv) वर्ष 2023 में कोई बिजली कटौती नहीं हुई।
उत्तर:
(i) वैध है। 1983 में ग्रामीण क्षेत्रों में केरोसिन का उपयोग करने वाले घर आधे से अधिक थे। शहरी क्षेत्रों में बिजली का उपयोग करने वाले घर आधे से अधिक थे।
(ii) वैध है। दोनों आलेखों में मिट्टी के तेल की रेखा समय के साथ नीचे जाती है। इसलिए प्राथमिक प्रकाश स्रोत के रूप में इसका उपयोग घटा है।
(iii) वैध नहीं है। वर्ष 2000 में लगभग 90% शहरी घर बिजली का उपयोग करते थे, 10% नहीं।
(iv) यह निष्कर्ष नहीं निकाल सकते। आलेख यह बताता है कि घरों में प्रकाश का मुख्य स्रोत क्या था। इससे बिजली कटौती होने या न होने की जानकारी नहीं मिलती।
11. दिए गए रेखा आलेख के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(i) शहरी क्षेत्रों में 10 वर्ष की आयु के बच्चे प्रतिदिन रुचियों और खेलों पर कितना समय व्यतीत करते हैं?
(ii) ग्रामीण बच्चों द्वारा किस आयु में रुचियों और खेलकूद पर प्रतिदिन व्यतीत किया जाने वाला औसत समय 1.5 घंटे है?
(a) 8 वर्ष
(b) 10 वर्ष
(c) 12 वर्ष
(d) 14 वर्ष
(e) 18 वर्ष

(iii) क्या निम्नलिखित कथन सही हैं?
(a) 15 वर्ष की आयु के बच्चों द्वारा रुचियों और खेलों पर प्रतिदिन व्यतीत औसत समय, 10 वर्ष की आयु के बच्चों द्वारा व्यतीत औसत समय का दोगुना है।
(b) 15 वर्ष की आयु के सभी ग्रामीण बच्चे प्रतिदिन कम-से-कम 1 घंटा रुचियों और खेलों में व्यतीत करते हैं।

उत्तर:
(i) 10 वर्ष की आयु के शहरी बच्चे लगभग 2.5 घंटे, अर्थात 2 घंटे 30 मिनट प्रतिदिन रुचियों और खेलों पर व्यतीत करते हैं।
(ii) 1 घंटे और 2 घंटे के बीच का मध्य मान 1.5 घंटे है। इस स्तर पर ग्रामीण बच्चों की नीली रेखा लगभग 13 वर्ष की आयु पर मिलती है।
इसलिए आलेख से उत्तर लगभग 13 वर्ष मिलता है। यह आयु दिए गए विकल्पों में नहीं है; कोई विकल्प ठीक-ठीक मेल नहीं खाता।
(iii) (a) कथन सही नहीं है। 10 वर्ष से 15 वर्ष की आयु तक दोनों रेखाएँ नीचे जाती हैं। इसलिए औसत समय घटता है, दोगुना नहीं होता।
(b) यह कथन सही निष्कर्ष नहीं है। आलेख औसत समय दिखाता है, प्रत्येक बच्चे का समय नहीं। कुछ बच्चे 1 घंटे से कम और कुछ अधिक समय भी व्यतीत कर सकते हैं।
12. व्यक्तिगत परियोजना- सप्ताह के विभिन्न दिवसों के लिए स्वयं की गतिविधि पट्टिका बनाएँ।
(i) क्या आप प्रतिदिन नियमित समय पर भोजन करते हैं और सोते हैं? सामान्यतः आप घर से बाहर कितना समय व्यतीत करते हैं?
(ii) प्रत्येक गतिविधि में व्यतीत औसत समय की गणना कीजिए। दिन के इस औसत को एक पट्टिका के उपयोग से दर्शाइए।
(iii) इसी प्रकार घर के किसी भी वयस्क की गतिविधियों को देखिए। अपने आँकड़ों की तुलना उनके आँकड़ों से कीजिए।
उत्तर:
मैंने सोमवार से रविवार तक अपनी गतिविधियाँ लिखीं। प्रत्येक दिन को 30–30 मिनट के 48 खानों में बाँटा। इस प्रकार प्रत्येक पट्टिका में पूरे 24 घंटे हैं।
पट्टिकाओं और तालिका में गतिविधियों के संकेत:
S = सोना
E = भोजन करना
L = खेलना, मित्रों, परिवार और रुचियों के लिए समय
W = विद्यालय, पढ़ाई और गृहकार्य; पिताजी के लिए काम का समय
P = स्नान, तैयार होना, दैनिक व्यक्तिगत काम और व्यायाम
T = यात्रा करना
Mon = सोमवार, Tue = मंगलवार, Wed = बुधवार, Thu = गुरुवार, Fri = शुक्रवार, Sat = शनिवार और Sun = रविवार। ऊपर 00:00 से 24:00 तक का समय दिखाया है।

(i) मैं प्रातः 7 बजे नाश्ता, दोपहर 12 बजे भोजन और शाम 7 बजे रात का भोजन करता हूँ। रात 10 बजे सोता हूँ और सुबह 6 बजे उठता हूँ। इसलिए मेरा भोजन और सोने का समय नियमित है।
विद्यालय वाले दिनों में विद्यालय, आने-जाने और बाहर खेलने को मिलाकर लगभग 9 घंटे घर से बाहर बिताता हूँ। छुट्टी के दिन मेरी दिनचर्या अलग होती है।
(ii) किसी गतिविधि का प्रतिदिन औसत समय = सप्ताह में उस गतिविधि का कुल समय ÷ 7।
तालिका में Me मेरे लिए और Father पिताजी के लिए है। week का अर्थ सप्ताह का कुल समय और day का अर्थ प्रतिदिन औसत समय है। सभी समय घंटे में हैं।

मेरी नींद का औसत = 56 ÷ 7 = 8 घंटे
भोजन का औसत = 10.5 ÷ 7 = 1.5 घंटे
खेल, परिवार और रुचियों का औसत = 35 ÷ 7 = 5 घंटे
विद्यालय, पढ़ाई और गृहकार्य का औसत = 42 ÷ 7 = 6 घंटे
व्यक्तिगत काम और व्यायाम का औसत = 17.5 ÷ 7 = 2.5 घंटे
यात्रा का औसत = 7 ÷ 7 = 1 घंटा
नीचे औसत दिन की पट्टिकाएँ हैं। इनमें प्रत्येक गतिविधि की कुल औसत अवधि को एक साथ रखा है; ये घड़ी के अनुसार गतिविधियों का क्रम नहीं दिखातीं। ऊपर का पैमाना कुल अवधि को घंटे में दिखाता है।

(iii) मैंने पिताजी की गतिविधियाँ भी एक सप्ताह तक लिखीं। वे दुकान पर काम करते हैं। उनका प्रतिदिन औसत समय इस प्रकार है:
सोना = 49 ÷ 7 = 7 घंटे
भोजन = 10.5 ÷ 7 = 1.5 घंटे
परिवार और रुचियाँ = 28 ÷ 7 = 4 घंटे
काम = 56 ÷ 7 = 8 घंटे
व्यक्तिगत काम और व्यायाम = 17.5 ÷ 7 = 2.5 घंटे
यात्रा = 7 ÷ 7 = 1 घंटा
कुल समय = 7 + 1.5 + 4 + 8 + 2.5 + 1 = 24 घंटे।
मैं पिताजी से औसतन 1 घंटा अधिक सोता हूँ और खेल व रुचियों पर भी 1 घंटा अधिक बिताता हूँ। पिताजी मेरे पढ़ाई के समय की तुलना में काम पर 2 घंटे अधिक बिताते हैं। भोजन, व्यक्तिगत काम और यात्रा के औसत समय बराबर हैं।
13. लघु समूह परियोजना- 3 से 4 सदस्यों का एक समूह बनाइए। निम्नलिखित में से कम-से-कम एक कार्य कीजिए।
(i) अपने परिवार के सभी सदस्यों की दैनिक निद्रा समयावधि का एक सप्ताह तक अवलोकन कीजिए। दैनिक निद्रा समयावधि में रात की निद्रा, झपकी और दिन के समय की कोई भी निद्रा सम्मिलित होती है।
(a) इसे पट्टिकाओं पर दर्शाइए।
(b) अपने समूह के सभी सदस्यों के आँकड़ों को एकत्र कीजिए। बच्चों, वयस्कों और वृद्धों की निद्रा समयावधि का औसत और माध्यिका ज्ञात कीजिए।
(c) अपने निष्कर्ष और अवलोकन साझा कीजिए।
(ii) विद्यालय प्रातः कब खुलते हैं और कब बंद होते हैं? कार्य सप्ताह के किसी दिन मनोज का विद्यालय सुबह 9:30 बजे खुलता है और शाम 4:30 बजे बंद होता है अर्थात कक्षा-अध्ययन और मध्यांतर सहित कुल 7 घंटे। विभिन्न विद्यालयों के कक्षा 8 के दैनिक समय के संदर्भ में सूचना एकत्र कीजिए जिसमें कक्षा-अध्ययन और मध्यांतर का समय भी सम्मिलित हो (विद्यालय देशभर में कहीं भी हो सकते हैं। आप अपने पड़ोसियों, संबंधियों, अभिभावकों और मित्रों से पूछकर पता लगा सकते हैं)। एकत्रित आँकड़ों का विश्लेषण कीजिए एवं प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
मैंने सीमा और रवि के साथ तीन सदस्यों का समूह बनाया। हमने अपने-अपने परिवार की एक सप्ताह की नींद लिखी और चार विद्यालयों की समय-सारणी भी पता की।
(i) (a) मेरे परिवार में मैं, मेरी बहन, माँ और पिताजी हैं। पूरे सप्ताह मैं रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक, मेरी बहन रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक तथा माँ और पिताजी रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक सोए। इस सप्ताह हमने दिन में अलग से नींद नहीं ली।
नीचे A1 = मैं, A2 = मेरी बहन, A3 = माँ और A4 = पिताजी हैं। नीला भाग नींद और हल्का भाग जागने का समय दिखाता है। प्रत्येक दिन का भाग 00:00 से 24:00 तक है। प्रत्येक छोटा खाना 1 घंटा है।

(b) हमने तीनों परिवारों के आँकड़े मिलाए। प्रत्येक संख्या उस दिन की कुल नींद को घंटे में दिखाती है। इसमें दिन की झपकी भी जोड़ी गई है।
A1, A2, A3 और A4 मेरे परिवार के ऊपर बताए गए सदस्य हैं।
B1 = सीमा, B2 = उसकी माँ, B3 = उसके पिता और B4 = उसकी दादी।
C1 = रवि, C2 = उसकी माँ, C3 = उसके पिता और C4 = उसके दादा।
Mon से Sun तक के दिन सोमवार से रविवार हैं।

बच्चे: A1, A2, B1 और C1। इनके 4 × 7 = 28 दैनिक मान हैं।
वयस्क: A3, A4, B2, B3, C2 और C3। इनके 6 × 7 = 42 दैनिक मान हैं।
वृद्ध: B4 और C4। इनके 2 × 7 = 14 दैनिक मान हैं।
बच्चों की कुल नींद = 238 घंटे
औसत = 238 ÷ 28 = 8.5 घंटे प्रतिदिन
28 मानों को छोटे से बड़े क्रम में रखने पर 14वाँ और 15वाँ मान, दोनों 8.5 हैं।
माध्यिका = (8.5 + 8.5) ÷ 2 = 8.5 घंटे।
वयस्कों की कुल नींद = 294 घंटे
औसत = 294 ÷ 42 = 7 घंटे प्रतिदिन
42 मानों में 21वाँ और 22वाँ मान, दोनों 7 हैं।
माध्यिका = (7 + 7) ÷ 2 = 7 घंटे।
वृद्धों की कुल नींद = 119 घंटे
औसत = 119 ÷ 14 = 8.5 घंटे प्रतिदिन
14 मानों में 7वाँ और 8वाँ मान, दोनों 8.5 हैं।
माध्यिका = (8.5 + 8.5) ÷ 2 = 8.5 घंटे।
परिणामों की तालिका में C = बच्चे, A = वयस्क और E = वृद्ध हैं। n दैनिक मानों की संख्या है। Total कुल समय, Mean औसत और Median माध्यिका है। h का अर्थ घंटा है।

(c) हमारे समूह के आँकड़ों में बच्चे और वृद्ध, वयस्कों से औसतन 1.5 घंटे अधिक सोए। तीनों समूहों में औसत और माध्यिका बराबर मिले। फिर भी सभी लोगों की हर दिन की नींद बराबर नहीं थी। केवल इन तीन परिवारों से सभी परिवारों के बारे में ऐसा निष्कर्ष नहीं निकाल सकते।
(ii) मैंने अपने, सीमा के, रवि के और अपने चचेरे भाई के विद्यालय का समय पता किया। इन्हें क्रमशः A, B, C और D लिखा है।
तालिका में Start खुलने का समय, End बंद होने का समय, Class कक्षा-अध्ययन का समय, Break मध्यांतर और Total कुल समय है। घड़ी का समय 24 घंटे के रूप में है। अवधि घंटे में है।

विद्यालय A का समय = 14:00 − 08:00 = 6 घंटे।
विद्यालय B का समय = 15:00 − 08:30 = 6 घंटे 30 मिनट।
विद्यालय C का समय = 16:00 − 09:00 = 7 घंटे।
विद्यालय D का समय = 13:00 − 07:30 = 5 घंटे 30 मिनट।
सबसे अधिक समय विद्यालय C का और सबसे कम विद्यालय D का है।
अंतर = 7 − 5.5 = 1.5 घंटे।
औसत समय = (6 + 6.5 + 7 + 5.5) ÷ 4
= 25 ÷ 4
= 6.25 घंटे, अर्थात 6 घंटे 15 मिनट।
समयों का आरोही क्रम: 5.5, 6, 6.5, 7।
माध्यिका = (6 + 6.5) ÷ 2 = 6.25 घंटे।
मध्यांतर घटाने पर कक्षा-अध्ययन का समय 5 घंटे से 6 घंटे के बीच है।
14. आगे दिए गए आलेख भारत के 4 स्थानों पर संपूर्ण वर्ष में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय को दर्शाते हैं। आलेखों की संरचना पर ध्यान दीजिए। क्या आप पहचान सकते हैं कि कौन-सी रेखाएँ सूर्योदय को दर्शाती हैं और कौन-सी सूर्यास्त को दर्शाती हैं?

दिए गए आलेखों पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
(i) जनवरी माह में सूर्य सर्वप्रथम किस स्थान पर उदय होता है? जनवरी में इस स्थान पर दिन की अनुमानित लंबाई कितनी है?
(ii) वर्ष में सबसे लंबा दिन किस स्थान पर होता है?
(iii) आपको इसमें क्या रोचक लगा? अपने अवलोकन साझा कीजिए। आप क्या ज्ञात करने के लिए उत्सुक हैं?
उत्तर:
दोनों आलेखों में नीचे की रेखाएँ सुबह का समय दिखाती हैं, इसलिए वे सूर्योदय की हैं। ऊपर की रेखाएँ शाम का समय दिखाती हैं, इसलिए वे सूर्यास्त की हैं।
दिन की लंबाई = सूर्यास्त का समय − सूर्योदय का समय।
(i) जनवरी में किबिथु में सूर्य सबसे पहले उदय होता है। वहाँ सूर्योदय लगभग सुबह 6 बजे और सूर्यास्त लगभग शाम 4:30 बजे है।
दिन की अनुमानित लंबाई = 16:30 − 06:00 = 10 घंटे 30 मिनट।
(ii) वर्ष का सबसे लंबा दिन श्रीनगर में होता है। जून-जुलाई के आसपास इसकी सूर्योदय और सूर्यास्त की रेखाओं के बीच अंतर सबसे अधिक है।
(iii) मेरे अवलोकन:
किबिथु में सूर्योदय और सूर्यास्त, घुआर मोती से पहले होते हैं।
श्रीनगर में सर्दियों और गर्मियों के दिन की लंबाई में काफी अंतर है।
कन्याकुमारी में पूरे वर्ष दिन की लंबाई में अपेक्षाकृत कम परिवर्तन होता है।
लगभग जून में दिन लंबे और दिसंबर-जनवरी में छोटे दिखाई देते हैं।
मैं जानना चाहता हूँ कि इन स्थानों पर दिन की लंबाई अलग-अलग क्यों होती है और क्या अन्य स्थानों पर भी ऐसा ही परिवर्तन मिलता है।
15. हम सभी सूर्योदय और सूर्यास्त के सामान्य समय जानते हैं। क्या आप जानते हैं कि चंद्रमा कब उदय और अस्त होता है? क्या यह सूर्य की तरह एक नियमित प्रतिरूप का पालन करता है? आइए, ज्ञात करते हैं। आगे दिया आलेख एक माह के दौरान चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय दर्शाता है-

(i) ज्ञात कीजिए कि इस माह में अमावस्या (नव चंद्र) और पूर्णिमा (पूर्ण चंद्र) किस दिनाँक को थी।
(ii) आपने क्या अवलोकन किया? आपको इसमें क्या आश्चर्यपूर्ण लगा?
उत्तर:
(i) पूर्णिमा के आसपास चंद्रमा शाम को उदय होता है और अगली सुबह अस्त होता है। आलेख में यह स्थिति लगभग 13 तारीख के आसपास है। इसलिए पूर्णिमा लगभग 13 तारीख को थी।
अमावस्या के आसपास चंद्रमा सुबह उदय और शाम को अस्त होता है। यह स्थिति लगभग 28–29 तारीख के आसपास मिलती है। इसलिए अमावस्या लगभग 28–29 तारीख को थी। आलेख से ये अनुमान मिलते हैं; बिल्कुल निश्चित तारीख पढ़ना संभव नहीं है।
(ii) चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय प्रतिदिन बदलता है। एक ही प्रकार की घटना के अगले दिन होने का समय सामान्यतः आगे बढ़ता है। चंद्रमा केवल रात में ही आकाश में नहीं रहता; वह दिन में भी आकाश में हो सकता है।
लगभग 7 तारीख के पास चंद्रास्त की रेखा और 22 तारीख के पास चंद्रोदय की रेखा ऊपर से नीचे फिर शुरू होती दिखाई देती है। ऐसा मध्यरात्रि पार होने पर घड़ी के समय के फिर 00:00 से शुरू होने के कारण है। घटना का समय अचानक कई घंटे पीछे नहीं गया है।
मुझे यह रोचक लगा कि महीने में चंद्रमा के उदय-अस्त का समय सुबह, दोपहर, शाम और रात, सभी समयों तक पहुँच जाता है।
माध्य-माध्यिका और रेखा आलेख के प्रश्नों के छोटे रास्ते
पूरा योग दोबारा जोड़ने से बचें और पहले छोटा रास्ता खोजें। हर मान में 10 जुड़ने पर माध्य भी 10 बढ़ता है, और हर मान 5 गुना होने पर माध्य भी 5 गुना; जूते पहनकर मापी गई औसत ऊँचाई 150.2 सेंटीमीटर से सही औसत 149.2 सेंटीमीटर इसी नियम से तुरंत मिलती है। आवृत्ति तालिका में माध्यिका के लिए आवृत्तियाँ क्रम से जोड़ते जाएँ; सारे मान लिखने नहीं पड़ते। रेखा आलेख में पुस्तक की दो चरणों वाली विधि अपनाएँ: पहले पैमाना और प्रतिरूप पहचानें, फिर वही निष्कर्ष लिखें जो आलेख सचमुच दिखाता है। निद्रा वाला वृत्त आलेख ‘समानुपातिक तर्कण-2’ में है और अगला अध्याय ‘बीजगणित का खेल’ है; दोनों भागों के सारे अध्याय कक्षा 8 गणित के एनसीईआरटी समाधान पर एक साथ हैं।
