एनसीईआरटी समाधान कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय

बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय के प्रश्न उत्तर: कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2, अध्याय 2 (हिंदी माध्यम) के हल उत्तर विस्तृत रूप में सत्र 2026-27 के लिए यहाँ दिए गए हैं। कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 ‘बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय’ के इन एनसीईआरटी समाधानों में ‘आइए, पता लगाएँ’ के हर प्रश्न का हल चित्र और गणना सहित है।

एनसीईआरटी कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 समाधान

गणित प्रकाश का अध्याय 2 एक पुराने प्रश्न से शुरू होता है: किसी वर्ग का क्षेत्रफल दोगुना कैसे करें? भुजा दोगुनी करने पर क्षेत्रफल चार गुना हो जाता है, इसलिए बौधायन ने लगभग 800 सामान्य संवत पूर्व शुल्बसूत्र में विकर्ण पर नया वर्ग बनाने का उपाय बताया। इसी विचार से अध्याय समद्विबाहु समकोण त्रिभुज के कर्ण, √2 के असांत दशमलव मान और फिर बौधायन प्रमेय तक पहुँचता है। अंत में बौधायन त्रिक (पाइथागोरस त्रिक), फर्मा के अंतिम प्रमेय और लीलावती के कमल वाले प्रश्न की बारी आती है।
कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 39 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 39 – आइए, पता लगाएँ

1. प्रारंभ में हमने एक वर्गाकार कागज से दोगुना क्षेत्रफल वाला वर्ग बनाने की विधि देखी थी। इसे बनाने की एक अन्य विधि भी है जिसमें दो समान वर्गाकार कागजों को निम्नांकित विधि से काटा जाता है।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 पेज 39 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 1 का चित्र

क्या आप इन टुकड़ों को व्यवस्थित करके ऐसा वर्ग बना सकते हैं जिसका क्षेत्रफल इनमें से किसी भी वर्ग के क्षेत्रफल का दोगुना हो?
उत्तर:
हाँ, चारों त्रिभुजों को इस प्रकार रखेंगे कि उनके समकोण बीच में एक ही बिंदु पर मिलें। उनके कर्ण बाहर की ओर रहेंगे।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 पेज 39 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 1 के उत्तर का चित्र

चारों त्रिभुज समान हैं, इसलिए बाहर की चारों भुजाएँ बराबर हैं। प्रत्येक बाहरी कोने पर 45° के दो कोण मिलते हैं। इसलिए प्रत्येक कोना 90° का है। इस प्रकार बनी आकृति एक वर्ग है।

इसमें दोनों पुराने वर्गों के सभी टुकड़े हैं। कोई टुकड़ा दूसरे पर नहीं चढ़ता और बीच में कोई खाली जगह नहीं बचती।
नए वर्ग का क्षेत्रफल = दोनों पुराने वर्गों के क्षेत्रफलों का योग
= किसी एक पुराने वर्ग के क्षेत्रफल का 2 गुना।

2. एक समद्विबाहु समकोण त्रिभुज की दो समान भुजाओं की लंबाई दी गई है। कर्ण की लंबाई ज्ञात कीजिए। इसके कर्ण के परिबंध इस तरह ज्ञात कीजिए, जिनमें दशमलव बिंदु के पश्चात कम-से-कम एक अंक हो।

(i) 3
(ii) 4
(iii) 6
(iv) 8
(v) 9
उत्तर:
माना प्रत्येक समान भुजा की लंबाई a और कर्ण की लंबाई c है।
तब c² = 2a²।
(i) a = 3
c² = 2 × 3² = 18
इसलिए c = √18 = 3√2 इकाई।
4.2² = 17.64 और 4.3² = 18.49।
17.64 < 18 < 18.49
इसलिए 4.2 < √18 < 4.3।
अतः कर्ण की लंबाई 4.2 और 4.3 इकाई के बीच है।

(ii) a = 4
c² = 2 × 4² = 32
इसलिए c = √32 = 4√2 इकाई।
5.6² = 31.36 और 5.7² = 32.49।
31.36 < 32 < 32.49
इसलिए 5.6 < √32 < 5.7।
अतः कर्ण की लंबाई 5.6 और 5.7 इकाई के बीच है।

(iii) a = 6
c² = 2 × 6² = 72
इसलिए c = √72 = 6√2 इकाई।
8.4² = 70.56 और 8.5² = 72.25।
70.56 < 72 < 72.25
इसलिए 8.4 < √72 < 8.5।
अतः कर्ण की लंबाई 8.4 और 8.5 इकाई के बीच है।

(iv) a = 8
c² = 2 × 8² = 128
इसलिए c = √128 = 8√2 इकाई।
11.3² = 127.69 और 11.4² = 129.96।
127.69 < 128 < 129.96
इसलिए 11.3 < √128 < 11.4।
अतः कर्ण की लंबाई 11.3 और 11.4 इकाई के बीच है।

(v) a = 9
c² = 2 × 9² = 162
इसलिए c = √162 = 9√2 इकाई।
12.7² = 161.29 और 12.8² = 163.84।
161.29 < 162 < 163.84
इसलिए 12.7 < √162 < 12.8।
अतः कर्ण की लंबाई 12.7 और 12.8 इकाई के बीच है।

3. किसी समद्विबाहु समकोण त्रिभुज में कर्ण की लंबाई 10 है। इसकी अन्य दो भुजाओं की लंबाई क्या होगी?

[संकेत — इस प्रकार के दो समकोण त्रिभुजों को मिलाकर बनने वाले वर्ग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।]
उत्तर:
ऐसे दो त्रिभुजों को कर्ण के साथ मिलाने पर एक वर्ग बनता है। इस वर्ग का विकर्ण 10 इकाई है।
विकर्ण पर बने वर्ग का क्षेत्रफल = 10² = 100 वर्ग इकाई।
यह मूल वर्ग के क्षेत्रफल का दोगुना है।
इसलिए मूल वर्ग का क्षेत्रफल = 100 ÷ 2 = 50 वर्ग इकाई।
मूल वर्ग की भुजा = √50 = 5√2 इकाई।
अतः त्रिभुज की अन्य दोनों भुजाओं में से प्रत्येक की लंबाई 5√2 इकाई, अर्थात लगभग 7.07 इकाई है।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 47 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 47 – आइए, पता लगाएँ

1. यदि किसी समकोण त्रिभुज की छोटी भुजाओं की लंबाई 5 cm और 12 cm हो तो इसके कर्ण की लंबाई क्या होगी? पहले इन भुजाओं की माप के साथ एक समकोण त्रिभुज बनाइए तथा कर्ण को मापिए। इसके पश्चात बौधायन प्रमेय की सहायता से अपने उत्तर की जाँच कीजिए।

उत्तर:
पहले AB = 12 cm का रेखाखंड खींचेंगे। A पर AB के लंबवत रेखा खींचकर उस पर AC = 5 cm लेंगे। अब B और C को मिलाएँगे। इस प्रकार समकोण त्रिभुज ABC बनेगा।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 पेज 47 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 1 के उत्तर का चित्र

कर्ण BC को मापने पर उसकी लंबाई लगभग 13 cm मिलती है।
बौधायन प्रमेय से,
BC² = AB² + AC²
= 12² + 5²
= 144 + 25
= 169।
इसलिए BC = √169 = 13 cm।
अतः कर्ण की लंबाई 13 cm है।

2. यदि एक समकोण त्रिभुज की एक छोटी भुजा की लंबाई 8 cm तथा कर्ण की लंबाई 17 cm है तो बताइए कि तीसरी भुजा की लंबाई क्या होगी? पुनः त्रिभुज को बनाने एवं मापने का प्रयास कीजिए तथा इसके पश्चात बौधायन प्रमेय की सहायता से अपने उत्तर की जाँच कीजिए।

उत्तर:
पहले AB = 8 cm का रेखाखंड खींचेंगे। A पर AB के लंबवत एक किरण खींचेंगे। B को केंद्र मानकर 17 cm त्रिज्या का चाप खींचेंगे, जो इस किरण को C पर काटे। अब B और C को मिलाएँगे।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 पेज 47 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 2 के उत्तर का चित्र

AC को मापने पर उसकी लंबाई लगभग 15 cm मिलती है।
बौधायन प्रमेय से,
AB² + AC² = BC²
8² + AC² = 17²
64 + AC² = 289
AC² = 289 − 64 = 225।
इसलिए AC = √225 = 15 cm।
अतः तीसरी भुजा की लंबाई 15 cm है।

3. अब तक आपने जो रचनाएँ देखी हैं उनका उपयोग करते हुए आप एक ऐसा वर्ग किस प्रकार बनाएँगे जिसका क्षेत्रफल दिए गए वर्ग के क्षेत्रफल का तीन गुना हो? दिए गए वर्ग के क्षेत्रफल का पाँच गुना हो? (शुल्बसूत्र, बौधायन, श्लोक 1.10)

उत्तर:
माना दिए गए वर्ग की भुजा a है। उसका क्षेत्रफल a² होगा।
तीन गुना क्षेत्रफल वाला वर्ग:
दिए गए वर्ग ABCD का विकर्ण AC खींचेंगे। इसकी लंबाई d मानेंगे।
तब d² = a² + a² = 2a²।
अब PQ = d का रेखाखंड खींचेंगे। Q पर PQ के लंबवत QR = a लेंगे और P को R से मिलाएँगे। PR को भुजा मानकर वर्ग PRST बनाएँगे।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 पेज 47 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 3 के उत्तर का चित्र

बौधायन प्रमेय से,
PR² = PQ² + QR²
= d² + a²
= 2a² + a²
= 3a²।
अतः वर्ग PRST का क्षेत्रफल दिए गए वर्ग के क्षेत्रफल का तीन गुना है।

पाँच गुना क्षेत्रफल वाला वर्ग:
PQ = 2a का रेखाखंड खींचेंगे। Q पर PQ के लंबवत QR = a लेंगे और P को R से मिलाएँगे। अब PR को भुजा मानकर वर्ग PRST बनाएँगे।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 पेज 47 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 3 (2) के उत्तर का चित्र

बौधायन प्रमेय से,
PR² = PQ² + QR²
= (2a)² + a²
= 4a² + a²
= 5a²।
अतः इस वर्ग PRST का क्षेत्रफल दिए गए वर्ग के क्षेत्रफल का पाँच गुना है।

4. माना a, b और c एक समकोण त्रिभुज की भुजाओं की लंबाई को व्यक्त करते हैं, जहाँ c कर्ण की लंबाई है। निम्नलिखित प्रत्येक स्थिति में अज्ञात भुजा की लंबाई ज्ञात कीजिए –

(i) a = 5, b = 7
(ii) a = 8, b = 12
(iii) a = 9, c = 15
(iv) a = 7, b = 12
(v) a = 1.5, b = 3.5
उत्तर:
बौधायन प्रमेय के अनुसार a² + b² = c²।
(i) a = 5, b = 7
c² = 5² + 7²
= 25 + 49
= 74।
अतः c = √74 इकाई, अर्थात लगभग 8.60 इकाई।

(ii) a = 8, b = 12
c² = 8² + 12²
= 64 + 144
= 208।
अतः c = √208 = 4√13 इकाई, अर्थात लगभग 14.42 इकाई।

(iii) a = 9, c = 15
9² + b² = 15²
81 + b² = 225
b² = 225 − 81 = 144।
अतः b = √144 = 12 इकाई।

(iv) a = 7, b = 12
c² = 7² + 12²
= 49 + 144
= 193।
अतः c = √193 इकाई, अर्थात लगभग 13.89 इकाई।

(v) a = 1.5, b = 3.5
c² = 1.5² + 3.5²
= 2.25 + 12.25
= 14.5।
अतः c = √14.5 इकाई, अर्थात लगभग 3.81 इकाई।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 50 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 50 – आइए, पता लगाएँ

1. इस विचार का उपयोग करते हुए 5 अन्य बौधायन त्रिक खोजिए।

उत्तर:
हम (n − 1)² + (2n − 1) = n² का उपयोग करेंगे। जब 2n − 1 एक विषम वर्ग संख्या हो, तो हमें एक बौधायन त्रिक मिलता है।
9 और 25 के बाद की पाँच विषम वर्ग संख्याएँ 49, 81, 121, 169 और 225 लेते हैं।
(i) 49 = 7² = 2 × 25 − 1, इसलिए n = 25।
अतः 24² + 7² = 25²।
जाँच: 576 + 49 = 625।
बौधायन त्रिक: (7, 24, 25)।

(ii) 81 = 9² = 2 × 41 − 1, इसलिए n = 41।
अतः 40² + 9² = 41²।
जाँच: 1600 + 81 = 1681।
बौधायन त्रिक: (9, 40, 41)।

(iii) 121 = 11² = 2 × 61 − 1, इसलिए n = 61।
अतः 60² + 11² = 61²।
जाँच: 3600 + 121 = 3721।
बौधायन त्रिक: (11, 60, 61)।

(iv) 169 = 13² = 2 × 85 − 1, इसलिए n = 85।
अतः 84² + 13² = 85²।
जाँच: 7056 + 169 = 7225।
बौधायन त्रिक: (13, 84, 85)।

(v) 225 = 15² = 2 × 113 − 1, इसलिए n = 113।
अतः 112² + 15² = 113²।
जाँच: 12544 + 225 = 12769।
बौधायन त्रिक: (15, 112, 113)।

2. क्या इस विधि से अनाद्य बौधायन त्रिक प्राप्त होते हैं?

[संकेत— ध्यान दीजिए कि इस प्रकार बनने वाले त्रिकों में छोटी भुजाओं में से एक भुजा की लंबाई कर्ण की लंबाई से एक कम होती है।]
उत्तर:
नहीं, इस विधि से अनाद्य बौधायन त्रिक प्राप्त नहीं होते हैं।

इस विधि में एक छोटी भुजा की लंबाई n − 1 और कर्ण की लंबाई n होती है। ये दोनों क्रमागत संख्याएँ हैं। इनका अंतर 1 है, इसलिए इनका 1 से बड़ा कोई सार्व गुणनखंड नहीं हो सकता।
अतः त्रिक की तीनों संख्याओं का भी 1 से बड़ा कोई सार्व गुणनखंड नहीं होगा। इसलिए इस विधि से प्राप्त सभी बौधायन त्रिक आद्य होते हैं।

3. क्या ऐसे कोई आद्य त्रिक हैं जिन्हें इस विधि द्वारा प्राप्त नहीं किया जा सकता है? यदि हाँ, तो उदाहरण दीजिए।

उत्तर:
हाँ, (8, 15, 17) ऐसा एक आद्य बौधायन त्रिक है।

जाँच:
8² + 15² = 64 + 225
= 289
= 17²।

8, 15 और 17 का 1 से बड़ा कोई सार्व गुणनखंड नहीं है। इसलिए यह आद्य त्रिक है।
इस विधि में एक छोटी भुजा की लंबाई कर्ण की लंबाई से 1 कम होती है। यहाँ कर्ण 17 है, लेकिन कोई भुजा 16 नहीं है।
अतः (8, 15, 17) को इस विधि से प्राप्त नहीं किया जा सकता है।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 52 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 52 – आइए, पता लगाएँ

1. उस वर्ग का विकर्ण ज्ञात कीजिए जिसकी भुजा की लंबाई 5 cm हो।

उत्तर:

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 पेज 52 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 1 के उत्तर का चित्र

माना वर्ग ABCD का विकर्ण AC = x cm है।
समकोण त्रिभुज ABC में, बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय से,
x² = 5² + 5²
x² = 25 + 25 = 50
x = √50 = 5√2
अतः वर्ग का विकर्ण 5√2 cm है।

2. अग्रलिखित समकोण त्रिभुजों में लुप्त भुजाओं की लंबाई ज्ञात कीजिए।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 पेज 52 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 2 का चित्र

उत्तर:
चित्रों को ऊपर से नीचे, प्रत्येक पंक्ति में बाएँ से दाएँ लेते हैं। प्रत्येक त्रिभुज में लुप्त भुजा की लंबाई x मानते हैं।
(i) पहली पंक्ति का बायाँ त्रिभुज:
यहाँ x कर्ण है। बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय से,
x² = 7² + 9²
x² = 49 + 81 = 130
x = √130
अतः लुप्त भुजा की लंबाई √130 इकाई है।

(ii) पहली पंक्ति का दायाँ त्रिभुज:
यहाँ x कर्ण है।
x² = 4² + 10²
x² = 16 + 100 = 116
x = √116 = 2√29
अतः लुप्त भुजा की लंबाई 2√29 इकाई है।

(iii) दूसरी पंक्ति का बायाँ त्रिभुज:
यहाँ कर्ण की लंबाई 41 इकाई है।
x² + 40² = 41²
x² = 1681 − 1600 = 81
x = 9
अतः लुप्त भुजा की लंबाई 9 इकाई है।

(iv) दूसरी पंक्ति का दायाँ त्रिभुज:
यहाँ कर्ण की लंबाई √200 इकाई है।
x² + 10² = (√200)²
x² = 200 − 100 = 100
x = 10
अतः लुप्त भुजा की लंबाई 10 इकाई है।

(v) तीसरी पंक्ति का बायाँ त्रिभुज:
यहाँ x कर्ण है।
x² = 10² + (√150)²
x² = 100 + 150 = 250
x = √250 = 5√10
अतः लुप्त भुजा की लंबाई 5√10 इकाई है।

(vi) तीसरी पंक्ति का दायाँ त्रिभुज:
यहाँ कर्ण की लंबाई 45 इकाई है।
x² + 27² = 45²
x² = 2025 − 729 = 1296
x = 36
अतः लुप्त भुजा की लंबाई 36 इकाई है।

3. एक समचतुर्भुज की भुजा की लंबाई ज्ञात कीजिए जिसके विकर्णों की लंबाई 24 इकाई और 70 इकाई है।

उत्तर:

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 पेज 52 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 3 के उत्तर का चित्र

समचतुर्भुज ABCD के विकर्ण AC और BD, बिंदु O पर एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।
इसलिए,
AO = 24 ÷ 2 = 12 इकाई
BO = 70 ÷ 2 = 35 इकाई

समकोण त्रिभुज AOB में,
AB² = AO² + BO²
AB² = 12² + 35²
AB² = 144 + 1225 = 1369
AB = √1369 = 37 इकाई
अतः समचतुर्भुज की प्रत्येक भुजा की लंबाई 37 इकाई है।

4. क्या कर्ण किसी भी समकोण त्रिभुज की सबसे लंबी भुजा है? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

उत्तर:
हाँ, कर्ण किसी भी समकोण त्रिभुज की सबसे लंबी भुजा होता है।
माना समकोण बनाने वाली भुजाओं की लंबाई a और b तथा कर्ण की लंबाई c है।
बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय से,
c² = a² + b²

a और b दोनों धनात्मक हैं। इसलिए c², a² और b² दोनों से बड़ा है।
अतः c > a और c > b।
इसलिए कर्ण सबसे लंबी भुजा है।

5. सत्य या असत्य – प्रत्येक बौधायन त्रिक या तो एक आद्य त्रिक है या फिर आद्य त्रिक का गुणित रूप (Scaled Version) है।

उत्तर:
यह कथन सत्य है।

यदि किसी बौधायन त्रिक की तीनों संख्याओं का महत्तम समापवर्तक 1 है, तो वह आद्य त्रिक है।
यदि उनका महत्तम समापवर्तक d, 1 से बड़ा है, तो तीनों संख्याओं को d से भाग देने पर एक आद्य त्रिक मिलता है। इससे बौधायन संबंध भी बना रहता है, क्योंकि,
a² + b² = c² को d² से भाग देने पर,
(a ÷ d)² + (b ÷ d)² = (c ÷ d)²

इस आद्य त्रिक की प्रत्येक संख्या को d से गुणा करके मूल त्रिक प्राप्त होता है।
उदाहरण के लिए, (6, 8, 10), आद्य त्रिक (3, 4, 5) का 2 गुना है।
अतः प्रत्येक बौधायन त्रिक आद्य त्रिक होता है या किसी आद्य त्रिक का गुणित रूप होता है।

6. ऐसे पाँच आयतों के उदाहरण दीजिए जिनकी सभी भुजाओं की लंबाई व विकर्ण पूर्णांक हों।

उत्तर:
नीचे a और b आयत की दो आसन्न भुजाओं की लंबाइयाँ हैं तथा c उसके विकर्ण की लंबाई है। सभी लंबाइयाँ इकाई में हैं।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 पेज 52 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 6 के उत्तर का चित्र

इनकी जाँच करते हैं:
3² + 4² = 9 + 16 = 25 = 5²
5² + 12² = 25 + 144 = 169 = 13²
8² + 15² = 64 + 225 = 289 = 17²
7² + 24² = 49 + 576 = 625 = 25²
12² + 35² = 144 + 1225 = 1369 = 37²

प्रत्येक आयत में a² + b² = c² है। आयत की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।
इसलिए इन पाँचों आयतों की सभी भुजाओं और विकर्णों की लंबाइयाँ पूर्णांक हैं।

7. एक ऐसे वर्ग की रचना कीजिए जिसका क्षेत्रफल, 5 इकाई व 7 इकाई भुजाओं वाले वर्गों के क्षेत्रफलों के अंतर के बराबर हो।

उत्तर:
आवश्यक वर्ग का क्षेत्रफल = 7² − 5²
= 49 − 25
= 24 वर्ग इकाई

रचना के चरण:

  1. AB = 5 इकाई का रेखाखंड खींचेंगे।
  2. B पर AB के लंबवत एक किरण खींचेंगे।
  3. A को केंद्र और 7 इकाई को त्रिज्या लेकर एक चाप खींचेंगे, जो इस किरण को C पर काटे। A और C को मिलाएँगे।
  4. BC की दाईं ओर B और C पर लंब खींचेंगे। इन पर क्रमशः BE = BC और CD = BC लेंगे।
  5. D और E को मिलाएँगे। BCDE आवश्यक वर्ग है।
कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 पेज 52 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 7 के उत्तर का चित्र

समकोण त्रिभुज ABC में,
BC² = AC² − AB²
BC² = 7² − 5² = 24

वर्ग BCDE का क्षेत्रफल = BC² = 24 वर्ग इकाई।
अतः यह वर्ग दोनों दिए गए वर्गों के क्षेत्रफलों के अंतर के बराबर क्षेत्रफल वाला वर्ग है।

8. (i) एक जाल (ग्रिड) के बिंदुओं को शीर्षों के रूप में उपयोग करते हुए, क्या आप एक वर्ग बना सकते हैं जिसका क्षेत्रफल – (क) 2 वर्ग इकाई (ख) 3 वर्ग इकाई (ग) 4 वर्ग इकाई और (घ) 5 वर्ग इकाई हो?

(ii) मान लीजिए कि ग्रिड अपरिमित रूप से विस्तारित है। इस प्रकार बने वर्गों के संभावित क्षेत्रफल पूर्णांक-मानों में क्या होंगे?

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 पेज 52 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 8 का चित्र

उत्तर:
(i) ग्रिड के पास-पास के दो बिंदुओं के बीच की दूरी 1 इकाई लेते हैं।

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 पेज 52 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 8 के उत्तर का चित्र

(क) 2 वर्ग इकाई: हाँ।
चित्र I में वर्ग की भुजा AB के एक सिरे से दूसरे सिरे तक पहुँचने के लिए 1 इकाई दाईं ओर और 1 इकाई नीचे जाना होता है।
इसलिए AB² = 1² + 1² = 2।
अतः इस वर्ग का क्षेत्रफल 2 वर्ग इकाई है।

(ख) 3 वर्ग इकाई: नहीं।
मान लीजिए वर्ग की एक भुजा के सिरों के बीच क्षैतिज दूरी a इकाई और ऊर्ध्वाधर दूरी b इकाई है। ग्रिड पर दोनों दूरियाँ पूर्णांक होंगी।
तब वर्ग का क्षेत्रफल a² + b² होगा।
यदि a या b में से कोई 2 या उससे बड़ा हो, तो क्षेत्रफल कम-से-कम 4 होगा।
यदि दोनों 0 या 1 हों, तो उनके वर्गों का योग अधिक-से-अधिक 2 होगा।
इसलिए a² + b² = 3 संभव नहीं है।

(ग) 4 वर्ग इकाई: हाँ।
चित्र II में वर्ग की प्रत्येक भुजा 2 इकाई है।
अतः क्षेत्रफल = 2² = 4 वर्ग इकाई।

(घ) 5 वर्ग इकाई: हाँ।
चित्र III में भुजा AB के एक सिरे से दूसरे सिरे तक पहुँचने के लिए 2 इकाई दाईं ओर और 1 इकाई ऊपर जाना होता है।
इसलिए AB² = 2² + 1² = 5।
अतः इस वर्ग का क्षेत्रफल 5 वर्ग इकाई है।

(ii) ऐसे वर्गों के संभावित क्षेत्रफल वे धनात्मक पूर्णांक होंगे जिन्हें दो पूर्णांकों के वर्गों के योग के रूप में लिखा जा सकता है।
अर्थात क्षेत्रफल = a² + b² वर्ग इकाई, जहाँ a और b, 0 या धनात्मक पूर्णांक हैं तथा दोनों एक साथ 0 नहीं हैं।
उदाहरण के लिए, संभावित क्षेत्रफल हैं:
1, 2, 4, 5, 8, 9, 10, 13, 16, 17, 18, 20, … वर्ग इकाई।

इसका कारण यह है कि किसी भुजा के सिरों के बीच क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दूरियाँ पूर्णांक होती हैं। बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय से भुजा का वर्ग, इन दोनों दूरियों के वर्गों का योग होता है। यही वर्ग का क्षेत्रफल है। इन दूरियों की अदला-बदली करके और दिशा बदलकर बराबर लंबवत भुजा बनाई जा सकती है, जिसके सिरे भी ग्रिड के बिंदुओं पर होंगे।

9. 6 इकाई भुजा वाले समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

[संकेत— दर्शाइए कि एक शीर्षलंब सम्मुख भुजा को समद्विभाजित करता है। ऊँचाई ज्ञात करने के लिए इसका उपयोग कीजिए।]
उत्तर:

कक्षा 8 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 पेज 52 आइए, पता लगाएँ के प्रश्न 9 के उत्तर का चित्र

माना ABC एक समबाहु त्रिभुज है, जिसकी प्रत्येक भुजा 6 इकाई है। A से BC पर लंब AD खींचते हैं।
समकोण त्रिभुज ADB और ADC में, बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय से,
AD² + BD² = AB²
AD² + DC² = AC²
यहाँ AB = AC है। इसलिए BD² = DC², जिससे BD = DC मिलता है।
अर्थात शीर्षलंब AD, भुजा BC को समद्विभाजित करता है।
BD = DC = 6 ÷ 2 = 3 इकाई

समकोण त्रिभुज ADB में,
AD² = AB² − BD²
AD² = 6² − 3²
AD² = 36 − 9 = 27
AD = √27 = 3√3 इकाई

त्रिभुज का क्षेत्रफल = ½ × आधार × ऊँचाई
= ½ × 6 × 3√3
= 9√3 वर्ग इकाई
अतः समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल 9√3 वर्ग इकाई है।

बौधायन प्रमेय के प्रश्न जल्दी हल करने की तरकीबें

बौधायन त्रिक पहचानना सीख लें, तो कई प्रश्न बिना लंबी गणना के हल हो जाते हैं। शुल्बसूत्र के त्रिक (3, 4, 5), (5, 12, 13), (8, 15, 17) और (12, 35, 37) याद रखें: 8 सेमी भुजा और 17 सेमी कर्ण से तीसरी भुजा तुरंत 15 सेमी मिलती है, और 24 व 70 इकाई विकर्णों वाले समचतुर्भुज की भुजा 37 इकाई। वर्ग के विकर्ण या समद्विबाहु समकोण त्रिभुज के कर्ण के लिए भुजा को √2 से गुणा करें। उत्तर जाँचें कि कर्ण सबसे लंबी भुजा है, और कागज काटकर वर्ग जोड़ने वाली गतिविधि स्वयं करें। पिछले अध्याय ‘भिन्न के विविध रूप’ के हल भी देखें; पूरी पुस्तक के हल कक्षा 8 गणित के एनसीईआरटी समाधान में मिलेंगे।