एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 6 परिमाप और क्षेत्रफल
कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 6 ‘परिमाप और क्षेत्रफल’ के एनसीईआरटी समाधान, प्रश्नों के हल सरल भाषा में सत्र 2026-27 के लिए यहाँ उपलब्ध हैं। कक्षा 6 गणित अध्याय 6 के एनसीईआरटी समाधान हिंदी माध्यम में उपलब्ध हैं। यह अध्याय बताता है कि किसी बंद आकृति की सीमा की लंबाई परिमाप और उसके द्वारा घेरे गए क्षेत्र का माप क्षेत्रफल कहलाता है।
एनसीईआरटी कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 6 समाधान
कक्षा 6 गणित प्रकाश पाठ 6 में आयत, वर्ग और त्रिभुज का परिमाप तथा क्षेत्रफल ज्ञात करना, इकाई वर्गों से क्षेत्रफल का आकलन करना और समान क्षेत्रफल वाली आकृतियों के अलग-अलग परिमाप होने की बात समझाई गई है। प्रश्नों के हल सत्र 2026-27 की पुस्तक के अनुसार हैं।
कक्षा 6 गणित प्रकाश के पेज 132 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 132 – आइए, पता लगाएँ
1. लुप्त पदों को ज्ञात कीजिए-
a. आयत का परिमाप = 14 सेमी; चौड़ाई = 2 सेमी; लंबाई = _______?
b. वर्ग का परिमाप = एक भुजा की लंबाई 20 सेमी = _______?
c. आयत का परिमाप = लंबाई 12 मी. = चौड़ाई 3 मी. = _______?.
उत्तर:
a. आयत का परिमाप = 2 × (लंबाई + चौड़ाई)
इसलिए, लंबाई + चौड़ाई = 14 ÷ 2 = 7 सेमी।
लंबाई = 7 − 2 = 5 सेमी।
b. वर्ग का परिमाप = 4 × एक भुजा की लंबाई
= 4 × 20 = 80 सेमी।
c. आयत का परिमाप = 2 × (लंबाई + चौड़ाई)
= 2 × (12 + 3)
= 2 × 15 = 30 मी.।
2. तार के टुकड़े का प्रयोग करके एक आयत बनाया गया है जिसकी भुजाओं की लंबाई 5 सेमी और 3 सेमी है। यदि तार को सीधा करके एक वर्ग बनाया जाए, तब वर्ग की एक भुजा की लंबाई क्या होगी?
उत्तर:
तार की कुल लंबाई = आयत का परिमाप
= 2 × (5 + 3)
= 2 × 8 = 16 सेमी।
इसी तार से वर्ग बनाने पर उसका परिमाप भी 16 सेमी होगा। वर्ग की चारों भुजाएँ बराबर होती हैं।
वर्ग की एक भुजा की लंबाई = 16 ÷ 4 = 4 सेमी।
3. यदि एक त्रिभुज का परिमाप 55 सेमी है और दो भुजाओं की लंबाई क्रमश: 20 सेमी और 14 सेमी है, तो तीसरी भुजा की लंबाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
त्रिभुज का परिमाप उसकी तीनों भुजाओं की लंबाइयों का योग होता है।
दो भुजाओं की लंबाइयों का योग = 20 + 14 = 34 सेमी।
तीसरी भुजा की लंबाई = 55 − 34 = 21 सेमी।
4. एक आयताकार पार्क जिसकी लंबाई 150 मी. और चौड़ाई 120 मी. है, पार्क के चारों ओर ₹40 प्रति मीटर की दर से बाड़ लगाने का व्यय ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
बाड़ की लंबाई = पार्क का परिमाप
= 2 × (150 + 120)
= 2 × 270 = 540 मी.।
1 मीटर बाड़ लगाने का व्यय = ₹40
540 मीटर बाड़ लगाने का व्यय = 540 × 40 = ₹21,600।
अतः बाड़ लगाने का कुल व्यय ₹21,600 होगा।
5. एक धागे के टुकड़े की लंबाई 36 सेमी है। प्रत्येक भुजा की लंबाई क्या होगी, यदि इस धागे से बनाया जाता है-
a. एक वर्ग
b. एक त्रिभुज जिसकी सभी भुजाएँ समान लंबाई की हों, और
c. एक सम षट्भुज (छ: भुजाओं वाली बंद आकृति जिसकी सभी भुजाएँ समान लंबाई की हों)?
उत्तर:
हर आकृति का परिमाप धागे की लंबाई के बराबर, अर्थात् 36 सेमी होगा।
a. वर्ग की 4 बराबर भुजाएँ होती हैं।
एक भुजा की लंबाई = 36 ÷ 4 = 9 सेमी।
b. इस त्रिभुज की 3 बराबर भुजाएँ हैं।
एक भुजा की लंबाई = 36 ÷ 3 = 12 सेमी।
c. सम षट्भुज की 6 बराबर भुजाएँ होती हैं।
एक भुजा की लंबाई = 36 ÷ 6 = 6 सेमी।
6. एक किसान के आयताकार भूखंड की लंबाई तथा चौड़ाई क्रमश: 230 मी. तथा 160 मी. है। वह भूखंड के चारों ओर रस्सी द्वारा तीन पूरे चक्कर की बाड़ बनाना चाहता है। जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। किसान के द्वारा प्रयोग की गई रस्सी की कुल लंबाई ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
भूखंड का परिमाप = 2 × (लंबाई + चौड़ाई)
= 2 × (230 + 160)
= 2 × 390 = 780 मी.।
एक पूरे चक्कर के लिए 780 मीटर रस्सी चाहिए।
तीन पूरे चक्करों के लिए रस्सी की लंबाई = 3 × 780 = 2340 मी.।
अतः किसान को कुल 2340 मीटर रस्सी चाहिए।
कक्षा 6 गणित प्रकाश के पेज 133 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 133 – आइए, पता लगाएँ
1. अक्षी द्वारा 5 चक्करों में तय की गई कुल दूरी ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
अक्षी के पथ की लंबाई 70 मी. और चौड़ाई 40 मी. है।
एक चक्कर में तय दूरी = 2 × (70 + 40)
= 2 × 110 = 220 मी.।
5 चक्करों में तय कुल दूरी = 5 × 220 = 1100 मी.।
अतः अक्षी 1100 मीटर दौड़ी।
2. तोशी द्वारा 7 चक्करों में तय की गई कुल दूरी ज्ञात कीजिए। अक्षी और तोशी में से किसने अधिक दूरी तय की?
उत्तर:
तोशी के पथ की लंबाई 60 मी. और चौड़ाई 30 मी. है।
एक चक्कर में तय दूरी = 2 × (60 + 30)
= 2 × 90 = 180 मी.।
7 चक्करों में तय कुल दूरी = 7 × 180 = 1260 मी.।
अक्षी ने 1100 मीटर और तोशी ने 1260 मीटर दूरी तय की।
दोनों की दूरियों का अंतर = 1260 − 1100 = 160 मी.।
अतः तोशी ने अक्षी से 160 मीटर अधिक दूरी तय की।
3. सोचिए और निर्देशानुसार स्थितियों को चिह्नित कीजिए-
a. अक्षी 250 मी. दौड़ने के पश्चात् जहाँ पहुँचेगी, उस बिंदु पर ‘A’ चिह्नित कीजिए।
b. 500 मी. दौड़ने के पश्चात् अक्षी जहाँ पहुँचेगी, उस बिंदु पर ‘B’ चिह्नित कीजिए।
c. अब, अक्षी 1000 मी. दौड़ चुकी है। अब बताइए, उसने अपने पथ पर कितने चक्कर पूरे लगाए? उसकी इस स्थिति के बिंदु पर ‘C’ चिह्नित कीजिए।
d. 250 मी. दौड़ने के पश्चात् तोशी जहाँ पहुँचेगी, उस बिंदु पर ‘X’ चिह्नित कीजिए।
e. 500 मी. दौड़ने के पश्चात् तोशी जहाँ पहुँचेगी, उस बिंदु पर ‘Y’ चिह्नित कीजिए।
f. अब, तोशी 1000 मी. दौड़ चुकी है। उसने अपने पथ पर कितने चक्कर पूरे किए? उसकी स्थिति के बिंदु पर ‘Z’ चिह्नित कीजिए।
उत्तर:
दोनों अपने-अपने पथ के दाएँ निचले कोने से तीरों की दिशा में दौड़ती हैं। अक्षी का एक चक्कर 220 मीटर और तोशी का एक चक्कर 180 मीटर का है।
a. 250 = 220 + 30
एक पूरा चक्कर लगाने के बाद अक्षी 30 मीटर और दौड़ेगी। इसलिए A बाहरी पथ की निचली भुजा पर, प्रारंभिक बिंदु से 30 मीटर बाईं ओर होगा।
b. 500 = 2 × 220 + 60
दो पूरे चक्करों के बाद अक्षी 60 मीटर और दौड़ेगी। इसलिए B बाहरी पथ की निचली भुजा पर, प्रारंभिक बिंदु से 60 मीटर बाईं ओर होगा। यह बाएँ निचले कोने से 10 मीटर दूर है।
c. 1000 = 4 × 220 + 120
अक्षी 4 पूरे चक्कर लगा चुकी है। अगले चक्कर में वह नीचे 70 मीटर, फिर बाईं भुजा पर 40 मीटर और ऊपर 10 मीटर दौड़ेगी। इसलिए C बाहरी पथ की ऊपरी भुजा पर, बाएँ ऊपरी कोने से 10 मीटर दाईं ओर होगा।
d. 250 = 180 + 70
एक पूरे चक्कर के बाद तोशी नीचे 60 मीटर और फिर बाईं भुजा पर 10 मीटर दौड़ेगी। इसलिए X भीतरी पथ की बाईं भुजा पर, बाएँ निचले कोने से 10 मीटर ऊपर होगा।
e. 500 = 2 × 180 + 140
दो पूरे चक्करों के बाद तोशी नीचे 60 मीटर, बाईं भुजा पर 30 मीटर और ऊपर 50 मीटर दौड़ेगी। इसलिए Y भीतरी पथ की ऊपरी भुजा पर, बाएँ ऊपरी कोने से 50 मीटर दाईं ओर होगा।
f. 1000 = 5 × 180 + 100
तोशी 5 पूरे चक्कर लगा चुकी है। अगले चक्कर में वह नीचे 60 मीटर, बाईं भुजा पर 30 मीटर और ऊपर 10 मीटर दौड़ेगी। इसलिए Z भीतरी पथ की ऊपरी भुजा पर, बाएँ ऊपरी कोने से 10 मीटर दाईं ओर होगा।

कक्षा 6 गणित प्रकाश के पेज 138 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 138 – आइए, पता लगाएँ
1. 25 मी. लंबे आयताकार बाग का क्षेत्रफल 300 वर्ग मी. है। इस बाग की चौड़ाई क्या है?
उत्तर:
आयत का क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई
इसलिए, चौड़ाई = क्षेत्रफल ÷ लंबाई
= 300 ÷ 25 = 12 मी.
अतः बाग की चौड़ाई 12 मी. है।
2. 8 रुपये प्रति 100 वर्ग मी. की दर से 500 मी. लंबे और 200 मी. चौड़े आयताकार भूखंड पर टाइल लगाने की लागत क्या होगी?
उत्तर:
भूखंड का क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई
= 500 × 200 = 1,00,000 वर्ग मी.
100 वर्ग मी. पर टाइल लगाने की लागत = 8 रुपये
1,00,000 वर्ग मी. में 100 वर्ग मी. के भागों की संख्या = 1,00,000 ÷ 100 = 1000
कुल लागत = 1000 × 8 = 8000 रुपये
अतः टाइल लगाने की लागत 8000 रुपये होगी।
3. एक आयताकार नारियल वाटिका 100 मी. लंबी और 50 मी. चौड़ी है। यदि प्रत्येक नारियल के पेड़ के लिए 25 वर्ग मी. जगह चाहिए, तो इस वाटिका में अधिकतम कितने पेड़ लगाए जा सकते हैं?
उत्तर:
वाटिका का क्षेत्रफल = 100 × 50 = 5000 वर्ग मी.
एक पेड़ के लिए आवश्यक जगह = 25 वर्ग मी.
पेड़ों की अधिकतम संख्या = 5000 ÷ 25 = 200
अतः इस वाटिका में अधिकतम 200 नारियल के पेड़ लगाए जा सकते हैं।
4. नीचे दी गई आकृतियों को आयताकार भागों में बाँटकर, उनके क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए (सभी माप मीटर में दिए गए हैं)।

उत्तर:
a. मैंने आकृति को नीचे से ऊपर चार आयताकार भागों में बाँटा है।

पहले भाग की लंबाई 3 मी. और चौड़ाई 3 मी. है।
दूसरे भाग की लंबाई = 3 + 4 = 7 मी. और चौड़ाई = 4 − 3 = 1 मी.
तीसरे भाग की लंबाई = 7 − 2 = 5 मी. और चौड़ाई 2 मी. है।
चौथे भाग की लंबाई = 7 − 2 − 3 = 2 मी. और चौड़ाई 1 मी. है।
कुल क्षेत्रफल = (3 × 3) + (7 × 1) + (5 × 2) + (2 × 1)
= 9 + 7 + 10 + 2
= 28 वर्ग मी.
b. मैंने इस आकृति को ऊपर के एक आयत और नीचे के दो आयतों में बाँटा है।

ऊपर के आयत की लंबाई 5 मी. और चौड़ाई = 3 − 2 = 1 मी.
नीचे के दोनों आयतों में प्रत्येक की लंबाई 2 मी. और चौड़ाई 1 मी. है।
कुल क्षेत्रफल = (5 × 1) + (2 × 1) + (2 × 1)
= 5 + 2 + 2
= 9 वर्ग मी.
अतः आकृति a का क्षेत्रफल 28 वर्ग मी. और आकृति b का क्षेत्रफल 9 वर्ग मी. है।
कक्षा 6 गणित प्रकाश के पेज 139 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 139 – आइए, पता लगाएँ
आपकी पाठ्यपुस्तक के अंत में दिए गए टैनग्राम के टुकड़े काटिए।
1. खोजिए और पता लगाइए कि कितने टुकड़ों का क्षेत्रफल एक समान है।

उत्तर:
टुकड़ों की तुलना करने पर हमें तीन समूह मिलते हैं:
A और B का क्षेत्रफल समान है। इस समूह में 2 टुकड़े हैं।
C और E का क्षेत्रफल समान है। इस समूह में भी 2 टुकड़े हैं।
D, F और G का क्षेत्रफल समान है। इस समूह में 3 टुकड़े हैं।
2. आकार D, आकार C की तुलना में कितने गुना बड़ा है? C, D और E में क्या संबंध है।
उत्तर:
C और E का क्षेत्रफल बराबर है। इन दोनों टुकड़ों से D को पूरा ढका जा सकता है।
D का क्षेत्रफल = C का क्षेत्रफल + E का क्षेत्रफल
= C के क्षेत्रफल का 2 गुना
अतः D का क्षेत्रफल C तथा E, प्रत्येक के क्षेत्रफल का दोगुना है।
3. किस आकार का क्षेत्रफल अधिक है – आकार D या आकार F? अपने उत्तर का कारण बताइए।
उत्तर:
D और F का क्षेत्रफल बराबर है।
D को C के बराबर दो त्रिभुजों में बाँटा जा सकता है। इसी प्रकार F को भी C के बराबर दो त्रिभुजों में बाँटा जा सकता है।
इसलिए दोनों का क्षेत्रफल C के क्षेत्रफल का दोगुना है।
4. किस आकार का क्षेत्रफल अधिक है – आकार F या G का? अपने उत्तर का कारण बताइए।
उत्तर:
F और G का क्षेत्रफल बराबर है।
दोनों आकृतियों को C के बराबर दो-दो त्रिभुजों में बाँटा जा सकता है।
इसलिए F और G, दोनों का क्षेत्रफल C के क्षेत्रफल का 2 गुना है।
5. आकार G की तुलना में आकार A का क्षेत्रफल कितना है? क्या यह दोगुना बड़ा है? क्या यह चार गुना बड़ा है?
संकेत—टैनग्राम के टुकड़ों को काटने के पश्चात् एक टुकड़े को दूसरे के ऊपर रखकर हमें ज्ञात होता हैं कि टुकड़े A और B का क्षेत्रफल एक समान है, टुकड़े C और E का क्षेत्रफल एक समान है। आप इन टुकड़ों से देख सकते हैं कि C और E टुकड़े, D को पूरा ढक लेते हैं। इसका अर्थ है कि, D का क्षेत्रफल C या E से दोगुना है।
उत्तर:
A का क्षेत्रफल C के क्षेत्रफल का 4 गुना है।
G का क्षेत्रफल C के क्षेत्रफल का 2 गुना है।
इसलिए, A का क्षेत्रफल G के क्षेत्रफल का 4 ÷ 2 = 2 गुना है।
अतः A का क्षेत्रफल G से दोगुना है, चार गुना नहीं।
6. क्या अब आप सातों टुकड़ों से बने बड़े वर्ग के क्षेत्रफल को C आकार के क्षेत्रफल के रूप में लिख सकते हैं?
उत्तर:
C के क्षेत्रफल की तुलना में A और B का क्षेत्रफल 4–4 गुना, D, F और G का क्षेत्रफल 2–2 गुना तथा E का क्षेत्रफल 1 गुना है।
बड़े वर्ग का क्षेत्रफल = (4 + 4 + 1 + 2 + 1 + 2 + 2) × C का क्षेत्रफल
= 16 × C का क्षेत्रफल
अतः बड़े वर्ग का क्षेत्रफल C के क्षेत्रफल का 16 गुना है।
7. इन सातों टुकड़ों को व्यवस्थित करके एक आयत बनाइए। अब इस आयत का क्षेत्रफल, आकार ‘C’ के क्षेत्रफल के रूप में लिखने पर क्या प्राप्त होता है? अपने उत्तर का कारण बताइए।
उत्तर:
मैंने सातों टुकड़ों को बिना एक-दूसरे पर चढ़ाए और बिना खाली जगह छोड़े इस प्रकार रखा है।

आयत का क्षेत्रफल = सातों टुकड़ों के क्षेत्रफलों का योग
= 16 × C का क्षेत्रफल
अतः आयत का क्षेत्रफल भी C के क्षेत्रफल का 16 गुना है। टुकड़ों की जगह बदलने से उनका कुल क्षेत्रफल नहीं बदलता।
8. क्या इन सातों टुकड़ों से बने वर्ग और आयत के परिमाप भिन्न हैं या समान हैं? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
वर्ग और बनाए गए आयत के परिमाप भिन्न हैं। इस आयत का परिमाप वर्ग के परिमाप से अधिक है।
टुकड़ों को नए ढंग से रखने पर बाहर की सीमा बदल गई है। दोनों आकृतियों के किनारों की कुल लंबाई की तुलना करने पर आयत की सीमा अधिक लंबी मिलती है।
इसलिए दोनों का क्षेत्रफल समान होने पर भी उनका परिमाप समान नहीं है।
कक्षा 6 गणित प्रकाश के पेज 144 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 144 – आइए, पता लगाएँ
1. नीचे दी गई आकृतियों को आयत और त्रिभुजों में विभाजित करके क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए-

उत्तर:
प्रत्येक छोटे वर्ग का क्षेत्रफल 1 वर्ग इकाई है। आकृतियों को नीचे दिखाए अनुसार आयतों और त्रिभुजों में बाँटते हैं। किसी त्रिभुज का क्षेत्रफल उसी आधार और ऊँचाई वाले आयत के क्षेत्रफल का आधा होता है।

a. बीच का आयत 4 इकाई लंबा और 5 इकाई चौड़ा है। ऊपर और नीचे के त्रिभुजों का आधार 4 इकाई तथा ऊँचाई 1 इकाई है।
आयत का क्षेत्रफल = 4 × 5 = 20 वर्ग इकाई।
दोनों त्रिभुजों का कुल क्षेत्रफल = (4 × 1) ÷ 2 + (4 × 1) ÷ 2 = 4 वर्ग इकाई।
अतः आकृति a का क्षेत्रफल = 20 + 4 = 24 वर्ग इकाई।
b. बीच के आयत का क्षेत्रफल = 4 × 5 = 20 वर्ग इकाई।
ऊपर के त्रिभुज का क्षेत्रफल = (4 × 3) ÷ 2 = 6 वर्ग इकाई।
नीचे के त्रिभुज का क्षेत्रफल = (4 × 2) ÷ 2 = 4 वर्ग इकाई।
अतः आकृति b का क्षेत्रफल = 20 + 6 + 4 = 30 वर्ग इकाई।
c. ऊपर के त्रिभुज का आधार 6 इकाई और ऊँचाई 2 इकाई है।
इसका क्षेत्रफल = (6 × 2) ÷ 2 = 6 वर्ग इकाई।
बाईं ओर के आयत का क्षेत्रफल = 3 × 8 = 24 वर्ग इकाई।
दाईं ओर के बड़े त्रिभुज का क्षेत्रफल = (10 × 3) ÷ 2 = 15 वर्ग इकाई।
नीचे बाईं ओर के छोटे त्रिभुज का क्षेत्रफल = (3 × 2) ÷ 2 = 3 वर्ग इकाई।
अतः आकृति c का क्षेत्रफल = 6 + 24 + 15 + 3 = 48 वर्ग इकाई।
d. नीचे के आयत का क्षेत्रफल = 4 × 3 = 12 वर्ग इकाई।
ऊपर बाईं ओर के त्रिभुज का क्षेत्रफल = (1 × 2) ÷ 2 = 1 वर्ग इकाई।
ऊपर दाईं ओर के त्रिभुज का क्षेत्रफल = (3 × 2) ÷ 2 = 3 वर्ग इकाई।
अतः आकृति d का क्षेत्रफल = 12 + 1 + 3 = 16 वर्ग इकाई।
e. दोनों त्रिभुजों का आधार 4 इकाई है। ऊपर वाले की ऊँचाई 2 इकाई और नीचे वाले की ऊँचाई 4 इकाई है।
ऊपर के त्रिभुज का क्षेत्रफल = (4 × 2) ÷ 2 = 4 वर्ग इकाई।
नीचे के त्रिभुज का क्षेत्रफल = (4 × 4) ÷ 2 = 8 वर्ग इकाई।
अतः आकृति e का क्षेत्रफल = 4 + 8 = 12 वर्ग इकाई।
कक्षा 6 गणित प्रकाश के पेज 149 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 149 – आइए, पता लगाएँ
1. एक आयत की विमाएँ बताइए जिसका क्षेत्रफल उन दो आयतों के क्षेत्रफल के योग के बराबर होगा, जिनकी विमाएँ 5 मी. × 10 मी. और 2 मी. × 7 मी. हैं।
उत्तर:
पहले आयत का क्षेत्रफल = 5 × 10 = 50 वर्ग मी.।
दूसरे आयत का क्षेत्रफल = 2 × 7 = 14 वर्ग मी.।
दोनों के क्षेत्रफलों का योग = 50 + 14 = 64 वर्ग मी.।
16 × 4 = 64 है।
इसलिए हम 16 मी. लंबाई और 4 मी. चौड़ाई वाला आयत बना सकते हैं।
उसका क्षेत्रफल 64 वर्ग मी. होगा।
2. 1000 वर्ग मी. क्षेत्रफल वाले आयताकार पार्क की लंबाई 50 मी. है, पार्क की चौड़ाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
आयत का क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई।
इसलिए चौड़ाई = क्षेत्रफल ÷ लंबाई
= 1000 ÷ 50
= 20 मी.।
अतः पार्क की चौड़ाई 20 मी. है।
3. एक कमरे के फर्श की लंबाई 5 मी. तथा चौड़ाई 4 मी. है। 3 मी. भुजा वाले एक वर्गाकार कालीन को फर्श पर बिछाया गया है। फर्श के उस भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिस पर कालीन नहीं बिछा है।
उत्तर:
फर्श का क्षेत्रफल = 5 × 4 = 20 वर्ग मी.।
वर्गाकार कालीन का क्षेत्रफल = 3 × 3 = 9 वर्ग मी.।
कालीन के बिना बचे फर्श का क्षेत्रफल = 20 − 9 = 11 वर्ग मी.।
अतः 11 वर्ग मी. फर्श पर कालीन नहीं बिछा है।
4. 15 मी. लंबे और 12 मी. चौड़े एक पार्क के चारों कोनों को खोद कर फूलों की क्यारियाँ बनाई गई हैं, जिनकी लंबाई व चौड़ाई क्रमश: 2 मी. और 1 मी. है। एक लॉन बनाने के लिए अब कितना क्षेत्रफल उपलब्ध है?
उत्तर:
पूरे पार्क का क्षेत्रफल = 15 × 12 = 180 वर्ग मी.।
एक क्यारी का क्षेत्रफल = 2 × 1 = 2 वर्ग मी.।
चार क्यारियों का कुल क्षेत्रफल = 4 × 2 = 8 वर्ग मी.।
लॉन के लिए बचा क्षेत्रफल = 180 − 8 = 172 वर्ग मी.।
अतः लॉन के लिए 172 वर्ग मी. क्षेत्रफल उपलब्ध है।
5. आकृति A और आकृति B के परिमाप का क्षेत्रफल क्रमश: 18 वर्ग इकाई और 20 वर्ग इकाई है। आकृति A का परिमाप आकृति B से बड़ा है। दी गई स्थिति को पूरा करती हुई दो आकृतियाँ बनाएँ।
उत्तर:
मैं आकृति A के लिए 9 इकाई × 2 इकाई और आकृति B के लिए 5 इकाई × 4 इकाई के आयत बनाऊँगा।

आकृति A का क्षेत्रफल = 9 × 2 = 18 वर्ग इकाई।
आकृति A का परिमाप = 2 × (9 + 2) = 22 इकाई।
आकृति B का क्षेत्रफल = 5 × 4 = 20 वर्ग इकाई।
आकृति B का परिमाप = 2 × (5 + 4) = 18 इकाई।
22 > 18 है। इसलिए आकृति A का परिमाप आकृति B से बड़ा है। दोनों आकृतियाँ दी गई शर्तें पूरी करती हैं।
6. अपनी पुस्तक के एक पृष्ठ पर एक आयताकार हाशिया (border) बनाएँ जो ऊपर और नीचे से 1 सेमी की दूरी पर हो और बाईं व दाईं ओर से 1.5 सेमी दूरी पर हो। हाशिये का परिमाप क्या होगा?
उत्तर:
मेरी पुस्तक के पृष्ठ की लंबाई 28 सेमी और चौड़ाई 22 सेमी है। ऊपर और नीचे 1-1 सेमी तथा बाईं और दाईं ओर 1.5-1.5 सेमी छोड़कर मैंने आयताकार हाशिया बनाया।

हाशिये वाले आयत की लंबाई = 28 − 1 − 1 = 26 सेमी।
हाशिये वाले आयत की चौड़ाई = 22 − 1.5 − 1.5 = 19 सेमी।
हाशिये का परिमाप = 2 × (26 + 19)
= 2 × 45
= 90 सेमी।
अतः मेरे बनाए हाशिये का परिमाप 90 सेमी है।
7. 12 इकाई × 8 इकाई आकार का एक आयत बनाइए। इसके अंदर एक अन्य आयत बनाइए जो बाह्य आयत को स्पर्श न करता हो और केवल आधा क्षेत्रफल घेरता हो।
उत्तर:
बाहरी आयत का क्षेत्रफल = 12 × 8 = 96 वर्ग इकाई।
इसका आधा क्षेत्रफल = 96 ÷ 2 = 48 वर्ग इकाई।
8 × 6 = 48 है। इसलिए मैं अंदर 8 इकाई लंबा और 6 इकाई चौड़ा आयत बनाऊँगा। उसे बीच में रखने पर बाईं और दाईं ओर 2-2 इकाई तथा ऊपर और नीचे 1-1 इकाई जगह बचेगी। इसलिए वह बाहरी आयत को स्पर्श नहीं करेगा।

8. एक वर्गाकार कागज को आधा मोड़ा गया। फिर मोड़ से वर्ग को दो आयतों में काटा गया। वर्ग के आकार को न देखते हुए, निम्न में से एक कथन हमेशा सत्य होगा। यहाँ कौन-सा कथन सत्य है?
a. प्रत्येक आयत का क्षेत्रफल, वर्ग के क्षेत्रफल से बड़ा होगा।
b. वर्ग का परिमाप, दोनों आयतों के परिमापों के योग से बड़ा होगा।
c. दोनों आयतों के परिमाप को साथ जोड़ने पर वह हमेशा वर्ग के परिमाप के 1½ गुने के बराबर होगा।
d. वर्ग का क्षेत्रफल हमेशा दोनों आयतों के क्षेत्रफलों को साथ जोड़ने पर प्राप्त क्षेत्रफल से तीन गुना बड़ा होगा।
उत्तर:
कथन c सही है।
वर्ग को दो आयतों में काटने पर उसकी बाहरी चारों भुजाएँ बनी रहती हैं। कटे हुए स्थान पर दो नई भुजाएँ मिलती हैं। इनमें से प्रत्येक की लंबाई वर्ग की एक भुजा के बराबर होती है।
इसलिए दोनों आयतों के परिमापों का योग वर्ग की एक भुजा का 6 गुना है, जबकि वर्ग का परिमाप उसी भुजा का 4 गुना है।
6 ÷ 4 = 1½।
अतः दोनों आयतों के परिमापों का योग हमेशा वर्ग के परिमाप का 1½ गुना होगा।
अध्याय 6 के प्रश्न हल करते समय परिमाप के साथ लंबाई की इकाई और क्षेत्रफल के साथ वर्ग इकाई अवश्य लिखें तथा अपनी मेज, पुस्तक या कक्षा के फर्श का परिमाप और क्षेत्रफल मापकर अभ्यास करें। पूरी पुस्तक के अध्यायवार समाधान कक्षा 6 गणित एनसीईआरटी समाधान पृष्ठ पर उपलब्ध हैं।
