एनसीईआरटी समाधान कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 पूर्णांकों के साथ संक्रियाएँ
कक्षा 7 गणित भाग 2 अध्याय 2 ‘पूर्णांकों के साथ संक्रियाएँ’ के एनसीईआरटी समाधान – सभी प्रश्नों के उत्तर सरल भाषा में सत्र 2026-27 के लिए यहाँ दी गए हैं। कक्षा 7 गणित भाग 2 अध्याय के प्रश्न-उत्तर हिंदी माध्यम में यहाँ उपलब्ध हैं। राकेश की संख्या-पहेली के साथ पूर्णांकों के जोड़-घटाव का त्वरित पुनरावलोकन कराने के बाद यह अध्याय पूर्णांकों का गुणा और भाग सिखाता है।
एनसीईआरटी कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 2 समाधान
कक्षा 7 गणित भाग 2 अध्याय 2 में धनात्मक और ऋणात्मक संख्याओं के गुणनफल तथा भागफल के चिह्नों के नियम और उनके गुणधर्म समझाए गए हैं। ब्रह्मगुप्त के ‘ब्राह्मस्फुटसिद्धांत’ में दिए नियमों की चर्चा सहित प्रश्नों के हल सत्र 2026-27 की पुस्तक के अनुसार हैं।
कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 25 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 25 – पता लगाइए
आइए, संख्याओं के योगफल और अंतर से कुछ और युग्म ज्ञात करने का प्रयास करते हैं-
(a) योगफल = 27, अंतर = 9
(b) योगफल = 4, अंतर = 12
(c) योगफल = 0, अंतर = 10
(d) योगफल = 0, अंतर = −10
(e) योगफल = −7, अंतर = −1
(f) योगफल = −7, अंतर = −13
एक साथी चुनिए और बारी-बारी से यह खेल खेलिए। प्रत्येक बारी में, आप में से कोई एक साथी दो पूर्णांक सोच सकता है और उनका योगफल और अंतर बता सकता है; दूसरे व्यक्ति को फिर उन पूर्णांकों को ज्ञात करना होगा। कुछ अभ्यास के बाद, आप अपने परिवार के सदस्यों को यह जादू दिखा सकते हैं और उन्हें आश्चर्यचकित कर सकते हैं!
उत्तर:
अंतर निकालते समय पहली संख्या में से दूसरी संख्या घटाते हैं। इसलिए योगफल और अंतर को जोड़ने पर दूसरी संख्या कट जाती है और पहली संख्या का दोगुना मिलता है। इसका आधा पहली संख्या है। फिर योगफल में से पहली संख्या घटाकर दूसरी संख्या मिलेगी।
(a) पहली संख्या = (27 + 9) ÷ 2 = 18। दूसरी संख्या = 27 − 18 = 9। अतः युग्म (18, 9) है।
(b) पहली संख्या = (4 + 12) ÷ 2 = 8। दूसरी संख्या = 4 − 8 = −4। युग्म (8, −4) है। जाँचने पर 8 + (−4) = 4 और 8 − (−4) = 12 मिलता है।
(c) पहली संख्या = (0 + 10) ÷ 2 = 5। दूसरी संख्या = 0 − 5 = −5। युग्म (5, −5) है।
(d) पहली संख्या = (0 − 10) ÷ 2 = −5। दूसरी संख्या = 0 − (−5) = 5। युग्म (−5, 5) है। यहाँ क्रम बदलने से अंतर भी बदल गया है।
(e) पहली संख्या = (−7 − 1) ÷ 2 = −4। दूसरी संख्या = −7 − (−4) = −3। युग्म (−4, −3) है।
(f) पहली संख्या = (−7 − 13) ÷ 2 = −10। दूसरी संख्या = −7 − (−10) = 3। युग्म (−10, 3) है।
मेरे साथी ने योगफल −1 और अंतर 9 बताया। मैंने (−1 + 9) ÷ 2 = 4 से पहली संख्या निकाली। दूसरी संख्या −1 − 4 = −5 थी। हमने जाँच की तो 4 + (−5) = −1 और 4 − (−5) = 9 मिले।
कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 31 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 31 – पता लगाइए
1. टोकन व्यवस्था का उपयोग करते हुए निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए-
(a) 3 × (−2)
(b) (−5) × (−2)
(c) (−4) × (−1)
(d) (−7) × 3
उत्तर:
हरा टोकन +1 और लाल टोकन −1 दिखाता है। एक हरे और एक लाल टोकन का मान मिलाकर 0 होता है। इसलिए खाली थैले में ऐसे शून्य युग्म रखने पर उसका मान नहीं बदलता। चित्र में जिन टोकनों पर रेखा खिंची है, उन्हें थैले से निकाला गया है।

(a) दो लाल टोकन तीन बार थैले में रखने पर कुल 6 लाल टोकन होते हैं। इसलिए 3 × (−2) = −6।
(b) हमें दो लाल टोकन पाँच बार निकालने हैं। थैले में 10 शून्य युग्म रखकर 10 लाल टोकन निकालने पर 10 हरे टोकन बचते हैं। इसलिए (−5) × (−2) = 10।
(c) एक लाल टोकन चार बार निकालना है। चार शून्य युग्मों में से चार लाल टोकन निकालने पर चार हरे टोकन बचते हैं। अतः (−4) × (−1) = 4।
(d) तीन हरे टोकन सात बार निकालने हैं। 21 शून्य युग्मों में से 21 हरे टोकन निकालने पर 21 लाल टोकन बचते हैं। अतः (−7) × 3 = −21।
2. यदि 123 × 456 = 56088 है तो बिना गणना किए निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए-
(a) (−123) × 456
(b) (−123) × (−456)
(c) (123) × (−456)
उत्तर:
संख्याएँ 123 और 456 ही हैं, इसलिए हमें केवल गुणनफल का चिह्न तय करना है। दोनों संख्याओं के चिह्न अलग हों तो गुणनफल ऋणात्मक होता है और एक जैसे हों तो धनात्मक।
(a) (−123) × 456 = −56088
(b) (−123) × (−456) = 56088
(c) (123) × (−456) = −56088
3. दो पूर्णांकों को गुणा करने के लिए एक सरल नियम बनाने का प्रयास कीजिए।
निम्नलिखित टोकनों द्वारा दर्शाई गई संख्याओं पर विचार कीजिए-

हम देख सकते हैं कि ये सभी संख्या (−2) को दर्शाते हैं। अब इन सभी टोकन समूहों में से प्रत्येक को 4 बार लीजिए, अर्थात प्रत्येक समूह को एक खाली थैले में 4 बार रखिए।
प्रत्येक स्थिति में हमें अंतिम उत्तर के रूप में कौन-सा पूर्णांक प्राप्त होता है? क्या हमें भिन्न-भिन्न उत्तर इसलिए प्राप्त होते हैं क्योंकि समूह भिन्न-भिन्न दिखते हैं अथवा एक ही उत्तर इसलिए प्राप्त होता है क्योंकि वे सभी −2 को दर्शाते हैं?
5 × 4 के लिए 4 के संगत विभिन्न टोकन समूह लेकर इसकी जाँच कीजिए।
हमने देखा है कि −4 × 2 वह संख्या है जो खाली थैले से 2 धनात्मक टोकन को 4 बार निकालने के पश्चात प्राप्त होती है।
हम यह जानते हैं कि किसी संख्या को हटाना या घटाना उसके व्युत्क्रम को जोड़ने के समान होता है।
इसका उपयोग करते हुए, क्या टोकनों को हटाने के स्थान पर टोकनों को जोड़ने की प्रक्रिया द्वारा −4 × 2 को परिभाषित किया जा सकता है?
उत्तर:
दो पूर्णांकों का गुणनफल निकालने के लिए पहले उनके चिह्न छोड़कर गुणा करते हैं। यदि दोनों के चिह्न एक जैसे हैं, तो गुणनफल धनात्मक होता है। यदि चिह्न अलग हैं, तो गुणनफल ऋणात्मक होता है। किसी एक संख्या के शून्य होने पर गुणनफल शून्य होता है।
चित्र के समूह (a) में दो लाल टोकन हैं। समूह (b) में दो हरे और चार लाल टोकन हैं। दो शून्य युग्म हटाने पर दो लाल टोकन बचते हैं। समूह (c) में चार हरे और छह लाल टोकन हैं। चार शून्य युग्म हटाने पर यहाँ भी दो लाल टोकन बचते हैं। इसलिए तीनों समूहों का मान −2 है। किसी भी समूह को चार बार लेने पर मान (−2) + (−2) + (−2) + (−2) = −8 ही मिलता है।
5 × 4 की जाँच के लिए मैंने 4 दिखाने वाले दो समूह बनाए। पहले में केवल 4 हरे टोकन हैं। दूसरे में 5 हरे और 1 लाल टोकन है, जिनमें एक शून्य युग्म है। पहले समूह को पाँच बार लेने पर 20 हरे टोकन मिलते हैं। दूसरे को पाँच बार लेने पर 25 हरे और 5 लाल टोकन मिलते हैं। पाँच शून्य युग्म हटाने पर 20 हरे टोकन बचते हैं। दोनों तरह से 5 × 4 = 20 है।
हाँ, दो हरे टोकन निकालने का असर दो लाल टोकन जोड़ने जैसा है। इसलिए खाली थैले में दो लाल टोकन चार बार रखने पर कुल आठ लाल टोकन होते हैं। इससे (−4) × 2 = −8 मिलता है।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 33 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 33 – पता लगाइए
निम्नलिखित गुणनफल ज्ञात कीजिए।
(a) 4 × (−3)
(b) (−6) × (−3)
(c) (−5) × (−1)
(d) (−8) × 4
(e) (−9) × 10
(f) 10 × (−17)
उत्तर:
यदि एक संख्या धनात्मक और दूसरी ऋणात्मक हो, तो गुणनफल ऋणात्मक होगा। दोनों संख्याएँ ऋणात्मक हों, तो गुणनफल धनात्मक होगा।
(a) 4 × (−3) = −(4 × 3) = −12
(b) (−6) × (−3) = 6 × 3 = 18
(c) (−5) × (−1) = 5 × 1 = 5
(d) (−8) × 4 = −(8 × 4) = −32
(e) (−9) × 10 = −(9 × 10) = −90
(f) 10 × (−17) = −(10 × 17) = −170
कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 39 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 39 – पता लगाइए
1. निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए-
(a) 14 × (−15)
(b) −16 × (−5)
(c) 36 ÷ (−18)
(d) (−46) ÷ (−23)
उत्तर:
गुणा और भाग में दोनों संख्याओं के चिह्न अलग हों तो उत्तर ऋणात्मक होता है और चिह्न एक जैसे हों तो उत्तर धनात्मक होता है।
(a) 14 × (−15) = −(14 × 15) = −210
(b) −16 × (−5) = 16 × 5 = 80
(c) 36 ÷ (−18) = −(36 ÷ 18) = −2
(d) (−46) ÷ (−23) = 46 ÷ 23 = 2
2. एक शीतलन प्रक्रिया में कमरे का ताप मान 32°C से आरंभ होकर 5°C प्रति घंटे की दर से कम किया जाता है। प्रक्रिया आरंभ होने के 10 घंटे के पश्चात कमरे का तापमान क्या होगा?
उत्तर:
हर घंटे तापमान 5°C घटता है। इसलिए 10 घंटे में तापमान 10 × 5°C = 50°C घटेगा।
शुरू में तापमान 32°C था। अतः 10 घंटे बाद तापमान 32°C − 50°C = −18°C होगा।
3. एक सीमेंट कंपनी सफेद सीमेंट की विक्रय की गई प्रत्येक बोरी पर ₹8 का लाभ और सामान्य सीमेंट की विक्रय की गई प्रत्येक बोरी पर ₹25 की हानि अर्जित करती है। [लाभ/हानि को पूर्णांकों के रूप में दर्शाइए।]
(a) कंपनी एक माह में 3000 बोरी सफेद सीमेंट और 5000 बोरी सामान्य सीमेंट का विक्रय करती है। कंपनी को कितना लाभ या हानि हुई?
(b) यदि विक्रय की गई सामान्य सीमेंट की बोरियों की संख्या 6400 है तो कंपनी को सफेद सीमेंट की कितनी बोरियों का विक्रय करना होगा जिससे कि कंपनी को न तो लाभ हो और न ही हानि।
उत्तर:
एक बोरी सफेद सीमेंट पर लाभ को +8 रुपये और एक बोरी सामान्य सीमेंट पर हानि को −25 रुपये से दर्शाएँगे।
(a) सफेद सीमेंट की 3000 बोरियों पर लाभ = 3000 × (+8) = +24,000 रुपये।
सामान्य सीमेंट की 5000 बोरियों पर हानि = 5000 × (−25) = −1,25,000 रुपये।
दोनों को जोड़ने पर (+24,000) + (−1,25,000) = −1,01,000 रुपये। ऋणात्मक चिह्न से पता चलता है कि कंपनी को ₹1,01,000 की हानि हुई।
(b) सामान्य सीमेंट की 6400 बोरियों पर हानि = 6400 × (−25) = −1,60,000 रुपये।
लाभ और हानि का योग शून्य हो, इसके लिए सफेद सीमेंट से ₹1,60,000 का लाभ चाहिए। एक बोरी पर ₹8 का लाभ होता है।
इसलिए सफेद सीमेंट की बोरियों की संख्या = 1,60,000 ÷ 8 = 20,000।
अतः कंपनी को सफेद सीमेंट की 20,000 बोरियाँ बेचनी होंगी।
4. दिए गए कथनों को सत्य बनाने के लिए रिक्त स्थानों को पूर्णांक से भरिए।
(a) (−3) × ___ = 27
(b) 5 × ___ = (−35)
(c) ___ × (−8) = −56
(d) ___ × (−12) = 132
(e) ___ ÷ (−8) = 7
(f) ___ ÷ 12 = −11
उत्तर:
पहले चार भागों में गुणनफल को ज्ञात संख्या से भाग देने पर रिक्त स्थान की संख्या मिलेगी।
(a) 27 ÷ (−3) = −9, इसलिए (−3) × (−9) = 27।
(b) (−35) ÷ 5 = −7, इसलिए 5 × (−7) = −35।
(c) (−56) ÷ (−8) = 7, इसलिए 7 × (−8) = −56।
(d) 132 ÷ (−12) = −11, इसलिए (−11) × (−12) = 132।
अंतिम दो भागों में जिस संख्या को बाँटना है, उसे पाने के लिए भागफल को भाजक से गुणा करेंगे।
(e) 7 × (−8) = −56, इसलिए (−56) ÷ (−8) = 7।
(f) (−11) × 12 = −132, इसलिए (−132) ÷ 12 = −11।
कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 42 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 42 – पता लगाइए
1. निम्नलिखित व्यंजकों के मान ज्ञात कीजिए-
(a) (−5) × (18 + (−3))
(b) (−7) × 4 (−1)
(c) (−2) × (−1) × (−5) × (−3)
उत्तर:
(a) पहले कोष्ठक का मान 18 + (−3) = 15 होगा। इसलिए (−5) × 15 = −75।
(b) यहाँ 4 (−1) का अर्थ 4 × (−1) है। अतः (−7) × 4 × (−1) = (−28) × (−1) = 28।
(c) दो-दो संख्याओं को एक साथ गुणा करने पर (−2) × (−1) = 2 और (−5) × (−3) = 15 मिलता है। इसलिए पूरा गुणनफल 2 × 15 = 30 है।
2. निम्नलिखित व्यंजकों के मान ज्ञात कीजिए-
(a) (−27) ÷ 9
(b) 84 ÷ (−4)
(c) (−56) ÷ (−2)
उत्तर:
दोनों संख्याओं के चिह्न अलग होने पर भागफल ऋणात्मक होता है और एक जैसे होने पर धनात्मक।
(a) (−27) ÷ 9 = −3
(b) 84 ÷ (−4) = −21
(c) (−56) ÷ (−2) = 28
3. वह पूर्णांक ज्ञात कीजिए जिसका (−1) के साथ गुणनफल निम्नलिखित होगा-
(a) 27
(b) −31
(c) −1
(d) 1
(e) 0
उत्तर:
किसी पूर्णांक को −1 से गुणा करने पर उसका विपरीत मिलता है। इसलिए हमें दिए गए गुणनफल का विपरीत लेना है।
(a) −27, क्योंकि (−27) × (−1) = 27।
(b) 31, क्योंकि 31 × (−1) = −31।
(c) 1, क्योंकि 1 × (−1) = −1।
(d) −1, क्योंकि (−1) × (−1) = 1।
(e) 0, क्योंकि 0 × (−1) = 0।
4. यदि 47 − 56 + 14 − 8 + 2 − 8 + 5 = −4 है तो पूर्ण व्यंजक की गणना किए बिना −47 + 56 − 14 + 8 − 2 + 8 − 5 का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
दूसरे व्यंजक में पहले व्यंजक के हर पद का चिह्न बदल गया है। इससे पूरे व्यंजक का मान भी विपरीत हो जाता है। पहले का मान −4 है, इसलिए दूसरे का मान −(−4) = 4 है।
5. क्या आपको गत वर्ष का कोलाट्ज अनुमान स्मरण है? पूर्णांकों के साथ इसका एक संशोधित रूप बनाने का प्रयास कीजिए। नियम यह है कि किसी भी संख्या से प्रारंभ कीजिए; यदि संख्या सम है तो उसका आधा लीजिए; यदि संख्या विषम है तो उसे −3 से गुणा करके उसमें 1 जोड़ दीजिए; इसे दोहराते रहिए। एक उदाहरण अनुक्रम नीचे दर्शाया गया है।

इसे भिन्न-भिन्न प्रारंभिक संख्याओं के साथ प्रयास कीजिए— जैसे (−21), (−6) इत्यादि। जिन प्रतिरूपों का आपने अवलोकन किया, उनका वर्णन कीजिए।
उत्तर:
−21 विषम है, इसलिए अगली संख्या (−3) × (−21) + 1 = 64 होगी। अब 64 सम है, इसलिए अगली संख्या 64 ÷ 2 = 32 होगी। इसी तरह आगे बढ़ने पर—
−21 → 64 → 32 → 16 → 8 → 4 → 2 → 1 → −2 → −1 → 4 → …
−6 से शुरू करने पर—
−6 → −3 → 10 → 5 → −14 → −7 → 22 → 11 → −32 → −16 → −8 → −4 → −2 → −1 → 4 → 2 → 1 → −2 → …
दोनों बार कुछ अलग-अलग संख्याओं से गुजरने के बाद एक ही चक्र मिला। चक्र है 4 → 2 → 1 → −2 → −1 → 4। फिर यही पाँच संख्याएँ उसी क्रम में आती रहती हैं।
6. एक परीक्षा में, प्रत्येक सही उत्तर के लिए (+4) अंक और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए (−2) अंक दिए जाते हैं।
(a) अनीता ने परीक्षा के सभी प्रश्नों के उत्तर दिए। उसके 15 उत्तर सही होते हुए भी उसे 40 अंक प्राप्त हुए। उसके कितने उत्तर गलत थे? परीक्षा में कितने प्रश्न हैं?
(b) अनिल के 5 उत्तर सही होते हुए भी उसे (−10) अंक प्राप्त हुए। उसके कितने उत्तर गलत थे? क्या उसने कोई प्रश्न अनुत्तरित छोड़ा?
उत्तर:
(a) 15 सही उत्तरों के अंक = 15 × 4 = 60। अनीता को 40 अंक मिले, यानी गलत उत्तरों के कारण 60 − 40 = 20 अंक कटे। हर गलत उत्तर पर 2 अंक कटते हैं, इसलिए 20 ÷ 2 = 10 उत्तर गलत थे। उसने सभी प्रश्न हल किए थे, इसलिए परीक्षा में 15 + 10 = 25 प्रश्न थे।
(b) अनिल को 5 सही उत्तरों के लिए 5 × 4 = 20 अंक मिले। 20 से −10 तक आने में 30 अंक कटे। इसलिए उसके 30 ÷ 2 = 15 उत्तर गलत थे। उसने 5 + 15 = 20 प्रश्नों के उत्तर दिए। अतः उसने 25 − 20 = 5 प्रश्न अनुत्तरित छोड़े।
7. प्रतिरूप चुनिए – नीचे दी गई मशीन द्वारा की गई संक्रियाओं का पता लगाइए।

उत्तर:
मशीन दूसरी और तीसरी संख्या को गुणा करती है और उनका गुणनफल पहली संख्या में से घटाती है। इसलिए पहले गोले में ‘−’ और दूसरे में ‘×’ आएगा।
पहली पंक्ति में 4 − 8 × (−3) = 4 − (−24) = 28 मिलता है। दूसरी पंक्ति में भी 6 − 9 × 6 = 6 − 54 = −48 मिलता है।
अंतिम पंक्ति का मान = −16 − (−6) × (−9) = −16 − 54 = −70। इसलिए गुलाबी तारे में −70 आएगा।
8. कल्पना कीजिए कि आप एक ऐसे स्थान पर हैं जहाँ तापमान प्रत्येक घंटे 5°C की दर से गिरता है। यदि वर्तमान तापमान 8°C है तो 4 घंटे पश्चात के तापमान को दर्शाने वाला एक व्यंजक लिखिए।
उत्तर:
हर घंटे तापमान में बदलाव −5°C है। इसलिए 4 घंटे बाद का तापमान दर्शाने वाला व्यंजक 8 + 4 × (−5) है। इसका मान 8 − 20 = −12 है, अर्थात तापमान −12°C होगा।
9. तीन ऐसी क्रमागत संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिनका गुणनफल (a) −6, (b) 120 हो।
उत्तर:
(a) −3, −2 और −1 क्रमागत हैं। इनका गुणनफल (−3) × (−2) × (−1) = 6 × (−1) = −6 है।
(b) 4, 5 और 6 क्रमागत हैं। इनका गुणनफल 4 × 5 × 6 = 20 × 6 = 120 है।
10. एक एलियन समाज ‘पिब्स (pibs)’ नामक एक विचित्र मुद्रा का उपयोग करता है जिसमें केवल दो मूल्यवर्ग के ही सिक्के हैं— एक +13 पिब्स का सिक्का और एक −9 पिब्स का सिक्का। आपके पास ऐसे कई सिक्के हैं। क्या इन दोनों सिक्कों से +85 पिब्स मूल्य वाली कोई वस्तु क्रय करना संभव है?
हाँ, हम +13 पिब्स के 10 सिक्के और −9 पिब्स के 5 सिक्के मिलाकर कुल +85 बना सकते हैं।
इन दोनों सिक्कों का उपयोग करके निम्नलिखित योगफल प्राप्त करने का प्रयास कीजिए—
(a) +20
(b) +40
(c) −50
(d) +8
(e) +10
(f) −2
(g) +1
[संकेत— 13 और 9 के कुछ गुणज लिखने से सहायता मिल सकती है।]
(h) क्या इन दोनों सिक्कों से 1568 पिब्स मूल्य वाली कोई वस्तु क्रय की जा सकती है?
उत्तर:
हाँ। 10 × 13 + 5 × (−9) = 130 − 45 = 85 पिब्स। इसी तरह हर बार +13 वाले सिक्कों का मूल्य जोड़कर उसमें से −9 वाले सिक्कों के लिए 9-9 घटाएँगे।
(a) 5 × 13 + 5 × (−9) = 65 − 45 = +20।
(b) 10 × 13 + 10 × (−9) = 130 − 90 = +40।
(c) 1 × 13 + 7 × (−9) = 13 − 63 = −50।
(d) 2 × 13 + 2 × (−9) = 26 − 18 = +8।
(e) 7 × 13 + 9 × (−9) = 91 − 81 = +10।
(f) 4 × 13 + 6 × (−9) = 52 − 54 = −2।
(g) 7 × 13 + 10 × (−9) = 91 − 90 = +1।
(h) हाँ। +13 के 122 सिक्कों का मूल्य 122 × 13 = 1586 पिब्स है। यह 1568 से 18 अधिक है। −9 के 2 सिक्के मिलाने पर 1586 − 18 = 1568 पिब्स हो जाएँगे।
11. निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए-
(a) (32 × (−18)) ÷ (−36)
(b) 32 ÷ ((−36) × (−18))
(c) (25 × (−12)) ÷ (45) × (−27))
(d) (280 × (−7)) ÷ ((−8) × (−35))
उत्तर:
(a) (32 × (−18)) ÷ (−36) = (−576) ÷ (−36) = 16।
(b) पहले कोष्ठक का गुणनफल (−36) × (−18) = 648 है। इसलिए 32 ÷ 648 = 32/648 = 4/81।
(c) इस व्यंजक के अंत में एक अतिरिक्त बंद कोष्ठक है। उसे हटाकर गुणा और भाग को बाएँ से दाएँ करने पर (−300) ÷ 45 × (−27) = (−20/3) × (−27) = 180 मिलता है। यदि 45 × (−27) को एक ही कोष्ठक में रखकर उसके गुणनफल से भाग देना है, तो मान (−300) ÷ (−1215) = 20/81 होगा।
(d) अंश का मान 280 × (−7) = −1960 है और भाजक का मान (−8) × (−35) = 280 है। अतः (−1960) ÷ 280 = −7।
12. नीचे दिए गए व्यंजकों को आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
(a) (−348) + (−1064)
(b) (−348) − (−1064)
(c) 348 − (−1064)
(d) (−348) × (−1064)
(e) 348 × (−1064)
(f) 348 × 964
उत्तर:
पहले हर व्यंजक का मान निकालते हैं।
(a) −348 − 1064 = −1412
(b) −348 + 1064 = 716
(c) 348 + 1064 = 1412
(d) (−348) × (−1064) = 370272
(e) 348 × (−1064) = −370272
(f) 348 × 964 = 335472
छोटे से बड़े मान का क्रम है −370272 < −1412 < 716 < 1412 < 335472 < 370272।
अतः व्यंजकों का आरोही क्रम (e), (a), (b), (c), (f), (d) है।
13. दिया गया है कि (−548) × 972 = −532656, तो निम्नलिखित के मान लिखिए-
(a) (−547) × 972
(b) (−548) × 971
(c) (−547) × 971
उत्तर:
(a) −547, −548 से 1 अधिक है। इसलिए 972 की एक और प्रति जुड़ेगी।
(−547) × 972 = −532656 + 972 = −531684।
(b) 971, 972 से 1 कम है। इसलिए −548 की एक प्रति कम होगी।
(−548) × 971 = −532656 − (−548) = −532108।
(c) भाग (b) में −548 की जगह −547 लेने पर 971 की एक प्रति और जुड़ती है।
(−547) × 971 = −532108 + 971 = −531137।
14. दिया गया है कि 207 × (−33 + 7) = −5382, तो (−207) × (33 − 7) का मान लिखिए।
उत्तर:
पहले व्यंजक में −33 + 7 = −26 है और दूसरे में 33 − 7 = 26 है। दोनों गुणकों के चिह्न बदल गए हैं, इसलिए गुणनफल वही रहेगा। अतः (−207) × (33 − 7) = −5382।
15. संख्याओं 3, −2, 5, −6 का केवल एक बार तथा संक्रियाओं ‘+’, ‘−’, व ‘×’ का केवल एक बार और कोष्ठकों का आवश्यकतानुसार उपयोग करके एक ऐसा व्यंजक लिखिए जिससे-
(a) अधिकतम संभव परिणाम प्राप्त हो
(b) न्यूनतम संभव परिणाम प्राप्त हो
उत्तर:
(a) −6 से गुणा करने के लिए बाकी तीन संख्याओं से −10 बना सकते हैं। व्यंजक है (−6) × ((−2) − (3 + 5)) = (−6) × (−10) = 60। अधिकतम परिणाम 60 है।
(b) इस बार बाकी तीन संख्याओं से 10 बनाते हैं। व्यंजक है (−6) × ((3 + 5) − (−2)) = (−6) × 10 = −60। न्यूनतम परिणाम −60 है।
16. पूर्णांकों का उपयोग करते हुए रिक्त स्थानों को कम से कम 5 भिन्न-भिन्न प्रकार से भरिए-
(a) □ + □ × □ = −36
(b) (□ − □) × □ = 12
(c) (□ − (□ − □)) = −1
उत्तर:
(a) पहले गुणा करेंगे और फिर पहली संख्या जोड़ेंगे। पाँच तरीके हैं—
0 + 6 × (−6) = −36
−6 + 5 × (−6) = −36
4 + 8 × (−5) = −36
−8 + 7 × (−4) = −36
6 + 7 × (−6) = −36
(b) कोष्ठक का अंतर ऐसा चुनते हैं कि तीसरी संख्या से गुणा करने पर 12 मिले।
(5 − 2) × 4 = 12
(−1 − (−4)) × 4 = 12
(1 − (−5)) × 2 = 12
(−2 − 1) × (−4) = 12
(2 − 8) × (−2) = 12
(c) अंदर के कोष्ठक का मान पहली संख्या से 1 अधिक रखने पर अंतर −1 होता है।
(1 − (4 − 2)) = −1
(2 − (6 − 3)) = −1
(−3 − (1 − 3)) = −1
(0 − (2 − 1)) = −1
(4 − (7 − 2)) = −1
पूर्णांकों के गुणा-भाग में चिह्नों की भूल से कैसे बचें
इस अध्याय में अधिकतर भूलें चिह्नों के कारण होती हैं। समान चिह्न वाले दो पूर्णांकों का गुणनफल या भागफल धनात्मक और विपरीत चिह्न वाले पूर्णांकों का परिणाम ऋणात्मक होता है — हर प्रश्न में यह नियम पहले लागू करें, फिर संख्याओं का गुणा या भाग करें। कई पूर्णांकों के गुणनफल में, यदि कोई गुणक शून्य न हो, तो ऋणात्मक संख्याएँ सम संख्या में होने पर उत्तर धनात्मक और विषम संख्या में होने पर ऋणात्मक होता है।
यह अध्याय कक्षा 6 के ‘शून्य के दूसरी ओर’ में सीखे पूर्णांकों को आगे बढ़ाता है और भाग 2 के अध्याय 7 ‘अज्ञात की खोज’ में समीकरण हल करते समय भी काम आता है। सभी अध्यायों के समाधान कक्षा 7 गणित एनसीईआरटी समाधान पृष्ठ पर क्रमवार उपलब्ध हैं।
