part-2-chapter-3

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 3 ‘सर्वनिष्ठ आधार की खोज’ के एनसीईआरटी समाधान – सभी प्रश्नों के हल विस्तार से सत्र 2026-27 के लिए यहाँ दिए गए हैं।कक्षा 7 गणित पाठ 3 के एनसीईआरटी समाधान हिंदी माध्यम में दिए गए हैं। समीक्षा के घर के फर्श पर एक जैसे वर्गाकार पत्थर लगाने की समस्या से आरंभ होकर यह अध्याय महत्तम समापवर्तक (म.स.प.) और लघुत्तम समापवर्त्य (ल.स.प.) की अवधारणा समझाता है।

एनसीईआरटी कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 3 समाधान

कक्षा 7 गणित भाग 2 अध्याय 3 में अभाज्य गुणनखंडन से किसी संख्या के सभी गुणनखंड ज्ञात करना और म.स.प. तथा ल.स.प. निकालने की विधियाँ सम्मिलित हैं। व्यावहारिक समस्याओं के हल सत्र 2026-27 की पुस्तक के अनुसार चरणबद्ध हैं।
कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 51 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 51 – पता लगाइए

निम्नलिखित संख्याओं के सभी गुणनखंडों की सूची बनाइए-

(a) 90
(b) 105
(c) 132
(d) 360 (इस संख्या के 24 गुणनखंड हैं)
(e) 840 (इस संख्या के 32 गुणनखंड हैं)

कुछ अभाज्य गुणनखंडनों का अवलोकन करने के पश्चात अंशु दावा करती है, “कोई संख्या जितनी बड़ी होगी, उसका अभाज्य गुणनखंडन उतना ही लंबा होगा।”
अंशु के दावे के संबंध में आपका क्या विचार है?
उत्तर:
पहले संख्या को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में लिखते हैं। इनमें से एक या अधिक गुणनखंड चुनकर गुणा करने पर उस संख्या के गुणनखंड मिलते हैं। 1 भी हर संख्या का गुणनखंड है।

(a) 90 = 2 × 3 × 3 × 5। जैसे, 2 × 3 = 6 और 3 × 3 × 5 = 45, इसलिए 6 और 45 दोनों 90 के गुणनखंड हैं।
90 के सभी गुणनखंड हैं— 1, 2, 3, 5, 6, 9, 10, 15, 18, 30, 45, 90।

(b) 105 = 3 × 5 × 7।
105 के गुणनखंड हैं— 1, 3, 5, 7, 15, 21, 35, 105।

(c) 132 = 2 × 2 × 3 × 11।
132 के गुणनखंड हैं— 1, 2, 3, 4, 6, 11, 12, 22, 33, 44, 66, 132।

(d) 360 = 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 5।
इसके 24 गुणनखंड हैं— 1, 2, 3, 4, 5, 6, 8, 9, 10, 12, 15, 18, 20, 24, 30, 36, 40, 45, 60, 72, 90, 120, 180, 360।

(e) 840 = 2 × 2 × 2 × 3 × 5 × 7।
इसके 32 गुणनखंड हैं— 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 10, 12, 14, 15, 20, 21, 24, 28, 30, 35, 40, 42, 56, 60, 70, 84, 105, 120, 140, 168, 210, 280, 420, 840।

अंशु का दावा हर संख्या के लिए सही नहीं है। उदाहरण के लिए, 96 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 3, जबकि 121 = 11 × 11। यहाँ 121 बड़ी संख्या है, फिर भी उसके गुणनखंडन में केवल दो अभाज्य गुणनखंड हैं, जबकि 96 में छह हैं।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 53 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 53 – पता लगाइए

निम्नलिखित संख्याओं का सार्व गुणनखंड तथा म.स.प. ज्ञात कीजिए-

(a) 50, 60
(b) 140, 275
(c) 77, 725
(d) 370, 592
(e) 81, 243
सभी गुणनखंडों की सूची बनाए बिना हम म.स.प. कैसे ज्ञात करते हैं?
उत्तर:
जो गुणनखंड दोनों संख्याओं में हों, वे उनके सार्व गुणनखंड हैं। इनमें सबसे बड़ा उनका महत्तम समापवर्तक (म.स.प.) है।

(a) 50 = 2 × 5 × 5 और 60 = 2 × 2 × 3 × 5।
दोनों में एक 2 और एक 5 है। अतः म.स.प. = 2 × 5 = 10। 10 के गुणनखंड 1, 2, 5 और 10 ही इनके सभी सार्व गुणनखंड हैं।

(b) 140 = 2 × 2 × 5 × 7 और 275 = 5 × 5 × 11।
दोनों में केवल एक 5 मिलता है। सार्व गुणनखंड 1 और 5 हैं। म.स.प. = 5।

(c) 77 = 7 × 11 और 725 = 5 × 5 × 29।
कोई भी अभाज्य गुणनखंड दोनों में नहीं है। इसलिए 1 ही इनका सार्व गुणनखंड है और म.स.प. = 1।

(d) 370 = 2 × 5 × 37 और 592 = 2 × 2 × 2 × 2 × 37।
दोनों में 2 और 37 मिलते हैं। इसलिए म.स.प. = 2 × 37 = 74। सार्व गुणनखंड 1, 2, 37 और 74 हैं।

(e) 81 = 3 × 3 × 3 × 3 और 243 = 3 × 3 × 3 × 3 × 3।
दोनों में चार बार 3 मिलता है। अतः म.स.प. = 3 × 3 × 3 × 3 = 81। सार्व गुणनखंड 1, 3, 9, 27 और 81 हैं।

सभी गुणनखंडों की सूची बनाए बिना म.स.प. निकालने के लिए दोनों संख्याओं के अभाज्य गुणनखंडन लिखते हैं। जो अभाज्य गुणनखंड दोनों में आता है, उसे दोनों में से कम बार गिनते हैं। जैसे, भाग (e) में 3 एक संख्या में चार बार और दूसरी में पाँच बार है, इसलिए हमने उसे चार बार लिया। इस तरह चुने गए गुणनखंडों का गुणनफल म.स.प. है। यदि कोई अभाज्य गुणनखंड दोनों में न मिले, तो म.स.प. 1 होता है।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 54 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 58 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 59 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 63 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:




म.स.प. और ल.स.प. के प्रश्न पहचानने का तरीका

शब्दों में दी गई समस्याओं में सबसे पहले यह पहचानें कि प्रश्न म.स.प. का है या ल.स.प. का। जब किसी वस्तु को बिना कुछ बचाए बड़े-से-बड़े बराबर भागों में बाँटना हो, तो प्रायः म.स.प. चाहिए; और जब कई घटनाओं के फिर से एक साथ होने का सबसे पहला समय पूछा जाए, तो ल.स.प.। दोनों के लिए अभाज्य गुणनखंडन साफ-साफ लिखें और उत्तर को मूल संख्याओं से जाँचें।

यह अध्याय कक्षा 6 के ‘अभाज्य समय’ में सीखे सार्व गुणजों और सार्व गुणनखंडों पर आधारित है, इसलिए आवश्यकता हो तो वह अध्याय एक बार दोहरा लें। भाग 1 और भाग 2 के अन्य अध्यायों के लिए कक्षा 7 गणित एनसीईआरटी समाधान पृष्ठ पर जाएँ।