एनसीईआरटी समाधान कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 ज्यामितीय युग्म

कक्षा 7 गणित भाग 2 अध्याय 1 ‘ज्यामितीय युग्म’ के एनसीईआरटी समाधान – अभ्यास के प्रश्नों के हल सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थी यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। कक्षा 7 गणित भाग 2 अध्याय 1 के एनसीईआरटी समाधान हिंदी माध्यम में दिए गए हैं। भाग 2 का यह पहला अध्याय सर्वांगसमता की अवधारणा समझाता है, अर्थात ऐसी आकृतियाँ जिनका आकार और आमाप दोनों समान हों और जो एक-दूसरे पर रखने पर पूरी तरह ढक जाएँ।

एनसीईआरटी कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 समाधान

कक्षा 7 गणित भाग 2 अध्याय 1 में त्रिभुजों की सर्वांगसमता के प्रतिबंध — भुजा-भुजा-भुजा, भुजा-कोण-भुजा, कोण-भुजा-कोण और कोण-कोण-भुजा — तथा समकोण त्रिभुज में कर्ण की भूमिका सम्मिलित है। प्रश्नों के हल सत्र 2026-27 के अनुसार कारण सहित हैं।
कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 3 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 3 – पता लगाइए

1. जाँच कीजिए कि क्या दोनों आकृतियाँ सर्वांगसम हैं।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 3 पता लगाइए के प्रश्न 1 का चित्र

उत्तर:
दोनों आकृतियाँ सर्वांगसम नहीं हैं। पहली आकृति में दोनों भुजाओं के बीच लगभग 90° का कोण है, जबकि दूसरी में यह कोण छोटा है। यदि हम एक आकृति का कोना और एक भुजा दूसरी आकृति पर मिलाएँ, तो उनकी दूसरी भुजाएँ एक-दूसरे पर नहीं आएँगी।

2. उन युग्मों पर गोला लगाइए जो सर्वांगसम प्रतीत होते हैं।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 3 पता लगाइए के प्रश्न 2 का चित्र

उत्तर:
मैंने ऊपर बाईं ओर बूँद जैसी आकृतियों के युग्म और नीचे दाईं ओर पत्तियों के युग्म पर गोला लगाया है।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 3 पता लगाइए के प्रश्न 2 के उत्तर का चित्र

बूँद जैसी आकृति को घुमाने पर और पत्तियों वाली आकृति को पलटकर मिलाने पर उनकी रूपरेखाएँ एक-दूसरे को ढकती हैं। बादल जैसी और नुकीली आकृतियों के युग्मों में एक आकृति दूसरी से बड़ी है।

3. दी गई आकृतियों की सर्वांगसम आकृतियाँ बनाने के लिए आप कौन-से मापों का प्रयोग करेंगे—

(a) वृत्त
(b) आयत
इन मापों का प्रयोग करते हुए बताइए कि आप किस प्रकार जाँचेंगे कि दो—
(a) वृत्त सर्वांगसम हैं?
(b) आयत सर्वांगसम हैं?
उत्तर:
(a) वृत्त के लिए उसकी त्रिज्या मापेंगे। परकार को उतना ही खोलकर दूसरा वृत्त बना सकते हैं। दो वृत्तों की त्रिज्याएँ बराबर हैं, तो उनके केंद्र मिलाने पर दोनों वृत्त एक-दूसरे को पूरी तरह ढक लेंगे। इसलिए वे सर्वांगसम हैं।
(b) आयत के लिए उसकी लंबाई और चौड़ाई मापेंगे। इन्हीं मापों से चार समकोण बनाकर दूसरा आयत बनाएँगे। दो आयतों की लंबाइयाँ आपस में बराबर और चौड़ाइयाँ भी आपस में बराबर हों, तो वे सर्वांगसम हैं। आयत घुमाकर रखा हो, तब भी संगत भुजाओं के माप यही रहेंगे।

4. हम किस प्रकार जाँचेंगे कि नीचे दी गई आकृति के समान क्या दो आकृतियाँ सर्वांगसम हैं?

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 3 पता लगाइए के प्रश्न 4 का चित्र

इस आकृति का उपयोग यह ज्ञात करने में कीजिए कि क्या आगे दिए गए प्रत्येक युग्म में आकृतियाँ सर्वांगसम हैं।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 3 पता लगाइए के प्रश्न 4 Pairs का चित्र

उत्तर:
हम पहली आकृति को अनुरेखण कागज पर उतारते हैं। फिर उसे दूसरी आकृति पर इस तरह रखते हैं कि रेखाओं के मिलने वाले बिंदु और सीधी रेखा की दिशा मिल जाएँ। अब देखते हैं कि तिरछी शाखा और तीनों सिरे भी मिलते हैं या नहीं।
मापकर भी जाँच सकते हैं। मिलने वाले बिंदु से तीनों सिरों तक की लंबाइयाँ मिलाएँगे। फिर देखेंगे कि तिरछी शाखा का सीधी रेखा की संगत भुजा के साथ बना कोण भी बराबर है या नहीं।
ऊपर के युग्म में दोनों आकृतियों की सभी रेखाएँ और सिरे मिलते हैं। इसलिए वे सर्वांगसम हैं। नीचे के युग्म में भी रेखाएँ और सिरे पूरी तरह मिलते हैं, इसलिए ये दोनों आकृतियाँ भी सर्वांगसम हैं।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 8 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 8 – पता लगाइए

1. मान लीजिए △HEN, △BIG के सर्वांगसम है। इस सर्वांगसमता को दर्शाने के अन्य सभी सही प्रकारों की सूची बनाइए।

उत्तर:
△HEN ≅ △BIG में H का संगत शीर्ष B, E का I और N का G है। एक त्रिभुज के शीर्षों का क्रम बदलने पर दूसरे में भी संगत शीर्ष उसी क्रम में लिखेंगे। दिए गए कथन के अलावा ये पाँच क्रम मिलते हैं—
△HNE ≅ △BGI
△EHN ≅ △IBG
△ENH ≅ △IGB
△NHE ≅ △GBI
△NEH ≅ △GIB
दोनों त्रिभुजों को बाईं और दाईं ओर बदलकर भी यही सर्वांगसमता लिख सकते हैं—
△BIG ≅ △HEN, △BGI ≅ △HNE, △IBG ≅ △EHN,
△IGB ≅ △ENH, △GBI ≅ △NHE, △GIB ≅ △NEH।

2. पता लगाइए कि क्या दिए गए त्रिभुज सर्वांगसम हैं। यदि हाँ, तो सर्वांगसमता को दर्शाइए।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 8 पता लगाइए के प्रश्न 2 का चित्र

उत्तर:
हाँ। दोनों त्रिभुजों में RE = JA = 3.5 से.मी., ED = AM = 5 से.मी. और RD = JM = 6 से.मी. हैं। तीनों संगत भुजाओं की लंबाइयाँ बराबर हैं। इसलिए भुजा-भुजा-भुजा नियम से △RED ≅ △JAM।




3. नीचे दी गई आकृति में AB = AD और CB = CD है।

क्या आप सर्वांगसम त्रिभुजों के किसी युग्म की पहचान कर सकते हैं? यदि हाँ, तो व्याख्या कीजिए कि वे सर्वांगसम क्यों हैं।
क्या AC, ∠BAD व ∠BCD को दो बराबर भागों में बाँटती है? कारण बताइए।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 8 पता लगाइए के प्रश्न 3 का चित्र

उत्तर:
△ABC और △ADC में AB = AD और BC = DC हैं। तीसरी भुजा AC दोनों त्रिभुजों की साझा भुजा है। इसलिए भुजा-भुजा-भुजा नियम से △ABC ≅ △ADC।
हाँ, AC दोनों कोणों को बराबर बाँटती है। सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत कोण बराबर हैं। इसलिए A पर ∠BAC = ∠CAD और C पर ∠BCA = ∠ACD है।

4. क्या नीचे दिए गए चित्र में △DFE और △GED एक-दूसरे के सर्वांगसम हैं? दिया गया है कि DF = DG और FE = GE है।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 8 पता लगाइए के प्रश्न 4 का चित्र

उत्तर:
हाँ। DF के बराबर DG है और FE के बराबर GE है। DE दोनों त्रिभुजों की साझा भुजा है। इसलिए भुजा-भुजा-भुजा नियम से दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हैं।
यहाँ D का संगत शीर्ष D है, F का G और E का E। इसलिए शीर्षों के संगत क्रम में हम △DFE ≅ △DGE लिखेंगे।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 13 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 13 – पता लगाइए

1. जाँच कीजिए कि क्या नीचे दिए गए त्रिभुज सर्वांगसम हैं। दोनों त्रिभुजों में सर्वांगसमता स्थापित करने के लिए आपने कौन-से प्रतिबंध का उपयोग किया? सर्वांगसमता को दर्शाइए।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 13 पता लगाइए के प्रश्न 1 का चित्र

उत्तर:
हाँ। चित्र में AB = XZ = 7 से.मी. और BC = ZY = 5 से.मी. हैं। इन भुजाओं के बीच के कोण भी बराबर हैं, क्योंकि ∠ABC = ∠XZY = 47°।
इसलिए भुजा-कोण-भुजा (SAS) प्रतिबंध से दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हैं। B का संगत शीर्ष Z है, A का X और C का Y।
अतः △ABC ≅ △XZY।

2. आगे दी गई आकृति में दिया गया है कि CD व AB समानांतर हैं और AB = CD है, इस आकृति में कौन-से अन्य भाग समान हैं? (संकेत—जब रेखाएँ समानांतर हों तो एकांतर कोण समान होते हैं। क्या दोनों परिणामी त्रिभुज सर्वांगसम हैं? यदि ऐसा है, तो सर्वांगसमता को व्यक्त कीजिए।)

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 13 पता लगाइए के प्रश्न 2 का चित्र

उत्तर:
AB और CD समानांतर हैं। इन्हें AC काटती है, इसलिए एकांतर कोण ∠BAO और ∠DCO बराबर हैं।
इसी तरह BD के कारण ∠ABO = ∠CDO है।
इन कोणों के बीच की भुजाएँ AB और CD भी बराबर हैं।
इसलिए कोण-भुजा-कोण (ASA) प्रतिबंध से △ABO ≅ △CDO।
संगत भुजाएँ बराबर होने से AO = CO और BO = DO हैं। O पर बने कोण ∠AOB और ∠COD भी बराबर हैं।
ये शीर्षाभिमुख कोण हैं।

3. नीचे दी गई आकृति के लिए दिया गया है कि ∠ABC = ∠DBC और ∠ACB = ∠DCB है। दर्शाइए कि ∠BAC = ∠BDC है। क्या दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हैं?

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 13 पता लगाइए के प्रश्न 3 का चित्र

उत्तर:
दोनों त्रिभुजों में B के कोण बराबर हैं और C के कोण भी बराबर हैं। हर त्रिभुज में तीनों कोणों का योग 180° होता है। इसलिए बराबर कोणों के योग को 180° से घटाने पर तीसरे कोण भी बराबर मिलते हैं। अतः ∠BAC = ∠BDC।
अब BC दोनों त्रिभुजों की साझा भुजा है और यह B तथा C के बराबर कोणों के बीच है। इसलिए कोण-भुजा-कोण (ASA) प्रतिबंध से △ABC ≅ △DBC।




4. नीचे दी गई आकृति में समान भागों की पहचान कीजिए। दिया गया है कि ∠ABD = ∠DCA और ∠ACB = ∠DBC है।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 13 पता लगाइए के प्रश्न 4 का चित्र

उत्तर:
B पर BD, ∠ABC को दो भागों में बाँटती है। इसी तरह C पर CA, ∠DCB को दो भागों में बाँटती है।
∠ABC = ∠ABD + ∠DBC
∠DCB = ∠DCA + ∠ACB
दिए गए कोणों के जोड़े बराबर हैं। इसलिए दोनों योग बराबर हैं, अर्थात् ∠ABC = ∠DCB।
अब ∠ACB = ∠DBC भी है और BC दोनों त्रिभुजों की साझा भुजा है। अतः कोण-भुजा-कोण (ASA) प्रतिबंध से △ABC ≅ △DCB।
इससे संगत भुजाएँ AB = DC और AC = DB मिलती हैं। तीसरे कोण भी बराबर हैं, अर्थात् ∠BAC = ∠CDB।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 20 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 20 – पता लगाइए

1. △AIR ≅ △FLY है। संगत शीर्षों, भुजाओं व कोणों को पहचानिए।

उत्तर:
दोनों त्रिभुजों के नामों में एक ही स्थान पर आए अक्षर संगत शीर्ष बताते हैं।
संगत शीर्ष हैं— A और F, I और L, R और Y।
संगत भुजाएँ हैं— AI = FL, IR = LY और RA = YF।
संगत कोण हैं— ∠RAI = ∠YFL, ∠AIR = ∠FLY और ∠IRA = ∠LYF।

2. नीचे दी गई प्रत्येक स्थिति में दो त्रिभुजों की कुछ माप दी गई हैं। उन युग्मों की पहचान कीजिए, जिनमें त्रिभुज एक-दूसरे के सर्वांगसम हैं एवं इसका कारण भी बताइए। यदि त्रिभुज सर्वांगसम हैं तो उनकी सर्वांगसमता को दर्शाइए।

(a) AB = DE, BC = EF, CA = DF
(b) AB = EF, ∠A = ∠E, AC = ED
(c) AB = DF, ∠B = ∠D = 90°, AC = FE
(d) ∠A = ∠D, ∠B = ∠E, AC = DF
(e) AB = DF, ∠B = ∠F, AC = DE
उत्तर:
(a) तीनों संगत भुजाएँ बराबर हैं। AB और BC जहाँ मिलती हैं, वह शीर्ष B है। उनकी संगत भुजाएँ DE और EF शीर्ष E पर मिलती हैं। इस प्रकार A, B, C के संगत शीर्ष D, E, F हैं। अतः SSS (भुजा-भुजा-भुजा) से △ABC ≅ △DEF।

(b) AB और AC के बीच ∠A है। उनकी संगत भुजाओं EF और ED के बीच ∠E है। दोनों संगत भुजाएँ और उनके बीच के कोण बराबर हैं। अतः SAS (भुजा-कोण-भुजा) से △ABC ≅ △EFD।

(c) ∠B और ∠D समकोण हैं। इनके सामने के कर्ण AC और FE बराबर हैं। साथ ही AB = DF है। इसलिए RHS (समकोण-कर्ण-भुजा) से △ABC ≅ △FDE।

(d) ∠A = ∠D और ∠B = ∠E हैं। AC = DF भी है। ये भुजाएँ दिए गए दोनों कोणों के बीच नहीं हैं। इसलिए AAS (कोण-कोण-भुजा) से △ABC ≅ △DEF।

(e) AB और AC के बीच ∠A है और DF और DE के बीच ∠D है। यहाँ ∠B = ∠F दिया गया है। ये कोण उन भुजाओं के बीच नहीं हैं, इसलिए SAS का प्रयोग नहीं कर सकते। दी हुई मापों से त्रिभुजों की सर्वांगसमता निश्चित नहीं होती।

3. दिया गया है कि OB = OC और OA = OD है। प्रदर्शित कीजिए कि AB, CD के समानांतर है। [संकेत— इन दो रेखाओं के लिए AD एक तिर्यक प्रतिच्छेदी रेखा है। क्या कोई बराबर एकांतर कोण है?]

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 20 पता लगाइए के प्रश्न 3 का चित्र

उत्तर:
△AOB और △DOC में OA = OD और OB = OC हैं। AD और BC एक-दूसरे को O पर काटती हैं, इसलिए ∠AOB = ∠DOC। ये शीर्षाभिमुख कोण हैं।
इस तरह दो संगत भुजाएँ और उनके बीच के कोण बराबर हैं। अतः SAS से △AOB ≅ △DOC।
इनके संगत कोण ∠BAO और ∠CDO बराबर हैं। ये AD के साथ बने एकांतर कोण हैं। एकांतर कोण बराबर हैं, इसलिए AB ∥ CD।




4. ABCD एक वर्ग है। दर्शाइए कि △ABC ≅ △ADC है। क्या △ABC, △CDA के सर्वांगसम भी है?

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 20 पता लगाइए के प्रश्न 4 का चित्र

ऐसे दो त्रिभुजों के कुछ अन्य उदाहरण दीजिए जहाँ एक त्रिभुज दो भिन्न प्रकारों से दूसरे त्रिभुज के सर्वांगसम हो, जैसा कि ऊपर दी गई स्थिति में है। क्या आप दो त्रिभुजों का एक ऐसा उदाहरण दे सकते हैं जहाँ एक त्रिभुज छह भिन्न प्रकारों से दूसरे त्रिभुज के सर्वांगसम हो?
उत्तर:
वर्ग की चारों भुजाएँ बराबर हैं और दोनों त्रिभुजों में AC एक ही विकर्ण है।
पहले क्रम में AB = AD, BC = DC और AC = AC। इसलिए SSS से △ABC ≅ △ADC।
दूसरे क्रम में AB = CD, BC = DA और AC = CA। इसलिए SSS से △ABC ≅ △CDA भी है। इस बार A का मिलान C से और C का मिलान A से हुआ है।

दो तरह के मिलान देखने के लिए दो समद्विबाहु त्रिभुज PQR और XYZ लेते हैं। दोनों में बराबर भुजाएँ 5 से.मी. की और आधार 6 से.मी. का है। शीर्ष P का मिलान X से होगा। आधार के सिरों Q और R का मिलान Y और Z से किसी भी क्रम में हो सकता है। इसलिए △PQR ≅ △XYZ और △PQR ≅ △XZY। इसी तरह 3, 3 और 4 से.मी. की भुजाओं वाले दो त्रिभुजों में भी आधार के सिरों का मिलान दो तरह से हो सकता है।

छह तरह के मिलान के लिए दो समबाहु त्रिभुज LMN और RST लेते हैं, जिनकी हर भुजा 4 से.मी. है। L के लिए तीन शीर्षों में से कोई एक चुन सकते हैं। फिर M के लिए दो शीर्ष बचते हैं और N के लिए एक। इस तरह 3 × 2 × 1 = 6 मिलान हैं। △LMN इन छहों क्रमों में सर्वांगसम है— △RST, △RTS, △SRT, △STR, △TRS और △TSR।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 20 पता लगाइए के प्रश्न 4 के उत्तर का चित्र

5. यदि A वृत्त का केंद्र हो तो ∠B व ∠C ज्ञात कीजिए।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 20 पता लगाइए के प्रश्न 5 का चित्र

उत्तर:
AB और AC एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं, इसलिए AB = AC। इनके सामने के कोण बराबर हैं, अर्थात् ∠B = ∠C।
चित्र में ∠A = 120° है। इसलिए ∠B + ∠C = 180° − 120° = 60°।
दोनों कोण बराबर हैं, इसलिए ∠B = ∠C = 60° ÷ 2 = 30°।

6. नीचे दिए गए चित्र में अज्ञात कोणों को ज्ञात कीजिए। हम जिस परिपाटी का अनुसरण करते आ रहे हैं उसके अनुसार सभी रेखाखंड जिन्हें एकबार ‘|’ से चिह्नित किया गया है, वे एक-दूसरे के समान हैं एवं वे सभी रेखाखंड जिन्हें दो बार ‘|’ से चिह्नित किया गया है वे एक-दूसरे के समान हैं इत्यादि।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 20 पता लगाइए के प्रश्न 6 का चित्र

उत्तर:
भीतर के चार बिंदुओं को P, Q, S और T नाम देते हैं। बराबर भुजाओं के सामने बराबर कोण होते हैं। पहले पास-पास के कोणों और चिह्नों से मान निकालते हैं। नीचे हर त्रिभुज के तीन कोण उसके नाम में लिखे शीर्षों के क्रम में दिए गए हैं। अंत में सभी चिह्नों को एक साथ जाँचेंगे।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 20 पता लगाइए के प्रश्न 6 के उत्तर का चित्र

पहले बाईं ओर के समद्विबाहु त्रिभुज लेते हैं।
• △CRU में CR = CU और ∠C = 90° है। इसलिए R और U पर (180° − 90°) ÷ 2 = 45° है। कोण हैं (90°, 45°, 45°)।
• △UPQ में UP = UQ और ∠U = 34° है। P और Q पर (180° − 34°) ÷ 2 = 73° है। कोण हैं (34°, 73°, 73°)।
• △AUQ में UA = UQ है। इसलिए A और Q पर 56° है और U पर 180° − 2 × 56° = 68° है। कोण हैं (56°, 68°, 56°)।

अब ऊपर और बीच के कोण निकालते हैं।
• △RVS में RV = VS और ∠V = 68° है। इसलिए R और S पर 56° है। कोण हैं (56°, 68°, 56°)।
• △URP में U पर सीधी रेखा CA से ∠RUP = 180° − 45° − 34° − 68° = 33° मिलता है। R पर सीधी रेखा CV से ∠URP = 180° − 45° − 34° − 56° = 45° मिलता है। तीसरा कोण 102° है। अतः कोण हैं (33°, 45°, 102°)।
• △RPS में R पर 34° और S पर 44° है। P पर 180° − 34° − 44° = 102° है। कोण हैं (34°, 102°, 44°)।
• △PSQ में P के चारों ओर कोणों का योग 360° है। इसलिए ∠SPQ = 360° − 73° − 102° − 102° = 83°। S पर 46° दिया है, इसलिए Q पर 180° − 83° − 46° = 51° है। कोण हैं (83°, 46°, 51°)।
• △QST में S पर 90° और T पर 56° है। इसलिए Q पर 34° है। कोण हैं (34°, 90°, 56°)।

दाईं ओर के कोण इस प्रकार मिलते हैं।
• △VDS में ∠SVD = 180° − 68° = 112°। VS = VD होने से D और S पर (180° − 112°) ÷ 2 = 34° है। कोण हैं (112°, 34°, 34°)।
• △SDF में D पर बाहरी आकृति का कोना 90° है। यह इसलिए है कि A, B और C पर भी समकोण हैं। अतः ∠SDF = 90° − 34° = 56°। F पर 98° है, इसलिए S पर 26° है। कोण हैं (26°, 56°, 98°)।
• △TFB में तीनों भुजाओं पर दो-दो चिह्न हैं। यह समबाहु त्रिभुज है, इसलिए इसके कोण (60°, 60°, 60°) हैं।
• △SFT में ∠SFT = 180° − 98° − 60° = 22°, क्योंकि D, F और B एक सीधी रेखा पर हैं। इसी तरह Q, S और D एक सीधी रेखा पर हैं। ∠QST = 90° होने से ∠TSD भी 90° है। इसलिए ∠TSF = 90° − 26° = 64°। T पर बचा कोण 94° है। अतः कोण हैं (64°, 22°, 94°)।

अंत में नीचे के त्रिभुज लेते हैं।
• △TLB में L पर 90° है। B पर ∠LBT = 90° − 60° = 30° है। इसलिए T पर 60° है। कोण हैं (60°, 90°, 30°)।
• KL = LB, TL साझा भुजा है और L पर दोनों कोण 90° हैं। इसलिए △KLT ≅ △BLT (भुजा-कोण-भुजा)। अतः △KLT के कोण (30°, 90°, 60°) हैं।
• △AQK में A पर 34° और Q पर 44° है। इसलिए K पर 180° − 34° − 44° = 102° है। कोण हैं (34°, 44°, 102°)।
• △QKT में सीधी रेखा AKL पर ∠QKT = 180° − 102° − 30° = 48°। T पर 30° है, इसलिए Q पर 180° − 48° − 30° = 102° है। कोण हैं (102°, 48°, 30°)।

सभी चिह्नों को एक साथ जाँचने पर एक बात मेल नहीं खाती।
∠PRV = ∠PRS + ∠SRV = 34° + 56° = 90°। इसलिए RP और CU दोनों ऊपर की रेखा CD पर लंब हैं। U से RP पर लंब खींचकर उसके मिलने के बिंदु को E कहते हैं। सहायक चित्र में पहले P और E को अलग मानकर देखते हैं।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 1 पेज 20 पता लगाइए के प्रश्न 6 Check का चित्र

अब CREU एक आयत है, इसलिए UE = CR। एक जैसे चिह्नों के अनुसार UP भी CR के बराबर है। इससे UP = UE मिलता है। यदि P और E अलग हों, तो △UEP में E का कोण 90° होगा। बराबर भुजाओं UP और UE के सामने P का कोण भी 90° होना चाहिए। एक त्रिभुज में दो समकोण नहीं हो सकते। इसलिए P को E पर ही होना पड़ेगा।
तब UP और UA के बीच का कोण 90° होगा। लेकिन बाईं ओर दिए कोणों से ∠PUA = ∠PUQ + ∠QUA = 34° + 68° = 102° मिलता है। एक ही कोण के ये दो मान अलग हैं। इसलिए छोटे त्रिभुजों के कोण निकालने पर भी, सभी चिह्नों के अनुसार पूरी आकृति ठीक माप से नहीं बनाई जा सकती।




सर्वांगसमता के प्रश्नों में सही प्रतिबंध कैसे चुनें

दो त्रिभुजों की सर्वांगसमता दिखाने से पहले चित्र पर बराबर भुजाओं और बराबर कोणों को एक जैसे चिह्नों से अंकित करें, फिर देखें कि कौन-सा प्रतिबंध लागू होता है। भुजा-कोण-भुजा प्रतिबंध में कोण का दोनों भुजाओं के बीच होना आवश्यक है — यही बात सबसे अधिक छूटती है। उत्तर में दोनों त्रिभुजों के संगत शीर्षों को सही क्रम में लिखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

सर्वांगसमता की यही समझ भाग 2 के अध्याय 6 ‘रचना और टाइलिंग’ में कोण समद्विभाजक जैसी रचनाओं को सही सिद्ध करने में काम आती है। भाग 1 के त्रिभुज वाले अध्याय सहित सभी अध्यायों के प्रश्न-उत्तर के लिए कक्षा 7 गणित एनसीईआरटी समाधान पृष्ठ देखें।