एनसीईआरटी समाधान कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 7 तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं की एक कथा

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 7 ‘तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं की एक कथा’ के एनसीईआरटी समाधान – सभी प्रश्नों के हल सत्र 2026-27 के लिए यहाँ दिए गए हैं। यह अध्याय त्रिभुज की कहानी है, जिसमें समबाहु, समद्विबाहु और विषमबाहु त्रिभुजों के साथ यह समझाया गया है कि किन भुजाओं से त्रिभुज बन सकता है।

एनसीईआरटी कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 7 समाधान

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 7 ‘तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं की एक कथा’ के एनसीईआरटी समाधान हिंदी माध्यम में दिए गए हैं। इसमें दी गई भुजाओं तथा कोणों से त्रिभुज की रचना, त्रिभुज असमिका, शीर्षलंब और त्रिभुज के कोणों का योग सम्मिलित है। रचना और तर्क वाले प्रश्नों के हल सत्र 2026-27 के अनुसार चरणबद्ध हैं।
कक्षा 7 गणित प्रकाश के पेज 150 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 150 – पता लगाइए

1. समद्विबाहु त्रिभुज को बनाने के लिए दिए गए वृत्त पर स्थित बिंदुओं या केंद्र बिंदु का उपयोग करें।

कक्षा 7 गणित प्रकाश अध्याय 7 पेज 150 पता लगाइए के प्रश्न 1 का चित्र

उत्तर:
मैंने वृत्त के केंद्र को O नाम दिया। वृत्त पर दो बिंदु A और B ऐसे चुने कि A, O और B एक सीधी रेखा पर न हों। फिर OA, OB और AB खींचे।
OA और OB एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं, इसलिए OA = OB। इस तरह दो बराबर भुजाओं वाला समद्विबाहु त्रिभुज OAB बन गया।

कक्षा 7 गणित प्रकाश अध्याय 7 पेज 150 पता लगाइए के प्रश्न 1 के उत्तर का चित्र

2. समद्विबाहु और समबाहु त्रिभुजों को बनाने के लिए दिए गए वृत्तों या केंद्रों पर स्थित बिंदुओं का उपयोग कीजिए। ये सभी वृत्त समान मापों के हैं।

कक्षा 7 गणित प्रकाश अध्याय 7 पेज 150 पता लगाइए के प्रश्न 2 का चित्र

उत्तर:
पहले चित्र में दोनों वृत्त ऊपर P और नीचे Q पर मिलते हैं।
(i) A, P और Q को मिलाने पर △APQ बनता है। AP और AQ केंद्र A वाले वृत्त की त्रिज्याएँ हैं, इसलिए AP = AQ। यह समद्विबाहु त्रिभुज है।

(ii) A, B और P को मिलाने पर △ABP बनता है। B और P केंद्र A वाले वृत्त पर हैं, इसलिए AB = AP। BP दूसरे वृत्त की त्रिज्या है और दोनों वृत्त बराबर हैं। इसलिए AB = AP = BP। यह समबाहु त्रिभुज है।

दूसरे चित्र में A, B और C तीन बराबर वृत्तों के केंद्र हैं।
(iii) केंद्र A और C वाले वृत्त B के अलावा एक और बिंदु पर मिलते हैं। उसे D नाम देकर A, B और D को मिलाते हैं। AB और AD केंद्र A वाले वृत्त की त्रिज्याएँ हैं। इसलिए △ABD समद्विबाहु है।

(iv) तीनों केंद्रों को मिलाने पर △ABC बनता है। हर केंद्र दूसरे दोनों वृत्तों पर है, इसलिए AB, BC और CA बराबर त्रिज्याएँ हैं। अतः △ABC समबाहु है।

कक्षा 7 गणित प्रकाश अध्याय 7 पेज 150 पता लगाइए के प्रश्न 2 के उत्तर का चित्र

कक्षा 7 गणित प्रकाश के पेज 154 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 154 – पता लगाइए

1. हमने रचना द्वारा जाँच की है कि भुजाओं की लंबाइयाँ 3 से.मी., 4 से.मी. और 8 से.मी. तथा 2 से.मी., 3 से.मी. और 6 से.मी. वाले त्रिभुज बनाने संभव नहीं हैं। जाँच कीजिए कि क्या आप त्रिभुज की रचना किए बिना इस तथ्य का पता लगा सकते थे?

उत्तर:
हाँ। त्रिभुज में किसी भी दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा होना चाहिए। यहाँ दोनों छोटी भुजाओं को जोड़कर सबसे लंबी भुजा से तुलना करते हैं।
पहले समूह में 3 + 4 = 7 से.मी., जो 8 से.मी. से कम है।
दूसरे समूह में 2 + 3 = 5 से.मी., जो 6 से.मी. से कम है।
दोनों समूहों में छोटी भुजाएँ मिलकर भी सबसे लंबी भुजा के दोनों सिरों को नहीं जोड़ सकतीं। इसलिए इनमें से किसी भी समूह से त्रिभुज नहीं बन सकता।

2. क्या हम लंबाइयों के निम्नलिखित समूहों में से प्रत्येक के लिए एक त्रिभुज के अस्तित्व के बारे में बता सकते हैं?

(a) 10 कि.मी., 10 कि.मी. और 25 कि.मी.
(b) 5 मि.मी., 10 मि.मी. और 20 मि.मी.
(c) 12 से.मी., 20 से.मी. और 40 से.मी.
उत्तर:
(a) 10 + 10 = 20 कि.मी. < 25 कि.मी.। इसलिए त्रिभुज नहीं बनेगा।
(b) 5 + 10 = 15 मि.मी. < 20 मि.मी.। इसलिए त्रिभुज नहीं बनेगा।
(c) 12 + 20 = 32 से.मी. < 40 से.मी.। इसलिए त्रिभुज नहीं बनेगा।
तीनों समूहों में सबसे लंबी भुजा बाकी दो भुजाओं के योग से बड़ी है।

3. अभी तक देखी गई लंबाइयों के प्रत्येक समूह में आपने इस ओर अवश्य ही ध्यान दिया होगा कि न्यूनतम दो तुलनाओं में एक सीधी लंबाई अन्य दो लंबाइयों के योग से कम थी (यदि नहीं तो पुनः जाँच कीजिए)। उदाहरणार्थ, 10 से.मी., 15 से.मी. और 30 से.मी. की लंबाइयों के समूह के लिए ऐसा घटित होने वाली दो तुलनाएँ ये हैं-

10 < 15 + 30
15 < 10 + 30 परंतु यह बात तीसरी लंबाई के लिए घटित नहीं होती है — 30 > 10 + 15 है।
क्या ऐसा सदैव होगा? अर्थात लंबाइयों के किसी भी समूह के लिए न्यूनतम दो तुलनाएँ होंगी जिनमें एक लंबाई अन्य दो लंबाइयों के योग से कम होगी? लंबाइयों के भिन्न-भिन्न समूहों के लिए इसका पता लगाइए।
आगे लंबाइयों के एक दिए हुए समूह के लिए क्या बिना किसी परिकलन के इसकी तुरंत पहचान करना संभव है कि कौन-सी लंबाई अन्य दोनों लंबाइयों के योग से कम है?
(संकेत—बढ़ते क्रम में सीधी लंबाइयों पर विचार कीजिए।)
भुजाओं की तीन लंबाइयाँ प्राप्त करने पर हमें एक त्रिभुज के अस्तित्व की जाँच करने के लिए किसकी तुलना करने की आवश्यकता है?
उत्तर:
हाँ, कम से कम दो तुलनाएँ हमेशा सही होती हैं। जैसे, 3, 4, 5 में 3 < 4 + 5 और 4 < 3 + 5 है। तीसरी तुलना 5 < 3 + 4 भी सही है। लेकिन 10, 15, 30 में पहली दो तुलनाएँ सही हैं और तीसरी सही नहीं है।
इसे समझने के लिए तीनों लंबाइयाँ छोटे से बड़े क्रम में रखें। पहली लंबाई बाकी दोनों के योग से छोटी है। दूसरी लंबाई भी उस योग से छोटी है जिसमें सबसे लंबी भुजा के साथ पहली भुजा जोड़ी गई है। इसलिए पहली दो तुलनाओं के लिए गणना करने की ज़रूरत नहीं है।
बस सबसे लंबी भुजा की तुलना बाकी दोनों के योग से करनी है। यदि यह योग सबसे लंबी भुजा से बड़ा है, तो त्रिभुज बनेगा। यदि योग बराबर है, जैसे 2 + 3 = 5, तो तीनों बिंदु एक सीधी रेखा पर होंगे। यदि योग छोटा है, तो छोटी भुजाएँ मिल ही नहीं पाएँगी। इन दोनों स्थितियों में त्रिभुज नहीं बनेगा।




कक्षा 7 गणित प्रकाश के पेज 156 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 156 – पता लगाइए

1. निम्नलिखित में से कौन-सी लंबाइयाँ एक त्रिभुज की भुजाओं की लंबाइयाँ हो सकती हैं? अपने उत्तरों को स्पष्ट कीजिए। ध्यान दीजिए कि प्रत्येक समूह में तीनों लंबाइयों के मापन की इकाई समान है।

(a) 2, 2, 5
(b) 3, 4, 6
(c) 2, 4, 8
(d) 5, 5, 8
(e) 10, 20, 25
(f) 10, 20, 35
(g) 24, 26, 28
उत्तर:
त्रिभुज बनने के लिए दो छोटी भुजाओं का योग सबसे बड़ी भुजा से अधिक होना चाहिए। यदि योग उसके बराबर हो, तो तीनों बिंदु एक सीधी रेखा पर होंगे। यदि योग उससे कम हो, तो दोनों छोटी भुजाएँ मिल ही नहीं पाएँगी।
(a) 2 + 2 = 4 < 5। त्रिभुज नहीं बन सकता। (b) 3 + 4 = 7 > 6। त्रिभुज बन सकता है।
(c) 2 + 4 = 6 < 8। त्रिभुज नहीं बन सकता। (d) 5 + 5 = 10 > 8। त्रिभुज बन सकता है।
(e) 10 + 20 = 30 > 25। त्रिभुज बन सकता है।
(f) 10 + 20 = 30 < 35। त्रिभुज नहीं बन सकता। (g) 24 + 26 = 50 > 28। त्रिभुज बन सकता है।
अतः (b), (d), (e) और (g) की लंबाइयाँ त्रिभुज की भुजाएँ हो सकती हैं।

कक्षा 7 गणित प्रकाश के पेज 159 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 159 – पता लगाइए

1. जाँच कीजिए कि निम्नलिखित लंबाइयों के प्रत्येक समूह के लिए एक त्रिभुज का अस्तित्व है या नहीं (लंबाइयाँ समान इकाई में हैं)-

(a) 1, 100, 100
(b) 3, 6, 9
(c) 1, 1, 5
(d) 5, 10, 12
उत्तर:
(a) हाँ। 1 + 100 = 101, जो 100 से अधिक है। इसलिए त्रिभुज बनता है।
(b) नहीं। 3 + 6 = 9 है। यहाँ योग सबसे बड़ी भुजा के बराबर है, जबकि त्रिभुज बनाने के लिए उसे 9 से अधिक होना चाहिए।
(c) नहीं। 1 + 1 = 2 < 5 है। दोनों छोटी भुजाओं की कुल लंबाई पर्याप्त नहीं है। (d) हाँ। 5 + 10 = 15 > 12 है। इसलिए त्रिभुज बनता है।

2. क्या भुजाओं 50, 50, 50 (समान इकाई में) वाले एक समबाहु त्रिभुज का अस्तित्व है? क्या व्यापक रूप में किसी भी लंबाई की भुजा वाले एक समबाहु त्रिभुज का अस्तित्व है? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।

उत्तर:
हाँ। 50 + 50 = 100 > 50 है। तीनों भुजाएँ बराबर हैं, इसलिए किसी भी दो का योग तीसरी भुजा से अधिक है।
यही बात किसी भी धनात्मक लंबाई के लिए सही है। यदि हर भुजा की लंबाई a है, तो दो भुजाओं का योग 2a होगा। चूँकि a > 0 है, इसलिए 2a > a है। अतः उस लंबाई का समबाहु त्रिभुज बनाया जा सकता है।

3. निम्नलिखित में से प्रत्येक के लिए तीसरी लंबाई के न्यूनतम 5 संभावित मान दीजिए ताकि इन्हें भुजाओं की लंबाइयों के रूप में लेकर एक त्रिभुज का अस्तित्व हो (दशमलव मानों को भी चुना जा सकता है)-

(a) 1, 100
(b) 5, 5
(c) 3, 7
देखिए कि क्या आप प्रत्येक स्थिति में तीसरी भुजा की सभी संभावित लंबाइयों की व्याख्या कर सकते हैं ताकि इन लंबाइयों की भुजाओं के त्रिभुज का अस्तित्व हो जाए। उदाहरणार्थ स्थिति (a) में 99 और 101 के बीच की सभी संख्याएँ संभव होंगी।
उत्तर:
तीसरी भुजा को x मानते हैं। वह दी गई भुजाओं के योग से छोटी होनी चाहिए। साथ ही, x और छोटी भुजा का योग बड़ी भुजा से अधिक होना चाहिए। इसलिए x दोनों भुजाओं के अंतर से बड़ी होनी चाहिए।
(a) 1 + x > 100 से x > 99 मिलता है। साथ ही x < 1 + 100 = 101 होना चाहिए। अतः 99 < x < 101 है। पाँच मान हैं 99.1, 99.5, 100, 100.5 और 100.9।

(b) भुजाओं का अंतर 5 − 5 = 0 और योग 5 + 5 = 10 है। इसलिए 0 < x < 10 है। पाँच मान हैं 1, 2, 5, 7 और 9।

(c) भुजाओं का अंतर 7 − 3 = 4 और योग 7 + 3 = 10 है। इसलिए 4 < x < 10 है। पाँच मान हैं 5, 6, 7, 8 और 9।
हर स्थिति में दोनों सीमाओं के बीच की कोई भी लंबाई ले सकते हैं। सीमा के बराबर लंबाई लेने पर त्रिभुज नहीं बनेगा।




कक्षा 7 गणित प्रकाश के पेज 161 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 161 – पता लगाइए

1. निम्नलिखित मापों के लिए त्रिभुजों की रचना कीजिए जहाँ कोण भुजाओं के बीच में है-

(a) 3 से.मी., 75°, 7 से.मी.
(b) 6 से.मी., 25°, 3 से.मी.
(c) 3 से.मी., 120°, 8 से.मी.
उत्तर:
(a) AB = 7 से.मी. खींचते हैं। A पर चाँदे की सहायता से AB के साथ 75° का कोण बनाती हुई किरण खींचते हैं। उस किरण पर A से 3 से.मी. दूर बिंदु C लेते हैं। B को C से मिलाने पर त्रिभुज ABC बन जाता है।

(b) AB = 3 से.मी. खींचते हैं। A पर AB के साथ 25° का कोण बनाकर उसकी दूसरी भुजा पर AC = 6 से.मी. लेते हैं। फिर B और C को मिलाते हैं।

(c) AB = 8 से.मी. खींचते हैं। A पर AB के साथ 120° का कोण बनाते हैं और उसकी दूसरी भुजा पर AC = 3 से.मी. लेते हैं। फिर BC खींचकर त्रिभुज पूरा करते हैं।
चित्र में लंबाइयाँ से.मी. में हैं।

कक्षा 7 गणित प्रकाश अध्याय 7 पेज 161 पता लगाइए के प्रश्न 1 के उत्तर का चित्र

तीनों रचनाओं में दी हुई लंबाइयाँ धनात्मक हैं और उनके बीच का कोण 0° से अधिक तथा 180° से कम है। ऐसे में दोनों भुजाओं के सिरे और उनका साझा सिरा मिलकर त्रिभुज बनाते हैं।

कक्षा 7 गणित प्रकाश के पेज 162 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 162 – पता लगाइए

1. निम्नलिखित मापों के लिए त्रिभुजों की रचना कीजिए-

(a) 75°, 5 से.मी., 75°
(b) 25°, 3 से.मी., 60°
(c) 120°, 6 से.मी., 30°
उत्तर:
हर बार दी गई भुजा को आधार AB लेते हैं। कोण बनाने के लिए A पर AB से और B पर BA से मापते हैं। दोनों किरणें आधार की एक ही तरफ खींचते हैं।

(a) AB = 5 से.मी. खींचकर A और B दोनों पर 75° की किरणें बनाते हैं। जहाँ वे मिलती हैं, उस बिंदु को C कहते हैं। इस तरह त्रिभुज ABC बन जाता है।

(b) AB = 3 से.मी. खींचते हैं। A पर 25° और B पर 60° की किरणें खींचते हैं। उनके मिलने का बिंदु C तीसरा शीर्ष है।

(c) AB = 6 से.मी. खींचते हैं। A पर 120° और B पर 30° की किरणें खींचते हैं। दोनों किरणें A से बाईं ओर ऊपर बिंदु C पर मिलती हैं।
चित्र में लंबाइयाँ से.मी. में हैं।

कक्षा 7 गणित प्रकाश अध्याय 7 पेज 162 पता लगाइए के प्रश्न 1 के उत्तर का चित्र

कक्षा 7 गणित प्रकाश के पेज 163 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 163 – पता लगाइए

1. निम्नलिखित कोणों में से प्रत्येक कोण के लिए एक अन्य कोण ज्ञात कीजिए जिसके लिए एक त्रिभुज (i) संभव है (ii) अथवा संभव नहीं है। प्रत्येक श्रेणी के लिए न्यूनतम दो भिन्न-भिन्न कोण ज्ञात कीजिए।

(a) 30°
(b) 70°
(c) 54°
(d) 144°
उत्तर:
दोनों कोणों का योग 180° से कम होना चाहिए, तभी तीसरे कोण के लिए कुछ माप बचेगा। इसी आधार पर दूसरे कोण के ये उदाहरण मिलते हैं।

(a) 30° के साथ (i) 60° या 120° लेने पर त्रिभुज संभव है। (ii) 150° या 160° लेने पर योग 180° या उससे अधिक हो जाता है, इसलिए त्रिभुज संभव नहीं है।

(b) 70° के साथ (i) 40° या 100° ले सकते हैं। (ii) 110° या 120° लेने पर त्रिभुज संभव नहीं है, क्योंकि दूसरे कोण को 110° से कम होना चाहिए।

(c) 54° के साथ (i) 60° या 100° ले सकते हैं। (ii) 126° या 140° लेने पर त्रिभुज संभव नहीं है, क्योंकि दूसरे कोण को 126° से कम होना चाहिए।

(d) 144° के साथ (i) 12° या 30° ले सकते हैं। (ii) 36° या 50° लेने पर त्रिभुज संभव नहीं है, क्योंकि दूसरे कोण को 36° से कम होना चाहिए।

2. निर्धारित कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-से युग्म एक त्रिभुज के कोण हो सकते हैं तथा कौन-से नहीं हो सकते हैं-

(a) 35°, 150°
(b) 70°, 30°
(c) 90°, 85°
(d) 50°, 150°
उत्तर:
(a) 35° + 150° = 185° > 180°। ये त्रिभुज के कोण नहीं हो सकते।

(b) 70° + 30° = 100° < 180°। ये त्रिभुज के कोण हो सकते हैं। तीसरा कोण 180° − 100° = 80° होगा।

(c) 90° + 85° = 175° < 180°। ये त्रिभुज के कोण हो सकते हैं। तीसरा कोण 180° − 175° = 5° होगा।

(d) 50° + 150° = 200° > 180°। ये त्रिभुज के कोण नहीं हो सकते।

अतः दो धनात्मक कोण किसी त्रिभुज के कोण तभी हो सकते हैं जब उनका योग 180° से कम हो। यहाँ (b) और (c) इस शर्त को पूरा करते हैं।

कक्षा 7 गणित प्रकाश के पेज 165 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 165 – पता लगाइए

1. यदि दो कोण दिए गए हों तो एक समांतर रेखा के उपयोग से त्रिभुज का तीसरा कोण ज्ञात कीजिए।

(a) 36°, 72°
(b) 150°, 15°
(c) 90°, 30°
(d) 75°, 45°
उत्तर:
मान लें कि दिए गए कोण ∠B और ∠C हैं। शीर्ष A से आधार BC के समांतर रेखा XY खींचते हैं।

कक्षा 7 गणित प्रकाश अध्याय 7 पेज 165 पता लगाइए के प्रश्न 1 के उत्तर का चित्र

समांतर रेखाओं से बने एकांतर कोण बराबर होते हैं। इसलिए ∠XAB = ∠B और ∠YAC = ∠C। रेखा XY पर ∠XAB, ∠BAC और ∠YAC मिलकर 180° बनाते हैं। अतः तीसरा कोण निकालने के लिए 180° में से दिए गए कोणों का योग घटाएँगे।
(a) तीसरा कोण = 180° − (36° + 72°) = 180° − 108° = 72°।
(b) तीसरा कोण = 180° − (150° + 15°) = 180° − 165° = 15°।
(c) तीसरा कोण = 180° − (90° + 30°) = 180° − 120° = 60°।
(d) तीसरा कोण = 180° − (75° + 45°) = 180° − 120° = 60°।




2. क्या आप एक ऐसे त्रिभुज की रचना कर सकते हैं जिसके सभी कोण 70° के बराबर हैं? यदि दो कोण 70° के हैं तो तीसरा कोण क्या होगा? यदि किसी त्रिभुज के सभी कोण बराबर हैं तो प्रत्येक कोण का माप क्या होगा? खोजिए और ज्ञात कीजिए?

उत्तर:
तीनों कोण 70° रखने पर उनका योग 70° + 70° + 70° = 210° होगा। त्रिभुज के कोणों का योग 180° होता है, इसलिए ऐसा त्रिभुज नहीं बन सकता।
यदि दो कोण 70° के हैं, तो तीसरा कोण = 180° − (70° + 70°) = 40°।
यदि तीनों कोण बराबर हैं, तो 180° को तीन बराबर भागों में बाँटेंगे। प्रत्येक कोण = 180° ÷ 3 = 60°।

3. यहाँ एक त्रिभुज है जिसमें हमें ज्ञात है कि ∠B = ∠C और ∠A = 50° है। क्या आप ∠B और ∠C ज्ञात कर सकते हैं?

कक्षा 7 गणित प्रकाश अध्याय 7 पेज 165 पता लगाइए के प्रश्न 3 का चित्र

उत्तर:
∠B + ∠C = 180° − ∠A = 180° − 50° = 130°।
दोनों कोण बराबर हैं, इसलिए 130° को दो बराबर भागों में बाँटेंगे।
अतः ∠B = ∠C = 130° ÷ 2 = 65°।

कक्षा 7 गणित प्रकाश के पेज 170 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 170 – पता लगाइए

1. एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए जिसमें BC = 5 से.मी., AB = 6 से.मी. और CA = 5 से.मी. है। A से भुजा BC पर शीर्षलम्ब की रचना कीजिए।

उत्तर:
1) BC = 5 से.मी. का रेखाखंड खींचते हैं।
2) B को केंद्र लेकर 6 से.मी. त्रिज्या का चाप खींचते हैं। C को केंद्र लेकर 5 से.मी. त्रिज्या का दूसरा चाप खींचते हैं। दोनों चाप जहाँ मिलें, वहाँ A अंकित करते हैं। AB और AC को मिलाने पर त्रिभुज ABC बनता है।
3) मापक को BC के अनुदिश रखते हैं। समकोणक की एक भुजा मापक से लगाकर उसे तब तक सरकाते हैं जब तक उसकी दूसरी भुजा A से होकर न जाए। इस भुजा के सहारे A से BC तक रेखा खींचते हैं। जहाँ यह BC को काटे, उस बिंदु को D कहते हैं।
AD ⟂ BC है, इसलिए AD ही A से खींचा गया शीर्षलम्ब है।

कक्षा 7 गणित प्रकाश अध्याय 7 पेज 170 पता लगाइए के प्रश्न 1 के उत्तर का चित्र

2. एक त्रिभुज TRY की रचना कीजिए जिसमें RY = 4 से.मी., TR = 7 से.मी. और ∠R = 140° है। T से भुजा RY पर शीर्षलम्ब की रचना कीजिए।

उत्तर:
1) RY = 4 से.मी. खींचते हैं। R पर किरण RY के साथ 140° का कोण बनाकर दूसरी किरण खींचते हैं।
2) इस किरण पर R से 7 से.मी. की दूरी पर T अंकित करते हैं। T को Y से मिलाते हैं। इससे त्रिभुज TRY बन जाता है।
3) ∠R अधिक कोण है। इसलिए T से खींचा गया लंब RY के बढ़े हुए भाग पर मिलेगा। RY को R की ओर आगे बढ़ाते हैं। मापक और समकोणक की सहायता से T से इस रेखा पर लंब खींचते हैं। उसके मिलने का बिंदु D है।
TD ⟂ RY है, इसलिए TD शीर्षलम्ब है। यह त्रिभुज के बाहर है।

कक्षा 7 गणित प्रकाश अध्याय 7 पेज 170 पता लगाइए के प्रश्न 2 के उत्तर का चित्र

3. एक समकोण त्रिभुज ABC की रचना कीजिए जिसमें ∠B = 90° और AC = 5 से.मी. है। इन मापनों के कितने भिन्न-भिन्न त्रिभुज हो सकते हैं?

(संकेत— ध्यान दीजिए कि अन्य मापन कोई भी मान ग्रहण कर सकते हैं। AC को आधार लीजिए। ∠A और ∠C के क्या-क्या मान हो सकते हैं ताकि अन्य कोण 90° हो?)
उत्तर:
∠B = 90° है, इसलिए ∠A + ∠C = 180° − 90° = 90°।
(i) AC = 5 से.मी. खींचते हैं। AC के एक ही ओर A पर 30° और C पर 60° के कोण बनाते हैं। दोनों किरणें जहाँ मिलें, वह B होगा। इस त्रिभुज में ∠B = 180° − (30° + 60°) = 90° है।

(ii) फिर AC = 5 से.मी. लेकर A और C पर 45° के कोण बनाते हैं। दोनों किरणों के मिलने पर एक दूसरा त्रिभुज बनता है जिसमें भी ∠B = 90° है।

कक्षा 7 गणित प्रकाश अध्याय 7 पेज 170 पता लगाइए के प्रश्न 3 के उत्तर का चित्र

∠A का मान 0° और 90° के बीच चुन सकते हैं। हर बार ∠C = 90° − ∠A रखेंगे। ऐसे कोणों के अनगिनत जोड़े हैं, इसलिए इन मापों से अनगिनत भिन्न-भिन्न त्रिभुज बन सकते हैं।

4. रचना के माध्यम से पता लगाइए कि क्या एक ऐसे समबाहु त्रिभुज की रचना संभव है जिसमें (i) एक समकोण हो और (ii) एक अधिक कोण हो। साथ ही ऐसे समद्विबाहु त्रिभुज की भी रचना कीजिए जिसमें (i) एक समकोण हो और (ii) एक अधिक कोण हो।

उत्तर:
समबाहु त्रिभुज के लिए AB = 3 से.मी. खींचते हैं। A और B को केंद्र लेकर 3 से.मी. त्रिज्या के चाप खींचते हैं। उनके मिलने के बिंदु C को A और B से मिलाते हैं। कोण मापने पर तीनों 60° मिलते हैं। समबाहु त्रिभुज के तीनों कोण बराबर होते हैं और उनका योग 180° है। इसलिए इसमें न तो समकोण हो सकता है, न अधिक कोण।
समद्विबाहु त्रिभुज के लिए दो रचनाएँ करते हैं।
(i) P पर 90° का कोण बनाते हैं। उसकी भुजाओं पर PQ = PR = 3 से.मी. लेकर Q और R को मिलाते हैं। दो भुजाएँ बराबर हैं और ∠P = 90° है। यह समकोण समद्विबाहु त्रिभुज है।
(ii) M पर 120° का कोण बनाते हैं। उसकी भुजाओं पर MN = MO = 3 से.मी. लेकर N और O को मिलाते हैं। दो भुजाएँ बराबर हैं और ∠M = 120° है। यह अधिक कोण वाला समद्विबाहु त्रिभुज है।

कक्षा 7 गणित प्रकाश अध्याय 7 पेज 170 पता लगाइए के प्रश्न 4 के उत्तर का चित्र




त्रिभुज की रचना वाले प्रश्नों की तैयारी

किसी भी त्रिभुज की रचना से पहले त्रिभुज असमिका से जाँच लें कि दी गई भुजाओं से त्रिभुज बन भी सकता है या नहीं — किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से अधिक होना चाहिए। रचना से पहले कच्चा चित्र बनाकर दी गई माप उस पर लिखें, फिर परकार और मापक से सावधानी से रचना करें। रचना पूरी होने पर तीनों भुजाएँ मापकर अपना काम जाँचें।

त्रिभुजों का यह अध्ययन भाग 2 के अध्याय 1 ‘ज्यामितीय युग्म’ में आगे बढ़ता है, जहाँ दो त्रिभुजों की सर्वांगसमता के प्रतिबंध सीखे जाते हैं। ज्यामिति के अन्य अध्यायों सहित सभी अध्याय कक्षा 7 गणित एनसीईआरटी समाधान पृष्ठ पर उपलब्ध हैं।